Tehran में हुआ सबसे बड़ा Funeral, Israel की Airstrike में मारे गए Iran के हीरोस को दी अंतिम विदाई

Table of Content

हज़ारों लोगों ने दी शहीदों को अंतिम विदाई

Tehran, 28 जून 2025: ईरान की राजधानी Tehran में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब हज़ारों लोगों ने इज़राइल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War 2025) में मारे गए शीर्ष सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों (Nuclear Scientists) को अंतिम विदाई दी। इस राजकीय अंतिम संस्कार (State Funeral) को ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा शोक समारोह माना जा रहा है।

कौन-कौन थे शहीद?

इस अंतिम संस्कार में लगभग 60 से ज़्यादा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें शामिल थे:

  • मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी – ईरानी सशस्त्र बलों के प्रमुख
  • आईआरजीसी चीफ हुसैन सलामी
  • एयरोस्पेस फोर्स कमांडर अमीर अली हाजीज़ादेह
  • कमांडर सईद इज़ादी, गोलाम अली राशिद, अली शादमनी, मेहदी रब्बानी
  • परमाणु वैज्ञानिक सैयद अमीर हुसैन फेगही और फेरेदून अब्बासी

Funeral Procession Details

  • अंतिम यात्रा की शुरुआत एंगेलाब स्क्वायर से हुई और आज़ादी स्क्वायर तक लगभग 11 किलोमीटर तक चली।
  • सरकारी दफ्तर बंद किए गए ताकि लोग इस राष्ट्रीय शोक में शामिल हो सकें।
  • लाखों लोगों की उपस्थिति ने देश की एकजुटता को दिखाया।

Israel-Iran Conflict 2025: कैसे शुरू हुआ युद्ध?

  • यह युद्ध 13 जून 2025 को उस समय शुरू हुआ जब इज़राइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला किया।
  • इन हमलों में 30 से ज्यादा टॉप कमांडर और 11+ साइंटिस्ट्स मारे गए।
  • ईरान ने जवाब में 550+ बैलिस्टिक मिसाइलें इज़राइल पर दागीं।
  • 24 जून को युद्धविराम की घोषणा हुई।

Iran का दावा और Supreme Leader की चुप्पी

  • ईरान का कहना है कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम शांति पूर्ण है, जबकि अमेरिका और इज़राइल इसे खतरा मानते हैं।
  • सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई इस अंतिम संस्कार में नज़र नहीं आए।
  • उन्होंने युद्धविराम के बाद एक वीडियो में इसे “रणनीतिक जीत” बताया और अमेरिका-इज़राइल को चेतावनी दी।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Lok Sabha: धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देंगे – अमित शाह का साफ संदेश

Lok Sabha: धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देंगे – अमित शाह का साफ संदेश

Lok sabha में क्या बोले अमित शाह? Lok Sabha में गृह मंत्री Amit Shah ने साफ शब्दों में कहा कि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण न कभी दिया गया है और न ही भविष्य में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है। आरक्षण पर सरकार का रुख अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि भारत में आरक्षण का आधार हमेशा सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन रहा है, न कि धर्म। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष पर निशाना गृह मंत्री ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि कुछ पार्टियां वोट बैंक की राजनीति के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण की बात करती हैं, लेकिन सरकार संविधान के सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी। संविधान का हवाला उन्होंने कहा कि Constitution of India में आरक्षण का प्रावधान सामाजिक न्याय के लिए किया गया है, और सरकार उसी के अनुसार फैसले लेती है। राजनीतिक माहौल गर्म इस बयान के बाद संसद में माहौल गरम हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।
शुभमन गिल के शानदार प्रदर्शन से जीती गुजरात, KKR की हार का सिलसिला जारी

शुभमन गिल के शानदार प्रदर्शन से जीती गुजरात, KKR की हार का सिलसिला जारी

Indian Premier League 2026 में एक बार फिर क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबला देखने को मिला। गुजरात की टीम ने कोलकाता (KKR) को हराकर जीत दर्ज की, जिसमें कप्तान Shubman Gill ने अहम भूमिका निभाई। शुभमन गिल का कमाल गुजरात के कप्तान Shubman Gill ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। गिल की पारी ने मैच का रुख पूरी तरह से गुजरात की ओर मोड़ दिया। उनकी इस इनिंग ने यह साबित कर दिया कि वह इस सीजन में बेहतरीन फॉर्म में हैं और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं। KKR की लगातार हार दूसरी ओर Kolkata Knight Riders के लिए यह मैच भी निराशाजनक रहा। टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आ रहा है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम संघर्ष करती दिखी। लगातार हार के कारण टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा है और प्लेऑफ की राह भी मुश्किल होती जा रही है। मैच के टर्निंग पॉइंट्स क्या आगे वापसी कर पाएगी KKR? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या KKR इस हार के सिलसिले को तोड़ पाएगी? आने वाले मैच टीम के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।
Women Reservation Bill

