आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

खंडवा में 10 साल की मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म, रिश्तेदार ने जंगल ले जाकर किया अपराध

खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र स्थित बीड़ चौकी इलाके में 10 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची के रिश्तेदार ने ही उसे सामान दिलाने के बहाने अगवा किया और जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बच्ची को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मूंदी थाना प्रभारी राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि पीड़िता मूक-बधिर है, इसलिए उसके बयान विशेष एक्सपर्ट और महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज किए गए। बच्ची ने इशारों में अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। घर से बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी और पीड़िता दोनों आदिवासी समाज से हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपी रिश्ते में बच्ची के मामा का साला लगता है। 29 मई को बच्ची घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और किराना सामान दिलाने का इशारा कर उसे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। बाद में जब बच्ची के दादा घर पहुंचे तो वह गायब मिली। पड़ोसियों ने बताया कि एक रिश्तेदार उसे बाइक पर बैठाकर ले गया है। सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिनमें आरोपी की गतिविधियां नजर आईं। इसके आधार पर पुलिस ने चार से पांच गांवों में दबिश दी और जंगल क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया। करीब तीन दिन तक चले ऑपरेशन के बाद 31 मई को पुलिस ने बच्ची को जंगल से सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
सड़क पर सियासी संग्राम: CM का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- विकास नहीं दिखता, सिर्फ विरोध करते हैं प्रदेश अध्यक्ष

सड़क पर सियासी संग्राम: CM का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- विकास नहीं दिखता, सिर्फ विरोध करते हैं प्रदेश अध्यक्ष

प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। CM ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति करने में लगा हुआ है और सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व हर मुद्दे पर सरकार का विरोध करने में व्यस्त रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्य, नई परियोजनाएं और जनता के हित में लिए जा रहे फैसले विपक्ष को दिखाई नहीं देते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष इन उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय केवल आलोचना करने में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है।
Read more

सागर में शराब के पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग पर हमला, कंधे में चाकू घोंपकर फरार हुए बदमाश

सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग के बाएं कंधे के पास चाकू घोंप दिया, जो शरीर में ही धंस गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल बुजुर्ग कंधे में चाकू फंसे होने के बावजूद सड़क पर पैदल चलते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात की है। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या करीब पांच थी। बदमाशों ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे। जब बुजुर्ग ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने हमला कर दिया। घायल बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में सड़क पर चलते देख राहगीरों ने मदद की। लोगों ने तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित बड़ी माता मंदिर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोतीनगर पुलिस अलर्ट हो गई है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
Twisha Sharma Death Case, Twisha Sharma CBI Investigation, Bhopal News, Twisha Sharma Latest News, Giribala Singh, Samarth Singh, CBI 3D Scan, Dummy Test Investigation, Twisha Sharma Death Mystery, MP News

CBI Investigation: ट्विशा शर्मा केस में 3D स्कैनिंग और डमी टेस्ट से खुलेगा मौत का रहस्य, जांच में नया मोड़

भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामला: 3D तकनीक और डमी टेस्ट से सुलझेगी गुत्थी? भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब नए और अत्याधुनिक तरीके से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल का 3D स्कैन कराया है और अब 80 किलो वजन वाली डमी के जरिए घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करने की तैयारी की है। जांच एजेंसी का मानना है कि केवल बयान और दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि घटनास्थल के वैज्ञानिक पुनर्निर्माण से भी कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। 3D स्कैनिंग से तैयार होगा पूरा घटनाक्रम CBI की टीम ने भोपाल स्थित घर का 3D स्कैन कराया है, जहां ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। इस तकनीक के जरिए घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी घर के हर कमरे, वस्तुओं की स्थिति और घटनास्थल के लेआउट का अध्ययन कर रही है ताकि किसी भी विसंगति की पहचान की जा सके। ‘टनल व्यू’ तकनीक से बनाई जा रही मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन CBI ने जांच में “टनल व्यू” नामक आधुनिक तकनीक का भी उपयोग शुरू किया है। इसके तहत CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियां, वाई-फाई लॉग और गवाहों के बयानों को जोड़कर एक डिजिटल टाइमलाइन तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना वाले दिन आखिर क्या-क्या हुआ और किस समय कौन-कौन व्यक्ति घर में मौजूद था। 80 किलो की डमी से होगा घटनाक्रम का पुनर्निर्माण CBI अब 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर उस स्थिति को दोबारा तैयार करेगी, जैसा आरोपियों ने अपने बयानों में बताया है। एजेंसी यह जांचना चाहती है कि क्या घटनास्थल पर बताए गए तरीके से शव को नीचे उतारना वास्तव में संभव था या नहीं। इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भी घटनास्थल पर ले जाया जा सकता है ताकि उनके दावों की सत्यता परखी जा सके। CBI हिरासत में आरोपी मामले में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब विशेष अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को CBI की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने संभाली जांच मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने FIR दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की और भोपाल पुलिस से सभी दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए। क्या है पूरा मामला? ट्विशा शर्मा की मई 2026 में भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप लगाए। मामला लगातार तूल पकड़ता गया और अंततः जांच CBI को सौंप दी गई।
Read more

सागर में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट

उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी के असर से सागर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। देर रात शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और आंधी के साथ बारिश हुई। बंडा क्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम बदलने के बाद दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जबकि रात का पारा 30 डिग्री से गिरकर 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्म हवाओं और उमस से राहत महसूस हुई। शनिवार सुबह भी शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही। धूप जरूर निकली, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में उसकी तपिश कम रही। सुबह सागर का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 2 जून तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है। अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और आंधी चलने का अनुमान जताया है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
Read more

