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Census 2027

India Census 2027: इस बार पूछे जाएंगे 40 Questions, Caste से लेकर Education तक होगी जानकारी

देश में अगली जनगणना यानी Census 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गृह मंत्रालय की ओर से Population Enumeration Phase के लिए सवालों की सूची अधिसूचित कर दी गई है। इस बार जनगणना में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार, शिक्षा, रोजगार, धर्म, जाति, भाषा और पहचान से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। आम लोगों के लिए यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि जनगणना का असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता। सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कई योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करती है। Census 2027 में क्या-क्या पूछा जाएगा? जनगणना अधिकारी परिवार के सदस्यों से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछेंगे। इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र जैसी सामान्य जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, विवाह की उम्र, पति या पत्नी का नाम और माता-पिता से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। Religion और Caste की भी होगी जानकारी इस बार Census 2027 में धर्म और जाति से जुड़े सवाल खास चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित जानकारी के साथ जाति का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही व्यक्ति की मातृभाषा और दूसरी भाषाओं के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। इससे देश की सामाजिक और भाषाई तस्वीर को समझने में मदद मिलेगी। Education और Job की स्थिति भी पूछी जाएगी जनगणना में लोगों की शिक्षा और रोजगार की स्थिति को भी दर्ज किया जाएगा। व्यक्ति ने कितनी पढ़ाई की है, वह पिछले वर्ष किसी आर्थिक गतिविधि में शामिल था या नहीं और उसका काम किस तरह का है—इनसे जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। जो लोग नौकरी या व्यवसाय में नहीं हैं, उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा होगी। महिलाओं से बच्चों को लेकर सवाल महिलाओं से उनके जीवन में जन्मे बच्चों और वर्तमान में जीवित बच्चों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। पिछले एक साल में बच्चे के जन्म से जुड़ा सवाल भी पूछा जाएगा। इन आंकड़ों से देश में Birth Rate और Population Growth के बदलते रुझानों को समझने में मदद मिल सकती है। Aadhaar और अन्य ID की जानकारी भी शामिल Census 2027 की प्रश्नावली में पहचान से जुड़े दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी मांगी जाएगी। इसमें Aadhaar, Voter ID, Passport और Driving Licence से संबंधित सवाल शामिल हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली में रखी गई है। COVID-19 vaccination से संबंधित सवाल भी शामिल किए गए हैं। दो चरणों में पूरी होगी जनगणना Census 2027 की पूरी प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में Houselisting and Housing Census के जरिए घरों और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है। दूसरे चरण में Population Enumeration होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। सामान्य क्षेत्रों में Population Enumeration फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। Digital होगी Census 2027 इस बार की जनगणना की एक बड़ी खासियत इसका Digital Format है। सरकार ने डिजिटल माध्यम से जानकारी जुटाने और Self-Enumeration की सुविधा पर भी जोर दिया है। यानी आने वाली जनगणना में तकनीक की भूमिका पहले के मुकाबले काफी ज्यादा रहने वाली है। क्यों महत्वपूर्ण है Census 2027? जनगणना से मिलने वाले आंकड़े देश की मौजूदा स्थिति की एक बड़ी तस्वीर सामने रखते हैं। कितने लोग पढ़े-लिखे हैं, कितने लोग रोजगार से जुड़े हैं, आबादी किस तरह के क्षेत्रों में रहती है और समाज में किस तरह के बदलाव हो रहे हैं—इन सवालों के जवाब जनगणना के आंकड़ों से मिलते हैं। इसलिए Census 2027 आम नागरिक के लिए सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं है। घर पर जब जनगणना अधिकारी पहुंचे, तो सही और सटीक जानकारी देना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Awarapan 2

Emraan Hashmi की Awarapan 2 ने मचाया Craze, Shivam Pandit की वापसी पर थिएटर में जमकर तालियां

