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प्रेस कॉन्फ्रेंस में Benjamin Netanyahu का बड़ा बयान: “मैं जिंदा हूं”, ईरान की लीडरशिप खत्म होने का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Benjamin Netanyahu का बड़ा बयान: “मैं जिंदा हूं”, ईरान की लीडरशिप खत्म होने का दावा

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं जिंदा हूं”, और इसके साथ ही ईरान को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। नेतन्याहू ने दावा किया कि Iran की लीडरशिप अब खत्म हो चुकी है। उनके मुताबिक, अब ईरान दुनिया को ब्लैकमेल करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू का आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे पहले है और इजराइल किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की रक्षा करेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि, दुनिया के कई देश इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran अधिकारियों को देश से निकाला, गैस प्लांट हमले के बाद बढ़ा तनाव

Iran अधिकारियों को देश से निकाला, गैस प्लांट हमले के बाद बढ़ा तनाव

मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कतर ने बड़ा फैसला लेते हुए IRAN के कुछ अधिकारियों को अपने देश से बाहर निकाल दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एक बड़े गैस प्लांट पर हमला हुआ, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। कतर ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तुरंत सख्त कदम उठाया। दूसरी ओर, ईरान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वहां पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में दोषी पाए गए 3 आरोपियों को फांसी दे दी गई है। क्या है पूरा मामला? क्यों बढ़ रहा है तनाव? मिडिल ईस्ट में पहले से ही कई देशों के बीच रिश्ते संवेदनशील हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। इंसानी नजरिए से इन घटनाओं के पीछे सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी जुड़ी होती है।जहां एक तरफ सुरक्षा बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ डर और अनिश्चितता भी बढ़ जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Israel

Iran-Israel Conflict ईरान ने Mossad Spy को दी फांसी, Israel पर Missile Attack से बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। Iran ने हाल ही में दावा किया है कि उसने मोसाद के एक कथित जासूस को फांसी दी है। इस खबर ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों बल्कि आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। जासूसी के आरोप क्या थे? रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस व्यक्ति पर आरोप था कि वह इजराइल (Isreal) की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा था और संवेदनशील सैन्य इलाकों की तस्वीरें व जानकारी भेज रहा था। ईरान का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ एक गंभीर साजिश थी, जिसके चलते उसे कड़ी सजा दी गई। मिसाइल हमलों से क्यों बढ़ी चिंता? इसी बीच, हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब इजराइल (Isreal) के कई शहरों पर मिसाइल हमलों की खबरें सामने आईं। इन हमलों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हर बार की तरह इस बार भी टकराव का असर सीधे लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। Iran-Israel रिश्तों का इतिहास अगर हम इस पूरे घटनाक्रम को समझें, तो यह साफ है कि ईरान और इजराइल के बीच दुश्मनी कोई नई बात नहीं है। जासूसी, साइबर अटैक और प्रॉक्सी वॉर जैसे मुद्दे लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते रहे हैं। क्या बढ़ सकता है बड़ा संघर्ष? हर नई घटना के साथ एक डर भी जुड़ा होता है—क्या यह तनाव किसी बड़े युद्ध में बदल सकता है? विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। लोगों के लिए क्यों अहम है यह खबर? फिलहाल, दुनिया की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। आम लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द शांत हों, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी फिर से सामान्य हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Israel का तेहरान पर एयरस्ट्राइक, LPG और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो जहाज

Israel का तेहरान पर एयरस्ट्राइक, LPG और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो जहाज

ताजा खबर के मुताबिक Israel ने ईरान की राजधानी तेहरान पर एयरस्ट्राइक की है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस बीच भारत के लिए राहत की खबर भी है। आज LPG और कच्चा तेल लेकर दो जहाज भारत पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, यह भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इजराइल-ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Afghanistan

Airstrike in Afghanistan 250 घायल, सैकड़ों की मौत का दावा, तालिबान vs Pakistan विवाद गहराया

