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Ashutosh Kuila

कम उम्र में अमर नाम Ashutosh Kuila की शहादत की कहानी

Ashutosh Kuila का परिचय भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कई ऐसे युवा वीर हुए जिन्होंने अपनी कम उम्र में ही अद्भुत साहस और बलिदान का परिचय दिया। Ashutosh Kuila उन्हीं महान शहीदों में से एक थे, जिन्होंने मात्र 18 साल की उम्र में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। झारखंड (तत्कालीन बिहार) के इस युवा योद्धा की कहानी हमें याद दिलाती है कि सच्चा देशप्रेम उम्र का मोहताज नहीं होता। जन्म और प्रारंभिक जीवन स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका गिरफ्तारी और यातना 18 साल में शहादत Ashutosh Kuila की विरासत हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pooja Pal

Pooja Pal को सपा से निकाला, योगी Adityanath की तारीफ बनी कारण

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक Pooja Pal को पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने पार्टी से निकाल दिया। इस कार्रवाई के पीछे उनके द्वारा मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सराहना करना, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करना और BJP के उम्मीदवार के लिए प्रचार करना मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। सपा विधायक का विवादित बयान Pooja Pal ने हाल ही में विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था, “अतीक को मिट्टी में मिला दिया।” उनके इस बयान को पार्टी लाइन के खिलाफ माना गया और इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया। क्रॉस वोटिंग और BJP प्रचार इसके पहले Pooja Pal ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी और फूलपुर उपचुनाव में BJP उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था। इस वजह से पार्टी में असंतोष व्याप्त था। अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया कि सपा किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। सपा की सख्त नीति पूजा पाल के निष्कासन से यह साबित होता है कि Samajwadi Party अपने पार्टी अनुशासन में सख्त है। पार्टी ने घोषणा की है कि अब पूजा पाल किसी भी पार्टी मीटिंग या इवेंट में शामिल नहीं हो सकेंगी। इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है, खासकर ऐसे समय में जब विधानसभा और आगामी चुनावों की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dharavi

Dharavi Redevelopment धारावी का कायाकल्प, भारत का सबसे बड़ा Urban Renewal

मुंबई की धारावी (Dharavi ), जो एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती मानी जाती है, अब जल्द ही एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर में बदलने वाली है। Dharavi Redevelopment Project भारत का सबसे बड़ा Urban Renewal Mission है, जिसे महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह के संयुक्त उपक्रम Navbharat Mega Developers Pvt. Ltd. (NMDPL) द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए का निवेश, आधुनिक आवास, ट्रांसपोर्ट हब और सभी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि (Project Background) Dharavi पुनर्विकास का सपना करीब 20 साल पुराना है। कई बार टेंडर जारी हुए लेकिन जमीन, कानूनी और वित्तीय अड़चनों के कारण काम शुरू नहीं हो सका। 2022 में अदाणी समूह ने 80% हिस्सेदारी और महाराष्ट्र सरकार ने 20% हिस्सेदारी के साथ Special Purpose Vehicle (SPV) बनाकर इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। पात्रता और पुनर्वास योजना (Eligibility & Rehabilitation) भूमि विभाजन और निर्माण (Land Division & Development Plan) अपात्र परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास (Alternate Housing for Ineligible Families) परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर (Transport & Infrastructure) डिजाइन और समयसीमा (Design & Timeline) महत्व और फायदे (Importance & Benefits) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Partition Horrors Remembrance Day 2025: PM Modi और Amit Shah ने किया शहीदों को नमन

PM Modi का संदेश: एकता और साहस का प्रतीक 14 अगस्त 2025 को पूरे देश में Partition Horrors Remembrance Day यानी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस मौके पर PM Modi ने 1947 के विभाजन को भारत के इतिहास का “सबसे दर्दनाक और काला अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि उस समय लाखों लोग अपने घर, जमीन और पहचान से वंचित हुए, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस और जज़्बे के साथ अपने जीवन को फिर से बसाया। पीएम मोदी ने राष्ट्र से एकता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। अमित शाह, राजनाथ सिंह और जयशंकर के बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विभाजन “हिंसा, शोषण और पीड़ा” का दौर था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों ने देश को टुकड़ों में बांट दिया, जिससे “मां भारती के गौरव” को ठेस पहुंची।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभाजन को “पीड़ादायक अध्याय” कहा, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे मानवीय और रणनीतिक दृष्टि से गहरी चोट पहुंचाने वाला ऐतिहासिक हादसा बताया। महाराष्ट्र सरकार की पहल महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 14 अगस्त को आधिकारिक रूप से Partition Horrors Remembrance Day घोषित किया है। राज्य के सभी स्कूलों में ज़ीरो पीरियड के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का आदेश दिया गया है, ताकि छात्रों को विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय त्रासदी के बारे में जागरूक किया जा सके। केरल में राजनीतिक विवाद केरल में यह दिन राजनीतिक विवाद का कारण भी बना। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे इस दिन से जुड़े सेमिनार और नाट्य कार्यक्रम आयोजित करें। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने इसे “संवैधानिक दायरे का उल्लंघन” बताते हुए विरोध किया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह “आरएसएस एजेंडा” को शैक्षणिक परिसरों में लाने की कोशिश है। विभाजन पीड़ितों की कहानियां हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi-NCR Stray Dogs Case सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, विरोध और अगला कदम

