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खंडवा: तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, युवक 5 फीट उछलकर सड़क पर गिरा – रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट

खंडवा शहर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नवचंडी मंदिर के पास सुपर मार्केट के सामने मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार युवक करीब 5 फीट हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा और 8-9 फीट तक लुढ़कता चला गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे के पूरे दृश्य कैद हो गए। घायल युवक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, युवक आनंद नगर की ओर जा रहा था, तभी गुर्जर अस्पताल की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई और तिराहे पर दोनों की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार करीब 100 मीटर तक आगे निकल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया। बार-बार हो रहे हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं होने और मोड़ की जानकारी न होने से गाड़ियां तेज रफ्तार में आ जाती हैं। व्यवसायी रजत लाड़ ने बताया, “नगर निगम को यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर और टर्न के चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” दो महीने पहले भी हुआ था ऐसा हादसा स्थानीय लोगों ने बताया कि दो महीने पहले भी इसी मोड़ पर एक कार ने बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी और उसे इंदौर रेफर किया गया था। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मोड़ को “ब्लैक स्पॉट” घोषित कर सुरक्षित व्यवस्था करे, ताकि यहां और जिंदगियां खतरे में न पड़ें। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर: दिल में छेद वाली तीन दिन की बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई भेजा गया, स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी के दिन भी खोला ऑफिस

जबलपुर जिले के सिहोरा में जन्मी एक तीन दिन की बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। गुरुवार दोपहर बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू किया जाएगा। छुट्टी के दिन खोला गया ऑफिस, डेढ़ घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी थी, लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का ऑफिस खोला गया। अधिकारियों ने महज डेढ़ घंटे में सारे दस्तावेज़ और औपचारिकताएं पूरी कर लीं, ताकि बच्ची को तुरंत इलाज के लिए भेजा जा सके। पिता ने कहा- “भास्कर और सरकार की मदद से बची मेरी बच्ची” सिहोरा निवासी सत्येंद्र दाहिया और उनकी पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि बेटा पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बेटी के दिल में छेद है, जिसका इलाज मुंबई में संभव है।सत्येंद्र ने कहा, “दैनिक भास्कर डिजिटल और स्वास्थ्य विभाग की बदौलत मेरी बेटी को समय पर मदद मिली, इसके लिए मैं आभारी हूं।” एयर एम्बुलेंस से मुंबई रवाना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुंची। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, RBSK जिला प्रबंधक डॉ. सुभाष शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी और सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े मौजूद थे। बच्ची के मुंबई पहुंचते ही नारायणा अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया। विधायक ने जताया आभार विधायक संतोष बरकड़े ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदनशील योजनाओं की वजह से आज जरूरतमंद परिवारों को जीवनदान मिल रहा है। जैसे ही मुझे इस केस की जानकारी मिली, मैंने तुरंत कलेक्टर और सीएमएचओ से बात की और RBSK योजना के तहत बच्ची को मुंबई भेजने की व्यवस्था कराई।” सीएमएचओ बोले- संवेदनशीलता से काम किया डॉ. संजय मिश्रा ने बताया, “हमारे स्टाफ ने छुट्टी के दिन भी सेवा भावना से काम किया। सभी ने मिलकर दस्तावेज़ तैयार किए और मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस से बच्ची को सुरक्षित मुंबई रवाना किया गया।” 👉 ऐसी ही संवेदनशील और प्रेरणादायक खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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ग्वालियर में पुलिस-डकैत मुठभेड़: थाना प्रभारी महावीर परिहार घायल, योगी गुर्जर गैंग पर शिकंजा कसने की तैयारी

