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Arunachal

China ने बदले नाम तो India ने उठाया बड़ा कदम, Arunachal की 27 जगहें Map पर होंगी अलग

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को मैप पर अलग तरीके से प्रदर्शित करने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब चीन कई बार भारतीय क्षेत्र के स्थानों के नाम बदलने की कोशिश कर चुका है। भारत ने साफ किया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है और किसी दूसरे देश की ओर से वहां के स्थानों के नाम बदलने से जमीनी स्थिति या भारत के अधिकार में कोई बदलाव नहीं होता। 27 जगहों को Map पर अलग दिखाने का फैसला केंद्र के फैसले के तहत अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को मानचित्र पर अलग पहचान के साथ दिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों की प्रशासनिक और भौगोलिक पहचान को स्पष्ट रखना है। सरकार का यह कदम चीन की उस रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जिसके तहत वह अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के लिए अपने हिसाब से नाम जारी करता रहा है। भारत पहले भी चीन की ऐसी कोशिशों को खारिज करता रहा है। China कई बार बदल चुका है नाम अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से नाम बदलने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। चीन समय-समय पर राज्य के अलग-अलग स्थानों के लिए नए नामों की सूची जारी करता रहा है। चीन इन इलाकों को अपने नक्शे में अलग तरीके से पेश करता है और इन्हें दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताने का दावा करता है। भारत ने हर बार इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। भारतीय पक्ष का कहना रहा है कि केवल नाम बदल देने से किसी क्षेत्र पर दावा मजबूत नहीं हो जाता। भारत का रुख साफ, Arunachal Pradesh भारत का हिस्सा अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर का महत्वपूर्ण राज्य है। चीन के साथ इसकी लंबी सीमा लगती है, जिसके कारण यह इलाका रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि Arunachal Pradesh भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। राज्य के किसी भी इलाके के नाम में बाहरी स्तर पर बदलाव को भारत स्वीकार नहीं करता। केंद्र का ताजा कदम भी इसी रुख को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। नाम बदलने से नहीं बदलती जमीन की हकीकत किसी जगह का नाम बदलना या उसे किसी दूसरे नाम से नक्शे में दिखाना एक राजनीतिक संदेश जरूर हो सकता है, लेकिन इससे उस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति अपने आप नहीं बदलती। भारत की ओर से चीन की ऐसी गतिविधियों पर पहले भी कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर किए जाने वाले इस तरह के प्रयास वास्तविकता को बदल नहीं सकते। यही वजह है कि 27 स्थानों को भारतीय मानचित्र पर स्पष्ट पहचान देने के फैसले को सिर्फ नक्शे से जुड़ा कदम नहीं, बल्कि एक स्पष्ट diplomatic message के तौर पर भी देखा जा रहा है। Border Areas पर भारत की नजर भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद लंबे समय से बना हुआ है। ऐसे में सीमा से लगे इलाकों की प्रशासनिक मौजूदगी, बुनियादी ढांचे और भौगोलिक पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों में सड़क, संचार और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने पर भी पिछले कुछ वर्षों में जोर दिया गया है। 27 स्थानों को Map पर अलग पहचान देने का फैसला इसी व्यापक रणनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। China को भारत का स्पष्ट संदेश केंद्र के इस फैसले से एक बात साफ है—अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करने वाला है। चीन अगर किसी भारतीय क्षेत्र के नाम बदलता है तो भारत उसे स्वीकार नहीं करता। आखिरकार नक्शे पर लिखे नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण उस क्षेत्र की वास्तविक प्रशासनिक स्थिति और वहां की जमीन पर मौजूद हकीकत होती है। अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत इसी आधार पर लगातार अपना पक्ष मजबूती से रखता आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IIT Delhi

IIT Delhi में PM Modi का बड़ा संदेश: Degree के साथ Dreams और जिम्मेदारी लेकर निकलें छात्र

IIT Delhi का दीक्षांत समारोह इस बार छात्रों के लिए सिर्फ डिग्री लेने का अवसर नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह में युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों का एहसास कराया और कहा कि वे संस्थान से केवल डिग्री लेकर नहीं, बल्कि बड़े सपने और उन्हें पूरा करने का हौसला लेकर बाहर निकल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक, रिसर्च और Innovation को लेकर भारत की बढ़ती ताकत की झलक देखने को मिली। ‘डिग्री के साथ सपने भी लेकर निकलें’ छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में पढ़ाई करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान को देश की जरूरतों से जोड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि युवा अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखें। उनके पास नई सोच, तकनीकी समझ और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। ऐसे में देश को उनसे बड़े योगदान की उम्मीद है। मेधावी छात्रों को मिला सम्मान दीक्षांत समारोह में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडल प्रदान किए। जब छात्रों को मंच पर सम्मान मिला तो उनके चेहरों पर वर्षों की मेहनत की खुशी साफ दिखाई दी। पीएम मोदी ने विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने माना कि किसी छात्र की सफलता के पीछे उसकी अपनी मेहनत के साथ परिवार और शिक्षकों का योगदान भी अहम होता है। PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी रहा। भारत में High Performance Computing और आधुनिक तकनीक की क्षमता बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Supercomputer जैसी तकनीक का इस्तेमाल जटिल वैज्ञानिक गणनाओं, Research, Artificial Intelligence और कई दूसरे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इससे देश में अत्याधुनिक रिसर्च और Innovation को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। युवाओं पर भरोसा, देश के भविष्य पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहें और नई तकनीक को केवल करियर बनाने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान के तौर पर भी देखें। उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से Technology और Innovation के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में IIT से निकलने वाले युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। IIT Delhi का समारोह क्यों रहा खास? IIT दिल्ली का यह समारोह दो वजहों से खास रहा। एक तरफ देश के होनहार विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान मिला, वहीं दूसरी तरफ PARAM Pragya Supercomputer के उद्घाटन ने भारत की बढ़ती Computing और Research क्षमता को सामने रखा। प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों के लिए संदेश भी इसी दिशा में रहा—सफलता केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। असली पहचान इस बात से बनेगी कि युवा अपने ज्ञान, सपनों और तकनीकी क्षमता से देश और समाज के लिए क्या करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rishabh Pant

