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Bengal

Bengal Hotel Fire: बीरभूम के तारापीठ में दर्दनाक हादसा, 7 की मौत; 9 घायल

Bengal के बीरभूम जिले के तारापीठ में सावन सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मंदिर के पास स्थित एक होटल में अचानक आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के वक्त होटल में ठहरे कई लोग सो रहे थे, इसलिए आग की खबर फैलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। सुबह-सुबह होटल में फैला धुआं बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के होटल में आग लगी। देखते ही देखते धुआं कमरों और होटल के दूसरे हिस्सों में फैलने लगा। नींद में मौजूद लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और Fire Brigade की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाकर होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। AC में Short Circuit बना आग की वजह? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, होटल के AC के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में Short Circuit होने के बाद आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। आग की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच की जा रही है। जांच में होटल की वायरिंग, बिजली के उपकरणों और Fire Safety व्यवस्था को भी देखा जा रहा है। 7 लोगों की मौत, 9 घायल इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 9 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों के इलाज से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे की खबर सामने आने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। तारापीठ पहुंचे दूसरे श्रद्धालु भी घटना से काफी चिंतित नजर आए। Sawan Monday पर तारापीठ में थी भारी भीड़ सोमवार को सावन का दिन होने के कारण तारापीठ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पूजा और दर्शन के लिए यहां पहुंचे थे। मंदिर के आसपास के होटल और लॉज भी श्रद्धालुओं से भरे हुए थे। ऐसे में होटल में लगी आग ने धार्मिक नगरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Hotel Fire Safety पर उठे सवाल तारापीठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरते हैं। ऐसे में होटल और लॉज में Emergency Exit, Fire Extinguisher, सुरक्षित Electrical Wiring और पर्याप्त Fire Safety व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। बीरभूम पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और होटल में सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया गया था। फिलहाल इस हादसे ने सावन सोमवार की धार्मिक आस्था के बीच एक गहरी चिंता छोड़ दी है। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही आग की असली वजह और अन्य जिम्मेदारियों की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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UP

UP से Odisha तक Flood का कहर: प्रयागराज जलमग्न, स्कूल में 312 छात्र फंसे

उत्तर प्रदेश (UP) और ओडिशा में मानसून की बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं गलियों में नावें चल रही हैं। कई जगह कार और बाइक भी जलभराव में फंस गई हैं। दूसरी ओर, ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में एक स्कूल बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जहां 312 छात्र और 10 शिक्षक करीब दो दिन से फंसे बताए जा रहे हैं। प्रयागराज में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी प्रयागराज के निचले इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी पहुंचने की खबर है। गलियों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिन रास्तों पर आम दिनों में लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी नजर आ रहा है। कई परिवारों ने जरूरी सामान ऊंची जगहों पर रख दिया है। वाहन भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं। कुछ इलाकों में लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। UP के कई शहरों में बारिश से परेशानी प्रयागराज अकेला शहर नहीं है जहां बारिश ने मुश्किल बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव की तैयारी की जा रही है। Odisha में 312 Students स्कूल में फंसे ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले से भी बाढ़ की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। कुलसाही गांव स्थित सरकारी SC/ST आवासीय आश्रम स्कूल में 312 छात्र और 10 शिक्षक करीब दो दिन से फंसे बताए जा रहे हैं। बाढ़ का पानी स्कूल परिसर तक पहुंचने के बाद छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक स्कूल के आसपास पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे बाहर निकलना आसान नहीं है। सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा और खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई जिलों में Flood Situation ओडिशा के केंद्रापड़ा के अलावा बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जैसे जिलों में भी भारी बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर बढ़ना खास चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता UP और Odisha में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि मानसून की तेज बारिश किस तरह आम जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। प्रयागराज में घरों और गलियों में पानी भरने से लोग परेशान हैं, वहीं ओडिशा में स्कूली बच्चों का लंबे समय तक बाढ़ के बीच फंसे रहना चिंता बढ़ा रहा है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियों की सक्रियता बेहद जरूरी है। लोगों से भी जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Ashok Dham हादसा: जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ में भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार (Bihar) के लखीसराय से एक बेहद दुखद खबर सामने आई। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए अशोकधाम मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक ऐसी अफरा-तफरी मची कि देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई। हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुबह मंदिर में माहौल पूरी तरह भक्तिमय था। श्रद्धालु जल लेकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए और खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। करंट की अफवाह ने बढ़ाई लोगों की घबराहट शुरुआती जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के पास बिजली के पोल से जुड़ी घटना के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से भीड़ में फैल गई। अफवाह सुनते ही कई श्रद्धालु घबराकर इधर-उधर भागने लगे। भीड़ पहले से ही काफी ज्यादा थी। ऐसे में अचानक लोगों के भागने से एक-दूसरे पर दबाव बढ़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान कई श्रद्धालु गिर पड़े। हजारों लोगों की मौजूदगी से बढ़ी मुश्किल सावन के तीसरे सोमवार के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। मंदिर और आसपास के रास्तों पर लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन अचानक पैदा हुई अफरा-तफरी में व्यवस्था बिगड़ गई। 7 महिलाओं की मौत, कई श्रद्धालु घायल भगदड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है। अस्पताल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल लोगों को जरूरत के अनुसार बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह को लेकर जांच जारी है। शुरुआती जानकारी में करंट की अफवाह और भीड़ का अचानक दबाव अहम कारण माने जा रहे हैं। जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। CM ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों को मदद का ऐलान बिहार सरकार ने हादसे पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के निकटतम आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में Crowd Management, Emergency Response और Safety व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब हजारों लोग एक साथ किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचते हैं, तब छोटी-सी अफवाह भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अशोकधाम की यह घटना उन परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गई, जो सावन के पवित्र सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने उम्मीद और आस्था के साथ मंदिर पहुंचे थे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नागौर में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 18 चक्का ट्रेलर से करते थे रेकी; 650 किमी पीछा कर 5 गिरफ्तार

