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Shubhanshu

Shubhanshu Shukla Returns: भारत के पहले ISS Astronaut की San Diego में सफल Splashdown Landing

Shubhanshu Shukla, जो कि International Space Station (ISS) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं, अब सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आए हैं। उन्होंने 15 जुलाई को दोपहर 3:02 बजे (IST) अमेरिका के San Diego के पास Splashdown किया। वे SpaceX के Crew Dragon “Grace” कैप्सूल के ज़रिए वापस आए और यह Axiom-4 मिशन का हिस्सा था। मिशन की प्रमुख बातें भारत का गर्व का क्षण (परिवार की भावनात्मक घड़ी): Next Step: Gaganyaan के लिए Data और Rehab हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shubhanshu Shukla ISS Mission,

Space में जाति की एंट्री! उदित राज बोले – “शुभांशु की जगह दलित को भेजना था

Axiom-4 मिशन से वापसी के बाद बवाल में घिरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला – कांग्रेस नेता ने दे दिया जातीय तड़का नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो।भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ चुका है। Group Captain शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताकर धरती पर सफल वापसी की है। लेकिन जैसे ही वह वापस लौटे, कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने इस ऐतिहासिक क्षण को विवाद में खींच लिया। क्या कहा कांग्रेस नेता उदित राज ने? डॉ. उदित राज ने शुभांशु की वापसी पर तो उन्हें शुभकामनाएं दीं लेकिन उसके साथ-साथ एक ऐसा बयान भी दे डाला जिसने माहौल गर्मा दिया। उन्होंने कहा: “पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे, तब SC-ST और OBC इतने पढ़े-लिखे नहीं थे। लेकिन अब तो किसी दलित या ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था। ऐसा नहीं कि NASA ने कोई परीक्षा लेकर उनका चयन किया हो।” इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शुभांशु ने स्पेस में किए 60 वैज्ञानिक प्रयोग Axiom-4 मिशन पर 25 जून को शुभांशु तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ISS के लिए रवाना हुए थे। 18 दिनों के इस मिशन में उन्होंने 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें से 7 भारत के ISRO द्वारा प्रस्तावित थे। शुभांशु शुक्ला अपने साथ 263 किलोग्राम वैज्ञानिक उपकरण और डेटा लेकर लौटे हैं, जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। 🇮🇳 भारत के लिए क्यों खास है यह मिशन? शुभांशु शुक्ला भारत के पहले व्यक्ति बने जिन्होंने एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशन के तहत ISS तक सफर किया। ISRO के आगामी Gaganyaan Mission (2027) से पहले यह मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी और वैज्ञानिक प्रयोगशाला साबित हो सकता है। Axiom-4 मिशन पर भारत ने खर्च किए 550 करोड़ रुपये सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत सरकार ने इस मिशन पर करीब ₹550 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश से भारत को न केवल वैश्विक स्पेस कमर्शियल सेक्टर में पहचान मिली, बल्कि तकनीकी रूप से भी कई नई जानकारियां हासिल हुई हैं। NASA और ISRO की साझेदारी यह मिशन अमेरिकी कंपनी Axiom Space और NASA के सहयोग से संचालित हुआ था। भारत की तरफ से ISRO और भारतीय वायुसेना के सहयोग से शुभांशु को प्रशिक्षित किया गया।
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India US Trade Deal 2025

क्या अब भारत में नॉन-वेजिटेरियन गाय का दूध भी मिलेगा …??

