आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

America ने Iran को दी थी इजराइली हमले की चेतावनी, रिपोर्ट में बड़ा दावा

America ने Iran को दी थी इजराइली हमले की चेतावनी, रिपोर्ट में बड़ा दावा

एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, America ने Iran को पहले ही आगाह कर दिया था कि इजराइल, ईरान के दो शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रच सकता है। बताया जा रहा है कि उस समय दोनों नेता महत्वपूर्ण बातचीत में शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ संभावित हमले के निशाने पर थे। अमेरिका को आशंका थी कि यदि इन नेताओं पर हमला होता है, तो क्षेत्र में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। बातचीत के दौरान मिला था अलर्ट बताया गया है कि जिस समय ईरान के शीर्ष नेता महत्वपूर्ण बैठकों और कूटनीतिक बातचीत में व्यस्त थे, उसी दौरान अमेरिका ने संभावित इजराइली कार्रवाई को लेकर चेतावनी भेजी। हालांकि इस अलर्ट के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई, जिससे किसी भी संभावित हमले को टाला जा सका। तनाव और बढ़ने की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह का हमला होता, तो ईरान और इजराइल के बीच चल रहा तनाव सीधे बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता था। इससे पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ता और कई अन्य देश भी इसकी चपेट में आ सकते थे। किसी पक्ष ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल अमेरिका, इजराइल और ईरान—तीनों देशों की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि इस खुलासे के बाद एक बार फिर मध्य-पूर्व की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य-पूर्व पर दुनिया की नजर ईरान और इजराइल के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ऐसे में यदि शीर्ष नेताओं पर हमले की आशंका जैसी खबरें सामने आती हैं, तो पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर टिक जाती है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक गतिविधियां काफी अहम मानी जा रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
July New Rules Updates : 1 जुलाई से लागू हुए 8 बड़े बदलाव

July New Rules Updates : 1 जुलाई से लागू हुए 8 बड़े बदलाव

हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 July से भी देशभर में कई नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब, यात्रा और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। कहीं राहत मिली है तो कहीं खर्च बढ़ गया है। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि जुलाई में कौन-कौन से बड़े बदलाव हुए हैं। 1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ 180 रुपये तक सस्ता तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 180 रुपये की कटौती की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। हालांकि, घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब आपको पहले के मुकाबले ज्यादा शुल्क देना होगा। सरकार ने पासपोर्ट सेवा से जुड़े कुछ शुल्कों में बढ़ोतरी की है। इसलिए आवेदन करने से पहले नई फीस जरूर जांच लें। 3. बिना टिकट ट्रेन में सफर करना पड़ेगा भारी अब बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करने वालों पर रेलवे सख्ती करेगा। नए नियमों के तहत ऐसे यात्रियों पर पहले की तुलना में दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य टिकट चोरी रोकना और यात्रियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। 4. बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं में भी बदलाव जुलाई से कुछ बैंकों और डिजिटल पेमेंट सेवाओं के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। इनमें न्यूनतम बैलेंस, चार्जेज और कुछ ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े नियम शामिल हो सकते हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई गाइडलाइन जरूर देखनी चाहिए। 5. क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव कुछ प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े रिवॉर्ड पॉइंट, शुल्क और अन्य सुविधाओं में बदलाव किया है। यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो नई शर्तों की जानकारी जरूर लें। 6. जीएसटी से जुड़े नए प्रावधान लागू जुलाई से जीएसटी प्रणाली में भी कुछ नए बदलाव लागू हुए हैं। इनका असर खासतौर पर कारोबारियों और व्यापारियों पर पड़ेगा। समय पर नए नियमों का पालन करना जरूरी होगा। 7. निवेशकों के लिए नए दिशा-निर्देश शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। निवेश से पहले संबंधित संस्थाओं की नई गाइडलाइन पढ़ना बेहतर रहेगा। 8. जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट करें सरकार समय-समय पर दस्तावेजों और सेवाओं से जुड़े नियमों में बदलाव करती रहती है। ऐसे में पासपोर्ट, बैंक अकाउंट, टिकट बुकिंग या अन्य सरकारी सेवाओं का उपयोग करने से पहले नए नियमों की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आम लोगों के लिए क्या है सबसे जरूरी? जुलाई में लागू हुए इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। जहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी, वहीं पासपोर्ट की बढ़ी फीस और बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना लोगों के खर्च को बढ़ा सकता है। इसलिए नए नियमों की जानकारी रखना और उनका पालन करना बेहद जरूरी है। देश और प्रदेश की ऐसी ही महत्वपूर्ण और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rajasthan में भीषण सड़क हादसा: बस-ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग, 8 लोगों की मौत, 6 जिंदा जले

