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Akshaya Tritiya 2026: मालव्य और गजकेसरी योग का शुभ संयोग, सिंह-तुला समेत कई राशियों को मिलेगा फायदा

Akshaya Tritiya 2026: मालव्य और गजकेसरी योग का शुभ संयोग, सिंह-तुला समेत कई राशियों को मिलेगा फायदा

Akshaya Tritiya 2026 इस बार बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन दो शुभ योग—Malavya Yoga और Gajakesari Yoga—का संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग सुख, समृद्धि और सफलता देने वाला माना जाता है। किन राशियों को मिलेगा खास लाभ? इस बार खास तौर पर कुछ राशियों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहने वाला है: बाकी राशियों का हाल अन्य राशियों के लिए भी यह दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। हालांकि कुछ लोगों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जा रही है। क्या करें इस दिन? क्यों खास है यह दिन? अक्षय तृतीया को ऐसा दिन माना जाता है जब किया गया शुभ काम कभी खत्म नहीं होता और उसका फल लगातार मिलता रहता है।
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Shani Nakshatra Parivartan 2026, Vaishakh Amavasya, Saturn Transit India, Lucky Zodiac Signs, Shani Gochar Rashifa

Astrology Update: वैशाख अमावस्या पर शनि का नक्षत्र परिवर्तन, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

वैशाख अमावस्या के आसपास शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 होने जा रहा है। जानें इसका असर किन राशियों पर पड़ेगा, किनकी किस्मत चमकेगी और क्या कहता है ज्योतिष। वैशाख अमावस्या के खास संयोग के बीच 2026 में शनि देव एक महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 17 अप्रैल के आसपास शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसका प्रभाव पूरे एक महीने तक रहेगा। ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता माना जाता है, इसलिए उनकी चाल में बदलाव सीधे तौर पर व्यक्ति के करियर, धन और जीवन की दिशा को प्रभावित करता है। क्या है शनि नक्षत्र परिवर्तन और क्यों है खास? वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि लगभग हर 3-4 महीने में नक्षत्र बदलते हैं, लेकिन हर बदलाव का प्रभाव अलग होता है। वैशाख अमावस्या का संयोग क्यों बना खास? वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में पितरों और पुण्य कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे समय पर शनि का नक्षत्र बदलना एक कर्म और भाग्य दोनों को प्रभावित करने वाला योग माना जा रहा है। इन 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत वृषभ (Taurus) मिथुन (Gemini) मकर (Capricorn) मीन (Pisces) किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? शनि के इस परिवर्तन का असर मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिख सकता है— शनि का संकेत – मेहनत का मिलेगा फल ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब शनि अपनी स्थिति बदलते हैं तो— जो लोग मेहनत कर रहे होते हैं, उन्हें धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। यानी यह समय “कर्म आधारित सफलता” का संकेत देता है। क्या रखें सावधानी? हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय अच्छा है, लेकिन— वैशाख अमावस्या के आसपास होने वाला शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 केवल एक ज्योतिषीय घटना नहीं, बल्कि जीवन के कई पहलुओं में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। खासकर वृषभ, मिथुन, मकर और मीन राशि वालों के लिए यह समय नए अवसर और राहत लेकर आ सकता है।
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अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया 2026 Gold नहीं, ये 1 दान दिलाएगा सुख-समृद्धि और Good Luck

अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर अच्छा काम—चाहे वो पूजा हो, दान हो या नई शुरुआत—उसका फल कभी खत्म नहीं होता। यही वजह है कि लोग इस दिन को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के मौके के रूप में देखते हैं। इस साल भी अक्षय तृतीया को लेकर लोगों में खास उत्साह है। जहां एक तरफ बाजारों में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य करने का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। क्यों खास है “Ann Daan”? प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj का कहना है कि अगर आप अक्षय तृतीया पर सिर्फ एक काम करना चाहते हैं, तो वो है अन्न दान। उनके अनुसार, जरूरतमंद को भोजन या अनाज देना सबसे बड़ा पुण्य है। उनका मानना है कि जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से गेहूं, चावल या दाल का दान करता है, उसके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। ये सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे सरल और असरदार तरीका भी है। कैसे करें ये आसान उपाय? अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न का दान करें। आप चाहें तो किसी गरीब परिवार को राशन दे सकते हैं या किसी भूखे व्यक्ति को भोजन करा सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात ये है कि दान दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया जाए—तभी उसका सही फल मिलता है। सिर्फ सोना खरीदना ही नहीं, ये भी करें अक्सर लोग अक्षय तृतीया को सिर्फ गोल्ड खरीदने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असली महत्व दान और अच्छे कर्मों में छिपा है। इस दिन: दिल से किया छोटा काम, बड़ा असर अक्षय तृतीया हमें ये सिखाती है कि छोटे-छोटे अच्छे काम भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर आप इस दिन किसी की मदद करते हैं, तो उसका असर सिर्फ सामने वाले पर ही नहीं, बल्कि आपके जीवन पर भी पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Navami

Ram Navami 2026 सही Date,शुभ मुहूर्त और Puja Samagri पूरी जानकारी

राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और भक्त इस दिन व्रत, पूजा और आरती करके भगवान की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। साल 2026 में राम नवमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ी कन्फ्यूजन है कि यह 26 मार्च को है या 27 मार्च को। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च? वर्ष 2026 में राम नवमी 26 मार्च, गुरुवार को पड़ रही है। कई लोग सोचते हैं कि 27 मार्च को मनाना चाहिए, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार जिस दिन मध्याह्न (दोपहर) में नवमी तिथि आती है, उसी दिन राम नवमी मनाई जाती है, क्योंकि भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर में हुआ था। इस कारण 26 मार्च ही मुख्य और शुभ दिन माना जाता है। Shubh Muhurat for Ram Navami 2026 राम नवमी पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय मध्याह्न होता है। इस समय भगवान श्रीराम की पूजा और अभिषेक करना सबसे शुभ माना जाता है। Ram Navami Puja Samagri List राम नवमी की पूजा में निम्न सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इन्हें पहले से तैयार करना शुभ माना जाता है: मुख्य सामग्री Ram Navami Puja Vidhi (संक्षेप में) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शैलपुत्री

चैत्र नवरात्रि 2026 Day 1 शैलपुत्री माता की आराधना, व्रत और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। यह नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का शुभ समय है। हर दिन माँ के अलग रूप की पूजा की जाती है, और पहले दिन शैलपुत्री माता की उपासना होती है। शैलपुत्री माता – पहला दिन का महत्व ‘शैलपुत्री’ का अर्थ है “पर्वत की कन्या”। माता शैलपुत्री भगवान शिव और पार्वती की पुत्री हैं। उनके वाहन बैल हैं और हाथ में त्रिशूल और कमल धारण है। शैलपुत्री माता धैर्य, साहस और मानसिक स्थिरता का प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। शैलपुत्री माता का पूजन और मंत्र व्रत और अनुष्ठान शैलपुत्री माता के दिन विशेष सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चैत्र नवरात्रि 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और व्रत नियम

जानें चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ, महत्व, व्रत नियम और पूजा विधियाँ। यह पर्व सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का समय नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीखें और महत्त्व चैत्र नवरात्रि को वसंत ऋतु में मनाया जाता है और यह नया हिंदू संवत्सर शुरू करने का प्रतीक है। नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का शुभ अवसर है। माँ दुर्गा के नौ रूप और उनके लाभ हर दिन नवरात्रि में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है, जिनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिन देवी का रूप प्रमुख गुण 1 शैलपुत्री शक्ति और मूल तत्व 2 ब्रह्मचारिणी तप और समर्पण 3 चंद्रघंटा साहस और धैर्य 4 कुश्मांडा आनंद और सृजन शक्ति 5 स्कंदमाता मातृत्व और प्रेम 6 कात्यायनी वीरता और साहस 7 कालरात्रि भय नाश 8 महागौरी पवित्रता और शांति 9 सिद्धिदात्री सिद्धि और सफलता घट स्थापना और पूजा विधि नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। घर या मंदिर में कलश स्थापित कर माँ दुर्गा के स्वागत के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है। व्रत नियम और पूजा के टिप्स इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। समाज में नवरात्रि का महत्व नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन की तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाता है। नवरात्रि का संदेश नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और आत्म-नवीनीकरण का पर्व है। माँ दुर्गा के आदर्शों — धैर्य, करुणा, वीरता और शक्ति — को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sara Ali Khan