Rishabh Pant की खास इच्छा: Uttarakhand में बनाना चाहते हैं अपना घर, CM Dhami ने दिया भरोसा

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) इन दिनों अपने क्रिकेट को लेकर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में अपना घर बनाने की इच्छा को लेकर भी चर्चा में हैं। पंत ने आधी रात को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से मदद की अपील की। उनकी इस गुहार पर मुख्यमंत्री ने भी सकारात्मक जवाब देते हुए भरोसा दिलाया। पंत लंबे समय से उत्तराखंड में जमीन खरीदकर अपना घर बनाना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब तीन साल से इसके लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी तलाश पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से मदद मांगी। आधी रात को CM Dhami से की अपील ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी परेशानी बताई। उन्होंने उत्तराखंड में जमीन खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए इस प्रक्रिया में सहयोग मांगा। पंत की अपील में सबसे खास बात यह रही कि वह अपने लिए किसी तरह की मुफ्त जमीन नहीं मांग रहे हैं। उनकी इच्छा नियमों के तहत जमीन खरीदकर वहां अपना घर बनाने की है। Delhi से Uttarakhand शिफ्ट करना चाहते हैं पंत ऋषभ पंत का उत्तराखंड से रिश्ता बेहद खास है। उनका जन्म हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ और उन्होंने अपने जीवन का शुरुआती हिस्सा इसी क्षेत्र में बिताया। क्रिकेट में बड़ी पहचान बनाने के बाद भी उनका अपने राज्य से जुड़ाव लगातार बना हुआ है। अब पंत चाहते हैं कि उत्तराखंड में उनका अपना घर हो और आने वाले समय में वह अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट कर सकें। उनके लिए यह सिर्फ जमीन खरीदने का मामला नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों के करीब लौटने की एक व्यक्तिगत इच्छा भी है। CM Pushkar Dhami ने दिया भरोसा पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने क्रिकेटर को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या को देखा जाएगा और जरूरी सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद पंत की यह अपील चर्चा में आ गई। सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट फैंस इसे पंत के उत्तराखंड से जुड़ाव के तौर पर देख रहे हैं। तीन साल से चल रही है जमीन की तलाश रिपोर्ट्स के अनुसार, पंत पिछले करीब तीन वर्षों से उत्तराखंड में अपने घर के लिए उपयुक्त जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, जमीन खरीदने से जुड़ी प्रक्रिया और दूसरी व्यावहारिक परेशानियों के कारण उनकी योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से उन्होंने अब मुख्यमंत्री से मदद की उम्मीद जताई है। अगर पंत की यह योजना पूरी होती है तो क्रिकेट के मैदान से दूर अपने hometown में उनका नया ठिकाना बनना उनके लिए भावनात्मक रूप से भी खास पल होगा। उत्तराखंड से पंत का पुराना नाता ऋषभ पंत ने कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता हासिल करने के बाद वह देश के प्रमुख क्रिकेट सितारों में शामिल हो गए। बावजूद इसके, उत्तराखंड से उनका लगाव कम नहीं हुआ। अब उनका उत्तराखंड में अपना घर बनाने का सपना इसी रिश्ते को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद उम्मीद है कि जमीन से जुड़ी उनकी परेशानी जल्द दूर हो सकती है। फिलहाल ऋषभ पंत की इस आधी रात वाली अपील ने क्रिकेट के साथ-साथ उनके निजी जीवन और उत्तराखंड से जुड़ाव को भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tharoor

RSS और Hindu Rashtra पर Tharoor की दो टूक, बोले- विचारधारा नहीं बदली, लेकिन संकेत अलग

कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को लेकर बड़ा बयान दिया है। थरूर का कहना है कि संघ के मूल विचार और उसका हिंदू राष्ट्र से जुड़ा लक्ष्य अब भी कायम है। हालांकि, उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को संगठन के रुख में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखा है। थरूर के मुताबिक, RSS लंबे समय से भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने की बात करता रहा है। उनके अनुसार संगठन की वैचारिक दिशा को पूरी तरह बदला हुआ मानना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, मोहन भागवत के कुछ हालिया बयानों से यह जरूर संकेत मिलता है कि संघ अपने विचारों को मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से नए तरीके से पेश कर रहा है। RSS की विचारधारा पर क्या बोले थरूर? शशि थरूर ने RSS की विचारधारा पर बात करते हुए कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य समझना जरूरी है। उनके अनुसार, संघ की विचारधारा में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। थरूर का मानना है कि किसी संगठन की विचारधारा में बदलाव केवल बयानों से तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए उसके लंबे समय के काम, नीतियों और सार्वजनिक रुख को भी देखना पड़ता है। Bhagwat के बयान को क्यों माना बदलाव का संकेत? RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। थरूर ने भी माना कि भागवत की ओर से दिए गए कुछ संदेशों को बदलाव की दिशा में संकेत के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि RSS ने अपनी मूल विचारधारा पूरी तरह बदल ली है। थरूर के बयान का मुख्य संदेश यही है कि संगठन की वैचारिक नींव और उसके मौजूदा सार्वजनिक रुख के बीच अंतर को समझने की जरूरत है। Hindu Rashtra का मुद्दा फिर चर्चा में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अवधारणा RSS और उससे जुड़े राजनीतिक विमर्श में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं के विचार भी अलग रहे हैं। थरूर के ताजा बयान ने एक बार फिर इस बहस को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ RSS के पुराने वैचारिक रुख की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर भागवत के हालिया बयानों को बदलते समय के साथ संगठन की भाषा में आए बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। बयान के राजनीतिक मायने क्या हैं? शशि थरूर का बयान ऐसे समय आया है जब RSS की भूमिका और उसकी विचारधारा को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। थरूर ने एक ओर संघ के पुराने वैचारिक लक्ष्य की ओर इशारा किया, तो दूसरी ओर भागवत के बयानों में दिखाई दे रहे बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं किया। कुल मिलाकर, थरूर का रुख यह बताता है कि RSS की विचारधारा को समझने के लिए केवल पुराने बयानों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। संगठन के मौजूदा बयानों और उसके भविष्य के रुख पर भी नजर रखनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chamba

Chamba में दर्दनाक हादसा: चालुज मोड़ पर पलटी Private Bus, 7 की मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा (Chamba) जिले से शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास यात्रियों से भरी एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंच गए। बैरागढ़ से चंबा जा रही थी Bus मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए निकली थी। बस कुछ दूरी ही तय कर पाई थी कि देवीकोठी के पास चालुज मोड़ पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बस सड़क से नीचे जा गिरी और दूसरी सड़क के पास जाकर पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि बस में करीब 18 लोग सवार थे। हादसे में 7 लोगों की मौत दुर्घटना में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 7 लोगों की जान चली गई। वहीं 11 यात्री घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय लोगों और राहत-बचाव टीम की मदद से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पहाड़ी इलाका और सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने पहुंचकर की मदद हादसे की आवाज और जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने पुलिस और बचाव दल के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों तक जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, वहां भी मातम छा गया। Chamba Bus Accident की वजह क्या थी? फिलहाल दुर्घटना की सटीक वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती जानकारी में बस के अनियंत्रित होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा चालक की गलती, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से हुआ, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पहाड़ी इलाकों में घुमावदार सड़कें और अचानक आने वाले तीखे मोड़ वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। ऐसे में चंबा का यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर Road Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हादसे के बाद इलाके में मातम चालुज मोड़ के पास हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनके लिए यह सुबह जिंदगी भर की एक दर्दनाक याद बन गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव के साथ-साथ हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल हादसे में 7 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: अमरनाथ यात्रा रोकी गई, Delhi-NCR में जाम; Bihar के बगहा में 300 घर डूबे

देश के कई हिस्सों में बारिश (Heavy Rain) ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें पानी में डूब गईं तो कहीं पहाड़ों पर लैंडस्लाइड ने रास्तों को प्रभावित किया। खराब मौसम का असर Amarnath Yatra पर भी पड़ा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जम्मू में यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। दूसरी ओर, Delhi-NCR में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हुआ और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बिहार के बगहा में हालात और चिंताजनक हैं, जहां करीब 300 घर पानी में डूबने की खबर है। Amarnath Yatra पर बारिश का असर, जम्मू में रोकी गई यात्रा जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई है। बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ने के चलते प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। यात्रा को जम्मू में अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है। रास्तों की स्थिति और मौसम का जायजा लेने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल मौसम की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी है। Delhi-NCR में बारिश से सड़कें हुईं जलमग्न दिल्ली और NCR के कई हिस्सों में बारिश के बाद रोजमर्रा की जिंदगी की रफ्तार धीमी पड़ गई। कुछ प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई जगह गाड़ियां पानी में फंस गईं और ट्रैफिक की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बारिश के दौरान ऑफिस और जरूरी काम से निकले लोगों को जाम में काफी समय बिताना पड़ा। जलभराव वाले इलाकों में वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए, जिससे कई मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ गया। Bihar के Bagaha में 300 घर पानी में डूबे बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां करीब 300 घरों के पानी में डूबने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बगहा के निचले इलाकों में पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ से मैदान तक बारिश का असर लगातार बारिश का असर सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर में जहां लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने का खतरा बना हुआ है, वहीं दिल्ली-NCR में जलभराव और Traffic Jam लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बिहार में पानी बढ़ने से ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के इस दौर में सबसे बड़ी चुनौती लोगों की सुरक्षा और आवागमन को सामान्य बनाए रखना है। प्रशासन की नजर मौसम और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है। लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। Weather को लेकर सतर्क रहने की जरूरत मौसम का मिजाज बदलने के साथ आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। वहीं जलभराव वाले इलाकों में वाहन लेकर निकलने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। फिलहाल अमरनाथ यात्रा, Delhi-NCR का Traffic और बिहार के बगहा में जलभराव—तीनों जगह बारिश ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब सभी की नजर मौसम के अगले अपडेट और प्रशासन की तैयारियों पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amritsar

