इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को एक फर्जी वकील पकड़ा गया। युवक वकीलों की वेशभूषा पहनकर कोर्ट परिसर में घूम रहा था। संदेह होने पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह न तो वकील है और न ही कानून का छात्र। उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल आठवीं पास निकली।
दस्तावेज मांगने पर खुली पोल
बार एसोसिएशन के अनुसार, सोमवार को कार्यकारिणी सदस्य न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कोर्ट रूम नंबर 45 के बाहर एक युवक वकीलों की ड्रेस में दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धर्मेंद्र पिता रमेश राठौर बताया और कहा कि वह एक अधिवक्ता के कार्यालय से जुड़ा हुआ है।
जब उससे एलएलबी की डिग्री और बार काउंसिल से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने कानून की पढ़ाई नहीं की है और वह केवल आठवीं कक्षा तक शिक्षित है।
सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी मिले सबूत
बार एसोसिएशन ने युवक की फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की भी जांच की। जांच में वह कई तस्वीरों में वकीलों की वेशभूषा में नजर आया। इसके बाद इंदौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल और सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने आरोपी को एमजी रोड थाना पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी वकीलों के खिलाफ विशेष अभियान
एमजी रोड थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बार एसोसिएशन के सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में फर्जी वकीलों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक महिला को फर्जी वकील के रूप में पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है।
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