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार Emraan Hashmi ने बड़े पर्दे पर अपने चर्चित किरदार Shivam Pandit के रूप में वापसी कर ली है। 14 अगस्त को रिलीज हुई Awarapan 2 को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता थी। फिल्म देखने के बाद सामने आ रहे शुरुआती reactions में कहीं तालियों की बात हो रही है तो कहीं पुराने Awarapan की यादों की। 19 साल बाद फिर दिखा शिवम पंडित का अंदाज 2007 में आई Awarapan उस समय बॉक्स ऑफिस पर बड़ा कमाल नहीं कर पाई थी, लेकिन धीरे-धीरे फिल्म ने दर्शकों के बीच खास जगह बना ली। इमरान हाशमी का शिवम पंडित वाला किरदार और फिल्म का संगीत आज भी उनके फैन्स को याद है। अब करीब 19 साल बाद Awarapan 2 के साथ वही किरदार एक नई कहानी लेकर लौटा है। यही वजह है कि फिल्म की रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर इसका खासा buzz देखने को मिल रहा था। Emraan Hashmi की स्क्रीन प्रेजेंस बनी Highlight Awarapan 2 देखने के बाद शुरुआती दर्शकों की सबसे ज्यादा तारीफ Emraan Hashmi को लेकर सामने आई है। शिवम पंडित के किरदार में उनकी intensity और emotional scenes ने पुराने फैन्स को फिर से जोड़ने का काम किया है। कुछ दर्शकों ने सोशल मीडिया पर फिल्म को entertaining बताया, जबकि कई फैन्स ने इमरान की वापसी को franchise की सबसे बड़ी ताकत माना। थिएटर में कुछ खास सीन्स के दौरान तालियों और सीटियों की आवाज भी सुनने को मिली। Action के साथ Emotion भी फिल्म में सिर्फ action और revenge पर फोकस नहीं किया गया है। कहानी में emotional moments भी हैं, जो किरदारों की परिस्थितियों को समझने का मौका देते हैं। यही balance Awarapan 2 को सिर्फ एक action movie बनने से रोकता है। हालांकि कुछ दर्शकों को कहानी की रफ्तार कुछ जगह धीमी भी लगी है। इसलिए audience reaction पूरी तरह एकतरफा नहीं कहा जा सकता। Music ने फिर दिलाई पुराने Awarapan की याद Awarapan की पहचान उसकी कहानी के साथ-साथ उसके music से भी रही है। सीक्वल में भी संगीत को काफी अहमियत दी गई है। पुराने फैन्स के लिए फिल्म के गानों और emotional background music में पुरानी फिल्म की झलक मिलती है। यही nostalgia कई दर्शकों के लिए Awarapan 2 का सबसे खास हिस्सा बन रहा है। Disha Patani समेत ये सितारे भी अहम रोल में फिल्म में Emraan Hashmi के साथ Disha Patani और Shabana Azmi जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं। निर्देशन की जिम्मेदारी Nitin Kakkar ने संभाली है। फिल्म की कहानी को इस तरह आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है कि पुराने दर्शकों को शिवम पंडित से जुड़ाव महसूस हो और नए दर्शकों के लिए भी कहानी अपने दम पर खड़ी रहे। क्या Awarapan 2 है पैसा वसूल? शुरुआती audience reactions को देखकर कहा जा सकता है कि Emraan Hashmi के फैन्स को फिल्म ने निराश नहीं किया है। खासकर शिवम पंडित की वापसी, action और emotional scenes को पसंद किया जा रहा है। हालांकि फिल्म को लेकर अंतिम फैसला अभी जल्दबाजी होगा। आने वाले दिनों में Box Office Collection और दर्शकों की लंबी प्रतिक्रिया से पता चलेगा कि Awarapan 2 सिर्फ nostalgia तक सीमित रहती है या एक बड़ी theatrical hit बनती है। Awarapan 2 Verdict अगर आप Emraan Hashmi के फैन हैं या 2007 वाली Awarapan से खास लगाव रखते हैं, तो शिवम पंडित को दोबारा बड़े पर्दे पर देखना आपके लिए खास अनुभव हो सकता है। शुरुआती माहौल में फिल्म को लेकर excitement साफ नजर आ रही है और फिलहाल कई दर्शकों की जुबान पर एक ही बात है—“शिवम पंडित की वापसी पैसा वसूल लग रही है।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk का बड़ा बयान: 2047 तक विकसित देश बनने के लिए चाहिए सही Leadership

भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। स्वतंत्रता दिवस से पहले जारी अपने वीडियो संदेश में उन्होंने देश के भविष्य, राजनीतिक नेतृत्व और मौजूदा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। वांगचुक का कहना है कि भारत के पास आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है, लेकिन केवल आर्थिक आंकड़ों से देश को विकसित राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए बेहतर नेतृत्व, मजबूत संस्थाएं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। 2047 के लक्ष्य पर वांगचुक ने जताई चिंता सोनम वांगचुक ने सवाल उठाया कि क्या मौजूदा परिस्थितियों में भारत 2047 तक एक विकसित और सम्मानित राष्ट्र बन पाएगा। उन्होंने भारत की तुलना कुछ एशियाई देशों से करते हुए कहा कि कई छोटे देश भी अपने नागरिकों की आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर सुधारने में तेजी से आगे बढ़े हैं। उन्होंने श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों का उदाहरण देते हुए भारत को अपनी विकास यात्रा का ईमानदारी से आकलन करने की जरूरत बताई। वांगचुक का संदेश साफ था—भारत के पास संसाधन और प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उस दिशा और नेतृत्व की है जो इन क्षमताओं का सही इस्तेमाल कर सके। ‘Peaceful Revolution’ की जरूरत क्यों बता रहे हैं? वांगचुक ने देश में बदलाव के लिए ‘Peaceful Revolution’ यानी शांतिपूर्ण क्रांति की बात कही। हालांकि, उनके मुताबिक इसका मतलब हिंसा या टकराव नहीं है। वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यवस्था में सुधार की बात कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे नेताओं और जनप्रतिनिधियों को आगे लाने पर विचार करें जो ईमानदार, निडर, जिम्मेदार और देशहित को प्राथमिकता देने वाले हों। उनका मानना है कि केवल सरकार बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती। बदलाव तब आता है जब नागरिक भी अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक होते हैं। Political Leadership पर उठाए सवाल वांगचुक ने राजनीतिक व्यवस्था में नेतृत्व के चयन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो व्यक्तिगत फायदे से ऊपर उठकर लंबे समय के लिए राष्ट्रहित में फैसले ले सकें। उन्होंने लोगों से ऐसे संभावित नेताओं के नाम सुझाने को कहा, जिन पर उन्हें भरोसा है। इसके जरिए वह देश के अलग-अलग हिस्सों से अच्छे नेतृत्व की तलाश और उस पर चर्चा शुरू करना चाहते हैं। ‘Second Independence Movement’ का दिया नाम वांगचुक ने अपनी पहल को ‘India’s Second Independence Movement’ का नाम दिया है। उनका उद्देश्य इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ अभियान बनाने के बजाय व्यवस्था और नेतृत्व में सुधार की व्यापक पहल के रूप में पेश करना है। उन्होंने लोगों से अपने विचारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और अलग-अलग भारतीय भाषाओं में चर्चा बढ़ाने की अपील की। सिर्फ Economy नहीं, लोगों की जिंदगी भी मायने रखती है विकसित देश बनने की चर्चा अक्सर GDP, निवेश और Infrastructure जैसे आंकड़ों के आसपास घूमती है। लेकिन वांगचुक के सवाल का दूसरा पहलू आम लोगों की जिंदगी से जुड़ा है। बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्यावरण, पारदर्शी प्रशासन और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं भी किसी देश के विकास की अहम पहचान होती हैं। यही वजह है कि उनका बयान सिर्फ 2047 के लक्ष्य पर सवाल नहीं है, बल्कि यह पूछता है कि उस लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता कैसा होना चाहिए। अब बहस सिर्फ 2047 की नहीं, रास्ते की भी है भारत के लिए 2047 एक बड़ा लक्ष्य है। लेकिन सोनम वांगचुक के बयान ने इस लक्ष्य के साथ एक अहम सवाल जोड़ दिया है—क्या केवल लक्ष्य तय करना काफी है या उसे हासिल करने के लिए व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है? उनकी ‘Peaceful Revolution’ की अपील पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस से पहले उनका संदेश देश में नेतृत्व, विकास और नागरिक भागीदारी को लेकर एक नई चर्चा जरूर खड़ी करता है। आखिर 2047 का भारत कैसा होगा, यह सिर्फ सरकारों के फैसलों से तय नहीं होगा। इसमें देश के करोड़ों नागरिकों की सोच, भागीदारी और जिम्मेदारी की भी बड़ी भूमिका होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chamoli

Chamoli Tunnel हादसा: 22 मजदूर थे अंदर, 7 की मौत के बाद 3 को बचाने में जुटीं Rescue Teams

