आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsNEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूलेBREAKINGBreaking NewsRaja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’BREAKINGBreaking NewsJaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरीBREAKINGBreaking NewsRam Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछBREAKINGBreaking NewsKhan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलतBREAKINGBreaking NewsGurugram IVF Case: लाखों खर्च कर पैदा किया बच्चा, DNA टेस्ट में खुला बड़ा राज; माता-पिता से नहीं मिला मेलBREAKINGBreaking NewsTMC नेता जहांगीर खान की सड़क पर परेड, कान पकड़कर मांगी माफी; 7 दिन में दूसरी बार पुलिस का बड़ा एक्शनBREAKINGEducationMonsoon 2026: Satellite तस्वीरों में गायब हुए मानसूनी बादल, MP-राजस्थान समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजारBREAKINGBreaking NewsNEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूलेBREAKINGBreaking NewsRaja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’BREAKINGBreaking NewsJaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरीBREAKINGBreaking NewsRam Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछBREAKINGBreaking NewsKhan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलतBREAKINGBreaking NewsGurugram IVF Case: लाखों खर्च कर पैदा किया बच्चा, DNA टेस्ट में खुला बड़ा राज; माता-पिता से नहीं मिला मेलBREAKINGBreaking NewsTMC नेता जहांगीर खान की सड़क पर परेड, कान पकड़कर मांगी माफी; 7 दिन में दूसरी बार पुलिस का बड़ा एक्शनBREAKINGEducationMonsoon 2026: Satellite तस्वीरों में गायब हुए मानसूनी बादल, MP-राजस्थान समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजार

NE

News Elementor

Latest Posts

Petrol

₹103 में खरीदो, ₹135 में बेचो! महाराजगंज सीमा पर Petrol Smuggling का खुलासा

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा इन दिनों पेट्रोल तस्करी को लेकर चर्चा में है। यहां भारत में करीब ₹103 प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल नेपाल पहुंचते-पहुंचते ₹135 तक बिक रहा है। दोनों देशों के बीच तेल की कीमतों में बड़ा अंतर होने की वजह से सीमा पार अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीमा से जुड़े गांवों में सुबह से देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। कुछ लोग बाइक और छोटे वाहनों में बार-बार पेट्रोल भरवाकर नेपाल ले जा रहे हैं। वहां ऊंचे दामों में तेल बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। Border Area में कैसे चल रहा है पूरा खेल? महाराजगंज से लगी भारत-नेपाल सीमा का बड़ा हिस्सा खुला है। कई गांव ऐसे हैं जहां छोटे रास्तों से आसानी से आवाजाही हो जाती है। तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पेट्रोल को छोटे कैन, ड्रम और बाइक की टंकियों में भरकर नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर अचानक बिक्री बढ़ गई है। कई बार आम ग्राहकों को लंबी लाइन में भी लगना पड़ रहा है। ग्रामीणों को शक है कि बड़ी मात्रा में तेल सीमा पार भेजा जा रहा है। Petrol Price Difference बना तस्करी की बड़ी वजह भारत और नेपाल में पेट्रोल की कीमतों का अंतर इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। भारत में सस्ता मिलने वाला पेट्रोल नेपाल में महंगे दामों पर बिक रहा है। ऐसे में तस्करों को हर लीटर पर अच्छा फायदा मिल रहा है। जानकारों का मानना है कि जब तक दोनों देशों में ईंधन की कीमतों में इतना अंतर रहेगा, तब तक इस तरह की तस्करी को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होगा। प्रशासन और SSB ने बढ़ाई निगरानी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, एसएसबी और स्थानीय प्रशासन ने बॉर्डर एरिया में निगरानी बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर संदिग्ध खरीदारी पर नजर रखी जा रही है। कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी चलाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से ईंधन ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि खुली सीमा और गांवों के छोटे रास्ते प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता सीमा से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार का असर अब आम जिंदगी पर भी दिखने लगा है। पेट्रोल की मांग बढ़ने से कई बार स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों को भी आशंका है कि इस तरह का नेटवर्क भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CM Siddaramaiah

