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Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Outlook: अगले हफ्ते बदलेगी बाजार की चाल? Sensex-Nifty पर इन 4 Factors की रहेगी नजर

शेयर बाजार (Stock Market) में पिछले कुछ दिनों से चल रही कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हर कारोबारी दिन अब यही सवाल है कि बाजार आखिर कब पलटेगा? शुक्रवार को Sensex और Nifty ने हल्की बढ़त के साथ सप्ताह का अंत जरूर किया, लेकिन पूरे सप्ताह दोनों इंडेक्स लाल निशान में रहे। 21 अगस्त को Nifty 50 करीब 24,252 अंक पर, जबकि Sensex 77,540.83 के स्तर पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर दोनों प्रमुख इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। अब 24 अगस्त से शुरू होने वाले नए कारोबारी सप्ताह में बाजार की नजर घरेलू घटनाक्रम के साथ-साथ कई Global Factors पर रहेगी। Crude Oil: बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इन दिनों कच्चे तेल की कीमतें Dalal Street के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बनी हुई हैं। Middle East में तनाव के चलते Oil Prices में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसलिए तेल महंगा होने पर देश का Import Bill बढ़ सकता है और महंगाई को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों की लागत और बाजार के Sentiment पर भी पड़ सकता है। अगर अगले सप्ताह Crude Oil में नरमी आती है, तो शेयर बाजार को राहत मिल सकती है। वहीं तेल की कीमतें फिर तेज हुईं तो निवेशकों की मुश्किल बढ़ सकती है। Global Market का मूड भी तय करेगा दिशा भारतीय बाजार अब ग्लोबल संकेतों से अलग होकर नहीं चल सकता। अमेरिकी बाजार, Bond Yields और दुनिया के प्रमुख बाजारों में निवेशकों की Risk Appetite का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है। खासकर ऊंची US Bond Yield विदेशी निवेशकों को Emerging Markets में निवेश को लेकर सतर्क कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में Global Market Trends पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। FII-DII Flow बनेगा बड़ा संकेत विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लंबे समय से भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में अगले सप्ताह FII की खरीदारी और बिकवाली बाजार के लिए अहम संकेत होगी। अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है और घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी करते हैं, तो बाजार को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा मिल सकता है। इसके उलट FII Selling बढ़ती है तो तेजी पर दबाव बन सकता है। Nifty के Technical Levels पर रहेगी नजर Nifty फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह इंडेक्स 24,025.65 से 24,360.10 के बीच रहा और 24,252 के आसपास बंद हुआ। इससे साफ है कि बाजार अभी किसी मजबूत दिशा का इंतजार कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सत्रों में Consolidation जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को हर तेजी को Rally और हर गिरावट को Crash मानने से बचना होगा। Investors के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता? अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने की उम्मीद करना फिलहाल मुश्किल है। Crude Oil की कीमत, Middle East की स्थिति, Global Bond Yields और FII-DII Activity चार ऐसे फैक्टर हैं, जो Sensex-Nifty की दिशा बदल सकते हैं। अगर इन मोर्चों पर माहौल सुधरता है तो बाजार में Recovery देखने को मिल सकती है। वहीं किसी बड़े Negative Global Trigger की स्थिति में बिकवाली फिर लौट सकती है। यानी फिलहाल Dalal Street पर जल्दबाजी के बजाय धैर्य जरूरी है। आने वाले सप्ताह में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि बाजार किस दिशा में Breakout देता है और उसके पीछे कितनी मजबूती दिखाई देती है।
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Sensex

Sensex-Nifty में गिरावट: 250 अंक टूटा सेंसेक्स, Banking और IT Stocks में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत निवेशकों के लिए कुछ मायूस करने वाली रही। Sensex करीब 250 अंक फिसलकर 77,700 के आसपास आ गया, वहीं Nifty भी करीब 100 अंक नीचे कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव Banking और IT Stocks में देखने को मिला। सुबह के कारोबार में बिकवाली बढ़ने के साथ ही निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि बाजार दिन के अंत तक इस कमजोरी से कितना उबर पाता है। पिछले कुछ सत्रों से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, ऐसे में छोटी सी खबर भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। Banking और IT शेयरों में क्यों बढ़ी बिकवाली? गुरुवार को बाजार की कमजोरी में बैंकिंग और IT सेक्टर की अहम भूमिका रही। IT कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा माहौल में निवेशक नए दांव लगाने से पहले ग्लोबल संकेतों और कंपनियों से जुड़े अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार रहा कमजोर बुधवार का कारोबारी सत्र भी भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा था। Sensex 188 अंक की गिरावट के साथ 77,966.35 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 36 अंक टूटकर 24,435.95 के स्तर पर रहा। IT Stocks में कमजोरी खास तौर पर नजर आई। TCS के शेयर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई थी। इससे IT इंडेक्स का प्रदर्शन प्रभावित हुआ और बाजार का मूड कमजोर बना रहा। Global Market से मिले-जुले संकेत घरेलू बाजार के अलावा विदेशी बाजारों के संकेत भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और Federal Reserve की संभावित ब्याज दरों को लेकर बाजार की नजर बनी हुई है। वहीं, Middle East में तनाव और Crude Oil की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय है। कच्चा तेल महंगा होने पर भारत के आयात बिल और महंगाई पर असर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक इस मोर्चे पर भी सतर्क हैं। Tata Group के शेयरों पर भी नजर इन सबके बीच Tata Group Stocks भी बाजार की निगाह में हैं। Tata Sons से जुड़े घटनाक्रम के बाद समूह की कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिली है। निवेशक अब कंपनियों के अगले कदम और इससे जुड़े संभावित असर को समझने की कोशिश कर रहे हैं। आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? फिलहाल बाजार में साफ तेजी के बजाय volatility यानी उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। अगर ग्लोबल संकेतों में सुधार आता है और Banking तथा IT Stocks में खरीदारी लौटती है तो बाजार को सहारा मिल सकता है। वहीं Crude Oil और Geopolitical Tension बढ़ने पर दबाव दोबारा मजबूत हो सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि बाजार की हर छोटी गिरावट या तेजी को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और व्यापक बाजार संकेतों पर नजर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market Crash: Crude Oil से Global Tension तक, क्यों लाल हुआ बाजार?

बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) खुलते ही माहौल कुछ ऐसा रहा कि निवेशकों की नजरें स्क्रीन पर टिक गईं। Sensex करीब 600 अंक तक फिसल गया, वहीं Nifty 50 में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से बाजार का कुल मार्केट कैप भी घटा और निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2 लाख करोड़ तक की कमी आने की बात सामने आई। आखिर बाजार में अचानक इतनी गिरावट क्यों आई? इसके पीछे घरेलू के साथ-साथ कई Global Factors भी जिम्मेदार माने जा रहे हैं। Crude Oil ने बढ़ाई Market की चिंता शेयर बाजार की गिरावट में सबसे अहम वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने से भारत के लिए आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर रुपये और महंगाई पर पड़ने की आशंका रहती है। महंगा तेल कंपनियों की लागत भी बढ़ा सकता है। यही वजह है कि Crude Oil में तेजी आते ही बाजार में अक्सर सावधानी बढ़ जाती है। Middle East Tension का असर मध्य पूर्व में तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। खासकर तेल की सप्लाई और Strait of Hormuz से जुड़े घटनाक्रम पर दुनियाभर के बाजारों की नजर है। अगर तनाव लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आने का खतरा बना रहता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह अच्छी खबर नहीं मानी जाती। Global Market से भी नहीं मिला मजबूत Support भारतीय शेयर बाजार अकेले नहीं चलता। दुनिया के बड़े बाजारों में होने वाली हलचल का असर यहां भी दिखाई देता है। अमेरिका समेत प्रमुख बाजारों में आर्थिक नीतियों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क रखा। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक जोखिम कम करने के लिए बिकवाली कर सकते हैं, जिससे घरेलू बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनता है। Inflation Data पर Investors की नजर महंगाई के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि Inflation का अगला रुख ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को किस तरह प्रभावित करेगा। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर शेयरों में Volatility बढ़ना स्वाभाविक है। कौन-कौन से Sector दबाव में रहे? बाजार में गिरावट का असर कई सेक्टर्स पर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बड़ी संख्या में सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। हालांकि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों, खासकर Metal और PSU Bank Stocks, में खरीदारी भी देखने को मिली। इससे साफ है कि निवेशक पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं निकल रहे, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में ज्यादा सावधानी से पैसा लगा रहे हैं। क्या Investors को घबराने की जरूरत है? Sensex में 600 अंकों की गिरावट निश्चित रूप से बड़ी नजर आती है, लेकिन सिर्फ एक दिन की कमजोरी को देखकर इसे बड़ी Market Crash की शुरुआत मानना सही नहीं होगा। फिलहाल बाजार की नजर Crude Oil Prices, Middle East Tension, Global Cues और Inflation Data पर है। इन मोर्चों पर हालात सुधरते हैं तो बाजार में तेजी से रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव में और बढ़ोतरी बाजार की परेशानी बढ़ा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BSE

