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Ram Mandir Donation Theft: चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल को Trust देगा कारण बताओ नोटिस

Ram Mandir Donation Theft: चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल को Trust देगा कारण बताओ नोटिस

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। ट्रस्ट ने मामले में नाम सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट का कहना है कि दोनों पक्षों से जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा मामला? राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे से जुड़े एक कथित चोरी के मामले ने हाल के दिनों में चर्चा बटोरी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट ने प्रारंभिक जांच शुरू की और अब संबंधित लोगों से लिखित स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया है। पहले मांगा जाएगा जवाब ट्रस्ट के अनुसार, किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इसके लिए Show Cause Notice जारी किया जाएगा, जिसमें आरोपों पर जवाब मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो ट्रस्ट नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा। निष्पक्ष जांच पर ट्रस्ट का जोर ट्रस्ट ने साफ किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना पर्याप्त तथ्यों और जांच के आधार पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा।
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DAC Meeting 2026: भारतीय सेना को मिल सकती हैं Hammer Missiles, कई Swadeshi हथियारों की खरीद पर भी लगेगी मुहर

DAC Meeting 2026: भारतीय सेना को मिल सकती हैं Hammer Missiles, कई Swadeshi हथियारों की खरीद पर भी लगेगी मुहर

भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए गुरुवार को होने वाली Defence Acquisition Council (DAC) की बैठक काफी अहम मानी जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में भारतीय सेना के लिए कई बड़े रक्षा खरीद प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इनमें Hammer Missiles के साथ-साथ कई स्वदेशी हथियार प्रणालियों की खरीद को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। अगर इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिलती है, तो भारतीय सेना की मारक क्षमता और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी। सेना के लिए खरीदी जा सकती हैं Hammer Missiles बैठक में फ्रांस निर्मित Hammer (Highly Agile Modular Munition Extended Range) मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद पर फैसला लिया जा सकता है। यह मिसाइल लंबी दूरी तक बेहद सटीक निशाना लगाने में सक्षम मानी जाती है। भारतीय वायुसेना पहले से ही इन मिसाइलों का उपयोग कर रही है। अब इनकी संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी। स्वदेशी हथियारों को भी मिल सकती है मंजूरी सरकार का फोकस लगातार ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने पर है। ऐसे में DAC की बैठक में कई भारतीय कंपनियों द्वारा विकसित हथियार प्रणालियों की खरीद को भी मंजूरी मिल सकती है। संभावित प्रस्तावों में शामिल हो सकते हैं—
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Bengaluru

Bengaluru Child Abuse Case: डे-केयर में बच्चे के साथ हैवानियत, CCTV फुटेज आने के बाद मचा हड़कंप

Bengaluru Daycare Abuse का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी Capgemini के कैंपस में संचालित डे-केयर सेंटर पर एक छोटे बच्चे के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बच्चे के माता-पिता का दावा है कि डे-केयर स्टाफ ने मासूम को बाथरूम में बंद कर दिया, वॉशिंग मशीन में बैठाया और टॉयलेट जेट से पानी डालकर प्रताड़ित किया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्चे के व्यवहार में बदलाव से हुआ मामले का खुलासा पीड़ित परिवार के अनुसार, उनका बच्चा कुछ दिनों से अचानक बदला-बदला सा रहने लगा था। वह डे-केयर जाने से डरने लगा, अक्सर रोता था और पहले की तुलना में काफी सहमा हुआ दिखाई देता था। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य बदलाव समझा, लेकिन जब यह स्थिति लगातार बनी रही तो उन्हें किसी गंभीर बात का संदेह हुआ। इसके बाद माता-पिता ने डे-केयर प्रबंधन से संपर्क किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की। CCTV फुटेज देखकर परिवार के उड़ गए होश परिजनों का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में जो दिखाई दिया, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। शिकायत के मुताबिक, डे-केयर के कर्मचारियों ने बच्चे को बाथरूम में बंद किया, फिर उसे वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाया और टॉयलेट जेट से पानी डालकर डराया। परिवार का कहना है कि इस घटना का बच्चे की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शुरू की जांच, सबूत जुटाए जा रहे मामले की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, डे-केयर स्टाफ से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना एक बार हुई या बच्चे के साथ पहले भी ऐसा व्यवहार किया गया था। डे-केयर सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने कॉर्पोरेट ऑफिसों में संचालित डे-केयर सेंटरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में नौकरीपेशा माता-पिता अपने छोटे बच्चों को ऐसे सेंटरों में छोड़कर काम पर जाते हैं। ऐसे में यदि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप सामने आते हैं, तो यह केवल एक परिवार नहीं बल्कि सभी अभिभावकों की चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डे-केयर सेंटरों में प्रशिक्षित स्टाफ, नियमित निगरानी, पारदर्शी सीसीटीवी व्यवस्था और मजबूत शिकायत तंत्र होना बेहद जरूरी है। अभिभावकों के लिए क्या है सीख? बाल विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चा अचानक डे-केयर जाने से मना करने लगे, बिना वजह डरा हुआ दिखे, बार-बार रोए या उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव नजर आए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे संकेत मिलने पर अभिभावकों को बच्चे से धैर्यपूर्वक बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर संबंधित संस्थान व पुलिस से संपर्क करना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pune Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी ने इंटरनेट से सीखी थी कथित साजिश

Pune Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी ने इंटरनेट से सीखी थी कथित साजिश