मंच पर भावुक दिखे DK Shivakumar, CM Siddaramaiah को किया प्रणाम

कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) के पैर छू लिए। यह दृश्य कैमरे में कैद होते ही सोशल media पर तेजी से वायरल हो गया और राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे गया। इस्तीफे की चर्चाओं के बीच वायरल हुआ Video पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव और इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच एक कार्यक्रम के दौरान डीके शिवकुमार का यह भावुक अंदाज लोगों का ध्यान खींच ले गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवकुमार मंच पर सिद्धारमैया के पास पहुंचे और सम्मान जताते हुए उनके पैर छुए। इस दौरान वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर इस पल का स्वागत किया। Congress में एकता का संदेश या सियासी रणनीति? राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया यह दृश्य कांग्रेस के भीतर एक अलग संदेश देता नजर आया। कांग्रेस के दोनों बड़े नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक तालमेल और नेतृत्व को लेकर चर्चा होती रही है। कुछ लोग इसे पार्टी में एकता और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे कर्नाटक की अंदरूनी सियासत से जोड़कर देख रहे हैं। Social Media पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सियासी रणनीति बताया। कांग्रेस की तरफ से अभी तक नहीं आया Official Statement हालांकि कांग्रेस की तरफ से अब तक किसी भी तरह के इस्तीफे या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस Emotional Moment ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में पार्टी क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shivraj Singh Chouhan Book Launch

शिवराज की किताब में बड़ा खुलासा: चुनावी संकट में PM मोदी ने ऐसे संभाला ‘मामाजी’ को

