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बिलासपुर में उर्स के दौरान थाने के सामने मारपीट, चाकू-डंडे लेकर दौड़ाए युवक; VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में उर्स के दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमकर बवाल हो गया। थाने के सामने ही दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बाइक टकराने से शुरू हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पुलिस लाइन स्थित मजार में उर्स का आयोजन चल रहा था। अलग-अलग इलाकों से मुस्लिम समुदाय के लोग संदल और चादर चढ़ाने के लिए डीजे और ढोल-ताशों के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान शनिवार रात संदल जुलूस के दौरान बाइक टकराने की बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। लाठी-डंडे और चाकू लेकर दौड़ाए युवक वायरल वीडियो में कुछ युवक खुलेआम लाठी-डंडे और चाकू लेकर दूसरे युवकों को दौड़ाते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के सामने इस तरह खुलेआम हथियार लहराना अपराधियों के बढ़ते हौसले को दिखाता है। पुलिस युवकों को थाने लाई, लेकिन नहीं हुई FIR सिविल लाइन थाना प्रभारी SR Sahu ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के युवकों को थाने लेकर आई। हालांकि, दोनों पक्षों ने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहिए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। VIDEO वायरल होने के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइन सीएसपी Nimitesh Singh के अनुसार, घोड़ादाना स्कूल के पास निकली संदल टोली में डांस के दौरान पैर टकराने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान हर्ष खांडे नामक युवक चाकू लहराते हुए लोगों को डराने लगा। पुलिस पहुंची तो वह मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में CCTV फुटेज की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, दूसरी घटना मगरपारा चौक के पास हुई, जहां अब्दुल अजीम खान हाथ में चाकू लहराते मिला। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25-27 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चाकू और चापड़ बरामद किए हैं। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.comPortal के साथ।
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सीहोर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित Maa Gayatri Hospital में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत जानकारी के मुताबिक, मृतका मयूरी राठौर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मयूरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मृतका के पति मनीष राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने के 5 से 7 मिनट बाद ही मयूरी की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि मयूरी पेशे से एएनएम (ANM) थीं। डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत अस्पताल की डॉक्टर Sujata Parmar ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज का इलाज पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। डॉक्टर के अनुसार, संभव है कि चाय पीने के दौरान कुछ सांस नली में फंस गया हो, जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ी हो। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। पुलिस जांच में जुटी अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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सागर में कच्चे मकान में भीषण आग, 3 घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

मध्यप्रदेश के सागर जिले के जैसीनगर में रविवार देर रात एक कच्चे मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि घर से उठती लपटें और धुआं देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। 3 घंटे तक चला राहत कार्य फायर फाइटर्स ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर में रखा पूरा सामान जलकर राख हो चुका था। जानकारी के मुताबिक, जैसीनगर में सेंट्रल बैंक के सामने रहने वाले गोपाल प्रजापति अपने परिवार के साथ रात में खाना खाकर सो गए थे। इसी दौरान देर रात अचानक उनके कच्चे मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। घर का सारा सामान जलकर राख आगजनी में घर में रखा अनाज, वॉशिंग मशीन, पानी की मोटर और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल गया। मकान के पास ही जूतों की दुकान भी थी। आग बढ़ती देख स्थानीय लोगों ने समय रहते दुकान का सामान बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। बड़ा हादसा टला स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। यदि आग और फैलती तो आसपास के मकानों और दुकानों को भी नुकसान पहुंच सकता था। प्रशासन ने किया नुकसान का आंकलन सोमवार को पटवारी संदीप कुमार प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आगजनी से हुए नुकसान का पंचनामा बनाया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। तहसीलदार Prem Narayan Singh ने कहा कि शासन के नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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खंडवा में सांसद-विधायक के दिए पानी टैंकर बने मुसीबत, 4 महीने में ही टूटा टैंकर