Kedarnath-Badrinath Row Affidavit Rule पर बवाल, Sara Ali Khan बनीं चर्चा का केंद्र

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Kedarnath Temple और Badrinath Temple एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह आस्था, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने आम लोगों से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में कुछ धार्मिक संगठनों ने यह मांग उठाई कि इन प्रमुख हिंदू तीर्थों में आने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को “सनातन धर्म में आस्था” का एफिडेविट देना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक मर्यादा बनी रहेगी। यह मुद्दा तब और सुर्खियों में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Sara Ali Khan का नाम इसमें जुड़ गया। सारा पहले केदारनाथ दर्शन के लिए जा चुकी हैं, और इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आस्था बनाम अधिकार – बहस तेज इस प्रस्ताव ने समाज में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। एक तरफ कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ मान रहे हैं। Indian National Congress (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता देता है, और इस तरह की शर्तें लगाना भेदभावपूर्ण हो सकता है। क्या सच में लागू हो गया है नया नियम? अभी तक सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि इस तरह का कोई नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है। न तो सरकार और न ही मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है। फिलहाल यह सिर्फ एक मांग है, जिस पर चर्चा और विवाद जारी है। लोगों की भावना क्या कहती है? जमीन पर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि तीर्थस्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है, वहीं कई लोग कहते हैं कि आस्था दिल से जुड़ी होती है, उसे किसी कागज से साबित नहीं किया जा सकता। केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ा यह विवाद सिर्फ एक नियम या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन की तलाश है जहां परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता साथ-साथ चल सकें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या कोई ठोस फैसला सामने आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026 भारत में कितने बजे दिखा Lunar Eclipse? जानें Time, Sutak Kaal और पूरी जानकारी

3 मार्च 2026, मंगलवार — होली के रंगों के बीच आसमान में भी एक खास नज़ारा देखने को मिला। इस दिन पूर्ण Chandra Grahan 2026 यानी Lunar Eclipse लगा। देशभर में लोगों के मन में उत्सुकता थी कि भारत में यह ग्रहण कितने बजे दिखेगा और क्या “ब्लड मून” साफ दिखाई देगा। दिन में शुरू हुआ यह खगोलीय आयोजन शाम तक चर्चा का विषय बना रहा। आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरी जानकारी। Chandra Grahan 2026 Date and Time in India (IST) यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) था। पूर्ण अवस्था में चंद्रमा अक्सर लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में “Blood Moon” कहा जाता है। भारत में कब और कितना दिखा Chandra Grahan? भारत में ग्रहण का मुख्य भाग चंद्रमा के उदय से पहले ही हो चुका था। इसलिए अधिकांश शहरों में लोग केवल अंतिम चरण ही देख पाए। पूर्वोत्तर भारत में चंद्रमा थोड़ा पहले उदित हुआ, जिससे वहां ग्रहण कुछ अधिक समय तक नजर आया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 6:20 बजे से प्रभावी माना गया। कई मंदिरों के कपाट बंद रहे कैसा दिखा चंद्रमा? (Human Experience) शाम को जब लोग छतों और बालकनियों में पहुंचे, तो चंद्रमा हल्की धुंधली छाया में दिखाई दे रहा था। जिन जगहों पर आसमान साफ था, वहां चंद्रमा का रंग थोड़ा तांबई झलक लिए नजर आया। हालांकि भारत में पूर्ण “Blood Moon” का गहरा लाल रंग साफ तौर पर नहीं दिखा, फिर भी यह अनुभव खास रहा। होली की शाम को आसमान में यह दृश्य कई लोगों के लिए यादगार बन गया। Chandra Grahan 2026 का वैज्ञानिक महत्व पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Holika Dahan आज, मुहूर्त रात 12 बजे तक: जानिए पूजा विधि और होली की पौराणिक कहानी