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम हुए Chamoli Tunnel Accident ने एक बार फिर पहाड़ों में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन विष्णुगढ़-पीपलकोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक सुरंग में घुसा पानी और मलबा घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। सुरंग के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक पानी और मलबा तेजी से अंदर आ गया। कुछ ही देर में सुरंग का रास्ता प्रभावित हो गया और कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। NDRF, SDRF, ITBP और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरंग के अंदर पानी का स्तर बढ़ने और मलबे के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 22 मजदूर थे सुरंग के अंदर अधिकारियों के मुताबिक हादसे के समय सुरंग में कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 3 अन्य अभी लापता हैं। कुछ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भी पहुंचाया गया है। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए। पानी और मलबा लगातार चुनौती बना हुआ है, इसलिए बचाव अभियान सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। CM पुष्कर सिंह धामी पहुंचे घटनास्थल हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से बातचीत कर अभियान की जानकारी ली और सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ तेजी से बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। Rescue Operation में जुटी कई एजेंसियां सुरंग के भीतर हालात चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है। NDRF और SDRF के साथ ITBP तथा अन्य एजेंसियां मौके पर काम कर रही हैं। पानी निकालने और मलबा हटाने के लिए उपलब्ध उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सुरंग में पानी का स्तर बढ़ने से रेस्क्यू टीमों के लिए अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद फंसे मजदूरों को जल्द सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है। हिमालयी क्षेत्र में Tunnel Safety फिर सवालों में चमोली का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हिमालयी इलाकों में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है। इस क्षेत्र की पहाड़ी संरचना, भौगोलिक अस्थिरता और अचानक बदलती परिस्थितियां सुरंग निर्माण को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। सात मजदूरों की मौत से उनके परिवारों में मातम है, जबकि सुरंग में लापता तीन मजदूरों के परिवारों को अब भी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

India-Pakistan Tension: पानी और कश्मीर पर शहबाज शरीफ का बड़ा बयान, बोले- रुख नहीं बदलेगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को पानी के मुद्दे पर एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले दिए अपने संबोधन में शरीफ ने कहा कि उनके देश के पानी की हर बूंद बेहद अहम है और इसे लेकर किसी भी तरह का खतरा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी समझना भारी पड़ सकता है। शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब India-Pakistan Relations पहले से ही पानी, कश्मीर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण हैं। पानी के मुद्दे पर भारत को सीधा संदेश इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी पाकिस्तान के लिए एक Red Line है। उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान के जल अधिकारों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो देश अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जवाब देगा। शरीफ ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता। उनका कहना था कि उनका देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन शांति की इस इच्छा को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। Kashmir पर रुख बदलने को तैयार नहीं पाकिस्तान अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने Kashmir Issue का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ किया कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर लंबे समय से सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों में रहा है। दोनों देशों के इस मामले में अलग-अलग दावे और नीतियां हैं। ऐसे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का ताजा बयान एक बार फिर इस विवाद को सुर्खियों में ले आया है। Asim Munir की Leadership की तारीफ शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता से जोड़कर पेश किया। शरीफ ने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी गई, तो देश उसका मजबूती से सामना करेगा। उनके इस बयान को पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच तालमेल के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। Yaadgar-e-Fatah का उद्घाटन शहबाज शरीफ का यह बयान यादगार-ए-फतह के उद्घाटन कार्यक्रम में आया। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पाकिस्तान ने इस स्मारक को अपने सैनिकों और संघर्ष के दौरान जान गंवाने वालों की याद से जोड़ा है। कार्यक्रम में देश की सुरक्षा और सैन्य क्षमता को लेकर भी संदेश दिए गए। India-Pakistan Tension पर फिर बढ़ी नजर पानी और कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान की ओर से आए ताजा बयानों ने India-Pakistan Tension को फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद काफी गंभीर रहे हैं। शहबाज शरीफ के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि पाकिस्तान पानी और कश्मीर जैसे मुद्दों पर अपने पुराने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच भविष्य में बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की संभावना बनी रहती है।
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Air India

Air India Flight: Phuket-Delhi विमान ने खोया Control, 4 सेकेंड में 300 फीट नीचे गिरा

