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Trump का नया ‘Tariff Bomb’: India-China समेत 60 देशों पर बढ़ सकता है Import Tax

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने सख्त ट्रेड फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trump प्रशासन भारत और चीन समेत करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त Tariff लगाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव ने दुनियाभर के कारोबारियों और एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का कहना है कि कई देश “forced labour” यानी जबरन मजदूरी से बने उत्पादों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहे। इसी वजह से नए टैरिफ लागू करने की योजना बनाई गई है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत के कई उद्योगों पर सीधा असर पड़ सकता है। क्या है Trump का नया Tariff Plan? अमेरिकी ट्रेड एजेंसी USTR ने Section 301 के तहत एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक: Trump पहले भी अपने कार्यकाल में चीन के खिलाफ कई बड़े टैरिफ फैसले ले चुके हैं। अब माना जा रहा है कि अमेरिका फिर से “America First” नीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। भारत पर कितना पड़ेगा असर? भारत और अमेरिका के बीच इस समय ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में यह नया टैरिफ प्लान दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका असर दिखाई दे सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क से एक्सपोर्ट महंगा हो सकता है। भोपाल के एक एक्सपोर्ट कारोबारी ने कहा कि अगर अमेरिका यह फैसला लागू करता है, तो छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे ज्यादा दबाव आएगा। खासकर वे कंपनियां जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। चीन फिर अमेरिका के निशाने पर चीन पहले से ही अमेरिका के साथ लंबे समय से ट्रेड वॉर का सामना कर रहा है। अब नए प्रस्ताव में चीन को भी 12.5% अतिरिक्त टैरिफ वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो दुनियाभर के बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। आखिर क्यों उठाया गया यह कदम? अमेरिका का आरोप है कि कई देशों की सप्लाई चेन में forced labour से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। Trump प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों और मजदूरों के लिए नुकसानदायक मान रहा है। हालांकि कई विशेषज्ञ इसे केवल ट्रेड पॉलिटिक्स का हिस्सा भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका इस दबाव के जरिए दूसरे देशों से बेहतर ट्रेड शर्तें हासिल करना चाहता है। अभी लागू नहीं हुआ फैसला फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है। अमेरिका ने इस पर सार्वजनिक सुझाव और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। आने वाले हफ्तों में कंपनियों, व्यापार संगठनों और आम लोगों से राय ली जाएगी। इसके बाद अंतिम फैसला सामने आएगा। अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow में BJP नेता की हत्या: CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग, चार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

Lucknow में BJP नेता की हत्या: CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग, चार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में BJP नेता की हत्या के मामले में पुलिस को जांच के दौरान अहम सुराग मिले हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर चार संदिग्ध आरोपियों की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता पर बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की गई है। फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक घटना के आसपास घूमते नजर आए हैं। इसी आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की है और उनकी तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। मृतक के परिवार का कहना है कि उन्हें पहले से धमकियां मिल रही थीं, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi के रेस्टोरेंट में भीषण आग, 10 लोगों की मौत: 11 लोगों को बचाया गया

Delhi के रेस्टोरेंट में भीषण आग, 10 लोगों की मौत: 11 लोगों को बचाया गया

Delhi के मालवीय नगर इलाके में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग अंदर फंस गए और मदद के लिए चीखते रहे। आसपास के लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की, लेकिन धुआं और आग काफी ज्यादा होने के कारण राहत कार्य में दिक्कत आई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि, असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी के इंतजाम पूरे थे या नहीं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की सख्त जांच की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे दोबारा न हों। दिल्ली सरकार ने भी घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case Update: गिरिबाला सिंह बनीं कैदी नंबर 71, समर्थ को मिला 1782 नंबर

बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस (Twisha Sharma Case)में अब जांच और कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। CBI की जांच के बीच हुई इस कार्रवाई ने केस को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। जानकारी के मुताबिक, जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह को महिला जेल में कैदी नंबर 71 दिया गया, जबकि समर्थ सिंह को पुरुष जेल में 1782 नंबर मिला। जेल प्रशासन की ओर से दोनों को शुरुआती जरूरत का सामान जैसे थाली, कटोरी, गिलास और चादर उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्हें बैरक में शिफ्ट किया गया। कोर्ट में दिखा हाई वोल्टेज ड्रामा सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। CBI ने इस बार दोनों आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इस दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह कोर्ट में भावुक नजर आईं। वहीं दूसरी ओर परिवार की तरफ से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। गिरिबाला सिंह ने लगाए गंभीर आरोप मामले में एक और नया विवाद तब सामने आया जब गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील ने उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ मारपीट की। हालांकि इस पूरे आरोप पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। वहीं समर्थ सिंह ने मीडिया के सवालों पर खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें सच सामने आने का इंतजार है। सोशल मीडिया पर छाया मामला ट्विशा शर्मा केस अब केवल कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह लगातार ट्रेंड कर रहा है। लोग मामले को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो कई लोग परिवार और जांच एजेंसियों के बयानों पर सवाल उठा रहे हैं। आगे क्या? अब सभी की नजर CBI की अगली रिपोर्ट और कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal में घूस के पैसे लौटाने लगे TMC नेता, सरकारी योजनाओं में बड़ा घोटाला उजागर

Bengal में घूस के पैसे लौटाने लगे TMC नेता, सरकारी योजनाओं में बड़ा घोटाला उजागर

West Bengal में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। कई जगहों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले लोगों से पैसे वसूले। अब मामला सामने आने के बाद कुछ नेता लोगों को पैसे वापस लौटाते नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा नादिया जिले की हो रही है, जहां महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि योजना की सूची में 173 पुरुषों के नाम शामिल कर दिए गए थे। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर महिलाओं की योजना में पुरुषों को लाभ कैसे मिल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना का फायदा पाने के लिए कई गरीब परिवारों से पैसे मांगे गए थे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिना घूस दिए उनका नाम सूची में नहीं जोड़ा गया। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ तो कई TMC नेता और स्थानीय कार्यकर्ता लोगों को पैसे लौटाने लगे हैं। गांव के लोगों में इस मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार गरीबों और महिलाओं के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन बीच में बैठे कुछ लोग उसका गलत फायदा उठाकर आम जनता का भरोसा तोड़ रहे हैं। कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल कर दिए गए। विपक्ष ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी और अन्य दलों का आरोप है कि बंगाल में सरकारी योजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं TMC की ओर से कहा गया है कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब और जरूरतमंद लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा अन्याय न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मौसम

Storm & Rain Update: 11 राज्यों में बिगड़े मौसम के हालात, आगरा में सड़क धंसी, कश्मीर में बादल फटा

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदल लिया कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत 11 राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कहीं सड़कें पानी में डूब गईं तो कहीं पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से घंटों तक बिजली सप्लाई ठप रही। सबसे ज्यादा डराने वाली तस्वीर उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई, जहां बारिश के बाद सड़क अचानक धंस गई और एक कार व ट्रैक्टर गहरे गड्ढे में जा गिरे। वहीं जम्मू-कश्मीर में तीन जगह बादल फटने की घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आगरा में बड़ा हादसा टला, सड़क धंसते ही मची अफरा-तफरी आगरा में लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। हादसे के वक्त वहां से गुजर रही कार और ट्रैक्टर सीधे गड्ढे में पलट गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से सीवर और सड़क की खराब हालत की शिकायत की जा रही थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से यह हादसा हुआ। फिलहाल प्रशासन ने रास्ता बंद कर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। MP-UP में तेज हवाओं के साथ बारिश, कई शहरों में अलर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली गुल होने की खबरें भी सामने आईं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से यह मौसम सिस्टम एक्टिव हुआ है। अगले 48 घंटों तक कई इलाकों में भारी बारिश और तेज आंधी जारी रह सकती है। Jammu-Kashmir में Cloudburst से बिगड़े हालात जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बीच तीन अलग-अलग इलाकों में Cloudburst की घटनाएं हुईं। अचानक पानी और मलबा आने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क टूट गया। राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। इन राज्यों में जारी हुआ Weather Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। क्या बरतें सावधानी? लगातार बदलता मौसम अब सिर्फ राहत नहीं, बल्कि कई इलाकों के लिए परेशानी भी बनता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Politics: ममता की पार्टी में अंदरूनी घमासान, ऋतब्रत का नाम चर्चा में

