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Justice Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma Case: Cash Scandal में बड़ा खुलासा, तीनों आरोपों पर समिति की मुहर

जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) से जुड़े कथित Cash Case में जांच समिति की रिपोर्ट ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। सरकारी आवास में आग लगने के बाद मिले जले और अधजले नोटों के मामले में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को जांच समिति ने साबित माना है। यह मामला सामने आने के बाद न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल उठे थे। सरकारी आवास में आग के बाद मिला था कैश यह पूरा विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ था। दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास परिसर में आग लगने की सूचना के बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे थे। आग बुझाने के दौरान एक स्टोर रूम में जले हुए सामान के साथ बड़ी मात्रा में जले और अधजले नोट मिलने की बात सामने आई। मामले ने तूल पकड़ा तो सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती जांच कराई। तत्कालीन दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट, तस्वीरों और वीडियो समेत संबंधित दस्तावेजों को भी सार्वजनिक किया गया था। जांच समिति ने तीनों आरोप माने साबित मामले की विस्तृत जांच के लिए बाद में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच की। समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए तीनों Articles of Charge को साबित माना। रिपोर्ट में नकदी के स्रोत और उसके संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ के पहलू पर भी समिति ने निष्कर्ष दर्ज किए। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी महत्वपूर्ण बात सामने आई कि ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला, जिससे यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि जस्टिस वर्मा ने खुद वह नकदी वहां रखी थी। जस्टिस वर्मा ने उठाए थे प्रक्रिया पर सवाल जस्टिस वर्मा ने जांच की प्रक्रिया और समिति के निष्कर्षों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और बाद में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भी सौंपा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी चुनौती दी गई थी, लेकिन अदालत से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। अब आगे क्या होगा? जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी है। अब इसके बाद संवैधानिक और संसदीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा। जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ा यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें सिर्फ एक न्यायाधीश पर लगे आरोपों की बात नहीं है, बल्कि यह सवाल भी जुड़ा है कि न्यायपालिका में accountability और transparency सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था किस तरह काम करती है। फिलहाल जांच समिति की रिपोर्ट के बाद मामला एक नए चरण में पहुंच गया है। आगे संसद और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amrit Bharat Express

Dhanbad-Coimbatore Train: 2200 KM से ज्यादा का सफर, Amrit Bharat Express से जुड़ेंगे कई शहर