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने 35 वर्षों के राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को एक किताब में समेटा है।‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ नाम की इस किताब का विमोचन मंगलवार 26 मई को दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में हुआ। कार्यक्रम में देश के पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda और पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu विशेष रूप से मौजूद रहे। यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि भाजपा संगठन, कार्यकर्ता संस्कृति, संकट के समय नेतृत्व और नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के कई अनसुने पहलुओं को सामने लाती है। किताब में 1990 के दशक से लेकर कोरोना काल, मध्य प्रदेश चुनाव, संगठनात्मक संघर्ष और पहलगाम आतंकी हमले जैसे कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का जिक्र किया गया है। 2023 चुनाव से पहले का सबसे भावुक किस्सा किताब का सबसे चर्चित हिस्सा 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय भाजपा की पहली सूची जारी हुई थी, लेकिन उसमें शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं था। विपक्ष ने इसे तुरंत मुद्दा बना लिया और यह नैरेटिव बनाया जाने लगा कि “मामाजी का दौर खत्म हो गया है।” इसी दौरान शिवराज सिंह चौहान के एक भाषण की लाइन —“यदि हम चले जाएंगे तो याद बहुत आएंगे”को सोशल मीडिया और विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक विदाई के संकेत की तरह प्रचारित करना शुरू कर दिया। शिवराज लिखते हैं कि उस समय वे बेहद मानसिक दबाव में थे। तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। किताब के अनुसार, मोदी ने बातचीत की शुरुआत इन शब्दों से की— “मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा, मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।” शिवराज के मुताबिक, इसके बाद मोदी ने राजनीति की नहीं बल्कि उनके मन की बात की। उन्होंने कहा— “इतनी चिंता क्यों कर रहे हो? कुछ दिन एकांत में जाओ, अपने भीतर झांको, मन को शांत करो।” किताब में शिवराज ने लिखा है कि उस समय मोदी किसी प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह बात कर रहे थे। उन्हें समझ आ गया था कि यदि शिवराज का मनोबल कमजोर हुआ, तो उसका असर लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। उत्तराखंड जाकर किया आत्ममंथन फोन कॉल के बाद शिवराज सिंह चौहान कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड गए। गंगा किनारे समय बिताया और आत्ममंथन किया।वापस लौटने के बाद उन्होंने पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार संभाला। किताब में दावा किया गया है कि उन्होंने सिर्फ 13-14 दिनों में 165 से ज्यादा जनसभाएं और रोड शो किए। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। पहलगाम आतंकी हमला: “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा” किताब की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र से होती है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरे पर थे, लेकिन घटना के बाद तुरंत भारत लौट आए। शिवराज किताब में लिखते हैं कि हमले के बाद हुई कैबिनेट बैठक में पूरे देश की तरह मंत्रियों के मन में भी गुस्सा और बेचैनी थी। लेकिन नरेंद्र मोदी बेहद शांत दिखाई दे रहे थे। उसी बैठक में उन्होंने कहा— “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा। यह सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से भी अलग होगा। जिन्होंने यह किया है, उन्हें और उनके आकाओं को नहीं छोड़ेंगे।” शिवराज के अनुसार, मोदी का यह बयान भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक ठोस रणनीतिक संकल्प था। उन्होंने इसे संकट के समय धैर्यपूर्ण नेतृत्व की मिसाल बताया। 1998 का किस्सा: जब भाजपा कार्यकर्ताओं से पूछा गया था — किसके पास ईमेल आईडी है? किताब में 1990 के दशक का एक दिलचस्प प्रसंग भी शामिल है। उस समय भारत में कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत सीमित था। शिवराज लिखते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को दिल्ली के एक छोटे से कमरे में घंटों डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करते देखा था। उस समय मोदी भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे और तकनीक को लेकर काफी उत्साहित रहते थे। 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के दौरान एक बैठक में मोदी ने कार्यकर्ताओं से पूछा— “किसके पास ईमेल आईडी है?” उस दौर में अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं को ईमेल की जानकारी तक नहीं थी। शिवराज के मुताबिक, मोदी राजनीति में तकनीक और डिजिटल कम्युनिकेशन की ताकत को बहुत पहले समझ चुके थे। कोरोना काल और कार्यकर्ताओं के लिए मोदी की चिंता किताब में कोरोना महामारी के दौरान के अनुभवों का भी जिक्र है। शिवराज ने लिखा कि महामारी के सबसे कठिन दौर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्यों के संपर्क में रहते थे। वे सिर्फ प्रशासनिक रिपोर्ट नहीं लेते थे, बल्कि यह भी पूछते थे कि कार्यकर्ताओं, गरीबों और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच रही है या नहीं।शिवराज ने दावा किया कि मोदी संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर हमेशा बेहद गंभीर रहे। किताब में क्या खास है? ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ सिर्फ राजनीतिक घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष को सामने लाने की कोशिश की गई है। किताब में खास तौर पर इन विषयों पर फोकस किया गया है—
Read more
Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

Supreme Court ने कहा- SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने कानून के तहत किया काम

देश की सबसे बड़ी अदालत Supreme Court of India ने वोटर लिस्ट से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि SIR प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता, क्योंकि Election Commission of India ने यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से संदिग्ध मानकर हटाए गए हैं, उनकी जानकारी चार हफ्तों के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाए। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और सही मतदाता सूची बेहद जरूरी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि फर्जी या संदिग्ध नामों को हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, ताकि निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस मामले को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के नाम हटाए जाने से कई असली मतदाता परेशान हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष था कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद साफ हो गया है कि SIR प्रक्रिया फिलहाल कानूनी दायरे में मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग आगे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है। ऐसे में सही मतदाता सूची बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि किसी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे। यही संतुलन बनाए रखना अब सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Demographic

