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पितृ पक्ष

Pitra Paksha 2025 पितृ पक्ष की तिथि, महत्व, श्राद्ध विधि और सर्वपितृ अमावस्या

पितृ पक्ष 2025 कब है? कुल 15 दिन का यह पखवाड़ा पूरी तरह पितरों की स्मृति और श्राद्ध कर्म को समर्पित होता है। पितृ पक्ष का महत्व श्राद्ध और तर्पण की विधि पितृ पक्ष के दौरान नियम और निषेध क्या करें – क्या न करें – सर्वपितृ अमावस्या 2025 पितरों को प्रसन्न करने के उपाय पितृ पक्ष 2025 हमारे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का सबसे पवित्र समय है। इस दौरान किया गया तर्पण और दान न केवल पितरों को संतुष्ट करता है, बल्कि परिवार को सुख-शांति, समृद्धि और पितृ दोष से मुक्ति भी दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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द्र ग्रहण 2025, पितृपक्ष 2025,

100 वर्षों बाद पितृपक्ष संग चंद्र ग्रहण, जानें कौन-सी राशियों पर शुभ-अशुभ असर

100 सालों बाद एक दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है जब चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष एक साथ पड़ेंगे। जानें किस राशि पर इसका शुभ-अशुभ असर होगा, सूतक काल कब से शुरू होगा और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। भोपाल, देश हरपल।साल 2025 में एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है। लगभग 100 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब पितृपक्ष और चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक साथ पड़ेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग मानव जीवन, धार्मिक परंपराओं और विभिन्न राशियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। कब लगेगा चंद्र ग्रहण और सूतक काल? चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष का दुर्लभ संयोग पितृपक्ष हिंदू धर्म में पितरों को तर्पण और श्राद्ध अर्पित करने का विशेष काल होता है। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि इस बार चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष का एक साथ आना ऊर्जा संतुलन और कर्मफल के प्रबल होने का संकेत है। किन राशियों के लिए रहेगा शुभ किन राशियों के लिए रहेगा अशुभ ग्रहण के समय बरतें ये सावधानियां
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Ganesh Visarjan

Ganesh Visarjan 2025 गणेश उत्सव का Last Day, Anant Chaturdashi शुभ मुहूर्त और विधि

भारत में हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला Ganesh Utsav 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। इन 10 दिनों तक भक्त बप्पा की सेवा और आराधना करते हैं और फिर Anant Chaturdashi के दिन भावपूर्ण विदाई के साथ Ganesh Visarjan 2025 करते हैं। Ganesh Visarjan 2025 Muhurat (गणेश विसर्जन शुभ समय) अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 सितंबर 2025, सुबह 06:12 बजेअनंत चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 सितंबर 2025, सुबह 04:48 बजे विसर्जन के श्रेष्ठ मुहूर्त: इन मुहूर्तों में गणपति बप्पा का विसर्जन करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है। Ganesh Visarjan का महत्व Ganesh Visarjan Vidhi (विसर्जन की विधि) Eco-friendly Ganesh Visarjan आजकल जल प्रदूषण रोकने के लिए मिट्टी (शाडू माटी) की मूर्तियों का विसर्जन या कृत्रिम विसर्जन तालाबों का उपयोग करने की परंपरा बढ़ रही है। यह पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए शुभ है। Cultural Celebration of Ganesh Utsav Ganesh Visarjan 2025 सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश भी देता है। बप्पा से यही प्रार्थना है कि वे जीवन से सभी विघ्न हर लें और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया! हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2025: सातवाँ दिन Saptami का महत्व और भक्ति

Ganesh Utsav 2025 का सातवाँ दिन (Saptami) भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। Saptami का धार्मिक महत्व सप्तमी का दिन गणेशोत्सव में अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणपति जी की पूजा करने से सभी बाधाएँ दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। भक्त इस दिन मोदक, लड्डू और विशेष प्रसाद अर्पित करते हैं। सातवें दिन Ganpati पूजा की विधि Saptami की खास परंपराएँ Ganesh Utsav Saptami: क्यों है खास? सातवाँ दिन सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने और जीवन में खुशहाली लाने का दिन है। इस दिन की भक्ति और उत्साह से हर भक्त का मन प्रसन्न रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Ganesh Utsav छठे दिन भक्तों ने की बप्पा से मंगलकामना

