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HDFC बैंक का पहली तिमाही मुनाफा 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़, बाजार के अनुमान से रहा कम

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 (Q1 FY27) की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4.98% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में बैंक के मुनाफे का अनुमान 19,332 करोड़ रुपए लगाया गया था। नेट इंटरेस्ट इनकम में 6.7% की बढ़ोतरी तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर 33,535.95 करोड़ रुपए हो गई। हालांकि यह भी बाजार के 34,353 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26% HDFC बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स के आधार पर 3.26% दर्ज किया गया। वहीं, ब्याज अर्जित करने वाली संपत्तियों (Interest Earning Assets) के आधार पर यह 3.40% रहा। एसेट क्वालिटी में मामूली बदलाव 30 जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) बढ़कर 1.17% हो गया, जो मार्च 2026 में 1.15% था। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि में यह 1.40% था। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) 30 जून 2026 तक 0.41% दर्ज किया गया। प्रोविजनिंग और क्रेडिट कॉस्ट पहली तिमाही में बैंक ने 3,060 करोड़ रुपए का प्रावधान (Provisioning & Contingencies) किया। इस दौरान बैंक का क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.40% रहा। इस साल 17% से ज्यादा टूटा शेयर शुक्रवार को HDFC बैंक का शेयर 1.4% की बढ़त के साथ 819.60 रुपए पर बंद हुआ। हालांकि, वर्ष 2026 में अब तक बैंक का शेयर करीब 17.2% गिर चुका है। इसी अवधि में निफ्टी-50 इंडेक्स में लगभग 6.9% की गिरावट दर्ज की गई है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) क्या होती है? नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) वह आय है जो बैंक को ग्राहकों को दिए गए लोन से मिलने वाले ब्याज और जमाकर्ताओं को दिए गए ब्याज के अंतर के रूप में प्राप्त होती है। यह बैंक की मुख्य कमाई का प्रमुख स्रोत होती है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) क्या है? नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बैंक की लाभप्रदता का महत्वपूर्ण पैमाना है। यह बताता है कि बैंक अपनी ब्याज अर्जित करने वाली संपत्तियों से कितना शुद्ध ब्याज कमा रहा है। NPA क्या होता है? नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) वह लोन होता है जिसकी किस्त 90 दिनों तक जमा नहीं होती। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, लगातार 90 दिन तक भुगतान नहीं होने पर बैंक उस लोन को NPA घोषित कर देता है। deshharpal.comअधिक खबरों के लिए विजिट करें:
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RBI

RBI Currency Update: देश में जल्द चल सकते हैं Plastic Notes, 2027 तक बड़े लॉन्च की तैयारी

भारत में जल्द ही करेंसी नोटों की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्लास्टिक यानी Polymer Notes को लेकर तैयारी तेज कर दी है। केंद्रीय बैंक ने ₹10 और ₹20 के नए पॉलिमर नोटों के लिए विशेष पॉलिमर शीट्स की खरीद का टेंडर जारी किया है। यह कदम फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है और यदि परीक्षण सफल रहता है, तो वर्ष 2027 से इन नोटों को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में जारी किया जा सकता है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट अचानक बंद हो जाएंगे। RBI ने ऐसी किसी योजना की पुष्टि नहीं की है। RBI ने क्यों जारी किया टेंडर? भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से पॉलिमर सब्सट्रेट (Polymer Substrate) की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किया है। इसी सामग्री का उपयोग प्लास्टिक नोट तैयार करने में किया जाता है। पहले चरण में ₹10 और ₹20 के नोटों को चुना गया है ताकि वास्तविक परिस्थितियों में उनकी गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा का परीक्षण किया जा सके। ट्रायल के दौरान यह भी देखा जाएगा कि भारतीय मौसम और आम लोगों के दैनिक उपयोग में ये नोट कितने प्रभावी साबित होते हैं। 2027 तक पूरे देश में लॉन्च हो सकते हैं Plastic Notes सूत्रों के अनुसार, यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो RBI वर्ष 2027 से प्लास्टिक नोटों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर सकता है। शुरुआत छोटे मूल्यवर्ग के नोटों से होगी और भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोटों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे? इस सवाल को लेकर लोगों में काफी भ्रम है। सोशल मीडिया पर कई बार ऐसे दावे किए गए कि एक निश्चित तारीख के बाद सभी कागजी नोट बंद हो जाएंगे। लेकिन RBI और PIB पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल केवल प्लास्टिक नोटों के ट्रायल की तैयारी चल रही है। यदि भविष्य में इन्हें लागू किया जाता है, तब भी पुराने और नए नोट कुछ समय तक साथ-साथ चलेंगे। Plastic Notes के क्या होंगे फायदे? प्लास्टिक नोटों को दुनिया भर में अधिक सुरक्षित और टिकाऊ माना जाता है। इनके कई बड़े फायदे हैं। दुनिया के कई देशों में पहले से हो रहा है इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया सबसे पहले पॉलिमर नोटों को अपनाने वाले देशों में शामिल रहा है। इसके अलावा कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और कई अन्य देशों में भी प्लास्टिक नोट वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहे हैं। इन देशों के अनुभव को देखते हुए भारत भी अब इस तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत में पहले भी हुई थी तैयारी यह पहली बार नहीं है जब भारत में प्लास्टिक नोटों पर चर्चा हो रही है। इससे पहले भी RBI ने सीमित स्तर पर Polymer Notes के परीक्षण की योजना बनाई थी, लेकिन वह बड़े स्तर पर लागू नहीं हो सकी। अब नई तकनीक और बेहतर सुरक्षा मानकों के साथ इस योजना को दोबारा आगे बढ़ाया जा रहा है। क्या आम लोगों को कुछ करना होगा? नहीं। यदि भविष्य में प्लास्टिक नोट जारी होते हैं तो लोगों को अपने पुराने नोट बदलवाने की कोई जल्दबाजी नहीं होगी। RBI समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करेगा और पुराने नोट पूरी तरह वैध बने रहेंगे, जब तक आधिकारिक रूप से कोई नई घोषणा नहीं होती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Meerut

