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कोरबा: ईसाई पत्नी का जैन पति पर धर्म बदलने का दबाव डालने का आरोप, हाईकोर्ट ने 12 हजार रुपए भरण-पोषण का आदेश बरकरार रखा

कोरबा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने के बाद ईसाई धर्म की महिला ने अपने जैन पति पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि शादी के बाद पति उसे अपने साथ नहीं ले गया और ससुराल वालों ने भी उस पर जैन धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पत्नी के इनकार के बाद वह मजबूरी में अपने मायके में ही रहने लगी। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की। कोर्ट को बताया गया कि उसे कमर और सीने में गंभीर दर्द रहता है, जिसका इलाज कराने में हर माह 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं। वहीं पति एक इंजीनियर है और उसकी मासिक सैलरी करीब 85,940 रुपए है। पत्नी ने कोर्ट से हर माह 45 हजार रुपए भरण-पोषण की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने 12 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसमें उसने कहा कि पत्नी शिक्षित है और खुद का खर्च उठा सकती है। लेकिन हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पत्नी के पास आय का कोई स्रोत नहीं है, जबकि पति की आमदनी पर्याप्त है। ऐसे में पत्नी को आर्थिक सहायता देना जरूरी है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पत्नी को हर महीने 12 हजार रुपए भरण-पोषण मिल सकेगा। 👉 ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में आदिवासी विधवा से अन्याय: शादी का झांसा देकर किया रेप, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई — ज़हर खाकर दी जान देने की कोशिश

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय आदिवासी विधवा महिला ने रविवार को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि एक खेत मालिक ने उससे शादी का झांसा देकर रेप किया, और जब उसने न्याय के लिए पुलिस व अधिकारियों से शिकायत की, तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। इसी अन्याय से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। ससुराल ने निकाला, मायके में रह रही थी महिला पीड़िता ने बताया कि वह विधवा है और उसकी चार बेटियां हैं। बेटा न होने के कारण ससुराल वालों ने उसे झिरन्या क्षेत्र से निकाल दिया था। अब उसकी बेटियां सास-ससुर के पास हैं और वह खुद मायके में रह रही थी। खेत मालिक ने शादी का झांसा देकर किया रेप महिला के मुताबिक, जुलाई में वह जामला गांव के एक खेत में मजदूरी करने गई थी, जहां खेत मालिक सुखलाल भिलाला ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 15 दिन तक साथ रखा, फिर पंचायत में हुआ पैसों का सौदा सुखलाल उसे भगाकर ले गया और करीब 15 दिन तक अपने साथ रखा। जब परिजनों को पता चला, तो पंचायत बुलाई गई। वहां तय हुआ कि शादी के बदले सुखलाल 80 हजार रुपए देगा। उसने पहले 25 हजार दिए, लेकिन बाद में कहा कि “वह विधवा है, कबाड़ हो गई है।” तीन महीने तक साथ रखकर फिर भगा दिया महिला का आरोप है कि सुखलाल ने तीन महीने तक उसे पत्नी की तरह रखा और फिर यह कहकर निकाल दिया कि उसने कोई शादी नहीं की। पुलिस और प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई पीड़िता ने 24 अक्टूबर को पंधाना थाने में शिकायत की, लेकिन सिर्फ आवेदन लेकर लौटा दिया गया। 4 नवंबर को उसने जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी से भी मुलाकात की, पर कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर उठाया आत्मघाती कदम न्याय न मिलने से निराश महिला ने रविवार को ज़हर खा लिया। भाई ने समय रहते देखा और उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस बोली—मामले की जानकारी नहीं थी टीआई दिलीप देवड़ा ने कहा कि उन्हें इस आवेदन की जानकारी नहीं थी, अब कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएसपी अनिल सिंह चौहान ने कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की है तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसे और सच्चे समाचार पढ़ें: www.deshharpal.com
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कटनी f ग्रामीणों की जिद पर जीता न्याय: कलेक्टर ने ठेकेदार को दी सड़क की लीज, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

