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Jabalpur

मध्य प्रदेश का Modern Flyover Jabalpur में, Traffic Jam से मिलेगी राहत और मिलेगा Children Park

मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर (Jabalpur) को आज एक नई सौगात मिली है। यहां Madan Mahal से Damoh Naka तक फैला हुआ राज्य का सबसे बड़ा और मॉडर्न फ्लाईओवर (Flyover) बनकर तैयार हो गया है। यह फ्लाईओवर न सिर्फ ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) से राहत देगा बल्कि इसके नीचे बने Basketball Court, Open Gym और Children Park इसे और खास बना रहे हैं। Jabalpur Flyover की खास बातें Traffic में बड़ा बदलाव पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुंचने में 40–45 मिनट लगते थे। अब इस Flyover के जरिए यह दूरी महज 6–8 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे समय और ईंधन की बचत होगी तथा शहर के व्यापार को नई गति मिलेगी। Flyover के नीचे Sports & Fitness Hub इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि फ्लाईओवर के नीचे लोगों की सेहत और मनोरंजन का भी ध्यान रखा गया है। इससे यह जगह केवल ट्रैफिक समाधान नहीं बल्कि एक सामुदायिक और सामाजिक गतिविधियों का हब भी बन जाएगी। उद्घाटन कब होगा? इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन 23 अगस्त 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहान यादव करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Archana Tiwari

Archana Tiwari Safe: लापता सिविल जज Aspirant 12 दिन बाद मिली GRP ने बरामद

भोपाल, 20 अगस्त 2025: 12 दिन से लापता अर्चना तिवारी (Archana Tiwari), जो कटनी की रहने वाली हैं और एक Law Graduate व Civil Judge Aspirant हैं, आज सुरक्षित भोपाल लौट आई हैं। उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से GRP (Government Railway Police) ने बरामद किया। कैसे हुई लापता Archana Tiwari 7 अगस्त 2025 को इंदौर से कटनी जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रही थीं। बताया गया कि वह रानी कमलापति स्टेशन के पास शौचालय जाने के लिए उठीं और फिर ट्रेन में वापस नहीं लौटीं। इसके बाद उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और पुलिस ने खोजबीन शुरू की। खोजबीन और पुलिस की कार्रवाई बरामदगी और परिवार से मिलना 20 अगस्त को GRP ने अर्चना को लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से बरामद किया और उन्हें भोपाल लाया गया। परिवार से मिलते ही उनके खुशी के पल देखे गए। आगे की जांच पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि Archana Tiwari 12 दिनों के दौरान कहाँ थीं और उनके लापता होने में किसी की भूमिका थी या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal बनेगा Electronics Hub: MP Cabinet ने 371 Cr Cluster, Kaynes Investment और Scholarship को दी मंजूरी

Bhopal । मध्यप्रदेश सरकार ने राजधानी भोपाल को Electronics & Semiconductor Hub बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई MP Cabinet Meeting में कई अहम फैसले लिए गए जिनमें 371.95 करोड़ का Electronics Manufacturing Cluster (EMC), Kaynes Technology का 352 करोड़ का निवेश, Geeta Bhavan Wellness Center और नई Scholarship Schemes शामिल हैं। 371 करोड़ का Electronics Manufacturing Cluster in Bhopal MP Semiconductor Policy 2025 का बड़ा विज़न Kaynes Electronics का 352 Cr Investment Geeta Bhavan Wellness Center & Scholarship मध्यप्रदेश सरकार के ये फैसले राज्य को Electronics Manufacturing और Semiconductor Industry में नई पहचान देंगे। इससे न केवल Industrial Growth और Job Opportunities बढ़ेंगी बल्कि भोपाल को Innovation और Technology Hub बनाने का सपना भी पूरा होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sagar

MP Weather Update: Sagar में मौसम बदलाव, बारिश और ठंड का अलर्ट

Sagar, मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज रात से बादल घिरने लगेंगे और अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तापमान में गिरावट आ सकती है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सागर का वर्तमान मौसम Sagar का मौसम अभी अधिकतर बादलों से ढका हुआ है। तापमान लगभग 29°C (85°F) है। लोग हल्की बारिश और हवाओं में बदलाव के लिए तैयार रहें। आगामी सप्ताह का Sagar Weather Forecast सावधानियाँ मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और जलभराव की संभावना है। लोग घर और वाहनों की सुरक्षा का ध्यान रखें और मौसम अपडेट्स पर नजर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Yadav