Meerut Murder Case: Wife, Van Driver और जहरीले सांप की साजिश, School Owner की मौत ने चौंकाया

Meerut से सामने आया एक सनसनीखेज मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। एक निजी स्कूल संचालक की मौत को पहले जहरीले सांप के काटने से हुई सामान्य घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला पूरी तरह पलट गया। अब पुलिस का दावा है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आरोप है कि स्कूल संचालक की पत्नी ने अपने कथित प्रेमी, जो स्कूल में वैन ड्राइवर था, के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतारने की साजिश रची। इस खुलासे ने न सिर्फ मेरठ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों को हैरान कर दिया है। प्रेम विवाह से शुरू हुई यह कहानी अब अवैध संबंध, विश्वासघात और हत्या के गंभीर आरोपों तक पहुंच गई है। कैसे खुली Murder Mystery? मामला मेरठ के एक निजी स्कूल संचालक की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। घटना के समय परिवार और आसपास के लोगों को लगा कि उनकी मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है। शुरुआती जांच में भी यह एक सामान्य दुर्घटना जैसी दिखाई दी, लेकिन पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी की गतिविधियों और उसके संपर्कों की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान सामने आया कि उसका स्कूल की वैन चलाने वाले ड्राइवर से कथित प्रेम संबंध था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। आधी रात रची गई खौफनाक साजिश पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात जब स्कूल संचालक गहरी नींद में था, तब उसके बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया गया। आरोप है कि सांप के डसने से उसकी मौत हो गई और पूरी घटना को प्राकृतिक हादसा दिखाने की कोशिश की गई ताकि किसी को हत्या का शक न हो। हालांकि पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि सांप कहां से लाया गया, किसने उपलब्ध कराया और इस कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। Love Marriage के बाद रिश्तों में आई दरार जांच में सामने आया कि मृतक और उसकी पत्नी ने कुछ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगीं। इसी दौरान पत्नी और स्कूल वैन ड्राइवर के बीच कथित नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का मानना है कि यही संबंध इस पूरी वारदात की वजह बना। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में होना अभी बाकी है। पुलिस के हाथ लगे अहम सबूत पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर पत्नी और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना मामला इस मामले के सामने आने के बाद मेरठ और आसपास के इलाकों में लोग हैरान हैं। जिस दंपति ने कभी प्रेम विवाह किया था, आज वही रिश्ता एक कथित हत्या की साजिश के आरोपों के कारण सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी। वहीं, अदालत में आरोप साबित होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Puri Rath Yatra

Puri Rath Yatra Security: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बीच Police का बड़ा अभियान, 103 आरोपी गिरफ्तार

भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध Puri Rath Yatra 2026 में इस साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन और रथ खींचने की परंपरा में शामिल हुए। लेकिन आस्था के इस महापर्व के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि, ओडिशा पुलिस की सतर्कता और लगातार चलाए गए विशेष अभियान के चलते अब तक 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने उनके कब्जे से 203 चोरी हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। भीड़ में सक्रिय हुए मोबाइल और जेब काटने वाले गिरोह रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे। भारी भीड़ के बीच कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन, पर्स और अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतें बढ़ने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संवेदनशील स्थानों पर सादे कपड़ों में जवान तैनात किए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी। लगातार निगरानी और छापेमारी के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोरी की घटनाओं में शामिल 103 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। Police Action में 203 Mobile हुए बरामद पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के पास से 203 मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइलों की पहचान कर उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कई श्रद्धालुओं को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद जगी है। कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं आरोपी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी ओडिशा के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या ये किसी संगठित चोरी करने वाले गिरोह का हिस्सा हैं या अलग-अलग समूहों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए अपनाई गई हाईटेक व्यवस्था रथयात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी, कंट्रोल रूम और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। इसी रणनीति के कारण कई संदिग्धों को समय रहते पकड़ने में सफलता मिली। श्रद्धालुओं से पुलिस की खास अपील ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की जानकारी तुरंत पुलिस हेल्प डेस्क या नजदीकी पुलिसकर्मी को दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके। जांच अभी भी जारी पुलिस का कहना है कि रथयात्रा के दौरान हुई अन्य चोरी की घटनाओं की जांच अभी जारी है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और चोरी की घटनाओं में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir Controversy: चढ़ावा चोरी केस में टिन्नू यादव की पेशी, पुलिस जांच और ट्रस्ट के प्रायश्चित अनुष्ठान पर सबकी नजर

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को पुलिस जेल से उसके भतीजे मनीष यादव के साथ पूछताछ और जांच के लिए लेकर गई। इस दौरान टिन्नू यादव पूरे समय गमछे से अपना चेहरा छिपाता नजर आया। दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस घटना के बाद शुरू किया गया प्रायश्चित अनुष्ठान भी दूसरे दिन जारी रहा। गमछे से चेहरा छिपाए रहा टिन्नू यादव पुलिस सुरक्षा के बीच जब टिन्नू यादव को जेल से बाहर लाया गया तो उसने मीडिया और लोगों से बचने के लिए पूरे समय गमछे से अपना चेहरा ढका रखा। उसके साथ उसके भतीजे मनीष यादव को भी जांच के सिलसिले में ले जाया गया। पुलिस दोनों से मामले से जुड़े अहम तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी है। चोरी के मामले में जांच तेज राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मामले में वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चोरी की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। ट्रस्ट का प्रायश्चित अनुष्ठान जारी घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू किया है। अनुष्ठान का दूसरा दिन भी विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर की पवित्रता और धार्मिक परंपराओं के अनुसार सभी आवश्यक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं में बनी हुई है चर्चा राम मंदिर जैसे आस्था के सबसे बड़े केंद्र में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है। लोग जांच पूरी होने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस की नजर जांच पर फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ट्रस्ट की ओर से धार्मिक अनुष्ठान जारी रखते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
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Indian Space

Indian Space Sector को बड़ी कामयाबी: पहला Private Orbital Rocket लॉन्च

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान (Indian Space Technology) के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाई है। देश का पहला Private Orbital Rocket सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया, जिसने भारतीय स्पेस इंडस्ट्री के लिए एक नया अध्याय खोल दिया है। यह मिशन सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि उन महान वैज्ञानिकों को सम्मान देने का भी अवसर बना, जिनकी बदौलत भारत आज अंतरिक्ष की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। इस रॉकेट के जरिए करीब 450 किलोमीटर ऊंची Low Earth Orbit (LEO) में पेलोड (Payload) तैनात किया जाएगा। सबसे खास बात यह रही कि मिशन के साथ भारत के तीन महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. विक्रम साराभाई और नोबेल विजेता सर सी.वी. रमन की सोने से बनी स्मृति प्रतिमाएं भी अंतरिक्ष में भेजी गईं। भारत के Private Space Sector के लिए ऐतिहासिक दिन अब तक भारत में ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च का नेतृत्व मुख्य रूप से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) करता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा निजी कंपनियों के लिए स्पेस सेक्टर खोले जाने के बाद कई भारतीय स्टार्टअप इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े हैं। पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की लॉन्चिंग इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल सरकारी एजेंसियों के भरोसे नहीं, बल्कि निजी कंपनियों की तकनीकी क्षमता के दम पर भी वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 450 Km की कक्षा में होगा Payload Deployment इस मिशन का उद्देश्य पृथ्वी से लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पेलोड स्थापित करना है। इस कक्षा का उपयोग पृथ्वी की निगरानी, संचार सेवाओं, मौसम अध्ययन, वैज्ञानिक अनुसंधान और भविष्य के कई अंतरिक्ष मिशनों के लिए किया जाता है। यदि मिशन पूरी तरह सफल रहता है, तो भारतीय निजी स्पेस कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुल सकते हैं और वैश्विक ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा। तीन महान वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष से सम्मान इस मिशन का सबसे भावुक पहलू उन वैज्ञानिकों को श्रद्धांजलि देना रहा, जिन्होंने भारत के वैज्ञानिक विकास की मजबूत नींव रखी। इन तीनों महान हस्तियों की सोने से बनी स्मृति प्रतिमाएं अंतरिक्ष में भेजकर उन्हें अनोखे अंदाज में सम्मान दिया गया। यह पहल भारतीय विज्ञान की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी संदेश देती है। भारत की Space Economy को मिलेगा नया बल दुनिया भर में कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च देश की स्पेस इकोनॉमी के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत वैश्विक लॉन्च मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। कम लागत, बेहतर तकनीक और कुशल इंजीनियरिंग के दम पर भारतीय कंपनियां आने वाले वर्षों में विदेशी ग्राहकों के लिए भी लॉन्च सेवाएं उपलब्ध करा सकती हैं। इस मिशन की प्रमुख बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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21वें दिन बिगड़ी Sonam Wangchuk की तबीयत, पुलिस अस्पताल ले गई

