NE

News Elementor

Latest Posts

भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में भारी तबाही, 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में भारी तबाही, 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है। भूकंप की तीव्रता 7.7 थी और इसके झटके भारत, बांग्लादेश और चीन तक महसूस किए गए। बैंकॉक में गिरी 30 मंजिला इमारत थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में इस भूकंप के कारण एक 30 मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 110 लोग मलबे में दब गए। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। म्यांमार में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सैन्य सरकार ने बताया कि अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस आपदा के कारण म्यांमार के 6 राज्यों में और पूरे थाईलैंड में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। https://twitter.com/Top_Disaster/status/1905545455364194747 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि यह म्यांमार और थाईलैंड में पिछले 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप है। लोग डर के कारण घरों से बाहर आ गए और कई जगहों पर सड़कें फट गईं। भारत ने भेजी राहत सामग्री भूकंप के तुरंत बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री की पहली खेप भेजी है। इस मिशन को ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ नाम दिया गया है। राहत सामग्री में दवाइयां, भोजन और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आपबीती बैंकॉक में रह रहे भारतीय नागरिकों ने इस भूकंप के अनुभव साझा किए। एक व्यक्ति ने कहा, ‘हमने अपनी आंखों के सामने बिल्डिंग गिरते देखी, यह बहुत डरावना था। ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’ अभी भी जारी हैं राहत कार्य मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन मिलकर लोगों की मदद कर रहे हैं।
Read more
ट्रंप से नाराज कनाडा ने अमेरिका से तोड़े रिश्ते

ट्रंप से नाराज कनाडा ने अमेरिका से तोड़े रिश्ते? जानिए इस विवाद का सच

अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में हाल ही में तनाव बढ़ गया है। इसकी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान हैं, जिनमें उन्होंने कनाडा को अमेरिका में मिलाने का सुझाव दिया। इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस प्रस्ताव को सख्ती से खारिज कर दिया। इस बयानबाजी के बाद दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट देखने को मिल रही है। आइए जानते हैं कि इस विवाद का क्या असर हो सकता है। ट्रंप ने दिया कनाडा को अमेरिका में शामिल करने का सुझाव डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि अमेरिका हर साल कनाडा को 100 अरब डॉलर से अधिक की सब्सिडी देता है। इस आधार पर उन्होंने सुझाव दिया कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना देना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि इससे दोनों देशों को आर्थिक और सुरक्षा लाभ होंगे। ट्रूडो ने दिया करारा जवाब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को सख्ती से नकार दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा हमेशा स्वतंत्र और संप्रभु रहेगा। ट्रूडो ने स्पष्ट किया कि उनका देश अमेरिका के अधीन नहीं जाएगा और अपनी स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं करेगा। क्या कनाडा ने अमेरिका से तोड़ दिए रिश्ते? हालांकि, इस बयानबाजी के बाद भी कनाडा और अमेरिका के बीच राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते यथावत हैं। अभी तक दोनों देशों ने अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों में तनाव जरूर बढ़ गया है। इस विवाद का असर क्या होगा? इस तरह के बयानों से दोनों देशों के व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं, ऐसे में अगर तनाव बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, ट्रूडो सरकार अमेरिका के साथ अपने संबंधों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह विवाद और कितना गहराता है या फिर दोनों देश इसे सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Read more
Vladimir Putin India Visit Update; PM Narendra Modi

