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Assam

Indian Air Force Plane Crash in Assam: Jorhat में लैंडिंग के तुरंत बाद हादसा

Assam के जोरहाट से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां भारतीय वायुसेना (IAF) का एक विमान हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के मुताबिक विमान ने एयरबेस पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, लेकिन लैंडिंग के कुछ ही देर बाद उसमें अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरा विमान आग की चपेट में आ गया और एयरबेस परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरबेस को तुरंत सील कर दिया गया और फायर ब्रिगेड व राहत टीमों को मौके पर भेजा गया। कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान ने लैंडिंग के बाद सामान्य स्थिति में आना शुरू ही किया था कि अचानक उसमें आग लग गई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा तकनीकी खराबी का परिणाम था या किसी अन्य कारण से हुआ। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे के बाद तुरंत एयरफोर्स और इमरजेंसी टीमें सक्रिय हो गईं। आग पर काबू पाने के लिए कई फायर टेंडर लगाए गए। हालांकि, आग लगने की वजह से विमान को काफी नुकसान पहुंचा है। अभी क्या स्थिति है? फिलहाल: जांच शुरू होने की उम्मीद भारतीय वायुसेना इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लैंडिंग के बाद विमान में आग कैसे लगी। विशेषज्ञों की टीम भी घटना की तकनीकी जांच में शामिल हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मीनाक्षी

“Seat नहीं लोकतंत्र चोरी हुआ” — राज्यसभा विवाद पर मीनाक्षी का बड़ा बयान

राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद और ज्यादा गरमा गया है। अदालत ने मीनाक्षी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने नामांकन रद्द करने के फैसले को चुनौती दी थी। फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। मामला तब शुरू हुआ जब मीनाक्षी ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। जांच प्रक्रिया के दौरान चुनाव अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों में कुछ तकनीकी और कानूनी खामियों का हवाला देते हुए नामांकन रद्द कर दिया। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में तय नियमों का पालन अनिवार्य है और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर हस्तक्षेप करने का कोई मजबूत आधार नहीं बनता। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। फैसले के बाद भावुक बयान, उठाए सवाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी ने मीडिया से बातचीत में नाराजगी और निराशा जताई। उन्होंने कहा— “पहले लोग कहते थे वोट चोरी होती है, लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि सीट ही नहीं, लोकतंत्र ही चोरी हो रहा है।” उनका आरोप है कि उनके साथ राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि नामांकन रद्द करना नियमों और प्रक्रिया के तहत लिया गया फैसला था। राजनीति में बढ़ी गर्माहट इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग दोनों ने नियमों के अनुसार ही निर्णय लिया है, इसलिए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना गलत है। आगे क्या असर पड़ सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया और नामांकन नियमों पर बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। साथ ही विपक्ष इस मुद्दे को भविष्य के चुनावी अभियानों में भी प्रमुखता से उठा सकता है। कुल मिलाकर यह मामला अब सिर्फ कानूनी विवाद नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Re-Exam 2026: हाई सिक्योरिटी के बीच होगा Exam, NTA ने लागू किए नए Rules