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पेयजल समस्या दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए पानी के टैंकर अब सवालों के घेरे में हैं। गांव में उपयोग के दौरान सांसद निधि से मिला एक टैंकर महज चार महीने में ही टूट गया। घटना के बाद टैंकर की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। श्मशान घाट ले जाते समय टूटा टैंकर मामला खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बावड़ियांकाजी (ग्राम पंचायत सिरपुर) का है। यहां सांसद Gyaneshwar Patil निधि से फरवरी 2026 में एक पानी का टैंकर पंचायत को दिया गया था। बताया जा रहा है कि गांव में एक अंत्येष्टि कार्यक्रम के दौरान टैंकर में पानी भरकर श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में लॉकिंग एरिया के पास से टैंकर ट्रैक्टर से अलग होकर टूट गया। राहत की बात यह रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। कमजोर वेल्डिंग पर उठे सवाल सरपंच प्रतिनिधि दीपक पटेल के अनुसार, टैंकर की वेल्डिंग बेहद कमजोर थी। अगर ढलान पर ट्रैक्टर पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद तुरंत खंडवा से वेल्डर बुलाकर टैंकर की मरम्मत कराई गई। बाद में इसे दोबारा मजबूत वेल्डिंग के लिए खंडवा भेजा गया। उन्होंने कहा कि नया टैंकर होने के बावजूद उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी, जिससे निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक के टैंकर में भी आई दिक्कत दीपक पटेल ने बताया कि गांव को विधायक Kanchan Tanve की ओर से भी एक टैंकर मिला था। लेकिन उसकी हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। महज तीन महीने में उसके टायर बदलवाने पड़े, जिस पर करीब 7 हजार रुपए खर्च हुए। थर्ड पार्टी एजेंसी से होते हैं ऐसे काम जानकारी के मुताबिक, सांसद और विधायक निधि की राशि जनहित कार्यों में खर्च की जाती है। सड़क, नाली जैसे निर्माण कार्य पंचायत सीधे करवाती है, लेकिन टैंकर और यात्री प्रतीक्षालय जैसे काम निजी एजेंसियों के जरिए कराए जाते हैं। पहले भी उठ चुका है ‘टैंकर भ्रष्टाचार’ का मुद्दा मध्यप्रदेश में टैंकरों की खराब गुणवत्ता का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में मंदसौर संसदीय क्षेत्र में घटिया क्वालिटी के टैंकरों को लेकर काफी विवाद हुआ था। उस समय सांसद Sudhir Gupta को लोग ‘टैंकर बाबू’ तक कहने लगे थे। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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Shubhendu Adhikari

Shubhendu Adhikari News: पहली कैबिनेट बैठक में विकास और सुरक्षा पर बड़ा फोकस

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा BSF (सीमा सुरक्षा बल) को जमीन आवंटन को लेकर हुए निर्णय की हो रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि BSF को जरूरी जमीन अगले 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सीमा सुरक्षा से जुड़े कामों में किसी तरह की देरी न हो। BSF Land Allotment पर तेजी, 45 दिन की डेडलाइन तय कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला BSF के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर लिया गया। इस निर्णय को सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। Development और Governance पर भी बड़ा फोकस बैठक में केवल BSF ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई: सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इन फैसलों का असर जमीनी स्तर पर दिखेगा। Politics में हलचल तेज, विपक्ष भी नजर बनाए हुए इन फैसलों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दल इस पर नजर रखे हुए हैं कि सरकार अपने वादों और फैसलों को कितनी तेजी से लागू करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर में पानी भरने के विवाद में ऑटो चालक पर कुल्हाड़ी से हमला, हालत गंभीर