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में गायों को दिए जाने वाले नॉन-वेज चारे को लेकर बड़ा विवाद। भारत ने ऐसे दूध के आयात को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। जानें क्या है पूरा मामला। By Desh Harpal |15 July 2025 भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Deal) की राह में एक अद्भुत लेकिन संवेदनशील मुद्दा अड़चन बनकर उभरा है — और वो है: “क्या जिस गाय ने मांस या मछली वाला चारा खाया हो, उसका दूध भारत में पवित्र माना जा सकता है?” 🇮🇳 भारत की चिंता: दूध सिर्फ पोषण नहीं, एक श्रद्धा है! भारत सरकार ने साफ कहा है कि वह ऐसे किसी डेयरी उत्पाद (दूध, घी, मक्खन, पनीर आदि) का आयात नहीं करना चाहती जिसकी उत्पत्ति उन गायों से हो जिन्होंने मांस या मछली आधारित चारा खाया हो। 🔸 भारत की यह मांग सिर्फ व्यापार नहीं, संवेदनशील धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ी है।🔸 गाय और उसका दूध हिन्दू समाज में पूजनीय माने जाते हैं। अगर ऐसी गाय को non-vegetarian feed दिया गया हो, तो उसका दूध “अशुद्ध” माना जाता है। 🇺🇸 अमेरिका की प्रैक्टिस: डेयरी गायों को दिया जाता है मांसयुक्त चारा अमेरिका में डेयरी फार्म्स आमतौर पर अपनी गायों को ज़्यादा प्रोटीन और एनर्जी के लिए मांस, रक्त, मछली या हड्डी आधारित आहार देते हैं। ➡️ अमेरिका के लिए यह सामान्य कृषि तकनीक है,➡️ लेकिन भारत के लिए यह अवांछनीय, अनैतिक और धर्मविरोधी है। क्या कहती है भारत की नीति? भारत अमेरिका से डेयरी आयात की इजाज़त तभी देगा जब: भारत का कहना है कि ये मांग World Trade Organization (WTO) के GATT आर्टिकल 20 के तहत पूरी तरह वैध है, क्योंकि यह “सार्वजनिक नैतिकता” (Public Morality) से जुड़ी है। क्या कहता है अमेरिका? अमेरिकी अधिकारी इसे “Non-Tariff Barrier” मानते हैं।उनका कहना है: “भारत की यह मांग वैज्ञानिक रूप से अनावश्यक है। दूध की पौष्टिकता इस बात से नहीं बदलती कि गाय ने क्या खाया।” अमेरिका WTO में भी इस मुद्दे को उठा चुका है और उसे व्यापार में भेदभाव के रूप में देखता है। कितना बड़ा है असर? SBI की एक रिपोर्ट के अनुसार: 🔸 अमेरिका की दूध कंपनियां भारतीय बाज़ार में सस्ती दरों पर उत्पाद ला सकती हैं,🔸 जिससे भारत का पूरा डेयरी इकोसिस्टम डगमगा सकता है। आर्थिक असर: 1 लाख करोड़ का नुकसान टाल रहा है भारत? एसबीआई की एक रिपोर्ट बताती है कि अगर अमेरिका को भारत में खुलकर दूध और डेयरी उत्पाद बेचने की छूट मिलती है, तो इससे भारतीय किसानों को ₹1.03 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है। अमेरिकी उत्पाद ज़्यादा सस्ते हो सकते हैं, जिससे भारत की देसी डेयरी इंडस्ट्री पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। क्यों बन गई यह “रेड लाइन”? भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया: “हम डेयरी को धार्मिक मान्यताओं और किसानों की आजीविका के नज़रिए से देखते हैं। यह हमारे लिए Red Line है।” RSS से जुड़े संगठन और कई धार्मिक संस्थाएँ भी सरकार पर इस बिंदु को लेकर दबाव बना रही हैं। निष्कर्ष: दूध अब सिर्फ दूध नहीं रहा भारत-अमेरिका ट्रेड डील में जहां टेक्नोलॉजी, टैरिफ, और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दे हैं, वहीं “गाय का चारा” एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिसने समझौते की संभावनाओं को जटिल बना दिया है। यह विवाद बताता है कि व्यापार केवल पैसा और वस्तुओं का नहीं होता, वह भावनाओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्य व्यवस्था से भी टकराता है। Quick Facts: बिंदु विवरण समस्या अमेरिका की गायें नॉन-वेज चारा खाती हैं भारत की मांग डेयरी उत्पाद “शुद्ध शाकाहारी” स्रोत से हों अमेरिकी प्रतिक्रिया यह अनावश्यक बाधा है संभावित नुकसान भारतीय किसानों को ₹1 लाख करोड़ का घाटा धार्मिक पहलू हिन्दू धर्म में गाय और उसका दूध पवित्र माने जाते हैं जब बात “भारत-अमेरिका व्यापार डील” की होती है, तो यह सिर्फ टैक्स और टैरिफ की बातचीत नहीं होती। इसमें आस्था, पहचान, और स्थानीय अर्थव्यवस्था की गूंज भी शामिल होती है। गाय के चारे से शुरू हुआ यह विवाद, आज दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा नैतिक और सांस्कृतिक बहस बन चुका है। भारत ने साफ कर दिया है — “दूध वही, जो शुद्ध हो — और शुद्ध वही, जो शाकाहारी हो।”
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S. Jaishankar