Ganesh Utsav 2025 का छठा दिन (Day 6) पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हर गली-मोहल्ले और मंदिर में Ganpati Bappa Morya के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्तगण विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं और बप्पा को मोदक, लड्डू और फल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। Day 6 का महत्व Ganesh Utsav के छठे दिन की पूजा का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन बप्पा की आराधना करने से जीवन की सभी Vighna (बाधाएं) दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। Bhakti और सांस्कृतिक उत्सव छठे दिन न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिलता है। पंडालों में Bhajans, Kirtan और Dance Performances का आयोजन होता है। हर उम्र के लोग इस पर्व में पूरे उत्साह से शामिल होकर Ganpati Festival को खास बनाते हैं। Eco-Friendly Ganpati की ओर कदम इस साल कई जगहों पर Eco-Friendly Ganesh idols स्थापित किए गए हैं। भक्तजन मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियों की पूजा कर रहे हैं ताकि विसर्जन के समय जल और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। यह पहल Green Festival को बढ़ावा देती है। घर-घर में गूंजे Ganpati Bhajans Day 6 पर सुबह-शाम Ganpati Aarti और भजनों से वातावरण पवित्र हो जाता है। परिवारजन व पड़ोसी मिलकर प्रसाद बांटते हैं, जिससे समाज में भाईचारा और एकता का संदेश मिलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Day 5 Ganesh Utsav 2025 बप्पा के आशीर्वाद से खुशियों भरा दिन

Ganesh Utsav 2025 का Day 5 भक्तों के लिए उत्साह और आध्यात्मिक आनंद से भरा रहा। इस दिन बप्पा की मूर्तियों की सजावट, मंदिरों की रोशनी और भक्तों की भक्ति ने पूरे शहर को रंगीन और खुशहाल बना दिया। भक्तिमय पूजा और आरती Day 5 पर, गणेश मंडलों में सुबह से ही विशेष पूजा और आरती का आयोजन हुआ। भक्तगण फूल, दीपक और प्रसाद अर्पित कर बप्पा का स्वागत करते हैं। इस दिन मोदक और लड्डू का वितरण विशेष रूप से किया गया, जो गणेशजी के प्रिय प्रसाद हैं। रंगीन सांस्कृतिक कार्यक्रम Ganesh Utsav Day 5 पर नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों की भी झलक देखने को मिली। बच्चों और युवाओं ने उत्सव में भाग लेकर इसे और भी जीवंत और आनंदमय बना दिया। समाज में एकता और सेवा का संदेश गणेश उत्सव केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा और एकता का प्रतीक भी है। डे 5 पर पड़ोसियों और मित्रों के साथ मिलकर उत्सव मनाया गया। साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों में प्रसाद वितरण का आयोजन भी हुआ। सजावट और भव्यता हर घर और मंडल ने रंग-बिरंगी रोशनियों, फूलों और पारंपरिक सजावट के जरिए बप्पा का स्वागत किया। भक्तगण अपनी क्रिएटिव सजावट से उत्सव को यादगार बनाते हैं। धार्मिक महत्व पंचम दिन को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस दिन गणेशजी की कृपा से सभी बाधाएँ दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। भक्तगण मंत्र जाप और ध्यान में लीन होकर अपनी मनोकामनाएँ प्रकट करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav 2025

Ganesh Utsav 2025 Day 4: गणेश उत्सव के चौथे दिन का महत्व, पूजा विधि और भक्ति का रंग

Ganesh Utsav 2025 (गणेश उत्सव 2025) का चौथा दिन (Day 4) भक्तों के लिए बेहद खास है। ढोल-ताशों की गूंज, फूलों की सजावट और दीपों की रोशनी के बीच गणपति बप्पा की आराधना पूरे देश में धूमधाम से की जा रही है। भक्तों के दिलों में केवल एक ही जयकार गूंज रही है –“गणपति बप्पा मोरया!” चौथे दिन का महत्व (Significance of Day 4) हिंदू शास्त्रों के अनुसार चौथे दिन गणेशजी की पूजा करने से:घर-परिवार में सुख-शांति आती है।जीवन से संकट और रुकावटें दूर होती हैं।परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इस दिन गणपति को लाल फूल, दूर्वा (तीन पत्तों वाली घास), मोदक और लड्डू अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा विधि (Ganesh Puja Vidhi Day 4) सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।गणपति प्रतिमा पर गंगाजल और चंदन लगाएं।“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।बप्पा को मोदक, नारियल, फल और दूर्वा अर्पित करें।दीपक, धूप और फूलों से आरती कर परिवार संग प्रसाद ग्रहण करें। उत्सव का रंग (Festival Vibes) ज्योतिषीय लाभ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन की पूजा से:ग्रह दोष शांति मिलती हैसंकल्प पूरे होते हैंजीवन में नए अवसर और सफलता मिलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh

Ganesh Chaturthi Day 3 इस दिन की पूजा से मिलते हैं ज्ञान और समृद्धि

गणेश उत्सव 2025 (Ganesh Utsav 2025) का तीसरा दिन भक्ति, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त Ganpati Bappa की विशेष पूजा-अर्चना कर समृद्धि, सुख-शांति और विघ्नों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि Ganesh Day 3 पर की गई पूजा से जीवन में साहस, विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। Ganesh Day 3 का महत्व (Significance) गणपति उत्सव के तीसरे दिन भगवान गणेश को “सिंहासनाधीश” रूप में पूजा जाता है। ऐसा करने से— पूजा विधि (Puja Vidhi) शुभ रंग और भोग (Lucky Color & Bhog) Ganesh Utsav Day 3 का खास संदेश गणेश उत्सव का तीसरा दिन यह सिखाता है कि ज्ञान और साहस से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। इस दिन बप्पा की पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Ganesh Utsav Day 2 पूजा विधि, भोग, व्रत नियम और शुभ रंग

Ganesh Chaturthi का पर्व पूरे देश में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का हर दिन अपने आप में खास होता है। Ganesh Utsav Day 2 यानी गणेश उत्सव के दूसरे दिन भगवान गणपति की विशेष पूजा का महत्व है। इस दिन भक्त गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग विधि से आराधना करते हैं। Ganesh Utsav Day 2 का महत्व गणेश उत्सव Day 2 का शुभ रंग (Lucky Colour) गणेश उत्सव के दूसरे दिन का शुभ रंग लाल (Red) माना जाता है। गणेश उत्सव Day 2 की पूजा विधि Ganesh Chaturthi Day 2 में व्रत और नियम भोग का महत्व संदेश Ganesh Utsav Day 2 हमें यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से की गई पूजा जीवन से सभी विघ्नों को दूर करती है। इस दिन बप्पा की कृपा से घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सफलता प्राप्त होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2025: पहले दिन की पूजा, व्रत और विशेष परंपराएं

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पहला दिन भक्ति और उत्साह से भरा होता है। इस दिन लोग घरों और पंडालों में विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की स्थापना करते हैं। माना जाता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा का पृथ्वी पर आगमन होता है। गणेश चतुर्थी का महत्व गणेश जी का प्रिय रंग और शुभ रंग (Day 1) शुभ दिशा पूजा विधि (Day 1) पहले दिन की विशेषता व्रत और आस्था हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Microsoft

