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PM Modi

Independence Day 2026: लाल बांधनी पगड़ी में PM Modi, 13 साल के Looks में हर बार दिखी नई झलक

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन देशभर की नजरों में रहता है। लेकिन हर साल एक और चीज लोगों का ध्यान खींचती है—PM Modi का Independence Day Look। इस बार प्रधानमंत्री लाल रंग की पारंपरिक राजस्थानी बांधनी पगड़ी में नजर आए। पगड़ी के रंग और डिजाइन ने उनके पूरे लुक में देशी रंग भर दिया। सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ लाल बांधनी पगड़ी में प्रधानमंत्री का अंदाज बेहद पारंपरिक नजर आया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनके इस लुक की चर्चा देखने को मिली। लाल राजस्थानी पगड़ी ने खींचा लोगों का ध्यान इस बार प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी में राजस्थान की मशहूर बांधनी कला की झलक देखने को मिली। लाल रंग और पारंपरिक पैटर्न ने इसे खास बना दिया। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भारतीय परंपरा से जुड़े परिधान को जगह देना भी लोगों के लिए आकर्षण का विषय रहा। PM Modi के पहनावे में क्षेत्रीय संस्कृति की झलक पहले भी कई बार दिखाई देती रही है। यही वजह है कि उनके Independence Day Look का इंतजार भाषण की तरह ही खास रहता है। 13 साल में हर बार दिखा नया अंदाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था। तब से अब तक उनके पहनावे में लगातार बदलाव देखने को मिला है। खास तौर पर उनकी पगड़ी और साफा हर साल अलग रंग और डिजाइन में नजर आया। कभी चमकीले रंगों ने ध्यान खींचा, तो कभी पारंपरिक भारतीय शैलियों ने। इन अलग-अलग लुक में भारत के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति की झलक दिखाई देती रही है। यही सिलसिला इस बार भी जारी रहा और राजस्थान की बांधनी पगड़ी ने प्रधानमंत्री के Independence Day Look को अलग पहचान दे दी। PM Modi के लुक में दिखती है भारतीय संस्कृति प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस का पहनावा केवल एक Style Statement नहीं रहता। उनके कपड़ों में अक्सर भारत की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। इस बार राजस्थानी बांधनी पगड़ी ने भी इसी सांस्कृतिक जुड़ाव को सामने रखा। बांधनी राजस्थान और गुजरात की प्रसिद्ध पारंपरिक रंगाई कला है, जिसमें कपड़े पर छोटे-छोटे पैटर्न बनाए जाते हैं। हर साल क्यों चर्चा में रहता है PM का साफा? स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की पगड़ी की खास बात यह है कि इसमें हर बार कुछ नया देखने को मिलता है। रंग, डिजाइन और शैली में बदलाव के कारण लोगों की नजर उनके लुक पर भी रहती है। प्रधानमंत्री के 13 साल के Independence Day Looks पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि पगड़ी के जरिए अलग-अलग भारतीय परंपराओं को सामने लाने की कोशिश रही है। इस बार लाल राजस्थानी बांधनी पगड़ी ने एक बार फिर इस परंपरा को आगे बढ़ाया। लाल किले से संदेश के साथ दिखी परंपरा की झलक स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गर्व और उत्सव का दिन है। ऐसे में प्रधानमंत्री का पारंपरिक भारतीय पहनावा समारोह की तस्वीरों को और खास बना देता है। इस बार लाल पगड़ी में नजर आए पीएम मोदी का लुक भी इसी वजह से चर्चा में रहा। PM Modi Independence Day Look में इस बार राजस्थान की बांधनी परंपरा की झलक देखने को मिली। 13 वर्षों से चले आ रहे इस सिलसिले में हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का अंदाज अलग रहा और उनकी लाल राजस्थानी पगड़ी ने समारोह में भारतीय संस्कृति का रंग जोड़ दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Independence Day

