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Samay Raina Show: UP Police के कॉन्स्टेबल ने Crime पर की खुलकर बात, कॉमेडियन ने बताया क्यों छोड़ा Kashmir

Samay Raina Show: UP Police के कॉन्स्टेबल ने Crime पर की खुलकर बात, कॉमेडियन ने बताया क्यों छोड़ा Kashmir

Samay Raina News: कॉमेडियन समय रैना के चर्चित शो ‘India’s Got Latent Season 2’ का दूसरा एपिसोड रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इस एपिसोड में कॉमेडी के साथ एक ऐसा पल भी देखने को मिला जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शो में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने हिस्सा लिया और मंच पर अपराध (Crime) को लेकर बातचीत की। वहीं समय रैना ने भी अपने कश्मीरी पंडित होने का जिक्र करते हुए एक मजाकिया टिप्पणी की, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। UP Police के कॉन्स्टेबल ने किया सबको हैरान शो में पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे कपिल दिनकर को पहले सभी ने एक सामान्य प्रतियोगी समझा। लेकिन जब उन्होंने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं, तो समय रैना और जज पैनल भी चौंक गए। इसके बाद मंच पर हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत शुरू हुई। Crime पर हुई चर्चा बातचीत के दौरान समय रैना ने उत्तर प्रदेश में अपराध की स्थिति को लेकर सवाल किया। इस पर कॉन्स्टेबल कपिल दिनकर ने दावा किया कि राज्य में अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और बड़ी संख्या में आरोपियों को सजा दिलाई गई है। यह बातचीत शो का एक चर्चित हिस्सा बन गई। कश्मीर छोड़ने पर समय रैना का मजाकिया कमेंट एपिसोड के दौरान एक प्रतियोगी के साथ बातचीत में समय रैना ने अपने कश्मीरी पंडित परिवार का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वह “ऐसी ही चीजों से बचने के लिए कश्मीर छोड़कर आए थे।” यह टिप्पणी शो के हास्य का हिस्सा थी और सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है।
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Skoda

Skoda India Sales Report 2026: SUV डिमांड से बढ़ी रफ्तार, लगातार दूसरा रिकॉर्ड

स्कोडा (Skoda) ऑटो इंडिया ने 2026 की पहली छमाही में एक बार फिर अपने मजबूत प्रदर्शन से ऑटोमोबाइल मार्केट में अपनी पकड़ साबित की है। कंपनी ने H1 2026 में कुल 38,894 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.5% की बढ़ोतरी है। यह लगातार दूसरा साल है जब ब्रांड ने अर्धवार्षिक बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है। स्कोडा के लिए यह सिर्फ आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे और ब्रांड के साथ बढ़ते जुड़ाव की कहानी भी है। SUV और सेडान ने बढ़ाई कंपनी की रफ्तार स्कोडा की मौजूदा लाइनअप—कुशाक, स्लाविया, कायलैक और कोडियाक—ने बाजार में लगातार मजबूत मांग बनाए रखी है। खास बात यह रही कि नई कोडियाक आरएस को ग्राहकों ने बेहद शानदार रिस्पॉन्स दिया और यह लॉन्च के कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बिक गई। इससे साफ है कि प्रीमियम SUV सेगमेंट में स्कोडा की पकड़ और मजबूत हो रही है। कंपनी का बयान: “ग्राहकों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत” स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा कि यह सफलता ग्राहकों के बढ़ते भरोसे और कंपनी की रणनीति का नतीजा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने इस साल: पर खास फोकस किया है। उनके अनुसार, स्कोडा का लक्ष्य सिर्फ बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ लंबे समय का रिश्ता बनाना है। 340+ टचपॉइंट्स के साथ मजबूत हुआ नेटवर्क स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने सर्विस और सेल्स नेटवर्क को लगातार विस्तार देते हुए देशभर में 340 से अधिक टचपॉइंट्स तक पहुंच बना ली है। इसके साथ ही कंपनी ने Skoda Express Care जैसी नई सर्विस शुरू की है, जिससे ग्राहकों को तेज, पारदर्शी और आसान सर्विस अनुभव मिल सके। परफॉर्मेंस और मोटरस्पोर्ट DNA भी बना पहचान स्कोडा ने इस साल अपने मोटरस्पोर्ट और परफॉर्मेंस DNA को भी आगे बढ़ाया है। ब्रांड के पूरे लाइनअप ने कोयंबटूर के ट्रैक पर एक खास रिकॉर्ड बनाया, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस इवेंट ने स्कोडा की इंजीनियरिंग क्षमता और परफॉर्मेंस को एक बार फिर साबित किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather Update: बद्रीनाथ-केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन, कई वाहन फंसे; Mumbai में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