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आएंगे, तैयारियां शुरू

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत की यात्रा करेंगे। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के दौरे की तैयारियां की जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने इस यात्रा की सटीक तारीख या महीने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लावरोव ने यह बयान ‘रूस और भारत: एक नए द्विपक्षीय एजेंडे की ओर’ समिट के दौरान दिया। इस बैठक का आयोजन रूसी अंतरराष्ट्रीय मामलों की परिषद (RIAC) द्वारा किया गया था। मोदी के रूस दौरे के बाद पुतिन भारत आएंगे रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की थी। अब हमारी बारी है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत सरकार का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2024 में दो बार रूस की यात्रा की थी। वह 22 अक्टूबर को BRICS समिट के लिए रूस गए थे। इससे पहले, जुलाई में भी उन्होंने रूस का दौरा किया था और इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन को भारत आने का आमंत्रण दिया था। 2021 में आखिरी बार भारत आए थे पुतिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पिछली बार 6 दिसंबर 2021 को भारत का दौरा किया था। वह केवल चार घंटे के लिए भारत आए थे और इस दौरान दोनों देशों के बीच 28 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें सैन्य और तकनीकी समझौते भी शामिल थे। यूक्रेन युद्ध के बाद पहली भारत यात्रा फरवरी 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद यह राष्ट्रपति पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 2030 तक के आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और रूस अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करते हुए इसे 100 अरब डॉलर से अधिक करने पर सहमत हुए हैं। फिलहाल, दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है। अरेस्ट वारंट के बाद अंतरराष्ट्रीय दौरे से बचते रहे पुतिन मार्च 2023 में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। उन पर यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और जबरन डिपोर्टेशन के आरोप लगे थे। यह पहली बार था जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी स्थायी सदस्य देश के शीर्ष नेता के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया। इस वारंट के बाद से पुतिन विदेश यात्राओं से बचते रहे हैं। वह 2023 में भारत में हुए G20 समिट में शामिल नहीं हुए थे और इस साल ब्राजील में हो रहे G20 समिट में भी हिस्सा नहीं लिया है। उनकी जगह दोनों सम्मेलनों में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भाग लिया। राष्ट्रपति पुतिन की आगामी भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Read more
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की

ज़ेलेंस्की को उम्मीद – अमेरिका रूसी मांगों के सामने मज़बूती से खड़ा रहेगा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका रूस की शर्तों के सामने झुकेगा नहीं और मजबूती से खड़ा रहेगा। रूस ने काला सागर में युद्धविराम के लिए शर्त रखी है कि पश्चिमी देश उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध हटाएं। रूस की नई शर्तें और ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया मंगलवार को रूस ने घोषणा की कि वह काला सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए युद्धविराम के लिए तैयार है। लेकिन उसने शर्त रखी कि पश्चिमी देश रूस के खाद्य और उर्वरक व्यापार से जुड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाएं। ज़ेलेंस्की ने पेरिस में यूरोप के कई पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका रूसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। जब बीबीसी ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका रूस की इन मांगों को मान सकता है, तो उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा। भगवान करे, वे मजबूती से खड़े रहें। लेकिन देखना होगा कि आगे क्या होता है।” अमेरिका और यूरोप का जवाब व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच सऊदी अरब में तीन दिन की बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति बनी है। लेकिन कुछ ही घंटे बाद क्रेमलिन ने बयान जारी कर कुछ शर्तें रख दीं। रूस ने मांग की है कि उसके कृषि व्यापार से जुड़े वित्तीय संस्थानों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम SWIFT तक दोबारा पहुंच दी जाए। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार इस अनुरोध पर विचार कर रही है। लेकिन यूरोपीय संघ (EU) ने साफ कर दिया कि जब तक रूसी सेना पूरी तरह यूक्रेनी सीमा से पीछे नहीं हटती, तब तक प्रतिबंधों को हटाने का सवाल ही नहीं उठता। अमेरिका में रूस के प्रभाव की चिंता ज़ेलेंस्की ने कहा कि वे अमेरिकी समर्थन के लिए आभारी हैं, लेकिन उन्हें चिंता है कि कुछ लोग “रूसी प्रचार” के प्रभाव में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम रूस के इन झूठे नैरेटिव्स को स्वीकार नहीं कर सकते।” जब उनसे पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप का रिश्ता उनके साथ ज्यादा अच्छा है या पुतिन के साथ, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे नहीं पता। यह कहना मुश्किल है। मैं नहीं जानता कि उनकी कितनी बार किससे बातचीत हुई है।” यूरोप की भूमिका और ट्रंप के दूत की टिप्पणी पिछले हफ्ते ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ़ ने कहा था कि यूरोप द्वारा यूक्रेन की मदद के लिए “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” (इच्छुक देशों का गठबंधन) बनाने का प्रयास बेकार है। इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह इस पर जल्दबाज़ी में निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। उन्होंने कहा, “जहां तक मैं जानता हूं, विटकॉफ़ को रियल एस्टेट खरीदने और बेचने का अच्छा अनुभव है, लेकिन यह मामला अलग है।” इतिहास में ज़ेलेंस्की की पहचान? बीबीसी ने ज़ेलेंस्की से पूछा कि भविष्य में इतिहास उन्हें कैसे याद करेगा – यूक्रेन को बचाने वाले नेता के रूप में या इसे गिरते देखने वाले व्यक्ति के रूप में? इस पर ज़ेलेंस्की ने भावुक होते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि इतिहास की किताबों में मेरे बारे में क्या लिखा जाएगा। लेकिन मेरा मकसद यह नहीं है। मेरा लक्ष्य है – अपने देश की रक्षा करना और यह देखना कि मेरे बच्चे बिना किसी डर के अपनी सड़कों पर चल सकें।“ उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी आखिरी सांस तक यूक्रेन की रक्षा करने के लिए हर संभव कोशिश करूंगा।” नाटो में यूक्रेन की एंट्री का मुद्दा ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का नाटो में शामिल होना गठबंधन को और मजबूत करेगा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फिलहाल यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। निष्कर्ष यूक्रेन और रूस के बीच जंग अब भी जारी है, और ज़ेलेंस्की को उम्मीद है कि अमेरिका रूस की शर्तों को नहीं मानेगा। हालांकि, रूस का दबाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका की नीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। Deshharpal पर ताज़ा ख़बरों के लिए जुड़े रहें!
Read more