Vande Mataram से गूंजा Red Fort: Independence Day पर PM Modi ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने आने वाले वर्षों की दिशा और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) पर जोर देते हुए कहा कि अब देश को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में भारत की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने करीब 12 साल में विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है। उन्होंने तकनीक, उत्पादन, अर्थव्यवस्था और देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब बड़े लक्ष्य तय करने की स्थिति में पहुंच चुका है। दूसरे देशों पर निर्भर नहीं, अपनी ताकत पर भरोसा पीएम मोदी के भाषण में Self-Reliant India सबसे अहम संदेशों में रहा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जरूरत की चीजों के लिए बाहरी निर्भरता कम करनी होगी। इसके लिए देश में उत्पादन बढ़ाना, नई तकनीक विकसित करना और युवाओं को अवसर देना जरूरी है। प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता इतनी मजबूत करना है कि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़ा हो सके। 12 साल में बदली देश की रफ्तार प्रधानमंत्री ने बीते 12 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। सड़क, रेलवे, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों को उन्होंने देश की बढ़ती क्षमता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। देश के सामने बड़े लक्ष्य हैं और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा। 2047 तक Viksit Bharat का लक्ष्य लाल किले से प्रधानमंत्री ने Viksit Bharat@2047 के संकल्प को भी दोहराया। भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को प्रधानमंत्री ने खास तौर पर रेखांकित किया। नई पीढ़ी की ऊर्जा, innovation और technology को भारत के अगले चरण के विकास से जोड़कर देखा गया। पहली बार Red Fort से गूंजा Vande Mataram इस स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे खास बातों में से एक लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन रहा। राष्ट्रगीत की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को भावनात्मक बना दिया। आजादी के आंदोलन से गहराई से जुड़ा ‘वंदे मातरम्’ जब लाल किले से गूंजा, तो समारोह में मौजूद लोगों के साथ देशभर में इसे देखने-सुनने वालों के लिए भी यह पल खास बन गया। Youth Power को बताया भारत की बड़ी ताकत प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के सपने को देश की युवा शक्ति से जोड़ते हुए युवाओं से innovation, entrepreneurship और technology के क्षेत्र में आगे आने की अपील की। आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नए अवसर और नए कारोबार पैदा करने वाला भी बन सकता है। भारत की बड़ी युवा आबादी को देश की आर्थिक और तकनीकी ताकत में बदलना आने वाले वर्षों की अहम चुनौती और संभावना दोनों है। आत्मनिर्भरता के साथ दुनिया में मजबूत भूमिका प्रधानमंत्री के संबोधन का सार केवल देश के भीतर विकास तक सीमित नहीं रहा। संदेश यह भी था कि भारत अपनी क्षमताओं को मजबूत करते हुए दुनिया में अपनी भूमिका और बढ़ाए। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र तक भारत की घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर आने वाले समय में भी जारी रहने के संकेत मिले। इसका सीधा असर रोजगार, निवेश और देश की आर्थिक ताकत पर पड़ सकता है। स्वतंत्रता दिवस पर PM Modi का बड़ा संदेश इस बार लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश तीन बड़े बिंदुओं के आसपास नजर आया—आत्मनिर्भर भारत, तेज विकास और Viksit Bharat@2047। वहीं पहली बार लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने समारोह में देशभक्ति और इतिहास की भावना को और मजबूत किया। देश के सामने अब सवाल केवल विकास की गति का नहीं, बल्कि यह भी है कि भारत अपनी क्षमता का इस्तेमाल कितनी तेजी से करता है। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था—भारत को अपनी ताकत पर भरोसा करना होगा और बड़े सपनों को पूरा करने के लिए मिलकर आगे बढ़ना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Masoud Pezeshkian

Masoud Pezeshkian India Visit: BRICS Summit में शामिल होंगे ईरानी राष्ट्रपति, India-Iran Relations पर फोकस