भोपाल की फैक्ट्री में भीषण आग, लकड़ी और केमिकल से रातभर धधकती रहीं लपटें

Bhopal के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शुभम एंटरप्राइजेस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी, प्लाईवुड, केमिकल और थिनर रखा था, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। नगर निगम की दमकल टीम ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि शनिवार दोपहर तक फैक्ट्री के अंदर कई जगह आग सुलगती रही। रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन आग लगने की घटना शुक्रवार-शनिवार की देर रात की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए पानी के कई टैंकर भी लगाए गए। सुबह करीब 9 बजे तक आग की बड़ी लपटों पर काबू पाया गया, लेकिन लकड़ी और केमिकल की वजह से अंदर आग लगातार सुलगती रही। फैक्ट्री में बनते हैं दरवाजे और ब्लैक बोर्ड जानकारी के मुताबिक, शुभम एंटरप्राइजेस में प्लाईवुड, लकड़ी के दरवाजे और ब्लैक बोर्ड बनाए जाते हैं। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी का सामान और ज्वलनशील केमिकल रखा था। इसी वजह से पानी डालने के बाद भी आग पूरी तरह नहीं बुझ पा रही थी। फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दो जेसीबी मशीनों की मदद से फैक्ट्री का हिस्सा तोड़ा गया। इसके बाद लकड़ी को अलग-अलग कर आग बुझाने का काम किया गया। आसपास की फैक्ट्रियों को बचाया गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री के आसपास तीन से चार अन्य फैक्ट्रियां भी मौजूद थीं। आग उन तक न पहुंचे, इसके लिए दमकलकर्मियों ने लगातार पानी डालकर आग को फैलने से रोका। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग बुझाने में करीब 100 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

सागर में शिवरात्रि जुलूस में हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 महीने से था फरार

Sagar जिले के देवरी में शिवरात्रि जुलूस के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी 19 वर्षीय मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। शिव बारात में हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी को देवरी थाना क्षेत्र में शिव बारात निकाली जा रही थी। इसी दौरान जुलूस में तलवार लाने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि मयंक यादव, देव उर्फ देवरा यादव और ओम यादव ने कार्यक्रम के आयोजक अनिल उर्फ अन्ना कोष्टी पर हमला कर दिया। आयोजक पर चाकू से किया हमला हमले के दौरान मयंक यादव ने अनिल पर चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत देवरी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सागर रेफर कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही थी। मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है। शुक्रवार को लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के मुताबिक इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी ओम यादव अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

जबलपुर में किसान को मारी गोली, पुरानी रंजिश में कट्टे से किया हमला

Jabalpur जिले के पाटन थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किसान को गोली मार दी गई। ग्राम खमदेही में खेत जा रहे किसान पर बाइक सवार युवक ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली किसान के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किसान को पहले पाटन स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। खेत जाते समय हुआ हमला जानकारी के अनुसार, खमदेही गांव निवासी धर्मेंद्र रैकवार शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव के बाहर बाइक से पहुंचे रामनारायण पटेल ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आरोपी ने कट्टा निकालकर फायर कर दिया। गोली धर्मेंद्र के पेट में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। छह महीने पुरानी रंजिश गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल किसान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायल धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने पहले रामनारायण के खेत में काम करने वाले कर्मचारियों से उसका विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी गोपेंद्र सिंह बघेल पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला पुरानी दुश्मनी से जुड़ा नजर आ रहा है। टीआई गोपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि धर्मेंद्र खेत जाने से पहले गांव के नए सामुदायिक केंद्र में पानी डालने के लिए रुका था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और मौका मिलते ही गोली चला दी। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
Gwalior Crime News: उधार के पैसे मांगने पर युवक को पेट्रोल डालकर जलाया, 4 महीने बाद दर्ज हुई FIR

Gwalior Crime News: उधार के पैसे मांगने पर युवक को पेट्रोल डालकर जलाया, 4 महीने बाद दर्ज हुई FIR

मध्य प्रदेश के Gwalior से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि उधार दिए गए पैसे वापस मांगने पर एक महिला ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसा युवक करीब चार महीने तक अस्पताल में भर्ती रहा। इलाज के बाद अब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पैसे मांगने पर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, युवक ने महिला को कुछ समय पहले उधार पैसे दिए थे। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने पेट्रोल डालकर युवक को आग के हवाले कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती रहा युवक घटना में युवक बुरी तरह झुलस गया था। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका लंबे समय तक इलाज चला। करीब चार महीने तक अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। अब दर्ज कराई शिकायत इलाज पूरा होने के बाद युवक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जुटी जांच में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। न्याय की उम्मीद चार महीने तक दर्द और इलाज का सामना करने के बाद युवक अब न्याय की उम्मीद कर रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि छोटे विवाद भी कभी-कभी गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
Read more
MP Teachers News: 1.5 लाख शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 1 साल का अतिरिक्त समय

MP Teachers News: 1.5 लाख शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 1 साल का अतिरिक्त समय

MP के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। हालांकि राहत देते हुए कोर्ट ने पात्रता परीक्षा पास करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए आवश्यक योग्यता और पात्रता परीक्षा बेहद जरूरी है। क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा पास नहीं की है। इस मामले को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर TET पास करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में पात्रता परीक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उन्हें राहत देते हुए TET पास करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है। 1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों पर पड़ेगा। अब उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर TET परीक्षा पास करनी होगी। यदि शिक्षक तय समय में पात्रता परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनके भविष्य को लेकर प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। पात्रता परीक्षा से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक आवश्यक शैक्षणिक मानकों को पूरा करते हों। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षक तय समय सीमा के भीतर TET परीक्षा पास कर पाते हैं या नहीं।
Read more
1 … 31 32 33 34 35 … 80

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.