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले की खींवसर पुलिस ने रात के समय घरों में चोरी और नकबजनी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात वाली जगह के पास 18 चक्का ट्रेलर खड़ा कर चोरी की योजना बनाते थे और पुलिस से बचने के लिए वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। ASP आसाराम चौधरी के अनुसार, गिरोह राजस्थान और मध्यप्रदेश में 100 से ज्यादा वारदात कर चुका है। पिछले दो वर्षों में गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपए से अधिक की ज्वेलरी और नकदी चोरी करने का दावा पुलिस ने किया है। 8.30 लाख की चोरी के बाद खुला मामला पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त को बिरलोका निवासी रतनसिंह के घर करीब 8.30 लाख रुपए की चोरी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। जांच में पुलिस को एक खास पैटर्न नजर आया। जिन-जिन इलाकों में चोरी की वारदातें हुई थीं, वहां आसपास 18 चक्का ट्रेलर की आवाजाही भी सामने आई। पुलिस ने करीब 400 CCTV कैमरों और 18 टोल प्लाजा की फुटेज खंगाली। इसके बाद ट्रेलर की पहचान कर पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई। 650 किलोमीटर तक किया पीछा ASP आसाराम चौधरी के मुताबिक, गिरोह 13 अगस्त को चित्तौड़गढ़ से ट्रेलर लेकर निकला था। इसकी जानकारी मिलने के बाद खींवसर पुलिस ने ट्रेलर का पीछा शुरू किया। आरोपियों ने रास्ते में पुलिस को चकमा देकर जयपुर की तरफ जाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने करीब 650 किलोमीटर तक पीछा किया और 14 अगस्त को भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में ट्रेलर को रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने ट्रेलर में सवार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को मामले का खुलासा किया। ट्रेलर में रहता था एक आरोपी, बाकी करते थे चोरी पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए ट्रेलर को रात में सड़क किनारे खड़ा कर देते थे। दूर स्थित घरों को निशाना बनाने के लिए आरोपी आसपास के इलाकों से बाइक चोरी करते और उसी से वारदात वाली जगह पहुंचते थे। चोरी के बाद बाइक को करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर छोड़ देते थे। मोबाइल नहीं रखते थे, बार-बार बदलते थे रास्ता पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल फोन अपने पास नहीं रखते थे। इसके अलावा पुलिस की नजर से बचने के लिए बार-बार अपना रास्ता बदलते थे। हालांकि, चोरी के लिए इस्तेमाल की गई बाइक के साथ-साथ उनका 18 चक्का ट्रेलर भी इलाके के आसपास मौजूद रहता था। टोल प्लाजा की CCTV फुटेज में ट्रेलर की लगातार मौजूदगी सामने आने के बाद पुलिस ने उसके FASTag रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि ट्रेलर जिन रास्तों से गुजरता था, वहां चोरी की वारदातों से उसका संबंध सामने आ रहा था। पुलिस के मुताबिक, ट्रेलर टोल से गुजरते समय अक्सर खाली दिखाई देता था और आरोपी इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से वारदातों के लिए करते थे। पुलिस जांच में कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उनसे राजस्थान और मध्यप्रदेश में की गई अन्य चोरी और नकबजनी की वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़ी अन्य घटनाओं और सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है।
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बंगाल में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े कार्यकर्ता के पिता की मौत, BJP कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप

बांकुड़ा। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक की 15 अगस्त को मौत हो गई। परिवार और CJP का आरोप है कि 13 अगस्त को उनके साथ मारपीट की गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हुई। CJP के मुताबिक, मफीक 13 अगस्त को अपने गांव करिसुंडा के सरकारी स्कूल में पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में शामिल हुए थे। उन्होंने स्कूल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाया था। आरोप है कि उसी शाम कुछ हथियारबंद लोग उनके घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। वीडियो बनाने से नाराज होने का आरोप CJP का आरोप है कि हमलावरों ने मफीक और उनके परिवार से माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। परिवार के इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इस हमले में अब्दुल हफीज और उनके पिता के सिर में गंभीर चोटें आईं। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने मोबाइल फोन भी छीन लिया और स्कूल तथा जंतर-मंतर से जुड़े बनाए गए वीडियो डिलीट करवा दिए। बेटे ने BJP नेताओं पर लगाया आरोप अब्दुल हफीज ने स्थानीय भाजपा नेताओं पर जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, 13 अगस्त की रात करीब 8 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और परिवार को घेर लिया। हफीज का दावा है कि हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला किया और बाद में अस्पताल तथा थाने जाने के दौरान भी उन्हें घेरा गया। परिवार का आरोप है कि भविष्य में ऐसे वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। हालांकि, ये आरोप फिलहाल परिवार और CJP के दावों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वी.जी. सतीश पसुमार्थी के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में उनके किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। CJP फाउंडर ने कहा- इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अब्दुल हफीज और उनके परिवार को इंसाफ दिलाने तक संगठन चुप नहीं बैठेगा। CJP की टीम पश्चिम बंगाल जाकर मामले की जानकारी लेने की बात कह रही है। एक दिन पहले शुरू किया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों की स्थिति और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और निजी स्कूलों की फीस पर सीमा तय करने की मांग भी उठाई है। अभियान के अगले चरण में महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा करने की बात कही गई है। CJP ने ‘कॉकरोच’ को बनाया विरोध का प्रतीक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। संगठन का गठन पारंपरिक राजनीतिक पार्टी की तरह नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुआ। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच’ शब्द को विरोध के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाया। बताया गया है कि इसका आंदोलन 20 जून से 25 जुलाई तक चला।
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टीएमसी के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत, पार्टी ऑफिस में फंदे से लटका मिला शव

बीरभूम। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह उनका शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित टीएमसी पार्टी ऑफिस में फंदे से लटका मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही टीएमसी का पार्टी कार्यालय स्थित है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार और रेत टेंडर का जिक्र पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें आशीष बनर्जी ने लिखा कि वह पार्टी के सभी गलत कामों को हमेशा स्वीकार नहीं कर पाते थे, लेकिन उनका विरोध भी नहीं कर सके। नोट में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पूरी जिंदगी किसी काम के बदले एक पैसा नहीं लिया। उन्होंने रेत टेंडर, TRDA (तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के टेंडर, प्लान पास करने, NOC और चेक से जुड़े मामलों में अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया है। नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं बताया और राजनीति में आने पर अफसोस जताने की बात भी लिखी है। हालांकि, नोट की वास्तविकता और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। भाजपा बोली- TMC में सभी लोग खराब नहीं बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी जांच पुलिस करेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में सभी लोग खराब नहीं हैं और संभव है कि कुछ अच्छे लोग ऐसे भी हों, जो बोल नहीं सके और विरोध नहीं कर सके। वहीं टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आशीष बनर्जी को ईमानदार और सादगी से जीवन बिताने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके अंतिम नोट में लंबे समय से चल रहे कथित बदनाम करने के अभियान को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मौत से एक दिन पहले फहराया था तिरंगा आशीष बनर्जी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को अपने घर के पास तिरंगा फहराया था। उन्होंने कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें अपने फेसबुक पेज पर भी साझा की थीं। उनके भाई प्रशांत बनर्जी के मुताबिक, परिवार को दरवाजे के पास से रस्सी लटकी दिखाई दी, जिसके बाद उन्हें शक हुआ। परिवार के लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। प्रशांत ने बताया कि परिवार रोज उनसे मिलता था और शनिवार रात तक भी कुछ असामान्य नजर नहीं आया था। दिन में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और सब कुछ सामान्य था। ममता सरकार में मंत्री और डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी और टीएमसी का वरिष्ठ नेता माना जाता था। राज्य में टीएमसी सरकार बनने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वह स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। आशीष बनर्जी 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में उन्होंने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का पद भी संभाला था। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए थे। 2 जून को जिला अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा आशीष बनर्जी ने 2 जून को टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने उस समय कहा था कि कोर कमेटी निष्क्रिय हो गई है और अब उसके काम करने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने खुद को पार्टी का सामान्य सदस्य बताते हुए संगठनात्मक जिम्मेदारियों से अलग कर लिया था। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से खुलेगा राज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की जांच की जाएगी। मामले में सुसाइड नोट, उसमें किए गए दावे, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और आशीष बनर्जी की गतिविधियों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
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अमित शाह का कांग्रेस पर हमला: ‘वोट बैंक के लालच में वंदे मातरम् को भुला दिया’, सोनिया गांधी से माफी की मांग

