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Sridhar Vembu

Drugs और Corruption पर सख्त कानून की जरूरत, Zoho Founder Sridhar Vembu का बड़ा बयान

तमिलनाडु में Corruption और Drugs को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने राज्य सरकार से इन दोनों समस्याओं पर सख्त रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने Singapore की कड़ी कानून व्यवस्था का उदाहरण देते हुए गंभीर अपराधों में सख्त सजा की जरूरत बताई। वेम्बू के बयान ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि उन्होंने केवल सजा बढ़ाने की बात नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकारी व्यवस्था में कुछ दूसरे बदलावों का सुझाव भी दिया है। Singapore जैसा सख्त कानून क्यों? Sridhar Vembu का मानना है कि भ्रष्टाचार और ड्रग्स जैसी समस्याओं से निपटने के लिए कानून का डर और उसका प्रभावी इस्तेमाल दोनों जरूरी हैं। उन्होंने Singapore और Malaysia की anti-drug policies का उदाहरण देते हुए कहा है कि भारत को भी दूसरे देशों के सफल मॉडल से सीख लेनी चाहिए। उनकी राय में गंभीर मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान अपराधियों के लिए बड़ा deterrent बन सकता है। हालांकि, किसी भी ऐसे कानून को लागू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया और मौजूदा भारतीय कानूनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। Drugs को लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं Vembu यह पहली बार नहीं है जब Sridhar Vembu ने तमिलनाडु में Drugs की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की हो। इससे पहले भी वह ग्रामीण इलाकों तक नशीले पदार्थों की पहुंच को लेकर अपनी चिंता सामने रख चुके हैं। उन्होंने युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने की जरूरत पर जोर दिया था। उनका कहना रहा है कि केवल पुलिस कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि समाज और सरकार दोनों को मिलकर इस समस्या पर काम करना होगा। Corruption पर भी खुलकर बोले Sridhar Vembu तमिलनाडु में Corruption को लेकर भी मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने स्कूल से जुड़े अनुभवों का हवाला देते हुए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में कथित परेशानियों और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन बयानों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा शुरू हुई। हालांकि, ऐसे आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं रही हैं और हर आरोप को स्वतंत्र रूप से साबित किया जाना जरूरी है। CM Vijay से क्या उम्मीद? वेम्बू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में Drugs, Corruption और Law and Order जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि सरकार को केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे अपराध और भ्रष्टाचार को शुरुआत में ही रोका जा सके। यह भी साफ करना जरूरी है कि Sridhar Vembu की मांग को सरकार के फैसले के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह उनकी ओर से दिया गया एक नीतिगत सुझाव है। तमिलनाडु सरकार की ओर से Singapore-style death penalty कानून लागू करने की कोई आधिकारिक घोषणा इससे साबित नहीं होती। सख्त सजा के साथ सिस्टम में सुधार की बात Vembu की बात का एक दूसरा पहलू भी है। उनका मानना है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए केवल सजा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी, पारदर्शिता, बेहतर वेतन और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी काम करना होगा। यानी उनका फोकस सिर्फ “कड़ी सजा” पर नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने पर है जिसमें भ्रष्टाचार करने की गुंजाइश ही कम हो।
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Ganeshotsav

