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FIFA World Cup 2026: Round of 16 में रोमांच चरम पर, कई High-Voltage मुकाबलों ने बढ़ाया फुटबॉल का रोमांच

FIFA World Cup 2026: Round of 16 में रोमांच चरम पर, कई High-Voltage मुकाबलों ने बढ़ाया फुटबॉल का रोमांच

FIFA World Cup 2026 के नॉकआउट चरण (Round of 16) में दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कई दिग्गज टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल की ओर कदम बढ़ाया, जबकि कुछ बड़े उलटफेरों ने टूर्नामेंट को और भी दिलचस्प बना दिया। कड़े मुकाबलों के बीच बढ़ा रोमांच राउंड ऑफ-16 में खेले गए मुकाबलों में कई मैच आखिरी मिनट तक संघर्षपूर्ण रहे। कुछ टीमों ने दमदार जीत दर्ज की, तो कुछ मुकाबलों का फैसला अतिरिक्त समय और पेनल्टी शूटआउट के बाद हुआ। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और आक्रामक खेल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। क्वार्टर फाइनल पर टिकी दुनिया की नजर अब सभी की निगाहें क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर हैं, जहां विश्व की शीर्ष टीमें खिताब की दौड़ में आमने-सामने होंगी। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार टूर्नामेंट में कई नए रिकॉर्ड बन सकते हैं और चैंपियन बनने की दौड़ पहले से ज्यादा रोमांचक हो गई है। फुटबॉल का जुनून चरम पर FIFA World Cup 2026 के नॉकआउट मुकाबलों को लेकर दुनियाभर के फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। स्टेडियमों में हजारों दर्शकों की मौजूदगी और सोशल मीडिया पर लगातार हो रही चर्चाएं इस विश्व कप की लोकप्रियता को दर्शाती हैं।
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Russia-Ukraine War: यूक्रेन का St. Petersburg Oil Terminal पर बड़ा हमला, Energy Infrastructure को भारी नुकसान

Russia-Ukraine War: यूक्रेन का St. Petersburg Oil Terminal पर बड़ा हमला, Energy Infrastructure को भारी नुकसान

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग (St. Petersburg) स्थित एक प्रमुख ऑयल टर्मिनल पर हमला किया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है असर बताया जा रहा है कि जिस ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया, वह रूस के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक है। हमले के बाद वहां आग लगने और परिचालन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। रूस की ओर से जांच और सुरक्षा बढ़ाई गई घटना के बाद रूसी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हमले के कारणों व नुकसान की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी बड़े पैमाने पर हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। युद्ध के बीच बढ़ा तनाव रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के दौरान दोनों पक्ष समय-समय पर एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा ढांचे पर हमले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
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LPU Impact Feature: ₹2.5 करोड़ तक के प्लेसमेंट, Industry-Based Degree और Global Tech Experience से इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा

LPU Impact Feature: ₹2.5 करोड़ तक के प्लेसमेंट, Industry-Based Degree और Global Tech Experience से इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा

आज के समय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रह गई है। छात्र ऐसे संस्थानों की तलाश में हैं, जहां उन्हें आधुनिक तकनीक, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और बेहतर करियर के अवसर मिल सकें। इसी दिशा में Lovely Professional University (LPU) अपने इंडस्ट्री-आधारित पाठ्यक्रम, वैश्विक सहयोग और मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड के कारण चर्चा में है। ₹2.5 करोड़ तक का प्लेसमेंट पैकेज एलपीयू का दावा है कि विश्वविद्यालय के छात्रों को देश और विदेश की कई प्रमुख कंपनियों में आकर्षक नौकरी के अवसर मिले हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार, इंजीनियरिंग छात्रों को ₹2.5 करोड़ तक का उच्चतम अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज प्राप्त हुआ है। वहीं कई छात्रों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में भी अच्छे पैकेज पर नौकरी मिली है। Industry-Based Learning पर विशेष जोर एलपीयू का फोकस केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय के अनुसार, छात्रों को वास्तविक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए प्रोजेक्ट आधारित सीखने (Project-Based Learning), लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाता है। Global Technology Experience का अवसर विश्वविद्यालय का कहना है कि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। विभिन्न एक्सचेंज प्रोग्राम, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं और रिसर्च गतिविधियां छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करती हैं।
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Navi Mumbai Rain: CBD Belapur में Landslide, Metro Pillar के पास मलबा गिरने से Traffic Diversion