कटनी जिले की बरही तहसील के तीन गांवों — करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा — के लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। ग्रामीणों की आवाजाही रोकने वाले मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दरअसल, इन गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क को कटनी कलेक्टर ने एक ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को लीज पर दे दी थी। ठेकेदार ने उस रास्ते पर गिट्टी डंप करना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया। कलेक्टर से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ⚖️ कोर्ट ने जताई नाराजगी मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने पहले प्रशासन को सड़क खोलने के आदेश दिए, लेकिन आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खोला गया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी किया और 10 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा — “अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ है, तो यह गंभीर अवमानना का मामला है।” 🛣️ ग्रामीणों का एकमात्र रास्ता यह सड़क वर्षों से ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा रही है। लोग इसी रास्ते से तहसील और शहर तक आते-जाते थे।लेकिन 1 जुलाई 2025 को कलेक्टर ने खनिज विभाग की रिपोर्ट पर ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की करीब 65 हेक्टेयर भूमि को ठेकेदार को लीज पर दे दी। महज 300 रुपये वार्षिक किराये में यह जमीन खनन डंपिंग साइट के रूप में दे दी गई। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि “सार्वजनिक सड़क” के रूप में दर्ज है। 🧾 ग्रामीणों की याचिका बनी आधार कटनी निवासी संदीप जायसवाल ने 16 सितंबर को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।27 सितंबर और 13 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन को सड़क खोलने का आदेश दिया था।लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो 4 नवंबर को अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण जे. पवार, अक्षत अरजरिया और चिरंजीवी शर्मा ने दलील दी कि प्रशासन ने “राजनीतिक दबाव” में आकर यह निर्णय लिया। ⚠️ कोर्ट की सख्त चेतावनी कोर्ट ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनी सड़क को किसी निजी व्यक्ति या कंपनी के हित में नहीं दिया जा सकता।यदि अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगी।फिलहाल, अदालत ने सड़क पर डंपिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिली है। 📍 ग्रामीणों की एकजुटता और न्याय के प्रति भरोसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। 👉 ऐसी और जनहित से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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MP में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती के लिए आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक भरें फॉर्म

मध्यप्रदेश पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज बड़ा दिन है। सब इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार भर्ती के लिए आवेदन भरने का आज आखिरी दिन (10 नवंबर) है। उम्मीदवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। राज्य में कुल 500 पदों पर भर्ती हो रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगले साल 9 जनवरी 2026 से भोपाल, इंदौर सहित 12 शहरों में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगा। 📝 आवेदन और संशोधन की अंतिम तिथि 💰 आवेदन शुल्क (यह शुल्क केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए लागू है।) 👮 वेतनमान और योग्यता 📍 परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन, रतलाम, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा और बालाघाट सहित 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी। यह भर्ती युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार आज ही अपना आवेदन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरा करें। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
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गुना बायपास पर भीषण सड़क हादसा: उज्जैन जा रहे परिवार की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, 2 की मौत, 4 गंभीर घायल