Bilaspur में पीने के पानी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ऑटो चालक पर कुल्हाड़ी और गमले से हमला कर दिया गया। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के महिमा नगर का है। मोटर पंप चालू होने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, शज्जाद अली ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। 7 मई की रात वह काम से लौटकर घर आया था। बताया जा रहा है कि रात में शॉर्ट सर्किट के कारण मोटर पंप अपने आप चालू हो गया। सुबह जब शज्जाद पानी भरने पहुंचा, तब पड़ोसी कुनाल मानिकपुरी और उसके रिश्तेदार ने उससे विवाद शुरू कर दिया। शज्जाद ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि उसने मोटर चालू नहीं किया था। इसके बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हो गया। घर में घुसकर किया हमला आरोप है कि बाद में कुनाल मानिकपुरी अपने साथियों के साथ शज्जाद के घर पहुंच गया। वहां गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने कुल्हाड़ी और गमले से हमला कर दिया। हमले में शज्जाद गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में गिर पड़ा। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। अफवाह फैलाने का भी आरोप घायल शज्जाद का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी यह अफवाह फैला रहे हैं कि उसकी पत्नी ने उसके साथ मारपीट की थी। पीड़ित ने इस दावे को गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद सिरगिट्टी पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री का फैसला पड़ा भारी, कई दुकानों में शराब की कमी

Chhattisgarh में प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री लागू करने के फैसले के बाद आबकारी विभाग की सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा गई है। अधूरी तैयारी के बीच नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेशभर की शराब दुकानों में देसी और सस्ती अंग्रेजी शराब की कमी देखने को मिल रही है। कई दुकानों में पसंदीदा ब्रांड का स्टॉक खत्म हो चुका है। वहीं डिस्टिलर्स और बोतल सप्लाई लॉबी पर सप्लाई प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं। सप्लाई तिथि बढ़ाने पड़ रहे आदेश जानकारी के मुताबिक कैबिनेट से फैसला होने के बाद 1 अप्रैल से डिस्टिलरियों को पीईटी प्लास्टिक बोतलों में शराब बॉटलिंग करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अचानक लागू हुए इस फैसले के कारण डिस्टिलर्स और बोतल सप्लायरों में अफरा-तफरी मच गई। कई कारोबारी कोर्ट तक पहुंच गए। बड़ी संख्या में प्लास्टिक बोतलों की व्यवस्था नहीं होने से विभाग को दोबारा आदेश जारी कर 31 मई तक कांच की बोतलों में भी सप्लाई की अनुमति देनी पड़ी। 10 दिन तक बंद रही बॉटलिंग नई व्यवस्था के बीच कई डिस्टिलरियों में करीब 10 दिनों तक उत्पादन और बॉटलिंग का काम प्रभावित रहा। पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद अब शराब दुकानों तक मांग के मुकाबले कम सप्लाई पहुंच रही है। इसी वजह से कई दुकानों में शराब की कमी हो गई है। सरकार को राजस्व नुकसान का अंदेशा आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में रोजाना करीब 70 करोड़ रुपए की देसी और किफायती अंग्रेजी शराब बिकती है। सप्लाई प्रभावित होने से सरकार को हर दिन 40 से 50 करोड़ रुपए तक के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मिलावट रोकने के लिए लिया गया था फैसला सरकार ने प्लास्टिक बोतलों में शराब सप्लाई का फैसला मिलावट रोकने के उद्देश्य से लिया था। लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने और सप्लायरों की मनमानी के चलते विभाग को बार-बार अपने आदेश बदलने पड़ रहे हैं। 31 मई के बाद होगी सख्ती आबकारी आयुक्त पदुम एल्मा ने बताया कि डिस्टिलर्स के साथ लगातार बैठक की जा रही है। फिलहाल प्लास्टिक और कांच दोनों बोतलों में सप्लाई जारी है। उन्होंने कहा कि 15 मई से डिस्टिलर्स प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई बढ़ाएंगे। वहीं 31 मई के बाद सप्लाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित डिस्टिलर्स का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सीहोर-इछावर हाईवे पर एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर, केबिन में फंसा चालक