West Bengal की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आता दिखाई दे रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर बढ़ती नाराज़गी अब खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि पार्टी के कई विधायक नेतृत्व से खुश नहीं हैं और अलग रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब 50 विधायक एक नए समीकरण पर काम कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये विधायक ऋतब्रत बनर्जी को Leader of Opposition (LoP) के चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की राजनीति में इस खबर ने हलचल जरूर बढ़ा दी है। होटल मीटिंग और अंदरखाने की राजनीति बीते कुछ दिनों में कोलकाता के होटल और विधायक हॉस्टल में हुई कुछ बैठकों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी। खबर है कि कई असंतुष्ट विधायक गुप्त रूप से मुलाकात कर रहे हैं और पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल नाराज़गी नहीं बल्कि संगठन के अंदर बढ़ती दूरी का संकेत हो सकता है। कुछ नेताओं का आरोप है कि पार्टी में फैसले अब सीमित लोगों तक सिमट गए हैं, जिससे कई पुराने चेहरे खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। क्यों चर्चा में हैं ऋतब्रत बनर्जी? हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में ऋतब्रत बनर्जी को TMC से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इसके बाद से ही उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब खबरें हैं कि असंतुष्ट विधायक उन्हें विपक्ष के बड़े चेहरे के रूप में सामने लाना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि ममता बनर्जी के नेतृत्व को सीधी चुनौती मानी जाएगी। ममता बनर्जी ने क्या कहा? इन सभी अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें TMC को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पार्टी एकजुट है और हर चुनौती का सामना करेगी। TMC के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी दावा किया है कि पार्टी में किसी तरह की टूट नहीं है और विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने बढ़ाई टेंशन इसी बीच नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना दस्तावेजों में उनके हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए। इस विवाद के बाद पार्टी के अंदर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गई है। बंगाल की राजनीति में क्या होगा आगे? राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर असंतुष्ट विधायकों की संख्या इतनी बड़ी साबित होती है, तो यह TMC के लिए बड़ा झटका हो सकता है। इसका असर आने वाले चुनावों और पार्टी की रणनीति दोनों पर पड़ सकता है। फिलहाल बंगाल की राजनीति में हर कोई अगले कदम का इंतजार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह केवल नाराज़गी है या फिर पश्चिम बंगाल में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rainfall Crisis

Rainfall Crisis: अगले 3 महीने मुश्किल भरे, राज्यों को तैयारी के निर्देश जारी

मानसून को लेकर बढ़ी चिंता देश में इस बार मानसून को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। मौसम विशेषज्ञों की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में अगले तीन महीनों तक सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी करते हुए तुरंत तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो खेती, पानी और आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ सकता है। कम बारिश और बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई परेशानी मौसम विभाग और जलवायु एजेंसियों का मानना है कि इस साल कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम पैटर्न ने चिंता और बढ़ा दी है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहराने का खतरा बताया जा रहा है। कई राज्यों में पहले से ही जलाशयों का स्तर कम है और भूजल तेजी से नीचे जा रहा है। राज्यों को Center का सख्त निर्देश केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे सूखा प्रभावित हो सकने वाले जिलों की पहचान करें और पहले से राहत योजना तैयार रखें। साथ ही जल संरक्षण अभियान तेज करने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने और किसानों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। सरकार चाहती है कि हालात बिगड़ने से पहले ही प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। किसानों और खेती पर सबसे बड़ा असर इस संभावित सूखे का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अगर बारिश कम हुई तो धान, सोयाबीन, दाल और दूसरी फसलों का उत्पादन घट सकता है। इससे बाजार में महंगाई बढ़ने का खतरा भी रहेगा। विशेषज्ञ किसानों को कम पानी वाली फसलों की तरफ जाने और आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दे रहे हैं। दुनिया के कई देशों में भी बढ़ा खतरा सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में भी जल संकट और सूखे को लेकर चिंता बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ती हीटवेव और अनियमित बारिश ने कई देशों की सरकारों को सतर्क कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में पानी सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। आगे क्या होगा? फिलहाल सरकार और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले हफ्तों में मानसून की स्थिति और साफ होगी। लेकिन अभी से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बारिश ने साथ नहीं दिया तो किसानों से लेकर आम आदमी तक हर किसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Exclusive: खान सर की कोचिंग में आखिर हुआ क्या? फायरिंग की खबरों के बीच जांच में नया मोड़