ग्वालियर के बेहट इलाके में गुरुवार सुबह पुलिस और योगी गुर्जर गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बेहट थाना प्रभारी महावीर परिहार गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ बेहट और हस्तिनापुर के बीच के जंगलों में हुई, जहां पुलिस का सामना गैंग के 3-4 सदस्यों से हुआ। बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बावजूद डकैत जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। 9 सितंबर को किया था गर्भवती महिला का अपहरण पुलिस के मुताबिक, यही गैंग 9 सितंबर को तिघरा थाना क्षेत्र में एक परिवार पर हमला कर गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण कर चुका है। गैंग का सरगना योगी गुर्जर पर ₹30,000 का इनाम घोषित है। जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज घटना के बाद पुलिस ने जंगल में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पांच टीमें लगातार डकैतों की तलाश में जुटी हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके की निगरानी कर रहे हैं। 22 दिन से पुलिस जंगल खंगाल रही करीब 10 साल बाद पुलिस को दो आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में एंटी डकैत स्क्वॉड बनानी पड़ी है। पिछले 22 दिनों से पुलिस चंबल के बीहड़ों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक योगी गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, योगी कभी अपनी प्रेमिका के ससुराल तो कभी उसके मायके (श्योपुर) में धमका कर पुलिस को चकमा दे रहा है। हथियारों से लैस गैंग फिर से सक्रिय लंबे समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ में अब एक बार फिर डकैतों की हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर, जो कभी कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर का साथी था, अब अपनी खुद की गैंग के साथ सक्रिय है। इस गिरोह में करीब 16 सदस्य हैं, जिनके पास पिस्टल, बंदूक और माउजर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। पुलिस के लिए बना सिरदर्द ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के इलाकों में योगी गुर्जर का आतंक फैल गया है। अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से होने के बाद से वह ‘सिरफिरा बागी डकैत’ बन गया है। पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है और उम्मीद है कि जल्द ही गैंग को पकड़ लिया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताज़ा और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिजकेसभोपाल: शाहबानो केस पर बनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाएगा हाईकोर्ट, याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को शाहबानो केस पर आधारित फिल्म ‘हक’ (Haq) की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिल्म किसी की निजता का हनन नहीं करती। साथ ही कोर्ट ने शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की रिलीज, प्रदर्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में क्या था दावा सिद्दिका बेगम ने कोर्ट में कहा था कि फिल्म मेकर्स ने उनकी अनुमति के बिना फिल्म बनाई है। उनका आरोप था कि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि दिखाई गई है, जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर सुपर्ण एस. वर्मा, जंगली पिक्चर्स, बावेजा स्टूडियोज, और CBFC के चेयरपर्सन को कानूनी नोटिस भी भेजा था। फिल्म 7 नवंबर को होगी रिलीज हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 4 नवंबर को पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है। क्या कहा याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई के दौरान सिद्दिका बेगम की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने तर्क दिया कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में ऐसे दृश्य और डायलॉग हैं जो उनकी मां शाहबानो की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई संवाद काल्पनिक हैं और वास्तविक जीवन में शाहबानो और उनके पति के बीच ऐसे संवाद कभी नहीं हुए थे। वारसी ने यह भी कहा कि फिल्म में शाहबानो के जीवन और ऐतिहासिक केस को तो दिखाया गया है, लेकिन उसमें कई बातें तोड़ी-मरोड़ी गई हैं। फिल्म में उनके परिवार के निजी अनुभव और संवेदनशील पहलू बिना अनुमति शामिल किए गए हैं। फिल्म मेकर्स का पक्ष फिल्म के निर्माता पक्ष के वकील अजय बागड़िया और हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। सभी घटनाएं सम्मानजनक और सकारात्मक दृष्टिकोण से फिल्माई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘हक’ समाज में महिला अधिकारों और न्याय की लड़ाई को दिखाने वाली फिल्म है। इस तरह हाईकोर्ट ने साफ किया कि फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी, और दर्शक तय करेंगे कि वह इसे किस नजरिए से देखते हैं। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर: ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स सप्लाई करने वाला युवक गिरफ्तार, टीन चादर की दुकान की आड़ में चल रहा था कारोबार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स की सप्लाई करता था। आरोपी टीन चादर की दुकान की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था और हर सौदे पर मोटा कमीशन कमाता था। कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को 22 ग्राम MD ड्रग्स के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उनका कनेक्शन परवेज खान नामक युवक से सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने धार निवासी परवेज को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पहले शहीम पिता सलीम खान और मोहम्मद शारिक पिता मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 3 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि परवेज खान ही जावरा से ड्रग्स लाकर सप्लाई करवाता था। पुलिस के मुताबिक, परवेज पहले ऑनलाइन पैसा अपने खाते में मंगवाता था, फिर ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। इस गिरफ्तारी से MD ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस उससे जुड़ी आगे की कड़ियां भी तलाश रही है। ढाई लाख रुपए की ब्राउन शुगर भी जब्त एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी सिलसिले में बाणगंगा और रावजी बाजार क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। दोनों से कुल ढाई लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई है। पुलिस अब इनसे भी आगे की लिंक तलाशने में जुटी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहेंwww.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में आधी रात गैंगवार: रिंकू कमरिया गैंग की ताबड़तोड़ फायरिंग, हवलदार का बेटा समेत दो घायल