ट्रम्प का बड़ा फैसला: अब वोटिंग के लिए पासपोर्ट अनिवार्य, भारत की बायोमीट्रिक प्रणाली का दिया हवाला!

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर की मुख्य बातें: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अमेरिकी नागरिकों को वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ​ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: कानूनी चुनौतियां: कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति के पास राज्यों के चुनावी प्रक्रियाओं पर इस प्रकार के आदेश जारी करने का अधिकार सीमित है, और यह आदेश अदालतों में चुनौती का सामना कर सकता है। राष्ट्रपति ट्रम्प का यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर अमेरिकी चुनावी प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का प्रयास है। हालांकि, इसकी कानूनी वैधता और प्रभावशीलता पर बहस जारी है, और यह संभवतः अदालतों में चुनौती का सामना करेगा।
Read more
1 34 35 36

Editor's Picks

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

नई दिल्ली: साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में एक खास संयोग बन रहा है। करीब 19 years बाद इस बार 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान Lord Hanuman की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। क्या है बड़ा मंगल का महत्व? ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त Lord Hanuman की पूजा, व्रत और भंडारा करते हैं। माना जाता है कि इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 19 साल बाद बन रहा खास योग इस बार ज्येष्ठ महीने में 8 मंगलवार पड़ रहे हैं, जो बहुत दुर्लभ माना जाता है। इससे धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है और लोग खास तैयारी कर रहे हैं। इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा ज्योतिष के अनुसार इस बार 4 राशियों के लिए यह समय बेहद लाभदायक माना जा रहा है: कैसे करें पूजा? बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र पहनें और Lord Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता और आस्था यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

एक बड़े कॉन्सर्ट के दौरान मशहूर सिंगर धुरंधर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फैंस ने आरोप लगाया कि सिंगर ने लाइव गाने की जगह LipSync किया, जिससे दर्शकों में नाराज़गी देखने को मिली। क्या हुआ कॉन्सर्ट में? कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर ने मंच पर शानदार एंट्री की और परफॉर्मेंस शुरू की। लेकिन कुछ ही देर में दर्शकों को शक हुआ कि गाना लाइव नहीं गाया जा रहा। कई फैंस का कहना है कि सिंगर सिर्फ गाने के साथ होंठ हिला रही थीं। परफॉर्मेंस के दौरान अलग अंदाज़ परफॉर्मेंस के बीच सिंगर ने खुद पर पानी डालकर और जोश में झूमकर माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, यह अंदाज़ कुछ लोगों को पसंद आया, लेकिन कई फैंस को लगा कि यह असली गायकी से ध्यान हटाने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग कॉन्सर्ट के वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने सिंगर की आलोचना की और कहा कि फैंस टिकट खरीदकर लाइव सिंगिंग सुनने आते हैं, न कि लिप सिंक देखने। फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहां कुछ फैंस ने सिंगर का समर्थन किया और इसे सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो बताया, वहीं कई लोगों ने इसे फैंस के साथ धोखा करार दिया। क्या कहती है इंडस्ट्री? म्यूजिक इंडस्ट्री में कभी-कभी लिप सिंक का इस्तेमाल होता है, खासकर बड़े शो में। लेकिन फैंस की उम्मीद हमेशा लाइव परफॉर्मेंस की ही रहती है।
‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