अफगानिस्तान (Afghanistan) से आई ताज़ा खबरों ने पूरे क्षेत्र का माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण बना दिया है। तालिबान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने उसके क्षेत्र में एयरस्ट्राइक की, जिसमें भारी जनहानि हुई। शुरुआती दावों के मुताबिक, इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हुई है और 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। नशा मुक्ति केंद्र पर हमले का दावा तालिबान का कहना है कि यह हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं, बल्कि एक नशा मुक्ति केंद्र पर किया गया, जहां आम नागरिक मौजूद थे। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह घटना बेहद गंभीर मानवीय त्रासदी बन सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के बाद का दृश्य बेहद डरावना था—घायल लोगों की चीखें, चारों तरफ मलबा और अपने परिजनों को ढूंढते लोग। Pakistan का क्या कहना है? दूसरी तरफ, पाकिस्तान की ओर से आमतौर पर ऐसे आरोपों को नकारते हुए कहा जाता है कि उसकी कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों के खिलाफ होती है। हालांकि, इस घटना पर अब तक कोई स्पष्ट और विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। Afghanistan-Pakistan संबंधों पर असर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से ही संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। सीमा पार गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से अविश्वास बना हुआ है। ऐसे में यह घटना दोनों देशों के रिश्तों को और बिगाड़ सकती है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकती है। आगे क्या होगा? यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है: फिलहाल, सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए उन देशों से सहयोग मांगा था, जो इस रास्ते का इस्तेमाल तेल के परिवहन के लिए करते हैं। क्यों मांगी गई थी मदद होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने का प्रस्ताव दिया था। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि जो देश इस रास्ते से तेल ले जाते हैं, उन्हें भी इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। जापान का रुख जापान सरकार ने साफ कहा कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले इस मिशन में वॉरशिप नहीं भेजेगा।जापान का मानना है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधि बढ़ाने की बजाय कूटनीतिक बातचीत और शांति बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। जापान अपनी तेल जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर काफी निर्भर है, लेकिन वह अमेरिका और ईरान दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया की भी सतर्कता ऑस्ट्रेलिया ने भी फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने से मना कर दिया है।ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील स्थिति में किसी भी सैन्य कदम पर बहुत सोच-समझकर फैसला लिया जाएगा। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक तेल व्यापार का बेहद अहम रास्ता है।दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है, इसलिए इसकी सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर अमेरिका अभी भी अपने सहयोगी देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद की उम्मीद कर रहा है।हालांकि कई देश मानते हैं कि सैन्य ताकत बढ़ाने से तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए वे संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ट्रंप

Global Oil Market में हलचल ट्रंप को चेतावनी, सप्लाई संकट से बढ़ सकती हैं कीमतें

वैश्विक ऊर्जा बाजार इन दिनों अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। इसी बीच अमेरिका की प्रमुख तेल कंपनियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप Donald Trump को चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा हालात नहीं सुधरे तो दुनिया को एक बड़े Energy Crisis का सामना करना पड़ सकता है। उद्योग से जुड़े शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन की अनिश्चितता ने तेल बाजार को बेहद संवेदनशील बना दिया है। क्यों बढ़ रही है चिंता? तेल उद्योग के विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक सप्लाई पहले से ही दबाव में है। ऐसे में अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है या समुद्री रास्तों पर खतरा पैदा होता है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति पर तुरंत असर पड़ सकता है। खासतौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता जताई जा रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर इस रास्ते पर किसी भी तरह की बाधा आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। बड़ी तेल कंपनियों ने क्या कहा? ऊर्जा सेक्टर की दिग्गज कंपनियां—जैसे ExxonMobil, Chevron और ConocoPhillips—का मानना है कि बाजार में पहले से मौजूद अस्थिरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि वैश्विक स्तर पर स्थिति और बिगड़ती है तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों और उद्योग दोनों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। Energy Market पर संभावित असर तेल की कीमतें सिर्फ ऊर्जा सेक्टर को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर असर डालती हैं। जब ईंधन महंगा होता है, तो परिवहन से लेकर खाद्य पदार्थों तक हर चीज की लागत बढ़ जाती है। यही वजह है कि ऊर्जा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि हालात नहीं सुधरे तो कई देशों में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। समाधान क्या हो सकता है? ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इस संभावित संकट से बचने के लिए सरकारों को कुछ अहम कदम उठाने पड़ सकते हैं। इनमें रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग, वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए ऊर्जा नीति में संतुलन और दूरदर्शी फैसले भी जरूरी माने जा रहे हैं। आगे क्या? दुनिया की नजर अब मध्य-पूर्व की स्थिति और वैश्विक नीति निर्णयों पर टिकी है। आने वाले समय में उठाए गए कदम तय करेंगे कि ऊर्जा बाजार स्थिर रहेगा या फिर दुनिया को एक और बड़े Energy Crisis का सामना करना पड़ेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा सवाल भी है। अगर समय रहते संतुलित फैसले लिए जाते हैं, तो संभावित संकट को टाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iraq