ग्वालियर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को घासमंडी, कोटेश्वर रोड पर वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गैंगवार हुआ। बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने कार सवार दो दोस्तों पर करीब 15 मिनट तक 35 से ज्यादा गोलियां दागीं। इस फायरिंग में एक हवलदार का बेटा समेत दो युवक घायल हुए। वर्चस्व और पैसे की लड़ाई में चली गोलियां पुलिस के मुताबिक, शिवनगर घोसीपुरा जनकगंज निवासी विजय सिंह गौड़, जिनके पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हवलदार हैं, रविवार रात अपने दोस्तों बल्लू सरदार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घासमंडी गए थे। लौटते समय कोटेश्वर रोड पर रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक चली गोलीबारी में विजय गौड़ को पैर में तीन गोलियां और हाकिम को एक गोली लगी। घटना के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इलाके में देर रात दहशत फैल गई। 5 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद घायल विजय ने पुलिस को बताया कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद को लेकर हुआ। रिंकू कमरिया पैसे की वसूली के बाद रकम वापस नहीं कर रहा था और धमकी दे रहा था कि “पैसा मांगा तो गोली मार दूंगा।”रिंकू कमरिया ग्वालियर थाने का लिस्टेड बदमाश है, जिस पर फायरिंग, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई केस पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को हजीरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पुलिस ने रिंकू कमरिया गैंग के सभी बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह के मुताबिक, “घायल युवकों के बयान लिए जा रहे हैं। हमलावरों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।” 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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भोपाल में रंजिश के चलते युवक पर तलवार से हमला, चार हमलावर फरार – हालत गंभीर

भोपाल के बागसेवनिया इलाके में पुरानी रंजिश का खौफनाक नतीजा सामने आया। देर रात चार युवकों ने एक युवक को घेरकर उस पर तलवार और डंडों से हमला कर दिया। आरोपी युवक को अधमरी हालत में छोड़कर मौके से भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने घायल को लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवक का इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रास्ते में घेरकर किया हमला पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय रिजवान खान, निवासी पिपालिया पेंदे खां, कार धोने का काम करता है। शनिवार रात वह दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी उस्मान, साहिब, अनस और उनके साथी ने रास्ते में घेरकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले मारपीट की और फिर तलवार से रिजवान के सिर और हाथों पर कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि रिजवान खून से लथपथ सड़क पर पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रिजवान का एक आरोपी से झगड़ा हुआ था — उसी का बदला लेने यह हमला किया गया। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात में कई ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 🔗 For more such updates, visit: www.deshharpal.com
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Jaipur

Jaipur Bus Accident मजदूरों से भरी Private Bus में दौड़ा करंट

राजस्थान के Jaipur जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सोमवार सुबह मजदूरों से भरी एक Private Bus अचानक High Voltage Electric Wire की चपेट में आ गई। कुछ ही सेकंड में Bus में करंट दौड़ गया, जिससे कई मजदूर झुलस गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हादसा कैसे हुआ जानकारी के अनुसार, यह बस Jaipur से मजदूरों को लेकर पास के औद्योगिक इलाके की ओर जा रही थी। रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रहे High-Tension Electric Wire से टकरा गया। टकराते ही बस में ज़ोरदार करंट दौड़ गया और सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस के ऊपर रखे लोहे के पाइप बिजली के तार से छू गए, जिसके कारण करंट पूरे वाहन में फैल गया। Driver ने तुरंत बस रोकी, लेकिन तब तक कई मजदूर झुलस चुके थे। मौके पर अफरा-तफरी घटना के बाद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और बस में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। पुलिस, बिजली विभाग और एंबुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया गया। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। पहले भी हो चुके ऐसे हादसे Rajasthan में यह कोई पहला मामला नहीं है जब राजस्थान में बस बिजली के तार की चपेट में आई हो। इन हादसों के बावजूद कई इलाकों में बिजली के तार अब भी सड़क के बहुत पास हैं, जो किसी भी वक्त बड़ा खतरा बन सकते हैं। प्रशासन की जांच शुरू जयपुर जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है कि आखिर इतने निचले स्तर पर हाई-वोल्टेज लाइन कैसे चल रही थी। वहीं, पुलिस ने बस चालक और मालिक से पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप – लापरवाही से गया हादसा घटना के बाद लोगों में गुस्सा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने तारों की ऊंचाई नहीं बढ़ाई। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसे हादसे मजदूरों की जान लेते रहेंगे। सुरक्षा को लेकर क्या कहना है विशेषज्ञों का सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग और परिवहन विभाग दोनों को जॉइंट सेफ्टी ड्राइव चलानी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AIIMS

