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भाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोली

नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में भाजपा कार्यकर्ता और ढाबा संचालक सचिन राजपूत की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस सनसनीखेज हत्याकांड का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि सचिन का मुंहबोला जीजा योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध पिस्टल, बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया है। मोबाइल लोकेशन से मिला शव पुलिस के मुताबिक सचिन राजपूत महुआ गांव के पास पिपरिया रोड स्थित अपना ढाबा संचालित करता था। 17 जून की रात वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, जो रानी पिपरिया नहर क्षेत्र में मिली। रात करीब 3 बजे पुलिस ने नहर की पुलिया के पास से सचिन का खून से लथपथ शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में उसके सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज से खुली हत्या की गुत्थी जांच के दौरान पुलिस ने ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी योगेंद्र गुर्जर ढाबे पर पहुंचता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आरोपी सचिन को बाइक पर बैठाकर सुनसान इलाके की ओर ले गया। आरोप है कि नहर की पुलिया के पास पहुंचने के बाद आरोपी ने सचिन के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। चरित्र शंका बनी हत्या की वजह पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी योगेंद्र को अपनी पत्नी और सचिन के संबंधों को लेकर संदेह था। इसी शक के चलते उसने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हत्या के विरोध में हुआ चक्काजाम हत्याकांड की खबर फैलते ही सोहागपुर क्षेत्र में लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। क्षेत्र में सक्रिय था सचिन राजपूत सचिन राजपूत क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखते थे। वे सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और हर साल युवाओं के लिए विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन कराते थे। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध पिस्टल, बाइक, मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं। मामले की जांच जारी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Monsoon

Monsoon Delay in India: 8 जून से थमा मानसून, MP-UP-Rajasthan में अब 22 जून के बाद एंट्री

देशभर में मानसून (Monsoon)इस समय सुस्त पड़ गया है और करोड़ों लोग आसमान की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार 8 जून के बाद मानसून की प्रगति लगभग रुक गई है और अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश की बड़ी एंट्री 22 जून के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। देश में 37.8% कम बारिश, हालात सामान्य से नीचे मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल 1 जून से अब तक देश में सामान्य से करीब 37.8% कम बारिश दर्ज की गई है। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर खेतों, फसलों और आम जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी बढ़ रही है, नमी कम है और कई राज्यों में बारिश का लंबा इंतजार लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। क्यों रुका हुआ है मानसून? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून की रफ्तार रुकने के पीछे कई कारण हैं: इन्हीं कारणों से दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में बारिश काफी कम हो रही है। MP, UP और राजस्थान में कब होगी बारिश? IMD के मुताबिक सबसे बड़ी राहत 22 जून के बाद मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत हैं, जो मानसून को फिर से सक्रिय कर सकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो: किसानों की बढ़ती चिंता इस देरी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की बुवाई लगभग तैयार है, लेकिन बारिश न होने से काम रुक रहा है। कई किसान अब हर दिन मौसम अपडेट पर नजर रख रहे हैं और खेतों में उम्मीद के साथ तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह इंतजार अब चिंता में बदलता जा रहा है। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ब्रेक यह लगातार तीसरा साल है जब जून के मध्य में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक इसे पूरी तरह असामान्य नहीं मानते, लेकिन यह ट्रेंड चिंता जरूर बढ़ा रहा है। क्या आगे सुधरेगा मौसम? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव संभव है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम मानसून को दोबारा गति दे सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ तो जून के आखिरी सप्ताह में मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP IAS Transfer News: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 IAS अधिकारियों के तबादले

MP IAS Transfer News: मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 IAS अधिकारियों के तबादले

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए 29 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। देर रात जारी आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर संभागीय स्तर तक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे चर्चित बदलाव मुख्यमंत्री सचिवालय में हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सचिव रहे आलोक कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं, भोपाल और रीवा संभाग को नए कमिश्नर मिले हैं। सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल और रीवा को मिले नए कमिश्नर तबादला सूची के अनुसार भोपाल और रीवा संभाग में नए आयुक्तों की नियुक्ति की गई है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को गति मिलेगी। मंत्री से विवाद के बाद शाह का भी ट्रांसफर तबादला सूची में अपर आयुक्त शाह का नाम भी शामिल है। हाल के दिनों में उनका एक मंत्री के साथ विवाद चर्चा का विषय बना हुआ था। इसके बाद उनके स्थानांतरण को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी है। हालांकि आधिकारिक आदेश में तबादले का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है।
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गुना में खाद से भरा ट्रक पलटा, हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर गिरी बोरियां

गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खाद (यूरिया) से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर खाद की बोरियां गिर गईं। हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 10 बजे आनंदपुर मोइया गांव के पास आरोन-राघौगढ़ रोड पर हुई। सागर से राजस्थान की ओर जा रहा यूरिया से लदा ट्रक गांव के मोड़ पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पलट गया। हैंडपंप पर मौजूद लोगों पर गिरी बोरियां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक पलटते ही उसमें लदी खाद की बोरियां सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रही महिलाओं और पुरुषों के ऊपर गिर गईं। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग बोरियों के नीचे दब गए। 10 लोग घायल, 3 को जिला अस्पताल रेफर हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को उपचार के लिए साडा अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में प्रेमलता सहरिया, उषा सहरिया और राजकुमारी सहरिया की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद चालक फरार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक पलटने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने शुरू की जांच राघौगढ़ थाना प्रभारी अजय जाट ने बताया कि आनंदपुर मोइया गांव के मोड़ पर खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले आए सामने, प्रेमी, भतीजे और जीजा पर केस दर्ज

इंदौर में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। द्वारकापुरी और खजराना थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों मामलों में पीड़िताओं ने अलग-अलग तरह के उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। शादी का दबाव बनाने वाले प्रेमी पर केस द्वारकापुरी क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने अपने परिचित लक्की पंसोरिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवती के अनुसार दोनों एक ही कार्यस्थल पर काम करते थे और पिछले करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। पीड़िता का आरोप है कि शराब की लत के कारण उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगा। युवती ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा आत्महत्या कर उसे फंसाने की धमकी भी दी। साथ ही उसका पीछा करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। विवाहिता ने भतीजे पर लगाए आरोप खजराना क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने भतीजे राहुल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपी काफी समय से उस पर गलत नजर रखता था। शिकायत के मुताबिक कुछ दिन पहले आरोपी ने बाथरूम में झांकने की कोशिश की थी। महिला ने उसे फटकार भी लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने दोबारा आपत्तिजनक हरकत की। इसके बाद पीड़िता ने परिवार को जानकारी देकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग ने जीजा के खिलाफ दर्ज कराया मामला खजराना थाना क्षेत्र में ही 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने जीजा सोहेल के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने रास्ते में रोककर उसे जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की और अनुचित व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर SP ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान दो महिलाओं में मारपीट, परिसर में मचा हंगामा

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एसपी कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान परिसर में मौजूद दो महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़ लिए और मारपीट करने लगीं। पुलिस ने मौके पर संभाला मामला विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी और महिला पुलिस स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों महिलाओं को अलग कराया गया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी गई और दोनों को पूछताछ के लिए थाने भेजा गया। एक महिला खुद को बताती है यूट्यूबर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विवाद में शामिल महिलाओं में से एक खुद को यूट्यूबर बताती है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। महिला ने लगाए परेशान करने के आरोप सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक कैंट क्षेत्र निवासी पिंकी नामक महिला अपने पति से जुड़े मामले की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। इसी दौरान उसकी दूसरी महिला से बहस हो गई। पिंकी का आरोप है कि दूसरी महिला लंबे समय से उसे परेशान कर रही है और खुद को पत्रकार बताती है। उसने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान बच्चों के सामने गाली-गलौज की गई, विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा गया मारपीट में दोनों महिलाओं को चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पहले भी हो चुका है विवाद पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों महिलाओं के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसकी शिकायत गढ़ा थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं एक महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे पहले फोन पर धमकी दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें http://www.deshharpal.com
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गुना में खाई में गिरी स्लीपर बस, 5 गंभीर घायल: महाकाल दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं में मची चीख-पुकार

गुना जिले में नेशनल हाईवे-46 पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कानपुर से उज्जैन होते हुए रतलाम जा रही समय शताब्दी ट्रेवल्स की स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी और पेड़ों से टकरा गई। हादसे में बस चालक, हेल्पर समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 4:30 बजे बिलोनिया के पास गुना बायपास मोड़ से पहले हुआ। बस यात्रियों से भरी हुई थी। इसमें छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी सवार थे, जो उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस जैसे ही खाई में पलटी और पेड़ों से टकराई, स्लीपर सीटों पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े। अचानक हुए हादसे से बस में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों में कानपुर निवासी अतुल वाजपेयी और उनकी पत्नी अल्का वाजपेयी के अलावा रेलवे भर्ती परीक्षा देने जा रहे प्रशांत गौतम भी शामिल हैं। बस चालक राहुल मिश्रा और हेल्पर इमरान को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। अस्पताल में भर्ती चालक राहुल मिश्रा ने बताया कि बस का ऑयल अचानक निकल गया था, जिससे स्टीयरिंग जाम हो गया और बस पर नियंत्रण नहीं रहा। हादसे की वजह पर अलग-अलग दावे वहीं, कुछ यात्रियों का आरोप है कि रास्ते में ड्राइवर की शिफ्ट बदली गई थी और नए चालक को नींद का झोंका आने के कारण हादसा हुआ। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी और चालक की लापरवाही सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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मदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए

