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Amarnath Yatra

Amarnath Yatra Update: 5-8 घंटे का सफर अब 30 मिनट में, 2029 तक शुरू होगी Cable Car Service

Amarnath Yatra Cable Car Project: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। लेकिन कठिन पहाड़ी रास्ते और कई घंटे की पैदल यात्रा अक्सर श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन जाती है। अब इस परेशानी को काफी हद तक कम करने की तैयारी हो चुकी है। सरकार अमरनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए केबल कार प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। तय योजना के मुताबिक अप्रैल 2027 से निर्माण कार्य शुरू होगा, जबकि 2029 तक केबल कार सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 5 से 8 घंटे की यात्रा घटकर होगी सिर्फ 30 मिनट फिलहाल अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बालटाल और पहलगाम मार्ग से लंबी चढ़ाई करनी पड़ती है। मौसम, भीड़ और रास्ते की स्थिति के अनुसार यह सफर करीब 5 से 8 घंटे तक का हो सकता है। केबल कार शुरू होने के बाद यही दूरी करीब 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी बाबा बर्फानी के दर्शन पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएंगे। अप्रैल 2027 से शुरू होगा निर्माण कार्य परियोजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संबंधित एजेंसियां तकनीकी और पर्यावरण से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। योजना के अनुसार अप्रैल 2027 से Construction शुरू किया जाएगा, ताकि वर्ष 2029 तक केबल कार सेवा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हो सके। आधुनिक तकनीक से होगी सुरक्षित यात्रा यह केबल कार परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित की जाएगी। पर्वतीय इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी सबसे बड़ी राहत अभी तक कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या अधिक उम्र की वजह से पूरी यात्रा नहीं कर पाते थे। केबल कार शुरू होने के बाद ऐसे श्रद्धालु बिना लंबी पैदल चढ़ाई किए आसानी से अमरनाथ गुफा तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा के दौरान होने वाली थकान और जोखिम भी काफी कम होंगे। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। यात्रा आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, टैक्सी, दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अमरनाथ यात्रा बनेगी पहले से ज्यादा आसान बीते कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। अब केबल कार परियोजना भी उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ, तो 2029 से श्रद्धालु केवल 30 मिनट में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गुफा तक पहुंच सकेंगे।
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Trigrahi Yog 2026: 15 जून को सूर्य गोचर से बनेगा त्रिग्रही राजयोग, इन राशियों की बदलेगी किस्मत

Trigrahi Yog 2026: 15 June को सूर्य गोचर से बनेगा त्रिग्रही राजयोग, इन राशियों की बदलेगी किस्मत

ज्योतिष के अनुसार 15 June 2026 को एक खास ग्रहों का संयोग बनने जा रहा है, जिसे Trigrahi Yog कहा जाता है। इस दिन सूर्य के गोचर के साथ यह शक्तिशाली राजयोग बनने की संभावना है, जिसका असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। इस योग में Surya (Sun) का गोचर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब तीन प्रमुख ग्रह एक विशेष स्थिति में आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है और यह समय भाग्य, करियर और आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव ला सकता है। मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों को अचानक लाभ, नई नौकरी के अवसर, व्यापार में बढ़ोतरी और रुके हुए कामों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है। हालांकि इसका प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग होता है और यह व्यक्ति की कुंडली पर भी निर्भर करता है।
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Varanasi