धनबाद (Dhanbad) से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी खुशखबरी है। Dhanbad-Podanur Amrit Bharat Express ने झारखंड और तमिलनाडु के बीच रेल कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार दी है। इस ट्रेन से न सिर्फ लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को नया विकल्प मिला है, बल्कि पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बीच आने-जाने में भी आसानी होगी। धनबाद से पोदनूर तक सीधा रेल कनेक्शन यह अमृत भारत एक्सप्रेस धनबाद से पोदनूर के बीच चलती है। पोदनूर, कोयंबटूर के पास स्थित एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है। ट्रेन के रूट में कई महत्वपूर्ण शहर और रेलवे जंक्शन शामिल हैं, जिससे रास्ते में रहने वाले यात्रियों को भी इसका फायदा मिल सकता है। धनबाद से दक्षिण भारत जाने वाले लोगों के लिए लंबे समय से बेहतर रेल विकल्प की जरूरत महसूस की जाती रही है। ऐसे में इस ट्रेन का संचालन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है। 6 राज्यों को मिलेगा फायदा इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका लंबा रूट है। ट्रेन झारखंड से निकलकर कई राज्यों को जोड़ते हुए तमिलनाडु तक पहुंचती है। इसके जरिए झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु समेत रूट से जुड़े अन्य राज्यों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है। पूर्वी भारत से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और आम यात्रियों के लिए यह ट्रेन खास उपयोगी हो सकती है। 2,200 KM से ज्यादा की दूरी तय करेगी ट्रेन Dhanbad-Podanur Amrit Bharat Express करीब 2,200 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करती है। रास्ते में रांची, हटिया, राउरकेला, झारसुगुड़ा, संबलपुर, विजयनगरम, विजयवाड़ा, नेल्लोर, रेनिगुंटा, कटपड़ी, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं। इतनी लंबी दूरी को देखते हुए यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए खास मायने रखती है, जो पूर्वी भारत से सीधे तमिलनाडु जाना चाहते हैं। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नई Amrit Bharat Express शुरू होने से धनबाद और आसपास के यात्रियों के पास दक्षिण भारत जाने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध हुआ है। खासकर उन लोगों को राहत मिल सकती है जिन्हें काम, पढ़ाई, कारोबार या परिवार से जुड़े कारणों से तमिलनाडु और आसपास के इलाकों की यात्रा करनी पड़ती है। अमृत भारत ट्रेनों को सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह सेवा आम यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। कारोबार और रोजगार के लिहाज से भी अहम धनबाद देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में शामिल है, जबकि कोयंबटूर तमिलनाडु का बड़ा औद्योगिक और कारोबारी शहर है। दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और रोजगार से जुड़े लोगों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। रेल संपर्क मजबूत होने से छोटे कारोबारियों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए भी यात्रा के विकल्प बढ़ते हैं। यही वजह है कि इस ट्रेन को केवल एक नई यात्री सेवा के तौर पर नहीं, बल्कि East India और South India के बीच बेहतर connectivity की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। Dhanbad-Coimbatore Train: क्यों खास है यह Amrit Bharat Express? धनबाद-पोदनूर अमृत भारत एक्सप्रेस का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह लंबी दूरी के कई महत्वपूर्ण शहरों को एक ही रेल रूट से जोड़ती है। झारखंड से तमिलनाडु तक जाने वाले यात्रियों को अब यात्रा की planning में एक और विकल्प मिल गया है। Dhanbad-Coimbatore Amrit Bharat Express आने वाले समय में इस रूट पर यात्रियों की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में कितनी सफल रहती है, यह इसके संचालन और यात्री प्रतिक्रिया से साफ होगा। फिलहाल, झारखंड से South India जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन निश्चित तौर पर एक उपयोगी कनेक्शन बनकर सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi-Priyanka Gandhi का ये Moment हुआ Viral, Kharge बोले- ‘आप बदल गए!’

संसद में अक्सर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले नेताओं का एक अलग ही अंदाज तब देखने को मिला, जब वे एक पारिवारिक समारोह में आमने-सामने थे। NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के Wedding Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता पहुंचे। इसी दौरान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत का एक छोटा-सा पल कैमरे में कैद हो गया, जिस पर Kharge की टिप्पणी ने माहौल को हल्का कर दिया। PM Modi और Priyanka Gandhi के बीच क्या हुई बात? रेवती सुले के Reception में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी के बीच बातचीत होती दिखाई दी। दोनों की बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे भी वहां मौजूद थे। इसी बीच खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- “भाई साहब, आप बदल गए!” खड़गे की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली। राजनीतिक गलियारों में यह छोटा-सा Moment अब चर्चा का विषय बन गया है। Wedding Reception में दिखा नेताओं का अलग अंदाज आमतौर पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है। लेकिन सामाजिक समारोहों में नेताओं का व्यवहार कुछ अलग नजर आता है। सुप्रिया सुले की बेटी के Reception में भी यही तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी रही। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक ही समारोह में जुटना अपने आप में खास रहा। Social Media पर Video ने खींचा ध्यान PM Modi और Priyanka Gandhi की बातचीत वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। खास तौर पर खड़गे का “भाई साहब, आप बदल गए” वाला अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। हालांकि, इस छोटी-सी बातचीत को किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से जोड़ना जल्दबाजी होगी। यह एक निजी समारोह के दौरान हुआ अनौपचारिक पल था। राजनीति की गर्मागर्म बहसों के बीच नेताओं की ऐसी तस्वीरें अक्सर लोगों को सहज और मानवीय पक्ष दिखाती हैं। एक ही फ्रेम में सत्ता और विपक्ष इस Reception की तस्वीरों और वीडियो में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सामाजिक आयोजनों में नेताओं का एक-दूसरे से मिलना और बातचीत करना भारतीय राजनीति की पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। फिलहाल PM Modi-Priyanka Gandhi Conversation और उस पर Kharge का मजेदार रिएक्शन सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीति के गंभीर माहौल के बीच नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल भी लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market

Share Market Crash: Crude Oil से Global Tension तक, क्यों लाल हुआ बाजार?

बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) खुलते ही माहौल कुछ ऐसा रहा कि निवेशकों की नजरें स्क्रीन पर टिक गईं। Sensex करीब 600 अंक तक फिसल गया, वहीं Nifty 50 में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से बाजार का कुल मार्केट कैप भी घटा और निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2 लाख करोड़ तक की कमी आने की बात सामने आई। आखिर बाजार में अचानक इतनी गिरावट क्यों आई? इसके पीछे घरेलू के साथ-साथ कई Global Factors भी जिम्मेदार माने जा रहे हैं। Crude Oil ने बढ़ाई Market की चिंता शेयर बाजार की गिरावट में सबसे अहम वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने से भारत के लिए आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर रुपये और महंगाई पर पड़ने की आशंका रहती है। महंगा तेल कंपनियों की लागत भी बढ़ा सकता है। यही वजह है कि Crude Oil में तेजी आते ही बाजार में अक्सर सावधानी बढ़ जाती है। Middle East Tension का असर मध्य पूर्व में तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। खासकर तेल की सप्लाई और Strait of Hormuz से जुड़े घटनाक्रम पर दुनियाभर के बाजारों की नजर है। अगर तनाव लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आने का खतरा बना रहता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह अच्छी खबर नहीं मानी जाती। Global Market से भी नहीं मिला मजबूत Support भारतीय शेयर बाजार अकेले नहीं चलता। दुनिया के बड़े बाजारों में होने वाली हलचल का असर यहां भी दिखाई देता है। अमेरिका समेत प्रमुख बाजारों में आर्थिक नीतियों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क रखा। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक जोखिम कम करने के लिए बिकवाली कर सकते हैं, जिससे घरेलू बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनता है। Inflation Data पर Investors की नजर महंगाई के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि Inflation का अगला रुख ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को किस तरह प्रभावित करेगा। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर शेयरों में Volatility बढ़ना स्वाभाविक है। कौन-कौन से Sector दबाव में रहे? बाजार में गिरावट का असर कई सेक्टर्स पर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बड़ी संख्या में सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। हालांकि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों, खासकर Metal और PSU Bank Stocks, में खरीदारी भी देखने को मिली। इससे साफ है कि निवेशक पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं निकल रहे, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में ज्यादा सावधानी से पैसा लगा रहे हैं। क्या Investors को घबराने की जरूरत है? Sensex में 600 अंकों की गिरावट निश्चित रूप से बड़ी नजर आती है, लेकिन सिर्फ एक दिन की कमजोरी को देखकर इसे बड़ी Market Crash की शुरुआत मानना सही नहीं होगा। फिलहाल बाजार की नजर Crude Oil Prices, Middle East Tension, Global Cues और Inflation Data पर है। इन मोर्चों पर हालात सुधरते हैं तो बाजार में तेजी से रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव में और बढ़ोतरी बाजार की परेशानी बढ़ा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Afghanistan

India vs Afghanistan T20 Series: 13, 15 और 17 सितंबर को Delhi में मुकाबले, Bangladesh Tour अटका