Phuket से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को अचानक ऐसा पल आया, जिसने विमान में बैठे यात्रियों और Crew की सांसें थाम दीं। उड़ान के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 4 सेकेंड तक विमान के कुछ अहम Flight Controls ने काम नहीं किया। Airbus की Preliminary Analysis ने इस घटना को सामान्य Turbulence से कहीं ज्यादा गंभीर Technical Incident बताया है। 4 सेकेंड तक नहीं मिला Control Input का जवाब Airbus के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, घटना के दौरान विमान के तीनों Hydraulic Systems में दबाव से जुड़ी समस्या सामने आई। इसका असर Elevator और Aileron जैसे महत्वपूर्ण Flight Controls पर पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, First Officer ने विमान को नियंत्रित करने के लिए Nose-Down Input दिया, लेकिन उस समय Flight Control Surfaces ने तुरंत अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी। करीब चार सेकेंड बाद सिस्टम ने दोबारा काम करना शुरू किया और पायलट विमान को संभालने में सफल रहे। इसी दौरान Autopilot भी Disconnect हुआ था। अचानक 300 फीट नीचे आया विमान AI2379 में 137 यात्री और 8 Crew Members सवार थे। उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई। घटना में यात्रियों और Crew को चोटें आईं और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या में अंतर सामने आया है, जबकि हालिया Airbus Analysis में कुल 24 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। एक मिनट में कई Warning Alerts घटना के बाद सामने आए Maintenance Data ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के सिस्टम में कम समय के भीतर Hydraulic System, Autopilot और Flight Controls से जुड़े कई Warning Alerts दर्ज हुए थे। इससे जांचकर्ताओं के सामने यह सवाल है कि क्या वास्तव में तीनों Hydraulic Systems में एक साथ खराबी आई थी या किसी Sensor, Pressure Switch अथवा दूसरे Technical Component की वजह से गलत संकेत मिले। फिलहाल Final Cause तय नहीं हुआ है। शुरुआत में Turbulence माना गया, जांच में बदली तस्वीर घटना के शुरुआती विवरण में इसे Turbulence से जोड़कर देखा गया था। लेकिन जैसे-जैसे Flight Data और Maintenance Records की जानकारी सामने आई, Technical Failure का पहलू ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया। Airbus ने आगे की जांच के लिए Air India से Aircraft Maintenance Records और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी है। AAIB इस मामले की जांच कर रहा है और Airbus तथा फ्रांस की BEA भी तकनीकी जांच में सहयोग कर रहे हैं। Pilot Drug Test ने भी बढ़ाई चिंता इस पूरे मामले में Pilot से जुड़ा एक अलग घटनाक्रम भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट के Captain का Confirmatory Drug Test Positive आया। इसके बाद Air India ने Air India और Air India Express के सभी Pilots की Mandatory Substance Screening शुरू करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक Pilot के Test Result और विमान में आई Technical Failure के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। दोनों पहलुओं की जांच अलग-अलग की जा रही है। Air India ने सभी Pilots की Screening शुरू की Air India का यह फैसला मौजूदा Regulatory Requirements से आगे बढ़कर लिया गया है। कंपनी ने अपने Group Pilots की Screening शुरू करने की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य Flight Safety को मजबूत करना और यात्रियों का भरोसा बनाए रखना बताया गया है। अब Final Investigation Report का इंतजार Phuket-Delhi Flight AI2379 की घटना ने Aviation Safety को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तीनों Hydraulic Systems में वास्तव में एक साथ समस्या आई थी, या किसी Component/Sensor की खराबी ने ऐसी स्थिति पैदा की? फिलहाल Airbus की Preliminary Analysis से यह जरूर सामने आया है कि विमान ने कुछ सेकेंड के लिए अहम Flight Controls की क्षमता खो दी थी। लेकिन घटना की पूरी वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए AAIB की Final Investigation Report का इंतजार करना होगा। एक सामान्य उड़ान में महज कुछ सेकेंड भी कितने अहम हो सकते हैं, AI2379 की यह घटना उसकी गंभीर याद दिलाती है। विमान आखिरकार सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया, लेकिन 300 फीट की अचानक गिरावट और करीब 4 सेकेंड तक Control Response न मिलना अब Aviation Investigators के लिए सबसे बड़ा सवाल बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 10 ग्राम Gold और 1 किलो Silver का नया भाव