Ganeshotsav से पहले Mumbai में बड़ा हादसा, 22 फीट की प्रतिमा गिरी; 2 की मौत

मुंबई में गणेशोत्सव (Ganeshotsav) की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान करीब 22 फीट ऊंची मूर्ति अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। प्रतिमा को पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था और वहां मौजूद लोग गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक प्रतिमा का सपोर्ट टूट गया और भारी मूर्ति नीचे जा गिरी। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कैसे हुआ Mumbai Ganesh Idol Accident? जानकारी के मुताबिक, हादसा भुलेश्वर के डॉ. आत्माराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना और जय अंबे चौक के आसपास हुआ। गणेश प्रतिमा को एक विशेष फ्रेम और सपोर्ट के सहारे ले जाया जा रहा था। इसी दौरान सपोर्ट सिस्टम में गड़बड़ी आने के बाद प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया। प्रारंभिक जानकारी में वेल्डिंग सपोर्ट टूटने की बात सामने आई है। हालांकि फ्रेम के नट-बोल्ट और तकनीकी मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हादसे में 2 लोगों की मौत, 5 घायल प्रतिमा गिरने से वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में दो बच्चियां भी हैं, जिनकी उम्र करीब पांच और सात साल बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। राहत और बचाव के दौरान इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही। तीन हिस्सों में टूट गई विशाल प्रतिमा करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरने के बाद तीन हिस्सों में टूट गई। इतनी बड़ी प्रतिमा को अचानक गिरते देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गणपति के आगमन की खुशी का माहौल कुछ ही पल में मातम में बदल गया। पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के पीछे तकनीकी लापरवाही या सपोर्ट सिस्टम में कमी थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। Ganeshotsav से पहले Safety पर बड़ा सवाल मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं का आगमन और विसर्जन जुलूस आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे आयोजनों में भारी प्रतिमाओं को क्रेन, ट्रॉली और विशेष फ्रेम के जरिए ले जाया जाता है। भुलेश्वर की घटना ने इन व्यवस्थाओं की Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और आयोजकों के लिए यह घटना एक सबक भी है कि विशाल प्रतिमाओं को ले जाने से पहले उनके फ्रेम, वेल्डिंग, सपोर्ट और परिवहन व्यवस्था की अच्छी तरह जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखना भी बेहद जरूरी है। खुशी के मौके पर छाया मातम गणेशोत्सव को लेकर मुंबई में हर साल लोगों में खास उत्साह रहता है। भुलेश्वर में भी लोग गणपति बप्पा के आगमन की तैयारी में जुटे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। फिलहाल पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि प्रतिमा का सपोर्ट आखिर क्यों टूटा और इतनी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता था या नहीं। Mumbai Ganesh Idol Accident ने गणेशोत्सव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—आस्था और उत्सव के साथ लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना कितना जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीर याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka Test: Team India ने टॉस जीतकर चुनी Batting, 33 साल के Saransh Jain का Debut

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच दूसरा टेस्ट मुकाबला शुरू हो चुका है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के बाद भारतीय टीम अब सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरी है। मुकाबले की शुरुआत से ही सबसे ज्यादा चर्चा भारत की Playing XI को लेकर है। 33 साल की उम्र में Saransh Jain का Test Debut भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका दिया है। 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करना अपने आप में खास है। घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन के बाद सारांश को आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। सारांश ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। उनके लिए यह मुकाबला सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिले मौके को यादगार बनाने का मौका भी है। Kuldeep Yadav को मिला आराम सारांश जैन के Playing XI में आने के बाद कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखा गया है। पहले टेस्ट में कुलदीप को गेंदबाजी से ज्यादा प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने 25 ओवर में एक विकेट हासिल किया था। इसके उलट मानव सुथार ने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट चटकाए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम ने अपने स्पिन कॉम्बिनेशन में बदलाव किया है। भारत के सामने Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। अब दूसरे टेस्ट में जीत मिलती है तो टीम इंडिया सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेगी। भारतीय बल्लेबाजों पर भी नजर रहेगी। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम की बल्लेबाजी मजबूत है और टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने से भारत ने स्कोरबोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। Sri Lanka की मुश्किलें भी बढ़ीं दूसरी तरफ श्रीलंका की टीम चोटों से परेशान है। कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट में उपलब्ध नहीं हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से मेजबान टीम की बल्लेबाजी कमजोर हुई है। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारतीय स्पिन गेंदबाजों का सामना करना होगी। पहले टेस्ट में भारत के स्पिनर्स ने मेजबान बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। अब दूसरे टेस्ट में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर बड़ी परीक्षा होगी। Colombo Test में किसका पलड़ा भारी? टॉस भारत के पक्ष में गया है और टीम ने बिना ज्यादा सोच-विचार के पहले बल्लेबाजी चुन ली। अब निगाहें भारतीय ओपनर्स पर हैं कि वे टीम को कितनी मजबूत शुरुआत दिलाते हैं। वहीं सारांश जैन के लिए यह दिन बेहद खास है। 33 साल की उम्र में मिले Test Debut को वह अपने प्रदर्शन से यादगार बनाना चाहेंगे। भारत के लिए जहां सीरीज जीतने का मौका है, वहीं श्रीलंका के सामने वापसी की चुनौती है। कुल मिलाकर IND vs SL 2nd Test में टॉस, Saransh Jain का Debut और Kuldeep Yadav का बाहर होना मुकाबले की शुरुआत में ही सबसे बड़ी सुर्खियां बन गए हैं। अब असली कहानी मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों और श्रीलंकाई गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही, UP में Flood का कहर; Varanasi से Uttarkashi तक हाहाकार