शनिवार सुबह गुना बायपास पर RTO कार्यालय के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक परिवार की कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवार उज्जैन महाकालेश्वर दर्शन के लिए जा रहा था। उज्जैन दर्शन के रास्ते हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, शिवलाल शुक्ला अपने परिवार के साथ कार (क्रमांक UP78-EF-9805) से उज्जैन जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे वे गुना बायपास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही हाहाकार मच गया। सड़क पर एक ही लेन खुली थी, आमने-सामने की भिड़ंत बायपास पर फिलहाल सड़क का पेंचवर्क चल रहा है, जिसके कारण केवल एक लेन खुली थी। ट्रक और कार दोनों उसी रास्ते पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रक ने ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे आमने-सामने टक्कर हो गई। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। दो की मौत, चार घायल — दो को ग्वालियर रेफर हादसे में शिवलाल शुक्ला और कुंज शुक्ला (10) की मौके पर ही मौत हो गई।घायलों में स्वाति शुक्ला (25), दीपा शुक्ला, रीता शुक्ला और डेढ़ साल की मान्या शुक्ला शामिल हैं।पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दो की हालत नाजुक होने पर ग्वालियर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ट्रक चालक और दुर्घटना के सही कारणों की पड़ताल कर रही है। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
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सीहोर में मेडिकल दुकानों पर औचक जांच: 6 दुकानों से दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने जिले में मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से की गई। जांच टीम ने बकतरा और बुधनी क्षेत्र की कई दुकानों का दौरा किया। रिकॉर्ड और साफ-सफाई की जांच निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों की साफ-सफाई, दवाओं के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, एक्सपायर्ड दवाओं के रख-रखाव और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की स्थिति की बारीकी से जांच की। 6 मेडिकल दुकानों से लिए गए सैंपल टीम ने कुल 6 मेडिकल दुकानों से दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जिन दुकानों का निरीक्षण किया गया उनमें शामिल हैं –सतेंद्र मेडिकल, जीवनरक्षा मेडिकल, लक्ष्मी मेडिकल, बालाजी मेडिकल, आरके मेडिकल और पीयूष मेडिकल। प्रशासन ने बताया कि अगर जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
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इंदौर में भाजपा नेता सत्तन का मंच से तंज: ‘जो सेव-परमल पर जीते थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन ने वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से बिना किसी का नाम लिए तीखा व्यंग्य किया। सत्तन ने कहा—“जो कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं।” यह कार्यक्रम इंदौर के राजवाड़ा में हुआ था। जब सत्तन मंच पर बोल रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी सायरन बजाते हुए पहुंची। नगर अध्यक्ष ने बताया कि “कैलाश जी आ गए”, तो सत्तन मुस्कुराए और बोले—“ये भी प्रजातंत्र का गौरव है कि जो कल तक झंडा उठाकर घूमते थे, आज गाड़ी में घूम रहे हैं। उनके आने से पहले ही ‘पी-पी-पी-पी’ की आवाज हो रही है।” सत्तन ने आगे कहा—“जो लोग कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब आपके पुण्य प्रताप से राजकीय गाड़ियों में बैठकर आपके बीच आने का गौरव पा रहे हैं। ये सम्मान आपने दिया है, तालियां तो बनती हैं।” उनकी बातों पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। पुराने कार्यकर्ताओं को याद किया सत्तन ने कहा कि आज मंच पर नई पीढ़ी के नेता हैं, लेकिन बाहर वही पुराने कार्यकर्ता खड़े हैं जिन्होंने संघर्ष के दिनों में पार्टी का झंडा थामे रखा था। आज वे खड़े होकर आत्मसंतुष्टि पा रहे हैं कि उनके संघर्ष से राष्ट्रप्रेम की मशाल जल रही है।उन्होंने कहा, “भाजपा भारत माता की जय और राष्ट्र चेतना के जागरण के लिए कार्य कर रही है।” विजयवर्गीय बोले – ‘वंदे मातरम्’ देश को फिर से खड़ा करने का मंत्र कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि एक मंत्र है। यह भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि जब देश की आज़ादी के 100 साल पूरे हों, तब भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिना जाए।” भाजपा नगर अध्यक्ष बोले – ‘वंदे मातरम् एक ग्रंथ है’ भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ एक ग्रंथ है, जिसने भारत की एकता और बलिदान की भावना को जन्म दिया। इसे गाते-गाते असंख्य क्रांतिकारी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।” यह गीत आज भी भारत माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 🔸 For more such news, visit deshharpal.com
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Kranti Singh