नई दिल्ली में सितंबर में होने वाला BRICS Summit 2026 इस बार सिर्फ आर्थिक सहयोग की बैठकों तक सीमित नहीं रहने वाला है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) भी भारत पहुंचेंगे और शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, ऐसे में पेजेशकियान की मौजूदगी को India-Iran Relations के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पेजेशकियान का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। यही वजह है कि नई दिल्ली में होने वाली BRICS बैठक के दौरान आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात और वैश्विक कूटनीति पर भी नजर रहेगी। BRICS Summit में शामिल होंगे ईरानी राष्ट्रपति ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था। संगठन में शामिल होने के बाद यह पहली बार है जब राष्ट्रपति पेजेशकियान भारत में BRICS के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उनकी मौजूदगी से संगठन में ईरान की भूमिका और भारत के साथ उसके संबंधों पर चर्चा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। भारत की अध्यक्षता में इस साल BRICS का फोकस Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability जैसे मुद्दों पर है। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, विकास और बदलती वैश्विक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर बातचीत हो सकती है। PM Modi से मुलाकात पर भी रहेंगी निगाहें पेजेशकियान के भारत दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित मुलाकात भी अहम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दे बातचीत का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में BRICS Summit के दौरान दोनों नेताओं की बैठक होती है तो India-Iran Relations को लेकर कुछ महत्वपूर्ण संकेत सामने आ सकते हैं। खासकर ऐसे वक्त में जब पश्चिम एशिया की राजनीति तेजी से बदल रही है। Chabahar Port और Connectivity भी अहम मुद्दे भारत और ईरान के रिश्तों में Chabahar Port की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह भारत के लिए मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक संपर्क बढ़ाने का एक अहम रास्ता माना जाता है। पेजेशकियान की यात्रा के दौरान कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की उम्मीद है। दोनों देशों के लिए यह दौरा पुराने संबंधों को नई दिशा देने का अवसर बन सकता है। West Asia Crisis के बीच क्यों खास है दौरा? पेजेशकियान ऐसे समय भारत आ रहे हैं जब West Asia में तनाव का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीतिक समाधान के जरिए क्षेत्र में स्थिरता की जरूरत पर जोर देता रहा है। BRICS में बढ़ रहा ईरान का प्रभाव BRICS में ईरान की एंट्री के बाद संगठन का दायरा और व्यापक हुआ है। ईरान अब आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन भारत और ईरान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत जहां BRICS के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखेगा, वहीं ईरान के लिए यह अपने आर्थिक और कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने का अवसर होगा। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पेजेशकियान का दौरा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tiranga Yatra

CM का सख्त संदेश: भारत को आंख दिखाने वालों को मिलेगा जवाब, Tiranga Yatra में गूंजा Akhand Bharat

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले निकली तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) में देशभक्ति के साथ Akhand Bharat का मुद्दा भी चर्चा में रहा। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह भारत माता के जयकारे और देशभक्ति के नारों से माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। देश अपनी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत दुश्मन की हर कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर उसके घर में घुसकर भी कार्रवाई कर सकता है। तिरंगा यात्रा में दिखा देशभक्ति का जोश तिरंगा यात्रा में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ नजर आए। कई लोगों के हाथों में तिरंगा था तो कुछ लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए यात्रा के साथ आगे बढ़ रहे थे। कार्यक्रम का माहौल ऐसा था कि रास्ते से गुजर रहे लोग भी कुछ देर रुककर यात्रा को देखते नजर आए। आयोजकों की ओर से लोगों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने की अपील की गई। Rameshwar ने लाहौर-ढाका में तिरंगा फहराने की बात कही कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर ने अखंड भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत काफी व्यापक रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने लाहौर और ढाका में तिरंगा फहराने की बात कही। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, यह बयान राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय भी बन सकता है। फिलहाल तिरंगा यात्रा के मंच से दिया गया यह संदेश कार्यक्रम की प्रमुख चर्चाओं में शामिल रहा। CM ने युवाओं से किया देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है। इसके पीछे करोड़ों भारतीयों की भावनाएं, स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और देश के लिए दिए गए बलिदानों की कहानी जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और विकास में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उनका कहना था कि मजबूत भारत केवल सरकार या सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की इसमें भूमिका है। Independence Day से पहले राष्ट्रीय एकता का संदेश स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई इस Tiranga Yatra ने शहर में देशभक्ति का माहौल बनाया। कार्यक्रम में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और देश के गौरव से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा में एक तरफ जहां आजादी के पर्व का उत्साह नजर आया, वहीं दूसरी तरफ Akhand Bharat को लेकर दिए गए बयानों ने इसे राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना दिया। आने वाले दिनों में इन बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Flood UP के 16 जिलों में बाढ़, नावों से आवाजाही; Bihar से Himachal तक बारिश का कहर