CM Mohan Yadav ने PM Modi को मध्य प्रदेश के Farmers & Metro Projects के लिए आमंत्रित किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने 18 अगस्त 2025 को दिल्ली के संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में होने वाले बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना था। मुख्य कार्यक्रम और आमंत्रण: केंद्र और राज्य सरकार का विकास फोकस CM Mohan Yadav ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से मध्य प्रदेश में औद्योगिकीकरण, कृषि और रोजगार सृजन में तेजी आएगी। इन कार्यक्रमों में पीएम की भागीदारी राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मंदिर की दानपेटी चोरी करने वाला आदतन अपराधी गिरफ्तार

सागर। मोतीनगर थाना पुलिस ने चोरी के मामले में आदतन अपराधी दिनेश लडिया (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपी धर्माश्री अंबेडकर वार्ड का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने मंदिर से दानपेटी चोरी करने की वारदात कबूल की है। दानपेटी चोरी की घटना 13 अगस्त को फरियादी अभिनाश तिवारी, निवासी अतिशय होम्स कॉलोनी धर्माश्री सागर, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी के शिव मंदिर की देखभाल पुजारी भगवत प्रसाद अवस्थी करते हैं। पिछली बैठक में तय हुआ था कि दानपेटी में हर माह सभी लोग 200 रुपए डालेंगे। शिकायत के अनुसार, सुबह पूजा के समय दानपेटी मंदिर में थी, लेकिन शाम करीब 6 बजे पुजारी ने देखा कि वह गायब थी। घेराबंदी कर आरोपी पकड़ा गया दानपेटी चोरी की शिकायत पर मोतीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी पर संदिग्ध दिनेश लडिया का नाम सामने आया। गुरुवार को पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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गुना में हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी मकान तोड़फोड़ जारी, वकील ने कहा- सीधी अवमानना

गुना। पंजाबी मोहल्ला स्थित एक दो मंजिला मकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद शुक्रवार को प्रशासन ने तोड़फोड़ जारी रखी। याचिकाकर्ता के वकील का आरोप है कि अधिकारी स्टे आदेश की कॉपी लेने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें आदेश व्हाट्सऐप पर भेजना पड़ा। थोड़ी देर के लिए कार्रवाई रुकी, लेकिन फिर से मकान तोड़ना शुरू कर दिया गया। कहानी विवादित मकान की लाहोटी मार्ग पर बने ‘जग्गी भवन’ के वारिसों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। शशि जग्गी ने अन्य वारिसों – सुनीता, विनीत, दिनेश, राजेश, विजय, ओमप्रकाश और सूरज जग्गी – के खिलाफ गुना कोर्ट में केस दायर किया था। निचली अदालत ने शशि के खिलाफ फैसला देते हुए मकान खाली कराने के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन ने मकान खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। नेता परिवार से सौदा और तोड़फोड़ की रफ्तार जानकारी के मुताबिक, शशि जग्गी को छोड़कर बाकी वारिसों ने यह बेशकीमती संपत्ति शहर के एक चर्चित नेता परिवार को बेच दी, जो जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा है। इसी वजह से खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई में तेजी देखी जा रही है। हाईकोर्ट का आदेश और अवमानना का आरोप शशि जग्गी ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए 13 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने आगामी आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। वकील कुलदीप गुर्जर का कहना है कि आदेश की कॉपी तहसीलदार और नगरपालिका सीएमओ को व्हाट्सऐप की गई थी, लेकिन थोड़ी देर रुकने के बाद भी तोड़फोड़ फिर शुरू हो गई, जो साफ तौर पर हाईकोर्ट की अवमानना है। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में 22 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, पुलिस भर्ती में असफलता बनी वजह?

ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने जहरीला पदार्थ भी खा लिया था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। कमरे में फंदे पर मिली छात्रा मृतका की पहचान शालू तोमर (पुत्री गजेन्द्र सिंह तोमर) के रूप में हुई है, जो चंदनपुरा इलाके में रहती थी और एक रेसलर थी। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब परिजन ने उसे खाने के लिए बुलाया तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर आवाज देने पर भी प्रतिक्रिया न मिलने पर परिजन ने रोशनदान से झांका और देखा कि शालू फांसी के फंदे पर लटकी हुई है। तुरंत दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। फांसी से पहले जहरीला पदार्थ सेवन पुलिस जांच में सामने आया है कि शालू ने फांसी लगाने से पहले कोई जहरीला पदार्थ भी खाया था। अभी तक सुसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। पुलिस भर्ती में असफल रही थी परिजनों के मुताबिक, शालू पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। हाल ही में उसने परीक्षा दी थी, लेकिन असफल होने के बाद वह उदास और चुप रहने लगी थी। संभव है कि यही उसकी आत्महत्या की वजह बनी हो। हजीरा थाना प्रभारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। 📌 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: www.deshharpal.com
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जिले से लेकर शहर तक आजादी का जश्न, जगह-जगह फहराया गया तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल और आसपास के इलाकों में देशभक्ति का माहौल छाया रहा। जिला पंचायत से लेकर नगर निगम, मेट्रो डिपो और वक्फ बोर्ड परिसर तक तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया। जिला पंचायत में ध्वजारोहण जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विनय मेहर, विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर, सीईओ इला तिवारी, संदीप कुमार श्रीवास्तव, आकाश परमार, कमल चंदानी, प्रीति राय और दीपक सूर्यवंशी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। नगर निगम में तिरंगे का सम्मान भोपाल की महापौर मालती राय ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन भी उपस्थित रहे। वहीं, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने माता मंदिर स्थित कार्यालय में तिरंगा फहराया। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का समारोह मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी भी स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने सुभाष नगर स्थित डिपो पर झंडावंदन किया। वक्फ बोर्ड और हमीदिया मदरसा में कार्यक्रम मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड परिसर और भोपाल के ऐतिहासिक मदरसा हमीदिया में अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान काजी मुश्ताक अली नदवी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एम. एजाज खान, सीईओ फरजाना गजाला, अकमल जरदारी, याकूब साहब, इरशाद अंसारी, रमीज कुरैशी और जहरान हसन भी उपस्थित रहे। देशभक्ति के गीतों, राष्ट्रगान और तिरंगे की शान में गूंजते नारों ने पूरे जिले में स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया। ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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CM Mohan Yadav

भोपाल नौका तिरंगा यात्रा CM Mohan Yadav ने Upper Lake में लहराया तिरंगा, Boat Club में गूंजे देशभक्ति गीत

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य आयोजन भोपाल, 14 अगस्त 2025 — स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav ने राजधानी भोपाल के बोट क्लब से भव्य ‘नौका तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत की। यह आयोजन हर घर तिरंगा अभियान के तहत हुआ, जिसमें सीएम यादव ने ऊपरी झील में नौका विहार करते हुए हाथ में तिरंगा लहराकर देशभक्ति और एकता का संदेश दिया। जनसहभागिता और देशभक्ति का जोश इस मौके पर मंत्री विश्वास सारंग समेत कई भाजपा नेता और हज़ारों नागरिक मौजूद रहे। बोट क्लब को तिरंगे झंडों और सजावटी लाइटों से सजाया गया था, वहीं नौकाओं पर देशभक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। नौका तिरंगा यात्रा की खास बातें मुख्यमंत्री का संबोधन कार्यक्रम के दौरान CM Mohan Yadav ने कहा,“मध्य प्रदेश और देश के विकास के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा। आने वाली चुनौतियों का सामना हम तभी कर पाएंगे, जब हम सभी मिलकर एक स्वर में आगे बढ़ेंगे।”उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग देश की सेनाओं की वीरता और बलिदान पर सवाल उठाकर त्योहारों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। हर घर तिरंगा अभियान में उमंग यह नौका तिरंगा यात्रा हर घर तिरंगा मुहिम का अहम हिस्सा है, जिसमें पूरे देश के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, अब तक 5 लाख से अधिक युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। भोपाल का गर्व और एकता का संदेश भोपाल की यह नौका तिरंगा यात्रा न केवल राजधानी के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए देशभक्ति, एकता और गर्व का प्रतीक बन गई है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस अनोखे आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब तिरंगा लहराता है, तो हर भारतीय का दिल एक साथ धड़कता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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