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) की तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में महज छह महीने पहले बनी सड़क बारिश के पानी में बह गई, तो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और आसपास के इलाके प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है। MP में छह महीने पहले बनी सड़क पानी में बही मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महीने पहले तैयार हुई सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पाई और पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क के साथ पुलिया के डूबने से आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बह जाने से रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। UP में Flood से बढ़ी परेशानी उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। Varanasi में गंगा का जलस्तर बढ़ा वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं और तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का असर पहुंच रहा है। पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव करना पड़ा है। जिन घाटों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती है, वहां अब पानी का दबाव दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आई बड़ी परेशानी है। कई परिवार पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Uttarkashi में Highway पर संकट उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किल बढ़ाई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता MP से लेकर UP और Uttarakhand तक बारिश का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। कहीं सड़क और पुलिया पानी में बह रही है, कहीं बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच रहा है और कहीं पहाड़ों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो रहे हैं। मानसून के इस दौर में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने की है। वहीं लोगों से भी नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Monsoon Alert: सावधानी जरूरी बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को निकलने से पहले Route Status की जानकारी लेनी चाहिए। मौसम में सुधार होने तक थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kharge

Sugar Import पर सियासत तेज: Kharge बोले- भारत में चीनी की कमी, फिर कैसा Atmanirbhar Bharat?

रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले आम परिवारों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार में बढ़ते दामों को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की कीमतों और घरेलू स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। खड़गे (Kharge ) ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, तो घरेलू जरूरतों के लिए Sugar Import की नौबत क्यों आई? उन्होंने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। तीन महीने में चीनी के दाम में बड़ा उछाल Kharge का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। हाल के दिनों में भी खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी देखी गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय की प्याली तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी और कई खाद्य उत्पादों की लागत भी इससे प्रभावित होती है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सीधे घरेलू बजट पर असर डालती है। Kharge ने सरकार से पूछे 3 बड़े सवाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार से तीन अहम सवाल किए हैं। पहला सवाल: भारत में चीनी का स्टॉक नौ साल के निचले स्तर तक कैसे पहुंच गया? दूसरा सवाल: जब देश चीनी का प्रमुख उत्पादक है, तो सरकार को निर्यात पर रोक लगाने और 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति क्यों देनी पड़ी? तीसरा सवाल: अगर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है, तो E20 और Ethanol Policy की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खड़गे का तर्क है कि अगर गन्ने और उससे जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ रहा है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता पर भी देखा जाना चाहिए। सरकार ने Ethanol Policy को बताया जिम्मेदार नहीं विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई दूसरे कारण हैं। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन में कमी की आशंका है। खराब मौसम और गन्ने की पैदावार पर पड़े असर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। 10 लाख टन Raw Sugar Import का फैसला बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन Raw Sugar के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचे और कीमतों पर दबाव कम हो। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब घरेलू स्टॉक और उत्पादन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। Stock Limit से जमाखोरी पर भी नजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने Stock Limit से जुड़े कदम भी उठाए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने और कृत्रिम कमी पैदा होने की संभावना को कम करना है। सरकार की नजर खास तौर पर त्योहारों से पहले बाजार की स्थिति पर है। मांग बढ़ने के दौरान अगर सप्लाई सामान्य रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। खराब मौसम और कम उत्पादन भी बड़ी वजह सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में परिस्थितियों का प्रभाव उत्पादन पर पड़ा है। यही वजह है कि केंद्र और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विपक्ष जहां कीमतों और Import को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार उत्पादन में कमी और बाजार की परिस्थितियों को मुख्य वजह बता रही है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल—चीनी कब सस्ती होगी? इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों की नजर एक ही बात पर है—चीनी की कीमत आखिर कब नीचे आएगी? त्योहारों का मौसम सामने है और मिठाई से लेकर घर की रोजमर्रा की चाय तक, चीनी की जरूरत हर परिवार में है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती सिर्फ राजनीतिक आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखते हुए कीमतों को काबू में रखना भी है। फिलहाल Sugar Price Hike, Duty-Free Import और Ethanol Policy को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई और सरकारी कदमों का बाजार पर असर इस कहानी की अगली तस्वीर तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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झारखंड