India-China Relations , Jaishankar ने Beijing में की Xi Jinping से अहम मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से बीजिंग में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की शुभकामनाएं चीन के शीर्ष नेतृत्व को पहुंचाईं। यह भेंट SCO (Shanghai Cooperation Organisation) की बैठक के दौरान हुई, जहां द्विपक्षीय रिश्तों में विश्वास और संवाद को प्राथमिकता दी गई। India-China संबंधों पर Jaishankar का ज़ोर: “मतभेद को विवाद ना बनने दें” Jaishankar ने शी जिनपिंग को बताया कि भारत चाहता है कि दोनों देशों के बीच “विश्वास की बहाली” हो और एक ‘Far-Seeing Approach’ अपनाते हुए दीर्घकालिक स्थायित्व और शांति की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा: चार साल बाद China Trip: Galwan Clash के बाद पहला High-Level दौरा यह Jaishankar की 2020 के बाद पहली चीन यात्रा है। उस साल गलवान घाटी (Galwan Valley) में हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। अब एक बार फिर India-China Relations सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले जयशंकर ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग (Han Zheng) और विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) से भी मुलाकात की और इन मुद्दों पर चर्चा की: धर्म और सांस्कृतिक संबंध: Kailash Mansarovar यात्रा को लेकर बड़ा संकेत जयशंकर ने चीन से कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की जाए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने का प्रतीक है। SCO Meet 2025 Highlights: भारत का स्पष्ट संदेश Shanghai Cooperation Organisation (SCO) की इस बैठक में भारत ने क्षेत्रीय सहयोग, आपसी विश्वास, और रणनीतिक संतुलन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। जयशंकर ने यह भी कहा कि “Asia की स्थिरता तभी संभव है जब India और China मिलकर सोचें और आगे बढ़ें।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trapit Bansal

