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BH सीरीज नंबर प्लेट क्या होती है? किसे मिलती है और क्या फायदे हैं?

BH सीरीज नंबर प्लेट क्या होती है? किसे मिलती है और क्या फायदे हैं?

अगर आपने कभी गाड़ी पर “BH” लिखा हुआ नंबर प्लेट देखा है, तो इसका मतलब है कि वह वाहन Bharat Series (BH Series) के तहत रजिस्टर्ड है। यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक खास नंबर प्लेट व्यवस्था है, जिसका मकसद है देश में कहीं भी वाहन चलाने को आसान बनाना। BH सीरीज नंबर प्लेट क्या है? BH (Bharat) सीरीज एक All India Vehicle Registration System है।इसका मतलब यह है कि इस नंबर प्लेट वाली गाड़ी को आप भारत के किसी भी राज्य में बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन कराए चला सकते हैं। पहले अगर कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होता था, तो उसे RTO में जाकर गाड़ी फिर से रजिस्टर करानी पड़ती थी। BH सीरीज ने इस झंझट को काफी हद तक खत्म कर दिया है। BH नंबर प्लेट का फॉर्मेट कैसा होता है? BH नंबर प्लेट इस तरह दिखती है: YY BH #### XX जैसे: 24 BH 1234 AB BH सीरीज नंबर प्लेट किसे मिलती है? यह सभी लोगों को नहीं मिलती। इसके लिए कुछ शर्तें होती हैं: ये लोग पात्र (Eligible) हैं:
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Mamata Banerjee का बड़ा आरोप | TMC विधायकों पर BJP जॉइन करने का दबाव, पुलिस पर डराने-धमकाने का दावा

Mamata Banerjee का बड़ा आरोप | TMC विधायकों पर BJP जॉइन करने का दबाव, पुलिस पर डराने-धमकाने का दावा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के विधायकों पर Bharatiya Janata Party में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते हैं और कुछ मामलों में विधायकों को डराया-धमकाया जा रहा है। दो विधायकों को पार्टी से निकाला इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो विधायकों को निष्कासित कर दिया है। पार्टी का कहना है कि इन नेताओं पर संगठन विरोधी काम करने के गंभीर आरोप थे, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। ममता का विपक्ष पर हमला ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन टीएमसी मजबूत है और ऐसे दबावों से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। राज्य में बढ़ी सियासी गर्मी West Bengal में इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में और सियासी हलचल की संभावना है।
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Rahul Gandhi का CBSE पर हमला: ‘जेबकतरों से सावधान’, Re-evaluation Fee को लेकर उठाए सवाल

Rahul Gandhi का CBSE पर हमला: ‘जेबकतरों से सावधान’, Re-evaluation Fee को लेकर उठाए सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की री-इवैल्यूएशन फीस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की गलतियों का बोझ छात्रों और उनके परिवारों पर डाला जा रहा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यदि किसी छात्र को अपने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी लगती है, तो उसे उत्तर पुस्तिका की जांच या पुनर्मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलती यदि सिस्टम की है, तो उसकी कीमत छात्रों से क्यों वसूली जा रही है। कांग्रेस नेता ने तंज भरे अंदाज में कहा, “CBSE के जेबकतरों से सावधान।” उनके इस बयान के बाद शिक्षा व्यवस्था और री-इवैल्यूएशन फीस को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। राहुल गांधी का कहना है कि लाखों छात्र और अभिभावक पहले ही परीक्षा के दबाव और शिक्षा के बढ़ते खर्च से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए अतिरिक्त फीस लेना उचित नहीं माना जा सकता। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया है, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। फिलहाल CBSE की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, री-इवैल्यूएशन फीस और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
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Bank Holidays June 2026: जून में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays June 2026: जून में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank holidays : अगर आप जून महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले छुट्टियों की सूची जरूर देख लें। जून 2026 में देशभर के बैंक कुल 11 दिन बंद रहेंगे। इनमें 4 रविवार, 2 शनिवार और विभिन्न राज्यों में पड़ने वाली 5 क्षेत्रीय छुट्टियां शामिल हैं। हालांकि, सभी छुट्टियां पूरे देश में लागू नहीं होंगी। कुछ अवकाश केवल चुनिंदा राज्यों और शहरों में ही मान्य होंगे। इसलिए बैंक शाखा जाने से पहले अपने क्षेत्र की छुट्टियों की जानकारी जरूर जांच लें। जून 2026 में कब-कब बंद रहेंगे बैंक? साप्ताहिक अवकाश इसके अलावा विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों के कारण 5 अतिरिक्त दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं। ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी जारी बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहक UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर छुट्टियों का कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहकों के लिए सलाह अगर आपको चेक जमा करना है, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना है, KYC अपडेट करानी है या कोई अन्य शाखा संबंधी काम है, तो छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बना लें। इससे आखिरी समय में परेशानी से बचा जा सकता है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ जाता है। ऐसे में ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से भी सतर्क रहने की जरूरत है। जून महीने में बैंकिंग कार्यों की बेहतर योजना बनाने के लिए छुट्टियों की सूची पहले से देखना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
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Skin Infection in Summer: गर्मियों में क्यों बढ़ते हैं स्किन रैश और इन्फेक्शन? जानें बचाव के 10 आसान टिप्स