Bhopal AIIMS ब्रेन डेड युवक का Organ Donation बना मिसाल 5 को मिली नई जिंदगी

भोपाल के AIIMS (एम्स) अस्पताल में इंसानियत और करुणा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। एक 37 वर्षीय युवक, जो सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था, उसे डॉक्टरों ने ब्रेन डेड (Brain Dead) घोषित किया। इसके बाद उसके परिवार ने बड़ा दिल दिखाते हुए अंगदान (Organ Donation) का फैसला लिया, जिससे पाँच मरीजों को नई जिंदगी मिल गई। ब्रेन डेड के बाद भी बना ‘लाइफसेवर’ डॉक्टरों के अनुसार युवक को सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके चलते उसे AIIMS भोपाल में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया। इस बीच अंगदान टीम ने परिजनों को जागरूक किया और वे तैयार हो गए। परिवार की इस सहमति से युवक के हार्ट (Heart), दो किडनी (Kidneys) और दो कॉर्निया (Corneas) दान किए गए, जिससे पाँच मरीजों को नई उम्मीद की किरण मिली। एम्स भोपाल में तीसरा सफल Heart Transplant AIIMS भोपाल में यह तीसरा सफल हार्ट ट्रांसप्लांट (Heart Transplant) रहा। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि करीब छह घंटे चली सर्जरी पूरी तरह सफल रही। ट्रांसप्लांट के बाद अस्पताल के स्टाफ और पुलिस कर्मियों ने युवक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। Medico-Legal केस में भी दिखी संवेदनशीलता क्योंकि मामला मेडिको-लीगल (Medico-Legal Case) था, इसलिए पोस्टमॉर्टम सीधे ऑपरेशन थिएटर (OT) में किया गया। यह AIIMS भोपाल में दूसरी बार हुआ जब ब्रेन डेड मरीज का पोस्टमॉर्टम OT में किया गया हो। इस प्रक्रिया से समय की बचत और अंगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। परिजनों ने कहा – “उसका जाना बेकार नहीं जाएगा” परिजनों ने कहा, “हमारा बेटा अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसके अंग अब दूसरों की जिंदगी बनेंगे – यही उसके जाने का सुकून है।” उनके इस कदम से अस्पताल का पूरा स्टाफ भावुक हो गया। डॉक्टरों ने की अपील AIIMS भोपाल की टीम ने कहा कि अगर समाज में अधिक लोग ऑर्गन डोनेशन (Organ Donation) के लिए आगे आएं, तो हजारों मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सभी को अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा नहीं हिली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। लगातार कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद ली है। IIT इंदौर की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों से प्रतिमा और आसपास की जमीन की जांच की। टीम यह पता लगा रही है कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसके नीचे या आसपास किस तरह की संरचना मौजूद है। IIT इंदौर की टीम ने करीब दो घंटे की जांच IIT इंदौर के विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। अब विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, मंदिर के पंडित के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी। सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर किए जाने की योजना है। इसी दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। प्रतिमा हटाने के लिए नगर निगम की टीम कटर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची थी। हालांकि, भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनों या ज्यादा ताकत के इस्तेमाल से प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराने की मांग की थी। पुरातत्व विशेषज्ञ के मुताबिक 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनका कहना है कि पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था और संभव है कि खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित की गई हो। उनके मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की हो सकती है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। प्रतिमा नहीं हिली तो भक्तों ने माना भगवान का संकेत प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सोशल मीडिया तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और हिंदू संगठनों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। कई भक्त इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा को हटाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहे जाने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज से जुड़ी है धार्मिक मान्यता मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, यहां लंबे समय से छोटे बच्चों को झाड़नी देने और ताबीज बांधने की परंपरा है। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। इसके बाद परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। पुजारी के मुताबिक, इसके बाद बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ। यह पुजारी द्वारा बताई गई घटना और धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय रूप से मंदिर की प्रक्रिया का परिणाम प्रमाणित नहीं किया गया है। मुस्लिम परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं स्थानीय भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक, मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं। उनके अनुसार संतान प्राप्ति या बीमारी जैसी समस्याओं को लेकर भी लोग यहां पहुंचते हैं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने का फैसला विशेषज्ञ रिपोर्ट आने तक रोक दिया है। अब IIT इंदौर की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर MP के इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन, भोपाल में सड़क पर बैठे

