आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलमणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बातBREAKINGस्पोर्ट्सभारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचाBREAKINGBreaking NewsApple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आईBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशMP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभBREAKINGदेश-हरपलजयपुर में Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापा, खराब और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट नष्टBREAKINGदेश-हरपलबिहार में बाढ़ का कहर जारी, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; भागलपुर में 5 की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिवBREAKINGदेश-हरपलमणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बातBREAKINGस्पोर्ट्सभारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचाBREAKINGBreaking NewsApple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आईBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशMP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभBREAKINGदेश-हरपलजयपुर में Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर पर छापा, खराब और एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट नष्टBREAKINGदेश-हरपलबिहार में बाढ़ का कहर जारी, 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; भागलपुर में 5 की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में H1N1 संक्रमित महिला की मौत, कोविड-19 भी मिला था पॉजिटिव

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Heavy Rain

Heavy Rain Alert: यूपी के 40 Schools में घुसा पानी, 100 साल पुराना मकान गिरा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (Heavy Rain) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जहां यूपी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं के बीच कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यूपी में बाढ़ का असर, 40 स्कूलों में घुसा पानी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के बाद जलभराव और बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 40 स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल परिसरों में पानी आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और प्रशासन को हालात संभालने के लिए कदम उठाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है। 100 साल पुराना मकान गिरा, हादसे में 6 लोगों की मौत बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। एक करीब 100 साल पुराना मकान अचानक ढह गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। राहत और बचाव टीमों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। यह घटना पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। बारिश के मौसम में जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। Kedarnath Highway पर Landslide, मलबे में दबे कई वाहन उत्तराखंड में भारी बारिश का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित हुआ। कई गाड़ियों के मलबे में दबने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और रास्ता खोलने में जुटी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बारिश और बाढ़ से बढ़ी चुनौतियां उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक बारिश ने कई इलाकों में परेशानी खड़ी कर दी है। कहीं स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है तो कहीं सड़कें और रास्ते बाधित हो गए हैं। प्रशासन, आपदा राहत दल और स्थानीय टीमें प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नाले और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Jharkhand

Jharkhand Exam Controversy: परीक्षा गड़बड़ी पर छात्रों का प्रदर्शन जारी, सरकार से बातचीत के लिए तैयार लेकिन रखी बड़ी शर्त

Jharkhand में कथित परीक्षा गड़बड़ी (Exam Scam) को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब बातचीत की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा है कि वे सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री (CM) खुद मीडिया के सामने आकर छात्रों से संवाद करें। छात्रों का कहना है कि खुली बातचीत से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और जनता भी पूरे मामले को समझ सकेगी। छात्रों का कहना- मुद्दा सिर्फ विरोध नहीं, भविष्य का सवाल है प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं है, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं ने हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य पर असर डाला है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक तैयारी की, लेकिन परीक्षा विवाद के कारण उनके सपनों पर संकट खड़ा हो गया। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुने और ऐसा फैसला ले जिससे आगे होने वाली परीक्षाओं में भरोसा कायम हो सके। Exam Scam Case में अब तक 19 गिरफ्तार परीक्षा गड़बड़ी मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं? छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य रूप से: CM से Open Dialogue की उम्मीद, समाधान पर टिकी नजरें अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर है। छात्र चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सीधे उनसे संवाद करें और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की पहल करें। अगर सरकार और छात्रों के बीच सकारात्मक बातचीत होती है, तो लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ सकता है। वहीं, जांच की प्रगति और सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी। युवाओं को फैसले का इंतजार झारखंड के छात्र अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था ही युवाओं के भरोसे को वापस ला सकती है। आने वाले दिनों में सरकार का रुख और छात्रों के साथ होने वाली बातचीत इस आंदोलन के भविष्य को तय करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shakib Al Hasan

Bangladesh: Shakib Al Hasan के पैतृक घर पर Attack, Sheikh Hasina Event से जुड़ रहा मामला

बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल-हसन (Shakib Al Hasan) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका क्रिकेट प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके पैतृक घर पर हुआ हमला है। मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने पथराव किया, तोड़फोड़ की और पेट्रोल बम फेंककर आग लगाने की कोशिश की। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। शेख हसीना के कार्यक्रम के बाद बढ़ा विवाद स्थानीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना उस वर्चुअल कार्यक्रम के कुछ समय बाद हुई, जिसमें बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से संबोधित किया था। शाकिब अल-हसन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं और कुछ ही घंटों में उनके घर पर हमला होने की खबर सामने आई। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि हमले के पीछे कौन लोग थे या इसका सीधा संबंध कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। कैसे हुआ हमला? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले घर पर पत्थर फेंके, जिससे खिड़कियों और बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा। इसके बाद पेट्रोल बम फेंककर आग लगाने की कोशिश की गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की सतर्कता के कारण आग ज्यादा नहीं फैल सकी। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बनी चर्चा का विषय शाकिब अल-हसन सिर्फ बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक नहीं हैं, बल्कि वे अवामी लीग के टिकट पर सांसद भी रह चुके हैं। 2024 में बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों में बड़े बदलाव के बाद से वे लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बने हुए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं। उनके हालिया संबोधन में उन्होंने देश लौटने की इच्छा जताई और अपनी पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग दोहराई। इसी कार्यक्रम में शाकिब की मौजूदगी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से साझा किए गए। इनमें कुछ लोगों को घर पर पथराव और आग लगाने की कोशिश करते हुए दिखाने का दावा किया गया है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें। पुलिस जांच जारी पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक किसी संगठन या समूह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हमले की असली वजह और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
Read more
Meta

Meta Action पर मचा बवाल: PM Modi Video हटाने के बाद Zuckerberg ने मांगी माफी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद मामला अब तूल पकड़ चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो हटाए जाने को लेकर सरकार ने Meta के सामने नाराजगी जताई और कंपनी को तीन दिन के भीतर मामले पर जवाब देने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद Meta की ओर से इस मामले में माफी मांगे जाने की बात सामने आई है। मामला उस समय का है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। कुछ समय बाद यह वीडियो प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। वीडियो हटने के बाद सवाल उठे कि आखिर इसे किस आधार पर हटाया गया और इसके पीछे Meta की क्या वजह थी। Jantar Mantar Protest के दौरान पोस्ट हुआ था Video बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। प्रदर्शन से जुड़े इस वीडियो के हटने के बाद मामला सरकारी स्तर तक पहुंच गया। सरकार की ओर से Meta से इस कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया। साथ ही कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। Government के Ultimatum के बाद Meta ने मांगी माफी सरकार की ओर से समयसीमा दिए जाने के बाद Meta की तरफ से मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने वीडियो हटाए जाने को लेकर माफी मांगी है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि Social Media Platforms पर राजनीतिक और सार्वजनिक महत्व वाले कंटेंट को हटाने का फैसला किस प्रक्रिया के तहत लिया जाता है। किसी वीडियो को हटाने से पहले प्लेटफॉर्म की नीतियों और परिस्थितियों का आकलन किस तरह किया जाता है, यह भी चर्चा का विषय बन गया है। PM Modi से जुड़े Content पर क्यों बढ़ी चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी किसी भी पोस्ट या वीडियो पर सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। ऐसे में किसी वीडियो का अचानक हटना स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचता है। इस मामले में सरकार के हस्तक्षेप और उसके बाद Meta की ओर से माफी की खबर ने पूरे घटनाक्रम को और अहम बना दिया है। हालांकि, वीडियो हटाने की सटीक वजह और Meta की आंतरिक प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। Social Media Companies की Accountability पर सवाल यह घटना केवल एक वीडियो हटाए जाने तक सीमित नहीं है। इससे सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और Content Moderation Policy पर भी सवाल उठ रहे हैं। आज करोड़ों लोग सोशल मीडिया को खबरों और सूचनाओं के प्रमुख माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी महत्वपूर्ण वीडियो या पोस्ट को हटाए जाने पर प्लेटफॉर्म की ओर से स्पष्ट कारण बताना और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी माना जाता है। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा सरकार के तीन दिन के अल्टीमेटम और उसके बाद Meta की ओर से आई माफी को लेकर है। आने वाले समय में कंपनी की ओर से इस मामले पर और स्पष्ट जानकारी सामने आती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RBI