Middle East Crisis Iraq में Missile Attack Saudi Arabia में US Air Force के 5 Aircraft Hit

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल ही में Iraq और Saudi Arabia से आई कई घटनाओं ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला, सऊदी अरब में अमेरिकी विमानों को नुकसान और इराक में सैन्य विमान दुर्घटना—इन तीनों घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। बगदाद में US Embassy पर मिसाइल हमला इराक की राजधानी बगदाद के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई। बताया जा रहा है कि मिसाइल दूतावास परिसर के हेलीपैड के पास गिरी, जिससे वहां आग और धुआँ उठता दिखाई दिया। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बल सक्रिय हो गए और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दूतावास के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुँचा है। यह इलाका आमतौर पर बेहद सुरक्षित माना जाता है, इसलिए इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। Saudi Arabia में 5 American Aircraft को नुकसान इसी बीच सऊदी अरब से भी एक बड़ी खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार वहां एक एयर बेस पर हुए मिसाइल हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए। ये विमान जमीन पर खड़े थे और हमले के दौरान उन्हें नुकसान पहुँचा। हालांकि अभी तक किसी अमेरिकी सैनिक के घायल या मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकते हैं। Iraq में US Military Plane Crash तनाव के बीच इराक से एक और दुखद खबर सामने आई। एक अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश हो गया, जिसमें छह अमेरिकी सैनिकों की मौत होने की जानकारी दी जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई। हालांकि कुछ स्थानीय और ईरान समर्थित समूहों ने दावा किया है कि विमान को मार गिराया गया था। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बढ़ती चिंता और अंतरराष्ट्रीय नजर लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है और क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहते हैं तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल दुनिया भर की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं और सभी देश स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Crude Oil

Russia-US Oil Policy 30 दिन की छूट से बाजार में हलचल, Iran ने Crude Oil Price पर दी बड़ी Warning

ग्लोबल ऑयल मार्केट में बढ़ी हलचल दुनिया के ऊर्जा बाजार में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। इसी बीच United States ने बड़ा फैसला लेते हुए कई देशों को Russia से कच्चा तेल (Crude Oil) खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दे दी है। माना जा रहा है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए उठाया गया है। रूस पर लगे प्रतिबंध और नई राहत रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनका असर तेल व्यापार पर भी पड़ा। कई देशों और कंपनियों के लिए पहले से किए गए सौदों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने सीमित समय के लिए राहत देते हुए 30 दिन की अनुमति दी है, ताकि पुराने समझौते पूरे किए जा सकें। 30 दिन की छूट का क्या मतलब है इस फैसले के बाद जिन देशों या कंपनियों के रूस के साथ पहले से तेल सौदे तय हैं, वे उन्हें 30 दिनों के भीतर पूरा कर सकते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई अचानक कम होने का खतरा कम हो सकता है और कीमतों पर दबाव भी कुछ हद तक नियंत्रित रह सकता है। ईरान की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता इसी बीच Iran ने तेल बाजार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति और कम हुई या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा, तो Crude Oil की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसा हुआ तो कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। आम लोगों पर क्या होगा असर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा के खर्चों पर भी असर पड़ता है। इसलिए तेल बाजार में होने वाला हर बड़ा फैसला आम लोगों की जेब से भी जुड़ा होता है। आगे क्या हो सकता है ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते तेल बाजार के लिए अहम रहेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि 30 दिन की यह राहत वैश्विक बाजार को कितनी स्थिरता दे पाती है और कच्चे तेल की कीमतें आगे किस दिशा में जाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran vs US Aircraft Carrier पर हमले का दावा, Iraq में US Military Plane Crash ने बढ़ाया तनाव

