NE

News Elementor

Latest Posts

दिल्ली धमाका: अब जुड़ा कनेक्शन मध्यप्रदेश के महू से, आरोपी डॉक्टर की यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पर जांच की नजर

दिल्ली धमाके का एक सिरा अब मध्यप्रदेश के महू से जुड़ता नजर आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी, जो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था, उसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी मूल रूप से महू का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि डॉ. उमर नबी ने अपनी i-20 कार में विस्फोटक रखकर खुद को उड़ा लिया, जबकि उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल शकील को विस्फोटक जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।इस यूनिवर्सिटी को चलाने वाला अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट भी महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी ने ही स्थापित किया था। वही ट्रस्ट का अध्यक्ष और यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति भी है। यूनिवर्सिटी का बयान: “हर काम कानून के हिसाब से” बुधवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने पहली बार बयान जारी करते हुए कहा— “हमारे दो डॉक्टर (डॉ. मुजम्मिल और शाहीन सईद) हिरासत में हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी का उनसे जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी में न कोई केमिकल और न ही विस्फोटक रखा गया था। हमारी लैब सिर्फ MBBS स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग के लिए है और हर काम कानून के हिसाब से किया जाता है।” जवाद का अतीत: इन्वेस्टमेंट कंपनी से लेकर यूनिवर्सिटी तक जांच में पता चला है कि जवाद ने पहले अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी के नाम से कारोबार शुरू किया था। उसने लोगों को मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया, लेकिन 2001 में आर्थिक गड़बड़ी के बाद वह परिवार समेत दिल्ली भाग गया। इसके बाद फरीदाबाद में कॉलेज शुरू किया, जो आगे चलकर यूनिवर्सिटी बन गया। महू में खाली पड़ा मकान, जांच जारी महू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद और उसके परिवार के पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है।उनके अनुसार, “जवाद करीब 25 साल पहले तक महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हम्माद सिद्दीकी शहर काजी रह चुके हैं। वहीं, उसका सौतेला भाई अफाम हत्या के मामले में जेल जा चुका है।” वर्तमान में जवाद के महू स्थित चार मंजिला मकान पर ताला लगा है। यह मकान उसके पिता के नाम पर है और स्थानीय लोग इसे ‘मौलाना की बिल्डिंग’ के नाम से जानते हैं। आईजी (ग्रामीण) अनुराग सिंह ने कहा— “हमें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। संबंधित रिकॉर्ड जुटाकर जांच की जा रही है।” 🔗 Source: Deshharpal News Portal — सच्ची और संवेदनशील खबरों के लिए जुड़ें deshharpal.com
Read more

गुना पुलिस की बड़ी सफलता: महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियां गुजरात और राजस्थान से बरामद

गुना की कैंट पुलिस ने शानदार काम करते हुए महीनों से लापता दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल खोज निकाला है। एक लड़की को गुजरात के पोरबंदर से और दूसरी को राजस्थान के कोटा से बरामद किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया है। फरवरी और जून से थीं लापता पहली 16 वर्षीय किशोरी 23 फरवरी को बिना बताए घर से चली गई थी, जबकि दूसरी 15 साल की लड़की 19 जून से लापता थी। दोनों के परिवारों ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिली सफलता प्रदेशभर में 1 से 30 नवंबर तक “विशेष ऑपरेशन मुस्कान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत SP अंकित सोनी ने सभी थाना प्रभारियों को लापता बच्चों की खोज तेज करने के निर्देश दिए थे। ASP मानसिंह ठाकुर और CSP प्रियंका मिश्रा के निर्देशन में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से दोनों लड़कियों का लोकेशन ट्रेस किया। दो राज्यों में भेजी गईं पुलिस टीमें जांच में पता चला कि एक लड़की गुजरात के पोरबंदर में है जबकि दूसरी राजस्थान के कोटा में। इसके बाद पुलिस की दो टीमें तुरंत दोनों राज्यों के लिए रवाना हुईं और सफलतापूर्वक दोनों नाबालिगों को सुरक्षित गुना लेकर आईं। बाल कल्याण समिति ने किया सुपुर्द गुना पहुंचने के बाद दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति अध्यक्ष नीरू शर्मा ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया। पुलिस टीम की सराहना इस पूरी कार्रवाई में TI अनूप कुमार भार्गव, उप निरीक्षक ज्योति राजपूत, SI अरुंधति राजावत, प्रधान आरक्षक मनोज कलावत, आरक्षक माखन चौधरी, सचिन शर्मा, सूर्यभान जाट, महिला आरक्षक प्रीति राठौड़, रक्षा रघुवंशी, धनकुवर जाटव और साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव व भूपेंद्र खटीक की अहम भूमिका रही। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