मानसून (Monsoon) की तेज बारिश ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में बाढ़ और जलभराव से हालात परेशान करने वाले हैं। कई कॉलोनियों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिसके बाद लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। बिहार के छपरा में भी बारिश और जलभराव ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच हुए Landslide ने रेल ट्रैक और यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। UP के 16 जिलों में Flood का असर उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। इसका असर आसपास के गांवों और शहरों में साफ दिखाई दे रहा है। 16 जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं। कॉलोनियों में घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को जरूरी काम के लिए भी बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। कुछ स्थानों पर राहत और बचाव के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कॉलोनियों में नाव बनी सहारा शहरों में जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है। जिन सड़कों पर आम दिनों में वाहन दौड़ते थे, वहां अब पानी जमा है। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। जरूरत वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। Chhapra में 100 दुकानों में घुसा पानी बिहार के छपरा में भी भारी बारिश के बाद बाजार प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 100 दुकानों में पानी घुस गया। व्यापारियों के सामने अब दुकानों में रखे सामान को बचाने की चुनौती है। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव से कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। बाजार में पानी जमा होने के कारण ग्राहक भी आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं। अगर जलनिकासी में देरी होती है तो व्यापारियों की परेशानी और बढ़ सकती है। Himachal में Landslide से Rail Track पर संकट हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में Landslide का खतरा बढ़ गया है। कई जगह पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। रेल ट्रैक पर मलबा आने की स्थिति में ट्रेनों की आवाजाही रोकनी या सीमित करनी पड़ सकती है। रेलवे और प्रशासन की टीमें प्रभावित हिस्सों की जांच कर रही हैं और रास्ता साफ करने का काम किया जा रहा है। लोगों के लिए बढ़ी मुश्किल UP से Bihar और Himachal तक सामने आ रही तस्वीरें बताती हैं कि मानसून इस समय कई इलाकों में चुनौती बन गया है। मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ और Waterlogging ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में Landslide और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बारिश के बीच प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे पानी से भरी सड़कों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। आगे भी सतर्क रहने की जरूरत मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में प्रभावित जिलों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना और जलभराव वाले इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना है। फिलहाल UP, Bihar और Himachal में बारिश से पैदा हुए हालात पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहता है, इसी पर कई प्रभावित इलाकों की स्थिति निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Bomb Threat High Court समेत 6 जगहों को धमकी, जांच में जुटीं Agencies

स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली (Delhi) में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब राजधानी की करीब छह जगहों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। खबर सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और संबंधित स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई। धमकी ऐसे समय मिली है, जब 15 अगस्त को लेकर दिल्ली में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। प्रमुख सरकारी इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। Delhi High Court को भी मिला धमकी भरा Email मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, धमकी पाने वाली जगहों में Delhi High Court और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) भी शामिल हैं। ईमेल मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और सुरक्षा टीमों ने परिसर की जांच की। Delhi हाई कोर्ट में धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, शुरुआती जांच में किसी संदिग्ध विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है। Independence Day से पहले क्यों बढ़ी चिंता? 15 अगस्त को दिल्ली में बड़े स्तर पर Independence Day समारोह आयोजित होते हैं। इस दौरान राजधानी में बड़ी संख्या में लोग भी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद रहते हैं। ऐसे में धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं। पुलिस की टीमें ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संदेश किसने भेजा और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी। सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त धमकी की खबर के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट, कोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आने-जाने वालों की निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा टीमों को अलर्ट किया गया है। दिल्ली में Independence Day को देखते हुए पहले से ही कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में ताजा धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। जांच जारी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। धमकी वाले ईमेल की सत्यता और उसके पीछे मौजूद व्यक्ति या समूह के बारे में जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता राजधानी में Independence Day समारोह को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। आम लोगों से भी अपील है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाह को सोशल मीडिया पर आगे न बढ़ाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। निष्कर्ष: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिली इस धमकी ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत और उसकी गंभीरता का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल किसी वास्तविक विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Japan

Japan Weather चिबा में मूसलाधार बारिश से तबाही, 4 की मौत और 7 हजार यात्री हुए परेशान