मध्य-पूर्व (Middle East) में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सामने आई दो बड़ी घटनाओं—अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर कथित मिसाइल हमले और इराक में अमेरिकी सैन्य विमान दुर्घटना—ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इन खबरों ने वैश्विक सुरक्षा, सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Aircraft Carrier पर Missile Attack का दावा ईरान (Iran) की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा और उसे ऑपरेशन क्षेत्र से हटाकर वापस भेजा जा रहा है। हालांकि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि USS Abraham Lincoln सुरक्षित है और अपने निर्धारित मिशन पर काम कर रहा है। अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या विश्वसनीय सैन्य स्रोत ने जहाज को भारी नुकसान होने की पुष्टि नहीं की है। Iraq में US Military Plane Crash इसी बीच इराक से भी एक अहम खबर सामने आई है। यहां अमेरिकी एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग मिलिट्री विमान क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह विमान क्षेत्र में चल रहे सैन्य ऑपरेशन से जुड़ा हुआ था। दुर्घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि विमान तकनीकी खराबी के कारण गिरा या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। अमेरिकी सेना ने अभी तक दुर्घटना के कारणों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। Middle East में बढ़ता सैन्य तनाव इन घटनाओं के बीच मध्य-पूर्व का माहौल पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। साथ ही, इसका प्रभाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि Middle East दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। अभी क्या है सच्चाई? फिलहाल स्थिति “दावा बनाम इनकार” की बनी हुई है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इन घटनाओं को लेकर कौन-सी नई जानकारी सामने आती है और Middle East की यह तनावपूर्ण स्थिति किस दिशा में जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tiranga Yatra

NEET Exam Controversy: पेपर लीक मामले पर Maharashtra में Tiranga Yatra

देशभर में NEET Paper Leak विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक रूप भी ले चुका है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महाराष्ट्र में भी आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने छात्रों के समर्थन में मुंबई में संयुक्त Tiranga Yatra निकालने का फैसला किया है। दोनों नेताओं का कहना है कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम रखने के लिए निकाली जा रही है। छात्रों के समर्थन में पहली बार साथ आए उद्धव और राज ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा मौका देखने को मिलेगा जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आएंगे। दोनों नेता 26 जुलाई को मुंबई के शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करेंगे। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं होगा, केवल तिरंगा लेकर लोग शामिल होंगे। नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों ने कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा दी, लेकिन कथित पेपर लीक की खबरों ने उनके विश्वास को झटका दिया है। ऐसे में छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। NEET Paper Leak को लेकर बढ़ा विरोध कथित पेपर लीक मामले के बाद कई राज्यों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जाए। मुंबई में भी बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कई संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना विपक्षी दलों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ का आंदोलन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा लाखों छात्रों के करियर का आधार होती है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कायम रह सके। मुंबई में होने वाली तिरंगा यात्रा को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के समर्थन में उठाई गई बड़ी आवाज के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Monsoon

Monsoon Alert Gujarat में बारिश बनी आफत, Assam Flood से 19 की मौत; कई राज्यों में Warning

लगातार सक्रिय मानसून (Monsoon) ने देश के कई राज्यों में हालात मुश्किल कर दिए हैं। गुजरात में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि असम में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। दोनों राज्यों में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 19 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राहत की बात यह है कि मौसम में सुधार के बाद अमरनाथ यात्रा एक बार फिर शुरू कर दी गई है। Gujarat Rain: लगातार बारिश से बिगड़े हालात, 5 लोगों की मौत गुजरात के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई सड़कें बंद करनी पड़ी हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। Assam Flood: 24 घंटे में 14 लोगों की गई जान असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में लोगों को सुरक्षित रखा गया है, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं। IMD Rain Alert: MP, UP और Rajasthan में भारी बारिश की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। Amarnath Yatra फिर शुरू, श्रद्धालुओं को मिली राहत जम्मू-कश्मीर में मौसम साफ होने के बाद अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है। लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। प्रशासन ने मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दे दी है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, अफवाहों से बचें लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। आने वाले दिनों में मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में जिन इलाकों में पहले से जलभराव की स्थिति है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Commonwealth Games 2026

