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भोपाल में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: रिटायर्ड महिला जज की बहू ने लगाई फांसी, मायके पक्ष ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रिटायर्ड महिला जज की बहू ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक साल पहले हुई थी शादी मृतका की पहचान 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा के रूप में हुई है। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी और पेशे से वकील सामर्थ शर्मा से हुई थी। परिवार के मुताबिक, ट्विशा का भाई भारतीय सेना में मेजर है। भाई को फोन कर बताई थी परेशानी मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात ट्विशा ने उन्हें फोन किया था। फोन पर वह काफी परेशान लग रही थी। उसने बताया कि पिछले 8 दिनों से उसका पति उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। छोटी-छोटी बातों पर उसका अपमान किया जाता था। भाई के अनुसार, ट्विशा भोपाल छोड़कर वापस मायके आना चाहती थी। उसने नोएडा आने के लिए रिजर्वेशन भी करा लिया था, लेकिन इससे पहले उसकी मौत की खबर आ गई। परिजनों का आरोप है कि फोन पर बात होने के कुछ समय बाद ट्विशा की सास का कॉल आया। उन्होंने बताया कि ट्विशा ने घर में फांसी लगा ली है। इसके बाद परिवार तुरंत भोपाल पहुंचा। नौकरी छोड़ने के बाद बदल गया व्यवहार मेजर हर्षित का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब सामान्य था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार बदल गया। उसे “नाकारा” कहकर ताने दिए जाते थे। परिवार और उसकी परवरिश को लेकर भी अपमानित किया जाता था। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और अपमान की वजह से ट्विशा डिप्रेशन में चली गई थी। प्रेग्नेंसी को लेकर भी था तनाव परिजनों के मुताबिक, मार्च में ट्विशा की अनप्लांड प्रेग्नेंसी हुई थी। परिवार का दावा है कि वह उस समय बच्चे के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन ससुराल पक्ष उस पर बच्चा पैदा करने का दबाव बना रहा था। भाई का आरोप है कि पति इस बात को लेकर भी ताने देता था और यहां तक कहता था कि “बच्चा मेरा नहीं है, इसलिए तुम उसे गिराना चाहती हो।” परिवार का कहना है कि ऐसी बातें ट्विशा को अंदर से तोड़ रही थीं। पुलिस को नहीं मिला सुसाइड नोट पुलिस को घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस कर रही जांच कटारा हिल्स थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। परिवार के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। 👉 भोपाल सहित देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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रतलाम में दर्दनाक हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटा, 15 साल की किशोरी की मौत; 6 लोग घायल

रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सकरावदा गांव में मजदूरों से भरा एक ओवरलोड ऑटो पलट गया। हादसे में 15 साल की एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। 25 से 30 मजदूरों को लेकर जा रहा था ऑटो जानकारी के मुताबिक ऑटो रिक्शा (MP 43 K 2267) ग्राम फूफीरुंडी से मजदूरों को लेकर सैलाना जा रहा था। ऑटो में क्षमता से कहीं ज्यादा, करीब 25 से 30 मजदूर सवार थे। सुबह करीब 7:30 बजे ऑटो सकरावदा के इमली चौक के पास एक मोड़ पर पहुंचा। तेज रफ्तार और ओवरलोड होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और ऑटो पलट गया। ऑटो के नीचे दबने से किशोरी की मौत हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे और ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में फूफीरुंडी निवासी 15 वर्षीय कविता खराड़ी की ऑटो के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। 3 घायलों की हालत गंभीर दुर्घटना में कुल 6 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ को मामूली चोटें आई हैं, जबकि गंभीर रूप से घायल कालीबाई मईड़ा (40) और रेखा खराड़ी (35) का इलाज सैलाना स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। कुछ घायलों को निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। दो दिन पहले ही कटा था 15 हजार का चालान सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि इसी ऑटो पर दो दिन पहले ओवरलोडिंग को लेकर 15 हजार रुपए का चालान किया गया था। इसके बावजूद चालक नियमों की अनदेखी कर क्षमता से ज्यादा लोगों को बैठाकर वाहन चला रहा था। पुलिस ने ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार हो रहे ओवरलोड हादसे क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के कारण हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। इससे पहले 2 मई को भी करीब 50 मजदूरों से भरी बोलेरो खाई में गिर गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हादसों के बाद कुछ दिन कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में फिर से ओवरलोड वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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भोपाल में युवक से मारपीट के बाद तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर देर रात हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Bhopal में युवक से मारपीट के बाद तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर देर रात हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट की घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। देर रात करीब 1 बजे बड़ी संख्या में लोग ताजुल मस्जिद के बाहर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते भीड़ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, युवक के साथ हुई मारपीट से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। जैसे-जैसे घटना की खबर फैली, लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और मामले की जांच की जा रही है। साथ ही, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी घटनाएं भी किस तरह बड़े तनाव का रूप ले लेती हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि दोषियों पर जल्द और सख्त कार्रवाई हो ताकि शहर का माहौल खराब न हो और लोगों का भरोसा बना रहे। फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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PM Modi Appeal