भोपाल:  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। राजधानी भोपाल में डॉक्टरों का सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का असर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। कई अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हमीदिया अस्पताल में 12 बजे तक OPD बंद भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे किडनी और लिवर के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में यहां 40 से ज्यादा ऑपरेशन किए जाते हैं। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ा है। कमला पार्क के पास डॉक्टरों का प्रदर्शन भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने रास्ते को वन-वे कर दिया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि आंदोलन के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। ‘मांग पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’ इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं, डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि तेज धूप और गर्मी के कारण प्रदर्शन के दौरान काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर उन्हें कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। उन्होंने बताया कि सीनियर डॉक्टरों, साथी डॉक्टरों और भोपाल के स्थानीय लोगों की ओर से भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के लिए खाना भेजा जा रहा है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है और सरकार के साथ बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
Punjab

Punjab Employees Protest खत्म: DA, OPS समेत लंबित मांगों पर सरकार से Agreement

Punjab में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने पर सहमति बन गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही सरकारी दफ्तरों में कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है। कर्मचारी लंबे समय से DA (Dearness Allowance) की लंबित किस्तों, वेतन से जुड़े बकाये और दूसरी सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रख रहे थे। इसी को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया था। सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी सहमति हड़ताल के दौरान कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। कर्मचारियों की ओर से लगातार अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। वहीं सरकार ने भी ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया था। बातचीत के बाद सरकार की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए Show Cause Notice और कार्रवाई से जुड़े कदम वापस लेने पर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आंदोलन खत्म जरूर किया गया है, लेकिन उनकी सभी मांगों का अंतिम समाधान अभी बाकी है। इन मुद्दों को लेकर सरकार के साथ आगे भी बातचीत जारी रहेगी। DA की मांग सबसे अहम पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते यानी DA की लंबित किस्तों का भुगतान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से DA की कई किस्तें बकाया हैं, जिसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। इसके साथ ही वेतन और भत्तों के बकाये का भुगतान भी कर्मचारी संगठनों की प्राथमिक मांगों में शामिल है। कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार इन मामलों में जल्द स्पष्ट फैसला ले। Old Pension Scheme और दूसरी मांगें भी शामिल DA के अलावा कर्मचारी Old Pension Scheme (OPS), ACP योजना, वेतन विसंगतियों को दूर करने और विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भी उठा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों पर सरकार के साथ लंबे समय से चर्चा चल रही है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद उम्मीद है कि बातचीत के जरिए इन मामलों का समाधान निकलेगा। ‘No Work, No Pay’ को लेकर भी था विवाद हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से ‘No Work, No Pay’ को लेकर सख्त रुख अपनाया गया था। यानी जो कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहेंगे, उनके वेतन को लेकर कार्रवाई की जा सकती थी। इस फैसले के बाद कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद और बढ़ गया था। बाद में दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आए और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने की दिशा में सहमति बनी। अब मुख्यमंत्री से बातचीत पर नजर हड़ताल खत्म होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर सरकार के साथ होने वाली अगली बातचीत पर है। कर्मचारी संगठन DA, OPS और बाकी लंबित मांगों को मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने रखेंगे। फिलहाल आंदोलन खत्म होने से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकारी विभागों में रुका हुआ काम फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। हालांकि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर अंतिम फैसला आगामी बैठकों और सरकार के निर्णय के बाद ही साफ होगा। Punjab Employees Strike: आगे क्या? हड़ताल खत्म होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि DA की लंबित किस्तों, OPS और अन्य मांगों पर सरकार कब तक फैसला लेती है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आंदोलन खत्म करने के बाद सरकार बातचीत को आगे बढ़ाएगी और लंबे समय से लंबित मुद्दों का कोई व्यावहारिक समाधान निकलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

