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Pope Francis

Pope Francis के Funeral में शामिल हुए Droupadi Murmu, Donald Trump, Volodymyr Zelenskyy समेत कई वर्ल्ड लीडर्स

रोम (इटली):वैटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में आज Pope Francis का अंतिम संस्कार आयोजित किया गया, जिसमें दुनियाभर से करीब 2 लाख श्रद्धालु और 130 से अधिक विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वभर के कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि भारत की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Pope Francis को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा के डिप्टी स्पीकर जॉशुआ डी सूजा भी मौजूद रहे। अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन पहुंचे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्नी जिल बाइडेन भी उपस्थित रहे। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। खबरों के अनुसार, जेलेंस्की ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप से एक निजी बैठक भी की। अन्य देशों से भी पहुंचे प्रमुख नेता अंतिम संस्कार समारोह की खास बातें देश-दुनिया की नई खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal के साथ
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India-Saudi Arabia

India-Saudi Arabia Strategic Partnership Council: रणनीतिक साझेदारी से बढ़े द्विपक्षीय रिश्ते

India-Saudi Arabia के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2019 में रणनीतिक साझेदारी परिषद (Strategic Partnership Council) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के बाद एक उच्च-स्तरीय परिषद की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “सभी क्षेत्रों में सहयोग के एक नए युग की शुरुआत” बताया था। उन्होंने कहा था कि व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध पहले से ही मजबूत हैं और भविष्य में यह और गहरे होंगे। India-Saudi Arabia ऊर्जा और व्यापारिक साझेदारी में मजबूती India-Saudi Arabia के बीच व्यापारिक संबंध पिछले वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। आज भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि सऊदी अरब भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आपूर्तिकर्ता रहा, जो ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग को दर्शाता है। India-Saudi Arabia रक्षा और रणनीतिक सहयोग में प्रगति भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, क्षमतावृद्धि और संयुक्त अभ्यासों के जरिए रणनीतिक सहयोग को मजबूत किया है। इसके अलावा, सऊदी अरब ने संकट की घड़ी में भारत की मदद भी की। सूडान में संकट के दौरान सऊदी अरब ने 3,500 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में भारत को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। यह सहायता जेद्दा के जरिए सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करके दी गई थी। हज समझौता: लोगों के बीच संपर्क को मजबूती भारत और सऊदी अरब के बीच 2024 के लिए द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत भारत को कुल 1,75,025 हज यात्रियों का कोटा आवंटित किया गया है। इनमें से 1,40,020 सीटें हज कमेटी के लिए और 35,005 सीटें हज ग्रुप ऑपरेटर्स के लिए निर्धारित की गई हैं। यह विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वालों के लिए लाभकारी है। इस्लामी जगत में सऊदी अरब की भूमिका और भारत के लिए रणनीतिक महत्व सऊदी अरब, इस्लामी दुनिया में एक प्रमुख शक्ति है और मध्य पूर्व में इसका बढ़ता प्रभाव भारत के साथ उसके संबंधों को और अधिक रणनीतिक बनाता है। इस दृष्टि से भारत-सऊदी अरब साझेदारी न केवल आर्थिक बल्कि भूराजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी यात्रा: संबंधों को और मजबूती देने का अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्तमान सऊदी अरब यात्रा भारत-सऊदी अरब संबंधों को और नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी का विस्तार हो रहा है और यह सहयोग भविष्य में और भी मजबूत होने की संभावना रखता है।
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Modi-Vance