PM मोदी की अपील के बाद मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा फैसला, अब नहीं चलेगा गाड़ियों का लंबा काफिला

देश में बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, तेल संकट और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Vishvas Kailash Sarang ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरकारी दौरे और कार्यक्रमों में गाड़ियों के लंबे काफिले को बंद करने का ऐलान किया है। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आवाहन केवल पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि हम देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री की सलाह को अपनाना हम सभी का दायित्व है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अब उनके साथ जरूरत से ज्यादा वाहन नहीं चलेंगे और वे खुद भी ईंधन की बचत को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अनावश्यक रूप से पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करें। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी का “नया राष्ट्र निर्माण अभियान” है, जो आने वाली पीढ़ियों को विकसित और स्वावलंबी हिंदुस्तान देने की दिशा में उठाया गया कदम है। सारंग ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े महामारी संकट से मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। अब देश आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकटों के बीच आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राजनीतिक गलियारों में मंत्री सारंग के इस फैसले को प्रतीकात्मक लेकिन बड़ा संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश के अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इस तरह के कदम उठा सकते हैं।
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Bhopal

Bhopal Railway Update: पुणे जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, बदले गए कई ट्रेनों के Route

Bhopal से पुणे, मुंबई और दक्षिण भारत की ओर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य रेलवे के दौंड-मनमाड रेलखंड पर चल रहे मेगा ब्लॉक की वजह से भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे ने 8 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि कई एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। यह मेगा ब्लॉक 16 से 18 मई 2026 तक रहेगा, लेकिन इसका असर करीब 5 दिनों तक देखने को मिलेगा। गर्मी की छुट्टियों के बीच अचानक ट्रेनों के रद्द होने से हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोगों को अब अपनी यात्रा की नई प्लानिंग करनी पड़ रही है। क्यों लगाया गया Mega Block? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दौंड-मनमाड सेक्शन में डबल लाइन, सिग्नल अपग्रेड और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा। हालांकि, फिलहाल इस काम की वजह से कई ट्रेनों को कैंसिल और डायवर्ट करना पड़ा है। ये 8 ट्रेनें पूरी तरह रहेंगी Cancel रेलवे ने अलग-अलग तारीखों में चलने वाली कई स्पेशल ट्रेनों को निरस्त किया है। इनमें पुणे, गोरखपुर, दानापुर, झांसी और जबलपुर रूट की ट्रेनें शामिल हैं। कई एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला Route मेगा ब्लॉक के चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनों को दूसरे रास्ते से चलाया जाएगा। इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, बनारस और जम्मू रूट की ट्रेनें शामिल हैं। डायवर्ट होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें: इन ट्रेनों को मनमाड, नाशिक, कल्याण और पनवेल रूट से निकाला जाएगा। ऐसे में कई ट्रेनों के लेट होने की संभावना भी जताई गई है। करीब 50 हजार यात्री होंगे प्रभावित रेलवे के मुताबिक, इस मेगा ब्लॉक से लगभग 50 हजार यात्रियों पर असर पड़ सकता है। गर्मी की छुट्टियों की वजह से पहले ही ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। अब ट्रेनें रद्द होने और रूट बदलने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी कई यात्री जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। कुछ यात्रियों का कहना है कि अचानक मिली इस सूचना से उनकी पूरी ट्रिप प्रभावित हो गई है। यात्रा से पहले जरूर करें ये काम रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में सफर से पहले सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खंडवा में नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस पार्षद ने शुरू किया आमरण अनशन