Punjab में बड़ी कार्रवाई: Amritsar से Petrol Bomb-Pistols बरामद, 9 Arrested

Punjab के Amritsar में पुलिस ने एक कथित आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पेट्रोल बम और पिस्तौल की खेप बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान को लेकर जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। Amritsar में बड़ी कार्रवाई, 9 लोग गिरफ्तार Amritsar में हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से पेट्रोल बम और पिस्तौल बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में मामले के आतंकी साजिश से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार और पेट्रोल बम कहां से लाए गए थे और इन्हें किस मकसद से इस्तेमाल किया जाना था। साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के आपसी संबंध और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। आतंकी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एजेंसियां इस मामले में जांच का दायरा अब केवल अमृतसर तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने में जुटी हैं कि उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी अहम मानी जा रही है। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस मामले का संबंध किसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन या अन्य आपराधिक नेटवर्क से है। पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पेट्रोल बम और हथियारों की बरामदगी के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। खासकर सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि मामले से जुड़े हर व्यक्ति और संभावित संपर्क की पहचान जल्द की जाए। फिलहाल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर इस कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े और भी खुलासे सामने आ सकते हैं। Amritsar Terror Module Case में आगे क्या? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेट्रोल बम और पिस्तौल किस उद्देश्य से जुटाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। फिलहाल 9 गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी को बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

America में Birth Tourism पर Trump का बड़ा Action, Birthright Citizenship पर सख्ती

अमेरिका (America) में Birth Tourism को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है। Trump प्रशासन ने अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के मकसद से होने वाली यात्राओं पर शिकंजा कसने के लिए नए Executive Orders जारी किए हैं। इसके साथ ही Birthright Citizenship को लेकर भी सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। इस फैसले के बाद उन विदेशी परिवारों के बीच चिंता बढ़ सकती है, जो बच्चे के जन्म के लिए अमेरिका जाने की योजना बनाते हैं। हालांकि, एक बात साफ समझना जरूरी है कि अमेरिका में पैदा होने वाले हर विदेशी बच्चे की नागरिकता खत्म नहीं की गई है। Birth Tourism क्या है? सबसे पहले समझते हैं कि आखिर Birth Tourism होता क्या है। जब कोई विदेशी महिला या परिवार मुख्य रूप से बच्चे के जन्म के लिए अमेरिका की यात्रा करता है और बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिलने की उम्मीद रखता है, तो इसे Birth Tourism कहा जाता है। America में जन्म के आधार पर नागरिकता का नियम लंबे समय से लागू रहा है। इसी वजह से कई विदेशी परिवार अमेरिका में बच्चे के जन्म को लेकर योजनाएं बनाते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। Trump ने Birth Tourism पर क्यों कसा शिकंजा? राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से Birthright Citizenship की मौजूदा व्यवस्था के आलोचक रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका की नागरिकता को इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए कि कोई व्यक्ति सिर्फ बच्चे के जन्म के जरिए भविष्य में अमेरिकी नागरिकता से जुड़े फायदे हासिल कर सके। नए आदेशों के जरिए प्रशासन ने Birth Tourism से जुड़े मामलों में वीजा प्रक्रिया और जांच को सख्त करने की दिशा में कदम उठाया है। सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकता की अहमियत और उसकी कानूनी स्थिति को मजबूत करना है। क्या अब विदेशी माता-पिता के बच्चे को अमेरिकी Citizenship नहीं मिलेगी? यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे सामने आ सकते हैं, लेकिन तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। नए फैसले का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका में पैदा होने वाले हर विदेशी माता-पिता के बच्चे को अब नागरिकता नहीं मिलेगी। प्रशासन का कदम खास परिस्थितियों और कुछ विशेष मामलों पर केंद्रित है। इसलिए यह कहना कि “अब अमेरिका में पैदा होने वाले किसी भी विदेशी बच्चे को Citizenship नहीं मिलेगी”, पूरी तरह सही तस्वीर पेश नहीं करता। पहले भी Birthright Citizenship पर Trump ने उठाए सवाल Birthright Citizenship को लेकर ट्रंप का रुख नया नहीं है। वह पहले भी अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता की व्यवस्था में बदलाव की बात करते रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की ओर से पहले भी इस दिशा में कदम उठाए गए थे। लेकिन मामला अदालतों तक पहुंच गया और इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। अब नए Executive Orders के जरिए प्रशासन ने Birth Tourism और नागरिकता से जुड़े कुछ विशेष मामलों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। Supreme Court की भूमिका भी अहम Birthright Citizenship को लेकर अमेरिका में पहले से ही कानूनी विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों के बाद ट्रंप प्रशासन को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है। यही वजह है कि नए आदेशों को लेकर भी अदालतों में चुनौती की संभावना जताई जा रही है। नागरिक अधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अदालतें इन नए कदमों को किस तरह देखती हैं। भारतीय परिवारों पर भी पड़ सकता है असर अमेरिका में बच्चे के जन्म से जुड़े मामलों में भारतीय परिवार भी इस बदलाव को लेकर सतर्क रहेंगे। खासकर वे लोग जो Pregnancy के दौरान अमेरिका की यात्रा करने की योजना बनाते हैं। अब यात्रा का उद्देश्य, Visa प्रक्रिया और अमेरिकी अधिकारियों की जांच पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी भी परिवार पर इसका वास्तविक असर उसकी व्यक्तिगत परिस्थितियों और लागू अमेरिकी नियमों पर निर्भर करेगा। आगे क्या होगा? फिलहाल Trump administration ने Birth Tourism के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर दिया है। लेकिन इस नीति की अंतिम कानूनी स्थिति अदालतों के फैसलों पर निर्भर करेगी। यानी मामला सिर्फ एक Executive Order तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों में US Courts, Immigration Policy और Birthright Citizenship को लेकर बड़ी कानूनी और राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है। सीधी बात यह है कि अमेरिका ने Birth Tourism पर सख्ती बढ़ा दी है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि अब अमेरिका में जन्म लेने वाले हर विदेशी बच्चे की अमेरिकी Citizenship खत्म हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRCTC

IRCTC New Beta Website: Tatkal Ticket Booking होगी फटाफट, पहले कर लें ये 2 काम

Tatkal Ticket Booking करते समय सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सीटें भर जाती हैं। ऐसे में वेबसाइट का तेज चलना और पहले से तैयारी होना बेहद जरूरी हो जाता है। यात्रियों की इसी परेशानी को देखते हुए IRCTC ने अपनी नई Beta Website में कई बदलाव किए हैं। नए प्लेटफॉर्म को पहले के मुकाबले आसान और तेज बनाया गया है, ताकि टिकट बुक करते समय यात्रियों को कम परेशानी हो। अगर आप भी अक्सर Tatkal में टिकट बुक करते हैं, तो नई वेबसाइट के साथ कुछ जरूरी तैयारियां पहले से कर लेना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। IRCTC की नई Beta Website में क्या खास है? नई Beta Website को पुराने प्लेटफॉर्म की तुलना में ज्यादा user-friendly बनाने की कोशिश की गई है। टिकट खोजने से लेकर seat availability देखने और booking तक की प्रक्रिया को सरल किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tatkal booking शुरू होने के शुरुआती तीन मिनट में नए प्लेटफॉर्म पर booking success rate में करीब 5 फीसदी का सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर यात्री को confirmed ticket मिल जाएगा। Tatkal में सीटें सीमित होती हैं और एक साथ बड़ी संख्या में लोग बुकिंग करते हैं। नई वेबसाइट में single-screen seat availability, कम booking steps और कम CAPTCHA जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इससे खासकर peak booking time में यात्रियों का समय बच सकता है। Tatkal Ticket Booking से पहले कर लें ये 2 काम 1. Aadhaar Authentication पहले ही पूरा कर लें अगर आप IRCTC से online Tatkal ticket book करते हैं, तो सबसे पहले अपने account का Aadhaar authentication पूरा कर लेना जरूरी है। रेलवे के नियमों के अनुसार online Tatkal booking के लिए Aadhaar-authenticated user होना जरूरी है। Booking के दौरान Aadhaar-based OTP authentication की व्यवस्था भी लागू है। इसलिए Tatkal खुलने के समय Aadhaar verification करने के बजाय यह काम पहले ही पूरा कर लें। इससे booking के दौरान एक जरूरी step कम हो जाएगा और समय बचाने में मदद मिलेगी। 2. Passenger Details और Payment की तैयारी पहले करें Tatkal booking में हर सेकेंड मायने रखता है। इसलिए passenger details को आखिरी समय पर भरने के बजाय पहले से तैयार रखना समझदारी है। IRCTC की Master List सुविधा का इस्तेमाल करके यात्रियों की जरूरी जानकारी पहले से सेव की जा सकती है। इसके अलावा payment के लिए जिस माध्यम का इस्तेमाल करना है, उसे भी पहले से तैयार रखें। इस छोटी सी तैयारी का फायदा यह है कि Tatkal booking शुरू होने के बाद आपको बार-बार details भरने में समय नहीं गंवाना पड़ेगा। Tatkal Booking का Timing याद रखें Tatkal टिकट सामान्य तौर पर यात्रा की तारीख से एक दिन पहले बुक किए जाते हैं। यानी अगर आपको Tatkal ticket चाहिए तो booking शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही IRCTC account में login करके तैयार रहना बेहतर है। Agents को लेकर भी है खास नियम रेलवे ने Tatkal booking में आम यात्रियों को बेहतर मौका देने के लिए authorized agents पर भी शुरुआती समय में रोक लगाई है। नियमों के अनुसार agents को Tatkal booking खुलने के पहले 30 मिनट के दौरान opening-day Tatkal tickets बुक करने की अनुमति नहीं होती। AC और Non-AC दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग booking opening time के हिसाब से यह व्यवस्था लागू होती है। क्या नई IRCTC Website से Confirm Ticket पक्का मिलेगा? यह सवाल सबसे ज्यादा यात्रियों के मन में होगा। इसका सीधा जवाब है—नहीं। नई Beta Website का मकसद booking process को तेज और आसान बनाना है। लेकिन confirmed ticket मिलना सीटों की उपलब्धता और उस समय booking करने वाले यात्रियों की संख्या पर निर्भर करता है। अगर किसी ट्रेन में Tatkal quota की सीटें कम हैं और मांग ज्यादा है, तो नई वेबसाइट होने के बावजूद टिकट जल्दी खत्म हो सकते हैं। Tatkal Ticket के लिए ये छोटी तैयारी आएगी काम अगर आप चाहते हैं कि Tatkal booking के दौरान समय कम से कम बर्बाद हो, तो इन बातों का ध्यान रखें: यात्रियों के लिए नई Website कितनी फायदेमंद? IRCTC की नई Beta Website निश्चित तौर पर Tatkal booking experience को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है। कम steps और आसान interface से यात्रियों को booking के दौरान कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन Tatkal में सिर्फ वेबसाइट की speed ही सबकुछ नहीं है। समय पर login, Aadhaar authentication, passenger details और payment की तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। ऐसे में अगर आपको अक्सर Tatkal ticket book करना पड़ता है, तो नई वेबसाइट का इस्तेमाल करने से पहले ये दो काम जरूर कर लें—Aadhaar authentication पूरा करें और passenger/payment details तैयार रखें। इससे booking शुरू होते ही आपका पूरा ध्यान टिकट बुक करने पर रहेगा, न कि details भरने में। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jharkhand