Microsoft नौकरी छोड़ने पर मिलेगा मुआवजा, भारत के कर्मचारियों को भी ऑफर

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Microsoft एक बार फिर अपने कर्मचारियों को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने करीब 60 हजार कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Offer यानी स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इस ऑफर में भारत समेत चार देशों के चुनिंदा कर्मचारी शामिल हैं। पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब Microsoft आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी अपने AI कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ खर्चों और कर्मचारियों की जरूरतों में भी संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस योजना का मतलब यह नहीं है कि सभी 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा। Microsoft ने कर्मचारियों को क्यों दिया नौकरी छोड़ने का विकल्प? Microsoft की चीफ पीपल ऑफिसर Amy Coleman ने कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Offer की घोषणा की। इस योजना का मकसद उन कर्मचारियों को एक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर अपना करियर शुरू करना चाहते हैं। करीब 60 हजार कर्मचारियों के इस ऑफर के लिए पात्र होने की बात सामने आई है। हालांकि, पात्र कर्मचारियों की संख्या और वास्तव में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या अलग-अलग होगी। कंपनी ने इस योजना को स्वैच्छिक रखा है। यानी पात्र कर्मचारी अपनी स्थिति और ऑफर की शर्तों को समझने के बाद फैसला कर सकते हैं कि उन्हें कंपनी छोड़नी है या नहीं। भारत के कर्मचारी भी होंगे शामिल Microsoft का यह ऑफर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के चुनिंदा कर्मचारियों के लिए है। ऐसे में भारतीय कर्मचारियों के बीच भी इसे लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, भारत में कितने कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे, इसका स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। कंपनी में काम करने वाले हर कर्मचारी को यह ऑफर नहीं मिलेगा। इसकी पात्रता संबंधित विभाग और जॉब लेवल पर निर्भर करेगी। कर्मचारियों को उनके ऑफर और उससे जुड़ी शर्तों की जानकारी कंपनी की ओर से दी जाएगी। इसलिए किसी भी कर्मचारी के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला लेने से पहले मुआवजे, लाभ और दूसरी शर्तों को समझना जरूरी होगा। किन कर्मचारियों को मिलेगा Voluntary Exit Offer? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Microsoft की यह योजना कंपनी के आंतरिक जॉब लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। कुछ विभागों के कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि कुछ टीमों को बाहर रखा गया है। AI Experiences, Copilot, Xbox, Windows + Devices, फाइनेंस और HR जैसे विभागों के कुछ कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, केवल किसी विभाग में काम करने या निर्धारित जॉब लेवल पर होने से ऑफर मिलना तय नहीं है। अंतिम पात्रता कंपनी की ओर से जारी निर्देशों पर निर्भर करेगी। नौकरी छोड़ने पर कितना मिलेगा पैसा? इस योजना का सबसे अहम सवाल यही है कि नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कितना मुआवजा मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को कंपनी की लागू पॉलिसी के तहत आर्थिक सहायता मिल सकती है। मुआवजे की राशि कर्मचारी की सेवा अवधि, पद और संबंधित शर्तों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। फिलहाल भारत में सभी पात्र कर्मचारियों के लिए किसी एक निश्चित रकम की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी को नौकरी छोड़ने पर एक समान मुआवजा मिलेगा। AI पर भारी खर्च के बीच Microsoft का फैसला Microsoft पिछले कुछ वर्षों से AI टेक्नोलॉजी और क्लाउड कंप्यूटिंग पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कंपनी के AI टूल्स और सेवाओं को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटर, आधुनिक चिप्स और सर्वर की जरूरत होती है। इन सुविधाओं को तैयार करने और चलाने में काफी पैसा खर्च होता है। ऐसे में कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती है—AI के क्षेत्र में निवेश जारी रखते हुए दूसरे खर्चों को भी संभालना। कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर इसी बदलते कारोबारी माहौल के बीच आया है। इससे कंपनी को अपने वर्कफोर्स में बदलाव करने का विकल्प मिलता है। हालांकि, Microsoft ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस योजना से होने वाली बचत सीधे AI पर हुए खर्च की भरपाई के लिए ही इस्तेमाल होगी। पहले भी कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर चुकी है कंपनी Microsoft इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर चुकी है। कंपनी ने 2026 में कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट से जुड़ी पहल की थी। इसके अलावा, गेमिंग कारोबार में बदलाव के दौरान भी नौकरियों में कटौती की गई थी। टेक इंडस्ट्री में AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनियां अपनी टीमों की भूमिका, काम करने के तरीके और निवेश की प्राथमिकताओं का दोबारा आकलन कर रही हैं। Microsoft का नया ऑफर भी इसी व्यापक बदलाव के बीच आया है। क्या सभी 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाएगी? नहीं, इस ऑफर को सीधे तौर पर 60 हजार कर्मचारियों की छंटनी नहीं माना जाना चाहिए। करीब 60 हजार कर्मचारियों के पात्र होने की बात सामने आई है, लेकिन यह संख्या उन कर्मचारियों की नहीं है, जो निश्चित रूप से नौकरी छोड़ देंगे। पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। कितने लोग इस ऑफर को स्वीकार करेंगे और भारत में इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। कुल मिलाकर, Microsoft का यह कदम कंपनी की बदलती कारोबारी रणनीति और AI में बढ़ते निवेश के बीच महत्वपूर्ण है। भारतीय कर्मचारियों के लिए भी यह एक बड़ा अपडेट है, लेकिन नौकरी छोड़ने का फैसला लेने से पहले ऑफर की शर्तों और मिलने वाले मुआवजे की पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Israel Election

Israel Election: आइजनकोट को Opinion Polls में बढ़त, Netanyahu के सामने सत्ता बचाने की चुनौती