महाराष्ट्र के Pune में चर्चित केतन हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने वारदात से पहले कथित रूप से पूरी योजना बनाई थी और इसके लिए इंटरनेट का भी सहारा लिया था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी सबूतों की पड़ताल कर रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि वारदात को अंजाम देने से पहले कथित रूप से तैयारी की गई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इंटरनेट पर क्या-क्या जानकारी खोजी थी और उसका मामले से क्या संबंध है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य उपलब्ध सबूतों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच जांच एजेंसियां इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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Cocktail 2 Box Office Collection Day 7: धीमी हुई कमाई, 100 करोड़ क्लब की राह मुश्किल

Cocktail 2 Box Office Collection Day 7: धीमी हुई कमाई, 100 करोड़ क्लब की राह मुश्किल

बॉलीवुड फिल्म ‘Cocktail 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन अब इसकी कमाई की रफ्तार धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है। रिलीज के पहले सप्ताह में फिल्म ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, हालांकि अब 100 करोड़ रुपये के क्लब तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को भी फिल्म की कमाई में खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली। शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने उम्मीद के मुकाबले कम कारोबार किया, जिससे इसके कुल कलेक्शन की रफ्तार प्रभावित हुई है। पहले सप्ताह के बाद कम हुआ दर्शकों का उत्साह फिल्म को शुरुआती दिनों में दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, लेकिन वीकडेज़ में सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या कम होने का असर सीधे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ा है। इसके अलावा अन्य फिल्मों से मिल रही प्रतिस्पर्धा भी इसकी कमाई को प्रभावित कर रही है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि यदि आने वाले वीकेंड पर दर्शकों की संख्या बढ़ती है, तो Cocktail 2 की कमाई में फिर से उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं, अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो 100 करोड़ क्लब तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
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Ram Mandir Donation Case: चंपत राय का बड़ा बयान, बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में सेवा हुई पूरी

Ram Mandir Donation Case: चंपत राय का बड़ा बयान, बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में सेवा हुई पूरी

Ram Mandir Donation : राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह का कलंक लेकर इस दुनिया से नहीं जाना चाहते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है। हाल के दिनों में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर कई तरह की चर्चाएं और आरोप सामने आए हैं। इसी बीच चंपत राय कुछ समय के लिए एकांतवास में चले गए थे। अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ भगवान श्रीराम की सेवा की है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना था। अब उन्हें लगता है कि अयोध्या में उनकी सेवा का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है। चंपत राय ने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को बिना तथ्य के दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच सामने आने पर सभी भ्रम अपने आप दूर हो जाएंगे।
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WhatsApp Username Feature: सरकार ने Meta को भेजा नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब, रोलआउट पर रोक

WhatsApp Username Feature: सरकार ने Meta को भेजा नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब, रोलआउट पर रोक

लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp के नए Username Feature को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इस फीचर के संबंध में Meta को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही, फिलहाल इस फीचर के रोलआउट पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी नए डिजिटल फीचर को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह देश के मौजूदा कानूनों, साइबर सुरक्षा मानकों और यूजर्स की निजता से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन करता हो। क्या है WhatsApp Username Feature? WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जिसमें यूजर अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल Username के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे। इस सुविधा का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को बेहतर बनाना और नंबर शेयर करने की आवश्यकता को कम करना है। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस फीचर के लागू होने से पहले इसके सुरक्षा पहलुओं और संभावित दुरुपयोग की पूरी समीक्षा जरूरी है।
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Bhopal Accident: टी स्टॉल पर करंट लगने से युवक की मौत, सिर में आई गंभीर चोट

Bhopal Accident: टी स्टॉल पर करंट लगने से युवक की मौत, सिर में आई गंभीर चोट

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक दर्दनाक हादसे में टी स्टॉल संचालक की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चाय बनाने के दौरान वह भट्टी के कटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह ठेले से नीचे गिर पड़ा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब संचालक अपने रोजाना के काम में व्यस्त था। अचानक भट्टी से जुड़े कटे हुए बिजली के तार के संपर्क में आने से उसे तेज करंट लगा। करंट लगते ही वह संतुलन खो बैठा और सीधे ठेले से नीचे गिर गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों में भी शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि भट्टी के बिजली के तार कटे हुए थे, जिनकी वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई।
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Delhi High court का बड़ा फैसला: स्कूल स्टाफ को मिली जमानत रद्द, मामले में बढ़ी कानूनी हलचल

Delhi High court का बड़ा फैसला: स्कूल स्टाफ को मिली जमानत रद्द, मामले में बढ़ी कानूनी हलचल

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए एक स्कूल स्टाफ सदस्य को दी गई जमानत (बेल) रद्द कर दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले ने फिर से कानूनी मोड़ ले लिया है और इसकी चर्चा तेज हो गई है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यह फैसला दिया। जमानत रद्द होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और संबंधित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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भारत में Monsoon की बड़ी गिरावट: जून 2026 रहा बेहद सूखा, बारिश में करीब 40% की कमी

भारत में Monsoon की बड़ी गिरावट: जून 2026 रहा बेहद सूखा, बारिश में करीब 40% की कमी

जून 2026 में देश में मॉनसून ने इस बार कमजोर प्रदर्शन किया है। मौसम विभाग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस महीने सामान्य से लगभग 39.8% कम बारिश दर्ज की गई है। इसे इस सदी के सबसे सूखे जून महीनों में से एक माना जा रहा है। बारिश की कमी का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। खासकर खरीफ सीजन की फसलों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसान धान, मक्का और दलहन जैसी फसलों की बुवाई को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि जमीन में नमी की कमी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में मॉनसून सक्रिय नहीं हुआ, तो कृषि उत्पादन पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इससे खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर भी दबाव बनने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि जुलाई में मॉनसून की रफ्तार बढ़ सकती है और बारिश की स्थिति में सुधार हो सकता है।
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AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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