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Russia

Russia-Ukraine War रोकने के लिए Trump ने India पर लगाए Sanctions, 50% Tax लागू

अमेरिका और भारत के बीच रिश्ते अब तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत पर बड़ा Economic Sanction लगाया है। इसके तहत भारतीय सामान पर कुल 50% Tariff (टैक्स) लगाया गया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम भारत को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि Russia पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है ताकि वह जल्द से जल्द Ukraine War खत्म करे। 50% Tariff का पूरा प्लान India पर Profiteering का आरोप अमेरिका के Treasury Secretary Scott Bessent ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह Russia से सस्ता Crude Oil खरीदकर उसे महंगे दामों पर यूरोप व अन्य देशों को बेच रहा है। White House का बयान व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी Karoline Leavitt ने कहा कि: “यह कदम भारत को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि रूस पर सेकेंडरी प्रेशर डालने के लिए उठाया गया है।” उनका कहना है कि Russia को आर्थिक रूप से कमजोर करके ही उसे Ukraine War खत्म करने पर मजबूर किया जा सकता है। India-US Relations पर असर इन Sanctions के बाद अमेरिका-भारत रिश्तों में खिंचाव साफ दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Zelensky

US Support Ukraine: Trump-Zelensky Summit में सुरक्षा और सैन्य सहायता की घोषणा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 अगस्त 2025 को White House में यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky और प्रमुख यूरोपीय नेताओं के साथ एक ऐतिहासिक summit आयोजित किया। इसका उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करना था। यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और सैन्य सहायता (Ukraine Security & Military Support) राष्ट्रपति ट्रंप ने US support की पुष्टि की। राष्ट्रपति Zelensky ने बताया कि अगले 10 दिनों में security guarantees को formalize किया जाएगा। इसमें अमेरिका से लगभग $90 billion की सैन्य सहायता शामिल होगी, जैसे विमान और air defense systems। पुतिन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की योजना (Trilateral Meeting with Putin) ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ phone call के जरिए एक trilateral meeting की योजना बनाई। इस बैठक में ट्रंप, Zelensky और पुतिन शामिल होंगे, जो यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है। यूरोपीय नेताओं का समर्थन (European Leaders Support Ukraine) फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz, और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने यूक्रेन के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम ceasefire के बिना सार्थक वार्ता संभव नहीं है और रूस को कोई क्षेत्रीय रियायत नहीं दी जानी चाहिए। मानवीय मुद्दों पर चर्चा (Humanitarian Issues Highlighted) पहली महिला Melania Trump ने रूस द्वारा अपहृत यूक्रेनी बच्चों के मामले को उठाया। यह मुद्दा बैठक में गंभीर रूप से चर्चा का विषय बना और रूस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Putin

Donald Trump–Putin Alaska Summit : Melania Trump का Secret Letter बना चर्चा का विषय

अमेरिका-रूस (America-Russia) अलास्का समिट में एक ऐसा अनोखा पल देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin को अमेरिका की फर्स्ट लेडी Melania Trump का एक Secret Letter सौंपा। यह पत्र किसी राजनीतिक समझौते पर नहीं, बल्कि War Victims और Innocent Children पर आधारित था। मेलानिया ने अपने भावुक संदेश में लिखा कि युद्ध ने बच्चों की मासूम हंसी और खुशियां छीन ली हैं। अब समय आ गया है कि उनकी मासूमियत को बचाया जाए और उनके जीवन में फिर से मुस्कान लौटाई जाए। House of Cards जैसा पल पत्र सौंपने के बाद Putin ने इसे निजी तौर पर पढ़ने की बजाय Delegations के सामने जोर से पढ़ा, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। यह दृश्य बिल्कुल House of Cards सीरीज़ के उस डिप्लोमैटिक सीन जैसा लगा, जहां एक पत्र पूरी कूटनीति का रुख बदल देता है। Ukraine का अप्रत्यक्ष जिक्र पत्र में सीधे तौर पर Ukraine का नाम नहीं था, लेकिन उसमें जिन Children का उल्लेख किया गया, वे यूक्रेन युद्ध से प्रभावित बच्चे ही समझे जा रहे हैं। इस कदम की सराहना करते हुए Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy और विदेश मंत्री ने कहा कि यह “Humanity का सच्चा संदेश” है। International Reactions यह Secret Letter पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। विश्लेषकों का मानना है कि मेलानिया ट्रंप का यह भावुक कदम Soft Diplomacy का हिस्सा है। आमतौर पर जहां समिट्स कड़े शब्दों और रणनीतिक समझौतों पर केंद्रित होती हैं, वहीं यह पत्र मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में लेकर आया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Alaska