RBI On Plastic Currency: ₹10-₹20 के Plastic Notes को लेकर सामने आया नया Update

अगर आपके बटुए में रखे ₹10 और ₹20 के नोट कुछ ही दिनों में पुराने और मुड़े-तुड़े नजर आने लगते हैं, तो आने वाले समय में इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है। ₹10 और ₹20 के Plastic यानी Polymer Notes को लेकर RBI की तैयारी एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से इन नोटों को लाने की बात चल रही है और अब इसके संभावित लॉन्च को लेकर भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि Polymer Notes को लेकर प्रक्रिया अभी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। पहले इनका ट्रायल और जरूरी तकनीकी जांच होगी। इसके बाद ही इन्हें बड़े स्तर पर बाजार में उतारने का फैसला किया जाएगा। क्यों जरूरी महसूस हो रहे हैं Plastic Notes? भारत में ₹10 और ₹20 के नोटों का इस्तेमाल रोजमर्रा की छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए खूब होता है। चाय की दुकान से लेकर ऑटो का किराया और छोटे-मोटे सामान की खरीदारी तक, इन नोटों का इस्तेमाल लगातार होता रहता है। यही वजह है कि ये नोट अपेक्षाकृत जल्दी खराब भी हो जाते हैं। Polymer Notes इसी समस्या का एक संभावित समाधान माने जा रहे हैं। ये कागजी नोटों के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ होते हैं और पानी या नमी के संपर्क में आने पर भी बेहतर तरीके से टिक सकते हैं। ₹10 और ₹20 के नोटों से क्यों हो सकती है शुरुआत? Plastic Currency को लेकर शुरुआती फोकस ₹10 और ₹20 denomination पर रहने की संभावना है। इन दोनों मूल्यवर्ग के नोटों का सर्कुलेशन काफी ज्यादा है। ऐसे में इनके Polymer Version को इस्तेमाल में लाकर इसकी व्यावहारिकता को बेहतर तरीके से परखा जा सकता है। अगर ट्रायल सफल रहता है और लोगों के इस्तेमाल से जुड़े पहलू संतोषजनक पाए जाते हैं, तो आगे चलकर दूसरे मूल्यवर्ग की करेंसी पर भी विचार हो सकता है। कब लॉन्च होंगे Polymer Notes? सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ₹10 और ₹20 के Plastic Notes आम लोगों के हाथ में कब पहुंचेंगे? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पहले field trial और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद RBI इनके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को लेकर फैसला करेगा। इसलिए अभी इसे ऐसी योजना नहीं माना जा सकता जिसमें कोई निश्चित तारीख तय हो चुकी हो। यानी लोगों को फिलहाल पुराने ₹10 और ₹20 के नोटों को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मौजूदा नोट सामान्य रूप से चलन में बने रहेंगे, जब तक RBI की तरफ से कोई अलग निर्देश जारी नहीं किया जाता। नकली नोटों पर भी लग सकती है लगाम Polymer Currency का एक अहम फायदा इसकी security features से भी जुड़ा है। इन नोटों में ऐसे सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिन्हें कॉपी करना नकली नोट बनाने वालों के लिए मुश्किल हो। हालांकि, किसी नए नोट को जारी करने से पहले RBI को उसकी सुरक्षा के साथ-साथ ATM, cash counting machines और दूसरे banking systems के साथ compatibility भी जांचनी होती है। क्या पुराने ₹10 और ₹20 के नोट बंद हो जाएंगे? नहीं। Polymer Notes आने का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत बंद कर दिए जाएंगे। अगर नए नोट जारी होते हैं तो RBI की ओर से उनकी वैधता और पुराने नोटों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। इसलिए अभी सोशल मीडिया पर चलने वाली ऐसी किसी भी खबर पर भरोसा करने से बचें जिसमें पुराने ₹10 या ₹20 के नोटों को अचानक बंद किए जाने का दावा किया जा रहा हो। भारत में Currency का बदलता रूप भारत में समय के साथ करेंसी में कई बदलाव हुए हैं। सुरक्षा फीचर्स को मजबूत करने से लेकर नोटों के डिजाइन और आकार में बदलाव तक, RBI लगातार करेंसी सिस्टम को बेहतर बनाने पर काम करता रहा है। अब अगर Polymer Notes का प्रयोग सफल रहता है, तो यह भारतीय करेंसी के क्षेत्र में एक और बड़ा बदलाव हो सकता है। खासकर छोटे नोटों की durability बढ़ाने में इसका फायदा मिल सकता है। RBI के फैसले पर टिकी नजर फिलहाल ₹10 और ₹20 के Plastic Notes को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रक्रिया अभी आगे बढ़ रही है और अंतिम लॉन्च से पहले ट्रायल व जरूरी जांच पूरी की जाएगी। इसलिए निश्चित लॉन्च डेट को लेकर RBI की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना ही सही रहेगा। आम लोगों के लिए फिलहाल राहत की बात यही है कि मौजूदा ₹10 और ₹20 के नोट चलते रहेंगे। Polymer Notes आते हैं तो RBI उनकी उपलब्धता, इस्तेमाल और पुराने नोटों को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक करेगा।
Read more
Supreme Court