Sehore-इछावर स्टेट हाईवे पर शुक्रवार देर रात एंबुलेंस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक केबिन में फंस गया। घटना दो पुलिया जोड़ के पास की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने केबिन काटकर निकाला चालक हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस का केबिन काटकर घायल चालक को बाहर निकाला। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। “बिना मरीज के दौड़ती हैं एंबुलेंस” स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि कई बार एंबुलेंस बिना मरीज के भी तेज रफ्तार में सायरन बजाते हुए हाईवे पर दौड़ती हैं। लोगों का कहना है कि कुछ सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल निजी कामों में भी किया जाता है। इसी वजह से जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। पुलिस कर रही जांच सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे अस्पताल भेजा गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय एंबुलेंस में कोई मरीज था या नहीं। प्रेग्नेंट महिला को छोड़कर लौट रही थी एंबुलेंस जानकारी के अनुसार, यह 108 एंबुलेंस रेहटी क्षेत्र की थी। एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को सीहोर अस्पताल छोड़कर वापस लौट रही थी। घटना के समय वाहन में केवल चालक मौजूद था। घायल चालक को पहले इछावर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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सागर में जनगणना कार्य में लापरवाही पर 5 अधिकारियों को नोटिस, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

Sagar में जनगणना के तहत मकान गणना कार्य की धीमी प्रगति पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर पांच जनगणना चार्ज अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। तय समय में पूरा करना होगा काम कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकान गणना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 मई तक 50 प्रतिशत, 15 मई तक 75 प्रतिशत और 20 मई तक 100 प्रतिशत कार्य पूरा करना होगा। साथ ही चेतावनी दी कि दो दिन में प्रगति नहीं दिखने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन अधिकारियों को मिला नोटिस कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए मकरोनिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पवन कुमार शर्मा, शाहपुर के मुख्य नगर परिषद अधिकारी बालकिशन पटेल, राहतगढ़ के जनगणना चार्ज अधिकारी आकाश जैन, जैसीनगर के तहसीलदार प्रेमनारायण सिंह और बांदरी के तहसीलदार अनिल कुशवाहा को नोटिस जारी किया है। “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी” कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जनगणना महाअभियान के तहत मकान गणना का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने साफ कहा कि काम में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने शुरू किया पहला प्रवचन, देवी शक्ति और शक्तिपीठों का बताया महत्व

Ujjain की मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं Harsha Richhariya ने संन्यास लेने के एक महीने के भीतर ही प्रवचन की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा गांव में आयोजित 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच से प्रवचन दिया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। “हर्षानंद गिरी” नाम से किया प्रवचन कार्यक्रम में जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगाए गए थे, जिन पर “देवी प्रवचन – हर्षानंद गिरी” लिखकर उनकी तस्वीरें लगाई गई थीं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए प्रवचन में हर्षा ने देवी शक्ति, माता सती और 52 शक्तिपीठों का महत्व बताया। उन्होंने राजा दक्ष और माता सती की कथा का भी उल्लेख किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण कहीं नहीं जाना चाहिए। साथ ही 52 शक्तिपीठों और हिंदी वर्णमाला के 52 अक्षरों को जोड़ते हुए धार्मिक व्याख्या भी की। 19 अप्रैल को लिया था संन्यास हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल को उज्जैन के मोनी आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में संन्यास लिया था। संन्यास के बाद उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर “स्वामी हर्षानंद गिरी” नाम अपनाया। उनके संन्यास को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा भी हुई थी। पहली बार मंच से प्रवचन देने पहुंचीं करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रवचन के दौरान हर्षा बीच-बीच में लिखित नोट्स देखकर बोलती नजर आईं। बाद में उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के सामने बोलना उनके लिए नया अनुभव था और शुरुआत में वे काफी घबराई हुई थीं। हालांकि गुरु और माता के आशीर्वाद से वे प्रवचन कर सकीं। श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद प्रवचन के दौरान व्यास गद्दी पर बैठीं हर्षा के चरण स्पर्श करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया समेत कई स्थानीय नेता और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रवचन समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं ने उन्हें दक्षिणा भी भेंट की।
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Jantar Mantar Case: जमानत के बाद भी CJP नेताओं की मुश्किलें बरकरार, फिर बुलाएगी पुलिस