Modi-Vance की मुलाकात: Trade Deal में प्रगति, बढ़ते Tariffs से पहले बातचीत तेज

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025 –Modi-Vance की मुलाकात, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों ने इस दिशा में “सार्थक प्रगति” की बात कही है। वेंस अपनी पत्नी उषा और तीन बच्चों के साथ चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। सोमवार रात प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सम्मान में अपने आवास पर डिनर भी आयोजित किया। Modi-Vance ने बढ़ते टैरिफ से पहले समझौते की कोशिश अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को जुलाई 9 तक बढ़े हुए टैरिफ से राहत दी है। भारत पर 27% तक के टैरिफ लागू होने थे, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 90 दिनों की मोहलत दी, जिससे बातचीत को गति मिली है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार असंतुलन को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। वेंस से मुलाकात के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने बयान जारी कर भारत के साथ “व्यापार में गंभीर असमानता” की बात दोहराई। भारत ने कम किए टैरिफ, लेकिन कृषि क्षेत्र बना रोड़ा भारत ने हाल के महीनों में कई उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती की है, लेकिन कृषि क्षेत्र पर अमेरिका को ज्यादा पहुंच देने की मांग अब भी विवाद का कारण बनी हुई है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत अमेरिकी मक्का (कॉर्न) खरीदे, लेकिन भारत ने कृषि को लेकर हमेशा से सख्त रुख अपनाया है। Modi-Vance ने 🇮🇳 रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा Modi-Vance ने के बीच सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि रक्षा, रणनीतिक तकनीक और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि वे “अमेरिका के साथ व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की इस साल भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ट्रंप के इस साल क्वाड समिट के दौरान भारत आने की संभावना है। वेंस परिवार की भारत यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र उप-राष्ट्रपति वेंस की यह यात्रा व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रंगों से भी भरपूर रही। उनकी पत्नी उषा वेंस के माता-पिता आंध्र प्रदेश से अमेरिका गए थे। यह दंपति अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने के लिए उत्साहित है। वेंस के तीन बच्चों की पारंपरिक भारतीय परिधानों में तस्वीरें सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में छाई हुई हैं — दोनों बेटे कुर्ता-पायजामा में और तीन वर्षीय मिराबेल लहंगे में नजर आईं। जयपुर से आगरा तक: सांस्कृतिक सफर मोदी से मुलाकात के बाद वेंस परिवार जयपुर रवाना हुआ, जहां उन्होंने ऐतिहासिक आमेर किले का दौरा किया। वे जयपुर में भारत-अमेरिका संबंधों पर एक भाषण भी देंगे। बुधवार को परिवार आगरा जाकर ताजमहल का दीदार करेगा और फिर गुरुवार को अमेरिका के लिए रवाना होगा। लेटेस्ट इंटरनेशनल न्यूज, ट्रेड अपडेट्स और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स के लिए जुड़े रहें Deshharpal.com से।
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भारत आए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

BHARAT आए AMERICA के VICE PRESIDENT JD VANCE: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

नई दिल्ली – अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। वजह है उनके एक के बाद एक विदेशी दौरे – और हर दौरे के बाद उठता कोई न कोई विवाद। अब जब वे भारत पहुंचे हैं, तो सवाल ये है – भारत उनका स्वागत कैसे करेगा और रिश्तों को कैसे संभालेगा? 3 महीने में 5 दौरे, हर जगह विवाद जेडी वेंस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से अब तक 5 देशों का दौरा कर लिया है – और ये सब सिर्फ तीन महीने के अंदर। हर दौरे के बाद अमेरिका को सफाई देनी पड़ी या संबंधों को संभालना पड़ा। भारत को क्यों है ये दौरा खास? भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और एशिया की राजनीति – हर स्तर पर दोनों देश एक-दूसरे के नजदीक आ रहे हैं। भारत के लिए ये दौरा एक मौका भी है और चुनौती भी। जेडी वेंस के साथ बातचीत में ये देखा जाएगा कि अमेरिका की नई सरकार भारत को किस नजर से देखती है। जेडी वेंस का राजनीतिक स्टाइल वेंस को अमेरिका में बोल्ड और विवादास्पद नेता के रूप में जाना जाता है। वे बिना लाग-लपेट के बात करते हैं, जो कई बार राजनयिकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देती है।लेकिन वहीं, वे एक ईमानदार और स्पष्ट सोच वाले नेता भी माने जाते हैं, जो अमेरिका की घरेलू समस्याओं को समझते हैं। भारत की तैयारी भारत इस दौरे को डिप्लोमैटिक बैलेंस के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस बात को लेकर सतर्क हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में जाए।सूत्रों के मुताबिक, व्यापार, तकनीक ट्रांसफर, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत होगी। क्या कहता है आम भारतीय? दिल्ली की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, लोग जेडी वेंस को लेकर मिश्रित भावनाएं रखते हैं। कोई उन्हें अमेरिका का ट्रंप 2.0 कहता है, तो कोई उन्हें बदलाव की उम्मीद मानता है। रजनीश कुमार, एक युवा उद्यमी कहते हैं – “हमें उम्मीद है कि भारत को मजबूत साझेदार की तरह देखा जाएगा, न कि सिर्फ एक बाजार की तरह।”
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जिस बांग्लादेश की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