India First Medal in Commonwealth Games 2026: झंडू कुमार का कमाल, Boxing में जादुमणि की जीत

Commonwealth Games 2026 में भारत का पदकों का इंतजार खत्म हो गया है। भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार (Jhandu Kumar) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पहला Bronze Medal दिलाया। उन्होंने पुरुषों की पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, बॉक्सिंग रिंग से भी अच्छी खबर आई, जहां भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह (Jadumani Singh) ने अपना पहला मुकाबला जीतकर अगले दौर में जगह बना ली। 190 Kg वजन उठाकर रचा इतिहास झंडू कुमार ने प्रतियोगिता के दौरान अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और कांस्य पदक अपने नाम किया। यह केवल उनके करियर की बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि Commonwealth Games 2026 में भारत का पहला मेडल भी है। इस सफलता के साथ भारतीय दल का मनोबल भी काफी बढ़ गया है। संघर्ष से सफलता तक का सफर झंडू कुमार की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। बिहार के रहने वाले झंडू ने आर्थिक तंगी के बीच अपना सपना जिंदा रखा। परिवार की मदद के लिए उन्होंने कभी सब्जियां बेचीं तो कभी ई-रिक्शा चलाया। कठिन हालात के बावजूद उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई। लगातार मेहनत और मजबूत इरादों का नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी प्रतिभा को नहीं रोक सकती। यही वजह है कि उनकी जीत को सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि संघर्ष और हौसले की जीत भी माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई झंडू कुमार की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने झंडू के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता लाखों युवाओं को अपने सपनों के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देगी। Boxing में भी भारत की मजबूत शुरुआत पैरा पावरलिफ्टिंग के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम ने भी शानदार शुरुआत की। मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने अपने पहले मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। उनकी जीत से भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। अब इन खेलों पर रहेगी नजर भारत की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है। आने वाले दिनों में कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग जैसी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों से कई और पदकों की उम्मीद की जा रही है। यदि शुरुआती प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो भारत इस बार भी पदक तालिका में मजबूत स्थिति बना सकता है। Commonwealth Games 2026 का पहला पदक जीतकर झंडू कुमार ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। वहीं, जादुमणि सिंह की जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
अभिजीत दीपके

CJP Protest अभिजीत दीपके को Typhoid, Jantar Mantar पर बढ़ी Security; आज सरकार देगी जवाब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच पार्टी) का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच शनिवार को दो बड़ी घटनाओं ने सबका ध्यान खींचा। एक तरफ आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेता अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब सभी की नजर सरकार के उस जवाब पर है, जिसका इंतजार प्रदर्शनकारी कई दिनों से कर रहे हैं। अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी आंदोलन के दौरान लगातार सक्रिय रहने वाले CJP नेता अभिजीत दीपके की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि की है। फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। हालांकि, पार्टी के नेताओं का कहना है कि दीपके की गैरमौजूदगी के बावजूद आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। संगठन का दावा है कि उनकी मुख्य मांगों पर फैसला होने तक प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा। Jantar Mantar पर बढ़ाई गई Security प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर आज सरकार का जवाब संभव CJP की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। बीते कुछ दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत मिलने की बात सामने आई, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों के अनुसार, आज सरकार इस मामले में अपना आधिकारिक पक्ष रख सकती है। यदि कोई ठोस घोषणा होती है, तो आंदोलन की आगे की रणनीति भी उसी के आधार पर तय होगी। क्या है पूरा विवाद? CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आज का दिन इस पूरे आंदोलन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का जवाब और प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति तय करेगी कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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