Car-Bike Insurance पर Supreme Court सख्त, नई Car के लिए 4 साल और Bike के लिए 6 साल का Cover

अगर आप कार या बाइक चलाते हैं, तो वाहन के इंश्योरेंस से जुड़ी यह खबर आपके काम की है। Supreme Court ने बिना वैध बीमा वाले वाहनों पर सख्ती की जरूरत बताई है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब ऐसे इंतजाम पर जोर दिया जा रहा है, जिससे बिना इंश्योरेंस वाले वाहन सड़कों पर न चल सकें और उन्हें पेट्रोल-डीजल भी आसानी से न मिल पाए। इस मामले में नई गाड़ियों के लिए लंबी अवधि के बीमा कवर की व्यवस्था का भी जिक्र हुआ है। इसके तहत नई कार के लिए 4 साल और नई बाइक के लिए 6 साल का Insurance Cover रखने की बात सामने आई है। इसका मकसद वाहन खरीदने के कुछ समय बाद इंश्योरेंस खत्म होने और उसके बाद बिना बीमा वाहन चलाने की समस्या पर लगाम लगाना है। बिना Insurance गाड़ी चलाने वालों पर बढ़ेगी सख्ती देश में कई वाहन ऐसे हैं जिनका इंश्योरेंस खत्म हो चुका होता है, लेकिन वे फिर भी सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। सड़क दुर्घटना की स्थिति में ऐसे वाहनों के कारण पीड़ितों को मुआवजा मिलने में परेशानी हो सकती है। यही वजह है कि वैध Motor Insurance को लेकर नियमों के पालन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। Supreme Court की ओर से जिस व्यवस्था पर जोर दिया गया है, उसमें पेट्रोल पंप पर वाहन का Insurance Status चेक करने की संभावना भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी वाहन का बीमा वैध नहीं पाया जाता है, तो उसे Petrol या Diesel देने पर रोक लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। नई Car खरीदने वालों के लिए 4 साल का Insurance नई कार खरीदने वालों के लिए 4 साल का बीमा कवर एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। इससे ग्राहक को कार खरीदने के बाद शुरुआती वर्षों में बीमा रिन्यू कराने की परेशानी कम होगी। इसी तरह नई बाइक खरीदने वालों के लिए 6 साल का Insurance Cover रखने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। लंबी अवधि का बीमा होने से दोपहिया वाहन मालिकों के लिए पॉलिसी की वैधता बनाए रखना आसान हो सकता है। Petrol Pump पर कैसे होगी Insurance की जांच? अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो पेट्रोल पंप पर वाहन का नंबर डालकर उसके Insurance की वैधता जांची जा सकती है। इसके लिए सरकारी वाहन रिकॉर्ड और Insurance Database को आपस में जोड़ना होगा। ऐसी व्यवस्था सफल रहती है तो पेट्रोल पंप पर ही बिना बीमा वाले वाहन की पहचान की जा सकेगी। इससे वाहन मालिकों पर अपने इंश्योरेंस को समय पर Renew कराने का दबाव बढ़ेगा। वाहन मालिक अभी से कर लें यह काम अगर आपके पास Car, Bike या कोई अन्य वाहन है, तो सबसे पहले अपनी Insurance Policy की Expiry Date चेक कर लें। बीमा खत्म हो गया है तो वाहन चलाने से पहले उसे Renew कराना जरूरी है। सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से भी Valid Insurance बेहद जरूरी है। खासकर पुराने वाहनों के मालिकों को अपनी पॉलिसी की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए। क्यों अहम है Supreme Court का यह निर्देश? इस पूरी कवायद का उद्देश्य सड़क पर चलने वाले वाहनों को बीमा के दायरे में लाना और दुर्घटना के बाद पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है। अगर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को भी वैध Insurance से जोड़ दिया जाता है, तो बिना बीमा वाहन चलाने वालों पर प्रभावी रोक लग सकती है। यानी आने वाले समय में वाहन मालिकों के लिए RC और Driving Licence के साथ Valid Insurance रखना भी उतना ही जरूरी हो सकता है। नई व्यवस्था लागू होने पर इसका सीधा असर वाहन मालिकों और पेट्रोल पंप संचालकों, दोनों पर देखने को मिलेगा।
Read more
परिसीमन Bill