Weather Update: बद्रीनाथ-केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन, कई वाहन फंसे; Mumbai में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले मार्ग पर कई जगह भूस्खलन (Landslide) हुआ, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे और कई वाहन फंस गए। वहीं, मुंबई और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मार्ग पर गिरे पत्थर लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई वाहन कुछ समय के लिए रास्ते में फंस गए। प्रशासन और राहत दल मार्ग को जल्द से जल्द साफ करने में जुटे हैं। यात्रियों से मौसम और प्रशासन की सलाह का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित मुंबई में रातभर हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक धीमा पड़ गया और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत भारी बारिश के दौरान पानी से ढके खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। ठाणे में करंट लगने से युवती की मौत बारिश के बीच ठाणे में जलभराव वाले क्षेत्र में करंट फैलने की घटना सामने आई, जिसमें एक युवती की मौत हो गई। हादसे के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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Ethanol Blended Petrol: गुलाबी Petrol और टैंक में चींटी के वायरल दावे, जानिए क्या है पूरी सच्चाई

Ethanol Blended Petrol: गुलाबी Petrol और टैंक में चींटी के वायरल दावे, जानिए क्या है पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों गुलाबी (Pink) पेट्रोल और पेट्रोल टैंक में चींटियां आने से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन दावों के साथ यह भी कहा जा रहा है कि पेट्रोल में एथेनॉल (Ethanol) मिलाने की वजह से ऐसी समस्याएं हो रही हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सरकार पेट्रोल में एथेनॉल क्यों मिला रही है और इसके पीछे क्या उद्देश्य है। क्या है Ethanol Blended Petrol? Ethanol गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला जैव ईंधन (Biofuel) है। इसे पेट्रोल में निर्धारित अनुपात में मिलाकर Ethanol Blended Petrol (EBP) तैयार किया जाता है। भारत सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर क्यों दे रही है जोर? सरकार की इस नीति के पीछे कई प्रमुख कारण हैं—
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Indra Nooyi Statement: भारत को लेकर इंद्रा नूयी का बड़ा बयान, कहा- 'India एक अव्यवस्थित देश, यहां CEO नहीं बन पाती'

Indra Nooyi Statement: भारत को लेकर इंद्रा नूयी का बड़ा बयान, कहा- ‘India एक अव्यवस्थित देश, यहां CEO नहीं बन पाती’

PepsiCo की पूर्व CEO इंद्रा नूयी का भारत को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि वह भारत में ही रहतीं, तो शायद किसी बड़ी कंपनी की CEO नहीं बन पातीं। उन्होंने भारत को एक “अव्यवस्थित (Chaotic)” देश बताते हुए कहा कि यहां महिलाओं के लिए शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके अनुभव से सहमत दिखे, जबकि कई लोगों ने इस टिप्पणी की आलोचना भी की। क्या कहा इंद्रा नूयी ने? इंद्रा नूयी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके करियर को आगे बढ़ाने में अमेरिका के पेशेवर माहौल और अवसरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका कहना था कि अगर वह भारत में ही रहतीं, तो संभवतः किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की CEO बनने का अवसर उन्हें नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कार्य संस्कृति और सामाजिक परिस्थितियां उस समय महिलाओं के लिए उतनी अनुकूल नहीं थीं, जितनी विदेशों में थीं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इंद्रा नूयी के बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे उनके व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर देखा, जबकि कई यूजर्स ने कहा कि भारत में आज महिलाओं के लिए नेतृत्व के अवसर पहले से काफी बढ़ चुके हैं। भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में कॉर्पोरेट क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। कई बड़ी कंपनियों में महिलाएं शीर्ष पदों पर कार्य कर रही हैं और सरकार भी महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रही है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अब भी लैंगिक समानता और नेतृत्व के अवसरों को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।
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Hyundai Creta Electric BaaS: भारत में लॉन्च, Battery Rental Model के साथ मिलेगी 473KM तक की Range