Demographic Shift पर केंद्र सरकार का Action Mode नई हाई लेवल कमेटी तैयार

देश में बढ़ती घुसपैठ (Infiltration) और कुछ इलाकों में बदलते जनसंख्या संतुलन (Demographic Change) को लेकर केंद्र सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर निगरानी, अध्ययन और समाधान के लिए एक हाई-लेवल कमेटी (High Level Committee) का गठन किया गया है। सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हाल के वर्षों में सामने आए कुछ मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि इसका सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन पर पड़ता है। सरकार ने क्यों उठाया यह कदम? सूत्रों के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। कई रिपोर्ट्स और सुरक्षा एजेंसियों की फीडबैक में यह सामने आया कि: इन्हीं सब पहलुओं को देखते हुए सरकार ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दी है। High Level Committee में कौन-कौन शामिल हैं? इस कमेटी में ऐसे अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है जो जमीनी स्तर की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकें: इस टीम का उद्देश्य सिर्फ रिपोर्ट बनाना नहीं, बल्कि व्यावहारिक और लागू होने वाले समाधान सुझाना है। कमेटी के मुख्य फोकस पॉइंट्स नई गठित कमेटी निम्न विषयों पर विस्तार से काम करेगी: यह मुद्दा इतना अहम क्यों है? पिछले कुछ समय में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार: इन्हीं कारणों से सरकार ने इसे केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar

Bihar Politics में बड़ा उलटफेर! RJD से निकलीं Ritu Jaiswal BJP में शामिल

Bihar की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। राजद (RJD) से निष्कासित नेता Ritu Jaiswal ने अब आधिकारिक तौर पर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया है। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए “राष्ट्र सर्वोपरि” है और देशहित की राजनीति ही उनकी प्राथमिकता रहेगी। बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर रितु जायसवाल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि आज देश विकास और मजबूत नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। “जनता की आवाज उठाने पर मिली सजा” रितु जायसवाल ने बिना नाम लिए राजद नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता जनता की समस्याओं और सच को सामने रखने की कोशिश करता है, तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि राजनीति उनके लिए सिर्फ पद नहीं, बल्कि लोगों की सेवा का माध्यम है। “मैं हमेशा जनता और राष्ट्रहित की बात करती रही हूं। अगर सच बोलना गलती है, तो मैं यह गलती आगे भी करती रहूंगी,” उन्होंने कहा। RJD से निष्कासन के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं कुछ समय पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों और बयानबाजी के आरोप में राजद ने रितु जायसवाल को निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में उनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। आखिरकार अब उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेकर इन अटकलों को सच साबित कर दिया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फैसला आने वाले बिहार चुनावों में असर डाल सकता है। खासतौर पर महिला वोटर्स और सामाजिक समीकरणों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। BJP ने बताया मजबूत कदम बीजेपी नेताओं का कहना है कि रितु जायसवाल के जुड़ने से पार्टी को बिहार में और मजबूती मिलेगी। पार्टी ने उनके सामाजिक कार्यों और जनसंपर्क क्षमता की भी सराहना की। फिलहाल बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में कई और नेता भी राजनीतिक पाला बदल सकते हैं। ऐसे में रितु जायसवाल की बीजेपी में एंट्री को सिर्फ एक शामिल होने की घटना नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bengal

Bengal Border Alert: अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की बढ़ी हलचल, BSF हाई अलर्ट पर

Bengal में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का असर अब भारत-बांग्लादेश सीमा पर साफ नजर आने लगा है। उत्तर 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती इलाकों में बॉर्डर चेकपोस्टों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। कई लोग परिवार और सामान के साथ सीमा की ओर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रशासन की सख्ती बढ़ने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है। Border Checkposts पर क्यों बढ़ी हलचल? हाकिमपुर और स्वरूपनगर बॉर्डर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बताया जा रहा है कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे थे। अब पहचान और सत्यापन अभियान तेज होने के बाद उनमें डर का माहौल है। सीमावर्ती गांवों के लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई बस्तियों से अचानक लोग गायब होने लगे हैं। वहीं, बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की आवाजाही भी बढ़ गई है। BSF लगातार निगरानी कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। Bengal Government का बड़ा कदम पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए “Detect, Delete and Deport” अभियान को तेज कर दिया गया है। इसी के तहत मालदा और मुर्शिदाबाद में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या घुसपैठियों को रखा जा रहा है। इन सेंटरों में दस्तावेज जांच, पुलिस निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। BSF हाई अलर्ट पर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमा पार अवैध आवाजाही रोकने के लिए लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए हैं। दूसरी तरफ, बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी BGB ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी तरह की अवैध घुसपैठ या तनाव की स्थिति न बने। राजनीतिक माहौल भी गरमाया बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि सीमा सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है। सीमा पर डर और बेचैनी का माहौल सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हालात पहले जैसे नहीं रहे। कई परिवारों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। वहीं, स्थानीय व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। फिलहाल, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सीमा पर सुरक्षा और जांच अभियान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Kanpur Central