Meta रूमिंग पैंग को देगा 1670 करोड़ और भारत के त्रपित बंसल को 800 करोड़ का पैकेज

Meta Superintelligence Labs: Zuckerberg की नई चाल से OpenAI और Google में मची हलचल! देश हरपल डिजिटल डेस्क | टेक डेस्कसिलिकॉन वैली में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में टैलेंट वॉर चरम पर है। Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग अब OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज AI कंपनियों को सीधी चुनौती देने के लिए एक नई ‘सुपर चाल’ चल चुके हैं — Meta Superintelligence Labs (MSL) की शुरुआत के साथ। Meta अब तेजी से AI की सबसे तेज़ और होशियार ब्रेनपावर को अपने पाले में कर रहा है। खास बात है कि , यह जिन प्रतिभाओं को नियुक्त कर रहा है, उन्हें मिलने वाले पैकेज की रकम सुनकर कंपनियों के HR हिल गए हैं — 20 करोड़ डॉलर (1600 करोड़ रुपये तक) के पैकेज दिए जा रहे हैं! Top AI Talent की Meta में एंट्री! इस ‘AI Talent Hunt’ में कई चर्चित नाम शामिल हो चुके हैं: Huiwen Chang: GPT-4o की को-क्रिएटर और Google की मशहूर रिसर्चर, अब की टीम में शामिल हैं। Alexander Wang: पूर्व Scale AI के CEO को ने Superintelligence Labs का Chief AI Officer बनाया है। Nate Friedman: GitHub के पूर्व CEO और VC फर्म NFDG के को-फाउंडर अब AI Products और Applied Research संभालेंगे। Daniel Gross: Safe Superintelligence के पूर्व CEO, अब AI Product Division की कमान। Ruoming Pang: Apple की Foundation Models टीम के हेड रहे Pang को ₹1600 करोड़ के पैकेज पर नियुक्त किया। Trapit Bansal: OpenAI में ‘O-Series’ के डेवलपर, जिन्हें ₹800 करोड़ के ऑफर पर शामिल किया। Shuchao Bi: YouTube Shorts के को-फाउंडर और Google Ads में AI विशेषज्ञ रहे Bi ने भी जॉइन किया। पैकेज में क्या-क्या शामिल है? Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Meta द्वारा दी जा रही compensation में शामिल है: Base SalarySigning BonusMeta Stock (Equity) – जिसमें performance metrics और loyalty-based clauses होते हैं।Extended Contracts – कुछ नियुक्तियाँ चार साल से भी लंबे अनुबंधों पर आधारित हैं। इसमें वो लोग भी हैं जिन्होंने अपने मौजूदा स्टार्टअप्स में बड़ी equity छोड़ Meta जॉइन किया। उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए Signing Bonus को बढ़ाया गया है। Meta का लक्ष्य क्या है? Meta की Superintelligence Labs का लक्ष्य सिर्फ Language Models बनाना नहीं, बल्कि Artificial General Intelligence (AGI) और Superintelligence Systems का निर्माण करना है, जिससे वह OpenAI, Google DeepMind और Anthropic जैसी कंपनियों को सीधे टक्कर दे सके। मार्क ज़करबर्ग ने साफ़ किया है कि AGI पर नियंत्रण रखने के लिए टेक्नोलॉजी की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को एक साथ लाना जरूरी है – और अब उसी मिशन पर है। क्या यह टैलेंट वॉर और तेज़ होगी? AI सेक्टर में यह प्रतिस्पर्धा अब केवल इनोवेशन की नहीं रही, बल्कि ‘किसके पास बेहतर ब्रेन है’ इस रेस की भी बन गई है। पहले Apple, फिर OpenAI और अब Meta — हर कंपनी अब AI के अगले अध्याय को लिखने में जुटी है। यह रणनीति न केवल एआई इंडस्ट्री को पुनर्परिभाषित कर रही है, बल्कि एक नया AI साम्राज्य भी बना रही है, जहाँ टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रिलियन-डॉलर वैल्यू का मिलन हो रहा है। भारत से Trapit Bansal और Shuchao Bi जैसे नामों की मौजूदगी भारतीयों के लिए भी गर्व का विषय है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shubhanshu Shukla

Shubhanshu Shukla ने ISS में ली Historic Photo, ‘Saare Jahan Se Achha’ की गूंज से गूंजा Space Station

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने अंतरिक्ष से एक ऐसी ऐतिहासिक तस्वीर साझा की है जो भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। Axiom-4 मिशन के तहत ISS (International Space Station) पर 17 दिन बिताने के बाद, उन्होंने अपने दल के साथ विदाई से पहले एक अंतिम Group Photo क्लिक कराई। ISS से Historic Final Group Photo – अंतरिक्ष में भारत का गर्व Group Captain शुभांशु शुक्ला ने अमेरिका, जापान, हंगरी और पोलैंड के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर ISS पर Final Pose in Flight Suits में हिस्सा लिया। यह फोटो ISS की दीवार पर लगे एक टाइम-लैप्स कैमरे से ली गई, जिसमें सभी आठ अंतरिक्ष यात्री मुस्कुराते नजर आए। “Saare Jahan Se Achha” की गूंज ने बनाया भावुक पल Photo क्लिक करने से पहले शुभांशु शुक्ला ने ‘सारे जहां से अच्छा’ की पंक्तियां पढ़ीं, जिससे पूरा स्टेशन देशभक्ति के रंग में रंग गया। Space Mission Experiments – 60 से ज्यादा वैज्ञानिक परीक्षण पूरे Axiom-4 मिशन में शामिल टीम ने अंतरिक्ष में रहकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें शामिल हैं: इन प्रयोगों से भारत को Gaganyaan जैसे भविष्य के मिशनों में बड़ी मदद मिलेगी। Earth Return Plan – कब लौटेंगे Shubhanshu Shukla? India’s Space Pride – 41 साल बाद ISS पर भारतीय Shubhanshu Shukla 41 वर्षों में पहले भारतीय हैं जिन्होंने ISS का दौरा किया है। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इस मिशन के जरिए भारत अब ISRO’s Gaganyaan Program को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaishankar

Jaishankar China Visit 2025 SCO Meet में हुई बड़ी बातचीत, India-China रिश्तों में दिखा सुधार

बीजिंग, 14 जुलाई 2025 — भारत के विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar ने 2020 की गालवान झड़प के बाद पहली बार चीन का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने बीजिंग में SCO (Shanghai Cooperation Organisation) Foreign Ministers Meet में हिस्सा लिया और चीन के उपराष्ट्रपति Han Zheng से मुलाकात की। इस हाई-लेवल मुलाकात को India-China संबंधों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। Galwan Clash के बाद पहली मुलाकात, दिखा भरोसे का नया माहौल Dr. S. Jaishankar की यह यात्रा इसलिए खास है क्योंकि यह 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच पहली गंभीर और उच्च-स्तरीय बातचीत है। गालवान हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरी खटास आ गई थी, लेकिन अब एक नया Diplomatic thaw (राजनयिक गर्माहट) नजर आ रहा है। Jaishankar और Han Zheng की मुलाकात में क्या हुआ? Kailash Mansarovar Yatra फिर से शुरू Dr. S. Jaishankar ने इस मीटिंग में यह भी घोषणा की कि Kailash Mansarovar Yatra को पांच साल बाद फिर से शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी इस साल मनाई जा रही है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है। SCO Foreign Ministers Meeting 2025 में भारत की भूमिका विदेश मंत्री जयशंकर अब 15 जुलाई को तियानजिन (Tianjin) में आयोजित हो रही SCO Foreign Ministers’ Meet में भाग लेंगे। इस बैठक में अफगानिस्तान, आतंकवाद, व्यापार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Etihad

Etihad Alert on Boeing 787 फ्यूल कंट्रोल स्विच पर चेतावनी, Air India Crash के बाद सख्त जांच के आदेश

Etihad Airways ने अपने Boeing 787 Dreamliner विमानों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइंस ने अपने पायलटों को Fuel Control Switch के संचालन में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं और सभी विमानों में Fuel Switch Locking Mechanism की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं। यह फैसला उस घटना के बाद आया जब Etihad का एक विमान अबूधाबी से हैदराबाद उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण वापस लौटना पड़ा। Air India Crash और Fuel Switch की भूमिका इस फैसले की पृष्ठभूमि में सबसे बड़ा कारण रहा है Air India Flight AI-171 का हादसा, जो 12 जून 2025 को हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के दौरान दोनों इंजनों के Fuel Control Switches ‘RUN’ से अपने आप ‘CUTOFF’ में चले गए, जिससे इंजन की शक्ति क्षणिक रूप से बंद हो गई और विमान का संतुलन बिगड़ गया। हादसे में कई जानें गईं। FAA और AAIB की रिपोर्ट भारत की AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि Air India ने FAA (Federal Aviation Administration) की 2018 की सर्विस बुलेटिन का पालन नहीं किया था। इस बुलेटिन में विशेष रूप से Boeing विमानों के Fuel Switch Lock Mechanism की जांच की सिफारिश की गई थी। हालांकि FAA का कहना है कि उन्हें डिज़ाइन में कोई गंभीर तकनीकी खामी नहीं मिली है, इसलिए उन्होंने अब तक कोई अनिवार्य एयरवर्थिनेस निर्देश (Airworthiness Directive) जारी नहीं किया। Etihad का Proactive Action Etihad Airways ने संभावित खतरे को देखते हुए अपने Boeing 787 बेड़े में तैनात सभी विमानों के Fuel Locking Mechanism की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पायलटों को टेकऑफ और लैंडिंग जैसे अहम मौकों पर Fuel Switch को संभालते वक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। Global Airlines भी हुए सतर्क Etihad के इस कदम के बाद अब अन्य इंटरनेशनल एयरलाइंस भी अपने Boeing 787 विमानों की जांच करने में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कई कंपनियाँ अपने Standard Operating Procedures (SOPs) में बदलाव कर सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhangur Baba ISI Connection