Hyundai Creta Electric BaaS: भारत में लॉन्च, Battery Rental Model के साथ मिलेगी 473KM तक की Range

भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Hyundai ने Creta Electric का नया Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल लॉन्च कर दिया है। इस मॉडल के जरिए ग्राहक कार खरीदते समय बैटरी की पूरी कीमत चुकाने के बजाय उसे किराए (Rental) पर ले सकेंगे। इससे शुरुआती खरीद लागत कम होगी और इलेक्ट्रिक कार खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। क्या है Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल? Battery-as-a-Service (BaaS) एक ऐसा विकल्प है, जिसमें ग्राहक कार और बैटरी को अलग-अलग खरीदते हैं। कार की कीमत कम हो जाती है, जबकि बैटरी के लिए मासिक या तय उपयोग के आधार पर किराया देना होता है। इस मॉडल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक किफायती बनाना और ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। मिलेगी 473KM तक की ड्राइविंग रेंज Hyundai Creta Electric का BaaS मॉडल एक बार फुल चार्ज होने पर 473 किलोमीटर (ARAI-प्रमाणित) तक की ड्राइविंग रेंज देने का दावा करता है। यह रेंज शहर और हाईवे दोनों तरह की ड्राइविंग के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। हालांकि, वास्तविक रेंज ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति, मौसम और वाहन के उपयोग पर निर्भर करेगी।
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Spain vs Austria Live: FIFA World Cup 2026 में Spain और Austria आमने-सामने, पहले हाफ में बढ़त बनाने की कोशिश

Spain vs Austria Live: FIFA World Cup 2026 में Spain और Austria आमने-सामने, पहले हाफ में बढ़त बनाने की कोशिश

नई दिल्ली: FIFA World Cup 2026 के राउंड ऑफ 32 में स्पेन और ऑस्ट्रिया के बीच रोमांचक मुकाबला शुरू हो चुका है। दोनों टीमें नॉकआउट चरण में जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरी हैं। मैच के शुरुआती मिनटों में दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की है और पहले हाफ में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। दोनों टीमों के लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला नॉकआउट चरण में हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा, जबकि जीतने वाली टीम प्री-क्वार्टर फाइनल (Round of 16) में पहुंच जाएगी। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ी शुरुआत से ही पूरे दमखम के साथ खेल रहे हैं। Spain पर रहेंगी बड़ी उम्मीदें स्पेन की टीम अपने तेज़ पासिंग गेम और गेंद पर नियंत्रण के लिए जानी जाती है। टीम के अनुभवी और युवा खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। यदि स्पेन अपनी लय में खेलती है, तो वह मैच पर पकड़ बना सकती है। Austria भी दे रही कड़ी टक्कर ऑस्ट्रिया की टीम भी मजबूत डिफेंस और तेज़ काउंटर अटैक के लिए पहचानी जाती है। टीम किसी भी मौके को गोल में बदलकर मुकाबले का रुख पलटने की क्षमता रखती है। पहले हाफ पर टिकी निगाहें मैच का पहला हाफ दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। शुरुआती बढ़त हासिल करने वाली टीम पर दबाव कम होगा, जबकि दूसरी टीम को वापसी के लिए अधिक आक्रामक खेल दिखाना पड़ सकता है।
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Indore Weather Update: इंदौर में झमाझम बारिश, लगातार दूसरे दिन बरसे बादल; लोगों को मिली गर्मी से राहत