जिस BANGLADESH की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

भारत ने बांग्लादेश को हमेशा एक अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह देखा। जब भी बांग्लादेश को ज़रूरत पड़ी, भारत ने दिल खोलकर मदद की – फिर चाहे बात आज़ादी की लड़ाई की हो, विकास परियोजनाओं की या आर्थिक सहायता की। लेकिन आज हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत की दरियादिली पर बांग्लादेश की सियासत भारी?बीते कुछ समय में बांग्लादेश की ओर से ऐसे बयान और कदम सामने आ रहे हैं, जो भारत के लिए चौंकाने वाले हैं। बांग्लादेश सरकार का चीन के साथ बढ़ता गठजोड़, भारत के खिलाफ तल्ख़ रुख और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर टकराव – ये सभी इशारा कर रहे हैं कि रिश्तों में दरार आ चुकी है। हजारों करोड़ की मदद – लेकिन फिर भी उपेक्षा!भारत ने अब तक बांग्लादेश को करीब 8 बिलियन डॉलर (65 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) की आर्थिक सहायता दी है। सड़कें, रेल, बिजली और शिक्षा – हर सेक्टर में भारत ने अपना हाथ बढ़ाया। लेकिन इसके बदले में हाल ही में जो रवैया देखने को मिल रहा है, वो कड़वा है। चीन का खेल और बांग्लादेश की चुप्पीबांग्लादेश अब चीन की ओर झुकता दिख रहा है। चीन वहाँ भारी निवेश कर रहा है और रणनीतिक तौर पर भारत की घेराबंदी की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश की चुप्पी और भारत के खिलाफ बयान चिंता का कारण हैं। क्या मोदी सरकार दिखाएगी सख्ती?मोदी सरकार अब इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। जानकारों का मानना है कि भारत जल्द ही कड़ा संदेश दे सकता है। यह वक्त है जब भारत को अपनी उदारता और राष्ट्रीय हितों में संतुलन बैठाना होगा।
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Saudi Arabia

PM Modi की Saudi Arabia यात्रा 22-23 April को, Strategic Ties और Trade Cooperation पर होगी चर्चा: MEA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22-23 अप्रैल 2025 को Saudi Arabia की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है। यह मोदी जी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा होगी, इससे पहले वे 2016 और 2019 में वहां गए थे।​ 🇮🇳 भारत-Saudi Arabia रणनीतिक साझेदारी: एक नया अध्याय प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सितंबर 2023 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा के बाद हो रही है, जब उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस परिषद की स्थापना 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रमुख एजेंडा: ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य देखभाल और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की प्रगति पर भी विचार किया जाएगा, जो सितंबर 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया था। ​ भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी समुदाय इस यात्रा को लेकर उत्साहित है। रियाद और जेद्दा में भारतीय समुदाय के संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले, 2024 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और सऊदी खेल मंत्रालय के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सऊदी महिला प्रशिक्षकों ने भी भाग लिया था। आर्थिक संबंधों में वृद्धि भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-2023 में $52.8 बिलियन से अधिक रहा। दोनों देश ऊर्जा, पेट्रोलियम भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन उत्पादन, और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की भूमिका सुदृढ़ होगी।
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मेरठ में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

MEERUT में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीती रात तेज आंधी और बारिश ने बड़ा कहर मचाया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते दो मकान ढह गए। इस हादसे में एक 9 महीने की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग की जान चली गई। परिवार के लिए यह एक ऐसा ग़म बन गया है, जो उम्र भर नहीं भरेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा देर रात हुआ, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक ज़ोरदार आवाज़ के साथ दीवारें गिर गईं और सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो लोगों की सांसे थम चुकी थीं। राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में ओलावृष्टि: दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मौसम ने करवट ली और जोरदार ओले गिरे। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान परेशान हैं, क्योंकि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट: राजस्थान के कई जिलों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर समेत कई जगहों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोगों को दिन में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। देश के कोने-कोने में मौसम का कहर:एक ओर बारिश और तूफान जान ले रहे हैं, तो दूसरी ओर गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम का यह बदलता रूप आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। ज़रूरत है सतर्क रहने की, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
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क्या हिंदू कार्ड से बंगाल फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता

क्या HINDU CARD से BENGAL फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता KOLKATA।

क्या बंगाल में फिर से सियासी तूफान लाने की तैयारी में है बीजेपी? 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत की सक्रियता कुछ बड़ा संकेत दे रही है। सूत्रों की मानें तो संघ ने बंगाल में हिंदू वोट बैंक को जोड़ने के लिए एक ठोस रणनीति बना ली है। टारगेट है सिर्फ 4% अतिरिक्त वोट… जो गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। क्यों खास है ये 4%? बीजेपी को साल 2021 में लगभग 38% वोट मिले थे, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 47.9% वोटों के साथ सत्ता कायम रखी। विश्लेषकों की मानें तो अगर बीजेपी को 2026 में 42% से ज्यादा वोट मिलते हैं, तो वो सीधे सरकार बनाने की दौड़ में आ सकती है। और यही 4% वोट अब बीजेपी और संघ का फोकस बन गए हैं। भागवत ने तय की दिशा मोहन भागवत का बंगाल दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं थी। उन्होंने संघ के स्थानीय कार्यकर्ताओं और बीजेपी के रणनीतिकारों से लंबी बैठकें कीं। बैठक में साफ कहा गया कि बंगाल में ‘हिंदू पहचान’ को केंद्र में लाकर जनमानस को जोड़ा जाएगा। क्या बदलेगा मुद्दों का रुख? जहां TMC ममता बनर्जी के विकास मॉडल और बंगाली अस्मिता की बात करती है, वहीं बीजेपी अब मंदिर, गोरक्षा, लव जिहाद और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को फिर से धार दे सकती है। संघ का मानना है कि बंगाल में हिंदू समाज के कई वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इन्हीं भावनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। ग्राउंड लेवल पर तैयारी शुरू संघ की शाखाएं गांव-गांव में तेज़ी से फैल रही हैं। युवाओं को जोड़ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, धर्म-सभाएं और सेवा कार्यों पर ज़ोर है। बीजेपी भी बूथ लेवल मैनेजमेंट को मज़बूत कर रही है। ममता के लिए खतरे की घंटी? अगर बीजेपी अपना 4% टारगेट पूरा कर लेती है, तो ममता बनर्जी की सत्ता को सीधी चुनौती मिल सकती है। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण TMC के पक्ष में पहले से है, लेकिन अगर हिंदू वोट एकजुट हो गया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
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PM Modi और Elon Musk

PM Modi और Elon Musk की बातचीत: टेक्नोलॉजी, स्पेस और AI में भारत-अमेरिका साझेदारी को नया मुकाम

भारत और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इसी कड़ी में PM Modi और Elon Musk Tesla तथा SpaceX के CEO के बीच एक अहम बातचीत हुई। पीएम मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर जानकारी दी कि उन्होंने मस्क से पहले की वाशिंगटन बैठक में उठाए गए मुद्दों पर फिर से चर्चा की है। “Spoke to Elon Musk and talked about various issues, including the topics we covered during our meeting in Washington DC earlier this year,” – PM Modi on X उन्होंने यह भी कहा कि भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्पेस, AI और इनोवेशन में सहयोग की अपार संभावनाएं Elon Musk, जिनकी कंपनियां Tesla और SpaceX टेक्नोलॉजी और स्पेस इनोवेशन की अगली पंक्ति में खड़ी हैं, ने फरवरी 2024 में वाशिंगटन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उस समय मस्क अपने तीन बच्चों के साथ Blair House पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री रुके हुए थे। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने स्पेस एक्सप्लोरेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबल डेवलपमेंट, और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ में भारत-अमेरिका सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। MEA (विदेश मंत्रालय) के अनुसार, बातचीत में गुड गवर्नेंस, एंटरप्रेन्योरशिप, और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती देने की बात कही गई। PM Modi और Elon Musk की पुरानी मुलाकातें यह पहला मौका नहीं है जब मोदी और मस्क आमने-सामने आए हों। इससे पहले 2015 में California और 2023 में New York में दोनों की मुलाकात हो चुकी है। हर बार दोनों नेताओं के बीच भविष्य की तकनीकों पर संवाद हुआ है, जो भारत की डिजिटल और वैज्ञानिक दिशा को मजबूत करता है। Elon Musk: टेक्नोलॉजी के साथ पॉलिसी में भी प्रभावशाली Elon Musk को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा गया है। वे Department of Government Efficiency (DOGE) का हिस्सा रहे हैं, जिसका उद्देश्य सरकारी खर्चों में कटौती और नीतिगत सुधार करना था।
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US Airstrikes in Yemen