Jharkhand में Students का Protest तेज, CM Hemant Soren बोले- बातचीत को तैयार

झारखंड (Jharkhand) में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़क से सरकार के दरवाजे तक पहुंच चुका है। JPSC और JSSC से जुड़ी मांगों को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने की इच्छा जताई है। हालांकि, बातचीत से पहले ही छात्र प्रतिनिधिमंडल को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है। बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया गया है। लेकिन इस प्रतिनिधिमंडल में राज्य के पूर्व महाधिवक्ता के शामिल होने पर मुख्यमंत्री की ओर से आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में लंबे समय से चल रहे Student Protest के बीच अब बातचीत की प्रक्रिया भी चर्चा में आ गई है। छात्रों से बातचीत के लिए तैयार सरकार छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बातचीत की पहल को अहम माना जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, प्रक्रिया से जुड़े सवालों और अभ्यर्थियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। 11 सदस्यीय Delegation पर क्यों उठी आपत्ति? सरकार से बातचीत के लिए छात्रों ने 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें पूर्व महाधिवक्ता के शामिल होने को लेकर मुख्यमंत्री की आपत्ति सामने आई है। यही मुद्दा अब बातचीत से पहले चर्चा का कारण बन गया है। छात्रों की तरफ से प्रतिनिधिमंडल को लेकर क्या अंतिम फैसला होता है और सरकार किन लोगों से बातचीत करती है, इस पर सभी की नजर है। अनशनकारी छात्र की तबीयत बिगड़ी, Hospital में भर्ती इधर, आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर भी सामने आई है। अनशन पर बैठे एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि छात्र की स्वास्थ्य स्थिति खराब होने पर उसे प्रदर्शन स्थल से सदर अस्पताल ले जाया गया। आंदोलन के दौरान अनशन कर रहे छात्रों की सेहत को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी। ऐसे में एक छात्र के अस्पताल पहुंचने से मामला और गंभीर हो गया है। छात्रों की मांगों पर समाधान का इंतजार छात्रों का आंदोलन अब कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे। सबसे बड़ी उम्मीद अब सरकार के साथ होने वाली बातचीत से जुड़ी है। अगर बातचीत में उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस रास्ता निकलता है तो लंबे समय से चल रहे आंदोलन को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ सकता है। बातचीत से खत्म होगा गतिरोध? झारखंड में Student Protest के बीच सरकार की बातचीत की पेशकश को एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता की मौजूदगी को लेकर उठी आपत्ति ने बातचीत से पहले ही पेच पैदा कर दिया है। अब असली सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत किस रूप में होती है और क्या दोनों पक्ष किसी सहमति तक पहुंच पाते हैं। फिलहाल छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम पर है, जबकि अनशनकारी छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन की गंभीरता भी बढ़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की एक तस्वीर चर्चा में है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक पहुंचे। दोनों नेताओं के साथ सफर करने वाली यह कार रूसी राष्ट्रपति की बख्तरबंद Aurus Senat बताई जा रही है। दोनों नेताओं का एक साथ कार में जाना भारत-रूस संबंधों के बीच उनकी व्यक्तिगत बॉन्डिंग को लेकर भी चर्चा का विषय बना। 12 दिन पहले भी साथ किया था सफर प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन इससे पहले करीब 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में भी एक साथ कार में सफर करते नजर आए थे। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें और साथ यात्रा करना भारत-रूस संबंधों के अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद को भी दर्शाता है। विदेशी नेताओं के साथ पहले भी कार में सफर कर चुके हैं मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का किसी विदेशी नेता के साथ कार में सफर करने का यह पहला मौका नहीं है। 2014 के बाद वह कई वैश्विक नेताओं के साथ कार में यात्रा कर चुके हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई विदेशी नेता शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मोदी अब तक करीब 11 बार विदेशी नेताओं के साथ कार राइड कर चुके हैं। मोदी और पुतिन की शुक्रवार की कार राइड को भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और नेताओं के बीच सहज संवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।

इंदौर में सांची पॉइंट पर बड़ा हादसा, गर्म मावा कर्मचारियों पर गिरा; एक की मौत, दूसरा गंभीर

इंदौर। मांगलिया इलाके में स्थित सांची दुग्ध संघ के सांची पॉइंट पर शुक्रवार शाम पेड़े बनाने की यूनिट में बड़ा हादसा हो गया। हादसे में दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दूसरे का अस्पताल में उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ज्यादा भाप बनने के कारण स्टीमर में ब्लास्ट हुआ और पेड़े बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही कड़ाही पलट गई। कड़ाही में मौजूद गर्म मावा कर्मचारियों पर जा गिरा। एक कर्मचारी की मौत, दूसरा गंभीर घायल एसीपी पराग सैनी के मुताबिक, हादसे में विनोद कुमार चडार, निवासी सागर, और तेज सिंह पुत्र सज्जन सिंह, निवासी सिंगापुर टाउनशिप, गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान विनोद कुमार चडार की मौत हो गई। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए बॉम्बे अस्पताल भेजा है। वहीं तेज सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। भाप ज्यादा होने से कढ़ाई पलटने की बात सांची दुग्ध संघ के CEO विकास मिश्रा ने हादसे को दुर्घटना बताया है। उनके मुताबिक, यूनिट में भाप अधिक बनने के कारण कड़ाही अचानक पलट गई, जिससे गर्म मावा दोनों कर्मचारियों पर गिर गया। उन्होंने बताया कि हादसे के समय यूनिट में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई। सांची संघ ने लापरवाही से किया इनकार हादसे के बाद सांची दुग्ध संघ में लापरवाही के सवाल भी उठे हैं। हालांकि, CEO विकास मिश्रा ने किसी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मशीनों का हर महीने मेंटेनेंस किया जाता है। उनका कहना है कि इससे पहले किसी कर्मचारी ने मशीन में खराबी, पुरानी मशीन होने या किसी तरह की लापरवाही को लेकर शिकायत नहीं की थी। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