Navi Mumbai Rain: CBD Belapur में Landslide, Metro Pillar के पास मलबा गिरने से Traffic Diversion

महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब नवी मुंबई में भी देखने को मिला। सीबीडी बेलापुर (CBD Belapur) इलाके में मेट्रो पिलर के पास भूस्खलन (Landslide) होने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। मलबा हटाने का काम जारी घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सड़क पर गिरे मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि यातायात जल्द से जल्द सामान्य हो सके। यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल इस मार्ग का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद रहकर वाहनों को सुरक्षित दिशा में भेज रही है। बारिश के चलते बढ़ी सतर्कता मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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Delhi Police Success: अपहृत 17 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद, 22 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Delhi Police Success: अपहृत 17 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद, 22 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण की शिकार 17 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई से किशोरी को सुरक्षित उसके परिवार के पास पहुंचा दिया गया। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कई टीमों का गठन किया। तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया जानकारी और लगातार की गई छानबीन के आधार पर पुलिस ने किशोरी का पता लगा लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। 22 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपहरण के पीछे क्या वजह थी और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस कर रही आगे की जांच दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने घटना को किस तरह अंजाम दिया।
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Punjab Congress Crisis: चुनावी साल में बढ़ी कलह, Channi के घर नेताओं का जमावड़ा, क्या Raja Warring हटेंगे?

Punjab Congress Crisis: चुनावी साल में बढ़ी कलह, Channi के घर नेताओं का जमावड़ा, क्या Raja Warring हटेंगे?

Punjab Congress News: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति गरमा गई है। इस बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। चन्नी के घर क्यों जुटे नेता? मोरिंडा स्थित चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर कई पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पहुंचे। बैठक में पंजाब कांग्रेस के संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कई नेताओं ने हाईकमान से प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव की मांग भी उठाई। क्या बदलेगा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष? हालांकि पार्टी हाईकमान ने हाल ही में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया था और चन्नी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया था। इसके बावजूद चन्नी समर्थक नेतृत्व में बदलाव की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल कांग्रेस की ओर से वडिंग को हटाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। चन्नी खेमे ने बढ़ाया दबाव सूत्रों के मुताबिक, चन्नी समर्थकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को नए नेतृत्व की जरूरत है। उनका दावा है कि चन्नी राज्य में कांग्रेस का सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। दूसरी ओर, वडिंग समर्थक मौजूदा नेतृत्व को जारी रखने के पक्ष में हैं।
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Ram Mandir Donation Row: दिग्विजय सिंह कोर्ट में मांगेंगे चंदा वापस, बोले- शिवराज से ज्यादा दिया था दान

Ram Mandir Donation Row: दिग्विजय सिंह कोर्ट में मांगेंगे चंदा वापस, बोले- शिवराज से ज्यादा दिया था दान

Ram Mandir Donation Row: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अयोध्या की अदालत में याचिका दायर कर राम मंदिर निर्माण के लिए दिया गया अपना चंदा वापस मांगेंगे। उनका आरोप है कि यदि दान का दुरुपयोग हुआ है तो दानदाताओं को न्याय मिलना चाहिए। ‘मैंने शिवराज से ज्यादा दान दिया था’ दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का दान दिया था। उनका कहना है कि यह राशि तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दान से अधिक थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह राशि सीधे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दी थी और इसकी रसीद भी उनके पास मौजूद है। कोर्ट में दायर करेंगे याचिका दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह पुलिस के बजाय अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने बताया कि अपने वकीलों से चर्चा के बाद अयोध्या की अदालत में याचिका दायर करेंगे और दान की राशि वापस लेने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि दान का सही उपयोग नहीं हुआ, तो दानदाताओं को जवाब मिलना चाहिए। दान विवाद पर तेज हुई राजनीति राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। इस मामले में जांच भी चल रही है और विशेष जांच दल (SIT) को अपनी जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। पदयात्रा का भी किया ऐलान दिग्विजय सिंह ने यह भी घोषणा की है कि वह 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक एक “जवाबदेही पदयात्रा” निकालेंगे। उनके अनुसार इस यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर दान विवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी।
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Tehran Funeral: भारतीय डेलिगेशन ने Ayatollah Ali Khamenei को दी श्रद्धांजलि, चारों धर्मों के गुरु भी रहे साथ