ग्वालियर में दोस्त ने ही की दोस्त की पत्थर से हत्या, रेलवे स्टेशन पर मिला शव

ग्वालियर में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां एक युवक की उसके ही जिगरी दोस्त ने सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को शहर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला खून से लथपथ शव यह घटना ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के सर्कुलेटिंग एरिया की है। यहां 28 वर्षीय शिवम यादव, निवासी नूरगंज, का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उसके सिर पर गहरे घाव थे और पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। शिवम घरों में रंगाई-पुताई का काम करता था। CCTV में दिखा आखिरी वक्त का सच पुलिस को मौके से CCTV फुटेज मिला जिसमें शिवम और उसका दोस्त आकाश जाटव शराब खरीदते नजर आ रहे हैं। फुटेज में दोनों कुछ देर बात करते हैं और फिर सड़क की ओर जाते हैं। इसके बाद आकाश ने पत्थर उठाकर शिवम के सिर पर वार कर दिया। कहासुनी के बाद हत्या की कबूलियत सोमवार रात पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शिवम शराब पीने के बाद उसे जबरदस्ती घूमने के लिए दबाव डाल रहा था। इसी बात पर गुस्से में आकर उसने पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस की सख्त जांच जारी आसपास के लोगों ने बताया कि दोनों काफी देर से झगड़ रहे थे। पुलिस को शक है कि आरोपी की कहानी पूरी सच्चाई नहीं है। जीआरपी थाना नैरोगेज प्रभारी दीप शिखा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या के असली कारणों की गहराई से जांच जारी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
Read more

कोरबा: ईसाई पत्नी का जैन पति पर धर्म बदलने का दबाव डालने का आरोप, हाईकोर्ट ने 12 हजार रुपए भरण-पोषण का आदेश बरकरार रखा

कोरबा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने के बाद ईसाई धर्म की महिला ने अपने जैन पति पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि शादी के बाद पति उसे अपने साथ नहीं ले गया और ससुराल वालों ने भी उस पर जैन धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पत्नी के इनकार के बाद वह मजबूरी में अपने मायके में ही रहने लगी। इसके बाद उसने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की। कोर्ट को बताया गया कि उसे कमर और सीने में गंभीर दर्द रहता है, जिसका इलाज कराने में हर माह 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं। वहीं पति एक इंजीनियर है और उसकी मासिक सैलरी करीब 85,940 रुपए है। पत्नी ने कोर्ट से हर माह 45 हजार रुपए भरण-पोषण की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने 12 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसमें उसने कहा कि पत्नी शिक्षित है और खुद का खर्च उठा सकती है। लेकिन हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पत्नी के पास आय का कोई स्रोत नहीं है, जबकि पति की आमदनी पर्याप्त है। ऐसे में पत्नी को आर्थिक सहायता देना जरूरी है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पत्नी को हर महीने 12 हजार रुपए भरण-पोषण मिल सकेगा। 👉 ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

खंडवा में आदिवासी विधवा से अन्याय: शादी का झांसा देकर किया रेप, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई — ज़हर खाकर दी जान देने की कोशिश