अब QR स्कैन किए बिना होगा UPI पेमेंट, फोन को POS मशीन पर टैप करते ही ₹5 हजार तक भुगतान

मुंबई। UPI से पेमेंट करने का तरीका जल्द और आसान होने जा रहा है। अब यूजर्स को हर बार QR कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की POS मशीन पर टैप करके पेमेंट किया जा सकेगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने शुक्रवार को UPI को और सुविधाजनक बनाने के लिए दो नए फीचर लॉन्च किए। इनमें ‘UPI Tap & Pay’ और AI आधारित ‘My UPI’ प्लेटफॉर्म शामिल हैं। मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन फीचर्स को रोलआउट किया। UPI Tap & Pay ऐसे करेगा काम अभी UPI पेमेंट के लिए यूजर को QR कोड स्कैन करना होता है। इसके बाद राशि दर्ज करने और UPI PIN डालने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। नई UPI Tap & Pay सुविधा में NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को मर्चेंट की सपोर्टेड POS मशीन पर सिर्फ टैप करना होगा। इसके बाद पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। हालांकि, यह सुविधा केवल उन POS मशीनों पर काम करेगी जो इस तकनीक को सपोर्ट करती हैं। ₹5 हजार तक के पेमेंट में PIN की जरूरत नहीं नई सुविधा के तहत ₹5,000 तक के पेमेंट के लिए UPI PIN की जरूरत नहीं होगी। इससे अधिक राशि के ट्रांजैक्शन के लिए यूजर को POS मशीन की स्क्रीन या अपने UPI ऐप पर PIN दर्ज करना होगा। बिना इंटरनेट के भी हो सकेगा पेमेंट UPI Tap & Pay में फोन का मोबाइल डेटा या Wi-Fi चालू होना जरूरी नहीं होगा। POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन पेमेंट को नेटवर्क से कनेक्ट करेगा। Tokenization से सुरक्षित रहेगा डेटा पेमेंट के दौरान यूजर की बैंक डिटेल या UPI ID सीधे मर्चेंट के साथ साझा नहीं होगी। UPI ऐप एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड टोकन तैयार करेगा, जिसके जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा। इससे संवेदनशील भुगतान जानकारी को सीधे साझा करने की जरूरत कम होगी। My UPI में AI से मिलेगी पेमेंट की जानकारी NPCI ने दूसरा फीचर ‘My UPI’ नाम से लॉन्च किया है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो यूजर को एक ही इंटरफेस पर UPI से जुड़ी कई जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। FiMI मॉडल पर आधारित है My UPI My UPI को NPCI के इन-हाउस FiMI यानी Finance Model for India स्मॉल लैंग्वेज मॉडल पर आधारित बताया गया है। यह प्लेटफॉर्म UPI ट्रांजैक्शन, एक्टिव ऑटो-पे मेंडेट और पेमेंट हिस्ट्री को एक जगह देखने की सुविधा देगा। संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर Safety Switch My UPI में Safety Switch फीचर भी दिया गया है। इसके जरिए यूजर को किसी संदिग्ध या संभावित धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की स्थिति में डेबिट ट्रांजैक्शन रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड चार्जबैक सिस्टम के जरिए फेल हुए ट्रांजैक्शन के रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान किया गया है। 24 घंटे AI कस्टमर सपोर्ट My UPI का AI आधारित सपोर्ट सिस्टम यूजर्स को 24 घंटे गाइडेंस देने के लिए तैयार किया गया है। यह अलग-अलग भाषाओं में UPI से जुड़े सवालों और समस्याओं को समझकर सहायता उपलब्ध कराने का काम करेगा। क्या होता है Small Language Model? Small Language Model यानी SLM आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ऐसा मॉडल होता है जिसे किसी खास क्षेत्र के डेटा और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है। NPCI का FiMI मॉडल पेमेंट और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सवालों को समझने और उनका जवाब देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने IDA को जमा किए 10 लाख रुपए, 19 सितंबर को होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मैदान को लेकर चल रही अनुमति की प्रक्रिया के बीच कांग्रेस ने करीब 10 लाख रुपए की राशि IDA के खाते में जमा कर दी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि कांग्रेस ने 17, 18 और 19 सितंबर के लिए मैदान किराए पर लिया है। इसके लिए RTGS के माध्यम से IDA के खाते में राशि जमा की गई है। उनका कहना है कि अब अनुमति को लेकर कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और मंगलवार को आधिकारिक अनुमति मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस ने IDA को जमा किए 10.08 लाख रुपए शुक्रवार को राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम स्थल के लिए IDA को 10 लाख 8 हजार 175 रुपए जमा करने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस ने इसके लिए पहले ही मैदान के लिए आवेदन कर रखा था। कांग्रेस इस आयोजन स्थल को कार्यक्रम के दौरान ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम देने की तैयारी में है। सुबह से रात तक जारी है रजिस्ट्रेशन बैठक में राहुल गांधी के कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सुबह से रात तक जारी रखी जा रही है। पार्टी का फोकस अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर है। रीजनल पार्क के सामने वाले मैदान को लेकर था विवाद राहुल गांधी का कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA के मैदान में प्रस्तावित है। कांग्रेस ने मैदान के उपयोग के लिए IDA से अनुमति मांगी थी। IDA की ओर से कांग्रेस को मैदान के लिए 10 लाख 8 हजार 175 रुपए जमा करने की बात कही गई थी। इसके बाद कांग्रेस ने RTGS के जरिए राशि जमा कर दी है। चिंटू चौकसे बोले- कार्यक्रम में अड़ंगा डालने का प्रयास बैठक से पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि भाजपा को राहुल गांधी के कार्यक्रमों से परेशानी है और उनके कार्यक्रमों में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है। चौकसे ने कहा कि जहां-जहां राहुल गांधी के कार्यक्रम होते हैं, वहां किसी न किसी तरीके से उन्हें रोकने या बाधा डालने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि इंदौर में भी मैदान को लेकर कानून और नियमों का हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रीजनल पार्क में पहले भी कई राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। पटाखा दुकानों का उदाहरण देकर कांग्रेस ने उठाए सवाल चिंटू चौकसे ने रीजनल पार्क में पटाखा दुकानों के लिए दी जाने वाली जगह का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि पटाखा दुकानों के लिए करीब 15 दिनों तक कमर्शियल रेट पर जगह दी जाती है और इसके लिए करीब 2 लाख रुपए लिए जाते हैं। चौकसे के मुताबिक, कांग्रेस से एक दिन के कार्यक्रम के लिए पहले साढ़े 10 लाख रुपए, फिर ढाई लाख और अब करीब सवा लाख रुपए की राशि की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है और राहुल गांधी के कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगी।