Tehran Funeral: भारतीय डेलिगेशन ने Ayatollah Ali Khamenei को दी श्रद्धांजलि, चारों धर्मों के गुरु भी रहे साथ

Iran News: ईरान की राजधानी तेहरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भारत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के धर्मगुरु भी शामिल थे। यह कार्यक्रम भारत और ईरान के लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख चेहरे शामिल भारत की ओर से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने आधिकारिक प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और विभिन्न धर्मों के धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। चारों धर्मों के धर्मगुरुओं ने दिया एकता का संदेश भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के धर्मगुरुओं की मौजूदगी ने धार्मिक सौहार्द और एकता का संदेश दिया। सभी ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। तेहरान में जारी हैं अंतिम संस्कार की रस्में ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में कई दिनों तक चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तेहरान में बड़ी संख्या में लोगों के साथ कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। अंतिम संस्कार समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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London Attack Case: ईरानी पत्रकार पर हमले के दोषियों को जेल; Peru में Keiko Fujimori की बड़ी जीत

London Attack Case: ईरानी पत्रकार पर हमले के दोषियों को जेल; Peru में Keiko Fujimori की बड़ी जीत

दुनिया भर से आई दो बड़ी खबरों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। पहली खबर ब्रिटेन की राजधानी लंदन से है, जहां एक ईरानी पत्रकार पर हमले के मामले में अदालत ने दोषियों को जेल की सजा सुनाई है। वहीं दूसरी ओर, पेरू की राजनीति में केइको फुजीमोरी (Keiko Fujimori) की बड़ी चुनावी जीत ने राजनीतिक माहौल बदल दिया है। लंदन में ईरानी पत्रकार पर हमला करने वालों को मिली सजा लंदन की एक अदालत ने ईरानी पत्रकार पर हमले के मामले में दोषी पाए गए आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर फैसला सुनाया। इस मामले ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जब पत्रकार पर सार्वजनिक स्थान पर हमला किया गया था। फैसले के बाद ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। हमले की जांच पहले ही हो चुकी थी तेज हमले के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की थी और कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत हुआ, जिसके बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया। Peru में Keiko Fujimori की बड़ी राजनीतिक जीत दूसरी ओर, दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में केइको फुजीमोरी ने बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की है। उनकी जीत को देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के बाद पेरू की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। समर्थकों ने इस जीत का स्वागत किया, जबकि विपक्ष ने आगे की राजनीतिक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
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Michigan Mall Shooting: अमेरिका के मिशिगन में मॉल के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, 2 लोगों की मौत, जांच शुरू

Michigan Mall Shooting: अमेरिका के मिशिगन में मॉल के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, 2 लोगों की मौत, जांच शुरू

Michigan Mall Shooting: अमेरिका के मिशिगन (Michigan) राज्य से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक शॉपिंग मॉल के अंदर हुई अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि पुलिस और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मॉल में अचानक चली गोलियां जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब मॉल में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पूरा मॉल खाली करा लिया गया। दो लोगों की मौत, कई लोग सदमे में फायरिंग की इस घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। घटना के बाद कई लोग मानसिक रूप से सदमे में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि फायरिंग की वजह और आरोपी के बारे में जानकारी मिल सके। हमले की वजह अभी साफ नहीं अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फायरिंग किस वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
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AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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