Parliament Special Session: परिसीमन Bill पर सरकार का बड़ा प्लान, जल्द हो सकता है फैसला

देश की राजनीति में एक बार फिर Delimitation (परिसीमन) का मुद्दा चर्चा में है। केंद्र सरकार परिसीमन Bill को आगे बढ़ाने के लिए संसद का Special Session बुलाने के विकल्प पर विचार कर सकती है। अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो संसद के साथ-साथ राज्यों की राजनीति पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। परिसीमन का मामला सिर्फ लोकसभा सीटों की संख्या बदलने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं तय होती हैं और राज्यों को मिलने वाले राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी इसका असर पड़ सकता है। यही कारण है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों और राज्यों की भी नजर बनी हुई है। Special Session क्यों बुलाने की चर्चा? परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव को संसद में लाने के लिए सरकार विशेष सत्र का रास्ता अपना सकती है। हालांकि, अभी तक विशेष सत्र की तारीख या बिल के अंतिम प्रारूप को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार अगर विशेष सत्र बुलाती है, तो इस दौरान परिसीमन से जुड़े संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। साथ ही राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश भी की जा सकती है। आखिर Delimitation क्या होता है? सरल भाषा में समझें तो Delimitation यानी परिसीमन का मतलब लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों का पुनर्निर्धारण है। इसका उद्देश्य जनसंख्या में हुए बदलाव के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन करना होता है। देश में आखिरी बड़े परिसीमन की प्रक्रिया 1970 के दशक में हुई थी। इसके बाद लोकसभा सीटों के राज्यों के बीच आवंटन को लेकर एक निश्चित व्यवस्था लागू रही। अब 2026 के बाद होने वाली प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। किन राज्यों पर पड़ सकता है असर? परिसीमन की चर्चा में सबसे बड़ा सवाल राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का है। जिन राज्यों में पिछले दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, वहां लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जाती रही है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कई राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। इन राज्यों में यह चिंता रही है कि अगर सिर्फ मौजूदा जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण किया गया, तो उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि परिसीमन को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन एक अहम राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष के सामने भी बड़ा मुद्दा अगर Delimitation Bill संसद में पेश होता है, तो विपक्ष इस पर सरकार से कई सवाल पूछ सकता है। राज्यों के प्रतिनिधित्व, जनसंख्या नियंत्रण और संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दे बहस के केंद्र में रह सकते हैं। विपक्षी दलों की कोशिश होगी कि परिसीमन की प्रक्रिया में राज्यों के हितों को नजरअंदाज न किया जाए। वहीं सरकार की ओर से जनसंख्या के बदलते आंकड़ों और समान प्रतिनिधित्व की जरूरत को आधार बनाया जा सकता है। क्या बदल सकती है लोकसभा की तस्वीर? परिसीमन होने की स्थिति में लोकसभा के निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव के साथ सीटों की संख्या में भी बदलाव संभव है। इसका सीधा असर आने वाले लोकसभा चुनावों के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि किस राज्य को कितनी सीटें मिलेंगी। इसके लिए परिसीमन आयोग की प्रक्रिया, जनगणना के आंकड़े और सरकार की ओर से तय किए जाने वाले कानूनी प्रावधान महत्वपूर्ण होंगे। सरकार के अगले कदम पर नजर फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार परिसीमन को लेकर कब और किस रूप में कदम उठाती है। अगर संसद का Special Session बुलाया जाता है और Bill पेश होता है, तो यह मौजूदा राजनीतिक माहौल में एक बड़ा घटनाक्रम होगा। परिसीमन का असर लंबे समय तक देश की चुनावी राजनीति पर रह सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में सरकार की घोषणा के साथ-साथ विपक्ष और राज्यों की प्रतिक्रिया भी काफी महत्वपूर्ण होगी।
Read more
Stock Market