US Airstrikes in Yemen: अमेरिकी हमले में 38 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल

18 अप्रैल 2025, Yemen के रस इसा (Ras Isa) ऑयल पोर्ट पर अमेरिका द्वारा किए गए जबरदस्त एयरस्ट्राइक में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब यमन के हूथी विद्रोही गुट इस बंदरगाह का इस्तेमाल कर रहे थे। इस हमले से इलाके में भारी तबाही और एक विशाल आग का गोला (Fireball) देखने को मिला। क्या हुआ था हमला? अमेरिकी सेना CENTCOM (U.S. Central Command) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एयरस्ट्राइक हूथी विद्रोहियों के फ्यूल नेटवर्क को खत्म करने और उनके राजस्व स्रोतों को बंद करने के मकसद से किया गया था। हमले के बाद क्या हुआ? हूथी समर्थक चैनल Al Masirah TV ने हमले की भयावह तस्वीरें साझा कीं, जिनमें शव, बिखरी चीज़ें और एक जलता हुआ ईंधन टर्मिनल साफ दिखा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में पैरामेडिक्स और आम नागरिकों की भी जान गई है। हूथी गुट ने इस हमले को “यमन की संप्रभुता पर खुला हमला” करार दिया और कहा कि यह पोर्ट वर्षों से आम यमनी नागरिकों की सेवा कर रहा था। रणनीतिक महत्व क्यों है इस पोर्ट का? बढ़ते तनाव की वजह क्या है? यह हमला अमेरिका द्वारा पिछले कुछ हफ्तों से चलाए जा रहे एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें: गौरतलब है कि नवंबर 2023 से अब तक हूथी विद्रोही 100 से अधिक कॉमर्शियल जहाजों पर हमला कर चुके हैं, जिनमें 2 जहाज डूब चुके और 4 नाविकों की जान जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं? अब तक संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले पर चिंता जाहिर की है, लेकिन अमेरिका ने अपने बयान में साफ किया है कि इस ऑपरेशन का मकसद हूथी आतंकवाद को आर्थिक रूप से कमजोर करना है। Deshharpal पर हम आपको अंतरराष्ट्रीय खबरों से लेकर लोकल अपडेट्स तक सब कुछ देते हैं !
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China

अमेरिका नहीं China बना India से बड़ा खरीदार – Plan-B का बड़ा कमाल

वैश्विक व्यापार की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा अब भारत को मिल रहा है। जहां पहले उम्मीद थी कि अमेरिका भारत से इस खास प्रोडक्ट का सबसे बड़ा खरीदार बनेगा, वहीं अब चीन (China) ने बाजी मार ली है। China ने भारत से इस प्रोडक्ट की बड़ी मात्रा में खरीद शुरू कर दी है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आ गई है। सरकार की “Plan-B” रणनीति को इस पूरे बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। क्या है पूरा बदलाव? कुछ समय पहले तक भारत के एक्सपोर्ट में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश ही मुख्य खरीदार थे। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत ने अपनी व्यापार नीति को डायवर्सिफाई करते हुए नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है। इसी बदलाव के तहत चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और अब वह भारत से बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है। चीन की बढ़ती डिमांड क्यों अहम है? चीन जैसे बड़े बाजार का भारत से जुड़ना सिर्फ एक सामान्य व्यापारिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक संकेत है। इससे भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं और एक्सपोर्ट ग्रोथ में तेजी आई है। Government Plan-B कैसे बना गेमचेंजर? भारत सरकार की Plan-B रणनीति का मुख्य उद्देश्य था: इस रणनीति के चलते भारत ने चीन जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ बनानी शुरू की है। भारत को क्या फायदा हो रहा है? इस पूरे बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है: आगे की तस्वीर कैसी हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बन सकता है। चीन जैसे देशों से बढ़ता व्यापार भारत के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