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय आदिवासी विधवा महिला ने रविवार को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि एक खेत मालिक ने उससे शादी का झांसा देकर रेप किया, और जब उसने न्याय के लिए पुलिस व अधिकारियों से शिकायत की, तो उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। इसी अन्याय से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। ससुराल ने निकाला, मायके में रह रही थी महिला पीड़िता ने बताया कि वह विधवा है और उसकी चार बेटियां हैं। बेटा न होने के कारण ससुराल वालों ने उसे झिरन्या क्षेत्र से निकाल दिया था। अब उसकी बेटियां सास-ससुर के पास हैं और वह खुद मायके में रह रही थी। खेत मालिक ने शादी का झांसा देकर किया रेप महिला के मुताबिक, जुलाई में वह जामला गांव के एक खेत में मजदूरी करने गई थी, जहां खेत मालिक सुखलाल भिलाला ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। 15 दिन तक साथ रखा, फिर पंचायत में हुआ पैसों का सौदा सुखलाल उसे भगाकर ले गया और करीब 15 दिन तक अपने साथ रखा। जब परिजनों को पता चला, तो पंचायत बुलाई गई। वहां तय हुआ कि शादी के बदले सुखलाल 80 हजार रुपए देगा। उसने पहले 25 हजार दिए, लेकिन बाद में कहा कि “वह विधवा है, कबाड़ हो गई है।” तीन महीने तक साथ रखकर फिर भगा दिया महिला का आरोप है कि सुखलाल ने तीन महीने तक उसे पत्नी की तरह रखा और फिर यह कहकर निकाल दिया कि उसने कोई शादी नहीं की। पुलिस और प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई पीड़िता ने 24 अक्टूबर को पंधाना थाने में शिकायत की, लेकिन सिर्फ आवेदन लेकर लौटा दिया गया। 4 नवंबर को उसने जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी से भी मुलाकात की, पर कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर उठाया आत्मघाती कदम न्याय न मिलने से निराश महिला ने रविवार को ज़हर खा लिया। भाई ने समय रहते देखा और उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस बोली—मामले की जानकारी नहीं थी टीआई दिलीप देवड़ा ने कहा कि उन्हें इस आवेदन की जानकारी नहीं थी, अब कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएसपी अनिल सिंह चौहान ने कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की है तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसे और सच्चे समाचार पढ़ें: www.deshharpal.com
Read more

कटनी f ग्रामीणों की जिद पर जीता न्याय: कलेक्टर ने ठेकेदार को दी सड़क की लीज, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

कटनी जिले की बरही तहसील के तीन गांवों — करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा — के लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। ग्रामीणों की आवाजाही रोकने वाले मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दरअसल, इन गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क को कटनी कलेक्टर ने एक ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को लीज पर दे दी थी। ठेकेदार ने उस रास्ते पर गिट्टी डंप करना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया। कलेक्टर से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ⚖️ कोर्ट ने जताई नाराजगी मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने पहले प्रशासन को सड़क खोलने के आदेश दिए, लेकिन आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खोला गया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी किया और 10 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा — “अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ है, तो यह गंभीर अवमानना का मामला है।” 🛣️ ग्रामीणों का एकमात्र रास्ता यह सड़क वर्षों से ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा रही है। लोग इसी रास्ते से तहसील और शहर तक आते-जाते थे।लेकिन 1 जुलाई 2025 को कलेक्टर ने खनिज विभाग की रिपोर्ट पर ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की करीब 65 हेक्टेयर भूमि को ठेकेदार को लीज पर दे दी। महज 300 रुपये वार्षिक किराये में यह जमीन खनन डंपिंग साइट के रूप में दे दी गई। जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि “सार्वजनिक सड़क” के रूप में दर्ज है। 🧾 ग्रामीणों की याचिका बनी आधार कटनी निवासी संदीप जायसवाल ने 16 सितंबर को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।27 सितंबर और 13 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन को सड़क खोलने का आदेश दिया था।लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो 4 नवंबर को अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण जे. पवार, अक्षत अरजरिया और चिरंजीवी शर्मा ने दलील दी कि प्रशासन ने “राजनीतिक दबाव” में आकर यह निर्णय लिया। ⚠️ कोर्ट की सख्त चेतावनी कोर्ट ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनी सड़क को किसी निजी व्यक्ति या कंपनी के हित में नहीं दिया जा सकता।यदि अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगी।फिलहाल, अदालत ने सड़क पर डंपिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिली है। 📍 ग्रामीणों की एकजुटता और न्याय के प्रति भरोसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। 👉 ऐसी और जनहित से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