देशभर के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए NEET Re-Exam 2026 अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि भरोसे की बड़ी परीक्षा बन चुका है। पिछले दिनों पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद National Testing Agency (NTA) ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को लेकर एजेंसी ने ऐसे इंतजाम किए हैं, जिन्हें अब तक की सबसे सख्त परीक्षा सुरक्षा माना जा रहा है। NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या पेपर लीक की संभावना को लगभग खत्म कर दिया गया है। छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार बढ़ती चिंता को देखते हुए सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। Question Paper तैयार करने वालों को रखा गया निगरानी में इस बार सबसे बड़ा बदलाव प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स, ट्रांसलेटर्स और मॉडरेटर्स को परीक्षा तक एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उन्हें इंटरनेट, मोबाइल और बाहरी संपर्क से दूर रखा गया है ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके। AI Cameras और Face Verification से होगी निगरानी री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम भी लागू किया गया है। हर छात्र की पहचान कई स्तरों पर जांची जाएगी, जिससे फर्जी उम्मीदवारों और नकल के मामलों पर रोक लगाई जा सके। Exam Centres पर होगी सख्त Checking NTA ने सभी परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी लागू की है। छात्रों को एंट्री से पहले कड़ी फ्रिस्किंग से गुजरना होगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह बैन रहेंगे। इसके अलावा सेंटरों पर अतिरिक्त इनविजिलेटर और निगरानी टीमें भी तैनात रहेंगी। छात्रों को मिलेगा Extra Time री-एग्जाम में छात्रों को इस बार 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पहले परीक्षा की अवधि 3 घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 घंटे 15 मिनट कर दिया गया है। छात्रों का कहना था कि लंबे और कठिन प्रश्नपत्र में समय कम पड़ता है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। Rough Work के लिए बढ़ाई गई Space फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में कैलकुलेशन को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रश्नपत्र बुकलेट में रफ वर्क के लिए ज्यादा पेज दिए जाएंगे। इससे छात्रों को परीक्षा के दौरान सुविधा मिलेगी और अलग शीट मांगने की जरूरत कम होगी। Fake News और वायरल नोटिस से रहें सावधान सोशल मीडिया पर NEET Re-Exam को लेकर कई फर्जी नोटिस और अफवाहें वायरल हो रही हैं। NTA ने छात्रों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर भरोसा करें। एजेंसी ने कहा है कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। छात्रों की उम्मीदें फिर बढ़ीं पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों का भरोसा टूट गया था। कई छात्रों ने महीनों की मेहनत और मानसिक दबाव की बात भी कही थी। ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि नई सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित होगी। NEET Re-Exam 2026 को लेकर पूरे देश की नजर अब 21 जून पर टिकी हुई है। छात्रों से लेकर अभिभावकों तक हर कोई चाहता है कि इस बार परीक्षा बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक पूरी हो।
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Diesel

Diesel Rule Changed: अब 200 Litre से ज्यादा Fuel नहीं, Commercial Users की बढ़ी मुश्किलें

देश में डीजल (Diesel) खरीदने को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पेट्रोल पंप से एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा। इस नए नियम का सबसे ज्यादा असर उन लोगों और कंपनियों पर पड़ेगा जो रोजाना बड़ी मात्रा में ईंधन इस्तेमाल करते हैं। सरकार और ऑयल कंपनियों की नई व्यवस्था के मुताबिक, बड़े Commercial Users अब सामान्य रिटेल पेट्रोल पंप से पहले की तरह डीजल नहीं खरीद पाएंगे। उन्हें Bulk Fuel Supply System का सहारा लेना होगा, जहां डीजल की कीमत रिटेल रेट से करीब ₹35 से ₹40 प्रति लीटर ज्यादा बताई जा रही है। आखिर क्यों लिया गया ये फैसला? बताया जा रहा है कि सरकार Retail और Bulk Fuel System को अलग करना चाहती है ताकि ईंधन वितरण को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सके। इससे बड़े पैमाने पर होने वाली डीजल खरीद की निगरानी भी आसान होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेट्रोल पंपों पर बड़े टैंकरों और भारी खरीदारी पर रोक जैसी स्थिति बन सकती है। किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? इस फैसले से सबसे ज्यादा परेशानी ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री सेक्टर को हो सकती है। खासतौर पर: इन सेक्टर्स में रोजाना हजारों लीटर डीजल की जरूरत होती है। ऐसे में Bulk System से महंगा डीजल खरीदना उनके खर्च को काफी बढ़ा सकता है। क्या महंगा हो जाएगा सामान? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रांसपोर्ट कंपनियों की लागत बढ़ती है, तो उसका असर बाजार पर भी दिखाई देगा। माल ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। यानी डीजल का असर सिर्फ ट्रकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी धीरे-धीरे असर दिख सकता है। आम लोगों को घबराने की जरूरत है? फिलहाल नहीं। बाइक, कार और छोटे वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेट्रोल पंपों पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। आम ग्राहकों को पहले की तरह ईंधन मिलता रहेगा। यह नियम मुख्य रूप से उन Commercial Users के लिए लाया गया है जो बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। Transport Sector ने जताई चिंता ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ही बढ़ती लागत से इंडस्ट्री दबाव में है। ऐसे में अगर डीजल ₹40 प्रति लीटर तक महंगा हुआ, तो ट्रांसपोर्टेशन खर्च संभालना मुश्किल हो जाएगा। उनका मानना है कि इसका असर आने वाले महीनों में बाजार की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। क्या कहती हैं ऑयल कंपनियां? ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि यह कदम सप्लाई सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है। इससे ईंधन की अनियमित बिक्री पर रोक लगाने और वितरण प्रक्रिया को बेहतर करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Politics: चुनावी हार के बाद TMC में बगावत, स्पीकर को भेजा गया पत्र वायरल