जबलपुर के तेजी से विकसित हो रहे मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार यात्री अंदर फंस गए। करीब 50 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रात में अमरकंटक एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 यात्री अपने सामान के साथ लिफ्ट में सवार हो गए। क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई और लॉक हो गई। लिफ्ट बंद होते ही अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। बच्चों और महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेशन से बुलाना पड़ा विशेषज्ञ मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य रेलवे स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। तकनीकी सुधार के बाद करीब 50 मिनट बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। ओवरलोडिंग बनी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण तकनीकी समस्या आई। घटना रात करीब 9:40 बजे से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर हर समय तकनीकी स्टाफ मौजूद रहना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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राम मंदिर दान राशि पर जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, बोले- आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाई गई दान राशि को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ योगदान दिया था, ऐसे में दान राशि को लेकर सामने आ रही खबरें गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भाजपा सनातन धर्म की ठेकेदार नहीं जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल है, जबकि सनातन धर्म हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल स्वयं को सनातन धर्म का ठेकेदार नहीं बता सकता। सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन शैली का हिस्सा है, किसी एक संगठन की संपत्ति नहीं। राम मंदिर निर्माण में सभी का योगदान पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार दान दिया था। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार ने भी मंदिर निर्माण में सहयोग राशि प्रदान की थी। उनके अनुसार यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रही है। दान राशि को लेकर उठाए सवाल जयवर्धन सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़ी दान राशि में कथित आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि यदि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। प्राण-प्रतिष्ठा का किया उल्लेख उन्होंने कहा कि जिस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में स्वयं नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे और जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं, वहां किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद या भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर विषय हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। धर्म और राजनीति को अलग रखने की बात जयवर्धन सिंह ने कहा कि धर्म और राजनीति दो अलग-अलग विषय हैं। धार्मिक आस्था का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम और अयोध्या के नाम पर राजनीति कर रही है, जो उचित नहीं है। साधु-संतों को मिले संचालन की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं से जुड़े पुराने साधु-संतों को मंदिर संचालन में प्रमुख भूमिका मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि स्थानीय संत समाज और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है। अयोध्या के चुनाव परिणामों का भी किया जिक्र उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या क्षेत्र में भाजपा को जिस प्रकार चुनावी नुकसान उठाना पड़ा, उसके पीछे स्थानीय स्तर पर असंतोष भी एक कारण माना जा सकता है। उनका दावा था कि कई संत और पुजारी मौजूदा व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं थे। भाजपा की नीतियों पर निशाना अपने बयान में जयवर्धन सिंह ने भाजपा की कार्यप्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आस्था और विश्वास कायम रह सके। नोट: राम मंदिर दान राशि को लेकर लगाए गए आरोप जयवर्धन सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस विषय पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना बाकी है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में पत्रकार से चाकू की नोक पर लूट: बंधक बनाकर खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपए

भोपाल। राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ कथित लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि घर लौट रहे पत्रकार को कुछ बदमाशों ने चाकू की नोक पर बंधक बनाकर एक कमरे में ले गए और परिचितों से ऑनलाइन पैसे मंगवाकर अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले में करीब 32 हजार रुपए की लूट होने की बात सामने आई है। लिफ्ट मांगने के बहाने रोका जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। पत्रकार अनुज मीणा अपना काम खत्म कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान निशातपुरा इलाके में एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने लिफ्ट देने से मना कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद एक अन्य युवक अचानक उनकी बाइक के सामने आ गया, जिससे उनका वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। चाकू दिखाकर कमरे में ले गए अनुज मीणा का आरोप है कि बाइक गिरते ही वहां पहले से मौजूद तीन अन्य युवक भी पहुंच गए। बदमाशों ने उनकी गर्दन पर चाकू अड़ा दिया और जबरन पास के एक कमरे में ले गए। कमरे में आरोपियों ने उनसे नकदी की मांग की। पर्याप्त रकम नहीं मिलने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और परिचितों से ऑनलाइन पैसे मंगवाने का दबाव बनाया। खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपए पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 32 हजार रुपए अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। वारदात के बाद बदमाशों ने उन्हें करीब रात 3 बजे छोड़ा। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को मिली है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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