21वें दिन बिगड़ी Sonam Wangchuk की तबीयत, पुलिस अस्पताल ले गई

लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् Sonam Wangchuk का अनशन सोमवार को 21वें दिन में पहुंच गया। लगातार भूख हड़ताल के चलते उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई। इस बीच उनके समर्थन में सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की संस्थापक तीस्ता सीतलवाड़ (यदि मूल खबर में “दीपके” की जगह किसी अन्य व्यक्ति का नाम है, तो कृपया सही नाम अनुसार बदलें) ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी। समर्थकों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सोनम वांगचुक के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि उन्हें गालियां दी गईं और जबरन घसीटते हुए अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई लोग वांगचुक के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख से जुड़े मुद्दों और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह शांतिपूर्ण और जनता के हित में हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना जरूरी था। इस घटना के बाद आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सभी की नजर अब सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sharad Pawar

Sharad Pawar-Ajit Pawar Reunion की चर्चा तेज, BJP बोली- पहले NCP Merger, फिर NDA में स्वागत

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। Sharad Pawar और Ajit Pawar के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा चाहती है कि पहले NCP के दोनों धड़े एकजुट होकर एक पार्टी के रूप में सामने आएं। इसके बाद ही उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल करने पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। महाराष्ट्र में क्यों तेज हुई NCP Merger की चर्चा? पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के कई बड़े नेताओं की लगातार मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से NCP के दोनों गुटों के नेताओं की अलग-अलग बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि पार्टी के भीतर फिर से एकता की कोशिशें शुरू हो सकती हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि दोनों गुट एक हो जाते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। इससे आगामी चुनावों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। BJP का क्या है प्लान? सूत्रों का कहना है कि BJP अलग-अलग गुटों के बजाय एकीकृत NCP के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है। पार्टी का मानना है कि पहले संगठनात्मक और कानूनी स्तर पर विलय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में नेतृत्व, चुनाव चिन्ह और संगठन से जुड़े विवाद सामने न आएं। यही वजह है कि NDA में शामिल होने से पहले दोनों गुटों के एक होने को प्राथमिक शर्त माना जा रहा है। सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर भी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि NCP का विलय होता है और संयुक्त पार्टी NDA का हिस्सा बनती है तो सरकार और संगठन में नई जिम्मेदारियों का बंटवारा भी हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। फिलहाल इन चर्चाओं को केवल राजनीतिक अटकलों और सूत्रों के हवाले से ही देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले और शरद पवार का रुख शरद पवार गुट की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि विलय को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं, लेकिन इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वहीं शरद पवार भी अब तक इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं बोले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि NCP के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय हो सकती है और अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? अगर NCP के दोनों गुटों का विलय होता है और उसके बाद पार्टी NDA में शामिल होती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे महायुति की ताकत बढ़ सकती है और विपक्ष के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि, जब तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे संभावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के रूप में ही देखा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon अरुणाचल में भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें, UP में बारिश का Red Alert; राजस्थान में सूखे जैसे हालात

देशभर में मानसून (Monsoon) ने एक बार फिर अपना अलग-अलग रंग दिखाना शुरू कर दिया है। कहीं लगातार बारिश लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है तो कहीं अब भी अच्छी बरसात का इंतजार है। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और 35 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर राजस्थान में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश दर्ज होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। अरुणाचल प्रदेश में बारिश बनी आफत, 35 गांव प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन के अनुसार करीब 35 गांव प्रभावित हुए हैं। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है, जबकि कुछ इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों से पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है। UP Weather Alert: सभी 75 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटे तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को अलर्ट रहने और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून जहां देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं राजस्थान में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कम बारिश का असर खेती, जलाशयों और पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे स्थिति में सुधार हो सकता है। कई राज्यों में बढ़ी सतर्कता लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राहत एजेंसियों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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