Chhangur Baba ISI Connection : छांगुर बाबा का षड्यंत्रकारी जाल अब भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती

उत्तर प्रदेश ATS और ईडी (ED) की संयुक्त जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की करतूतों की परतें एक-एक कर सामने आती जा रही हैं। धर्मांतरण के नाम पर शुरू हुआ यह खेल अब सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ता नजर आ रहा है। धर्मांतरण से लेकर जासूसी तक – पूरी प्लानिंग थी तैयार सूत्रों की मानें तो छांगुर बाबा सिर्फ हिंदुओं को इस्लाम में बदलने का काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसका मकसद भारत में सांप्रदायिक ज़हर फैलाना और देश की एकता को तोड़ना था।जांच एजेंसियों को जो दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले हैं, उनमें नेपाल कनेक्शन सबसे खतरनाक साबित हुआ है। काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में ISI एजेंटों के साथ छांगुर नेटवर्क की एक गुप्त बैठक भी हुई थी, जिसमें भारत में स्लीपर सेल एक्टिवेट करने की प्लानिंग शामिल थी। ISI एजेंटों से निकाह और जासूसी में महिलाओं की भूमिका छांगुर बाबा की सबसे खतरनाक योजना थी – आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं को धर्म के नाम पर फंसाकर पहले इस्लाम कबूल करवाना, फिर नेपाल ले जाकर उनका निकाह ISI एजेंटों या स्लीपर सेल से कराना। इसके बाद इन महिलाओं को भारत में जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बनाने के लिए एक कोडवर्ड सिस्टम तक तैयार कर लिया गया था। इस साजिश में नेपाल की जमीन का इस्तेमाल ट्रांजिट और रिक्रूटमेंट सेंटर के तौर पर किया जा रहा था। ATS और ED का एक्शन मोड ON उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बरेली, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में रेड कर छांगुर बाबा से जुड़े दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कई बैंक खातों में संदिग्ध विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। डिजिटल सबूत और कोडवर्ड सिस्टम निष्कर्ष: एक बाबा, एक रैकेट और एक अंतरराष्ट्रीय खतरा! छांगुर बाबा का मामला सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश है, जिसमें भारत को अंदर से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। इस केस की तह तक जाने के लिए ATS और ED की जाँच निर्णायक मोड़ पर है।
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Electricity Yojana

Bihar Free Electricity Yojana 2025 अब हर महीने 100 यूनिट बिजली मिलेगी फ्री

बिहार सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए Bihar Free Electricity Yojana 2025 की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यह प्रस्ताव वित्त विभाग से मंजूरी पा चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मुहर मिल सकती है। Bihar Free Electricity Yojana 2025 की खास बातें: पहले क्या हुआ था? 2024 में जब तेजस्वी यादव ने मुफ्त बिजली की मांग उठाई थी, तब नीतीश कुमार ने इसे खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि राज्य पहले से ही भारी सब्सिडी दे रहा है। लेकिन अब सरकार ने खुद इस योजना की घोषणा कर दी है, जो एक राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। फाइनेंशियल अप्रूवल और बजट प्रभाव योजना का प्रस्ताव बिजली विभाग द्वारा तैयार कर वित्त विभाग को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा में है। सरकार को इस योजना से हर साल हजारों करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है, लेकिन यह फैसला जनहित में उठाया गया है। योजना कब से लागू होगी? सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन संभावना है कि कैबिनेट की अगली बैठक के बाद इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा। योजना से किसे मिलेगा लाभ? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Social Media

