लेखक: सत्येंद्र कुमार जैन राजनीति में कई चेहरे आते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने काम के जरिए अलग पहचान बना लेते हैं। मध्यप्रदेश भाजपा में मीडिया प्रभारी के रूप में आशीष ऊषा अग्रवाल (Ashish Usha Agrawal) का नाम ऐसे ही नेताओं में लिया जाता है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में अपने काम से एक मजबूत छाप छोड़ी है। चुनावी जीत के पीछे मजबूत मीडिया रणनीति अगर पिछले कुछ चुनावों पर नजर डालें, तो भाजपा की सफलता साफ दिखाई देती है।विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी ने 163 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की और करीब 49% वोट शेयर पाया। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2024 में तो पार्टी ने कमाल करते हुए प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज की और लगभग 60% वोट शेयर हासिल किया। इन नतीजों के पीछे सिर्फ राजनीतिक रणनीति ही नहीं, बल्कि मीडिया में मजबूत प्रस्तुति भी एक बड़ा कारण रही—जिसे संभालने की जिम्मेदारी आशीष अग्रवाल के पास थी। मीडिया विभाग को नई दिशा देने का काम आशीष अग्रवाल ने मीडिया विभाग को सिर्फ खबर भेजने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे पार्टी की आवाज बना दिया। उनके कार्यकाल में: उनकी कार्यशैली में एक खास बात रही—काम को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से करना। पत्रकारों से रिश्ते सिर्फ प्रोफेशनल नहीं आशीष अग्रवाल का एक अलग पहलू उनका मीडिया से जुड़ाव है।वे पत्रकारों को सिर्फ काम का हिस्सा नहीं, बल्कि अपने परिवार जैसा मानते हैं। चाहे बड़े चैनल हों या छोटे यूट्यूब प्लेटफॉर्म—हर किसी के लिए वे आसानी से उपलब्ध रहते हैं।भोपाल में एक पत्रकार पर संकट आया, तो वे खुलकर उसके साथ खड़े नजर आए। यही वजह है कि मीडिया में उनकी एक भरोसेमंद छवि बनी है। संगठन में भी उतनी ही पकड़ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनकी कार्यशैली और संगठन निष्ठा को देखते हुए उन्हें फिर से मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी। इसके अलावा: यह दिखाता है कि उनकी भूमिका सिर्फ मीडिया तक सीमित नहीं है। टेक्नोलॉजी और नवाचार पर फोकस आज के दौर में राजनीति और मीडिया दोनों डिजिटल हो चुके हैं।Ashish Usha Agrawal ने इस बदलाव को समझते हुए मीडिया विभाग में तकनीक और नए प्रयोगों को बढ़ावा दिया। सोशल मीडिया, डिजिटल कंटेंट और तेज सूचना प्रसारण—इन सभी में उनकी रणनीति साफ नजर आती है। तीन साल का यह सफर सिर्फ एक पद का कार्यकाल नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, अनुशासन और नए प्रयोगों की कहानी है। आशीष ऊषा अग्रवाल ने यह दिखाया है कि अगर नेतृत्व मजबूत हो और सोच स्पष्ट हो, तो मीडिया विभाग भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। आने वाले समय में उनसे और बड़े कामों की उम्मीद की जा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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