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर का महीना एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से भरने वाला है। India vs Afghanistan T20 Series 2026 के तहत दोनों टीमें तीन मैचों में आमने-सामने होंगी। खास बात यह है कि तीनों मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। मैच 13, 15 और 17 सितंबर को होंगे। इस सीरीज की घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल में एक नया मोड़ भी आ गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबलों की तारीखें सामने आने के बाद भारत के प्रस्तावित Bangladesh Tour पर संकट गहराता नजर आ रहा है। Delhi में लगातार तीन T20 मुकाबले भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली T20 सीरीज के तीनों मैच दिल्ली में खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी खास मौके से कम नहीं होगा, क्योंकि एक ही मैदान पर लगातार तीन मुकाबले देखने को मिलेंगे। India vs Afghanistan T20I Schedule: अफगानिस्तान को इस सीरीज का मेजबान माना जा रहा है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों के चलते मुकाबले भारत में आयोजित किए जा रहे हैं। Bangladesh Tour पर क्यों आया संकट? अफगानिस्तान सीरीज की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर खड़ा हो गया है। भारत के सितंबर में बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अब तारीखों में टकराव की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि Bangladesh Tour 2026 को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दौरे को बचाने के लिए कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल अंतिम तस्वीर साफ नहीं है। क्रिकेट कैलेंडर में भारत के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए दोनों सीरीज को एक साथ आयोजित करना आसान नहीं होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में BCCI और संबंधित क्रिकेट बोर्ड के बीच बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। Asian Games से पहले टीम इंडिया के लिए अहम मौका अफगानिस्तान के खिलाफ यह T20 सीरीज भारतीय टीम के लिए सिर्फ तीन मुकाबलों तक सीमित नहीं होगी। सितंबर के बाद होने वाले Asian Games को देखते हुए ये मैच खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों को परखने का मौका भी दे सकते हैं। T20 क्रिकेट में अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ वर्षों में मजबूत चुनौती बनकर सामने आई है। उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख कुछ ही ओवर में बदलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए टीम इंडिया के लिए घरेलू मैदान पर भी मुकाबले आसान नहीं माने जा सकते। Fans की नजर अब Bangladesh Tour पर फिलहाल क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा आकर्षण दिल्ली में होने वाली India-Afghanistan T20 सीरीज है। लेकिन इसके साथ ही सबकी नजर इस बात पर भी रहेगी कि भारत का Bangladesh Tour होगा या नहीं। अगर कार्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ तो सितंबर का क्रिकेट कैलेंडर काफी दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान की T20 भिड़ंत होगी, तो दूसरी ओर बांग्लादेश दौरे को लेकर लगातार अटकलें जारी रहेंगी। कुल मिलाकर, 13, 15 और 17 सितंबर को होने वाली India vs Afghanistan T20 Series ने भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश दौरे को लेकर बोर्ड क्या फैसला लेते हैं और टीम इंडिया का अगला सफर किस दिशा में जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ghatkopar Landslide

Ghatkopar Landslide: मुंबई में बारिश बनी आफत, लैंडस्लाइड में 6 लोगों की मौत; Rescue Operation जारी

मुंबई की बारिश एक बार फिर मुश्किलें लेकर आई है। घाटकोपर में लैंडस्लाइड (Ghatkopar Landslide) की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। भारी मलबा गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। संकरी गलियों में Rescue Operation बना चुनौती हादसे की सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक भारी मशीनरी पहुंचाना है। घाटकोपर के जिस इलाके में मलबा गिरा है, वहां की गलियां काफी संकरी हैं। ऐसे में JCB और दूसरी बड़ी मशीनों की आवाजाही आसान नहीं है। रेस्क्यू टीम छोटे उपकरणों और कैमरों की मदद से मलबे के अंदर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रही है। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटा रहे हैं, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश हादसे के बाद मौके का माहौल बेहद भावुक है। स्थानीय लोग भी अपनों की जानकारी के लिए घटनास्थल के आसपास जुटे हुए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार मलबे की जांच कर रही है और कैमरों के जरिए अंदर की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बचाव अभियान में हर मिनट अहम माना जा रहा है। टीमों की कोशिश है कि मलबे में किसी व्यक्ति के दबे होने की संभावना को पूरी तरह जांचा जाए। लगातार बारिश ने बढ़ाई परेशानी मुंबई में मानसून के दौरान लगातार बारिश से कई इलाकों में जमीन खिसकने और जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। घाटकोपर की घटना के दौरान भी मौसम और स्थानीय परिस्थितियां Rescue Operation के लिए चुनौती बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं। 6 मौतों से इलाके में मातम इस हादसे में 6 लोगों की जान जाने की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, 4 घायलों का इलाज कराया जा रहा है। परिवारों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है और सभी की नजर अब राहत-बचाव अभियान पर टिकी है। घाटकोपर की यह घटना मुंबई में मानसून के दौरान कमजोर ढलानों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटी हैं। Mumbai Landslide Latest Update: घाटकोपर में हुए इस हादसे में 6 लोगों की मौत और 4 लोगों के घायल होने की सूचना है। संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों को मौके तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है, जबकि कैमरों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi on Gen Z: Shortcut के पीछे न भागें युवा, संघर्ष और मेहनत से बनती है Success

नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की Biography लॉन्च के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने Gen Z को एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज जब Reels और Short Videos के जरिए कुछ सेकंड में सफलता की तस्वीर सामने आ जाती है, ऐसे समय में युवाओं को Shortcut के पीछे भागने के बजाय मेहनत और संघर्ष से सीखना चाहिए। मोदी ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता को सिर्फ उसके अंतिम मुकाम से नहीं देखना चाहिए। उसके पीछे की मेहनत, मुश्किलें और लंबे संघर्ष को समझना भी उतना ही जरूरी है। यही अनुभव आगे बढ़ने की असली सीख देते हैं। Reels की दुनिया में Shortcut से बचने की सलाह आज सोशल मीडिया पर सफलता अक्सर बहुत आसान दिखाई देती है। कोई व्यक्ति अचानक वायरल होता है और कुछ ही समय में लोकप्रिय हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को इसी सोच से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन में हर चीज जल्दी हासिल करने की कोशिश सही रास्ता नहीं है। Shortcut कई बार मंजिल तक पहुंचाने के बजाय आपकी क्षमता और यात्रा को छोटा कर सकता है। मोदी का यह संदेश खास तौर पर Gen Z के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पीढ़ी सोशल मीडिया, Reels और Short-form Content के बीच बड़ी हुई है। दूसरों की Success नहीं, उनकी Struggle भी देखें प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे किसी सफल व्यक्ति को देखकर सिर्फ उसकी उपलब्धियों पर ध्यान न दें। यह जानने की कोशिश करें कि उस मुकाम तक पहुंचने में उसने किन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने Biography और Autobiography पढ़ने पर भी जोर दिया। ऐसी किताबों के जरिए युवाओं को यह समझने का मौका मिलता है कि बड़ी उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत, असफलताएं और कठिन फैसले भी होते हैं। Ram Nath Kovind की Biography क्यों खास है? कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” का विमोचन किया गया। इसमें उनके जीवन, संघर्ष, सार्वजनिक जीवन और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की यात्रा को सामने रखा गया है। रामनाथ कोविंद 2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनका जीवन एक साधारण सामाजिक पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी भी है। यही वजह है कि उनकी जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनती है। युवाओं के लिए क्यों जरूरी है यह संदेश? आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता देखकर यह लग सकता है कि कामयाबी कुछ ही समय में हासिल की जा सकती है। लेकिन असल जिंदगी में तस्वीर अलग होती है। किसी भी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाने के लिए लगातार सीखना, मेहनत करना और असफलताओं से आगे बढ़ना जरूरी होता है। पीएम मोदी ने इसी बात को सरल तरीके से युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की। PM Modi के संदेश का सार रामनाथ कोविंद की Biography के लॉन्च कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सिर्फ किताब पढ़ने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन में Patience, Hard Work और Experience की अहमियत समझाने की कोशिश की। Reels कुछ सेकंड में किसी की Success दिखा सकती हैं, लेकिन उस सफलता तक पहुंचने में कितने साल लगे, यह अक्सर नजर नहीं आता। इसलिए Gen Z के लिए संदेश साफ है—दूसरों की मंजिल देखकर प्रभावित होने के बजाय उनकी पूरी Journey को समझें और अपने रास्ते पर लगातार मेहनत करें। यही वजह है कि कोविंद की जीवन यात्रा और पीएम मोदी की सलाह को एक साथ देखा जाए तो दोनों का संदेश एक जैसा नजर आता है—सफलता का कोई आसान Shortcut नहीं होता, असली कामयाबी मेहनत और संघर्ष से बनती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah vs Rahul Gandhi: छात्रों के मुद्दे पर संसद में घमासान, शाह ने दी बहस की चुनौती

संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, लेकिन छात्रों से जुड़े मुद्दे ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आमने-सामने की स्थिति बन गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्ष को सदन में चर्चा शुरू करने की चुनौती दी है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से सीधा जवाब मांगा है। शाह ने साफ कहा कि सरकार संसद में उठने वाले हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बहस शुरू करने को कहा और संकेत दिया कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है तो सदन में मुद्दा उठाए, सरकार जवाब देगी। शाह बोले- चर्चा से पीछे नहीं हटेगी सरकार अमित शाह का कहना है कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा से भाग नहीं रही है। विपक्ष चाहे तो चर्चा शुरू करे और सरकार की तरफ से हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। सरकार का यह रुख ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष चाहता है कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तार से चर्चा हो और जिम्मेदारी तय की जाए। Rahul Gandhi ने उठाया छात्रों पर कार्रवाई का सवाल वहीं, राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के मुद्दे को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि यदि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर उठाए सवाल राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने छात्रों पर गोली चलाए जाने के दावे को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन स्थल पर गोली चलने की बात सही नहीं है। यानी इस पूरे मामले में सरकार और विपक्ष के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। विपक्ष जहां कार्रवाई और जवाबदेही का सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा आरोपों को गलत बताते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। Parliament में आज क्यों अहम है बहस? मानसून सत्र के अंतिम दिनों में छात्र आंदोलन का मुद्दा संसद की राजनीति के केंद्र में आ गया है। अगर सदन में इस विषय पर चर्चा होती है तो सरकार और विपक्ष दोनों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का मौका मिलेगा। अमित शाह के बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष किस तरह बहस को आगे बढ़ाता है और सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े सवालों पर क्या जवाब सामने आता है। सड़क से संसद तक पहुंचा छात्रों का मुद्दा छात्रों से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। संसद में इसके उठने से मामला सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ सरकार चर्चा के जरिए जवाब देने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष कार्रवाई को लेकर जवाबदेही मांग रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में संसद में होने वाली बहस से यह साफ हो सकता है कि छात्रों से जुड़े इस विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष क्या है और विपक्ष के सवालों का क्या जवाब मिलता है। Parliament Student Protest से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में भी राजनीतिक रूप से अहम बना रह सकता है, क्योंकि अब बहस केवल आरोप-प्रत्यारोप तक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कार्रवाई के सवाल तक पहुंच चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JSSC

JSSC-CGL Protest: झारखंड में 19 दिन से Students आंदोलन, CBI जांच की मांग पर कायम अभ्यर्थी

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके। 19 दिन से जारी है Students Protest JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़े अभ्यर्थी पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि संबंधित मामलों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर पड़ता है। यही वजह है कि छात्र इस बार अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। सरकार ने कुछ मांगों पर लिया Action छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC Civil Services Exam को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से कुछ अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच की बात भी कही गई है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL और CBI जांच से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं आता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। विधानसभा March के दौरान बढ़ा विवाद आंदोलन के दौरान छात्रों ने विधानसभा की ओर March करने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की, जिसके बाद मामला और गरमा गया। घटना के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया, जबकि सरकार बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाने की बात कह रही है। आंदोलन स्थल पर Medical Team ने की जांच लगातार कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच आंदोलन स्थल पर छात्रों के स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है। मेडिकल टीम ने प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों की स्थिति का जायजा लिया। छात्रों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना है कि नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा और भरोसेमंद भर्ती प्रक्रिया मिलनी चाहिए। छात्रों की मांग पर अब सबकी नजर झारखंड का यह आंदोलन अब सिर्फ JSSC-CGL Exam तक सीमित नहीं रह गया है। यह सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भरोसे से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत बेहद अहम होगी। फिलहाल Jharkhand Student Protest का 19वां दिन भी आंदोलन के साथ ही खत्म होता नजर आ रहा है। अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनकी JSSC-CGL Cancel और CBI जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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N Chandrasekaran

N Chandrasekaran Resigns: Tata Sons में बड़ा फेरबदल, फरवरी 2027 के बाद कौन संभालेगा कमान?