जापान (Japan) के चिबा प्रीफेक्चर में गुरुवार को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कुछ इलाकों में महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि चिबा शहर में 12 घंटे के भीतर 348 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इतनी तेज बारिश के कारण सड़कें और रेलवे लाइनें जलमग्न हो गईं, कई घरों में पानी घुस गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। अधिकारियों के मुताबिक इस आपदा में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता बताया गया है। एक घंटे में महीने भर जितनी बारिश बारिश की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चिबा में एक घंटे में 115 मिमी पानी बरसा। यह मात्रा आमतौर पर अगस्त के पूरे महीने में होने वाली बारिश के आसपास है। वहीं 12 घंटे में 348 मिमी बारिश ने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। मौसम विभाग के मुताबिक गर्म और नम हवा के ऊपर मौजूद ठंडी हवा के साथ मिलने से बेहद तेज बारिश की स्थिति बनी। पहली बार जारी हुई Level-5 की सबसे ऊंची चेतावनी हालात बिगड़ने पर Japan Meteorological Agency (JMA) ने चिबा के कई हिस्सों के लिए Level-5 की सबसे ऊंची भारी बारिश और भूस्खलन चेतावनी जारी की। रिपोर्टों के मुताबिक प्रीफेक्चर में इस स्तर की चेतावनी पहली बार जारी की गई। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई और 4 लाख से ज्यादा लोगों के लिए evacuation orders/advisories जारी किए गए। Narita Airport पर 7 हजार यात्रियों की रात एयरपोर्ट में गुजरी भारी बारिश का सबसे बड़ा असर Transport Network पर पड़ा। बाढ़ के कारण कई ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं और प्रमुख सड़कें भी प्रभावित हुईं। इसका सीधा असर Narita International Airport पर पड़ा, जहां करीब 7,000 यात्री रातभर फंसे रहे। यात्रियों के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने पानी, खाने-पीने का सामान, कंबल और sleeping bags उपलब्ध कराए। कुछ रेल सेवाएं शुक्रवार को सीमित रूप से दोबारा शुरू हुईं, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट से निकलने में थोड़ी राहत मिली। एयरपोर्ट खुद चालू रहा, हालांकि उड़ानों पर देरी का असर पड़ा। बिजली गुल, सड़कों पर सैलाब तेज बारिश के कारण चिबा और आसपास के इलाकों में हजारों घरों की बिजली चली गई। अलग-अलग समय पर बिजली कटौती से प्रभावित घरों की संख्या काफी बढ़ गई थी और शुक्रवार सुबह भी 22 हजार से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। कई इलाकों में पानी भरने के कारण वाहन सड़कों पर फंस गए और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। राहत और Rescue Operation जारी स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। जापानी सेना के जवान भी राहत कार्य में लगाए गए हैं। बारिश की तीव्रता कम होने के बाद भी अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि जमीन में पानी भर जाने के कारण Flood और Landslide का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने इस घटना को बेहद असामान्य बताया। उन्होंने कहा कि अपने लंबे आपदा प्रबंधन अनुभव के बावजूद उन्होंने ऐसी स्थिति पहले नहीं देखी थी। Japan Rain Disaster ने बढ़ाई चिंता जापान में इस समय छुट्टियों का व्यस्त दौर चल रहा है, इसलिए Transport Disruption का असर यात्रियों पर और ज्यादा पड़ा। रिकॉर्ड बारिश ने एक बार फिर दिखाया कि बेहद आधुनिक Infrastructure वाला देश भी अचानक होने वाली Extreme Weather घटनाओं के सामने बड़ी चुनौती का सामना कर सकता है। फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, बिजली और परिवहन व्यवस्था बहाल करने तथा बाढ़ और भूस्खलन के संभावित खतरे से निपटने पर है। मौसम विभाग ने भी लोगों को निचले इलाकों, नदियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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WPI

WPI Data July: महंगाई में मामूली कमी से राहत, खाने-पीने की चीजों की कीमतें बनीं चुनौती