Social Media Controversy: Biryani वाले बयान पर बड़ा एक्शन, नौकरी खत्म

Social Media पर दिया गया एक हल्का-फुल्का बयान एक शख्स के लिए भारी पड़ गया। “बिरयानी के 370 वसूलूंगा” कहने के बाद शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसकी नौकरी चली गई और मामला पूरी तरह सुर्खियों में आ गया। वायरल पोस्ट से बढ़ा मामला जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद एक वायरल पोस्ट या वीडियो से जुड़ा है, जिसमें व्यक्ति ने मजाकिया अंदाज में यह टिप्पणी की थी। लेकिन कुछ ही समय में यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाक माना, तो कई लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और गलत बताया। कंपनी ने लिया सख्त एक्शन मामला बढ़ता देख संबंधित कंपनी ने भी सख्त रुख अपनाया। आंतरिक जांच के बाद कंपनी ने फैसला लेते हुए उस व्यक्ति को नौकरी से हटा दिया। कंपनी का मानना है कि कर्मचारियों का सोशल मीडिया व्यवहार भी संस्थान की छवि को प्रभावित करता है, इसलिए इस तरह के मामलों में कार्रवाई जरूरी हो जाती है। इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट विवाद और बढ़ते ऑनलाइन ट्रोलिंग के बीच उस शख्स ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी जरूरी यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर कही गई छोटी-सी बात भी तेजी से वायरल होकर बड़ा विवाद बन सकती है। एक मजाकिया कमेंट भी कभी-कभी करियर और निजी जिंदगी पर गहरा असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
सोशल मीडिया

3 Lakh का Birthday Gift लेकर अगले दिन Breakup! Viral Story से सोशल मीडिया हैरान

सोशल मीडिया पर एक ऐसी कहानी तेजी से वायरल हो रही है जिसने लोगों को हैरान भी किया है और रिश्तों को लेकर सोचने पर मजबूर भी कर दिया है। मामला एक कपल से जुड़ा है, जहां बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के बर्थडे को खास बनाने के लिए करीब 3 लाख रुपये का महंगा गिफ्ट दिया, लेकिन अगले ही दिन रिश्ता टूट गया। जानकारी के अनुसार, युवक ने पूरी तैयारी के साथ अपनी पार्टनर का जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। उसने प्यार और उम्मीदों के साथ महंगा तोहफा दिया ताकि यह दिन यादगार बन जाए। पार्टी और गिफ्ट के समय सब कुछ सामान्य और खुशहाल दिख रहा था। लेकिन कहानी ने अचानक मोड़ ले लिया जब अगले दिन लड़की ने ब्रेकअप का फैसला ले लिया और युवक को मैसेज के जरिए रिश्ते को खत्म करने की जानकारी दी। इस फैसले से युवक पूरी तरह शॉक में आ गया और उसे समझ नहीं आया कि आखिर इतनी जल्दी क्या बदल गया। Social Media Viral Story: लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया यह मामला वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे “emotional manipulation” बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि रिश्तों में भरोसा और communication की कमी ऐसी situations को जन्म देती है। कई यूजर्स ने इसे “gift culture pressure” से भी जोड़कर देखा है, जहां रिश्तों में महंगे गिफ्ट्स उम्मीदों और emotional imbalance को बढ़ा देते हैं। Relationship Trust पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज के रिश्तों में trust और understanding कमजोर हो रही है? या फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली stories हमेशा पूरी सच्चाई नहीं दिखातीं? फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई official statement सामने नहीं आया है, लेकिन यह कहानी लगातार चर्चा में बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
West Bengal