Skin Infection in Summer: गर्मियों में क्यों बढ़ते हैं स्किन रैश और इन्फेक्शन? जानें बचाव के 10 आसान टिप्स

Skin Infection in Summer : गर्मी का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। इनमें स्किन इन्फेक्शन और स्किन रैश सबसे आम समस्याओं में से एक हैं। तेज धूप, अत्यधिक पसीना और बढ़ी हुई नमी (उमस) त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना देते हैं। यही कारण है कि गर्मियों में खुजली, लाल चकत्ते, घमौरियां और फंगल इन्फेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी सावधानी और सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन क्यों बढ़ते हैं? स्किन इन्फेक्शन से बचने के 10 आसान टिप्स 1. त्वचा को साफ रखें दिन में कम से कम दो बार नहाएं और पसीना आने के बाद त्वचा को साफ करें। 2. सूती कपड़े पहनें कॉटन के ढीले और आरामदायक कपड़े त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं। 3. शरीर को सूखा रखें पसीना आने के बाद तौलिये से त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं। 4. पर्याप्त पानी पिएं दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर और त्वचा हाइड्रेट रहती है। 5. सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं। 6. गीले कपड़े तुरंत बदलें व्यायाम या पसीना आने के बाद गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें। 7. निजी सामान साझा न करें तौलिया, कपड़े और अन्य निजी वस्तुएं दूसरों के साथ साझा करने से बचें। 8. संतुलित आहार लें फल, सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। 9. खुजली होने पर त्वचा न खुजलाएं बार-बार खुजलाने से संक्रमण बढ़ सकता है। 10. समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लें यदि रैश, खुजली या संक्रमण लंबे समय तक बना रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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Weather Update: उत्तर भारत में बारिश से राहत, राजस्थान में धूल भरी आंधी का अलर्ट

Weather Update: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, गर्मी से राहत लेकिन राजस्थान में नया खतरा

कई दिनों से भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे उत्तर भारत के लोगों को आखिरकार राहत मिलने लगी है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। राजस्थान के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को अचानक मौसम बदला। कई जगहों पर धूल भरी आंधी चली, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश और बादल छाए रहने से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। राजस्थान में धूल भरे तूफान ने बढ़ाई चिंता राजस्थान के बीकानेर, चूरू और आसपास के इलाकों में धूल भरे तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान पीले और काले रंग की धूल से ढका नजर आया। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। हीटवेव से मिलेगी राहत पिछले सप्ताह राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन अब बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव का असर कम हो सकता है। IMD ने लोगों को दी ये सलाह किन राज्यों में रहेगा असर? मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
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नौसेना म्यूजियम और वाटिका का उद्घाटन: CM योगी बोले- सुरक्षा के लिए कभी-कभी हिंसा भी जरूरी, अहिंसा सच्चा धर्म