Kanpur Central 21 जून को रेलवे स्टेशन रहेगा बंद, कई ट्रेनें Cancel और Diversion पर

उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिने जाने वाले Kanpur Central Railway Station पर एक बार फिर ट्रेनों का ‘लॉकडाउन’ लगने जा रहा है। करीब 6 साल बाद ऐसा होगा जब पूरे 24 घंटे तक स्टेशन से एक भी ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे के इस फैसले ने लाखों यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि रोजाना यहां से हजारों लोग सफर करते हैं। रेलवे प्रशासन ने 21 जून 2026 को “No Train Day” घोषित किया है। इस दौरान स्टेशन पर बड़े स्तर पर इंटरलॉकिंग और सिग्नल अपग्रेडेशन का काम किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह काम भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए बेहद जरूरी है। क्यों बंद रहेगा Kanpur Central? रेलवे के अनुसार 11 जून से 20 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग का काम चलेगा। इसके बाद 21 जून को मुख्य इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी वजह से पूरे दिन ट्रेनों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। दरअसल, कानपुर सेंट्रल देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शामिल है। यहां हर दिन सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में बिना ट्रैफिक रोके इस तरह का तकनीकी काम करना आसान नहीं माना जाता। कोरोना लॉकडाउन के बाद पहली बार ऐसा फैसला इससे पहले साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था। अब 6 साल बाद फिर से ऐसा मौका आएगा जब स्टेशन पर पूरा सन्नाटा दिखाई देगा। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर देगा, लेकिन लंबे समय में इसका फायदा मिलेगा। नए सिस्टम के लागू होने के बाद ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेगा। कई ट्रेनें होंगी Cancel और Diversion पर रेलवे ने संकेत दिए हैं कि इस दौरान कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट किया जा सकता है। कुछ ट्रेनों को गोविंदपुरी और आसपास के स्टेशनों से चलाने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और बिहार रूट की कई ट्रेनों पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि रेलवे जल्द ही प्रभावित ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी करेगा। यात्रियों के लिए रेलवे की खास तैयारी यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक स्टेशनों पर अतिरिक्त इंतजाम करने की बात कही है। गोविंदपुरी स्टेशन पर पेयजल, सुरक्षा और खानपान की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आरपीएफ और जीआरपी को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। सफर से पहले ये बातें जरूर जान लें रेलवे का मानना है कि यह 24 घंटे की असुविधा आने वाले समय में यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर सफर का अनुभव देगी। हालांकि फिलहाल Kanpur Central पर लगने वाला यह “Train Lockdown” लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Deepankar Bhattacharya

Deepankar Bhattacharya Cash Case: राहत सामग्री घोटाले ने बढ़ाई TMC की मुश्किलें

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गर्म हो गया है। All India Trinamool Congress (TMC) से जुड़े नेता Deepankar Bhattacharya के ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब ₹80 लाख नकद बरामद होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही राहत सामग्री में गड़बड़ी और सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कई ठिकानों पर हुई एक साथ छापेमारी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने कोलकाता समेत कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। रेड के दौरान बड़ी मात्रा में कैश, अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड हाथ लगे हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि जरूरतमंद लोगों के लिए भेजी गई राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताएं हुईं और कुछ सामान कथित तौर पर बीच रास्ते में ही गायब कर दिया गया। स्थानीय लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि आपदा और राहत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भ्रष्टाचार की खबरें आम जनता का भरोसा तोड़ती हैं। यही वजह है कि मामला सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई। विपक्ष ने सरकार को घेरा विपक्षी दलों ने All India Trinamool Congress सरकार को घेरते हुए कहा है कि अगर राहत सामग्री में घोटाला हुआ है तो यह सीधे गरीबों के हक पर डाका है। विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। TMC ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश वहीं, TMC नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां फिलहाल कैश के स्रोत, बैंक ट्रांजैक्शन और राहत सामग्री से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी हैं। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसका असर सीधे जनता और सरकार की छवि पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 13 14 15 16 17 157