क्या सच में चली थी गोली?”पटना में खान सर की कोचिंग को लेकर सामने आई खबर ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब तोड़फोड़, मारपीट और कथित फायरिंग—तीनों एंगल से जांच कर रही है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें। पटना के चर्चित शिक्षक Khan Sir की कोचिंग को लेकर मंगलवार रात सामने आई घटनाओं ने पूरे बिहार में चर्चा छेड़ दी है। शुरुआत में फायरिंग की खबरों से हड़कंप मच गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ मामला अब केवल गोलीबारी तक सीमित नहीं दिख रहा है। पुलिस के अनुसार कुछ युवकों ने मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग परिसर में घुसकर कथित तौर पर तोड़फोड़ की, पोस्टर फाड़े और विरोध करने पर गार्ड के साथ मारपीट की। घायल गार्ड का इलाज कराया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खान सर ने क्या कहा? खान सर ने घटना के पीछे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों की भूमिका होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने के कारण कुछ लोगों को आपत्ति है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है। पुलिस क्या जांच कर रही है? पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। क्यों चर्चा में है यह मामला? मुसल्लहपुर हाट पटना का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “
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CBSE

CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद में बड़ा एक्शन, चेयरमैन-सचिव हटाए गए

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE एक बड़े प्रशासनिक और तकनीकी संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी तरफ री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद: बड़ी कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े टेंडर में गड़बड़ियों और प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इसी जांच के तहत CBSE के चेयरमैन और सचिव को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। Re-evaluation Portal पर Cyber Attack, सेवाएं प्रभावित इसी बीच आज CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की घटना सामने आई, जिससे छात्रों को आवेदन और रिजल्ट से जुड़ी सेवाओं में अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी टीम ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल किसी बड़े डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। छात्रों की परेशानी और बढ़ी चिंता दो बड़े घटनाक्रम—एक तरफ प्रशासनिक बदलाव और दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा में सेंध—ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट सिस्टम में लगातार आ रही समस्याएं भरोसे को कमजोर कर रही हैं। क्या होगा आगे? सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर और साइबर अटैक दोनों मामलों में और स्पष्टता सामने आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जरूरत है एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा ढांचे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJI Surya Kant

CJI Surya Kant राहुल गांधी के मार्च पर बोले- कोर्ट के बाहर क्या हो रहा, सब पता है

राहुल गांधी के मार्च और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अदालत को बाहर दिए जा रहे बयानों और अंदर चल रही कार्यवाही, दोनों की जानकारी है। न्यायपालिका किसी दबाव में काम नहीं करती। राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से 12 अक्टूबर को निकाले गए मार्च के बाद यह मामला चर्चा में है। दूसरी ओर, SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से लगातार सवाल पूछ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई पर सबकी नजर है। CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान क्या कहा? सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को किसी तरह के दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अदालत को पता है कि बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के भीतर क्या हो रहा है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सुप्रीम कोर्ट के बाहर हुए राजनीतिक मार्च और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विवाद जारी है। अदालत ने इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। हालांकि, नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी नेता के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। अंतिम निर्णय सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगा। Rahul Gandhi March: 12 अक्टूबर को क्या हुआ था? 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विरोध जताया गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी अपनी मांगें रखीं। विपक्ष इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रहा है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को चुनाव व्यवस्था का जरूरी हिस्सा बताया जाता है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की CJI से मुलाकात क्यों नहीं हुई? मार्च से पहले राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। वे SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाहते थे। हालांकि, CJI ने मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उचित कानूनी माध्यम से अदालत के सामने रखा जाना चाहिए। इसका मतलब यह है कि यदि किसी पक्ष को चुनाव प्रक्रिया या मतदाता सूची को लेकर शिकायत है, तो वह संबंधित नियमों के तहत याचिका दाखिल कर सकता है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है। SIR Controversy: मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्यों है विवाद? SIR को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता सूची को अपडेट करते समय वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। विपक्ष का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और अन्य कारणों से अपात्र हो चुके मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करना है। ऐसे में पारदर्शिता, उचित सत्यापन और शिकायतों के समय पर समाधान की भूमिका अहम हो जाती है। किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं होने पर उसके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है, इसलिए इस प्रक्रिया में सावधानी बरतना जरूरी है। Supreme Court Hearing: अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट में SIR से संबंधित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले पर विचार करेगी। राहुल गांधी के मार्च से जुड़े विवाद में भी अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, अदालत की गरिमा और मतदाता सूची की पारदर्शिता इस पूरे मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में कमजोर मानसून से जल संकट का खतरा, महापौर ने मांगा 50 करोड़ का पैकेज