Varanasi Mega Project: 130 फीट ऊंचे Shivling के साथ काशी को मिलेगी नई पहचान

भगवान शिव की नगरी Varanasi अब एक और ऐतिहासिक पहचान बनाने जा रही है। Varanasi में जल्द ही दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस भव्य प्रोजेक्ट को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक वर्ल्ड क्लास स्पिरिचुअल पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वाराणसी नगर निगम करीब 20 एकड़ जमीन पर इस मेगा प्रोजेक्ट को तैयार करने जा रहा है। पार्क के बीचों-बीच 130 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग बनाया जाएगा, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग बताया जा रहा है। काशी की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को बेहद खास माना जा रहा है। पुराने जलकल परिसर को मिलेगा नया रूप यह पूरा प्रोजेक्ट भेलूपुर-कमच्छा स्थित पुराने जलकल परिसर की जमीन पर विकसित किया जाएगा। वर्षों से खाली पड़ी इस जगह को अब धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में बदला जाएगा। बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। काशी पहले ही बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के कारण दुनियाभर में चर्चा में है। अब यह नया शिवलिंग पार्क शहर को एक नई पहचान देने की तैयारी में है। पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं इस स्पिरिचुअल पार्क को सिर्फ धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पार्क में सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, बच्चों के लिए गेमिंग जोन, फूड प्लाजा, लाइब्रेरी, फैमिली पिकनिक एरिया और हरियाली से भरा ऑक्सीजन पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा काशी की संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाले वॉल म्यूरल्स भी लगाए जाएंगे। काशी की विरासत दिखाएगा Museum इस प्रोजेक्ट में एक बड़ा म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जहां काशी की धार्मिक परंपरा, घाटों की संस्कृति, संगीत, कला और बाबा विश्वनाथ से जुड़ी विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। इसके साथ ही एक आधुनिक प्लैनेटेरियम बनाने की भी योजना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में काशी के पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ा इजाफा हो सकता है। सोशल मीडिया पर Viral हुआ 3D Video परियोजना का 3D वीडियो सामने आने के बाद सोशल media पर लोग इसकी भव्यता की जमकर चर्चा कर रहे हैं। वीडियो में विशाल शिवलिंग, हरियाली और आधुनिक डिजाइन की झलक देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे काशी की नई पहचान बताया है। धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास का यह अनोखा संगम आने वाले वर्षों में वाराणसी को Spiritual Tourism का बड़ा केंद्र बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vastu Tips: पीली रोटी का 43 दिन का उपाय, बढ़ सकता है Wealth और Bank Balance

Vastu Tips: पीली रोटी का 43 दिन का उपाय, बढ़ सकता है Wealth और Bank Balance

Vastu शास्त्र में कई ऐसे आसान उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर लोग अपनी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव महसूस करने का दावा करते हैं। इन्हीं में से एक उपाय इन दिनों काफी चर्चा में है—पीली रोटी का उपाय। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार 43 दिनों तक पीली रोटी का एक छोटा सा उपाय करता है, तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना बताई जाती है। माना जाता है कि यह उपाय धन, समृद्धि और स्थिरता को आकर्षित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह भी कहा जाता है कि यह पूरी तरह से आस्था और विश्वास पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके मानसिक संतोष और सकारात्मकता महसूस करते हैं। आज के समय में जब लोग आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे हैं, ऐसे वास्तु उपायों की चर्चा सोशल मीडिया और धार्मिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपायों के साथ-साथ मेहनत, सही प्लानिंग और आर्थिक अनुशासन भी बेहद जरूरी है।
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Virat Kohli

Virat Kohli Vrindavan Visit: IPL Champion बनने के बाद प्रेमानंद महाराज से मिले विराट, तस्वीरें वायरल

आईपीएल का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli)एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा है। पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ विराट वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों का सादगी भरा अंदाज सोशल Media पर खूब वायरल हो रहा है। IPL जीत के बाद वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का आईपीएल ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। आश्रम से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विराट माथे पर तिलक लगाए बेहद शांत और संतुलित नजर आए। वहीं अनुष्का भी बेहद साधारण भारतीय परिधान में दिखाई दीं। क्रिकेट मैदान पर अपने जोशीले अंदाज के लिए मशहूर विराट का यह शांत और भक्तिमय रूप फैंस को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी आध्यात्मिक सोच और संस्कारों की सराहना कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद वृंदावन स्थित आश्रम में दोनों ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान जीवन, आध्यात्म और मानसिक शांति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि विराट और अनुष्का पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन आ चुके हैं। दोनों अक्सर अपनी व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाते रहे हैं। अनुष्का शर्मा की सादगी बनी चर्चा का विषय इस मुलाकात के दौरान जहां विराट के माथे का तिलक और चेहरे की मुस्कान लोगों का ध्यान खींच रही थी, वहीं अनुष्का शर्मा की सादगी ने भी सभी का दिल जीत लिया। बिना किसी दिखावे के साधारण लुक में नजर आईं अनुष्का की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि स्टारडम और सफलता के बावजूद इस कपल का जमीन से जुड़ा रहना उन्हें खास बनाता है। सोशल मीडिया पर फैंस ने लुटाया प्यार विराट और अनुष्का की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने उन्हें “सफलता और संस्कारों का प्रतीक” बताया तो किसी ने लिखा कि “यही वजह है कि लोग विराट को सिर्फ क्रिकेटर नहीं बल्कि प्रेरणा मानते हैं।” कई यूजर्स ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद भी दोनों का विनम्र और आध्यात्मिक बने रहना युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। सफलता के साथ आध्यात्म का संतुलन आईपीएल चैंपियन बनने के बाद विराट कोहली की यह वृंदावन यात्रा बताती है कि जीवन में सफलता के साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी जरूरी है। करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले विराट और अनुष्का ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सादगी और संस्कार ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Health 9 दिन से नहीं निकली पदयात्रा, भक्तों से की खास अपील