BSE को मिली Nifty 50 में जगह, Wipro बाहर; जानें 30 सितंबर से क्या बदलेगा

भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े benchmark index Nifty 50 में जल्द ही बड़ा बदलाव होने वाला है। NSE Indices की छमाही समीक्षा में BSE Ltd. को Nifty 50 में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही दिग्गज IT कंपनी Wipro Ltd. अब इस प्रमुख इंडेक्स का हिस्सा नहीं रहेगी। यह बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू होगा। यानी 29 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद Nifty 50 की नई तस्वीर सामने आएगी। BSE को क्यों मिली Nifty 50 में जगह? NSE Indices के मुताबिक BSE का 6 महीने का औसत free-float market capitalisation करीब ₹1.41 लाख करोड़ रहा। वहीं Nifty 50 की सबसे छोटी मौजूदा कंपनी Wipro का औसत free-float market cap करीब ₹55,930 करोड़ था। इंडेक्स में शामिल होने के नियमों के मुताबिक BSE का औसत free-float market cap Wipro के मुकाबले जरूरी स्तर से काफी ऊपर रहा। इसी आधार पर BSE को Nifty 50 में जगह मिली है। सीधी भाषा में कहें तो बाजार में BSE का बढ़ता आकार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी अब उसे Nifty 50 की शीर्ष कंपनियों की सूची तक ले आई है। Wipro की Nifty 50 से होगी Exit इस बदलाव का दूसरा बड़ा पहलू Wipro का Nifty 50 से बाहर होना है। कंपनी लंबे समय से इस benchmark index का हिस्सा रही है, लेकिन अब इसका free-float market capitalisation इंडेक्स की मौजूदा जरूरत के मुकाबले कम हो गया है। Wipro को Nifty 50 से हटाकर Nifty Next 50 में शामिल किया जाएगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी के कारोबार पर कोई सीधा फैसला हो गया है। यह मुख्य रूप से इंडेक्स के तय नियमों और बाजार पूंजीकरण से जुड़ा बदलाव है। 30 सितंबर से लागू होगा नया बदलाव NSE Indices ने साफ किया है कि बदलाव 29 सितंबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद प्रभावी होंगे। इसके बाद 30 सितंबर से Nifty 50 में BSE की जगह पक्की हो जाएगी और Wipro बाहर होगी। यह बदलाव सिर्फ इंडेक्स की सूची तक सीमित नहीं है। Nifty 50 को ट्रैक करने वाले कई passive funds और ETFs को भी अपनी holdings में बदलाव करना पड़ सकता है। इसी वजह से बदलाव की तारीख के आसपास संबंधित शेयरों में खरीद-बिक्री बढ़ सकती है। BSE Share में क्यों बढ़ी हलचल? BSE के Nifty 50 में शामिल होने की खबर बाजार के लिए काफी अहम रही। Reuters के अनुसार घोषणा के बाद BSE के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखने को मिली, जबकि Wipro के शेयर में करीब 1.1 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि, शेयर बाजार में किसी कंपनी के इंडेक्स में शामिल होने या बाहर होने को देखकर अकेले निवेश का फैसला करना ठीक नहीं है। शेयर की कीमत पर कंपनी के नतीजे, valuation, बाजार की स्थिति और कई दूसरे factors भी असर डालते हैं। Nifty 50 के लिए क्या बदलेगा? Nifty 50 को भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख benchmark माना जाता है। इसमें देश की बड़ी और प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं। समय-समय पर NSE Indices इसकी समीक्षा करता है, ताकि इंडेक्स बदलती market conditions को बेहतर तरीके से दर्शा सके। BSE की entry इसी बदलती तस्वीर की एक मिसाल है। एक तरफ stock exchange कारोबार से जुड़ी कंपनी का बाजार में बढ़ता महत्व नजर आ रहा है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से Nifty 50 में मौजूद Wipro को अब Next 50 में जाना होगा। निवेशकों की नजर अब सितंबर के बदलाव पर फिलहाल बाजार की नजर 30 सितंबर 2026 पर है। उस दिन से Nifty 50 में BSE की नई पारी शुरू होगी और Wipro की benchmark index से विदाई हो जाएगी। यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में बदलते market dynamics की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में निवेशक BSE और Wipro दोनों के शेयरों में होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ Nifty 50 में होने वाले दूसरे बदलावों पर भी नजर रखेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Stock Market

Indian Stock Market में तेजी: Banking और Energy Shares के दम पर Sensex-Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में आज खरीदारी का माहौल देखने को मिला। मजबूत बैंकिंग और Energy सेक्टर के प्रदर्शन के चलते घरेलू बाजार हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 250 अंक की बढ़त के साथ 78,850 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty ने भी मामूली तेजी दर्ज करते हुए 24,650 के आसपास कारोबार किया। Banking और Energy Stocks में दिखी मजबूत खरीदारी बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में आई खरीदारी रही। निवेशकों ने इन सेक्टरों के प्रमुख शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे बाजार के प्रमुख इंडेक्स को मजबूती मिली। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, वहीं Energy Stocks में मजबूती ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को फायदा मिला। Investors की नजर Global Market और Economic Data पर मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और नए आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। निवेशक अब कंपनियों के प्रदर्शन, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को किसी भी बड़े फैसले से पहले बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और कंपनियों के फंडामेंटल्स को ध्यान में रखना चाहिए। Market Outlook: आगे कैसी रह सकती है चाल? फिलहाल बैंकिंग और Energy सेक्टर में मजबूती ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। अगर घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत जारी रहते हैं, तो बाजार में आगे भी चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, आज के कारोबारी सत्र में Banking और Energy Stocks की तेजी ने Stock Market को मजबूती दी और Sensex-Nifty बढ़त के साथ बंद होने की दिशा में आगे बढ़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, Nifty 50 कमजोर; Realty और Auto Sector में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में बुधवार को कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। Sensex करीब 100 अंक चढ़कर 78,550 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 50 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में जहां कुछ प्रमुख शेयरों पर दबाव रहा, वहीं Realty और Auto सेक्टर के Stocks में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। Realty और Auto Stocks बने बाजार की पसंद बुधवार के कारोबार में Realty और Auto सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। दोनों सेक्टर के कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी कंपनियों में आई मजबूती से संकेत मिलता है कि निवेशक इस सेक्टर के चुनिंदा Stocks को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, Auto सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल रहा। बाजार की मौजूदा चाल में इन दोनों सेक्टर्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। Sensex ने दिखाई मजबूती, Nifty में गिरावट कारोबार के दौरान Sensex करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 78,550 के आसपास पहुंचा। हालांकि, Nifty 50 में लगभग 50 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। यानी बाजार में फिलहाल एकतरफा तेजी या गिरावट के बजाय मिला-जुला रुख बना हुआ है। इस तरह की स्थिति में निवेशक पूरे बाजार के बजाय खास सेक्टर और चुनिंदा कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बुधवार को भी यही तस्वीर दिखाई दी, जहां Realty और Auto Stocks में खरीदारी ने बाजार की हलचल बढ़ाई। Investors की नजर आगे के संकेतों पर बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों की नजर अब घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे, आर्थिक आंकड़े और विदेशी बाजारों की चाल भी भारतीय शेयर बाजार पर असर डाल सकती है। फिलहाल Sensex की बढ़त और Nifty की कमजोरी से बाजार में सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। हालांकि Realty और Auto Stocks में खरीदारी यह बताती है कि निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में मौके तलाश रहे हैं। Market में आगे क्या रहेगा फोकस? आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन, ग्लोबल मार्केट के संकेत और निवेशकों के सेंटीमेंट पर रहेगी। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी की आगे की चाल के साथ-साथ सेक्टरवार प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex Today: 76,900 के स्तर पर कारोबार, Nifty भी मजबूत; निवेशकों का बढ़ा भरोसा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। Sensex करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया, वहीं Nifty में भी लगभग 100 अंकों की मजबूती दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी के पीछे IT और FMCG सेक्टर के शेयरों में बढ़ी खरीदारी अहम वजह रही। शुरुआती कारोबार से ही निवेशकों का रुझान मजबूत शेयरों की तरफ दिखाई दिया। खासकर बड़ी आईटी कंपनियों और कंज्यूमर सेक्टर के स्टॉक्स में खरीदारी बढ़ने से बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा। लंबे समय बाद बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों के चेहरे पर भी राहत दिखाई। IT Stocks में तेजी से बाजार को मिला सपोर्ट आज के कारोबार में IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने टेक्नोलॉजी कंपनियों के स्टॉक्स में भरोसा दिखाया। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों और आईटी सेक्टर की बेहतर संभावनाओं के चलते इस क्षेत्र में गतिविधियां तेज रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग आने वाले समय में आईटी कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकती है। FMCG Sector में भी दिखा पॉजिटिव ट्रेंड IT के अलावा FMCG Stocks में भी तेजी का माहौल रहा। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने रुचि दिखाई। घरेलू खपत में सुधार की उम्मीद और ग्रामीण बाजार से बेहतर संकेतों ने FMCG सेक्टर को मजबूती दी। आज किन सेक्टर्स पर रही निवेशकों की नजर? Global Market और Economic Data पर रहेगी नजर शेयर बाजार की आगे की दिशा वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों पर फोकस करना चाहिए। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार में तेजी के बावजूद उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। ऊंचे स्तरों पर कुछ निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, लेकिन मजबूत सेक्टरों में धीरे-धीरे निवेश का नजरिया बेहतर माना जा रहा है। कुल मिलाकर, आज के कारोबार में Sensex और Nifty ने मजबूती दिखाई। IT और FMCG शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और कंपनियों के प्रदर्शन बाजार की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Market Update Today: शेयर बाजार में शानदार उछाल, Sensex 600+ अंक बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। हफ्ते के कारोबारी सत्र में Sensex और Nifty ने मजबूत शुरुआत की, जिसके चलते बाजार में पॉजिटिव माहौल बना रहा। BSE Sensex 600 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,700 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि Nifty 50 में करीब 200 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण IT और FMCG सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी रही। निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में भरोसा दिखाया, जिससे प्रमुख इंडेक्स को मजबूती मिली। IT और FMCG Stocks में बढ़ी खरीदारी, बाजार को मिला सपोर्ट आज के कारोबार में IT Stocks निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। टेक कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और वैश्विक संकेतों के चलते इस सेक्टर में खरीदारी बढ़ी। दूसरी ओर, FMCG सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली, क्योंकि घरेलू खपत और मांग में सुधार की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। Sensex-Nifty की तेजी से निवेशकों का बढ़ा भरोसा शेयर बाजार में तेजी आने से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स में 600 से ज्यादा अंकों की बढ़त और निफ्टी में 200 अंकों की मजबूती ने बाजार की धारणा को बेहतर किया। आज के कारोबार में कई प्रमुख सेक्टर हरे निशान में नजर आए। बैंकिंग, IT, FMCG और कंज्यूमर आधारित कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। Market में तेजी के पीछे क्या रहे कारण? शेयर बाजार की तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे: आगे कैसी रह सकती है Stock Market की चाल? एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। हालांकि मौजूदा तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। अगर खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Market Down Today: Sensex 700 Points टूटा, Nifty 23,646 पर आया; Oil Price Rise से बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। Stock Market में आई इस कमजोरी के चलते BSE Sensex करीब 700 अंक गिरकर 75,613 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,646 के स्तर पर आ गया। बाजार में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, बढ़ती महंगाई की आशंका और Crude Oil Price के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। Crude Oil Price Rise से बाजार पर बढ़ा दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। Crude Oil के 100 डॉलर के पार जाने से भारत की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात के जरिए पूरा करता है। महंगे कच्चे तेल का असर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने बाजार में सतर्क रुख अपनाया और जमकर बिकवाली की। Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट, निवेशकों को नुकसान शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स के कई प्रमुख शेयर दबाव में नजर आए। बैंकिंग, IT, ऑटो और अन्य बड़े सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली की, जिसके कारण शुरुआती कारोबार के बाद गिरावट और बढ़ती चली गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। Global Market Weakness का भारतीय बाजार पर असर भारतीय शेयर बाजार सिर्फ घरेलू घटनाओं से नहीं बल्कि दुनिया भर के बाजारों की चाल से भी प्रभावित होता है। अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अगर विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली करते हैं तो बाजार पर दबाव बना रह सकता है। आगे कैसी रह सकती है Stock Market की चाल? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में Crude Oil Price, Global Market Trend और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी। हालांकि बाजार में गिरावट के दौरान लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे शेयरों में अवसर भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और बाजार की स्थिति को समझकर निवेश करें। फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा इन संकेतों पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।

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