आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsBrazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोगBREAKINGBreaking NewsGujarat Jama Masjid Controversy: भरुच की 700 साल पुरानी मस्जिद को लेकर नई बहस, वैज्ञानिक सर्वे की मांगBREAKINGBreaking NewsIndia-Russia Oil Trade: रूस से सस्ते तेल की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, मई 2026 में बढ़ा आयातBREAKINGBreaking NewsBengaluru Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Party का प्रदर्शनBREAKINGBreaking NewsWest Bengal Fake Signature Case: CID मुख्यालय पहुंचे Abhishek Banerjee, फिर होगी पूछताछBREAKINGएंटरटेनमेंटSushant Singh Rajput Death Anniversary: सुशांत को याद कर भावुक हुईं बहन श्वेता, बोलीं- कुछ लोग समय से बड़े हो जाते हैंBREAKINGBreaking NewsAssam AN-32 Plane Crash: जोरहाट हादसे में वायुसेना के 5 जवान शहीद, जांच के आदेशBREAKINGBreaking NewsAyodhya Ram Mandir Donation Case: चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों की जांच तेज, SIT गठितBREAKINGBreaking NewsBrazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोगBREAKINGBreaking NewsGujarat Jama Masjid Controversy: भरुच की 700 साल पुरानी मस्जिद को लेकर नई बहस, वैज्ञानिक सर्वे की मांगBREAKINGBreaking NewsIndia-Russia Oil Trade: रूस से सस्ते तेल की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, मई 2026 में बढ़ा आयातBREAKINGBreaking NewsBengaluru Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Party का प्रदर्शनBREAKINGBreaking NewsWest Bengal Fake Signature Case: CID मुख्यालय पहुंचे Abhishek Banerjee, फिर होगी पूछताछBREAKINGएंटरटेनमेंटSushant Singh Rajput Death Anniversary: सुशांत को याद कर भावुक हुईं बहन श्वेता, बोलीं- कुछ लोग समय से बड़े हो जाते हैंBREAKINGBreaking NewsAssam AN-32 Plane Crash: जोरहाट हादसे में वायुसेना के 5 जवान शहीद, जांच के आदेशBREAKINGBreaking NewsAyodhya Ram Mandir Donation Case: चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों की जांच तेज, SIT गठित

NE

News Elementor

Latest Posts

Dubai

Drone Attack Near Dubai Airport फ्यूल टैंक में आग, Trump ने NATO से Hormuz Strait पर मदद मांगी

Dubai एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, इलाके में मचा हड़कंप मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। Dubai इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद इलाके में आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। धमाके के बाद यात्रियों में बढ़ी चिंता, कई उड़ानें बदलीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद एयरपोर्ट के आसपास कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ उड़ानों को रोका गया, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। बाद में दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। फ्यूल स्टोरेज टैंक को बनाया गया निशाना प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, हमला एयरपोर्ट के पास स्थित ईंधन भंडारण टैंक को निशाना बनाकर किया गया था। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए जांच में जुट गई हैं। मध्य-पूर्व में पहले से बढ़ा हुआ है तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। Trump का NATO को संदेश, Hormuz Strait को लेकर चिंता इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस क्षेत्र की स्थिति पर बयान दिया है। ट्रम्प ने NATO देशों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खुला रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सहयोगी देश इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद नहीं करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर यहां तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होता है, तो इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर मध्य-पूर्व की स्थिति पर Dubai एयरपोर्ट के पास हुए इस ड्रोन हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने वाला है। फिलहाल दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम और आने वाले दिनों में होने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Odisha

Odisha Hospital Fire कटक के SCB अस्पताल में लगी आग कई मरीजों को नहीं मिल सका बचने का मौका