Tata Group के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। N Chandrasekaran ने Tata Sons के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। हालांकि, यह बदलाव तुरंत नहीं होगा। चंद्रशेखरन अपने मौजूदा कार्यकाल के पूरा होने तक चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होगा। चंद्रशेखरन के इस फैसले ने Tata Group के अगले नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। खासकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से Tata Trusts और Tata Sons के बीच governance और leadership को लेकर मतभेदों की खबरें आती रही हैं। AGM से पहले आया बड़ा फैसला Tata Sons की Annual General Meeting यानी AGM 18 अगस्त 2026 को होने वाली है। इस बैठक से पहले चंद्रशेखरन का पद छोड़ने का फैसला सामने आया है। ऐसे में AGM और उसके बाद होने वाली गतिविधियों पर कारोबारी जगत की नजर बनी हुई है। चंद्रशेखरन फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे, इसलिए Tata Sons को नए चेयरमैन के लिए तैयारी करने का समय मिल जाएगा। फरवरी 2027 के बाद समूह की कमान किसके हाथ में होगी, यह आने वाले महीनों में सबसे बड़ा सवाल रहने वाला है। Noel Tata से मतभेद की खबरों ने बढ़ाई हलचल चंद्रशेखरन के फैसले के साथ Noel Tata का नाम भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स में Tata Trusts और Tata Sons के नेतृत्व के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद की बात कही गई है। इनमें Tata Sons की future strategy, board representation और कंपनी की संभावित public listing जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन कथित मतभेदों को लेकर सभी दावे आधिकारिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए। 2017 में संभाली थी Tata Sons की जिम्मेदारी N Chandrasekaran ने 2017 में Tata Sons के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वह TCS के CEO और MD रह चुके थे। Tata Sons की कमान संभालने वाले वह Tata परिवार से बाहर के प्रमुख प्रोफेशनल चेहरों में से एक रहे हैं। उनके कार्यकाल में Tata Group ने कई बड़े कारोबारी फैसले किए। Air India की Tata Group में वापसी, अलग-अलग कारोबारों में निवेश और समूह की global presence बढ़ाने की दिशा में भी इस दौरान महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। Tata Trusts की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है? Tata सिर्फ एक सामान्य holding company नहीं है। यह Tata Group के कई बड़े कारोबारों के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती है। TCS, Tata Motors, Tata Steel, Tata Power और Air India जैसे बड़े नाम समूह का हिस्सा हैं। अब सबसे बड़ा सवाल—अगला चेयरमैन कौन? चंद्रशेखरन के फैसले के बाद अब Tata Group में succession planning पर सबकी नजर रहेगी। फरवरी 2027 तक उनके पद पर बने रहने से नए नेतृत्व की तलाश और transition को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का समय मिलेगा। यह बदलाव सिर्फ एक चेयरमैन के जाने तक सीमित नहीं है। Tata Group जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें अगला चेयरमैन कंपनी की growth strategy, governance और future expansion में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निवेशकों की भी नजर Tata Group की listed कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। नेतृत्व में बदलाव का असर आगे चलकर समूह की रणनीति और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी शेयर पर सिर्फ इस खबर के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। फिलहाल तस्वीर साफ है—N Chandrasekaran फरवरी 2027 तक Tata Sons की कमान संभालेंगे, लेकिन उसके बाद Tata Group को नया नेतृत्व मिलेगा। अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है और Tata Trusts की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में कितनी अहम रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 21 रन का योगदान दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए। दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए और बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया। अब फाइनल पर भारत की नजर इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज कर रहा है और अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी।

Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

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