MP में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती के लिए आज आखिरी मौका, रात 12 बजे तक भरें फॉर्म

मध्यप्रदेश पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज बड़ा दिन है। सब इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार भर्ती के लिए आवेदन भरने का आज आखिरी दिन (10 नवंबर) है। उम्मीदवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। राज्य में कुल 500 पदों पर भर्ती हो रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगले साल 9 जनवरी 2026 से भोपाल, इंदौर सहित 12 शहरों में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगा। 📝 आवेदन और संशोधन की अंतिम तिथि 💰 आवेदन शुल्क (यह शुल्क केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए लागू है।) 👮 वेतनमान और योग्यता 📍 परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन, रतलाम, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा और बालाघाट सहित 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी। यह भर्ती युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार आज ही अपना आवेदन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरा करें। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
Read more

गुना बायपास पर भीषण सड़क हादसा: उज्जैन जा रहे परिवार की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, 2 की मौत, 4 गंभीर घायल

शनिवार सुबह गुना बायपास पर RTO कार्यालय के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक परिवार की कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवार उज्जैन महाकालेश्वर दर्शन के लिए जा रहा था। उज्जैन दर्शन के रास्ते हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, शिवलाल शुक्ला अपने परिवार के साथ कार (क्रमांक UP78-EF-9805) से उज्जैन जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे वे गुना बायपास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही हाहाकार मच गया। सड़क पर एक ही लेन खुली थी, आमने-सामने की भिड़ंत बायपास पर फिलहाल सड़क का पेंचवर्क चल रहा है, जिसके कारण केवल एक लेन खुली थी। ट्रक और कार दोनों उसी रास्ते पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रक ने ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे आमने-सामने टक्कर हो गई। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। दो की मौत, चार घायल — दो को ग्वालियर रेफर हादसे में शिवलाल शुक्ला और कुंज शुक्ला (10) की मौके पर ही मौत हो गई।घायलों में स्वाति शुक्ला (25), दीपा शुक्ला, रीता शुक्ला और डेढ़ साल की मान्या शुक्ला शामिल हैं।पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दो की हालत नाजुक होने पर ग्वालियर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ट्रक चालक और दुर्घटना के सही कारणों की पड़ताल कर रही है। 🔸 For more such news and updates, visit www.deshharpal.com
Read more

सीहोर में मेडिकल दुकानों पर औचक जांच: 6 दुकानों से दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने जिले में मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से की गई। जांच टीम ने बकतरा और बुधनी क्षेत्र की कई दुकानों का दौरा किया। रिकॉर्ड और साफ-सफाई की जांच निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों की साफ-सफाई, दवाओं के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, एक्सपायर्ड दवाओं के रख-रखाव और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की स्थिति की बारीकी से जांच की। 6 मेडिकल दुकानों से लिए गए सैंपल टीम ने कुल 6 मेडिकल दुकानों से दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जिन दुकानों का निरीक्षण किया गया उनमें शामिल हैं –सतेंद्र मेडिकल, जीवनरक्षा मेडिकल, लक्ष्मी मेडिकल, बालाजी मेडिकल, आरके मेडिकल और पीयूष मेडिकल। प्रशासन ने बताया कि अगर जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 🔸 For more such updates, visit www.deshharpal.com
Read more

इंदौर में भाजपा नेता सत्तन का मंच से तंज: ‘जो सेव-परमल पर जीते थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं

भाजपा के वरिष्ठ नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन ने वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से बिना किसी का नाम लिए तीखा व्यंग्य किया। सत्तन ने कहा—“जो कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब राजकीय गाड़ियों में घूम रहे हैं।” यह कार्यक्रम इंदौर के राजवाड़ा में हुआ था। जब सत्तन मंच पर बोल रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी सायरन बजाते हुए पहुंची। नगर अध्यक्ष ने बताया कि “कैलाश जी आ गए”, तो सत्तन मुस्कुराए और बोले—“ये भी प्रजातंत्र का गौरव है कि जो कल तक झंडा उठाकर घूमते थे, आज गाड़ी में घूम रहे हैं। उनके आने से पहले ही ‘पी-पी-पी-पी’ की आवाज हो रही है।” सत्तन ने आगे कहा—“जो लोग कभी चने नहीं खा सकते थे, सेव-परमल पर जिंदा थे, अब आपके पुण्य प्रताप से राजकीय गाड़ियों में बैठकर आपके बीच आने का गौरव पा रहे हैं। ये सम्मान आपने दिया है, तालियां तो बनती हैं।” उनकी बातों पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। पुराने कार्यकर्ताओं को याद किया सत्तन ने कहा कि आज मंच पर नई पीढ़ी के नेता हैं, लेकिन बाहर वही पुराने कार्यकर्ता खड़े हैं जिन्होंने संघर्ष के दिनों में पार्टी का झंडा थामे रखा था। आज वे खड़े होकर आत्मसंतुष्टि पा रहे हैं कि उनके संघर्ष से राष्ट्रप्रेम की मशाल जल रही है।उन्होंने कहा, “भाजपा भारत माता की जय और राष्ट्र चेतना के जागरण के लिए कार्य कर रही है।” विजयवर्गीय बोले – ‘वंदे मातरम्’ देश को फिर से खड़ा करने का मंत्र कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि एक मंत्र है। यह भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि जब देश की आज़ादी के 100 साल पूरे हों, तब भारत दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिना जाए।” भाजपा नगर अध्यक्ष बोले – ‘वंदे मातरम् एक ग्रंथ है’ भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ एक ग्रंथ है, जिसने भारत की एकता और बलिदान की भावना को जन्म दिया। इसे गाते-गाते असंख्य क्रांतिकारी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।” यह गीत आज भी भारत माता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 🔸 For more such news, visit deshharpal.com
Read more
1 12 13 14 15 16 34

Editor's Picks

TMKOC अपडेट: पोपटलाल की शादी का इंतजार, दयाबेन की वापसी पर सस्पेंस और नई एंट्री ने खोले कई राज

TMKOC अपडेट: पोपटलाल की शादी का इंतजार, दयाबेन की वापसी पर सस्पेंस और नई एंट्री ने खोले कई राज

टीवी का सबसे पॉपुलर शो Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah (TMKOC) एक बार फिर चर्चा में है। शो के फैंस लंबे समय से कुछ सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं—पोपटलाल की शादी आखिर कब होगी, दयाबेन कब लौटेंगी और जेठालाल का इंतजार कब खत्म होगा? पोपटलाल की शादी पर फिर चर्चा शो में पत्रकार पोपटलाल का किरदार हमेशा से शादी को लेकर फेमस रहा है। हर बार कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है और उनकी शादी टल जाती है। फैंस अब फिर से यही सवाल पूछ रहे हैं—क्या इस बार उनका सपना पूरा होगा? दयाबेन की वापसी का इंतजार दयाबेन के किरदार की गैरमौजूदगी शो में लंबे समय से महसूस की जा रही है। जेठालाल भी कई बार उनके लौटने की उम्मीद जताते दिखे हैं। दर्शक अभी भी उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। नई एंट्री ने खोले कुछ सीक्रेट्स हाल ही में शो में हुई नई एंट्री ने कहानी में कुछ नए मोड़ और सीक्रेट्स का संकेत दिया है। इससे फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ गई है कि आगे कहानी किस दिशा में जाएगी। दर्शकों की बढ़ी दिलचस्पी शो में चल रहे इन सवालों और ट्विस्ट्स ने एक बार फिर दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार एपिसोड्स और कैरेक्टर्स पर चर्चा कर रहे हैं।
करियर की शुरुआत में फ्लॉप रही फिल्म, एक्टर Avinash Tiwary ने झेला तानों का दौर