ओडिशा (Odisha) के कटक शहर से सोमवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अस्पताल के 11 कर्मचारी मरीजों को बचाने की कोशिश में झुलस गए। ICU वार्ड से शुरू हुई आग बताया जा रहा है कि आग अस्पताल के ट्रॉमा-केयर ICU वार्ड में लगी। उस समय वहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे। अचानक धुआँ फैलने लगा और कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए। डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की, लेकिन कई मरीज आग और धुएं की चपेट में आ गए। बचाव के दौरान मची अफरा-तफरी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 7 मरीजों की मौत ICU के अंदर ही हो गई, जबकि 3 अन्य मरीजों ने दम तब तोड़ दिया जब उन्हें जल्दी-जल्दी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर को शोक और तनाव में डाल दिया। दमकल और डॉक्टरों ने मिलकर संभाली स्थिति आग लगने की खबर मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी लगातार मरीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटे रहे। कई मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों और नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। आग लगने की वजह क्या थी प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान इस दुखद घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि यहां भर्ती मरीज अक्सर खुद से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं होते। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों के इलाज की व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जिनका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
नीतीश

CM नीतीश के कार्यक्रम से पहले हेलीपैड पर हंगामा बैल ने पुलिसवालों को दौड़ाया

बेगूसराय में CM के दौरे से पहले हुई अजीब घटना बिहार के बेगूसराय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे से पहले एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” के दौरान बनाए गए हेलीपैड क्षेत्र में अचानक एक बैल घुस आया। देखते ही देखते वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Helipad पर कड़ी सुरक्षा के बावजूद पहुंच गया बैल दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए प्रशासन ने हेलीपैड पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल तैनात था और बैरिकेडिंग भी की गई थी। लेकिन इसी बीच अचानक एक बैल सुरक्षा घेरा पार करते हुए सीधे हेलीपैड तक पहुंच गया। किसी को समझ में नहीं आया कि वह वहां तक कैसे पहुंच गया। बैल को देखकर पुलिसकर्मियों में मची भगदड़ बैल के अचानक सामने आ जाने से मौके पर तैनात पुलिसकर्मी घबरा गए। कुछ पुलिसकर्मियों को बैल ने दौड़ा भी लिया। स्थिति ऐसी बन गई कि अपनी जान बचाने के लिए कई पुलिसकर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ पुलिसकर्मी पास खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए, जबकि कुछ लोग ऊंची जगहों पर जाकर खड़े हो गए। कुछ देर बाद सामान्य हुई स्थिति इस घटना को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका हलचल से भर गया। हालांकि बाद में सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से बैल को किसी तरह हेलीपैड से बाहर भगाया गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। समृद्धि यात्रा के तहत बेगूसराय पहुंचे थे CM मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस दिन अपनी “समृद्धि यात्रा” के तहत बेगूसराय पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान वे विभिन्न विकास योजनाओं का जायजा ले रहे हैं और कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी कर रहे हैं। कार्यक्रम से पहले हुई इस घटना ने प्रशासन को थोड़ी देर के लिए असहज जरूर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हेलीपैड जैसे संवेदनशील इलाके में एक जानवर का पहुंच जाना कैसे संभव हो गया। कई लोगों ने इसे सुरक्षा में चूक बताया, तो कुछ लोगों ने इसे एक अजीब लेकिन मजेदार घटना के रूप में भी लिया। इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग अलग-अलग अंदाज में इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई और कार्यक्रम बाद में तय समय के अनुसार आगे बढ़ा। बेगूसराय में हुई यह घटना भले ही कुछ मिनटों की रही हो, लेकिन इसने यह जरूर याद दिला दिया कि वीवीआईपी कार्यक्रमों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी चर्चा का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Release सरकार ने हटाया NSA, Leh हिंसा मामले में 170 दिन से थे जेल में

लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया National Security Act (NSA) वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद वे करीब 170 दिन बाद राजस्थान की जोधपुर जेल से रिहा हो सकेंगे। यह खबर सामने आते ही लद्दाख और देश के कई हिस्सों में उनके समर्थकों और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग की जा रही थी। Leh Protest के बाद हुई थी गिरफ्तारी दरअसल, सितंबर 2025 में Leh में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारी लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए और कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़े कदम उठाए। इसी दौरान सोनम वांगचुक को भी हिरासत में लेकर NSA के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। Ladakh से सीधे Jodhpur Jail भेजे गए गिरफ्तारी के बाद उन्हें Ladakh से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया और Jodhpur की जेल में रखा गया। करीब पांच महीने से अधिक समय तक वे वहीं हिरासत में रहे। इस दौरान उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आवाज उठाई। सरकार ने क्यों हटाया NSA हाल ही में मामले की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने फैसला लिया कि सोनम वांगचुक पर लगाया गया NSA अब जारी रखने की जरूरत नहीं है। इसके बाद आदेश जारी कर दिया गया और उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जल्द ही जोधपुर जेल से रिहा कर दिया जाएगा। NSA क्या होता है राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए एहतियातन हिरासत में रख सकती है, यदि उसकी गतिविधियां देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा मानी जाएं। इस कानून के तहत अधिकतम 12 महीने तक हिरासत संभव होती है। कौन हैं Sonam Wangchuk Sonam Wangchuk लद्दाख के मशहूर इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए कई प्रयोग किए और SECMOL जैसे संस्थान की स्थापना की। उनका काम सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों के संरक्षण के मुद्दों पर भी लगातार आवाज उठाते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बॉलीवुड फिल्म 3 Idiots का लोकप्रिय किरदार फुन्सुख वांगड़ू काफी हद तक उनके जीवन और विचारों से प्रेरित माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
LPG

LPG Crisis कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से छोटे व्यवसाय परेशान

देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर (Liquefied Petroleum Gas) को लेकर अचानक क्राइसिस जैसी स्थिति बन गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं, और कई होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायिक किचन अपने संचालन के लिए चिंतित हैं। क्यों बढ़ी परेशानी? दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालात उत्तर प्रदेश और दिल्ली‑एनसीआर के शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग सिलेंडर पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कुछ जगहों पर लोगों ने सप्लाई रुकने के कारण विरोध प्रदर्शन भी किया। मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थिति भोपाल, जबलपुर और भिंड जैसे शहरों में भी सिलेंडर को लेकर अफरातफरी मची हुई है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम कई जगह काम नहीं कर रहा, जिससे लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। भिंड जिले में सिलेंडर से भरी गाड़ी लूटने की कोशिश जैसी घटनाओं ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी। होटल और रेस्टोरेंट पर असर कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर हैं। कई व्यवसायी बता रहे हैं कि अगर जल्द सप्लाई नहीं मिली, तो उन्हें अपनी सेवा बंद करनी पड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय कारण विशेषज्ञ मानते हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई में अनिश्चितता ने भी लोगों में चिंता बढ़ाई है। इसके कारण पैनिक बुकिंग और अफवाहें फैल रही हैं, जो स्थानीय सप्लाई को प्रभावित कर रही हैं। सरकार का बयान तेल कंपनियों और सरकार का कहना है कि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं। वर्तमान समस्या मुख्य रूप से अफवाह और अचानक बढ़ी मांग के कारण हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Amit Shah

Fuel Crisis Alert पेट्रोल-डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार सख्त, Amit Shah की अध्यक्षता में बनी हाई-लेवल कमेटी

देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर किसी भी संभावित संकट से पहले ही निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) करेंगे। इस कमेटी का मकसद देशभर में ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेना है। दरअसल, हाल के दिनों में Middle East (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक हालात का असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी में कौन-कौन शामिल सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी में शामिल हैं। यह टीम देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई की स्थिति की लगातार समीक्षा करेगी। क्या होगा कमेटी का काम नई बनाई गई कमेटी की जिम्मेदारियां काफी अहम होंगी। इसमें शामिल हैं: सरकार का संदेश: घबराने की जरूरत नहीं सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यों और स्थानीय प्रशासन को पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक भंडारण या कालाबाजारी न कर सके। घरेलू उत्पादन बढ़ाने की तैयारी सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की भी योजना बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आम लोगों के लिए क्या मतलब ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है। सरकार चाहती है कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अचानक बदलती हैं तो भी देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता पर ज्यादा असर न पड़े। कुल मिलाकर सरकार का संदेश साफ है—फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। नई कमेटी इसी रणनीति के तहत बनाई गई है ताकि देश की ऊर्जा सप्लाई लगातार सुचारु बनी रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kerala और Tamil Nadu के लोगों को बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार ने इन राज्यों में विकास कार्यों के लिए करीब 1600 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों के जीवन को आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में गांवों में रहने वाले लोगों को सबसे बड़ी राहत साफ पानी की उपलब्धता से मिलेगी। इसी दिशा में Jal Jeevan Mission के तहत काम तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक देश के लगभग 19 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल के जरिए साफ पानी पहुंचाया जाए। इससे गांवों में रहने वाले करोड़ों परिवारों को रोजाना पानी लाने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को फायदा होगा। अभी भी कई गांवों में लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, लेकिन नल से जल पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। केरल और तमिलनाडु में शुरू होने वाली ये परियोजनाएं भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ पानी की बेहतर व्यवस्था से स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा और ग्रामीण इलाकों में बीमारियों का खतरा कम होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Farooq Abdullah

Jammu Firing Case Farooq Abdullah पर फायरिंग की कोशिश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हमला करने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। शादी समारोह में अचानक हुई फायरिंग की कोशिश यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और मेहमानों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंच गया और पिस्तौल निकालकर फायर करने की कोशिश की। घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी घबरा गए। लेकिन सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हमलावर को पकड़ लिया। उनकी तत्परता के कारण गोली फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। आरोपी का चौंकाने वाला बयान पुलिस ने आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने हथियार कहां से हासिल किया और वह इतनी नजदीक तक कैसे पहुंच गया। वायरल वीडियो में दिखा पूरा घटनाक्रम घटना के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही आरोपी फारूक अब्दुल्ला के करीब पहुंचता है, सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे पकड़ लेते हैं। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से किसी भी तरह की गंभीर घटना होने से बच गई। Security Lapse पर उठे सवाल इतने बड़े राजनीतिक नेता के इतने करीब हथियार लेकर किसी व्यक्ति का पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई। फिलहाल सुरक्षित हैं फारूक अब्दुल्ला अधिकारियों के अनुसार फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और कई नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े नेताओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है। समय रहते सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
उत्तराखंड

Gas Cylinder Black Marketing उत्तराखंड में LPG संकट, ₹900 का सिलेंडर ₹1800 में बिक रहा

उत्तराखंड में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जहां आम तौर पर लगभग ₹900 में मिलने वाला घरेलू सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में करीब ₹1800 तक बेचा जा रहा है। गैस की कमी और कालाबाजारी ने आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में कुछ लोग महंगे दाम पर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। इससे घर का बजट भी बिगड़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आसमान पर गैस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक, कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए कुछ जगहों पर करीब ₹4000 तक वसूले जा रहे हैं। इतनी महंगी गैस के साथ कारोबार चलाना आसान नहीं है। होटल-रेस्टोरेंट के मेन्यू में बड़ी कटौती महंगी गैस और सीमित सप्लाई के कारण कई होटल और ढाबों ने अपने मेन्यू में भारी बदलाव किया है। कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि उन्हें करीब 70% फूड आइटम मेन्यू से हटाने पड़े हैं। अब वे सिर्फ वही व्यंजन बना रहे हैं जिनमें कम गैस की जरूरत पड़ती है। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि अगर यही स्थिति कुछ और दिन रही, तो छोटे होटल और ढाबों के लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। आम लोगों और कारोबार दोनों पर असर गैस की कमी का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। बाहर खाने की कीमतें बढ़ने की आशंका भी बढ़ रही है। अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। स्थानीय लोग और व्यापारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गैस की सप्लाई को जल्द दुरुस्त किया जाए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
LPG Cylinder