इजराइल (Israel) में 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव (Election) के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता और विपक्षी नेता गैडी आइजनकोट की चुनौती पर पूरी दुनिया की नजर है। Election से पहले आए ओपिनियन पोल में आइजनकोट की यशार (Yashar) पार्टी को कई सर्वे में बढ़त मिली है, लेकिन सरकार कौन बनाएगा, इसे लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। यह चुनाव इजराइल के लिए कई मायनों में अहम है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा में हुए युद्ध के बाद पहली बार देश में आम चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना की भूमिका, सरकार की जवाबदेही और देश की आर्थिक स्थिति जैसे कई बड़े मुद्दे हैं। Israel Election 2026: Opinion Polls में किसे कितनी सीटें? चुनाव से पहले जारी चार प्रमुख सर्वे के औसत के मुताबिक, गैडी आइजनकोट की यशार पार्टी को करीब 22 से 23 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया, जबकि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को लगभग 20 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग सर्वे के नतीजों में अंतर है। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चार प्रमुख सर्वे के औसत में आइजनकोट की पार्टी को 22.5 और लिकुड को करीब 19.75 सीटें मिलने का अनुमान था। यहां ध्यान देने वाली बात है कि किसी पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी बनना और सरकार बनाना दो अलग-अलग बातें हैं। इजराइल में सरकार बनाने के लिए गठबंधन का समर्थन जरूरी होता है। इसलिए चुनाव के बाद छोटी पार्टियों की भूमिका भी काफी अहम हो सकती है। Netanyahu के सामने सत्ता बचाने की चुनौती बेंजामिन नेतन्याहू लंबे समय से इजराइल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इस बार उनके नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान हुई सुरक्षा चूक, गाजा युद्ध और सैन्य सेवा से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की विफलताओं की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, नेतन्याहू के समर्थक उनके सुरक्षा संबंधी फैसलों और युद्धकालीन नेतृत्व को महत्वपूर्ण मानते हैं। इस चुनाव में मतदाता यह भी तय करेंगे कि देश की मौजूदा नीतियां जारी रहनी चाहिए या सरकार के नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है। कौन हैं Gadi Eisenkot, जो Netanyahu को दे रहे चुनौती? गैडी आइजनकोट इजराइल के पूर्व सैन्य प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति में अपनी पहचान सुरक्षा और राष्ट्रीय जवाबदेही से जुड़े मुद्दों के जरिए बनाई है। उनकी यशार पार्टी इस चुनाव में विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल है। आइजनकोट के सामने केवल अधिक सीटें जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि अलग-अलग विपक्षी दलों को साथ लाकर सरकार बनाने लायक समर्थन जुटाना भी जरूरी है। विपक्ष में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट, यायर लैपिड और अन्य नेताओं से जुड़े दल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इजराइल में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? इजराइल की संसद को नेसेट (Knesset) कहा जाता है। इसमें कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। Isreal में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री को वोट नहीं देते, बल्कि राजनीतिक पार्टियों को चुनते हैं। चुनाव के बाद पार्टियां गठबंधन बनाकर सरकार बनाने का प्रयास करती हैं। अगर नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत जुटा लेता है, तो वह सत्ता में बने रहने की कोशिश कर सकता है। दूसरी ओर, आइजनकोट के नेतृत्व वाला विपक्ष पर्याप्त समर्थन हासिल करता है, तो नई सरकार बनने का रास्ता खुल सकता है। यदि कोई भी पक्ष बहुमत नहीं जुटा पाता, तो सरकार गठन को लेकर लंबी बातचीत और राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन सकती है। Israel Election के प्रमुख मुद्दे क्या हैं? इस चुनाव में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। हमास के हमले के बाद इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था, गाजा में युद्ध और क्षेत्रीय तनाव लगातार चर्चा में रहे हैं। ईरान के साथ टकराव और अमेरिका के साथ संबंध भी देश की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय के लिए सैन्य सेवा में छूट, न्यायिक व्यवस्था में बदलाव और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के विचार अलग-अलग हैं। चुनाव के बाद बनने वाली सरकार को सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू राजनीतिक मतभेदों से भी निपटना होगा। Israel Election Result 2026: कब साफ होगी तस्वीर? मतदान के बाद एग्जिट पोल से शुरुआती संकेत मिल सकते हैं, लेकिन अंतिम नतीजों के लिए आधिकारिक मतगणना का इंतजार करना होगा। इसके बाद सरकार बनाने के लिए गठबंधन की बातचीत शुरू होगी। फिलहाल ओपिनियन पोल में आइजनकोट की पार्टी को बढ़त मिलने के बावजूद किसी नेता के प्रधानमंत्री बनने की पुष्टि नहीं हुई है। असली तस्वीर इस बात से तय होगी कि कौन-सा राजनीतिक गठबंधन नेसेट में 61 सांसदों का समर्थन हासिल कर पाता है। इजराइल के इस चुनाव का असर केवल देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। नई सरकार की नीतियां गाजा, ईरान, अमेरिका और पूरे मध्य पूर्व के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अब सबकी नजर चुनाव परिणाम और उसके बाद होने वाले सरकार गठन पर टिकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।

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