Jantar Mantar पर प्रदर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस एक बार फिर पूछताछ के लिए बुला सकती है। दोनों नेता पिछले नोटिस पर क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए थे और उन्होंने इसके लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है। यह मामला 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बनी। पिछले Notice पर पेश नहीं हुए CJP नेता मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होना था। हालांकि, सौरव और आशुतोष तय समय पर नहीं पहुंचे और उन्होंने पुलिस से कुछ अतिरिक्त समय मांगा। अब पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कह सकती है। जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस पहले ही मामले दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। Jantar Mantar Protest से कैसे शुरू हुआ विवाद? 13 अक्टूबर को CJP के नेताओं और समर्थकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। उनकी प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। पार्टी का आरोप था कि SIR प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की और कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस घटना के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है। सात दिन बाद Jail से मिली थी राहत सौरव दास और आशुतोष रांका करीब सात दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 21 अक्टूबर को जेल से बाहर आए थे। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी। दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा, उन्हें शांति बनाए रखने और अदालत की शर्तों का पालन करने का आश्वासन देना पड़ा। दोनों ने यह भी भरोसा दिया था कि जंतर-मंतर को दोबारा अधिकृत प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे में करने की बात भी कही गई थी। हालांकि, जेल से रिहाई का मतलब यह नहीं है कि मामले की जांच खत्म हो गई है। पुलिस अपनी जांच के लिए दोनों नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए बुला सकती है। दो FIR के बाद Crime Branch कर रही जांच जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दो FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इनमें सरकारी आदेश की अवहेलना, कथित अनधिकृत प्रवेश और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं। बाद में दोनों मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। अब जांच एजेंसी घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। CJP के एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ऐसे में जांच का दायरा केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं है। पुलिस आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर करेगी। अब आगे क्या होगा? फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस के अगले नोटिस पर कब पेश होते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश के आरोपों और दर्ज FIR से संबंधित सवाल पूछ सकती है। दूसरी ओर, CJP मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठा रही है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक विरोध, प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों के बीच चर्चा में बना हुआ है। अब सबकी नजर दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर है। फिलहाल, दोनों नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Jio Platforms IPO

Jio Platforms IPO: तीसरे दिन 6 गुना पार Subscription, QIBs ने लगाई ताबड़तोड़ बोली

मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms के IPO को लेकर शेयर बाजार में काफी चर्चा है। इश्यू के तीसरे दिन निवेशकों ने जमकर बोली लगाई और सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 6 गुना के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा उत्साह बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) में देखने को मिला, जिन्होंने अपनी कैटेगरी में 13 गुना से ज्यादा बोली लगाई। अब निवेशकों की नजर IPO के अलॉटमेंट और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग पर है। Jio Platforms IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स Jio Platforms का करीब 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुला था। इसमें निवेश करने का आखिरी मौका 23 अक्टूबर को है। शुरुआती दो दिनों से ही इस इश्यू को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा था। तीसरे दिन सुबह 9:20 बजे तक IPO का सब्सक्रिप्शन 5.72 गुना पहुंच चुका था और कारोबार आगे बढ़ने के साथ इसमें और तेजी देखने को मिली। IPO में इतनी मजबूत मांग ने इसे शेयर बाजार की प्रमुख चर्चाओं में शामिल कर दिया है। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े और शुरुआती कारोबारी आंकड़ों में अंतर हो सकता है। QIBs ने 13 गुना से ज्यादा लगाई बोली इस IPO में सबसे ज्यादा दिलचस्पी Qualified Institutional Buyers यानी QIBs ने दिखाई। इस श्रेणी में बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं, जैसे म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थान। दूसरे दिन के अंत तक QIB कैटेगरी 13.29 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की ओर से भी अच्छी मांग आई। रिटेल निवेशकों ने भी इश्यू में भागीदारी दिखाई। संस्थागत निवेशकों की मजबूत बोली से IPO को लेकर बाजार का उत्साह साफ नजर आता है। हालांकि, ज्यादा सब्सक्रिप्शन का मतलब यह नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर निश्चित रूप से मुनाफा होगा। भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल Jio Platforms का इश्यू Jio Platforms का करीब 30,213 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम आकार के लिहाज से भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल है। इससे पहले Hyundai Motor India का करीब 27,859 करोड़ रुपये का IPO देश का सबसे बड़ा इश्यू था। Platforms का कारोबार टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ा है। कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंच रखती है। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल और कंपनी की बाजार में मौजूदगी के कारण इस IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। Jio Platforms IPO का Price Band और जरूरी तारीखें निवेशकों के लिए IPO से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां दी गई है: अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखों में बदलाव संभव है। निवेशकों को अंतिम जानकारी के लिए कंपनी और स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक घोषणाएं देखनी चाहिए। GMP पर भी निवेशकों की नजर IPO में मजबूत सब्सक्रिप्शन के बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी रहती है। GMP से बाजार में शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत को लेकर एक संकेत मिल सकता है, लेकिन यह आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। लिस्टिंग के दिन शेयर किस भाव पर खुलेगा, यह बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के मूल्यांकन समेत कई बातों पर निर्भर करेगा। इसलिए सिर्फ GMP देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। क्या Jio Platforms IPO में निवेश करना सही रहेगा? IPO को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स निश्चित रूप से चर्चा का विषय है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और शेयर के मूल्यांकन को समझना जरूरी है। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि IPO में आवेदन करने से शेयर अलॉट होने की गारंटी नहीं होती। इसी तरह, शेयर अलॉट होने के बाद लिस्टिंग पर फायदा होगा या नुकसान, यह पहले से तय नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, Jio Platforms IPO में QIBs की मजबूत भागीदारी ने बाजार का ध्यान खींचा है। अब सबकी नजर सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों, शेयर अलॉटमेंट और संभावित लिस्टिंग पर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Weather

Weather Alert: MP में बारिश, नैनीताल में Landslide से 2 की मौत; तमिलनाडु में भारी बारिश

Weather अक्टूबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मौसम अभी भी लोगों को परेशान कर रहा है। मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की खबर है। वहीं, उत्तराखंड के नैनीताल में भूस्खलन से दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को मौसम का हाल जानकर ही घर से निकलने की सलाह दी जा रही है। MP Weather: मध्य प्रदेश में सात दिन से बारिश, पांच जिलों में अलर्ट की खबर मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की खबरें सामने आई हैं। इससे दिन और रात के तापमान में भी बदलाव महसूस किया जा सकता है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को देखते हुए पांच जिलों में अलर्ट जारी होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, 23 अक्टूबर के लिए इन पांच जिलों के नाम की ताजा आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए लोगों को अपने जिले का मौसम अपडेट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन से जरूर देखना चाहिए। बारिश के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ सकती है। जिन किसानों की फसल कटकर तैयार है, उन्हें मौसम का पूर्वानुमान देखकर उपज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। Nainital Landslide: नैनीताल में भूस्खलन, दो लोगों की मौत उत्तराखंड के नैनीताल में भूस्खलन की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद मिट्टी ढीली होने से चट्टानों और मलबे के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क पर चलने वाले लोगों के साथ आसपास रहने वाले परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक, नैनीताल में लैंडस्लाइड की घटना में दो लोगों की मौत हुई है। हालांकि, घटना की तारीख, सटीक स्थान और मृतकों की संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस खबर से जुड़े विवरणों को प्रकाशित करने से पहले स्थानीय प्रशासन की जानकारी से सत्यापित करना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले सड़क की स्थिति जांच लें। बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित रास्तों पर रुकने या जोखिम लेने से बचना चाहिए। Tamil Nadu Rain Alert: तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के साथ कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। नीलगिरि, कोयंबटूर, सेलम, नमक्कल, डिंडीगुल और मदुरै समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और आम लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी होने की आशंका रहती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Kerala और Karnataka में भी बदलेगा मौसम दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में इस तरह के बदलाव के बीच यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए। खासकर उन इलाकों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, जहां भारी बारिश के कारण जलभराव या सड़क बंद होने की आशंका हो। बारिश और आंधी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान MP से Tamil Nadu तक मौसम पर नजर रखना जरूरी मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी की खबरों के बीच उत्तराखंड में भूस्खलन और तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। मौसम की स्थिति जिले और इलाके के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए किसी एक अपडेट को पूरे राज्य पर लागू नहीं मानना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Chinmaya Mission