नई दिल्ली: साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में एक खास संयोग बन रहा है। करीब 19 years बाद इस बार 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान Lord Hanuman की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। क्या है बड़ा मंगल का महत्व? ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त Lord Hanuman की पूजा, व्रत और भंडारा करते हैं। माना जाता है कि इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 19 साल बाद बन रहा खास योग इस बार ज्येष्ठ महीने में 8 मंगलवार पड़ रहे हैं, जो बहुत दुर्लभ माना जाता है। इससे धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है और लोग खास तैयारी कर रहे हैं। इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा ज्योतिष के अनुसार इस बार 4 राशियों के लिए यह समय बेहद लाभदायक माना जा रहा है: कैसे करें पूजा? बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र पहनें और Lord Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता और आस्था यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

एक बड़े कॉन्सर्ट के दौरान मशहूर सिंगर धुरंधर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फैंस ने आरोप लगाया कि सिंगर ने लाइव गाने की जगह LipSync किया, जिससे दर्शकों में नाराज़गी देखने को मिली। क्या हुआ कॉन्सर्ट में? कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर ने मंच पर शानदार एंट्री की और परफॉर्मेंस शुरू की। लेकिन कुछ ही देर में दर्शकों को शक हुआ कि गाना लाइव नहीं गाया जा रहा। कई फैंस का कहना है कि सिंगर सिर्फ गाने के साथ होंठ हिला रही थीं। परफॉर्मेंस के दौरान अलग अंदाज़ परफॉर्मेंस के बीच सिंगर ने खुद पर पानी डालकर और जोश में झूमकर माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, यह अंदाज़ कुछ लोगों को पसंद आया, लेकिन कई फैंस को लगा कि यह असली गायकी से ध्यान हटाने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग कॉन्सर्ट के वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने सिंगर की आलोचना की और कहा कि फैंस टिकट खरीदकर लाइव सिंगिंग सुनने आते हैं, न कि लिप सिंक देखने। फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहां कुछ फैंस ने सिंगर का समर्थन किया और इसे सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो बताया, वहीं कई लोगों ने इसे फैंस के साथ धोखा करार दिया। क्या कहती है इंडस्ट्री? म्यूजिक इंडस्ट्री में कभी-कभी लिप सिंक का इस्तेमाल होता है, खासकर बड़े शो में। लेकिन फैंस की उम्मीद हमेशा लाइव परफॉर्मेंस की ही रहती है।
‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

महिलाओं के हक में एक अहम फैसले में Allahabad High Court ने कहा है कि अगर जरूरत हो, तो महिला कर्मचारी दो साल के अंदर दूसरी Maternity Leave भी ले सकती है। इस फैसले से कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्या है पूरा मामला? मामला एक महिला कर्मचारी की छुट्टी से जुड़ा था, जिसे दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने में दिक्कत आ रही थी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि कानून महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चे की देखभाल को प्राथमिकता देता है। कोर्ट ने क्या कहा? Allahabad High Court ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मां और बच्चे दोनों की भलाई है। ऐसे में इसे सीमित सोच के साथ नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं के लिए क्यों है अहम? यह फैसला उन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो कम समय के अंतर में दो बच्चों की प्लानिंग करती हैं। अब उन्हें छुट्टी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। काम और परिवार के बीच संतुलन कोर्ट का यह फैसला कामकाजी महिलाओं को अपने परिवार और करियर के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करेगा। साथ ही यह संदेश भी देता है कि महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज पर क्या असर पड़ेगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के फैसले महिलाओं को और सशक्त बनाते हैं और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों को मजबूत करते हैं।
शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही शांति कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के नेता JD Vance का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘समुद्री डकैत’ तक कह दिया है। क्यों टला वेंस का पाकिस्तान दौरा? सूत्रों के अनुसार, JD Vance का Pakistan दौरा शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा था। लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप इस पूरे घटनाक्रम के बीच Iran ने United States पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका समुद्र में उसकी गतिविधियों में दखल दे रहा है, जिसे उसने ‘समुद्री डकैती’ जैसा बताया। बढ़ता तनाव, मुश्किल होती शांति एक तरफ जहां शांति वार्ता की उम्मीदें थीं, वहीं अब हालात और तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द शुरू नहीं हुई, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। क्या है आगे का रास्ता? फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वार्ता दोबारा शुरू होगी या नहीं। साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता विवाद भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चुनौती बन सकता है।

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