Stock Market सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, Nifty 50 कमजोर; Realty और Auto Sector में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में बुधवार को कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। Sensex करीब 100 अंक चढ़कर 78,550 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 50 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में जहां कुछ प्रमुख शेयरों पर दबाव रहा, वहीं Realty और Auto सेक्टर के Stocks में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। Realty और Auto Stocks बने बाजार की पसंद बुधवार के कारोबार में Realty और Auto सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। दोनों सेक्टर के कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी कंपनियों में आई मजबूती से संकेत मिलता है कि निवेशक इस सेक्टर के चुनिंदा Stocks को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, Auto सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल रहा। बाजार की मौजूदा चाल में इन दोनों सेक्टर्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। Sensex ने दिखाई मजबूती, Nifty में गिरावट कारोबार के दौरान Sensex करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 78,550 के आसपास पहुंचा। हालांकि, Nifty 50 में लगभग 50 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। यानी बाजार में फिलहाल एकतरफा तेजी या गिरावट के बजाय मिला-जुला रुख बना हुआ है। इस तरह की स्थिति में निवेशक पूरे बाजार के बजाय खास सेक्टर और चुनिंदा कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बुधवार को भी यही तस्वीर दिखाई दी, जहां Realty और Auto Stocks में खरीदारी ने बाजार की हलचल बढ़ाई। Investors की नजर आगे के संकेतों पर बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों की नजर अब घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे, आर्थिक आंकड़े और विदेशी बाजारों की चाल भी भारतीय शेयर बाजार पर असर डाल सकती है। फिलहाल Sensex की बढ़त और Nifty की कमजोरी से बाजार में सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। हालांकि Realty और Auto Stocks में खरीदारी यह बताती है कि निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में मौके तलाश रहे हैं। Market में आगे क्या रहेगा फोकस? आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन, ग्लोबल मार्केट के संकेत और निवेशकों के सेंटीमेंट पर रहेगी। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी की आगे की चाल के साथ-साथ सेक्टरवार प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gold

Gold-Silver Rate: खरीदारी से पहले जानें आज का भाव, सोना और चांदी दोनों हुए महंगे

अगर आप आज सोना (Gold)या चांदी (Silver) खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बाजार से पहले ताजा रेट जान लेना आपके लिए जरूरी है। बुधवार, 5 अगस्त को घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सोने के भाव में जहां करीब ₹2,200 तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है, वहीं चांदी की कीमत में ₹5,000 तक का उछाल देखने को मिला है। कीमतों में अचानक आई इस तेजी का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जो आने वाले दिनों में शादी, त्योहार या किसी खास मौके के लिए ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, सोने-चांदी के दाम शहर और बाजार के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। Silver Rate में जोरदार तेजी 5 अगस्त को चांदी के बाजार भाव ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। कई बाजारों में चांदी की कीमत में हजारों रुपये प्रति किलो का अंतर देखने को मिला। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक पुणे में चांदी का भाव करीब ₹2,49,900 प्रति किलो दर्ज किया गया। चांदी के दाम में होने वाली तेजी सिर्फ ज्वेलरी बाजार तक सीमित नहीं रहती। इंडस्ट्री में चांदी की मांग और निवेशकों की खरीदारी भी इसके भाव को प्रभावित करती है। यही वजह है कि Silver Rate में कई बार कम समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। Gold Rate भी चढ़ा, खरीदारी हुई महंगी चांदी के साथ सोने के भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 5 अगस्त को Gold Rate में करीब ₹2,200 तक की तेजी की खबर है। सोने की कीमत उसकी शुद्धता के अनुसार बदलती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि ज्वेलरी में आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल ज्यादा होता है। यहां एक बात समझना जरूरी है कि बाजार में बताए जाने वाले Gold Rate और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत एक जैसी नहीं होती। ज्वेलरी खरीदते समय GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं। हर शहर में एक जैसा नहीं होता Gold-Silver Rate सोने और चांदी की कीमत पूरे देश में बिल्कुल एक जैसी नहीं रहती। स्थानीय बाजार की स्थिति, मांग-सप्लाई, टैक्स और ज्वेलर्स के चार्ज के कारण शहर-दर-शहर कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप भोपाल, दिल्ली, मुंबई, इंदौर, जयपुर या किसी दूसरे शहर में खरीदारी करने जा रहे हैं, तो वहां के स्थानीय सर्राफा बाजार का ताजा भाव जरूर पता कर लें। अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी पड़ता है असर Gold और Silver की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन की कीमत, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुख भी भारतीय बाजार पर असर डालता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमत बढ़ती है या रुपये की स्थिति में बदलाव आता है, तो उसका असर घरेलू Gold-Silver Rate पर भी दिखाई दे सकता है। खरीदारी करने वालों के लिए क्या है सलाह? अगर आपको आज ही सोना या चांदी खरीदनी है, तो सिर्फ एक जगह का रेट देखकर फैसला न करें। अलग-अलग ज्वेलर्स से कीमत की जानकारी लें और शुद्धता, मेकिंग चार्ज, GST और अंतिम बिल को ध्यान से देखें। खासकर चांदी खरीदते समय प्रति किलो और प्रति ग्राम के रेट में अंतर को भी समझना जरूरी है। वहीं सोने की ज्वेलरी खरीदते वक्त हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी जरूर जांचें। Gold Silver Rate: आगे क्या? सोने और चांदी के बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमत किस दिशा में जाएगी, यह घरेलू और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। डिस्क्लेमर: सोने और चांदी के भाव समय, शहर, शुद्धता और स्थानीय बाजार के अनुसार बदल सकते हैं। ज्वेलरी खरीदने से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उस समय का ताजा रेट और सभी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी जरूर लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJP

Maharashtra में CJP की बड़ी बैठक, दीपक ने साफ किया- नहीं बनाएंगे Political Party

Maharashtra में CJP की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक के बीच दीपक ने संगठन की आगे की दिशा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि CJP कोई Political Party नहीं बनाएगा, बल्कि Pressure Group की तरह काम करते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगा। महाराष्ट्र में CJP की दो दिन की बैठक शुरू होने के साथ ही संगठन की आगे की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। बैठक में देश के मौजूदा हालात, जनता से जुड़े मुद्दों और संगठन की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसी दौरान दीपक ने स्पष्ट कर दिया कि CJP का फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने का कोई इरादा नहीं है। दीपक ने कहा कि संगठन को Political Party बनाने के बजाय Pressure Group के तौर पर काम किया जाएगा। इसका मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को सामने लाना और जरूरत पड़ने पर सरकार तथा राजनीतिक दलों पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाना होगा। ‘देश को एक बड़े जन-आंदोलन की जरूरत’ दीपक ने देश में जन-आंदोलन की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक सिर्फ चुनाव लड़ने या सरकार बदलने से हर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। समाज के लोगों को अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि जब आम लोग किसी मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते हैं, तो व्यवस्था पर उसका असर पड़ता है। CJP इसी सोच के साथ जनता के बीच काम करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। Maharashtra Meeting में किन मुद्दों पर मंथन? दो दिवसीय बैठक में संगठन के भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हो रही है। इसमें जनभागीदारी बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग मुद्दों पर अभियान चलाने जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है। बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में CJP की गतिविधियों का स्वरूप इसी रणनीति के आधार पर तय हो सकता है। संगठन का जोर सीधे चुनावी मैदान में उतरने के बजाय सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने का है। Political Party से अलग क्यों रहेगा CJP? दीपक के बयान से साफ है कि CJP अपनी पहचान एक राजनीतिक दल के रूप में नहीं बनाना चाहता। संगठन का दावा है कि वह किसी एक पार्टी की राजनीति तक सीमित रहने के बजाय जनता के सवालों को प्राथमिकता देगा। Pressure Group के रूप में काम करते हुए CJP सरकार की नीतियों और फैसलों से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाने की कोशिश करेगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान और सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे क्या करेगा CJP? महाराष्ट्र में चल रही बैठक के बाद CJP की आगामी रणनीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। संगठन किन मुद्दों को प्राथमिकता देगा और किस तरह के जन-अभियान शुरू करेगा, इस पर आने वाले दिनों में नजर रहेगी। फिलहाल दीपक के बयान ने एक बात स्पष्ट कर दी है—CJP चुनावी पार्टी बनने के बजाय Pressure Group के रूप में जनता के बीच अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है। अब असली चुनौती इस सोच को जमीन पर उतारने और लोगों को बड़े स्तर पर इससे जोड़ने की होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 21 22 23 24 25 322