महिलाओं के हक में एक अहम फैसले में Allahabad High Court ने कहा है कि अगर जरूरत हो, तो महिला कर्मचारी दो साल के अंदर दूसरी Maternity Leave भी ले सकती है। इस फैसले से कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्या है पूरा मामला? मामला एक महिला कर्मचारी की छुट्टी से जुड़ा था, जिसे दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने में दिक्कत आ रही थी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि कानून महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चे की देखभाल को प्राथमिकता देता है। कोर्ट ने क्या कहा? Allahabad High Court ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मां और बच्चे दोनों की भलाई है। ऐसे में इसे सीमित सोच के साथ नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं के लिए क्यों है अहम? यह फैसला उन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो कम समय के अंतर में दो बच्चों की प्लानिंग करती हैं। अब उन्हें छुट्टी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। काम और परिवार के बीच संतुलन कोर्ट का यह फैसला कामकाजी महिलाओं को अपने परिवार और करियर के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करेगा। साथ ही यह संदेश भी देता है कि महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज पर क्या असर पड़ेगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के फैसले महिलाओं को और सशक्त बनाते हैं और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों को मजबूत करते हैं।
शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही शांति कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के नेता JD Vance का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘समुद्री डकैत’ तक कह दिया है। क्यों टला वेंस का पाकिस्तान दौरा? सूत्रों के अनुसार, JD Vance का Pakistan दौरा शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा था। लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप इस पूरे घटनाक्रम के बीच Iran ने United States पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका समुद्र में उसकी गतिविधियों में दखल दे रहा है, जिसे उसने ‘समुद्री डकैती’ जैसा बताया। बढ़ता तनाव, मुश्किल होती शांति एक तरफ जहां शांति वार्ता की उम्मीदें थीं, वहीं अब हालात और तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द शुरू नहीं हुई, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। क्या है आगे का रास्ता? फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वार्ता दोबारा शुरू होगी या नहीं। साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता विवाद भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चुनौती बन सकता है।
SRH vs DC IPL 2026 Highlights: हैदराबाद की धमाकेदार जीत, अभिषेक का शतक बना मैच का टर्निंग पॉइंट

SRH vs DC IPL 2026 Highlights: हैदराबाद की धमाकेदार जीत, अभिषेक का शतक बना मैच का टर्निंग पॉइंट

IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 47 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। यह मुकाबला पूरी तरह से हैदराबाद के नाम रहा, जहां बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक इस मैच के हीरो रहे अभिषेक शर्मा, जिन्होंने शानदार शतक जड़कर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ दिखी। उन्होंने शुरुआत से ही दिल्ली के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया और बड़े-बड़े शॉट्स खेले। हैदराबाद की मजबूत बल्लेबाज़ी पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हैदराबाद ने बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत तेज रही और बीच के ओवरों में भी रन गति बनी रही। अभिषेक के अलावा अन्य बल्लेबाज़ों ने भी अहम योगदान दिया, जिससे स्कोर चुनौतीपूर्ण बन गया। दिल्ली की लड़खड़ाती पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही, जिससे रन चेज मुश्किल होता चला गया। कुछ बल्लेबाज़ों ने कोशिश जरूर की, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। मलिंगा की घातक गेंदबाज़ी हैदराबाद की जीत में गेंदबाज़ ईशान मलिंगा का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने 4 विकेट लेकर दिल्ली की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता ने मैच का रुख बदल दिया।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.