RTE पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 3 सप्ताह में मांगा हर स्कूल का पूरा डेटा

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन RTE से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के हर स्कूल से जुड़ा RTE का पूरा डेटा भी मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। RTE की धारा 12(1)(c) पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब सीवी भगवंत राव, विकास तिवारी समेत 13 अन्य लोगों ने RTE के क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इन मामलों पर लगातार सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि RTE अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए फिलहाल कौन सी SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू है। हर स्कूल की आरक्षित और खाली सीटों का देना होगा ब्योरा हाईकोर्ट ने सरकार को एक विस्तृत चार्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ के हर स्कूल में RTE के तहत आरक्षित कुल सीटों की संख्या बतानी होगी। इसके साथ ही सरकार को यह जानकारी भी देनी होगी कि प्रत्येक स्कूल में RTE के तहत कितने बच्चों को प्रवेश दिया गया है और कितनी सीटें अभी खाली हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह हलफनामा और जरूरी चार्ट राज्य सरकार के किसी सक्षम अधिकारी के माध्यम से तीन सप्ताह के भीतर पेश किया जाए। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित करने का अनुरोध किया। सरकार की ओर से कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि तब तक हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कर लिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से 7 दिन पहले हलफनामा दाखिल किया जाए। साथ ही इसकी एक प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। पहले ही दिन RTE मामले पर दिखाई गंभीरता चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कार्यभार संभालने के पहले दिन डिवीजन बेंच में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के साथ कई मामलों की सुनवाई की। इसी दौरान RTE से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई। स्कूली बच्चों के प्रवेश और RTE कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने विस्तृत जानकारी मांगते हुए सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले हलफनामे और स्कूलवार डेटा पर अगली सुनवाई में कोर्ट की नजर रहेगी।
Iran

Iran Missile Attack: 5 Tankers पर US Action के बाद जॉर्डन में US Base पर मिसाइल हमला

America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े पांच Oil Tankers को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास करीब 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से बने तनाव को और बढ़ा दिया है। खासकर Strait of Hormuz में बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। अमेरिका ने 5 ईरानी Oil Tankers को बनाया निशाना अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, लेकिन अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने खतरे को नाकाम कर दिया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच Oil Tankers के खिलाफ कार्रवाई की। अमेरिका का दावा है कि इन जहाजों का इस्तेमाल ईरान के IRGC और उससे जुड़े नेटवर्क के लिए आर्थिक गतिविधियों में किया जा रहा था। अमेरिकी कार्रवाई से पहले जहाजों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। ईरान का जवाब, US Military Base पर 20 मिसाइलें अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान ने देर नहीं की और जवाबी हमला किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के Al-Azraq क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 20 मिसाइलें दागी गईं। इनमें से 18 को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक लिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। Strait of Hormuz पर भी बढ़ा दबाव इस पूरे घटनाक्रम में Strait of Hormuz सबसे अहम जगह बनकर सामने आया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने यहां से गुजर रहे कई जहाजों को निशाना बनाया। हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है। दुनिया के बड़े हिस्से का Oil Supply इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो इसका असर International Oil Market पर पड़ सकता है। Crude Oil की कीमतों पर नजर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई तो Supply Chain पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर आगे चलकर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल और दूसरी पेट्रोलियम आधारित चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। Middle East में Conflict बढ़ने का खतरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। जॉर्डन और हॉर्मुज जैसे इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से पूरे Middle East में Conflict फैलने की आशंका बनी हुई है। ईरान समर्थित संगठनों की गतिविधियों ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर दुनिया की नजर रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कोई कदम उठाएंगे या फिर सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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