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की नगर परिषद छनेरा-नया हरसूद में कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस समर्थित वार्ड-10 के पार्षद Arjun Singh Rajput ने अपनी ही पार्टी के नगर परिषद अध्यक्ष Mukesh Sundarlal Verma के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षद अर्जुन सिंह राजपूत ने मंगलवार से एसडीएम कार्यालय हरसूद के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। डेढ़ साल में 24 से ज्यादा शिकायतें पार्षद का आरोप है कि नगर परिषद में निर्माण कार्य, खरीदी, भुगतान और शासकीय राशि के उपयोग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में इस मामले को लेकर वे सीएमओ छनेरा, एसडीएम हरसूद, कलेक्टर खंडवा, नगरीय प्रशासन विभाग इंदौर, मंत्री Vijay Shah, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन और मुख्यमंत्री Mohan Yadav तक 24 से ज्यादा शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फर्जी बिल और घटिया सामग्री के आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सौर ऊर्जा पोल की खरीदी बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत पर की गई। साथ ही पहले से लगे अच्छे बिजली पोल हटाकर घटिया पोल लगाए गए। इसके अलावा वेल्डिंग, रिपेयरिंग, पानी सप्लाई मोटरों की मरम्मत, मुरूम-चूरी सप्लाई और जेसीबी मशीन के उपयोग के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए निकालने का आरोप भी लगाया गया है। पार्षद का कहना है कि मच्छरनाशक छिड़काव और धुआं करने के नाम पर भी भुगतान हुआ, जबकि जमीन पर ऐसा कोई काम नहीं हुआ। निजी कॉलोनियों में सरकारी पैसे से विकास कार्य कराने का आरोप अर्जुन सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष ने अपनी और परिवार से जुड़ी निजी कॉलोनियों में परिषद निधि से सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। जबकि नियमानुसार यह खर्च कॉलोनाइजर को खुद उठाना चाहिए था। दबाव बनाने की कोशिश का आरोप पार्षद ने कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए तो परिषद बैठकों में उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव लाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उनका आरोप है कि अध्यक्ष को प्रशासनिक संरक्षण मिलने के कारण शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही। “अनशन अंतिम लोकतांत्रिक विकल्प” अर्जुन सिंह राजपूत ने कहा कि जनता के हित में आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। जब सभी स्तरों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तब आमरण अनशन ही अंतिम लोकतांत्रिक विकल्प बचा। उन्होंने चेतावनी दी कि अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद अध्यक्ष और प्रशासन की होगी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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उज्जैन में सामाजिक बहिष्कार से परेशान युवक ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में यादव (अहीर) समाज के एक युवक ने समाज के पंचों पर सामाजिक बहिष्कार, अपमान और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित नरेंद्र यादव मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की। न्याय नहीं मिला तो धर्म परिवर्तन की चेतावनी नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और समाज में सम्मानजनक स्थान वापस नहीं मिला, तो वे परिवार सहित धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे। व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ विवाद पीड़ित के अनुसार, विवाद की शुरुआत डॉक्टर विष्णु प्रसाद यादव के यहां आयोजित एक शादी समारोह से हुई। समारोह में समाज की ओर से ₹5100 की जगह ₹11 हजार चंदा और धर्मशाला किराए को लेकर समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में चर्चा चल रही थी। इसी दौरान नरेंद्र यादव ने ग्रुप में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी से गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर राशि वापस कर देनी चाहिए। आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया। फोन पर गाली-गलौज और धमकी के आरोप नरेंद्र यादव का आरोप है कि समाज के एक पंच के भाई ईश्वरलाल यादव ने उन्हें व्हाट्सऐप कॉल कर अपशब्द कहे और समाज छोड़ने तक की बात कही। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने समाज के ग्रुप में भी दी, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। इसके बाद अन्य पदाधिकारियों द्वारा भी फोन पर गाली-गलौज और धमकी दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार को समाज से किया निष्कासित पीड़ित का कहना है कि बिना उनका पक्ष सुने समाज के व्हाट्सऐप ग्रुप में उनके परिवार को समाज से निष्कासित करने का संदेश जारी कर दिया गया। साथ ही गांव के सामाजिक कार्यक्रमों और गतिविधियों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई। एसपी कार्यालय में भी की थी शिकायत नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले एसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में समाज की बैठक हुई, लेकिन उसमें उन्हें बुलाया तक नहीं गया। उनका आरोप है कि समाज की धर्मशाला के किराए और चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का विरोध करने के कारण कुछ प्रभावशाली लोग उनसे नाराज हो गए थे। प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा लगातार मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बहिष्कार से परेशान नरेंद्र यादव ने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन ने शिकायत की जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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MP हाईकोर्ट के जस्टिस साइकिल से पहुंचे कोर्ट, PM मोदी की फ्यूल बचाने की अपील का दिखा असर

प्रधानमंत्री Narendra Modi की फ्यूल बचाने की अपील का असर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस DD Bansal लग्जरी कार छोड़ साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे। उनका वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे हाईकोर्ट जानकारी के मुताबिक, जस्टिस डीडी बंसल सिविल लाइंस स्थित अपने निवास से करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। रास्तेभर लोग उन्हें देखते रहे। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में भी कर्मचारियों और आम लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा। बोले- जज भी चला सकते हैं साइकिल मीडिया से बातचीत में जस्टिस बंसल ने कहा कि यह सोच बिल्कुल गलत है कि हाईकोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए। उन्होंने इसे सिर्फ फ्यूल बचाने का नहीं, बल्कि पर्यावरण और देशहित से जुड़ा कदम बताया। चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा जस्टिस बंसल ने बताया कि वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva से प्रेरित होकर साइकिल चला रहे हैं। उनके इस कदम से प्रेरित होकर हाईकोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से ऑफिस आना शुरू किया है। PM मोदी ने की थी फ्यूल बचाने की अपील दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे ऊर्जा की बचत होगी और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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Bhopal में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक जब्त, न्यू मार्केट में खड़ा मिला वाहन; 211 सिलेंडर बरामद