नौसेना म्यूजियम और वाटिका का उद्घाटन: CM योगी बोले- सुरक्षा के लिए कभी-कभी हिंसा भी जरूरी, अहिंसा सच्चा धर्म

उत्तर प्रदेश के नऊ में स्थापित नौसेना म्यूजियम और नौसेना वाटिका का उद्घाटन शनिवार को भव्य समारोह में किया गया। इस मौके पर CM योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने देश की सुरक्षा और सैनिकों के सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी देश के विकास और निवेश के लिए सबसे जरूरी चीज सुरक्षित माहौल होता है। बिना सुरक्षा के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अहिंसा के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अहिंसा मानव जीवन का सच्चा धर्म है, लेकिन यदि कोई देश या समाज के लिए खतरा बनता है, तो उससे निपटने के लिए सख्त कदम उठाना भी जरूरी हो जाता है। इस अवसर पर नौसेना से जुड़े कई अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और सुरक्षा से जुड़े संदेशों पर विशेष जोर दिया गया। यह उद्घाटन समारोह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और मुख्यमंत्री के बयान को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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Market Crash: एक झटके में डूबे 5.50 लाख करोड़ रुपए, शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका

Market Crash: एक झटके में डूबे 5.50 लाख करोड़ रुपए, शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका

भारतीय शेयर बाजार(Market) में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंतिम घंटों में अचानक बिकवाली बढ़ने से निवेशकों की करीब 5.50 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति स्वाहा हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ बंद हुए, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे। कमजोर मानसून की आशंका, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। दो साल पुराने स्तर पर पहुंचा बाजार गिरावट इतनी तेज रही कि निफ्टी एक बार फिर जून 2024 के आसपास के स्तरों तक फिसल गया। इससे उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में बाजार में निवेश किया था। क्यों आया बाजार में भूचाल? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं: इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार पर दबाव बढ़ाया और आखिरी घंटे में तेज बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों की बढ़ी चिंता बाजार में आई इस गिरावट से छोटे और मध्यम निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
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Gujarat Crime News: पति ने पत्नी को 50 हजार में बेचा, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर रची साजिश

Gujarat Crime News: पति ने पत्नी को 50 हजार में बेचा, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर रची साजिश

Gujarat के बनासकांठा जिले के पालनपुर से इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पति पर अपनी ही पत्नी को 50 हजार रुपये में बेचने का आरोप लगा है। हैरानी की बात यह रही कि महिला को बेचने के बाद आरोपी ने खुद ही उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी निकेश पटेल ने अपने साथियों संजय ठाकोर, अशोक ठाकोर और सचिन दरबार के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले महिला के गहने छीनकर बेच दिए। इसके बाद उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पालनपुर पश्चिम पुलिस गुमशुदगी की शिकायत की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने महिला को बरामद किया और उससे पूछताछ की। महिला के बयान के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आई। पालनपुर पश्चिम पुलिस थाने के पीआई आर.के. पटेल और उनकी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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Asaram Bapu Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, गैंगरेप आरोप से मिली राहत

Asaram Bapu Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, गैंगरेप आरोप से मिली राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे Asaram Bapu को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि अदालत ने उन्हें गैंगरेप के आरोप से बरी कर दिया, लेकिन बाकी गंभीर धाराओं में दोषसिद्धि और सजा यथावत रखी गई है। जोधपुर से आए इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आसाराम बापू को सरेंडर करने के निर्देश भी दिए हैं। यह मामला कई वर्षों से चर्चा में रहा है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में निचली अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों पर विचार किया। कोर्ट ने गैंगरेप से जुड़े आरोपों में राहत दी, लेकिन दुष्कर्म और अन्य गंभीर मामलों में सजा को सही माना। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। वहीं, आसाराम के समर्थकों में निराशा देखी जा रही है। यह फैसला ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और कानून के महत्व को भी दर्शाता है। फिलहाल देशभर की नजर इस केस से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया पर बनी हुई है।
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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