महंगाई को लेकर जुलाई के आंकड़ों ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन आम आदमी की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। Wholesale Price Inflation यानी WPI Inflation जुलाई में घटकर 9.78% रह गई, जबकि जून में यह 9.87% थी। यानी एक महीने में थोक महंगाई दर में मामूली कमी दर्ज की गई। हालांकि, आंकड़ों की तस्वीर सिर्फ राहत वाली नहीं है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई के दबाव को बनाए रखा है। दूसरी ओर Fuel और Electricity सेक्टर में कुछ नरमी देखने को मिली, जिससे कुल थोक महंगाई दर को नीचे आने में मदद मिली। July WPI Inflation में मामूली गिरावट जुलाई में WPI Inflation का 9.78% पर आना अर्थव्यवस्था के लिए हल्की राहत माना जा सकता है। जून में यह आंकड़ा 9.87% था। यानी थोक स्तर पर कीमतों का दबाव थोड़ा कम हुआ है। हालांकि, सिर्फ 0.09 प्रतिशत अंक की गिरावट को बड़ी राहत कहना जल्दबाजी होगी। बाजार में कई जरूरी सामान की कीमतें अभी भी उपभोक्ताओं के बजट पर असर डाल रही हैं। Food Prices ने बढ़ाई चिंता महंगाई की सबसे बड़ी चिंता फिलहाल Food Prices को लेकर है। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ता है। सब्जियां, खाद्य उत्पाद और रोजमर्रा के इस्तेमाल की दूसरी चीजें महंगी होने पर परिवारों का खर्च बढ़ जाता है। यही वजह है कि थोक महंगाई में मामूली गिरावट के बावजूद आम लोगों को बाजार में राहत उतनी महसूस नहीं होती। Fuel और Electricity से मिली राहत जुलाई के आंकड़ों में Fuel & Power सेक्टर ने कुछ राहत दी। ईंधन और बिजली की कीमतों में नरमी का असर थोक महंगाई के कुल आंकड़े पर पड़ा। ऊर्जा की कीमतें अर्थव्यवस्था के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती हैं। Transport से लेकर Manufacturing तक, ईंधन की लागत बढ़ने पर उसका असर कई दूसरे उत्पादों की कीमतों पर भी दिखाई देता है। ऐसे में इस क्षेत्र में नरमी महंगाई के लिए सकारात्मक संकेत है। WPI और Retail Inflation में अंतर समझना जरूरी यहां एक बात समझना जरूरी है कि WPI Inflation और Retail Inflation एक जैसी चीजें नहीं हैं। WPI यानी Wholesale Price Index थोक बाजार में वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को मापता है। वहीं Retail Inflation यानी CPI आम उपभोक्ता के स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को दर्शाता है। इसलिए WPI में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि बाजार में हर सामान सस्ता हो गया है। किसी एक श्रेणी में कीमतें घट सकती हैं, जबकि दूसरी जरूरी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर? जुलाई के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर मिली-जुली है। एक तरफ थोक महंगाई में थोड़ी कमी आई है और Fuel-Power सेक्टर से राहत मिली है। दूसरी तरफ खाद्य वस्तुओं की कीमतें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। घर चलाने वाले परिवारों के लिए असली राहत तब मानी जाएगी, जब रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान की कीमतों में भी स्थिरता आए। सिर्फ महंगाई दर में मामूली गिरावट से घरेलू बजट पर दबाव तुरंत कम नहीं होता। आगे किन चीजों पर रहेगी नजर? आने वाले महीनों में मानसून, कृषि उत्पादन, खाद्य पदार्थों की Supply, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और घरेलू मांग महंगाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल जुलाई के WPI आंकड़ों से इतना जरूर कहा जा सकता है कि महंगाई के मोर्चे पर दबाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन पूरी तरह राहत की तस्वीर अभी सामने नहीं आई है। Food Prices में स्थिरता आने पर ही आम लोगों को महंगाई से वास्तविक राहत महसूस हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJI Surya Kant

CJI Surya Kant Controversy: NALSAR छात्रों के विरोध से मचा बवाल, BCI ने पलटा Enrolment Order

