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छत्तीसगढ़ में पुरानी बैटरियों के अवैध कारोबार पर सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में पुरानी और खराब बैटरियों के अवैध कारोबार पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के पुरानी बैटरियों का खरीद-बिक्री, भंडारण या परिवहन करना कानूनन अपराध है। मंडल के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में कबाड़ और पुरानी बैटरियों का कारोबार नियमों के विपरीत संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। केवल पंजीकृत कारोबारी ही कर सकेंगे कारोबार पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बताया कि बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 के तहत पुरानी और खराब बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन और रीसाइक्लिंग केवल अधिकृत एवं पंजीकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। संबंधित कारोबारियों के लिए खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े सभी दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। खुले में बैटरियां रखने पर भी होगी कार्रवाई मंडल ने चेतावनी दी है कि खुले स्थान पर पुरानी बैटरियों का ढेर लगाना, बिना अनुमति उनका भंडारण करना या अवैध तरीके से खरीद-बिक्री करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष जांच अभियान पर्यावरण संरक्षण मंडल जल्द ही राज्यभर में विशेष जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान के दौरान स्क्रैप डीलर, कबाड़ कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और बैटरी व्यापार से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से सहयोग की अपील मंडल ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी क्षेत्र में पुरानी बैटरियों का अवैध भंडारण, परिवहन या कारोबार होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय या पर्यावरण संरक्षण मंडल को देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे अवैध कारोबारों पर रोक लगाना जरूरी है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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रायपुर नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन-7 की कमान

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया गया है। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने आदेश जारी कर कई अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व सौंपे हैं। जारी आदेश के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को जोन क्रमांक-7 के प्रभारी जोन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मिली नई जिम्मेदारी निगम प्रशासन ने डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मुख्यालय स्वास्थ्य अधिकारी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के दायित्वों से मुक्त करते हुए जोन-7 की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर निगम का मानना है कि इस बदलाव से जोन स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी आएगी। जागृति साहू और डॉ. अंजलि शर्मा को अतिरिक्त प्रभार आदेश के मुताबिक उपायुक्त जागृति साहू को उनके वर्तमान कार्यों के साथ पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों के बीच कार्यों के पुनर्वितरण का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करना है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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रायपुर की प्यास बुझाएगा गजराज बांध! 230 एकड़ जलाशय को शहर की नई लाइफलाइन बनाने की तैयारी

रायपुर की बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए गजराज बांध को बड़े जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। कमल विहार स्थित करीब 230 एकड़ क्षेत्र में फैले इस बांध को राजधानी की नई पेयजल लाइफलाइन बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। बुधवार को लोकभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर महापौर मीनल चौबे और नगर निगम अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की। पेयजल के लिए उपयोगी बनाया जाएगा गजराज बांध बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में गजराज बांध का सिंचाई कार्यों में प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। यदि आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य किए जाएं तो इसे रायपुर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पेयजल स्रोत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शहर को भविष्य में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा जल संकट की संभावित चुनौतियों से भी निपटा जा सकेगा। विभागों के समन्वय से आगे बढ़ेगी योजना राज्यपाल ने महापौर और संबंधित अधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। बढ़ती आबादी के बीच अहम कदम रायपुर की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही पेयजल की मांग में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे में 230 एकड़ में फैले गजराज बांध को जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को राजधानी के भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो आने वाले वर्षों में गजराज बांध रायपुर की जल आपूर्ति व्यवस्था का प्रमुख आधार बन सकता है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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बिलासपुर में कबाड़ कारोबारी का अपहरण जैसा कांड! गोदाम में बंधक बनाकर पीटा, पत्नी से वसूले 2.70 लाख रुपए