Alaska Summit 2025 Trump ने Putin को दी चेतावनी, Ukraine War पर बड़ा फैसला संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) खत्म करने पर सहमति नहीं बनी, तो रूस को “Very Serious Consequences” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ट्रंप ने 13 अगस्त 2025 को वॉशिंगटन स्थित Kennedy Center में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दिया। दोनों नेताओं की बहुप्रतीक्षित मुलाकात 15 अगस्त 2025 को अमेरिका के Alaska में होगी। यह पहला अवसर होगा जब ट्रंप और पुतिन की बैठक अमेरिकी धरती पर होगी। Trump का सख्त Message ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “अगर शुक्रवार की हमारी बैठक के बाद पुतिन युद्ध खत्म करने के लिए तैयार नहीं होते, तो उन्हें बेहद गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा।” हालांकि ट्रंप ने यह खुलासा नहीं किया कि ये गंभीर परिणाम (Serious Consequences) किस रूप में होंगे—आर्थिक प्रतिबंध, सैन्य दबाव या कूटनीतिक अलगाव। Zelensky से भी संभावित Trilateral Meeting ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर अलास्का समिट का नतीजा सकारात्मक रहा, तो वह यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky के साथ एक Trilateral Meeting कर सकते हैं। इसका उद्देश्य युद्धविराम और शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा। International Reaction ट्रंप की इस चेतावनी पर दुनियाभर में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। Alaska Summit क्यों है Crucial? 2022 से जारी यूक्रेन युद्ध ने लाखों लोगों को विस्थापित किया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। अलास्का समिट न सिर्फ अमेरिका-रूस संबंधों में नया मोड़ ला सकती है, बल्कि यूक्रेन युद्ध के अंत की संभावनाओं को भी मजबूत कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Washington DC

Washington DC Police पर Trump का Control Crime कम, Politics ज़्यादा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने Washington DC में कानून-व्यवस्था को काबू करने के नाम पर बड़ा और विवादित कदम उठाया है। उन्होंने शहर की पुलिस का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और 800 नेशनल गार्ड (National Guard) जवानों की तैनाती का आदेश दिया है। यह फैसला Home Rule Act 1973 के तहत लिया गया है, जो संघीय सरकार को डीसी की स्थानीय सरकार में सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है। Crime Rate में गिरावट के बावजूद Crackdown आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के पहले सात महीनों में Washington DC में हिंसक अपराध (Violent Crime) में करीब 26% की गिरावट दर्ज हुई है। कई दशकों में अपराध दर अपने न्यूनतम स्तर के करीब है। इसके बावजूद ट्रंप ने शहर को “खतरनाक”, “अराजक” और “गैंग हिंसा से ग्रस्त” बताते हुए यह कार्रवाई ज़रूरी बताई। पुराने Racist Crime Narratives की गूंज विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की बयानबाजी और कदम दशकों पुराने उन Racist Crime Narratives की याद दिलाते हैं, जिनमें अश्वेत आबादी वाले शहरों को “कानूनहीन” और “रेस्क्यू की ज़रूरत” वाला बताया जाता था। आलोचकों का आरोप है कि यह रणनीति न सिर्फ DC बल्कि शिकागो, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस और ओकलैंड जैसे Black-led Cities को टारगेट करने का हिस्सा है। Political और Constitutional विवाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं (Civil Rights Leaders), डेमोक्रेटिक मेयरों और विपक्षी दलों ने इस कदम को “राजनीतिक हथकंडा” और “लोकल ऑटोनॉमी पर हमला” बताया है। उनका कहना है कि संघीय हस्तक्षेप लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करता है और यह शहरी शासन (Urban Governance) के सैन्यीकरण का खतरनाक उदाहरण हो सकता है। चुनावी रणनीति का हिस्सा? कई मीडिया रिपोर्ट्स और एडिटोरियल्स में दावा किया गया है कि यह कदम आने वाले US Elections 2025 से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण (Political Polarization) बढ़ाने की कोशिश है। चूंकि अपराध दर कम है, इसलिए इसे सिर्फ “Power Show” और “Law and Order Politics” का उदाहरण बताया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan ने Indian Diplomats के घरों में गैस-पानी की सप्लाई रोकी, India ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