Chinmaya Mission के 75 साल पूरे: PM Modi की मौजूदगी में भव्य Global Sammelan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिन्मय मिशन (Chinmaya Mission) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। इस आयोजन में स्वामी चिन्मयानंद की आध्यात्मिक विरासत को याद किया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी सबसे खास चर्चा प्रधानमंत्री मोदी की स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम से बातचीत को लेकर है। हालांकि, इस बातचीत के पूरे विवरण की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इसे विस्तार से बताया जा सकता है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक चल रहे इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से हजारों लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, वेदांत और भगवद्गीता के संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। Chinmaya Mission के 75 साल, दुनिया भर में 350 से ज्यादा केंद्र चिन्मय मिशन की स्थापना वर्ष 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी। उन्होंने भगवद्गीता और वेदांत के ज्ञान को सरल भाषा में आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। आज मिशन का नेटवर्क भारत के साथ-साथ कई दूसरे देशों में भी फैला हुआ है। मिशन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुनिया भर में इसके 350 से अधिक केंद्र हैं। इन केंद्रों पर आध्यात्मिक प्रवचन, गीता अध्ययन, ध्यान और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 75 साल का यह सफर केवल एक धार्मिक संगठन के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि भारतीय दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने के लंबे प्रयास का भी हिस्सा है। Bharat Mandapam में Global Sammelan का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ 23 से 25 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, इसमें 9,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में चिन्मय मिशन की यात्रा, स्वामी चिन्मयानंद की शिक्षाओं और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित कार्यक्रम रखे गए हैं। देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को आध्यात्मिक विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिल रहा है। इस आयोजन के जरिए मिशन अपने 75 वर्षों के काम को याद करने के साथ आगे की योजनाओं पर भी ध्यान दे रहा है। Swami Chinmayananda ने भगवद्गीता को आम लोगों तक पहुंचाया स्वामी चिन्मयानंद का मानना था कि धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान केवल पढ़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उसे जीवन में अपनाना भी जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने भगवद्गीता और वेदांत को सरल तरीके से समझाने पर जोर दिया। उनकी शिक्षाओं में आत्मचिंतन, जीवन में अनुशासन और अपने कर्तव्यों को समझने जैसे विषय महत्वपूर्ण रहे। चिन्मय मिशन आज भी अध्ययन सत्रों, प्रवचनों और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से इन विचारों को आगे बढ़ा रहा है। 40,000 किलोमीटर से ज्यादा की Chinmaya Amrit Yatra मिशन की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों में ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ भी शामिल रही। इस पहल के तहत चिन्मय युवा केंद्र के 15 युवा सदस्यों ने देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की और भगवद्गीता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा में 40,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की गई। इस दौरान युवाओं से संवाद और आध्यात्मिक गतिविधियों के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिला। एक लाख से अधिक लोगों ने किया गीता पाठ चिन्मय मिशन की वर्षगांठ के दौरान भगवद्गीता को लेकर भी विशेष पहल की गई। ‘चिन्मय गीता समर्पण’ कार्यक्रम में दुनिया भर के एक लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ किया। इसके अलावा, ‘गीता पंचामृत’ पहल के जरिए गीता के पांच प्रमुख श्लोकों के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। सामूहिक हवन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम भी वर्षगांठ समारोह का हिस्सा रहे। 75 साल की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और उसके वैश्विक प्रसार को समझने का अवसर है। मिशन के केंद्र शिक्षा, आध्यात्मिक अध्ययन, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रम संचालित करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में आयोजित यह सम्मेलन स्वामी चिन्मयानंद की शिक्षाओं को याद करने और आने वाली पीढ़ियों तक उनके विचार पहुंचाने के प्रयासों को नई पहचान दे रहा है। निष्कर्ष: चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह वैश्विक सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा, भगवद्गीता और स्वामी चिन्मयानंद की विरासत पर केंद्रित है। दुनिया भर में 350 से अधिक केंद्रों के जरिए मिशन आज भी आध्यात्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता से जुड़े कार्य कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
China vs India