सुप्रीम कोर्ट का आदेश Delhi-NCR Stray Dogs Case पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश पूरे देश में बहस और विवाद का विषय बन गया है। पहले, 11 अगस्त को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने निर्देश दिया था कि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाज़ियाबाद की सभी सड़कों से आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों के भीतर पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए और उन्हें वापस सड़कों पर छोड़ने की इजाज़त न दी जाए। इस आदेश में यह भी कहा गया था कि शेल्टर होम में कुत्तों का स्टरलाइजेशन (Sterilization), टीकाकरण (Vaccination), CCTV निगरानी, और डॉग-बाइट हेल्पलाइन शुरू की जाए, जिस पर शिकायत आने के 4 घंटे के भीतर कार्रवाई हो। नई बेंच में सुनवाई और सरकार का रुख देशभर में भारी विरोध और कानूनी चुनौतियों के बाद, 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की नई तीन-न्यायाधीशों की बेंच को सौंपा। सुनवाई के दौरान Delhi सरकार के पक्ष से सॉलिसिटर जनरल ने कहा – “आदेश के किस हिस्से पर आपत्ति है? बच्चे मर रहे हैं… सिर्फ Sterilization से समस्या खत्म नहीं हो रही।” विरोध और चिंताएं मामले की पृष्ठभूमि इस आदेश की पृष्ठभूमि Delhi में हाल ही में हुई 6 साल की बच्ची की रेबीज़ से मौत है। कोर्ट ने कहा कि Public Safety को भावनाओं से ऊपर रखा जाना चाहिए। जस्टिस पारदीवाला ने सुनवाई के दौरान “The Good, The Bad and The Ugly” फिल्म का उदाहरण देकर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। आगे क्या? नई बेंच इस आदेश की समीक्षा कर रही है और संभव है कि मौजूदा निर्देशों में बदलाव हो। यह भी तय हो सकता है कि दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए Mass Removal Policy जारी रहेगी या फिर TNR (Trap–Neuter–Release) और Vaccination जैसी मानवीय योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bishni Devi Shah

Bishni Devi Shah उत्तराखंड की First Woman Freedom Fighter और आज़ादी की वीरांगना

भारत की आज़ादी की लड़ाई में जहां महात्मा गांधी, भगत सिंह और रानी लक्ष्मीबाई जैसे बड़े नाम चर्चित रहे, वहीं कई ऐसे वीर-वीरांगनाएं भी थीं जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में कम लिखा गया। Bishni Devi Shah इन्हीं में से एक हैं, जिन्हें Uttarakhand की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी (First Woman Freedom Fighter) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने साहस, त्याग और अदम्य इच्छाशक्ति से पहाड़ के कोने-कोने में आज़ादी की अलख जगाई। प्रारंभिक जीवन और संघर्ष की शुरुआत Bishni Devi Shah का जन्म उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही उनमें न्याय और देशभक्ति की भावना थी। पहाड़ी गांव में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने समाज की रूढ़ियों को चुनौती दी और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया। स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका महिलाओं को आंदोलन में शामिल करने की प्रेरणा उस दौर में महिलाओं की स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी बेहद कम थी, लेकिन Bishni Devi Shah ने गांव-गांव जाकर उन्हें आंदोलन में जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह साबित किया कि आज़ादी की लड़ाई में महिला और पुरुष का योगदान समान है। त्याग और बलिदान विरासत और सम्मान आज Bishni Devi Shah को Uttarakhand की First Woman Freedom Fighter के रूप में सम्मानित किया जाता है। हालांकि उनका नाम मुख्यधारा के इतिहास में कम दर्ज है, लेकिन स्थानीय इतिहासकार और समाजसेवी उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sushil Kumar

Sushil Kumar Bail Cancelled सुप्रीम कोर्ट ने सागर धनखड़ Murder Case में जमानत रद्द कर एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश

ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान Sushil Kumar को Supreme Court से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मार्च 2025 में दी गई जमानत को रद्द करते हुए उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। यह फैसला Sagar Dhankhar Murder Case में आया है, जिसमें Sushil Kumar पर गवाहों को धमकाने और ट्रायल को प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं। Supreme Court ने क्यों रद्द की जमानत? यह मामला सुप्रीम कोर्ट में Sagar Dhankhar के पिता Ashok Dhankhar की याचिका पर पहुंचा। याचिका में दावा किया गया कि Sushil Kumar ने जमानत पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण गवाहों को डराने और प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया और तुरंत सरेंडर का निर्देश दिया। Delhi High Court का पुराना आदेश मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि केस की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। तीन साल में 186 में से केवल 30 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए थे। इसी आधार पर सुशील को राहत दी गई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया। Murder Case का पूरा मामला 4 मई 2021 की रात दिल्ली के Chhatrasal Stadium के पास हुई हिंसक झड़प में 23 वर्षीय Sagar Dhankhar, जो जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन रह चुके थे, की मौत हो गई थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण गंभीर सिर की चोटें (blunt force trauma) बताया गया। इस घटना में सागर के दो दोस्त भी घायल हुए थे।पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला कथित तौर पर एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुआ था, जिसमें Sushil Kumar और उनके सहयोगियों का नाम आया। आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सुशील कुमार को एक हफ्ते में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत में पूछताछ और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UNGA

PM Modi America Visit UNGA भाषण और Trump से अहम मुलाकात के संकेत

PM Modi के सितंबर में अमेरिका दौरे की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जा सकते हैं। इस दौरान उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात भी संभव है। UNGA में भाषण का संभावित दिन UNGA का 80वां सत्र 9 सितंबर से 29 सितंबर तक चलेगा और जनरल डिबेट 23 से 29 सितंबर के बीच होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी का भाषण 26 सितंबर को निर्धारित किया गया है। इसी दिन इज़राइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नेता भी बोलेंगे। Trump से Trade Talks की उम्मीद अगर मोदी का यह दौरा तय हो जाता है, तो उनके और ट्रंप के बीच ट्रेड और टैरिफ विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में टैरिफ को लेकर तनाव देखने को मिला है, और यह मुलाकात रिश्तों में सुधार का अवसर बन सकती है। Final Decision अभी बाकी हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी का अमेरिका दौरा अभी फाइनल नहीं हुआ है। UNGA की स्पीकर लिस्ट में उनका नाम होना सिर्फ एक प्रारंभिक संकेत है, लेकिन अंतिम पुष्टि अभी आनी बाकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Shehbaz

Indus Water Treaty विवाद Pakistan PM Shehbaz Sharif की भारत को धमकी

भारत और पाकिस्तान के बीच Indus Water Treaty को लेकर तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ (PM Shehbaz Sharif) ने चेतावनी दी है कि “दुश्मन पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता।” उनका यह बयान भारत द्वारा अप्रैल 2025 में इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले के बाद आया है। Indus Water Treaty – क्या है समझौता? 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, यह समझौता विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था और दशकों से दोनों देश इसे मानते आ रहे थे। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सुरक्षा कारणों से इसे “abeyance” (अस्थायी रोक) में डाल दिया। पाकिस्तान के सख्त बयान भारत का रुख भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के चलते यह संधि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। भारत का मानना है कि पानी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और भू-स्थिति के आधार पर होना चाहिए। भविष्य की स्थिति विशेषज्ञों का मानना है कि पानी पर बढ़ता विवाद South Asia में अस्थिरता बढ़ा सकता है। उम्मीद है कि विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस मामले में मध्यस्थता करेंगी, ताकि स्थिति युद्ध तक न पहुंचे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

यूपी Politics में Thakur Unity ‘कुटुंब परिवार’ मीटिंग में BJP और Opposition के 40 MLA का Power Show