बिलासपुर में कबाड़ कारोबार को लेकर विवाद अब हिंसक रूप लेता नजर आ रहा है। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में एक कबाड़ कारोबारी और उसके साले को कथित तौर पर गोदाम में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और परिवार से लाखों रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई आरोपियों के खिलाफ डकैती समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गणेश नगर चुचुहियापारा निवासी सैय्यद प्रिंस बक्शी सिलपहरी क्षेत्र में कबाड़ का कारोबार करते हैं। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि 11 जून की दोपहर उन्हें राहुल कबाड़ी का फोन आया, जिसने तिफरा स्थित एक गोदाम में बुलाया। वह अपने साले मोहम्मद अमन के साथ वहां पहुंचे थे। गोदाम में बंधक बनाकर की मारपीट शिकायत के मुताबिक गोदाम में पहले से मौजूद फिरोज मेमन, राहुल कबाड़ी, सफीर और अन्य लोगों ने उनसे कबाड़ कारोबार को लेकर पूछताछ शुरू की। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें और उनके साले को गोदाम में बंधक बनाकर रखा गया। वहीं कुछ लोगों को उनकी निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया था। दुकान और वाहन पर भी कब्जे का आरोप शिकायत के अनुसार मारपीट के दौरान कुछ आरोपी सिलपहरी स्थित उनकी दुकान और गोदाम भी पहुंचे। वहां कर्मचारियों से पूछताछ की गई और सामान की तलाशी ली गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ सामान उठाने के साथ ही उनका छोटा हाथी वाहन भी जबरन अपने कब्जे में ले लिया गया। पत्नी से वसूले 2.70 लाख रुपए पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों के कुछ साथी उनके घर पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर घर की तलाशी ली। परिवार को डराने-धमकाने के बाद उनकी पत्नी से 2 लाख 70 हजार रुपए ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक रुपए मिलने के बाद शाम करीब 5 बजे उन्हें और उनके साले को छोड़ा गया। कई आरोपियों पर केस दर्ज सिरगिट्टी पुलिस ने मामले की जांच के बाद फिरोज मेमन, रोहित कबाड़ी, राहुल कबाड़ी, रितिक कबाड़ी, सफीर, तौसिफ कबाड़ी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कारोबार की प्रतिस्पर्धा से जुड़ा विवाद प्राथमिक जांच में मामला कबाड़ कारोबार में प्रतिस्पर्धा से जुड़ा बताया जा रहा है। क्षेत्र में कबाड़ कारोबार को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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गुना में खाद से भरा ट्रक पलटा, हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर गिरी बोरियां

गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खाद (यूरिया) से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रहे लोगों पर खाद की बोरियां गिर गईं। हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 10 बजे आनंदपुर मोइया गांव के पास आरोन-राघौगढ़ रोड पर हुई। सागर से राजस्थान की ओर जा रहा यूरिया से लदा ट्रक गांव के मोड़ पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पलट गया। हैंडपंप पर मौजूद लोगों पर गिरी बोरियां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक पलटते ही उसमें लदी खाद की बोरियां सड़क किनारे हैंडपंप पर पानी भर रही महिलाओं और पुरुषों के ऊपर गिर गईं। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग बोरियों के नीचे दब गए। 10 लोग घायल, 3 को जिला अस्पताल रेफर हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को उपचार के लिए साडा अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में प्रेमलता सहरिया, उषा सहरिया और राजकुमारी सहरिया की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद चालक फरार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक पलटने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने शुरू की जांच राघौगढ़ थाना प्रभारी अजय जाट ने बताया कि आनंदपुर मोइया गांव के मोड़ पर खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले आए सामने, प्रेमी, भतीजे और जीजा पर केस दर्ज

इंदौर में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। द्वारकापुरी और खजराना थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों मामलों में पीड़िताओं ने अलग-अलग तरह के उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। शादी का दबाव बनाने वाले प्रेमी पर केस द्वारकापुरी क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने अपने परिचित लक्की पंसोरिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवती के अनुसार दोनों एक ही कार्यस्थल पर काम करते थे और पिछले करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। पीड़िता का आरोप है कि शराब की लत के कारण उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगा। युवती ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा आत्महत्या कर उसे फंसाने की धमकी भी दी। साथ ही उसका पीछा करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। विवाहिता ने भतीजे पर लगाए आरोप खजराना क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने भतीजे राहुल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपी काफी समय से उस पर गलत नजर रखता था। शिकायत के मुताबिक कुछ दिन पहले आरोपी ने बाथरूम में झांकने की कोशिश की थी। महिला ने उसे फटकार भी लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने दोबारा आपत्तिजनक हरकत की। इसके बाद पीड़िता ने परिवार को जानकारी देकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग ने जीजा के खिलाफ दर्ज कराया मामला खजराना थाना क्षेत्र में ही 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने जीजा सोहेल के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने रास्ते में रोककर उसे जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की और अनुचित व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जबलपुर SP ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान दो महिलाओं में मारपीट, परिसर में मचा हंगामा