Ramgarh Factory Blast: झारखंड के Iron Plant में बड़ा हादसा, 3 Engineers की मौत

झारखंड के रामगढ़ से शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई। यहां एक आयरन फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुआ Blast, आग ने लिया विकराल रूप बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के बरकाकाना इलाके में स्थित आयरन फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान पावर प्लांट से तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही देर में वहां आग फैल गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश शुरू की। सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। तीन Engineers की मौत, एक Worker घायल हादसे में तीन इंजीनियर बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अचानक हुए इस हादसे से फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। Blast की वजह अभी साफ नहीं फैक्ट्री में आग और ब्लास्ट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या जैसी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की वजह पता करने में जुटी हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मशीनरी की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता घायल मजदूर के इलाज और मृतकों के परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की है। रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े औद्योगिक संयंत्रों में Safety Protocols और नियमित मशीनरी जांच कितनी जरूरी है। Ramgarh Factory Blast की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitin Nabin

Nitin Nabin की नई BJP Team की पहली Meeting, Vande Mataram के सभी 6 अंतरे

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की पहली अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और युवाओं को BJP से जोड़ने को लेकर मंथन किया गया। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के अगले राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतृत्व ने संगठन को सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की तैयारी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रहा। नेताओं और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई। स्थानीय समस्याओं को समझने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। Youth Connect पर BJP का खास फोकस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। BJP अब युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति आने वाले समय में अहम हो सकती है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने पर भी पार्टी का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। Vande Mataram के सभी 6 अंतरे, बैठक का खास पल नई टीम की पहली बैठक का सबसे अलग पहलू वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का गायन रहा। बैठक में मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। इससे बैठक की शुरुआत में ही एकजुटता और राष्ट्रभावना का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम के सामने अब संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की चुनौती है। आगामी चुनावों की तैयारी, युवा वोटर्स से संवाद और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता—ये सभी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे रहने वाले हैं। पहली बैठक से साफ है कि BJP का फोकस अब Election Preparation के साथ Organization Strength और Youth Connect पर भी रहेगा। आने वाले दिनों में बैठक में बनी रणनीति को किस तरह जमीन पर लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

Akhilesh Yadav पर Mayawati का बड़ा हमला, ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर Jat समाज से मांगें माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने फिर हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई, वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को जयंत चौधरी के साथ-साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा ने कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन बाद में वही लोग पार्टी से अलग हो गए। उनके इस बयान को जयंत चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल से जोड़कर देखा गया। अखिलेश की टिप्पणी सामने आने के बाद जयंत चौधरी ने भी जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक आलोचना करनी है तो सीधे उनका नाम लिया जाए। पूरे जाट समाज को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना ठीक नहीं है। Mayawati ने अखिलेश को घेरा विवाद बढ़ा तो मायावती ने अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज या सम्मानित राजनीतिक परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। मायावती ने अखिलेश से जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी जरूरत के हिसाब से पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति रुख बदलती रही है। ‘काम निकलने के बाद बदल जाते हैं रंग’ Mayawati ने सपा की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी सहयोगी से राजनीतिक फायदा लेना होता है तो उसे महत्व दिया जाता है, लेकिन काम निकलने के बाद रवैया बदल जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ वाली बात कही। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में उतरीं मायावती मायावती का जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज का प्रभाव लंबे समय से चुनावी समीकरणों में अहम माना जाता है। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी और उसके बाद मायावती का हमला राजनीतिक मायने रखता है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के बयान को लेकर सफाई भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था। 2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी? उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सपा, RLD और बसपा के बीच बदलते समीकरणों के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ विवाद ने एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव मायावती की माफी की मांग पर जवाब देंगे? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FDA