NALSAR University का विवाद अब सिर्फ एक Convocation तक सीमित नहीं रहा है। CJI Surya Kant को समारोह में Chief Guest बनाए जाने पर कुछ छात्रों की आपत्ति के बाद शुरू हुआ मामला पहले Bar Council of India (BCI) तक पहुंचा और फिर Supreme Court में भी चर्चा का विषय बन गया। सबसे ज्यादा चर्चा BCI के उस फैसले की हुई, जिसमें NALSAR के 2026 बैच के Law Graduates के Enrolment पर रोक लगाने की बात कही गई थी। हालांकि घटनाक्रम ज्यादा देर तक एक जैसा नहीं रहा। BCI ने बाद में अपना फैसला बदलते हुए छात्रों को Enrolment की अनुमति दे दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत ने भी इस पूरे मामले में BCI की भूमिका पर सवाल उठाए। CJI सूर्यकांत को Chief Guest बनाने पर क्यों हुआ विवाद? NALSAR के Convocation समारोह में CJI सूर्यकांत को Chief Guest के तौर पर आमंत्रित किया गया था। इसी को लेकर छात्रों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी चिंताएं रखीं और CJI को बुलाने के फैसले पर सवाल उठाए। मामला तब ज्यादा चर्चा में आया, जब छात्रों की आपत्ति को लेकर BCI ने भी संज्ञान लिया। इसके बाद विश्वविद्यालय से पूरे घटनाक्रम की जानकारी और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई। BCI ने 2026 बैच के Enrolment पर लगाई रोक विवाद के बीच BCI की ओर से पहले ऐसा निर्देश जारी किया गया कि NALSAR के 2026 बैच के Law Graduates का Advocate के रूप में Enrolment अगले आदेश तक रोका जाए। इस फैसले से छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई। वजह साफ थी—किसी विवाद में पूरे बैच के भविष्य पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई थी। सवाल यह भी उठा कि अगर विरोध में केवल कुछ छात्र शामिल थे, तो उसका असर पूरे बैच पर क्यों पड़े? फिर BCI ने बदला अपना फैसला विवाद बढ़ने के बाद BCI ने अपने शुरुआती आदेश में बदलाव किया। परिषद ने साफ किया कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को उनकी पसंद के State Bar Council में Enrolment कराने की अनुमति दी जाएगी। बाद में BCI ने 2026 बैच के खिलाफ कार्यवाही बंद करने की बात भी कही। परिषद का कहना था कि बड़ी संख्या में छात्र इस पूरे घटनाक्रम में शामिल नहीं थे और किसी छात्र को ऐसी कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए, जिसमें उसकी कोई भूमिका न हो। इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिली, जिनकी पढ़ाई पूरी होने के बाद अब Professional Career शुरू होने वाला था। Supreme Court में CJI ने BCI से पूछा- दखल क्यों? मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों और उनके बीच का मामला किस तरह BCI के हस्तक्षेप का विषय बन गया। CJI की टिप्पणी ने मामले का रुख ही बदल दिया। अब चर्चा सिर्फ इस बात पर नहीं थी कि Convocation में किसे Chief Guest बनाया जाए, बल्कि यह सवाल भी सामने आया कि छात्रों को असहमति जताने और अपनी बात रखने की कितनी स्वतंत्रता है। छात्रों के Career पर असर का मुद्दा भी अहम इस विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू छात्रों का भविष्य रहा। Law की पढ़ाई पूरी करने के बाद Advocate के रूप में Enrolment किसी भी Law Graduate के Career का अहम पड़ाव होता है। ऐसे में पूरे बैच के Enrolment पर रोक की खबर ने कई छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। बाद में BCI के फैसले में बदलाव के बाद स्थिति सामान्य हुई। विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं BCI ने 2026 बैच के खिलाफ अपनी कार्रवाई वापस ले ली है, लेकिन पूरे विवाद ने कई बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। एक तरफ छात्रों के विरोध और अभिव्यक्ति के अधिकार की बात है, तो दूसरी तरफ Professional Regulatory Body के अधिकार और उसकी भूमिका को लेकर बहस जारी है। NALSAR विवाद ने यह भी दिखाया कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी मुद्दे पर छात्रों की असहमति कितनी जल्दी बड़े संस्थागत विवाद का रूप ले सकती है। NALSAR विवाद से क्या निकला? फिलहाल सबसे बड़ी राहत 2026 बैच के Law Graduates को मिली है। Enrolment पर लगी रोक हट चुकी है और उनके Advocate बनने का रास्ता साफ है। वहीं, Supreme Court में CJI सूर्यकांत की टिप्पणियों के बाद यह मामला छात्रों के अधिकार, विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता और BCI के अधिकार क्षेत्र से जुड़े व्यापक सवालों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। यानी NALSAR का यह विवाद सिर्फ एक Convocation का मामला नहीं रह गया है। इसने छात्रों की आवाज, संस्थागत अधिकार और Professional Regulation के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस जरूर शुरू कर दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Census 2027