भारत और Pakistan के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission और भारतीय राजनयिकों के घरों में गैस, मिनरल वाटर और अख़बार की सप्लाई रोक दी है। स्थानीय सप्लायर्स को आदेश दिया गया है कि वे भारतीय राजनयिकों को gas cylinders, पानी या newspaper न दें। सूत्रों के मुताबिक, Pakistan की सरकारी गैस कंपनी SNGPL ने पाइपलाइन होने के बावजूद गैस सप्लाई जानबूझकर बंद कर दी। साथ ही, mineral water delivery और अख़बार वितरण भी रोक दिया गया है। यह कदम भारत के “Operation Sindoor” और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत के सख्त रुख के बाद उठाया गया retaliation माना जा रहा है। Vienna Convention का उल्लंघन भारत के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह Vienna Convention on Diplomatic Relations का उल्लंघन है। इस कन्वेंशन के तहत किसी भी देश पर यह ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपने यहां मौजूद विदेशी मिशनों को जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करे। India की जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान के इस कदम के बाद भारत ने Pakistani diplomats के घरों में अख़बार सप्लाई रोक दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आगे और reciprocal measures पर विचार कर रहा है। पृष्ठभूमि – क्यों बढ़ा तनाव? दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। 2025 के पहलगाम आतंकी हमले, भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबन और “Operation Sindoor” के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अब आवश्यक सेवाओं को रोकना कूटनीतिक रिश्तों में और खटास पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है। अगर यह टकराव जल्द नहीं सुलझा, तो India-Pakistan के रिश्ते और खराब हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America ने Baloch Liberation Army को Terrorist Organization घोषित किया

America ने 11 अगस्त 2025 को बड़ा ऐलान करते हुए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army – BLA) और इसके सशस्त्र विंग ‘मजीद ब्रिगेड’ को Foreign Terrorist Organization (FTO) घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिका में कोई भी व्यक्ति या संस्था इन संगठनों को आर्थिक, तकनीकी या किसी भी तरह की सहायता नहीं दे सकेगी, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पहले से थी निगरानी में BLA को America पहले ही 2019 में Specially Designated Global Terrorist (SDGT) सूची में शामिल कर चुका था। लेकिन अब FTO का दर्जा मिलने के बाद इनके खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे इनके फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और इंटरनेशनल सपोर्ट सिस्टम पर सीधा असर पड़ेगा। हालिया हमलों के बाद सख्त कदम BLA और मजीद ब्रिगेड पर पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में कई बड़े हमलों का आरोप है, जिनमें शामिल हैं: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिका के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि यह कदम पाकिस्तान-अमेरिका के बीच Counter-Terrorism Cooperation को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। आर्थिक और रणनीतिक पहलू हाल ही में America और Pakistan के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ है, जिसमें बलूचिस्तान के Oil & Gas Resources में अमेरिकी निवेश की संभावना भी शामिल है। ऐसे में BLA जैसी आतंकी गतिविधियां निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही थीं। फैसले का असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gaza