Bhopal में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक जब्त, न्यू मार्केट में खड़ा मिला वाहन; 211 सिलेंडर बरामद

Bhopal में सुरक्षा नियमों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। न्यू मार्केट इलाके में एक ट्रक में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखे हुए पाए गए, जिसे प्रशासन ने मौके पर ही जब्त कर लिया। ट्रक में कुल 211 गैस सिलेंडर लोड थे, जो बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ खड़े किए गए थे। कैसे हुआ खुलासा? स्थानीय लोगों ने न्यू मार्केट क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा देखा, जिसके बाद इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। जांच के दौरान पाया गया कि ट्रक में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे गए हैं और इसे गोदाम की बजाय खुले इलाके में खड़ा किया गया था। सुरक्षा नियमों की अनदेखी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार: इसी को देखते हुए ट्रक को तुरंत जब्त कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच जारी फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक किसका है और इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडर यहां क्यों लाए गए थे। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों की चिंता घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले न्यू मार्केट जैसे क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही गंभीर हादसे को न्योता दे सकती थी।
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सीहोर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित Maa Gayatri Hospital में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत जानकारी के मुताबिक, मृतका मयूरी राठौर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मयूरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मृतका के पति मनीष राठौर ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने के 5 से 7 मिनट बाद ही मयूरी की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि मयूरी पेशे से एएनएम (ANM) थीं। डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत अस्पताल की डॉक्टर Sujata Parmar ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज का इलाज पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। डॉक्टर के अनुसार, संभव है कि चाय पीने के दौरान कुछ सांस नली में फंस गया हो, जिसकी वजह से तबीयत बिगड़ी हो। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। पुलिस जांच में जुटी अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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IND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच टी-20 क्रिकेट का रोमांच एक बार फिर देखने को मिलेगा। दोनों टीमों के बीच पहला T20 मुकाबला आज, 22 अक्टूबर को खेला जाना है। भारतीय टीम जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदान पर भारत को कड़ी चुनौती देना चाहेगा। इस मुकाबले में सबकी नजरें ईशान किशन पर रहेंगी, जिनके पास महज 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। India vs New Zealand 1st T20: मैच में क्या होगा खास? भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों लिहाज से दिलचस्प रहने की उम्मीद है। भारतीय टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम भी अपने मैदान पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। भारतीय फैंस को उम्मीद होगी कि टीम के बल्लेबाज शुरुआत से ही लय हासिल करें और गेंदबाज विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखें। सीरीज के पहले मुकाबले में जीत हासिल करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा। Ishan Kishan Record: 7 रन बनाते ही रच सकते हैं इतिहास इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा ईशान किशन को लेकर है। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज के पास टी-20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का मौका है। इसके लिए उन्हें सिर्फ 7 रन की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस मामले में भारतीय रिकॉर्ड के धारक हैं। उन्होंने साल 2022 में टी-20 इंटरनेशनल में 1,164 रन बनाए थे। ईशान किशन अगर जरूरी रन बना लेते हैं, तो वह इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं। ईशान के लिए यह सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि टीम के लिए भी अच्छी खबर होगी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारत को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। Team India की नजर जीत से शुरुआत करने पर भारतीय टीम इस मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। ईशान किशन के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। हालांकि, न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यहां तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिल सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर शुरुआत करनी होगी और मौका मिलने पर तेजी से रन बनाने होंगे। New Zealand की टीम भी देगी कड़ी चुनौती न्यूजीलैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है। टीम के पास अनुभवी बल्लेबाज और उपयोगी गेंदबाज हैं, जो भारतीय खिलाड़ियों को परेशानी में डाल सकते हैं। खास तौर पर शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा हो सकती है। मेजबान टीम की कोशिश रहेगी कि वह भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए और मैच में अपनी पकड़ बनाए रखे। ऐसे में मुकाबले का नतीजा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कौन-सी टीम दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करती है। India vs New Zealand 1st T20: कब और कहां देखें मैच? भारत और न्यूजीलैंड के पहले टी-20 मुकाबले से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है: लाइव टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जानकारी के लिए आधिकारिक प्रसारणकर्ता के अपडेट जरूर देखें। अब सबकी नजर ईशान किशन पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले टी-20 मुकाबले में जीत के साथ ईशान किशन के रिकॉर्ड पर भी सबकी नजर रहेगी। अगर वह 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ देते हैं, तो यह उनके करियर की एक खास उपलब्धि होगी। अब देखना होगा कि ईशान इस मौके को कितनी अच्छी तरह भुनाते हैं और भारतीय टीम सीरीज की शुरुआत जीत के साथ कर पाती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
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SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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