India Census 2027: इस बार पूछे जाएंगे 40 Questions, Caste से लेकर Education तक होगी जानकारी

देश में अगली जनगणना यानी Census 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गृह मंत्रालय की ओर से Population Enumeration Phase के लिए सवालों की सूची अधिसूचित कर दी गई है। इस बार जनगणना में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार, शिक्षा, रोजगार, धर्म, जाति, भाषा और पहचान से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। आम लोगों के लिए यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि जनगणना का असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता। सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कई योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करती है। Census 2027 में क्या-क्या पूछा जाएगा? जनगणना अधिकारी परिवार के सदस्यों से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछेंगे। इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र जैसी सामान्य जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, विवाह की उम्र, पति या पत्नी का नाम और माता-पिता से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। Religion और Caste की भी होगी जानकारी इस बार Census 2027 में धर्म और जाति से जुड़े सवाल खास चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित जानकारी के साथ जाति का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही व्यक्ति की मातृभाषा और दूसरी भाषाओं के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। इससे देश की सामाजिक और भाषाई तस्वीर को समझने में मदद मिलेगी। Education और Job की स्थिति भी पूछी जाएगी जनगणना में लोगों की शिक्षा और रोजगार की स्थिति को भी दर्ज किया जाएगा। व्यक्ति ने कितनी पढ़ाई की है, वह पिछले वर्ष किसी आर्थिक गतिविधि में शामिल था या नहीं और उसका काम किस तरह का है—इनसे जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। जो लोग नौकरी या व्यवसाय में नहीं हैं, उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा होगी। महिलाओं से बच्चों को लेकर सवाल महिलाओं से उनके जीवन में जन्मे बच्चों और वर्तमान में जीवित बच्चों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। पिछले एक साल में बच्चे के जन्म से जुड़ा सवाल भी पूछा जाएगा। इन आंकड़ों से देश में Birth Rate और Population Growth के बदलते रुझानों को समझने में मदद मिल सकती है। Aadhaar और अन्य ID की जानकारी भी शामिल Census 2027 की प्रश्नावली में पहचान से जुड़े दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी मांगी जाएगी। इसमें Aadhaar, Voter ID, Passport और Driving Licence से संबंधित सवाल शामिल हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली में रखी गई है। COVID-19 vaccination से संबंधित सवाल भी शामिल किए गए हैं। दो चरणों में पूरी होगी जनगणना Census 2027 की पूरी प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में Houselisting and Housing Census के जरिए घरों और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है। दूसरे चरण में Population Enumeration होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। सामान्य क्षेत्रों में Population Enumeration फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। Digital होगी Census 2027 इस बार की जनगणना की एक बड़ी खासियत इसका Digital Format है। सरकार ने डिजिटल माध्यम से जानकारी जुटाने और Self-Enumeration की सुविधा पर भी जोर दिया है। यानी आने वाली जनगणना में तकनीक की भूमिका पहले के मुकाबले काफी ज्यादा रहने वाली है। क्यों महत्वपूर्ण है Census 2027? जनगणना से मिलने वाले आंकड़े देश की मौजूदा स्थिति की एक बड़ी तस्वीर सामने रखते हैं। कितने लोग पढ़े-लिखे हैं, कितने लोग रोजगार से जुड़े हैं, आबादी किस तरह के क्षेत्रों में रहती है और समाज में किस तरह के बदलाव हो रहे हैं—इन सवालों के जवाब जनगणना के आंकड़ों से मिलते हैं। इसलिए Census 2027 आम नागरिक के लिए सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं है। घर पर जब जनगणना अधिकारी पहुंचे, तो सही और सटीक जानकारी देना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।

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