चित्तौड़गढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राजस्थान के निंबाहेड़ा में कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक के लालच में वंदे मातरम् को भुला दिया था, लेकिन राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से इसे फिर सम्मान दिलाने का काम किया है। शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गान के दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इसे रोकने का संकेत दिया था। अमित शाह ने कहा कि 140 करोड़ देशवासी सब देख रहे हैं और कांग्रेस नेताओं को इस मामले में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। ‘80 साल बाद फिर मिला वंदे मातरम् को सम्मान’ अमित शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् को लंबे समय बाद फिर से सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्रगीत का उल्लेख कर इसे नई प्रतिष्ठा दिलाई है। शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता कांग्रेस के नेताओं के कथित व्यवहार को देख रही है और इसे कभी माफ नहीं करेगी। निंबाहेड़ा में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण अमित शाह राजस्थान के दौरे पर हैं। रविवार दोपहर उन्होंने चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। अंबेडकर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित जनसभा में शाह ने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आपस में लड़ते रहते हैं। इस दौरान चित्तौड़गढ़ समेत राजस्थान के 15 जिलों में 5,659 करोड़ रुपए के 944 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। 4 हजार किलो अष्टधातु से बनी है वाजपेयी की प्रतिमा निंबाहेड़ा के जेके सर्किल पर बनाए गए मिनी अटल स्मारक में वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा करीब 4 हजार किलो अष्टधातु से तैयार की गई है और इसे 8 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्म पर लगाया गया है। इसे जयपुर के कारीगरों ने तैयार किया है। स्मारक में दो अन्य प्लेटफॉर्म भी बनाए गए हैं। इनमें एक पर वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पोकरण परमाणु परीक्षण की झलक दिखाई गई है, जबकि दूसरे पर उन्हें अलग-अलग मुद्राओं में भाषण देते हुए दर्शाया गया है। अलवर में युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे शाह अमित शाह रविवार दोपहर करीब 3 बजे अलवर के विजयनगर ग्राउंड पहुंचेंगे। यहां वे करीब 6,262 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा 10,580 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। शाह शनिवार रात उदयपुर पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनका स्वागत किया था। कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप अमित शाह के अलवर दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि खैरथल-तिजारा कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई नेताओं को पुलिस ने होटल में नजरबंद किया। सुबह कार्यकर्ताओं के होटल के बाहर पहुंचने के बाद पुलिस ने नेताओं को थाने ले जाने की कार्रवाई की। वहीं, अलवर में सभा स्थल की ओर जा रहे कांग्रेस नेता दीनबंधु शर्मा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। आरोप है कि उन्होंने विरोध स्वरूप काले गुब्बारे उड़ाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोककर अपने साथ ले गई।
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पेनल्टी कॉर्नर का सेफ्टी गियर भूल गया पाकिस्तान, कप्तान को मिला ग्रीन कार्ड; इंग्लैंड ने 4-1 से हराया