West Bengal Politics: CM का बड़ा फैसला, Home Ministry अपने पास, नए मंत्रियों को मिले अहम विभाग

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion 2026) के बाद राज्य सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा शुरू कर दिया है। इस फैसले के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 35 मंत्रियों की नई टीम, सरकार ने दिया बड़ा संदेश नई सरकार में कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों शामिल हैं। इस बड़े विस्तार को राजनीतिक जानकार सरकार की “नए सिरे से टीम स्ट्रक्चर” की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। सरकार का दावा है कि नई टीम में: CM ने रखा Home Ministry अपने पास, मजबूत नियंत्रण का संकेत सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सबसे अहम विभागों में से एक गृह मंत्रालय (Home Ministry) अपने पास ही रखा है। यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। इसके अलावा प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। Swapan Dasgupta को मिली Finance Ministry की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) को राज्य का वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) सौंपा गया है। उनके पास अब राज्य की आर्थिक नीति, बजट तैयार करना और वित्तीय सुधारों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने और नई वित्तीय रणनीति लागू करने की दिशा में अहम कदम है। कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार के फैसलों और मंत्री चयन पर सवाल उठा रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। क्या बदल सकता है आगे? विशेषज्ञों के अनुसार यह नया कैबिनेट ढांचा आने वाले समय में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

Bengal Cabinet में विभागों का बंटवारा: शपथ के 10 दिन बाद ममता सरकार ने नए मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

West Bengal में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के करीब 10 दिन बाद आखिरकार विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने नए मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपते हुए विभिन्न विभागों का आवंटन किया है। इससे राज्य सरकार के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में कैबिनेट विस्तार के दौरान शामिल किए गए मंत्रियों को अब उनके मंत्रालय मिल गए हैं। लंबे इंतजार के बाद जारी की गई सूची में कई नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बंटवारे को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि विभागों का आवंटन मंत्रियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके और जनता से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान हो सके। किस मंत्री को मिला कौन-सा विभाग? राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार नए मंत्रियों को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें प्रशासन, विकास, जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मंत्रालय शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों का यह बंटवारा ममता बनर्जी की टीम को और मजबूत करेगा। साथ ही सरकार आगामी चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को भी सुदृढ़ कर रही है। जनता की उम्मीदें बढ़ीं नए मंत्रियों को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि वे अपने-अपने विभागों में कितना प्रभावी काम कर पाते हैं। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभागों में जनता को बेहतर परिणामों की उम्मीद है। विभागों का बंटवारा होने के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार का नया प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों पर काम शुरू करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gurugram

Mega Search Operation in Gurugram: पुलिस ने शुरू की सघन छापेमारी, दस्तावेजों की हो रही जांच

गुरुग्राम (Gurugram) में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने बड़ा Mega Search Operation in Gurugram शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के कई इलाकों में एक साथ तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक शुरू हुए इस अभियान से कई इलाकों में हलचल देखने को मिली, क्योंकि पुलिस टीमें अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर किरायेदारों और बाहरी लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। शहर में कई इलाकों में एक साथ चला सर्च अभियान पुलिस ने यह कार्रवाई एक साथ कई टीमों के जरिए शुरू की है। झुग्गी बस्तियों से लेकर हाई-राइज सोसायटी तक, हर जगह संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जा रही है। किन जगहों पर हो रही जांच? दस्तावेजों की गहन जांच इस अभियान में पुलिस आधार कार्ड, पहचान पत्र, किरायानामा और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। खास तौर पर ऐसे लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है जो बिना वैध दस्तावेजों के शहर में रह सकते हैं। पुलिस का साफ संदेश अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है। वैध दस्तावेज रखने वाले लोगों के साथ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों और RWA से अपील प्रशासन ने नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और कर्मचारियों का Police Verification जरूर कराएं। इससे भविष्य में किसी भी तरह की सुरक्षा समस्या से बचा जा सकता है। Gurugram Security Operation पर असर इस मेगा सर्च ऑपरेशन से शहर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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