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब सत्ता और विपक्ष दोनों दलों के ठाकुर समुदाय से जुड़े करीब 40 विधायक और विधान परिषद सदस्य एक मंच पर नजर आए। ‘कुटुंब परिवार’ नाम से आयोजित यह खास बैठक लखनऊ के फाइव-स्टार होटल क्लार्क अवध में हुई, जिसने विधानसभा सत्र के बीच राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। BJP और Opposition के Thakur नेता एक मंच पर बैठक में BJP, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के ठाकुर विधायक शामिल हुए। इसमें सत्तारूढ़ पार्टी के मौजूदा MLA, सपा के बागी सदस्य और विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य ठाकुर समुदाय के नेताओं के बीच एकजुटता और आपसी संवाद को मजबूत करना था। ‘कुटुंब परिवार’ WhatsApp Group और सांस्कृतिक Symbols कार्यक्रम के बाद ‘कुटुंब परिवार’ नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों के ठाकुर नेता जुड़े हैं। इस मीटिंग में हर प्रतिभागी को भगवान राम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल का त्रिशूल भेंट किया गया, जिसे जातीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। 8 साल बाद ऐसा जमावड़ा पिछले आठ वर्षों में ठाकुर समुदाय के विधायकों का इतना बड़ा और संगठित जमावड़ा पहली बार हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसे केवल सामाजिक कार्यक्रम न मानकर आने वाले समय की सियासी रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक Significance चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ठाकुर समुदाय से आते हैं, इसलिए यह मीटिंग भाजपा के अंदर और बाहर दोनों ही जगह संदेश देने वाली मानी जा रही है। विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह की एकजुटता भविष्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बांग्लादेश में पिस्तौल लेकर ड्रग्स के खिलाफ उतरे मंत्री, झुग्गियों में छापेमारी का वीडियो वायरल

बांग्लादेश में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मंत्री का पिस्तौल लेकर बस्ती में घूमने का वीडियो सामने आया है। राज्य मंत्री इशराक हुसैन राजधानी ढाका के गेंडारिया इलाके में अपने साथियों के साथ पहुंचे। वीडियो में उनके साथी कुछ लोगों को पकड़ते और तिरपाल से बनी झोपड़ियां तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान मंत्री ने 6 लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले करने का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मंत्री की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी करना कानून लागू करने वाली एजेंसियों का काम है। हालांकि, कोई भी नागरिक अपराध के संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंप सकता है। मंत्री ने फेसबुक पर पोस्ट किया कार्रवाई का वीडियो इशराक हुसैन ने अपने फेसबुक पेज पर कार्रवाई का वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि अभियान के दौरान 6 लोगों को पकड़ा गया। वहीं, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर मलिक अहसान उद्दीन सामी के मुताबिक, पुलिस 10 लोगों को गेंडारिया थाने लेकर गई थी। उन्होंने बताया कि मंत्री ने कुछ लोगों को पकड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने जांच कर उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि छापेमारी का अधिकार कानून लागू करने वाली एजेंसियों के पास है। नागरिक किसी संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले कर सकते हैं, लेकिन कानून के तहत आगे की कार्रवाई पुलिस को ही करनी होती है। पकड़े गए लोगों के पास मिला सफेद पाउडर गेंडारिया थाने के प्रभारी मोनिरुज्जमान मोनिर ने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से सफेद पाउडर जैसा पदार्थ मिला है। हालांकि, यह पदार्थ ड्रग्स है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। मंत्री बोले- अपनी पार्टी के सदस्य पर भी होगी कार्रवाई इशराक हुसैन ने कहा कि ड्रग्स की वजह से देश के युवा बर्बाद हो रहे हैं। उनके मुताबिक, वह पिछले 6 महीने से इस मामले में जानकारी जुटा रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर उनकी अपनी पार्टी का कोई सदस्य ड्रग्स के कारोबार में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अभियान को लेकर कहा, “ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान मेरे निर्वाचन क्षेत्र से शुरू हुआ है। यह पूरे बांग्लादेश में फैलेगा। देश में कहीं भी ड्रग्स के लिए जगह नहीं होगी।” मंत्री ने यह भी कहा कि बाहर से आकर ड्रग्स की सप्लाई करने वालों को पकड़ने में मदद करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। पकड़े गए लोगों ने हाथ जोड़कर मांगी राहत खबर के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कुछ लोगों ने हाथ जोड़कर छोड़ने की अपील की। इस पर मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ मारपीट नहीं की जाएगी और उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा। मंत्री ने कहा, “कोई तुम्हें हाथ नहीं लगाएगा और न ही तुम्हें नुकसान पहुंचाएगा। तुम्हें थाने ले जाया जाएगा और पुलिस जरूरी कार्रवाई करेगी। हम यहां तुम्हें पीटने नहीं आए हैं। देश कानून से चलेगा। तुम्हारा मुकदमा चलेगा और न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलेगी।” फिलहाल, बरामद सफेद पाउडर की पहचान के लिए प्रयोगशाला जांच का इंतजार है। वहीं, पिस्तौल लेकर कार्रवाई करने के मंत्री के तरीके को लेकर पुलिस की टिप्पणी के बाद यह मामला चर्चा में है।

जबलपुर-कटंगी मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक का कहर, दो की मौत; एक युवक गंभीर घायल