LPG Cylinder Shortage विपक्ष ने संसद में किया जोरदार प्रदर्शन

देश में LPG Cylinder shortage और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यह सिर्फ़ रसोई की समस्या नहीं रह गई, बल्कि संसद में हंगामा, विरोध प्रदर्शन और जनता की रोज़मर्रा की परेशानियों का बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार स्थिति को छिपा रही है और जनता को सही जानकारी नहीं दे रही, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति बनी हुई है। संसद में हंगामा और Opposition Protest संसद परिसर के अंदर और बाहर विपक्षी सांसदों ने LPG shortage को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब” जैसे नारों के माध्यम से सरकार से जवाब माँगा। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि आम परिवार और छोटे व्यवसायों के रोज़मर्रा जीवन पर भी सीधा असर डाल रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और सरकार इस संकट से निपटने में पीछे हैं और स्थिति की गंभीरता को जनता से छुपा रहे हैं। होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसाय सिलेंडर की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। LPG Crisis के मुख्य कारण विश्लेषकों के अनुसार, West Asia में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर असर के कारण देश में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति कम होने और घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग प्रणाली में बदलाव के कारण आम जनता को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने बुकिंग अवधि बढ़ाकर वितरण को संतुलित करने की कोशिश की है। आम जनता पर असर LPG shortage का असर केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है। आम जनता और व्यवसायिक क्षेत्र इसे सीधे महसूस कर रहे हैं: इस संकट ने रसोई की समस्याओं को बढ़ा दिया है और आम लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी कठिन बना दी है। Opposition की मांग और सरकार का रुख विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट डेटा, स्टॉक जानकारी और समाधान योजना की मांग की है। उनका कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश में एलपीजी स्टॉक कितना है और यह कब तक चलेगा। केंद्र सरकार का दावा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित की जा रही है और केवल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नियंत्रित की जा रही है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके। LPG Cylinder shortage अब केवल सामग्री की कमी नहीं है। यह राजनीतिक बहस, आम आदमी की रोज़मर्रा की चुनौतियाँ और सरकार‑विपक्ष के बीच जवाबदेही का विषय बन गया है। संसद की बेंचों से लेकर गैस एजेंसियों की कतारों तक, हर जगह इसका असर महसूस किया जा रहा है। जनता की नजरें अब सरकार और विपक्ष के अगले कदमों पर हैं, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संकट का समाधान कब और कैसे होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 58 59 60 61 62 157

Editor's Picks

Brazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोग

Brazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोग

Brazil में एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 21 वर्षीय मारिया एडुआर्दा रोड्रिग्स डी फ्रेटास रोमांचक जंप का अनुभव लेने पहुंची थीं, लेकिन कुछ ही सेकंड में यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर की थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि आखिर कौन उन्हें पुल से कूदने दे रहा है। हादसे के बाद उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे बेहद भावुक कर देने वाला बताया। एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद एडवेंचर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंजी या रोप जंपिंग जैसी गतिविधियों में कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि उपकरणों की अंतिम जांच या सुरक्षा प्रक्रिया में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
Gujarat Jama Masjid Controversy: भरुच की 700 साल पुरानी मस्जिद को लेकर नई बहस, वैज्ञानिक सर्वे की मांग

Gujarat Jama Masjid Controversy: भरुच की 700 साल पुरानी मस्जिद को लेकर नई बहस, वैज्ञानिक सर्वे की मांग

Gujarat के भरुच स्थित करीब 700 साल पुरानी जामा मस्जिद एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद इस ऐतिहासिक स्थल के मूल स्वरूप को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। वीडियो में मस्जिद के कथित अंडरग्राउंड हिस्से में जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी प्राचीन मूर्तियां तथा नक्काशीदार पत्थर दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मंदिर या जैन विहार होने का दावा कुछ हिंदू और जैन संगठनों के प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि यह स्थल मूल रूप से किसी प्राचीन मंदिर या जैन विहार का हिस्सा था, जिसे बाद में मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया। इन दावों के बाद संबंधित पक्षों ने पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने और ऐतिहासिक तथ्यों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ASI के संरक्षण में है स्मारक बताया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक स्मारक फिलहाल Archaeological Survey of India (ASI) के संरक्षण में है। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन और ASI ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और परिसर के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन सतर्क, जांच की मांग तेज स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल मामले पर नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। वहीं, इतिहासकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक सर्वे और आधिकारिक जांच जरूरी है। सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोग ऐतिहासिक तथ्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
India-Russia Oil Trade: रूस से सस्ते तेल की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, मई 2026 में बढ़ा आयात