Rajasthan में भीषण सड़क हादसा: बस-ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग, 8 लोगों की मौत, 6 जिंदा जले

Rajasthan में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर एक निजी बस और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में तुरंत आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 यात्री जिंदा जल गए। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गई। बस में सवार कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज आग के कारण सभी तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका। स्थानीय विधायक ने हादसे के बाद बड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि बस का इमरजेंसी गेट समय पर नहीं खुला, जिसकी वजह से कई यात्री अंदर ही फंस गए। यदि आपातकालीन गेट खुल जाता तो शायद कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद यह भी दावा किया गया कि बस की डिक्की में बड़ी मात्रा में सिगरेट के बॉक्स रखे हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि इससे आग तेजी से फैल गई। हालांकि, प्रशासन ने इस दावे की जांच शुरू कर दी है और अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान की जा रही है, जबकि घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं, बस के सुरक्षा इंतजाम, इमरजेंसी गेट और डिक्की में रखे सामान की भी जांच की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश और प्रदेश की ताजा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bhopal में नायरा ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

Bhopal में NAYARA ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

महंगाई के दौर में भोपालवासियों के लिए राहत भरी खबर है। निजी ईंधन कंपनी Nayara एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है। नई कीमतों के बाद भोपाल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर एक लीटर पेट्रोल 120 रुपये और डीजल 103 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। इससे रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों को कुछ राहत मिलेगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। इसी का फायदा अब ग्राहकों को भी मिलने लगा है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को मिलेगी राहत नायरा के इस फैसले से खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहन चालकों का ईंधन खर्च भी कुछ हद तक कम होगा। अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो अन्य कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। देश-दुनिया, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trump का दावा- आज कतर में होगी अमेरिका-ईरान वार्ता

Trump का दावा- आज कतर में होगी अमेरिका-ईरान वार्ता, तेहरान ने कहा- बातचीत की कोई योजना नहीं

America के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच आज कतर में अहम बातचीत होने वाली है। इसके लिए उन्होंने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को कतर भेजा है। ट्रम्प का कहना है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और आगे का रास्ता निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, दूसरी ओर ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत तय नहीं हुई है और न ही ऐसी कोई बैठक होने वाली है। ट्रम्प ने क्या कहा? ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका बातचीत के जरिए ईरान के साथ चल रहे विवाद को सुलझाना चाहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कतर में होने वाली संभावित वार्ता से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ सकता है। ईरान ने किया साफ इनकार ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की वार्ता की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि ट्रम्प का बयान वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता और इस समय कोई आधिकारिक बातचीत तय नहीं हुई है। पहले भी रही है मध्यस्थ की भूमिका कतर पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभा चुका है। ऐसे में ट्रम्प के इस बयान के बाद एक बार फिर कतर की भूमिका चर्चा में है। हालांकि ईरान के इनकार के बाद यह साफ नहीं है कि आज कोई बैठक होगी या नहीं। दुनिया की नजरें दोनों देशों पर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच बातचीत होती है तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें कतर और दोनों देशों के अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। परिवार की ओर से करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। परिजनों के मुताबिक, तेरहवीं में आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बड़ी मात्रा में भोजन बनाया जा रहा है और आयोजन स्थल पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इस बीच भरत तिवारी की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि परिवार अब भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। परिवार लगातार इस कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है। वहीं, तेरहवीं के आयोजन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। परिवार का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का जुटान है जो भरत तिवारी को जानते थे और उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। फिलहाल, पूरे इलाके की नजर इस कार्यक्रम पर बनी हुई है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ram Mandir चोरी मामला: Ayodhya पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद

Ram Mandir चोरी मामला: Ayodhya पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद

Ram Mandir में हुई चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर विरोध जताने के लिए अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। अजय राय ने पहले ही राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। अजय राय के अयोध्या पहुंचते ही पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। इस बीच अजय राय की पत्नी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति की सुरक्षा को खतरा है और सरकार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर में हुई चोरी बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन इस पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया। राम मंदिर चोरी के मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
America-Iran के बीच तनाव कम होने के संकेत, हमले रोकने पर बनी सहमति

America-Iran के बीच तनाव कम होने के संकेत, हमले रोकने पर बनी सहमति

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच राहत की खबर सामने आई है। America और Iran ने एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अब अगले दौर की बातचीत मंगलवार को कतर में होगी। इस फैसले से क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है और वैश्विक बाजारों ने भी राहत की सांस ली है। सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कई देशों ने मध्यस्थता की थी। इसी कोशिश का नतीजा है कि दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए तैयार हुए हैं। कतर में होगी अगली बैठक अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की अगली बैठक कतर में होगी। इस दौरान परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत सकारात्मक रही तो आने वाले समय में हालात और बेहतर हो सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जारी तनाव के बावजूद दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और मालवाहक जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि यहां कोई बाधा आती है तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। दुनिया की नजर बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब कतर में होने वाली बैठक पर नजर बनाए हुए है। यदि दोनों देशों के बीच बातचीत सफल रहती है तो मध्य पूर्व में तनाव कम होने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को भी स्थिरता मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच भरोसा कायम होना और लगातार संवाद जारी रहना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trump अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं, हैदराबाद में उनके नाम पर बनी सड़क

Trump अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं, हैदराबाद में उनके नाम पर बनी सड़क

America के राष्ट्रपति Donald Trump अगले साल की शुरुआत में भारत दौरे पर आ सकते हैं। इसी बीच हैदराबाद में उनके सम्मान में एक सड़क का नाम “डोनाल्ड जे. ट्रम्प मार्ग” रखे जाने की खबर सामने आई है। इस पर ट्रम्प ने खुशी जताते हुए भारत का आभार व्यक्त किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैदराबाद के एक प्रमुख इलाके में सड़क का नाम ट्रम्प के नाम पर रखा गया है। यह फैसला भारत और अमेरिका के मजबूत होते संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रम्प ने कहा कि वह इस सम्मान के लिए भारत के लोगों और संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए हमेशा एक खास मित्र देश रहा है और दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रम्प अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, उनकी यात्रा की आधिकारिक तारीख और कार्यक्रम की अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। ऐसे में ट्रम्प का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। देशहरपाल की सलाह: ट्रम्प के भारत दौरे और इससे जुड़ी हर आधिकारिक अपडेट के लिए Deshharpal News Portal से जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
America ने Iran के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर किया हमला

America ने Iran के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर किया हमला

America ने Iran के कई मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सीजफायर का उल्लंघन जारी रहा तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और हालात को और खराब होने से रोकने की अपील की है। ईरान का पलटवार अमेरिकी हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला आत्मरक्षा के तहत किया गया है। उनका आरोप है कि अमेरिका ने पहले सीजफायर का उल्लंघन किया, इसलिए जवाब देना जरूरी था। ईरान ने साफ कहा कि यदि अमेरिका ने आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो जवाब और अधिक कड़ा होगा। अमेरिका का क्या कहना है? अमेरिका का दावा है कि उसने केवल उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां से मिसाइल और ड्रोन हमलों की तैयारी की जा रही थी। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए की गई है। दुनिया की बढ़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव नहीं रुका तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। Deshharpal लगातार इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए Deshharpal के साथ जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 6 7 8 9 10 … 60

Trending News

Editor's Picks

AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
INDIA Bloc

INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Trump

Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.