West Bengal की राजनीति में इस समय बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। लोकसभा चुनाव में उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के बाद अब सत्ताधारी TMC यानी Trinamool Congress के भीतर ही बगावत की खबरें सामने आने लगी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि चुनावी हार के सिर्फ 14 दिन बाद पार्टी के 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक कथित लेटर सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। स्पीकर को भेजे गए लेटर में क्या है? जानकारी के मुताबिक, यह पत्र 18 मई को लोकसभा स्पीकर को भेजा गया था। इसमें पार्टी नेतृत्व और संगठन के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई गई है। सूत्रों का दावा है कि कई सांसद लंबे समय से पार्टी के अंदर फैसले लेने के तरीके से खुश नहीं थे और चुनावी नतीजों के बाद उनका असंतोष खुलकर सामने आ गया। ममता बनर्जी के लिए क्यों बढ़ी चिंता? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि TMC हमेशा से मजबूत संगठन और एकजुट नेतृत्व की बात करती रही है। लेकिन अब पार्टी के अंदर से ही उठ रही आवाजें विपक्ष को बड़ा मुद्दा दे रही हैं। बीजेपी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे TMC की अंदरूनी कमजोरी करार दिया है। पार्टी की तरफ से क्या आया जवाब? हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कुछ नेताओं ने इस लेटर को फर्जी बताया है, जबकि कई नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर बातचीत से मामला सुलझाया जाएगा। इसके बावजूद बंगाल की राजनीति में इस खबर ने नई बहस छेड़ दी है। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला यह पत्र सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में TMC को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसका असर सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबकी नजर ममता बनर्जी के अगले कदम पर टिकी है। अब देखना होगा कि वह इस संकट को संभाल पाती हैं या TMC के भीतर की दरार आने वाले समय में और गहरी होती जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Alert: Delhi में आधी रात तूफानी आंधी-बारिश, 22 राज्यों में Orange Alert

देशभर में मौसम (Weather) ने अचानक ऐसा रुख बदला कि लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई राज्यों में डर और परेशानी भी बढ़ गई। राजधानी Delhi में गुरुवार आधी रात तेज धूलभरी आंधी और बारिश ने लोगों को चौंका दिया। वहीं बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत 22 राज्यों में Orange Alert जारी किया है। Delhi-NCR में आधी रात बदला मौसम दिल्ली-एनसीआर में देर रात अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। रात में सड़कों पर पेड़ गिरने और बिजली कटने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। दिनभर उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज तूफान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। कई जगह लोग रात में घरों की खिड़कियां और बालकनी संभालते नजर आए। 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का Alert IMD के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से उत्तर और मध्य भारत का मौसम तेजी से बदल रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 22 राज्यों में अगले 48 घंटों तक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की सलाह दी है। Bihar में बिजली गिरने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत बिहार में खराब मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुआ। अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। कई लोग खेतों और खुले इलाकों में काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं। सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले कुछ दिन और मुश्किल बढ़ा सकता है मौसम मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम इसी तरह अस्थिर बना रह सकता है। अचानक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिसकी वजह से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की अपडेट्स पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी का Education Manifesto आने वाला, Pune से शुरू हुआ देशव्यापी आंदोलन