Gaza News इजरायली Airstrike में Al Jazeera Journalist Anas Al-Sharif समेत 5 पत्रकारों की मौत

गाज़ा (Gaza) में 10 अगस्त 2025 को एक बड़ा हमला हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। इजरायली हवाई हमले (Israeli Airstrike) में Al Jazeera के जाने-माने पत्रकार Anas Al-Sharif समेत 5 पत्रकारों की मौत हो गई। यह हमला गाज़ा सिटी (Gaza City) के अल-शिफा अस्पताल (Al-Shifa Hospital) के बाहर मीडिया टेंट पर किया गया। मारे गए अन्य पत्रकारों में मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम ज़ाहिर, मोहम्मद नूफल और मोअमेन अलीवा शामिल थे। Anas Al-Sharif कौन थे? अनस अल-शरीफ (जन्म: 3 दिसंबर 1996) गाज़ा के उत्तरी हिस्से से लगातार युद्ध के बीच रिपोर्टिंग करने के लिए मशहूर थे। दिसंबर 2023 में एक इजरायली हमले में उनके पिता की मौत हो गई थी, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। वे Pulitzer Prize 2024 जीतने वाली Reuters टीम का हिस्सा भी थे, जिन्होंने इजरायल-हमास युद्ध की तस्वीरें और रिपोर्टिंग से दुनिया को चौंका दिया था। Israeli Army का दावा इजरायली सेना (IDF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि Anas Al-Sharif सिर्फ पत्रकार नहीं थे, बल्कि हमास (Hamas) के एक आतंकी सेल के प्रमुख थे। सेना के मुताबिक, वे इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर रॉकेट हमलों में शामिल थे और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। Al Jazeera और Press Freedom Groups की प्रतिक्रिया अल जज़ीरा (Al Jazeera) ने इजरायली आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। चैनल ने कहा कि यह हमले का मकसद गाज़ा में सच्चाई दिखाने वाली आवाज़ों को दबाना है।Committee to Protect Journalists (CPJ), UN Special Rapporteur Irene Khan और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनोंने इस हमले की कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि इजरायल ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया और यह प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला है। Gaza में पत्रकारों पर बढ़ता खतरा गाज़ा युद्ध (Gaza War) में अब तक 200 से अधिक पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या 237 तक पहुंच चुकी है। यह घटना मीडिया की सुरक्षा, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade War

US-India Trade War Dairy Sector पर अड़ा India, Trump ने लगाया 50% Import Tariff

अमेरिका (US) और भारत (India) के बीच ट्रेड वॉर (Trade War) तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारतीय सामानों पर 50% तक का टैरिफ (Tariff) लगा दिया है, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क रूस से तेल आयात (Russian Oil Import) जारी रखने की वजह से जोड़ा गया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब भारत ने डेयरी (Dairy) और कृषि (Agriculture) सेक्टर में अमेरिकी उत्पादों को बाजार पहुंच देने से साफ इनकार कर दिया। India, Canada समेत कई देशों का सख्त रुख भारत के साथ कनाडा (Canada), स्विट्जरलैंड (Switzerland), आइसलैंड (Iceland) और दक्षिण कोरिया (South Korea) ने भी अमेरिकी डेयरी उत्पादों को अपने बाजार में प्रवेश नहीं दिया। वहीं, कई देशों ने अमेरिकी दबाव में सीमित पहुंच की अनुमति दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दो टूक कहा कि देश के किसानों (Farmers), डेयरी उत्पादकों (Dairy Producers) और मछुआरों (Fishermen) के हित किसी भी ट्रेड डील से ऊपर हैं। उन्होंने कहा, “हम भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।” पांच दौर की बातचीत बेनतीजा पिछले महीनों में भारत और अमेरिका के बीच पांच दौर की वार्ता हुई। भारत ने औद्योगिक वस्तुओं (Industrial Goods) पर ज़ीरो टैरिफ देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन कृषि और डेयरी पर अपने रुख से नहीं हटा। अमेरिकी पक्ष ने इसे ‘रेड लाइन’ मानते हुए डील से पीछे हटने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार, गलतफहमियां, अधिक आत्मविश्वास और समय की कमी भी डील टूटने की वजह बनीं। Tariff के असर और India की रणनीति ट्रंप सरकार के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों (Exporters) पर असर पड़ सकता है, खासकर टेक्सटाइल (Textile), स्टील (Steel) और ऑटो पार्ट्स (Auto Parts) सेक्टर में। भारत सरकार अब निर्यातकों को राहत पैकेज देने, नए बाजार खोजने और घरेलू खपत बढ़ाने की रणनीति बना रही है। साथ ही, अमेरिका के साथ संवाद के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, और आने वाले महीनों में नई बातचीत की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