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शहर में लगातार दूसरे दिन बारिश दर्ज की गई। गुरुवार शाम कई इलाकों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि इसके बाद देर रात तक रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। आधे घंटे की तेज बारिश से बदला मौसम शाम के समय शहर के कई हिस्सों में अचानक काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया। इसके बाद देर रात तक हल्की बारिश होती रही। अलग-अलग इलाकों में अलग रहा बारिश का असर इंदौर के कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि कई स्थानों पर केवल हल्की फुहारें पड़ीं। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत महसूस की। ट्रैफिक पर भी पड़ा असर तेज बारिश के दौरान कुछ प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी, जिससे वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा। हालांकि, बारिश थमने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। किसानों और शहरवासियों के लिए राहत लगातार हो रही बारिश से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं शहर में पेड़-पौधों और हरियाली को भी बारिश का फायदा मिला। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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WhatsApp Username Feature: बिना Mobile Number चैटिंग का नया फीचर, क्या बढ़ जाएगा Cyber Fraud का खतरा?

WhatsApp Username Feature: बिना Mobile Number चैटिंग का नया फीचर, क्या बढ़ जाएगा Cyber Fraud का खतरा?

दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी ऐसा फीचर लाने की तैयारी में है, जिससे यूजर्स बिना अपना Mobile Number साझा किए केवल Username के जरिए चैट कर सकेंगे। इस फीचर का मकसद यूजर्स की Privacy को बेहतर बनाना है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं। क्या है WhatsApp का नया Username Feature? नए फीचर के तहत यूजर अपने मोबाइल नंबर की जगह एक Unique Username बना सकेगा। इसके बाद दूसरे लोग उसी Username के जरिए उससे संपर्क कर सकेंगे। यानी हर बार अपना फोन नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है, जो अनजान लोगों, बिजनेस क्लाइंट्स या ऑनलाइन कम्युनिटी के साथ बातचीत करते समय अपना निजी नंबर साझा नहीं करना चाहते। यूजर्स को क्या होंगे फायदे? Cyber Fraud का खतरा क्यों बढ़ सकता है? साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जहां यह फीचर Privacy बढ़ाएगा, वहीं इसका गलत इस्तेमाल भी संभव है। संभावित खतरे: हालांकि, WhatsApp ऐसे जोखिमों को कम करने के लिए सुरक्षा से जुड़े कई फीचर्स भी जोड़ सकता है।
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TMC Crisis: किसकी होगी TMC? चुनाव आयोग ने Mamata Banerjee और Ritabrata Banerjee गुट को भेजा नोटिस

TMC Crisis: किसकी होगी TMC? चुनाव आयोग ने Mamata Banerjee और Ritabrata Banerjee गुट को भेजा नोटिस

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी पर दावेदारी के विवाद के बीच चुनाव आयोग (Election Commission) ने ममता बनर्जी गुट और रितब्रत बनर्जी गुट दोनों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों पक्षों से 6 जुलाई तक अपना जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है। यह मामला अब चुनाव आयोग के सामने पहुंच गया है, जहां दोनों गुट अपनी-अपनी दावेदारी पेश करेंगे। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में TMC के भीतर नेतृत्व और पार्टी पर अधिकार को लेकर विवाद सामने आया है। दोनों गुट खुद को पार्टी का वैध प्रतिनिधि बता रहे हैं। इसी विवाद को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से आधिकारिक जवाब मांगा है। आयोग के अनुसार, सभी दस्तावेज और दावे मिलने के बाद ही मामले पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 6 जुलाई तक देना होगा जवाब चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में दोनों गुटों को निर्देश दिया है कि वे 6 जुलाई तक अपना लिखित पक्ष, आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करें। इसके बाद आयोग उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे का फैसला करेगा।
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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