Maharashtra FDA Action: तुकाराम मुंढे का ‘सिंघम’ अंदाज, Hotel से Quick Commerce तक मचा हड़कंप

महाराष्ट्र में इन दिनों Food Safety को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट, क्लब, कैंटीन और Quick Commerce कंपनियों तक को सतर्क कर दिया है। जहां भी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई या लाइसेंस से जुड़ी गंभीर खामी मिल रही है, वहां FDA कार्रवाई कर रहा है। क्यों चर्चा में है तुकाराम मुंढे का FDA अभियान? तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जांच को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया। मुंढे ने एक बयान में बताया कि करीब दो महीनों में 3,100 से ज्यादा निरीक्षण, लगभग 165 तत्काल लाइसेंस निलंबन और 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके अभियान की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मुंढे खुद इस तरह की ‘सिंघम’ वाली छवि से दूरी बनाते हुए कहते रहे हैं कि विभाग कानून के मुताबिक काम कर रहा है। बड़े नाम भी FDA की नजर से बाहर नहीं महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई की खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में McDonald’s समेत कई चर्चित क्लब और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर स्वच्छता, खाद्य भंडारण और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में Domino’s और Pizza Hut के कुछ आउटलेट भी FDA की कार्रवाई की चपेट में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी कमियां, कीटों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी संबंधी खामियां सामने आईं। Quick Commerce कंपनियों पर भी शिकंजा आज के दौर में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं से लोग रोजमर्रा का सामान घर बैठे मंगाते हैं। ऐसे में FDA ने इनके Dark Stores और Warehouses को भी जांच के दायरे में रखा है। Reuters के मुताबिक, महाराष्ट्र में FDA ने 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 60 सुधार नोटिस जारी किए। कई वेयरहाउस में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलने के बाद लाइसेंस या परमिट पर कार्रवाई की गई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Instamart से जुड़े 14 Food Business Licences निलंबित किए गए। यानी अब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों से समझौता करना आसान नहीं होगा। कहीं खराब पनीर, कहीं गंदगी ने खोली पोल FDA की हालिया जांच में सामने आए मामले इस अभियान की गंभीरता बताते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कथित तौर पर सड़ा और दुर्गंधयुक्त पनीर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FDA ने इसे गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना। मुंबई के कुछ प्रतिष्ठानों में भी मक्खियां, कॉकरोच, असुरक्षित खाद्य भंडारण और दूसरे Hygiene Violations मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई। स्कूल कैंटीन और कॉलेजों तक पहुंची जांच FDA की नजर अब स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद खाने-पीने की दुकानों पर भी है। तुकाराम मुंढे ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले Educational Institutions के आसपास के eateries के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। IIT Bombay की दो हॉस्टल कैंटीन को भी वैध FSSAI लाइसेंस नहीं होने के कारण बंद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसके साथ ही FDA ने बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘Safe Food For Every Child in Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है। दूध और मिलावट पर भी नजर FDA का अभियान सिर्फ रेस्टोरेंट और कैंटीन तक सीमित नहीं है। दूध में मिलावट और Synthetic Milk Units के खिलाफ भी महाराष्ट्र में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक बढ़ाया गया है। यानी सरकार का फोकस सिर्फ उस जगह तक नहीं है जहां खाना तैयार होता है, बल्कि Food Supply Chain के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर है। कार्रवाई पर सवाल भी उठे जहां एक ओर FDA के अभियान को समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के तत्काल लाइसेंस निलंबन के आदेशों पर रोक लगाई या उन्हें पलटा। अदालत ने ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम और उचित प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। पुणे की एक मिठाई की दुकान से जुड़े मामले में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा जांच में प्रतिष्ठान ने 36 में से 35 खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था। इससे साफ है कि Food Safety Enforcement के साथ-साथ कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। CM फडणवीस ने दिया मुंढे को समर्थन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने FDA के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार के समर्थन के बाद यह संकेत साफ है कि महाराष्ट्र में Food Safety अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? इस पूरी कार्रवाई का सबसे सीधा असर आम ग्राहक पर पड़ता है। जिस होटल, कैंटीन या दुकान से लोग रोज खाना खरीदते हैं, वहां साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी सेहत से है। लेकिन इस अभियान की असली सफलता सिर्फ छापेमारी या लाइसेंस निलंबित करने में नहीं होगी। लंबे समय में जरूरी यह है कि कारोबारियों में नियमों का पालन करने की आदत बने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन मिले। फिलहाल महाराष्ट्र में FDA का संदेश बिल्कुल साफ है—चाहे छोटा कारोबार हो या बड़ा ब्रांड, Food Safety Rules से समझौता हुआ तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ने के संकेत हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NSUI