भोपाल में ट्रैफिक ACP के घर 10 लाख की चोरी, ड्यूटी पर थे अफसर; परिवार गया था उज्जैन

भोपाल। राजधानी भोपाल में चोरों ने ट्रैफिक ACP विजय दुबे के घर को निशाना बनाकर करीब 10 लाख रुपए का माल चोरी कर लिया। वारदात के समय ACP ड्यूटी पर थे, जबकि उनके परिवार के सदस्य उज्जैन गए हुए थे। चोर घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। मामला कोलार थाना क्षेत्र के डीके-2 इलाके का है। पुलिस के मुताबिक, बदमाश कार से पहुंचे थे और घर के बाहर लगे गेट का ताला तोड़ने के बाद अंदर दाखिल हुए। दो गेट के ताले तोड़कर घर में घुसे चोर एसीपी आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, बदमाशों ने पहले घर के बाहरी गेट का ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर के गेट का लॉक तोड़कर मकान में प्रवेश किया। घर में घुसने के बाद बदमाशों ने कमरों और अलमारियों की तलाशी ली। इसके बाद नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेटकर मौके से फरार हो गए। देर रात ड्यूटी से लौटे ACP विजय दुबे ने घर का ताला टूटा देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। CCTV फुटेज में संदिग्ध नजर आए पुलिस ने घटनास्थल की जांच के साथ फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर कुछ संदिग्ध नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरों ने वारदात से पहले घर की रेकी की थी या उन्हें परिवार के घर से बाहर होने की जानकारी पहले से थी। कैश में लोन से बची रकम भी शामिल पुलिस के अनुसार, घर से चोरी हुई नकदी में करीब 6 लाख रुपए ऐसी रकम थी, जो पर्सनल लोन से बची हुई थी। बताया गया है कि ACP विजय दुबे ने कुछ महीने पहले करीब 20 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। पुलिस अब इस नकदी से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी भी जुटा रही है, ताकि चोरी हुई रकम की पुष्टि की जा सके। रिश्तेदारों के जेवर भी चोरी चोर सिर्फ ACP और उनके परिवार के जेवर ही नहीं ले गए, बल्कि घर में रखे भाई-भाभी और ससुराल पक्ष के सदस्यों के आभूषण भी चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान में सोने और चांदी के जेवर शामिल हैं। इनकी वास्तविक कीमत का आकलन संबंधित बिल और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद किया जाएगा। VIP ड्यूटी की जानकारी थी या पहले से की गई थी रेकी? वारदात के समय ACP विजय दुबे मुख्यमंत्री की VIP ड्यूटी में तैनात थे और घर खाली था। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या बदमाशों को ACP के ड्यूटी शेड्यूल की जानकारी थी या उन्होंने पहले से घर की रेकी की थी। CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। बिल मिलने के बाद स्पष्ट होगी चोरी की कुल कीमत पुलिस के मुताबिक, फिलहाल चोरी गए जेवरों की पूरी कीमत स्पष्ट नहीं है। ACP की ओर से जेवरों के बिल और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद वास्तविक कीमत का आकलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस करीब 10 लाख रुपए के माल की चोरी मानकर मामले की जांच कर रही है। गांधीनगर से कोलार-मिसरोद तक चोरियों से पुलिस की चुनौती बढ़ी पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल बदमाशों ने इससे पहले भोपाल के गांधीनगर से लेकर कोलार और मिसरोद इलाके में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। लगातार सामने आ रही चोरी की वारदातों को देखते हुए क्राइम ब्रांच समेत करीब 10 थानों की पुलिस सक्रिय है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

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