Holika Dahan आज, मुहूर्त रात 12 बजे तक: जानिए पूजा विधि और होली की पौराणिक कहानी

आज देशभर में Holika Dahan मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ मुहूर्त रात 12 बजे तक है। इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने और अग्नि की परिक्रमा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसी के साथ रंगों के त्योहार होली की शुरुआत होती है। क्या है होलिका दहन की कहानी? पौराणिक कथा के अनुसार असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से रोकने की कई कोशिशें कीं। जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने अपनी बहन होलिका की मदद ली, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई के अंत और सच्चाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन की पूजा विधि मान्यता है कि होलिका की अग्नि में पुरानी नकारात्मक ऊर्जा जलकर खत्म हो जाती है और घर में सकारात्मकता आती है। डिजिटल दौर में होली की खास झलक अब होली का जश्न सिर्फ मोहल्लों तक सीमित नहीं रहा। लोग सोशल मीडिया पर डिजिटल इफेक्ट्स, एआर फिल्टर्स और खास फोटो एडिटिंग के जरिए होली की रंगीन यादें साझा कर रहे हैं। कई लोग होलिका दहन की लाइव स्ट्रीमिंग भी कर रहे हैं, ताकि दूर बैठे रिश्तेदार भी इस परंपरा से जुड़ सकें। सामाजिक संदेश भी देता है त्योहार होलिका दहन हमें यह सीख देता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है। साथ ही यह पर्व हमें एकजुटता, भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। इस बार होली पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, पानी की बचत करें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मकर संक्रांति

मकर संक्रांति 2026 सूर्य की नई चाल से भारत में नई उम्मीदों की शुरुआत

भारत में मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि प्राकृतिक परिवर्तन, कृषि चक्र और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मकर संक्रांति 2026 के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। यह समय ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति 2026 का खगोलीय महत्व मकर संक्रांति एकमात्र हिंदू पर्व है जो सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य की किरणों की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं और सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, जिससे जीवन में नई सक्रियता आती है। किसानों के लिए खुशहाली का पर्व भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मकर संक्रांति बेहद महत्वपूर्ण है। यह नई फसल के आगमन का समय होता है। गेहूं, धान, गन्ना और तिलहन की फसल किसानों की मेहनत का प्रतिफल होती है।इसलिए मकर संक्रांति को कृषि उत्सव भी कहा जाता है। देशभर में अलग-अलग रूप मकर संक्रांति भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। हर क्षेत्र की परंपरा अलग है, लेकिन भावना एक—सूर्य और अन्नदाता का सम्मान। पतंगों से सजा भारत का आकाश मकर संक्रांति की सबसे सुंदर पहचान है पतंगबाजी। हजारों रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में उड़कर उम्मीद, स्वतंत्रता और नई ऊँचाइयों का प्रतीक बन जाती हैं। गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में पतंग उत्सव सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम बनता है। तिल-गुड़ और सामाजिक सौहार्द इस दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ बाँटने की परंपरा है। इसका अर्थ है—“कठिन समय में भी रिश्तों में मिठास बनाए रखना।” यह पर्व समाज को जोड़ने और प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। मकर संक्रांति 2026 का संदेश जब देश डिजिटल युग और वैश्विक बदलावों की ओर बढ़ रहा है, तब मकर संक्रांति 2026 हमें अपनी जड़ों, प्रकृति और परिश्रम को न भूलने की सीख देता है। यह त्योहार सिखाता है कि असली विकास तभी संभव है जब हम परंपरा और प्रगति दोनों को साथ लेकर चलें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

LPG Price Hike: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, आम लोगों पर बढ़ा बोझ