MP की शेरनी Kranti Singh Gaur जब गांव की लड़की बनी Indian Women Team की स्टार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की गौरव बेटी क्रांति सिंह गौड़ (Kranti Singh Gaur) आज पूरे देश की प्रेरणा बन चुकी हैं। महिला वनडे World Cup 2025 में भारत को चैंपियन बनाने वाली इस तेज गेंदबाज का जब अपने गांव घुवारा (Ghuwara) में आगमन हुआ, तो पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “क्रांति जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।स्थानीय लोगों, प्रशासन और स्कूली छात्राओं ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से उनका शानदार स्वागत किया। Village से World Champion तक: Kranti Gaur की प्रेरक Journey क्रांति सिंह गौड़ का जन्म 11 अगस्त 2003 को छतरपुर जिले के घुवारा गांव में हुआ। साधारण परिवार में पली-बढ़ी क्रांति के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत थे। आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन क्रिकेट खेलने का जुनून कम नहीं हुआ। शुरुआती दिनों में न किट थी, न ग्राउंड – फिर भी उन्होंने उधार के जूतों और टूटे बल्ले से अभ्यास शुरू किया। गांव के लड़कों के साथ खेलते हुए क्रांति ने अपने खेल को निखारा और जल्द ही मध्यप्रदेश महिला क्रिकेट टीम तक पहुंच गईं। Kranti Gaur का क्रिकेट करियर और बड़ी उपलब्धि क्रांति ने घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।साल 2025 में उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया। अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में ही उन्होंने 5 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता, और इस ऐतिहासिक जीत की नायिका बनीं छतरपुर की क्रांति सिंह गौड़। छतरपुर में सम्मान और उत्सव क्रांति गौड़ के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद पूरे मध्यप्रदेश में जश्न मनाया गया।छतरपुर में जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंच पर उन्हें “छतरपुर की गौरव बेटी” कहकर सम्मानित किया गया।राज्य सरकार ने उन्हें ₹1 करोड़ रुपये का इनाम और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। Kranti Singh Gaur का भावनात्मक बयान क्रांति ने कहा — “जब मैं गांव में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी, लोग मजाक उड़ाते थे। आज वही लोग मुझे सलाम कर रहे हैं। मैं चाहती हूं कि मेरे गांव की हर बेटी अपने सपनों को पूरा करे, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।” सरकार की घोषणा: छतरपुर में बनेगा नया क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री ने कहा कि छतरपुर जिले में जल्द ही आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। प्रेरणा बनी Kranti Singh Gaur क्रांति सिंह गौड़ की कहानी मेहनत, संघर्ष और हौसले की मिसाल है।उन्होंने साबित किया है कि अगर सपनों को सच्चे दिल से जिया जाए, तो गांव की मिट्टी से भी विश्व विजेता (World Champion) बनना संभव है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में दूसरे दिन भी हेलमेट चेकिंग जारी: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हुआ हेलमेट

Bhopal में ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन शहर में जगह-जगह हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। खास बात यह रही कि अब सिर्फ बाइक चलाने वाले ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले लोगों के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना हेलमेट यात्रा करने पर अब किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। कई जगहों पर पुलिस टीमों ने सड़कों पर रुकवाकर लोगों को नियम समझाए और चालान भी काटे। कई दोपहिया सवार ऐसे मिले जिनके पास पीछे बैठे व्यक्ति के लिए हेलमेट नहीं था, उन्हें चेतावनी देकर आगे से नियम पालन करने की हिदायत दी गई। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह अभियान सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अपनी सुरक्षा को गंभीरता से लें और बाइक पर सवार हर व्यक्ति हेलमेट जरूर पहने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा: तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, युवक 5 फीट उछलकर सड़क पर गिरा – रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट

खंडवा शहर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नवचंडी मंदिर के पास सुपर मार्केट के सामने मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार युवक करीब 5 फीट हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा और 8-9 फीट तक लुढ़कता चला गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे के पूरे दृश्य कैद हो गए। घायल युवक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, युवक आनंद नगर की ओर जा रहा था, तभी गुर्जर अस्पताल की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई और तिराहे पर दोनों की भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार करीब 100 मीटर तक आगे निकल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया। बार-बार हो रहे हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं होने और मोड़ की जानकारी न होने से गाड़ियां तेज रफ्तार में आ जाती हैं। व्यवसायी रजत लाड़ ने बताया, “नगर निगम को यहां जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर और टर्न के चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” दो महीने पहले भी हुआ था ऐसा हादसा स्थानीय लोगों ने बताया कि दो महीने पहले भी इसी मोड़ पर एक कार ने बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी और उसे इंदौर रेफर किया गया था। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मोड़ को “ब्लैक स्पॉट” घोषित कर सुरक्षित व्यवस्था करे, ताकि यहां और जिंदगियां खतरे में न पड़ें। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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