पाकिस्तान हॉकी टीम को हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। टीम पेनल्टी कॉर्नर के लिए जरूरी सेफ्टी किट ड्रेसिंग रूम में ही भूल गई। इसके चलते कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और उन्हें 2 मिनट के लिए मैदान से बाहर बैठना पड़ा। मैच में पाकिस्तान को इस गलती का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और इंग्लैंड ने उसे 4-1 से शिकस्त दी। 17वें मिनट में हुआ अजीब वाकया मुकाबले के 17वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस दौरान टीम के डिफेंडरों के लिए जरूरी प्रोटेक्टिव गियर मैदान पर मौजूद नहीं था। सेफ्टी किट ड्रेसिंग रूम में रह जाने के कारण कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। उन्हें दो मिनट के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम की ऐसी गलती ने सभी को हैरान कर दिया। पूर्व कप्तान ने बताया ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे पाकिस्तान हॉकी का एक और ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’ बताया। उनका कहना था कि पेनल्टी कॉर्नर के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरण टीम की बेसिक तैयारियों का हिस्सा हैं। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर इन्हें भूल जाना टीम के संगठन और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया किट विवाद के बीच पाकिस्तान मैच भी नहीं बचा सका। इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4-1 से जीत दर्ज की। पाकिस्तान को मुकाबले में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह दोनों को गोल में नहीं बदल सका। 8 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटा पाकिस्तान पाकिस्तान की टीम 2018 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है। 2023 के वर्ल्ड कप में टीम जगह नहीं बना सकी थी। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान का अगला मुकाबला 17 अगस्त को वेल्स से होगा। इसके बाद 19 अगस्त को भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत होगी। भारत ने जीत के साथ किया आगाज भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की। टीम ने अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए दो गोल किए। भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला भी 17 अगस्त को खेला जाना है। पेनल्टी कॉर्नर में सेफ्टी गियर क्यों जरूरी? पेनल्टी कॉर्नर के दौरान गेंद बेहद तेज गति से गोल की तरफ आती है। डिफेंडरों को ड्रैग-फ्लिक या तेज शॉट से चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए खिलाड़ी फेस मास्क, पैड और ग्लव्स जैसे सुरक्षा उपकरण पहनते हैं। ये उपकरण चेहरे, हाथ और पैरों को तेज गेंद से होने वाली गंभीर चोट से बचाने में मदद करते हैं। 4 बार वर्ल्ड चैंपियन रहा पाकिस्तान, फिर क्यों पिछड़ा? पाकिस्तान हॉकी का कभी दुनिया में दबदबा हुआ करता था। टीम ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में कुल चार बार हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब जीता। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान की हॉकी लगातार कमजोर होती गई। इसके पीछे कई कारण रहे हैं। 1. घरेलू हॉकी का ढांचा कमजोर हुआ पाकिस्तान में नियमित घरेलू टूर्नामेंट और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की व्यवस्था कमजोर हुई। इसका असर युवा खिलाड़ियों की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर पड़ा। 2. आधुनिक हॉकी के साथ तालमेल नहीं बैठा हॉकी में एस्ट्रोटर्फ, तेज गति और आधुनिक फिटनेस का महत्व बढ़ा। पाकिस्तान इन बदलावों के साथ यूरोपीय टीमों की गति से तालमेल नहीं बैठा सका। 3. आर्थिक संकट और प्रशासनिक विवाद पाकिस्तान हॉकी महासंघ लंबे समय से आर्थिक समस्याओं से जूझता रहा है। खिलाड़ियों और कोचों को समय पर भुगतान जैसी समस्याओं के साथ प्रशासनिक विवादों ने भी टीम की तैयारियों को प्रभावित किया। 4. मैदान और ट्रेनिंग सुविधाओं की कमी विश्वस्तरीय मैदान, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर और पर्याप्त उपकरणों की कमी ने खिलाड़ियों के विकास को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी सुविधाएं सभी खिलाड़ियों को नियमित रूप से नहीं मिल सकीं। 5. क्रिकेट के सामने हॉकी का क्रेज कम हुआ पाकिस्तान में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। ऐसे में प्रायोजन, मीडिया कवरेज और आर्थिक संसाधनों का बड़ा हिस्सा क्रिकेट की ओर चला गया और हॉकी को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला।
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रिसर्च स्कॉलर्स के समर्थन में उपवास पर बैठे पप्पू यादव, बोले- मांगें नहीं मानीं तो बिहार बंद करेंगे