Editor's Picks

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’ केस में नया मोड़ सामने आया है। मामले में चर्चा में चल रहीं सोनम ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजा के परिवार के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि वह नेपाल नहीं भागीं, बल्कि अभी भी शिलॉन्ग में ही मौजूद हैं। सोनम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे कि वह अचानक कहां गायब हो गईं। ‘मैं शिलॉन्ग में हूं, कहीं नहीं भागी’ मीडिया से बातचीत में सोनम ने कहा कि उनके खिलाफ कई गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह नेपाल नहीं गई हैं और फिलहाल शिलॉन्ग में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बेवजह अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिससे उनकी छवि खराब हो रही है। खर्चों को लेकर पूछे गए सवाल जब सोनम से पूछा गया कि वह शिलॉन्ग में रहने और बाकी खर्चों का इंतजाम कैसे कर रही हैं, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में कुछ नहीं बताऊंगी।” उनके इस जवाब के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। परिवार लगातार उठा रहा सवाल राजा के परिवार की ओर से पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप है कि मामले में कई बातें अभी साफ नहीं हुई हैं और जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। वहीं, सोनम लगातार खुद को निर्दोष बता रही हैं और कह रही हैं कि उनके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है।
Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

राजस्थान की राजधानी Jaipur में उस समय बड़ा हंगामा हो गया, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर के साथ मंच पर मारपीट की घटना सामने आई। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें थप्पड़ मार दिए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर प्रदर्शनकारी और समर्थक आपस में भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कई लोगों ने आरोप लगाया कि हंगामे के बीच उनके मोबाइल फोन भी चोरी हो गए। कार्यक्रम के दौरान बिगड़ा माहौल बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक कुछ लोगों और पार्टी समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर थप्पड़ मारने की घटना हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों के बीच हुई झड़प घटना के बाद पार्टी समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गए। कई लोगों के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने माहौल शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक कार्यक्रम स्थल पर तनाव बना रहा। कई लोगों ने मोबाइल चोरी की शिकायत की हंगामे के बीच कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन गायब होने की शिकायत की है। भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया होने की आशंका जताई जा रही है।
Ram Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछ

Ram Mandir Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी की जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, ट्रस्ट कर्मचारियों से होगी पूछताछ

अयोध्या के Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अयोध्या पहुंच गई है। टीम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संदिग्ध कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ करेगी। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने साफ कहा है कि मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसी वजह से SIT अब सीधे अयोध्या पहुंचकर पूछताछ कर रही है। ट्रस्ट कर्मचारियों से हो सकती है कड़ी पूछताछ सूत्रों के अनुसार, जांच टीम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई कर्मचारियों और स्टाफ से सवाल-जवाब करेगी। CCTV फुटेज, रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
Khan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलत

Khan Sir Controversy: रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- ‘मेरे भाई को खान सर ने मरवाया’; शिक्षक ने आरोपों को बताया गलत

पटना के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir एक नए विवाद में घिर गए हैं। रौशन आनंद नाम के युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके भाई की मौत के पीछे खान सर का हाथ है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया है। हालांकि, खान सर ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि युवक की मौत बीमारी की वजह से नेपाल में हुई थी और इस मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। क्या है पूरा मामला? रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत सामान्य नहीं थी। उसने दावा किया कि इस घटना के पीछे खान सर जिम्मेदार हैं। हालांकि, उसने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। दूसरी ओर, खान सर ने कहा कि मृतक लंबे समय से बीमार था और इलाज के दौरान नेपाल में उसकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे हैं। आज होगा अंतिम संस्कार परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, युवक का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग बिना सबूत आरोप लगाने पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.