India-Russia Friendship बढ़ी, Trump Tariff War से भारत को Economic Challenge

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा India पर लगाए गए 50% Tariff ने न सिर्फ़ व्यापारिक तनाव (Trade Tension) को बढ़ा दिया है, बल्कि भारत के भू-राजनीतिक समीकरण (Geopolitical Equation) को भी प्रभावित किया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) साल के अंत में भारत दौरे पर आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ उनकी यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। यह संकेत है कि भारत और रूस के रिश्ते (India-Russia Relations) और मज़बूत हो रहे हैं। Trump Tariff से बढ़ा Trade War 6 अगस्त 2025 को ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाने की घोषणा की, जो पहले से लागू 25% Tariff के ऊपर होगा। इस तरह कुल शुल्क दर 50% हो जाएगी। इसका कारण भारत का रूस से सस्ता कच्चा तेल (Russian Crude Oil) खरीदना बताया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, India-US Trade Talks स्थगित रहेंगे। Indian Economy पर असर अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी (Tariff Policy) का भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। Textile और Jewellery Sector पर बड़ा झटका Rupee में गिरावट, RBI की दखल टैरिफ की घोषणा के बाद रुपया 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। RBI ने Non-Deliverable Forward (NDF) मार्केट में हस्तक्षेप कर स्थिरता लाने की कोशिश की। Amitabh Kant ने दिया ‘Agneepath Moment’ का संदेश पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि यह भारत के लिए “once-in-a-generation” मौका है, जब साहसिक आर्थिक सुधारों (Economic Reforms) के ज़रिए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है। Russia-India Friendship से US को चिंता रूस के साथ भारत की बढ़ती नज़दीकियां और SCO जैसे मंचों पर चीन-रूस के साथ सक्रियता वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय है। पुतिन का दौरा इस संकेत को और मज़बूत करता है कि Trump Tariff War भारत को अपने पुराने रणनीतिक साझेदारों की ओर और झुका सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

भरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासा

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में करीब 14 महीने पहले लापता हुए ठेकेदार प्रहलाद बैरवा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, REET-2021 परीक्षा में प्रहलाद की पत्नी को पास कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपये लेने के बाद जब आरोपी रकम लौटाने के दबाव में आए तो उन्होंने प्रहलाद की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर धौलपुर के जंगल से शव के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। कोर्ट जाते समय हुए थे लापता भरतपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश मीणा ने बताया कि वैर निवासी ठेकेदार प्रहलाद बैरवा 26 मार्च 2025 को कोर्ट जाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी पत्नी पूनम बैरवा ने वैर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने कई बार प्रदर्शन कर मामले के खुलासे की मांग भी की थी। REET में पास कराने का झांसा बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में पूनम बैरवा REET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी धर्मेंद्र जाखड़ ने परीक्षा में पास कराने का दावा करते हुए प्रहलाद से 5 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा का परिणाम आया और पूनम सफल नहीं हुईं तो प्रहलाद ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर धर्मेंद्र ने अपने साथी विनोद मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अपहरण के बाद जंगल में की हत्या पुलिस के अनुसार, 26 मार्च 2025 को आरोपियों ने प्रहलाद का कथित रूप से अपहरण कर उन्हें धौलपुर के जंगल में ले गए, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में दफना दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन वे लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। पुलिस का कहना है कि टेस्ट के बाद आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य लेन-देन की भी जांच जारी पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, करीब 25 दिन पहले एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद की पत्नी पूनम बैरवा ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने धर्मेंद्र जाखड़ को 4.50 लाख रुपये और राजेश कुमार गर्ग को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। उन्होंने दावा किया कि रकम वापस मांगने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला भी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान, अपराध और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदें

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग के पहले मेडल इवेंट में निराशा हाथ लगी। पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। हालांकि स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक चौथे स्थान पर पुरुष लाइटवेट फाइनल में नौ बार के राष्ट्रीय चैंपियन अशोक कुमार मलिक ने पहली कोशिश में 195 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। दूसरी कोशिश में उन्होंने 200 किलोग्राम की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) लिफ्ट पूरी कर 143.8 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के कारण वह चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने पहले प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर 135.6 अंक अर्जित किए। इसके बाद 179 किलोग्राम वजन उठाने के दोनों प्रयास असफल रहे और वह छठे स्थान पर रहे। अब महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी, जबकि महिला हेवीवेट में कस्तूरी राजामणि तथा पुरुष हेवीवेट में झंडू कुमार और सुधीर भारत की ओर से पदक की चुनौती पेश करेंगे। स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल और सेमीफाइनल में जगह भारत के लिए अच्छी खबर स्विमिंग से आई। इस स्पर्धा में कुल आठ प्रतिभागी होने के कारण दोनों भारतीय तैराक फाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालते हुए अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 14वां स्थान हासिल किया। इसके साथ उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। जिम्नास्टिक्स में भारत मजबूत स्थिति में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की पुरुष टीम ऑलराउंड स्पर्धा में दो उपकरणों के बाद भारत सब-डिवीजन-2 में सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर चल रहा है। भारतीय टीम में तपन मोहंती, स्वाथिश केपी, तपेश्वरनाथ दास और योगेश्वर सिंह शामिल हैं। बॉक्सिंग में आज से भारत का अभियान बॉक्सिंग में भारत की ओर से जदुमणि सिंह पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन का सामना करेंगे। वहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाय मिला है, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है। जूडो में भारत को झटका भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण NADA ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पुरुष 73 किलोग्राम वर्ग के अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स, भारतीय खिलाड़ियों और खेल जगत की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

Gold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में हल्की बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपये घटकर 1,43,781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, एक किलोग्राम चांदी की कीमत 241 रुपये बढ़कर 2,22,721 रुपये हो गई। इससे पहले सोना 1,44,605 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,22,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस साल कीमतों में रहा बड़ा उतार-चढ़ाव वर्ष 2026 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी की बात करें तो— आगे क्या रह सकता है रुख? कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अवसर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो साल के अंत तक सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। सोना-चांदी, शेयर बाजार, निवेश और बिजनेस से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

NEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे आपराधिक केस

नई दिल्ली। देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। समाचार एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। एक दिन पहले हुए थे बड़े प्रशासनिक फेरबदल इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने 17 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति के आदेश जारी किए थे। सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा मंत्रालय में हुआ, जहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है, जिन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। पेपर लीक पर सरकार लगातार दे रही सख्त संदेश पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों पर लगातार कड़े रुख के संकेत दिए हैं। 24 जुलाई: सख्त कानून लाने का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाला विधेयक संसद में लाया जाएगा। 23 जुलाई: फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। 21 जुलाई: “पेपर लीक घोर पाप है” एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही राज्यों से भी इस तरह की घटनाओं को रोकने में सहयोग की अपील की गई। युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक कार्रवाई, कानूनी सुधार और जांच प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देश, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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