Women Reservation Bill 2026 महिला आरक्षण बिल 54 वोट से गिरा, संसद में बड़ा झटका

संसद में लंबे समय से चर्चा में रहा महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) एक अहम मोड़ पर पहुंचकर पास नहीं हो सका। मतदान के दौरान 298 सांसदों ने समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया, लेकिन जरूरी समर्थन न मिलने के कारण यह बिल 54 वोटों के अंतर से गिर गया। यह बिल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और संसद व विधानसभा में उनके लिए अधिक सीटें सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया था। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं। संसद में गरमाई बहस मतदान से पहले सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिल को लेकर सभी दलों के साथ पर्याप्त चर्चा नहीं की गई और कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट नहीं किया गया। वहीं सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल बताया। सरकार को पहली बड़ी असफलता राजनीतिक गलियारों में इसे मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी महत्वपूर्ण विधेयक को बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं कराया जा सका। हालांकि सरकार का कहना है कि वह महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। आगे क्या? अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस बिल को संशोधनों के साथ दोबारा पेश करेगी या फिर इसे नए सिरे से रणनीति बनाकर आगे बढ़ाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
मंगुभाई पटेल

MP Tribal Fund राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उठाए बड़े सवाल, आदिवासी विकास पर चिंता

मध्यप्रदेश में आदिवासी विकास के लिए जारी होने वाले फंड (Tribal Welfare Fund) के उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए साफ कहा है कि योजनाओं का लाभ अगर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है, तो इसका मतलब कहीं न कहीं व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। राज्यपाल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राज्य में आदिवासी विकास योजनाओं के बजट खर्च और उसके असर को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। आदिवासी विकास फंड पर क्यों उठे सवाल? मध्यप्रदेश सरकार हर साल आदिवासी समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए बड़ा बजट जारी करती है। इसका मकसद यह है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक विकास की रोशनी पहुंच सके। लेकिन समीक्षा के दौरान यह सवाल सामने आए हैं कि: इन्हीं चिंताओं के बीच राज्यपाल ने प्रशासन को अधिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की सख्त टिप्पणी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि आदिवासी विकास के लिए जारी बजट केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि: उनकी इस टिप्पणी को प्रशासनिक स्तर पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। क्यों अहम है यह मुद्दा मध्यप्रदेश के लिए? मध्यप्रदेश में आदिवासी आबादी एक बड़ा हिस्सा है और कई जिले पूरी तरह ग्रामीण और वन क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विकास योजनाओं की सफलता सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। अगर योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं होतीं, तो इसका असर: आगे क्या उम्मीद की जा रही है? राज्यपाल की इस सख्त टिप्पणी के बाद उम्मीद की जा रही है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
गांव की बेटी योजना

MP Education छूटी स्कॉलरशिप का अब मिलेगा फायदा प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना फिर से शुरू

मध्य प्रदेश की बेटियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने “गांव की बेटी” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का लाभ न ले पाने वाली छात्राओं को एक और अवसर देने का फैसला किया है। अब वे छात्राएं, जो किसी वजह से पहले आवेदन नहीं कर पाईं या प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, फिर से आवेदन कर सकती हैं। फिर शुरू हुआ Scholarship Portal, न छूटे यह मौका सरकार ने स्कॉलरशिप पोर्टल को दोबारा एक्टिव कर दिया है। इस बार छात्राओं को Fresh Application के साथ-साथ Renewal का विकल्प भी दिया गया है। कई बार छोटी-छोटी गलतियों या दस्तावेजों की कमी की वजह से आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं—ऐसी बेटियों के लिए यह फैसला किसी दूसरी उम्मीद से कम नहीं है। Last Date याद रखें गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई 2026 तय की गई है। ऐसे में जरूरी है कि छात्राएं जल्द से जल्द अपने दस्तावेज तैयार करके आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि इस बार मौका हाथ से न निकल जाए। कौन उठा सकता है फायदा? सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, सपनों का सहारा गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला देना भी है। कई परिवारों में आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है, लेकिन ऐसी स्कीम्स उनके सपनों को फिर से उड़ान देने का काम करती हैं। क्यों अहम है यह फैसला? मध्य प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में छात्राएं स्कॉलरशिप से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.