Pune से एक अनोखा और चर्चा में आया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां “कॉकरोच जनता पार्टी” ने अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर दी है। इस आंदोलन के साथ ही पार्टी ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर अपना “शिक्षा घोषणापत्र” जारी करने की भी घोषणा की है। AI Photo Controversy: Abhijeet का बड़ा बयान इस पूरे मामले के बीच पार्टी प्रमुख अभिजीत ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर पर सफाई दी है, जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाया गया था। अभिजीत ने स्पष्ट कहा कि यह तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाई गई एक जनरेटेड इमेज है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी जांच जरूर करें। Education Manifesto की तैयारी, बड़ा फोकस शिक्षा सुधार पर कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया कि उनका मुख्य एजेंडा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है। पार्टी जल्द ही अपना “Education Manifesto” जारी करेगी, जिसमें डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, छात्रों के लिए नए अवसर और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया जाएगा। पार्टी का कहना है कि उनका उद्देश्य मौजूदा सिस्टम से अलग एक वैकल्पिक सोच और नई दिशा देना है। Social Media Reaction: मिली-जुली प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे एक राजनीतिक व्यंग्य मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक नए वैचारिक आंदोलन की शुरुआत बता रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Controversy: ₹7 करोड़ डोनेशन घोटाले और हटाने के आरोप

Ayodhya Ram Mandir एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पूर्व अकाउंट इंचार्ज के आरोप मंदिर के पूर्व अकाउंट इंचार्ज ने दावा किया है कि चढ़ावे के रूप में आए करीब ₹7 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब में अनियमितता हुई है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस मामले को लेकर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय से शिकायत की, तो इसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। पूर्व अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले से जुड़े CCTV फुटेज को कथित रूप से डिलीट कराया गया, जिससे पारदर्शिता और रिकॉर्डिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से प्रतिक्रिया नहीं फिलहाल इस पूरे मामले पर Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता की भी अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलचल इन आरोपों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और पूरी पारदर्शिता की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट में वित्तीय मामलों की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। जांच की मांग तेज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई पाई जाती है, तो यह मंदिर प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आधिकारिक जांच और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajya Sabha

MP Rajya Sabha Result 2026: मध्य प्रदेश में BJP की क्लीन स्वीप जीत, तीनों सीटों पर कब्जा

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा (Rajya Sabha)चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। 3 सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों ही सीटें अपने नाम कर ली हैं, जिससे राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस चुनाव को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक हलचल तेज थी, क्योंकि बीजेपी के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत होने के कारण दो सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पार्टी ने रणनीतिक रूप से तीसरी सीट पर भी पूरा जोर लगाया और सफलता हासिल की। बीजेपी के विजेता उम्मीदवार मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए विजयी घोषित बीजेपी उम्मीदवार हैं: इन तीनों नेताओं की जीत के साथ बीजेपी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। क्या रहा चुनाव का पूरा राजनीतिक गणित? कांग्रेस ने तीसरी सीट पर मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष में नहीं रहे। राजनीतिक रणनीति और असर वहीं कांग्रेस को इस चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जिससे पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। क्यों है यह चुनाव खास? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC में भूचाल: कल्याण बनर्जी बोले– मुझे चुनो या अभिषेक को, बढ़ा सियासी संकट

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर इन दिनों राजनीतिक तनाव चरम पर है। पार्टी में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान, लगातार इस्तीफे और गुटबाजी के दावे ने संगठन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा, यह बात अब खुलकर सामने आने लगी है। कल्याण बनर्जी का बड़ा बयान: “मुझे या अभिषेक को चुनिए” वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व को सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अब समय आ गया है जब नेतृत्व को स्पष्ट फैसला लेना होगा—या तो उन्हें या फिर अभिषेक बनर्जी को आगे रखा जाए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहे असंतोष का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे TMC के अंदरूनी शक्ति संघर्ष के खुलकर सामने आने के रूप में देखा जा रहा है। लगातार इस्तीफों से बढ़ी टेंशन TMC को पिछले कुछ समय में एक के बाद एक बड़े झटके लगे हैं: इन घटनाओं ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं और नेतृत्व के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकसभा और विधानसभा में गुटबाजी के दावे सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार: ममता बनाम अभिषेक: अंदरूनी शक्ति संघर्ष चर्चा में पार्टी के भीतर सबसे बड़ा सवाल अब नेतृत्व को लेकर उठ रहा है। इसी कथित शक्ति संघर्ष को मौजूदा अस्थिरता की मुख्य वजह माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भी इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। TMC के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती लगातार बढ़ते विवादों और बगावत जैसे हालात ने पार्टी के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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