Editor's Picks

मणिपुर के संगीतकार विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की हत्या को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि किसी युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन किसी व्यक्ति की पहचान और उसके मूल स्थान के आधार पर हमला होना भी गंभीर चिंता का विषय है। राहुल बोले- हिंसा और नफरत का इस्तेमाल गलत राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में हिंसा साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार नजर आता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी सोच बढ़ रही है कि अगर कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे के खिलाफ हिंसा कर सकता है। राहुल गांधी ने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि ताकत के आधार पर किसी के साथ हिंसा करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 8 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी शामिल विक्रम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में हुई। मणिपुर मूल के 54 वर्षीय संगीतकार विक्रम सिंह अपने घर के नीचे डिलीवरी बॉय और स्थानीय ढाबे के कर्मचारियों के बीच हो रहे कथित शोर और हंगामे पर आपत्ति जताने गए थे। आरोप है कि इसके बाद डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कथित तौर पर बिल्डिंग के अंदर उनका तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में भारी आंतरिक रक्तस्राव की पुष्टि गुरुवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत सीने और पेट पर गंभीर शारीरिक चोटों के कारण हुए भारी आंतरिक रक्तस्राव से हुई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर हिंसा और पहचान के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया, 10वीं बार विमेंस एशिया कप के फाइनल में पहुंचा

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी20 एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। शेफाली वर्मा ने खेली शानदार पारी भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 21 रन का योगदान दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए। दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी 150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए और बांग्लादेश के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा। आखिरी ओवरों में नंदनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 40 रन से अपने नाम कर लिया। अब फाइनल पर भारत की नजर इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत दर्ज कर रहा है और अब उसकी नजर खिताब जीतने पर होगी।

Apple ने लॉन्च किया फोल्डेबल iPhone Duo, कीमत 4.50 लाख तक; iPhone 18 Pro सीरीज भी आई

Apple ने बुधवार रात आयोजित लॉन्च इवेंट ‘Surprise and Shine’ में कई नए डिवाइस पेश किए। कंपनी ने पहली बार फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है। इसके साथ iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max समेत कुल 6 नए डिवाइस पेश किए गए। iPhone Duo को कंपनी का अब तक का सबसे महंगा iPhone बताया जा रहा है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए तक जाती है। iPhone Duo में 7.6 इंच की मेन स्क्रीन फोल्डेबल iPhone Duo में बाहर की तरफ 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की मेन स्क्रीन मिलती है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक किसी भी iPhone में दिया गया सबसे बड़ा डिस्प्ले है। फोन में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा इसमें फिजिकल SIM कार्ड का विकल्प नहीं होगा। iPhone Duo केवल e-SIM के जरिए काम करेगा। भारत में iPhone Duo की बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। iPhone 18 Pro और Pro Max में DSLR जैसी कैमरा टेक्नोलॉजी Apple ने इस बार iPhone 18 सीरीज में केवल प्रीमियम मॉडल iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च किए हैं। इन दोनों मॉडल्स में सबसे ज्यादा जोर कैमरा सिस्टम पर दिया गया है। इनके मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों जैसी टेक्नोलॉजी दिए जाने का दावा किया गया है। भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए, जबकि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए रखी गई है। इन दोनों मॉडल्स की बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। AirPods 5 और नई Apple Watch भी लॉन्च Apple के लॉन्च इवेंट में iPhone के अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। कंपनी के नए प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल iPhone Duo की है, जिसे Apple के स्मार्टफोन लाइनअप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिवार में मातम दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

MP में 17 सितंबर से स्वामित्व अधिकार अभियान, 50 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत आबादी की भूमि पर काबिज पात्र लोगों को सरकार की ओर से नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर स्वामित्व अधिकार दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17 सितंबर को शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाकर ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 41 हजार से ज्यादा गांवों में 68.47 लाख प्लॉट का सर्वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया कि स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस अभियान में 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोकनगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान अधिकारियों के अनुसार स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। योजना से संबंधित मोबाइल एप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है और पटवारियों की ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए अगले दो दिनों में माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली जाए। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करेंगे। साथ ही जिला स्तर पर नोडल, जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हर दिन 30 से 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग करने के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। भोपाल से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम से सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अभियान के तहत कुल 13 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीप सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों और चयनित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारियों की जिलों में अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.