China vs India: सीमा पर जारी तनाव के बीच ITBP का Drone और Modern Warfare पर फोकस

भारत और चीन (China vs India) के बीच सीमा पर तनाव को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। उन्होंने कहा कि चीन सैन्य ताकत और आधुनिक तकनीक के मामले में काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में अब केवल पुराने तरीकों से मुकाबला करना आसान नहीं होगा। ITBP प्रमुख का यह बयान भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा तैयारियों को लेकर अहम माना जा रहा है। बदलते समय के साथ युद्ध लड़ने के तरीके भी बदल रहे हैं। ड्रोन, आधुनिक निगरानी प्रणाली और नई सैन्य तकनीक की भूमिका बढ़ने से भारतीय सुरक्षा बलों के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना जरूरी हो गया है। Arunachal Pradesh Border पर क्या है स्थिति? अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से बना हुआ है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाएं सतर्क रहती हैं। ITBP DG के ताजा बयान के मुताबिक, राज्य में कुछ स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना अभी भी जारी है। सीमा पर इस तरह की स्थिति में निगरानी, जवानों की तैनाती और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता काफी अहम होती है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। चीन की Modern Military ताकत बनी चुनौती ITBP DG ने चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता और आधुनिक तकनीक पर जोर दिया। चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर काफी निवेश किया है। आधुनिक हथियारों, निगरानी उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से उसकी सैन्य क्षमताओं में बदलाव आया है। ऐसे हालात में भारतीय सुरक्षा बलों के सामने भी खुद को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार रखने की जरूरत है। अब सीमा की सुरक्षा केवल जवानों की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की भी अहम भूमिका है। ITBP की तैयारी में शामिल हैं Shaurya Commandos सीमा पर मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए ITBP ने शौर्य कमांडो की विशेष टीम तैयार की है। इस तरह की टीमों का उद्देश्य जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार करना है। इसके अलावा, बल जवानों के प्रशिक्षण को भी आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कठिन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेना, बेहतर तालमेल बनाए रखना और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करना इस तैयारी का अहम हिस्सा है। Drone और Anti-Drone Technology पर बढ़ रहा फोकस आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। निगरानी से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इसी को देखते हुए ITBP भी ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर ध्यान दे रही है। ड्रोन के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, एंटी-ड्रोन सिस्टम संभावित खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी तकनीक की प्रभावशीलता उसके सही इस्तेमाल, प्रशिक्षण और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करती है। सीमा पर Infrastructure मजबूत करना भी जरूरी सीमा की सुरक्षा में आधुनिक उपकरणों के साथ मजबूत बुनियादी ढांचे की भी बड़ी भूमिका होती है। दूरदराज के इलाकों में जवानों तक जरूरी सामान पहुंचाना, सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है। ITBP की तैयारियों में जवानों के लिए सुरक्षित ढांचे और आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। कठिन मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाले जवानों के लिए ऐसी सुविधाएं विशेष रूप से अहम हैं। भारत-चीन संबंधों पर क्यों अहम है यह बयान? भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत के रास्ते खुले रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी है। हालांकि, सीमा पर कुछ स्थानों पर जारी आमना-सामना यह दिखाता है कि चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ITBP DG के बयान से साफ है कि बदलती सैन्य तकनीक के दौर में भारत को सीमा सुरक्षा के लिए लगातार अपनी तैयारियों को बेहतर बनाना होगा। आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत बुनियादी ढांचा इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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