पटना। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव रविवार को रिसर्च स्कॉलर्स के आंदोलन के समर्थन में एक दिन के उपवास पर बैठे। वह पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में भगत सिंह की तस्वीर लेकर उपवास कर रहे हैं। इस दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह नीले गमछे से अपना गला घोंटते नजर आए। पप्पू यादव ने कहा कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो उनके पास आंदोलन को और तेज करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहा, “अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो बिहार बंद करेंगे और अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे।” बोले- छात्रों की बात नहीं सुनी जा रही पप्पू यादव ने सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के बच्चों को ‘बौद्धिक नक्सली’ कह रहे हैं, जबकि बिहार में छात्रों की समस्याओं को सुना नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिसर्च स्कॉलर्स की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द समाधान निकालना चाहिए। 13 दिन से आमरण अनशन पर रिसर्च स्कॉलर पटना के गर्दनीबाग में ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। रिसर्च स्कॉलर्स की प्रमुख मांगों में सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करना शामिल है। इसके अलावा बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने और 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें रखी गई हैं। सहायक प्राध्यापक भर्ती में Table 3A की मांग रिसर्च स्कॉलर्स का कहना है कि सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू किया जाना चाहिए। साथ ही सहायक प्राध्यापक पद के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग भी की जा रही है। उनका कहना है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां स्थायी और नियमित आधार पर होनी चाहिए, ताकि लंबे समय से खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके। पप्पू यादव पहले भी पहुंचे थे धरनास्थल पप्पू यादव इससे पहले शुक्रवार को भी गर्दनीबाग पहुंचे थे। उन्होंने रिसर्च स्कॉलर्स से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया था। रविवार को वह एक दिन के उपवास के जरिए आंदोलन में शामिल हुए। धरनास्थल पर पुलिस-प्रशासन अलर्ट सांसद के उपवास और आंदोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क है। गर्दनीबाग धरना स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
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वाराणसी एयरपोर्ट पर लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली, महिला समेत 2 कर्मचारी घायल

वाराणसी। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान एक यात्री की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। हादसे में एक महिला समेत एयरपोर्ट के दो कर्मचारी घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। आजमगढ़ निवासी कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जाने वाले थे। यात्री ने विमान में ले जाने वाले हथियार की जानकारी पहले ही एयरपोर्ट अधिकारियों को दे दी थी। हथियार की जांच के दौरान हुआ फायर एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, मानक प्रक्रिया के तहत पिस्टल की जांच की जा रही थी। इसी दौरान हथियार से एक राउंड फायर हो गया। गोली पहले फर्श से टकराई और उसके बाद उसके छर्रे पास में मौजूद कर्मचारियों को लगे। बिहार निवासी 32 वर्षीय सुमन की जांघ में गोली लगी, जबकि सिक्योरिटी स्कैनर कर्मचारी रोहित राज के हाथ में छर्रे लगे। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। यात्री कमलेश राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीसीपी गोमती नीतू कादयान के मुताबिक, यात्री की पिस्टल का ऑल इंडिया परमिट है। बोर्डिंग से पहले मानक प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी और इसी दौरान दुर्घटनावश फायर होने की बात सामने आई है। घायल कर्मचारी ने बताई पूरी घटना एयरपोर्ट कर्मचारी रोहित के अनुसार, वह सुमन के साथ हथियार की एक्स-रे जांच के लिए काउंटर पर मौजूद था। यात्री ने पिस्टल निकाली और उसमें गोली लोड थी। जांच के दौरान ट्रिगर दबने से फायर हो गया। रोहित ने कहा कि गोली सामने खड़ी सुमन के पैर में लगी, जबकि उसके हाथ में छर्रे लगे। हालांकि, ट्रिगर जानबूझकर दबाया गया या गलती से दब गया, इसकी जानकारी वह नहीं बता सकता। स्वतंत्रता दिवस के चलते हाई अलर्ट पर था एयरपोर्ट स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर वाराणसी एयरपोर्ट को 11 से 20 अगस्त तक हाई अलर्ट जोन घोषित किया गया था। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। एडीसीपी गोमती जोन समेत पुलिस और इंटेलिजेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। कमलेश मुंबई के पूर्व पार्षद रह चुके हैं पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले कमलेश राय मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा बताया गया है। कमलेश आजमगढ़ में एक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक हैं। वह सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और धनंजय सिंह के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा कर चुके हैं। 2010 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी हुआ था ऐसा हादसा लाइसेंसी हथियार की जांच के दौरान फायर होने का ऐसा ही मामला सितंबर 2010 में मुंबई एयरपोर्ट पर सामने आया था। इंदौर जाने वाले एक यात्री की लाइसेंसी पिस्टल की जांच के दौरान गोली चल गई थी। गोली फर्श से टकराने के बाद टाइल का टुकड़ा महिला स्क्रीनिंग कर्मचारी को लगा था।
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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