करियर की शुरुआत में फ्लॉप रही फिल्म, एक्टर Avinash Tiwary ने झेला तानों का दौर

बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके एक्टर Avinash Tiwary के करियर की शुरुआत आसान नहीं रही। उनकी पहली ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिसके बाद उन्हें इंडस्ट्री में काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती दिनों में उनकी फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उन्हें तानों का सामना भी करना पड़ा और कुछ लोगों ने उन्हें “बेचारा” तक कह दिया था। शुरुआत में मुश्किल समय अविनाश तिवारी ने जब अपने करियर की शुरुआत की थी, तब उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ लॉन्च किया गया था। लेकिन फिल्म का रिस्पॉन्स अच्छा नहीं रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ। हार नहीं मानी, आगे बढ़ते रहे हालांकि इस मुश्किल दौर के बावजूद अविनाश तिवारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने धीरे-धीरे अपने अभिनय पर काम किया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दमदार किरदारों के जरिए वापसी की। अब बदल गई पहचान आज अविनाश तिवारी को एक टैलेंटेड और गंभीर अभिनेता के तौर पर देखा जाता है। उनकी मेहनत और धैर्य ने उन्हें इंडस्ट्री में एक नई पहचान दिलाई है।
8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर नई सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ HRA (House Rent Allowance) में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। इससे सिर्फ बड़े शहरों जैसे दिल्ली-पटना ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। HRA में क्या हो सकता है बदलाव? रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए वेतन आयोग में HRA की दरों में बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है। इसका मतलब है कि किराए पर रहने वाले कर्मचारियों को हर महीने ज्यादा भत्ता मिल सकता है। कर्मचारियों को कैसे होगा फायदा? छोटे शहरों के लिए भी बड़ी राहत अभी तक HRA का ज्यादा फायदा बड़े शहरों में रहने वालों को मिलता है, लेकिन अगर नया फॉर्मूला लागू हुआ तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के कर्मचारी भी इससे लाभान्वित होंगे। अभी क्या है स्थिति? फिलहाल 8th Pay Commission को लेकर चर्चा जारी है। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा और अंतिम सिफारिशों का इंतजार किया जा रहा है।
30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी 30 साल की एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर पर अचानक बेहोश हो गई थीं, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद उनके परिवार और करीबी लोग गहरे सदमे में हैं। अचानक बिगड़ी तबीयत जानकारी के मुताबिक, एक्ट्रेस अपने घर पर सामान्य दिन की तरह थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, जो सफल नहीं हो सकी। परिवार में मातम का माहौल इस अचानक हुए निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में शोक का माहौल है और रिश्तेदार व करीबी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। हरियाणवी इंडस्ट्री में शोक उनके निधन की खबर से हरियाणवी मनोरंजन जगत में भी शोक की लहर है। कई कलाकारों और सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। जांच या कारणों की जानकारी नहीं फिलहाल मौत के सही कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन और डॉक्टर स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

Bhopal में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। शहर के संवेदनशील माने जाने वाले पॉलिटेक्निक चौराहा पर अब किसी भी तरह के प्रदर्शन, धरना, रैली या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस फैसले के बाद अब यहां किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया? पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह निर्णय शहर में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लिया गया है। अक्सर इस इलाके में प्रदर्शन के कारण जाम और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। क्यों लिया गया यह फैसला? आगे क्या नियम रहेगा? अब इस क्षेत्र में किसी भी संगठन या समूह को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों की प्रतिक्रिया इस फैसले को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.