India-Russia Oil Trade: रूस से सस्ते तेल की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, मई 2026 में बढ़ा आयात

India और Russia के बीच ऊर्जा व्यापार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पश्चिमी प्रतिबंधों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत ने मई 2026 में रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल और अन्य जीवाश्म ईंधनों का आयात किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने मई महीने में रूस से करीब 6.7 अरब डॉलर मूल्य के हाइड्रोकार्बन खरीदे। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी कच्चे तेल की रही। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रिफाइनरियों में सस्ते रूसी तेल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। अप्रैल के मुकाबले 21% बढ़ा आयात यूरोपीय थिंक टैंक Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, रूस से कच्चे तेल का भारतीय आयात अप्रैल की तुलना में 21 फीसदी बढ़ा है। वहीं देश के कुल कच्चे तेल आयात में भी 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने मई में लगभग 4.8 अरब यूरो मूल्य का रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो रूस से आयात किए गए कुल हाइड्रोकार्बन का करीब 83 फीसदी हिस्सा था। भारतीय रिफाइनरियों को मिल रहा फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि रियायती दरों पर मिलने वाला रूसी तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। इससे ईंधन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है और घरेलू बाजार पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। वैश्विक दबाव के बीच मजबूत व्यापारिक रिश्ते यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत बना हुआ है। भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजर भारत पर ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है, इसलिए रूस से बढ़ती खरीद पर वैश्विक बाजार और पश्चिमी देशों की नजर बनी हुई है।
Bengaluru Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Party का प्रदर्शन

Bengaluru Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Party का प्रदर्शन

Bengaluru में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच पार्टी ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी के अनुसार रविवार शाम 4 बजे फ्रीडम पार्क में समर्थक जुटेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। Freedom Park में होगा प्रदर्शन प्रदर्शन का आयोजन Freedom Park में किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से आयोजित होगा। कॉकरोच पार्टी के संस्थापक Abhijeet Deepke ने कहा कि पार्टी सरकार के सामने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन जनता की आवाज उठाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील पार्टी ने अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है।
West Bengal Fake Signature Case: CID मुख्यालय पहुंचे Abhishek Banerjee, फिर होगी पूछताछ

West Bengal Fake Signature Case: CID मुख्यालय पहुंचे Abhishek Banerjee, फिर होगी पूछताछ

West Bengal में विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर जांच तेज हो गई है। इसी केस में Abhishek Banerjee रविवार को एक बार फिर CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आरोपों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक पिछली पूछताछ में मिले जवाबों से पूरी संतुष्टि नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा तलब किया गया। कुणाल घोष को भी भेजा गया समन CID ने इस मामले में Kunal Ghosh को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। जानकारी के अनुसार उन्हें दोपहर करीब 3 बजे भवानी भवन स्थित CID कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी दोनों नेताओं को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब कर सकती है ताकि मामले के अलग-अलग पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। जरूरी दस्तावेज भी मांगे गए अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अभिषेक बनर्जी से मांगे गए हैं। इन दस्तावेजों की मदद से जांच को आगे बढ़ाने और कथित फर्जी हस्ताक्षरों की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है। पहले भी हो चुकी है पूछताछ जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार CID इससे पहले भी अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि कई सवालों के जवाबों को लेकर एजेंसी को स्पष्टता नहीं मिल पाई थी। इसी वजह से उन्हें दोबारा समन जारी किया गया।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.