NSUI vs ABVP: राहुल गांधी के Pune Event से पहले बढ़ा विवाद, छात्राओं के Registration पर आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे दौरे से ठीक पहले छात्र राजनीति में तनाव देखने को मिला। शुक्रवार रात COEP Technological University के हॉस्टल कैंपस में NSUI और ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के Registration से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी। वहीं, शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राहुल गांधी के आज होने वाले कार्यक्रम से पहले पुणे की छात्र राजनीति को गर्म कर दिया है। Registration को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत छात्राओं के राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए Registration को लेकर हुई। ABVP का आरोप है कि NSUI और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता छात्राओं पर कार्यक्रम के लिए Registration कराने का दबाव बना रहे थे। ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसी मामले की जानकारी लेने के लिए वे हॉस्टल परिसर पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और NSUI ने ABVP के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि कार्यक्रम का समर्थन करने वाली छात्राओं को ABVP कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया गया। दोनों संगठनों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस झड़प के बाद पुणे पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। ABVP सदस्य की शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस के करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद COEP हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आज राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इस विवाद के बीच राहुल गांधी आज, 22 अगस्त, पुणे में छात्रों से संवाद करेंगे। उनके कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया है। इसमें छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से संबंधित विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। कार्यक्रम से पहले बढ़ा सियासी तापमान राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही NSUI और ABVP के बीच हुई झड़प ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ ABVP Registration को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस छात्राओं को धमकाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और झड़प के लिए कौन जिम्मेदार था। लेकिन इतना जरूर है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले पुणे का यह Campus विवाद चर्चा में आ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

भीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर कस्बे में 28 वर्षीय सरकारी शिक्षक कालूराम मीणा का शव उनके किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला। मंगलवार सुबह कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों ने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुई। पुलिस के अनुसार, शव करीब दो दिन पुराना होने की आशंका है। कालूराम मीणा टोंक जिले के रहने वाले थे और गंगापुर क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कमरे से बदबू आने पर हुआ खुलासा थाना प्रभारी पूरण मीणा के मुताबिक, कालूराम गंगापुर कस्बे के वार्ड नंबर 5 में सुरेश सुवलका के मकान में किराए से रहते थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने मकान मालिक को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का गेट तोड़कर अंदर देखा गया तो शिक्षक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अगस्त में हुई थी स्कूल में पोस्टिंग जानकारी के अनुसार, कालूराम मीणा की 18 अगस्त 2026 को गंगापुर क्षेत्र की उल्लाई पंचायत के रूपारेल कस्बे स्थित सरकारी स्कूल में पोस्टिंग हुई थी। वह शनिवार को आखिरी बार स्कूल गए थे। रविवार को छुट्टी थी, जबकि सोमवार को वह स्कूल नहीं पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए मौत करीब दो दिन पहले होने की आशंका जताई जा रही है। एक साल पहले हुआ था तलाक बताया गया है कि कालूराम मीणा चार भाइयों में सबसे छोटे थे। रविवार सुबह उनकी अपने बड़े भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले आपसी अनबन के चलते उनका तलाक हो गया था। हालांकि, इन परिस्थितियों का उनकी मौत से कोई संबंध था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही पुलिस थाना प्रभारी पूरण मीणा ने बताया कि शिक्षक ने किन कारणों से यह कदम उठाया, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं मिली है। परिजनों के पहुंचने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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