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए गुरुवार का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। लगातार तेजी के बाद घरेलू बाजार में Gold और Silver Price में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब ₹972 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर लगभग ₹1.52 लाख पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में ₹3,414 प्रति किलो की कमी आई और यह करीब ₹2.34 लाख प्रति किलो रह गई। बाजार में आई इस नरमी का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जो आने वाले दिनों में शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। Gold Price Today: सोने के भाव में आई नरमी हालिया तेजी के बाद सोने की कीमतों में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Gold Rate में कमजोरी देखी गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें फिलहाल कीमती धातुओं की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। भारत में सोने की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय नहीं होती। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात लागत, स्थानीय मांग और अंतरराष्ट्रीय Gold Rate भी घरेलू भाव पर असर डालते हैं। 24 कैरेट Gold Rate कितना है? गुरुवार को 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां कीमत कुछ ऊपर-नीचे हो सकती है। आभूषण खरीदते समय यह भी ध्यान रखें कि बाजार में दिखाई जाने वाली सोने की कीमत और दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत एक जैसी नहीं होती। GST, Making Charges और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद बिल की राशि बढ़ सकती है। 22 कैरेट और 18 कैरेट Gold का क्या भाव? सोने की कीमत उसकी शुद्धता के हिसाब से बदलती है। इसलिए सोना खरीदते समय सिर्फ प्रति 10 ग्राम कीमत देखना काफी नहीं है। कैरेट और हॉलमार्क जरूर जांचें। Silver Price Today: चांदी भी ₹3,414 सस्ती सोने के साथ चांदी के बाजार में भी दबाव रहा। गुरुवार को चांदी करीब ₹3,414 प्रति किलो टूटकर ₹2.34 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Silver Price में कमजोरी देखने को मिली। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। चांदी की कीमत में आई यह गिरावट उन खरीदारों के लिए अहम है, जो निवेश के साथ-साथ सिक्के, बर्तन या अन्य चांदी के सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं। क्यों बदलते रहते हैं Gold-Silver Rates? सोने और चांदी की कीमतें किसी एक वजह से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीद, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और घरेलू मांग जैसे कई फैक्टर मिलकर भाव को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि सुबह और शाम के बीच भी Gold-Silver Rate में बदलाव देखने को मिल सकता है। खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो केवल बाजार में चल रहे रेट पर भरोसा न करें। खरीदारी से पहले BIS Hallmark, कैरेट, प्रति ग्राम कीमत, Making Charges और GST की जानकारी जरूर लें। एक दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना भी ठीक नहीं होगा कि कीमतें अब लगातार नीचे ही जाएंगी। कीमती धातुओं का बाजार तेजी से बदलता है, इसलिए खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से करना बेहतर है। Gold-Silver Price पर नजर क्यों जरूरी? सोना और चांदी भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं से भी जुड़े हैं। ऐसे में कुछ रुपये की गिरावट भी बड़ी खरीदारी करने वालों के लिए मायने रखती है। फिलहाल बाजार में आई नरमी ने खरीदारों को जरूर थोड़ी राहत दी है, लेकिन आगे के भाव पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nanded Gurudwara

Nanded Gurudwara Attack: सुखबीर बादल पर हमले से मचा हड़कंप, पुलिस ने संदिग्ध पकड़ा

महाराष्ट्र के नांदेड़ (Nanded Gurudwara) में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमले की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि बादल गुरुद्वारा परिसर में मौजूद थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ में चोट आई, जबकि उन्हें बचाने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गुरुद्वारा परिसर में अचानक हुआ हमला जानकारी के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब में धार्मिक सेवा के सिलसिले में मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनके नजदीक पहुंचा और हमला कर दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका। हमले में बादल के हाथ में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई गई। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था संभालने के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। हमलावर को पुलिस ने हिरासत में लिया घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे आरोपी की क्या मंशा थी। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस की ओर से हमले के मकसद को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल नांदेड़ के प्रमुख धार्मिक स्थल में सुखबीर बादल जैसे बड़े राजनीतिक नेता की मौजूदगी के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरे के इतने करीब कैसे पहुंचा। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में आगे की कार्रवाई जारी है। सुखबीर बादल पर पहले भी हो चुका है हमला सुखबीर सिंह बादल इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में भी हमले की कोशिश का सामना कर चुके हैं। उस समय भी सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया था। नांदेड़ की ताजा घटना ने एक बार फिर सुखबीर बादल की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर VIP सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल सुखबीर बादल की स्थिति को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार उन्हें चोट लगी है और घटना की जांच जारी है। पुलिस की जांच के बाद ही हमले की पूरी वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Modi-Shah Meet: कनिमोझी ने बढ़ाई सियासी हलचल, Tea Party से Rahul Gandhi और Akhilesh रहे दूर

