भोजपुरी और बिहार की राजनीति में हलचल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। यह खींचतान न सिर्फ पार्टी की छवि पर असर डाल रही है, बल्कि आगामी चुनावों में Bihar Election 2025 की रणनीति को भी चुनौती दे रही है।
Rohini Acharya का बड़ा कदम
हाल ही में लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने अपने X अकाउंट से पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 58 राजनेताओं को अनफॉलो किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है और वे परिवार की प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान को प्राथमिकता देती हैं।
Tej Pratap Yadav ने लगाए गंभीर आरोप
इसके बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने रोहिणी का समर्थन करते हुए संजय यादव पर आरोप लगाए कि वे तेजस्वी यादव की कुर्सी हथियाने की साजिश कर रहे हैं। तेज प्रताप ने संजय यादव को ‘जयचंद’ करार देते हुए दावा किया कि वे पार्टी में गद्दारी कर रहे हैं।
पार्टी की एकता और चुनावी रणनीति
इस घटनाक्रम ने RJD की एकता को चुनौती दी है, खासकर तब जब विपक्षी महागठबंधन की ताकत बढ़ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है। इसके बाद पार्टी में आंतरिक मतभेद और बढ़ गए हैं।
लालू परिवार और भविष्य की राह
लालू यादव के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे परिवार के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान को सुलझाएं। अन्यथा, RJD की चुनावी छवि और आगामी चुनाव में सफलता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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