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LPG Price Hike: देश में एक बार फिर महंगाई का असर रसोई गैस पर देखने को मिला है। घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे, जिससे आम परिवारों का बजट और बिगड़ सकता है। कितना हुआ LPG सिलेंडर महंगा? नई कीमतों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर अब पहले से ₹29 महंगा हो गया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू रसोई खर्च को प्रभावित करेगी। आम लोगों पर असर LPG के दाम बढ़ने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पहले से ही महंगाई से परेशान लोगों के लिए यह एक और झटका माना जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का फैसला तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर LPG कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी बदलाव के तहत यह नई कीमतें लागू की गई हैं। आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में LPG के दामों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
IND vs AFG Test Day-1 Highlights: भारत का दमदार प्रदर्शन, 368/3 पर खत्म हुआ पहला दिन

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IND vs AFG टेस्ट मैच के पहले दिन टीम इंडिया ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दिन के अंत तक भारत ने 3 विकेट के नुकसान पर 368 रन बना लिए हैं और मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। केएल राहुल और शुभमन गिल का शानदार शतक पहले दिन भारत की ओर से केएल राहुल और शुभमन गिल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़े। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और पारी को मजबूती दी। उनकी साझेदारी ने टीम इंडिया को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। सुदर्शन और ऋषभ पंत का अहम योगदान युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन और विकेटकीपर ऋषभ पंत ने भी शानदार अर्धशतक लगाए। दोनों ने तेज रन बनाकर स्कोर को आगे बढ़ाया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत की मजबूत शुरुआत पहले दिन भारत की शुरुआत बेहद अच्छी रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद भी टीम ने शानदार वापसी की और पूरे दिन अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। अब नजर दूसरे दिन पर भारत की कोशिश होगी कि दूसरे दिन बड़ी बढ़त हासिल की जाए और अफगानिस्तान पर मैच में पूरी तरह दबाव बनाया जाए।
Delhi Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, 21 लोगों की मौत पर बड़ा खुलासा

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Delhi के मालवीय नगर इलाके में हुए होटल अग्निकांड मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि होटल में काम करने वाले रसोइये की लापरवाही इस हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्या है पूरा मामला? यह हादसा कुछ दिन पहले उस समय हुआ जब होटल में अचानक आग लग गई। शुरुआती जांच में पता चला कि सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी थी। आग तेजी से फैली और कई लोग बाहर नहीं निकल पाए। लापरवाही की ओर इशारा पुलिस और फायर विभाग की जांच में यह बात सामने आई है कि रसोइये की ओर से बरती गई लापरवाही ने हालात को और गंभीर बना दिया। हालांकि, पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव अधिकारियों का कहना है कि इस केस में और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। लोगों में गुस्सा और दुख इस हादसे के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और हाईटेक बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बालटाल मार्ग से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक CCTV कैमरों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। अब यात्रा मार्ग के हर कदम पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन के अनुसार, यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बार तकनीक का सहारा लेकर पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटी हैं। पहाड़ी रास्तों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। सिर्फ CCTV ही नहीं, बल्कि कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की टीमें हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकल टीम, आपदा राहत दल और हेल्प सेंटर भी तैनात किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं को भरोसा और सुरक्षित माहौल देने का काम करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal Pradesh में शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह भूकंप के तीन तेज झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। लगातार आए झटकों से लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ जगहों पर दीवारें और छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे ज्यादा असर कांगड़ा और पालमपुर इलाके में देखने को मिला। पालमपुर के एक सरकारी अस्पताल की छत का हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के समय अस्पताल में मरीज और स्टाफ मौजूद थे। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहला झटका महसूस होते ही घरों में रखे सामान हिलने लगे। कई लोग डर के कारण पूरी रात घरों के बाहर खुले मैदानों और सड़कों पर बिताने को मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों में खासा डर देखने को मिला। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। जिन मकानों में दरारें आई हैं, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। भूकंप के झटकों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग लगातार प्रशासन से अपडेट ले रहे हैं और किसी बड़े नुकसान की आशंका को लेकर चिंतित हैं। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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