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एसपी कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान परिसर में मौजूद दो महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़ लिए और मारपीट करने लगीं। पुलिस ने मौके पर संभाला मामला विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी और महिला पुलिस स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों महिलाओं को अलग कराया गया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी गई और दोनों को पूछताछ के लिए थाने भेजा गया। एक महिला खुद को बताती है यूट्यूबर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार विवाद में शामिल महिलाओं में से एक खुद को यूट्यूबर बताती है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। महिला ने लगाए परेशान करने के आरोप सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक कैंट क्षेत्र निवासी पिंकी नामक महिला अपने पति से जुड़े मामले की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। इसी दौरान उसकी दूसरी महिला से बहस हो गई। पिंकी का आरोप है कि दूसरी महिला लंबे समय से उसे परेशान कर रही है और खुद को पत्रकार बताती है। उसने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान बच्चों के सामने गाली-गलौज की गई, विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा गया मारपीट में दोनों महिलाओं को चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पहले भी हो चुका है विवाद पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों महिलाओं के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसकी शिकायत गढ़ा थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं एक महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे पहले फोन पर धमकी दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें http://www.deshharpal.com
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‘धन दोगुना’ करने का झांसा देकर व्यापारी से 2.50 लाख की ठगी, खुद को अयोध्या का पंडित बताने वाला आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर में एक व्यापारी को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर 2.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने खुद को अयोध्या का पंडित (महाराज) बताकर व्यापारी को अपने जाल में फंसाया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह दुर्ग में जाकर छिप गया था, जहां से पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम रोगदा निवासी 57 वर्षीय जनकराम साहू किराना व्यवसायी हैं। 12 जून को वे खरीदारी के लिए बिलासपुर के व्यापार विहार पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दो व्यक्तियों से हुई, जिन्होंने खुद को अयोध्या का पंडित बताकर उनसे बातचीत शुरू की। अमीर बनाने का दिया लालच आरोपियों ने व्यापारी को विश्वास में लेकर दावा किया कि वे विशेष पूजा और विधि के जरिए धन को दोगुना कर सकते हैं। उनकी बातों में आकर जनकराम साहू ने अपने पैसों से भरा बैग आरोपियों को सौंप दिया। मौका मिलते ही दोनों ठग 2 लाख 50 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच ठगी का अहसास होने पर व्यापारी ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तारबाहर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। CCTV और तकनीकी जांच से मिला सुराग पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी दुर्ग जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने दुर्ग के केला बाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर मुख्य आरोपी हैदर अली अंसारी (60) को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी दर्ज हैं कई मामले पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से चोरी और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। वहीं इस मामले का दूसरा आरोपी वासिम खान अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि धन दोगुना करने, चमत्कार दिखाने या तंत्र-मंत्र के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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गुना में खाई में गिरी स्लीपर बस, 5 गंभीर घायल: महाकाल दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं में मची चीख-पुकार

गुना जिले में नेशनल हाईवे-46 पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कानपुर से उज्जैन होते हुए रतलाम जा रही समय शताब्दी ट्रेवल्स की स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी और पेड़ों से टकरा गई। हादसे में बस चालक, हेल्पर समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 4:30 बजे बिलोनिया के पास गुना बायपास मोड़ से पहले हुआ। बस यात्रियों से भरी हुई थी। इसमें छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी सवार थे, जो उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस जैसे ही खाई में पलटी और पेड़ों से टकराई, स्लीपर सीटों पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े। अचानक हुए हादसे से बस में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों में कानपुर निवासी अतुल वाजपेयी और उनकी पत्नी अल्का वाजपेयी के अलावा रेलवे भर्ती परीक्षा देने जा रहे प्रशांत गौतम भी शामिल हैं। बस चालक राहुल मिश्रा और हेल्पर इमरान को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। अस्पताल में भर्ती चालक राहुल मिश्रा ने बताया कि बस का ऑयल अचानक निकल गया था, जिससे स्टीयरिंग जाम हो गया और बस पर नियंत्रण नहीं रहा। हादसे की वजह पर अलग-अलग दावे वहीं, कुछ यात्रियों का आरोप है कि रास्ते में ड्राइवर की शिफ्ट बदली गई थी और नए चालक को नींद का झोंका आने के कारण हादसा हुआ। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी और चालक की लापरवाही सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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मदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए

जबलपुर के तेजी से विकसित हो रहे मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार यात्री अंदर फंस गए। करीब 50 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रात में अमरकंटक एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 यात्री अपने सामान के साथ लिफ्ट में सवार हो गए। क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई और लॉक हो गई। लिफ्ट बंद होते ही अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। बच्चों और महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेशन से बुलाना पड़ा विशेषज्ञ मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य रेलवे स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। तकनीकी सुधार के बाद करीब 50 मिनट बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। ओवरलोडिंग बनी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण तकनीकी समस्या आई। घटना रात करीब 9:40 बजे से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर हर समय तकनीकी स्टाफ मौजूद रहना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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