संसद के गलियारों में इन दिनों राजनीतिक हलचल कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से जुड़ी एक चाय पार्टी चर्चा में आ गई है। इस दौरान विपक्ष की ओर से डीएमके सांसद कनिमोझी की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव वहां नजर नहीं आए। कनिमोझी की मौजूदगी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि संसद के भीतर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में किसी अनौपचारिक आयोजन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का साथ दिखाई देना राजनीतिक चर्चा को हवा दे देता है। कनिमोझी की मौजूदगी ने खींचा ध्यान डीएमके सांसद कनिमोझी लंबे समय से संसद में पार्टी की प्रमुख आवाजों में शामिल रही हैं। केंद्र की नीतियों पर डीएमके का कई मुद्दों पर अलग रुख रहा है। इसके बावजूद चाय पार्टी में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी। हालांकि, किसी अनौपचारिक कार्यक्रम में शामिल होना अपने आप में किसी राजनीतिक समझौते या गठबंधन में बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता। इसे सामान्य राजनीतिक संवाद के तौर पर भी देखा जा सकता है। Rahul Gandhi और Akhilesh Yadav क्यों नहीं आए? इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू राहुल गांधी और अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी है। दोनों नेताओं के शामिल नहीं होने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह कहना ठीक नहीं होगा कि दोनों नेताओं ने किसी रणनीति के तहत कार्यक्रम से दूरी बनाई। संसद में विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन हर कार्यक्रम में सभी नेताओं की मौजूदगी जरूरी नहीं होती। संसद के बाहर भी जारी है Political Buzz संसद का मौजूदा सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव का गवाह रहा है। एक ओर सरकार अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में मोदी और शाह के साथ चाय पार्टी में कनिमोझी की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चा को एक नया विषय दे दिया है। सोशल मीडिया से लेकर संसद के गलियारों तक इसे लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। क्या यह विपक्षी रणनीति में बदलाव का संकेत है? फिलहाल इसका जवाब देना जल्दबाजी होगी। किसी एक बैठक या चाय पार्टी के आधार पर विपक्षी दलों के राजनीतिक समीकरण का आकलन करना सही नहीं होगा। असली तस्वीर संसद में इन दलों के रुख और आने वाले दिनों में उनकी रणनीति से साफ होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि Modi-Shah Tea Party में Kanimozhi की मौजूदगी और Rahul Gandhi-Akhilesh Yadav की गैरमौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक माहौल में चर्चा जरूर बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में इस मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक बयान सामने आता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LNCT

LNCT Tiranga Yatra: हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति; वंदे भारत यात्रा में दिखा जोश

देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि उसे महसूस करने और दूसरों तक पहुंचाने में भी है। इसी भावना को सामने रखते हुए LNCT परिवार ने “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया। हाथों में लहराता तिरंगा, चेहरे पर उत्साह और दिल में देश के लिए सम्मान—यात्रा के दौरान ऐसा ही माहौल देखने को मिला। इस आयोजन में LNCT परिवार से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगे के साथ आगे बढ़ती यात्रा ने लोगों का ध्यान खींचा और पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम की भावना नजर आई। तिरंगे के साथ एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का उद्देश्य लोगों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन, बान और शान बताते हुए एकजुटता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला। युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऊर्जा दी और यह भी दिखाया कि नई पीढ़ी देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक है। युवाओं ने बढ़ाया कार्यक्रम का उत्साह LNCT परिवार के विद्यार्थियों ने यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते युवाओं के चेहरों पर देश के प्रति गर्व साफ दिखाई दिया। इस दौरान देश की एकता और अखंडता से जुड़े संदेश भी लोगों तक पहुंचाए गए। आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के इतिहास, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का काम करते हैं। साथ ही, सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करते हैं। लोगों ने भी दिखाई सहभागिता तिरंगा यात्रा के दौरान आम लोगों में भी उत्साह नजर आया। यात्रा को देखने के लिए कई लोग रुके और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन ने देशभक्ति की भावना को एक सामूहिक अनुभव में बदल दिया। यात्रा का संदेश साफ था—देश की ताकत उसकी एकता में है और तिरंगा इस एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। LNCT परिवार ने दिया राष्ट्रहित का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” LNCT परिवार के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास रहा। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी हर नागरिक के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने लोगों के बीच देशभक्ति का माहौल बनाया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का संदेश दिया। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 21 रन का योगदान दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए। दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए और बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया। अब फाइनल पर भारत की नजर इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज कर रहा है और अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी।

Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

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