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj)इन दिनों अपनी खराब तबीयत को लेकर चर्चा में हैं। पिछले 9 दिनों से उनकी नियमित पदयात्रा बंद है, जिससे देशभर के भक्त चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच प्रेमानंद महाराज का एक भावुक संदेश सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। उन्होंने अपने भक्तों से कहा,“मेरी चिंता मत कीजिए, श्रीजी का ध्यान लगाइए। मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा।” तबीयत बिगड़ने के बाद रुकी पदयात्रा प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा वृंदावन की पहचान बन चुकी है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके साथ भक्ति और नाम-स्मरण में शामिल होते थे। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण पिछले 9 दिनों से यह यात्रा पूरी तरह बंद है। महाराजजी के आश्रम से जुड़े लोगों के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। यही वजह है कि उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्रा से दूरी बनाई हुई है। भक्तों से बोले- भक्ति में मन लगाइए अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक बड़ी आध्यात्मिक सीख भी दी। उन्होंने कहा कि इंसान शरीर से नहीं, अपने विचारों और भक्ति से लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे उनकी बीमारी को लेकर परेशान न हों, बल्कि श्री राधारानी और भगवान के भजन-कीर्तन में मन लगाएं। उनका यह संदेश सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर भावुक हुए श्रद्धालु जैसे ही प्रेमानंद महाराज का वीडियो सामने आया, लाखों भक्तों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी। Instagram, Facebook और YouTube पर लोग लगातार उनके लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं लिख रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने लिखा कि महाराजजी सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और मानसिक शांति का सहारा हैं। युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं प्रेमानंद महाराज प्रेमानंद महाराज अपने सरल शब्दों और भावुक प्रवचनों के कारण युवाओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर उनके सत्संग और वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं। उनकी बातों में आध्यात्म के साथ जीवन की सच्चाई भी झलकती है, यही वजह है कि हर उम्र के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं। भक्त कर रहे जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना फिलहाल श्रद्धालु यही उम्मीद कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होकर फिर से पदयात्रा और सत्संग में लौटेंगे। वृंदावन समेत देश के कई हिस्सों में उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए भजन और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amarnath Yatra

Amarnath Yatra 2026 गुफा में दिखा Baba Barfani, श्रद्धालुओं में उत्साह

जम्मू-कश्मीर की पवित्र अमरनाथ गुफा से इस साल की अमरनाथ यात्रा 2026 (Amarnath Yatra) से पहले बाबा बर्फानी (Baba Barfani) की पहली झलक सामने आई है। गुफा के अंदर इस बार प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग करीब 6 से 7 फीट ऊँचा दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। 6–7 फीट का प्राकृतिक Shivling बना आकर्षण हर साल की तरह इस बार भी यह बर्फीला शिवलिंग मौसम के साथ अपने अलग-अलग रूप में नजर आता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव का दिव्य स्वरूप मानते हैं। अमरनाथ की गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन को बेहद पवित्र और दुर्लभ माना जाता है। 3 जुलाई से शुरू होगी Amarnath Yatra 2026 इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। यात्रा से पहले सुरक्षा बलों ने गुफा क्षेत्र का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कड़ी तैयारी प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। रास्तों की निगरानी, मेडिकल सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र देशभर से हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं और बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं। इस साल भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित दर्शन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Adhik Maas 2026: 2037 तक नहीं बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग, गुरु पुष्य और गजकेसरी योग से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

Adhik Maas 2026: 2037 तक नहीं बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग, गुरु पुष्य और गजकेसरी योग से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

