Ethiopia के अफार रीजन में स्थित Hayli Gubbi Volcano ने करीब 12,000 साल बाद अचानक भीषण विस्फोट किया। इस शक्तिशाली इरप्शन से उठी राख और धुएं की परत हवा के साथ यमन–ओमान होते हुए भारत तक पहुंच गई, जिससे पश्चिम और उत्तर भारत के आसमान पर असर पड़ा और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रूट बदलना पड़ा। हजारों साल की शांति के बाद ज्वालामुखी का धमाका वैज्ञानिकों के अनुसार Hayli Gubbi ज्वालामुखी होलोसीन युग (10–12 हजार वर्ष) से शांत था।23 नवंबर 2025 को इसमें अचानक भारी दबाव बना और राख का विशाल बादल 10–15 किमी ऊंचाई तक उठ गया। यह राख सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) से भरपूर थी, जो ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से यात्रा करती है। Ash Cloud भारत कैसे पहुंचा? ज्वालामुखी फटने के बाद राख का बादल यह प्रक्रिया लगभग 24–36 घंटे में पूरी हुई। भारत में प्रभाव: किन राज्यों पर पड़ा असर राख का बादल ऊंचे वायुमंडलीय स्तर पर रहा, लेकिन इसका बड़ा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा। 1. दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा 2. गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र क्या हवा (AQI) पर पड़ेगा असर? IMD के अनुसार— हालांकि, IMD का अपडेट: कब हटेगा Ash Cloud? मौसम विभाग के मुताबिक, हवा की दिशा बदल रही है और राख का बादलमंगलवार शाम 7:30 बजे तक भारत की सीमा से काफी हद तक बाहर निकल जाएगा। उड़ानों को क्यों होता है इतना बड़ा खतरा? इसलिए दुनिया भर में एयरलाइंस राख दिखते ही उड़ानें रोक देती हैं। वैज्ञानिकों के लिए बड़ी खोज हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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