इंदौर। मध्य प्रदेश में कमजोर मानसून के कारण आने वाले महीनों में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सामान्य तौर पर करीब 37 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 23 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल प्रबंधन के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है। जल संकट से निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और इंदौर नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। 40 लाख आबादी, रोजाना 750 से 800 एमएलडी पानी की मांग इंदौर की आबादी करीब 40 लाख है। शहर में घरेलू जरूरतों के लिए प्रतिदिन लगभग 620 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। औद्योगिक, व्यावसायिक, संस्थागत और अन्य उपयोगों को शामिल करने पर कुल मांग बढ़कर 750 से 800 एमएलडी तक पहुंच जाती है। वर्ष 2008 में भी शहर में करीब 20 इंच बारिश हुई थी, जिसके कारण जल संकट की स्थिति बनी थी। अब 18 साल बाद कम बारिश ने एक बार फिर गर्मियों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। डीमार्ट के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूटी, अंडरपास बंद कम बारिश के बीच पानी की बर्बादी से जुड़ी समस्या भी सामने आई है। गुरुवार सुबह बंगाली चौराहे से बायपास के बीच डीमार्ट के पास नर्मदा जलापूर्ति की पाइपलाइन फूट गई। पाइपलाइन से तेज दबाव के साथ पानी निकलने लगा, जिससे सड़क पर जाम लग गया। पानी भरने के कारण अंडरपास भी बंद करना पड़ा। भूजल दोहन 90 प्रतिशत के करीब विशेषज्ञों के मुताबिक, इंदौर की बड़ी आबादी नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर है। इसके जरिए शहर को प्रतिदिन करीब 440 एमएलडी पानी मिलता है। हालांकि, लीकेज और अन्य कारणों से लगभग 22 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। शहर में एक लाख से अधिक निजी बोरवेल हैं। इसके अलावा नगर निगम के करीब 6,500 बोरवेल और हाइड्रेंट भी हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2025 की रिपोर्ट में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन में रखे जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट के मुताबिक, भूजल दोहन का स्तर करीब 90 प्रतिशत है। इसमें और वृद्धि होने पर जल संकट की स्थिति गंभीर हो सकती है। पिछली गर्मियों में 700 टैंकरों से पहुंचाना पड़ा था पानी पिछली गर्मियों में बोरवेल पर निर्भर आबादी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगभग 700 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति करनी पड़ी थी। इस बार तालाबों में कम जलभराव, भूजल का लगातार दोहन और जलापूर्ति नेटवर्क में पानी की बर्बादी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां बन सकती हैं। ऐसे में शहर की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर जल प्रबंधन, लीकेज पर नियंत्रण और उपलब्ध जल स्रोतों का प्रभावी उपयोग अहम होगा।
Punjab

Punjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग

Punjab में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। राज्य के कई शहरों में बाजार बंद रहे और कुछ जगहों पर स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुले। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। वहीं, झोटा का परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और उसने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर, संबंधित SHO को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। परिवार और प्रदर्शनकारी अब मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। Punjab Bandh Today: बाजार बंद, सड़कों पर उतरे लोग परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने 15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस बंद को विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। मानसा, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत कई शहरों में बंद का असर देखने को मिला। कई बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं, जबकि कुछ इलाकों में निजी स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को चालू रखने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और जांच में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम, यातायात प्रभावित पंजाब बंद के दौरान बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कुछ अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। बंद के कारण आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम PGIMER चंडीगढ़ में कराने की मांग भी उठाई गई है। झोटा के पिता भीम सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय चाहिए और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। परिवार का विरोध केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वह यह जानना चाहता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी। फिलहाल अंतिम संस्कार को लेकर परिवार का रुख सख्त बना हुआ है। Parvinder Singh Jhota Murder Case: मुख्य आरोपी गिरफ्तार परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे और कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के मुद्दे उठाते थे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले झोटा का मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ विवाद हुआ था। इसी दौरान गोली चलने से झोटा की मौत हो गई। घटना के समय वह कथित तौर पर फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। अब पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच कर रही है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने या साजिश से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। SHO सस्पेंड, DSP पर कार्रवाई की मांग हत्या के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में मानसा की संबंधित SHO बिएंत कौर को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। वहीं, DSP और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। परिवार और प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। DSP के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश और अन्य विभागीय कदमों की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जवाबदेही भी विरोध का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। आरोपी की दुकान में तोड़फोड़, घर के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई झोटा की हत्या के बाद मानसा में आक्रोशित लोगों ने आरोपी की मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को नुकसान पहुंचने और आग लगाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने आरोपी के घर के एक हिस्से को भी गिराया। इन घटनाओं के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की चुनौती है। CM भगवंत मान ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाएगा और जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के अवैध कारोबार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। झोटा हत्याकांड ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी फिर चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

DAVV में शुरू होगा गर्भ संस्कार पर PG डिप्लोमा कोर्स, पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) गर्भावस्था और मां-बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन के अंतर्गत स्कूल ऑफ योगा में गर्भ संस्कार पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PG Diploma) कोर्स शुरू करने की योजना है। इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू करने का प्रस्ताव है। पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की योजना बनाई गई है। इस पाठ्यक्रम में भारतीय परंपरा में प्रचलित गर्भ संस्कार की अवधारणा को आधुनिक गर्भावस्था देखभाल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। गर्भावस्था से प्रसव तक की देखभाल की पढ़ाई प्रस्तावित कोर्स में गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में होने वाले बदलाव, भ्रूण का विकास, संतुलित पोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अलावा योग, प्राणायाम, ध्यान और मां तथा गर्भस्थ शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव से जुड़े पहलुओं को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना है। विद्यार्थियों को गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में सुरक्षित शारीरिक गतिविधियों और तनाव प्रबंधन के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान देखभाल से संबंधित विषयों की व्यवस्थित जानकारी देना है। सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ अस्पतालों में प्रशिक्षण गर्भ संस्कार के पीजी डिप्लोमा में कक्षा में पढ़ाई के साथ अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों को गर्भावस्था देखभाल से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान योग, व्यायाम, पोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपायों को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूरी है। यह पाठ्यक्रम चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप तैयार किया जाना महत्वपूर्ण होगा। योग से जुड़े तीन सर्टिफिकेट कोर्स भी प्रस्तावित DAVV के स्कूल ऑफ योगा में पीजी डिप्लोमा के साथ तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की भी तैयारी है। इनमें शामिल हैं: इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को योग, पोषण, प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों और एक्यूप्रेशर से जुड़े विषयों की बुनियादी जानकारी देने की योजना है। विश्वविद्यालय की इस पहल के तहत योग और स्वास्थ्य से जुड़े नए शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पाठ्यक्रमों के प्रवेश और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।
Pakistan

Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी

Pakistan के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल पेशावर का यह हादसा केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले और इमारतों की स्थिति की समय-समय पर जांच की जाए। फिलहाल, इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और महिला टीचर के परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के इलाज से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर...

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