सनातन धर्म में अधिक मास को बेहद पवित्र माना जाता है। इस बार Adhik Maas 2026 कई खास और दुर्लभ योगों के साथ शुरू हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अधिक मास में गुरु पुष्य योग, गजकेसरी योग और पुष्कर योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जो साल 2037 तक दोबारा देखने को नहीं मिलेंगे। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अधिक मास में पूजा-पाठ, दान और भगवान विष्णु की भक्ति करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस बार बने शुभ योगों का असर कुछ राशियों पर बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार, इन शुभ योगों की वजह से 4 राशियों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे होने और नई सफलता मिलने के योग भी बन रहे हैं। इन राशियों को मिल सकता है फायदा इन राशियों के लोगों को धन लाभ, नई नौकरी के अवसर और परिवार में खुशियां मिलने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि ज्योतिषीय मान्यताओं को आस्था के आधार पर देखा जाता है। अधिक मास में क्या करें? धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास में किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल मिलता है। इसी वजह से इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।
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Adhik Maas

Adhik Maas 2026: भक्ति का महीना शुरू, जानें शुभ मंत्र और धार्मिक महत्व

आज से हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र और खास समय Adhik Maas 2026 (Purushottam Maas) शुरू हो गया है। इसे सामान्य भाषा में मलमास भी कहा जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कोई अशुभ समय नहीं, बल्कि भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत शुभ महीना माना जाता है। इस महीने को “पुरुषोत्तम मास” इसलिए कहा जाता है क्योंकि स्वयं भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर सम्मानित किया था। Adhik Maas 2026 क्या है और क्यों खास माना जाता है? अधिकमास हर 2–3 साल में आता है, जब चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जब किसी देवता ने इस अतिरिक्त महीने को स्वीकार नहीं किया, तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाकर इसे भक्ति और साधना का सर्वोच्च समय बना दिया। यही कारण है कि इस महीने में भौतिक कार्यों से ज्यादा आध्यात्मिक गतिविधियों को महत्व दिया जाता है। Purushottam Maas में क्या करना चाहिए (Do’s) इस पूरे महीने में किए गए अच्छे कर्म कई गुना फल देने वाले माने जाते हैं: अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए (Don’ts) इस पवित्र अवधि में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है: Adhik Maas 2026 के शक्तिशाली मंत्र इस महीने में मंत्र जप का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इससे मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 1. विष्णु मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”रोज 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। 2. महामंत्र हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरेहरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे 3. शांति मंत्र “शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्…” Adhik Maas 2026 का महत्व (Human Touch) आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में यह महीना एक तरह से “pause” लेने का मौका देता है। भागदौड़ के बीच कुछ समय अपने मन, विचार और आध्यात्म से जुड़ने का अवसर मिलता है। कई लोग इस महीने में व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ बढ़ाते हैं और अपने जीवन में सरलता लाने की कोशिश करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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वट सावित्री

वट सावित्री 2026: सुहागिन महिलाओं में दिखी आस्था, मंदिरों में उमड़ी भीड़

ज्येष्ठ अमावस्या के मौके पर शनिवार को देशभर में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों और बरगद के पेड़ों के पास सुहागिन महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा की। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना की, बरगद के पेड़ के चारों ओर धागा बांधा और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी। कई जगहों पर सामूहिक पूजा का आयोजन भी किया गया, जहां महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से व्रत किया। क्यों खास माना जाता है Vat Savitri Vrat? हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत को सुहाग और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, प्रेम और दृढ़ निश्चय से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि बरगद का पेड़ त्रिदेवों का स्वरूप होता है। इसकी जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। परिक्रमा के समय बोलें ये शुभ मंत्र बरगद के पेड़ की परिक्रमा करते समय महिलाएं इस मंत्र का जाप करती हैं— “वट वृक्ष त्वं देववृक्षः त्वं च विष्णुस्वरूपधृक्।पति आयुः प्रदेहि त्वं नमस्ते वटवृक्षाय॥” मान्यता है कि श्रद्धा से इस मंत्र का जाप करने पर वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे की जाती है वट सावित्री की पूजा बाजारों में भी दिखी रौनक वट सावित्री व्रत को लेकर पूजा सामग्री, फल, मिठाई और सजावटी सामान की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा के लिए विशेष रूप से लाल और पीले रंग की सामग्री खरीदी। कई जगहों पर बरगद के पेड़ों को फूलों और रंगोली से सजाया गया। परिवार और रिश्तों से जुड़ा त्योहार वट सावित्री व्रत सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है। बदलते दौर में भी यह पर्व भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती से जोड़कर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 21 रन का योगदान दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए। दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए और बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया। अब फाइनल पर भारत की नजर इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज कर रहा है और अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी।

Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

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