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MP में ‘Bhaskar Samadhan’ लॉन्च | सरकार और जनता के बीच बनेगा सेतु, भोपाल–इंदौर से होगी शुरुआत

MP में मुख्यमंत्री ने एक नई डिजिटल पहल ‘भास्कर समाधान’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं को तेजी और पारदर्शिता के साथ हल किया जा सके। यह प्लेटफॉर्म ‘भास्कर’ के सहयोग से विकसित किया गया है, जो एक माध्यम के रूप में काम करेगा और जनता की शिकायतों व सुझावों को सीधे संबंधित विभागों तक पहुंचाएगा। पहले चरण में भोपाल और इंदौर शामिल इस योजना के पहले चरण में केवल भोपाल और इंदौर के नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यहां के लोग अपनी समस्याएं ऑनलाइन पोस्ट कर सकेंगे, जिन्हें संबंधित विभागों तक भेजकर समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। क्या है ‘भास्कर समाधान’? ‘भास्कर समाधान’ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद जनता की समस्याओं को तेजी से दर्ज करना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का दावा सरकार का कहना है कि इस पहल से जनता को अपनी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समाधान प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो जाएगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल वास्तव में उनकी समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगी और सरकारी व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।
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JEE एडवांस 2026 में जिले के तीन छात्रों का चयन, जुड़वां भाई-बहन ने भी लहराया परचम

JEE एडवांस 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। जिले के तीन छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें जुड़वां भाई-बहन भी शामिल हैं। वहीं एक छात्र के पिता पीएचई विभाग में एसडीओ पद पर पदस्थ हैं। व्योम नीखरा ने हासिल की 459वीं ऑल इंडिया रैंक जानकारी के अनुसार, जिले के व्योम नीखरा, पृथ्वीश भोज और प्रियांशी भोज का चयन JEE एडवांस 2026 में हुआ है। व्योम नीखरा ने ऑल इंडिया 459वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता सुधींद्रनाथ नीखरा राघौगढ़ (गुना) में पीएचई विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले व्योम ने CBSE 12वीं परीक्षा में 94 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। व्योम समाजसेवी इंजीनियर डीएन नीखरा के भतीजे हैं। उनकी इस सफलता पर परिवार, शुभचिंतकों और सामाजिक बंधुओं ने खुशी जताते हुए बधाई दी है। जुड़वां भाई-बहन ने भी पास की परीक्षा दूसरी ओर NFL कर्मचारी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह भोज और विज्ञान शिक्षिका मंजू भोज के दोनों बच्चों ने भी JEE एडवांस परीक्षा में सफलता हासिल की है। दोनों जुड़वां भाई-बहन हैं। पृथ्वीश भोज ने ऑल इंडिया SC वर्ग में 115वीं रैंक प्राप्त की है। वहीं उनकी बहन प्रियांशी भोज ने SC वर्ग में 1424वीं रैंक हासिल की है। दोनों बच्चों की सफलता से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। सभी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सीहोर में बदला मौसम का मिजाज, तेज बारिश और हवाओं से गर्मी से मिली राहत

सीहोर जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर बाद अचानक बदला मौसम बुधवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। लोग घरों से बाहर निकलने में परेशानी महसूस कर रहे थे। हालांकि दोपहर बाद मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ बादल छाने लगे और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। बारिश से पूरे इलाके में ठंडक घुल गई और मौसम सुहावना हो गया। कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद लोगों ने राहत महसूस की। बारिश से तापमान में आई गिरावट पिछले कई दिनों से जिले में तेज गर्मी और उमस बनी हुई थी। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग परेशान थे। बुधवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम में आई ठंडक का असर लोगों के चेहरों पर भी दिखाई दिया। कई लोगों ने बारिश का आनंद लिया और गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। प्री-मानसून गतिविधियों का असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून की शुरुआत में इस तरह का बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है। दोपहर तक तेज धूप पड़ने से जमीन काफी गर्म हो गई थी। गर्म सतह के कारण हवा तेजी से ऊपर उठी, जिससे गरज-चमक वाले बादल बने और बारिश हुई। अरब सागर की नमी से बढ़ा असर विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाओं में नमी मौजूद थी। जमीन की गर्मी और वातावरण की नमी के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। इसी वजह से तेज हवाओं और बारिश का दौर शुरू हुआ। 20 जून के बाद मानसून की संभावना मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो 15 से 20 जून के बीच मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सीहोर और आसपास के क्षेत्रों में 20 से 22 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। तब तक जिले में रुक-रुक कर प्री-मानसून बारिश हो सकती है। इससे किसानों को भी फायदा मिलेगा और खेतों में नमी बढ़ेगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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खंडवा में 10 साल की मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म, रिश्तेदार ने जंगल ले जाकर किया अपराध

खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र स्थित बीड़ चौकी इलाके में 10 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची के रिश्तेदार ने ही उसे सामान दिलाने के बहाने अगवा किया और जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बच्ची को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मूंदी थाना प्रभारी राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि पीड़िता मूक-बधिर है, इसलिए उसके बयान विशेष एक्सपर्ट और महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज किए गए। बच्ची ने इशारों में अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। घर से बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी और पीड़िता दोनों आदिवासी समाज से हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपी रिश्ते में बच्ची के मामा का साला लगता है। 29 मई को बच्ची घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और किराना सामान दिलाने का इशारा कर उसे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। बाद में जब बच्ची के दादा घर पहुंचे तो वह गायब मिली। पड़ोसियों ने बताया कि एक रिश्तेदार उसे बाइक पर बैठाकर ले गया है। सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिनमें आरोपी की गतिविधियां नजर आईं। इसके आधार पर पुलिस ने चार से पांच गांवों में दबिश दी और जंगल क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया। करीब तीन दिन तक चले ऑपरेशन के बाद 31 मई को पुलिस ने बच्ची को जंगल से सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सड़क पर सियासी संग्राम: CM का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- विकास नहीं दिखता, सिर्फ विरोध करते हैं प्रदेश अध्यक्ष

सड़क पर सियासी संग्राम: CM का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- विकास नहीं दिखता, सिर्फ विरोध करते हैं प्रदेश अध्यक्ष

प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। CM ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति करने में लगा हुआ है और सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व हर मुद्दे पर सरकार का विरोध करने में व्यस्त रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्य, नई परियोजनाएं और जनता के हित में लिए जा रहे फैसले विपक्ष को दिखाई नहीं देते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष इन उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय केवल आलोचना करने में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है।
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सागर में शराब के पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग पर हमला, कंधे में चाकू घोंपकर फरार हुए बदमाश

सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग के बाएं कंधे के पास चाकू घोंप दिया, जो शरीर में ही धंस गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल बुजुर्ग कंधे में चाकू फंसे होने के बावजूद सड़क पर पैदल चलते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात की है। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या करीब पांच थी। बदमाशों ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे। जब बुजुर्ग ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने हमला कर दिया। घायल बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में सड़क पर चलते देख राहगीरों ने मदद की। लोगों ने तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित बड़ी माता मंदिर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोतीनगर पुलिस अलर्ट हो गई है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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CBI Investigation: ट्विशा शर्मा केस में 3D स्कैनिंग और डमी टेस्ट से खुलेगा मौत का रहस्य, जांच में नया मोड़

भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामला: 3D तकनीक और डमी टेस्ट से सुलझेगी गुत्थी? भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब नए और अत्याधुनिक तरीके से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल का 3D स्कैन कराया है और अब 80 किलो वजन वाली डमी के जरिए घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करने की तैयारी की है। जांच एजेंसी का मानना है कि केवल बयान और दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि घटनास्थल के वैज्ञानिक पुनर्निर्माण से भी कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। 3D स्कैनिंग से तैयार होगा पूरा घटनाक्रम CBI की टीम ने भोपाल स्थित घर का 3D स्कैन कराया है, जहां ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। इस तकनीक के जरिए घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी घर के हर कमरे, वस्तुओं की स्थिति और घटनास्थल के लेआउट का अध्ययन कर रही है ताकि किसी भी विसंगति की पहचान की जा सके। ‘टनल व्यू’ तकनीक से बनाई जा रही मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन CBI ने जांच में “टनल व्यू” नामक आधुनिक तकनीक का भी उपयोग शुरू किया है। इसके तहत CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियां, वाई-फाई लॉग और गवाहों के बयानों को जोड़कर एक डिजिटल टाइमलाइन तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना वाले दिन आखिर क्या-क्या हुआ और किस समय कौन-कौन व्यक्ति घर में मौजूद था। 80 किलो की डमी से होगा घटनाक्रम का पुनर्निर्माण CBI अब 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर उस स्थिति को दोबारा तैयार करेगी, जैसा आरोपियों ने अपने बयानों में बताया है। एजेंसी यह जांचना चाहती है कि क्या घटनास्थल पर बताए गए तरीके से शव को नीचे उतारना वास्तव में संभव था या नहीं। इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भी घटनास्थल पर ले जाया जा सकता है ताकि उनके दावों की सत्यता परखी जा सके। CBI हिरासत में आरोपी मामले में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब विशेष अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को CBI की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने संभाली जांच मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने FIR दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की और भोपाल पुलिस से सभी दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए। क्या है पूरा मामला? ट्विशा शर्मा की मई 2026 में भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप लगाए। मामला लगातार तूल पकड़ता गया और अंततः जांच CBI को सौंप दी गई।
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सागर में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट

उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी के असर से सागर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। देर रात शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और आंधी के साथ बारिश हुई। बंडा क्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम बदलने के बाद दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जबकि रात का पारा 30 डिग्री से गिरकर 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्म हवाओं और उमस से राहत महसूस हुई। शनिवार सुबह भी शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही। धूप जरूर निकली, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में उसकी तपिश कम रही। सुबह सागर का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 2 जून तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है। अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और आंधी चलने का अनुमान जताया है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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भोपाल की फैक्ट्री में भीषण आग, लकड़ी और केमिकल से रातभर धधकती रहीं लपटें

Bhopal के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शुभम एंटरप्राइजेस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी, प्लाईवुड, केमिकल और थिनर रखा था, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। नगर निगम की दमकल टीम ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि शनिवार दोपहर तक फैक्ट्री के अंदर कई जगह आग सुलगती रही। रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन आग लगने की घटना शुक्रवार-शनिवार की देर रात की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए पानी के कई टैंकर भी लगाए गए। सुबह करीब 9 बजे तक आग की बड़ी लपटों पर काबू पाया गया, लेकिन लकड़ी और केमिकल की वजह से अंदर आग लगातार सुलगती रही। फैक्ट्री में बनते हैं दरवाजे और ब्लैक बोर्ड जानकारी के मुताबिक, शुभम एंटरप्राइजेस में प्लाईवुड, लकड़ी के दरवाजे और ब्लैक बोर्ड बनाए जाते हैं। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी का सामान और ज्वलनशील केमिकल रखा था। इसी वजह से पानी डालने के बाद भी आग पूरी तरह नहीं बुझ पा रही थी। फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दो जेसीबी मशीनों की मदद से फैक्ट्री का हिस्सा तोड़ा गया। इसके बाद लकड़ी को अलग-अलग कर आग बुझाने का काम किया गया। आसपास की फैक्ट्रियों को बचाया गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री के आसपास तीन से चार अन्य फैक्ट्रियां भी मौजूद थीं। आग उन तक न पहुंचे, इसके लिए दमकलकर्मियों ने लगातार पानी डालकर आग को फैलने से रोका। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग बुझाने में करीब 100 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सागर में शिवरात्रि जुलूस में हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 महीने से था फरार

Sagar जिले के देवरी में शिवरात्रि जुलूस के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी 19 वर्षीय मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। शिव बारात में हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी को देवरी थाना क्षेत्र में शिव बारात निकाली जा रही थी। इसी दौरान जुलूस में तलवार लाने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि मयंक यादव, देव उर्फ देवरा यादव और ओम यादव ने कार्यक्रम के आयोजक अनिल उर्फ अन्ना कोष्टी पर हमला कर दिया। आयोजक पर चाकू से किया हमला हमले के दौरान मयंक यादव ने अनिल पर चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत देवरी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सागर रेफर कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही थी। मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है। शुक्रवार को लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के मुताबिक इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी ओम यादव अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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