जबलपुर-कटंगी मार्ग पर शनिवार शाम तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा पाटन थाना क्षेत्र में सैयद बाबा मजार के पास हुआ। घटना के बाद ट्रक चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे संग्रामपुर गांव के पास पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बाइक सवार दो युवकों और पैदल जा रहे व्यक्ति को कुचला जानकारी के मुताबिक, कटंगी निवासी राहुल यादव और नरेंद्र यादव मोटरसाइकिल पर सवार थे। वहीं, मनीष बर्मन पैदल जा रहे थे। इसी दौरान जबलपुर से दमोह की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक (नंबर AP39UJ3324) ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि नरेंद्र यादव और मनीष बर्मन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, राहुल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। भागने की कोशिश कर रहा चालक गिरफ्तार हादसे की सूचना मिलते ही पाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे संग्रामपुर गांव के पास पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए पाटन भेजे गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल जबलपुर-कटंगी मार्ग पर तेज रफ्तार और बेकाबू वाहनों के कारण होने वाले हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

इंदौर में दर्दनाक हादसा: दशहरे की छुट्टी पर घर लौट रही 9वीं की छात्रा की ट्रक के नीचे आने से मौत

दशहरे की छुट्टियों में हॉस्टल से घर लौट रही 15 साल की छात्रा महिमा की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने मौसा के साथ मोटरसाइकिल पर डबल चौकी से इंदौर आ रही थी। इसी दौरान नेमावर रोड पर पालदा क्षेत्र में हनुमान मंदिर के आगे उनकी बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में महिमा ट्रक के टायर के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल चला रहे उसके मौसा घायल हो गए। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी महिमा मृतका की पहचान महिमा पिता गलसिंग सोलंकी, निवासी ग्राम भायली, जिला देवास के रूप में हुई है। वह कक्षा 9वीं की छात्रा थी और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। दशहरे की छुट्टियां होने के कारण महिमा अपने मौसा मूलचंद बघेला (28) के साथ मोटरसाइकिल से इंदौर आ रही थी। पालदा क्षेत्र में हनुमान मंदिर के आगे उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई। हेलमेट पहने होने से मौसा की बची जान हादसे के समय मोटरसाइकिल चला रहे मूलचंद ने हेलमेट पहन रखा था। हादसे में उन्हें चोटें आई हैं और उनके पैर में गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी महिमा ट्रक के टायर के नीचे आ गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही भंवरकुआं पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर महिमा के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों और ट्रक चालक की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद ही दुर्घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पालदा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल पालदा क्षेत्र में पहले भी सड़क हादसों में लोगों की जान जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस हादसे के बाद एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

भारत-A के न्यूजीलैंड दौरे के सभी मैच सोनी स्पोर्ट्स पर होंगे लाइव, जुरेल की कप्तानी में खेलेंगे राहुल-जायसवाल

भारत-A की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर तीन चार दिवसीय मुकाबले खेलेगी। इन सभी मैचों का लाइव टेलीकास्ट सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। नेटवर्क मैचों के प्रसारण के साथ उनकी प्रोडक्शन जिम्मेदारी भी संभालेगा। ये मुकाबले न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिहाज से अहम होंगे। ध्रुव जुरेल की कप्तानी वाली भारत-A टीम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, वॉशिंगटन सुंदर और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। टीम 18 अक्टूबर को बेंगलुरु से न्यूजीलैंड के लिए रवाना होगी। तीन चरणों में खेले जाएंगे चार दिवसीय मुकाबले भारत-A और न्यूजीलैंड के बीच तीन चार दिवसीय मैच खेले जाएंगे। सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे शुरू होंगे। मैच तारीख पहला चार दिवसीय मैच 24 से 27 अक्टूबर दूसरा चार दिवसीय मैच 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तीसरा चार दिवसीय मैच 7 से 10 नवंबर इन मैचों के जरिए भारतीय खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने और टेस्ट क्रिकेट की तैयारी करने का मौका मिलेगा। भारत की इंटरनेशनल टीम के मैच भी दिखाएगा सोनी स्पोर्ट्स सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क न्यूजीलैंड दौरे पर भारत की सीनियर इंटरनेशनल टीम के मुकाबलों का प्रसारण भी करेगा। इस दौरे पर भारतीय टीम को पांच टी-20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सीनियर टीम और भारत-A के मुकाबले कुछ तारीखों पर एक ही समय खेले जा सकते हैं। ऐसे में दोनों टीमों के मैचों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। एशियन गेम्स वाला सपोर्ट स्टाफ भी रहेगा साथ भारत-A टीम के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का सपोर्ट स्टाफ न्यूजीलैंड जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, एशियन गेम्स में भारतीय टीम के साथ जापान गए सपोर्ट स्टाफ को ही इस दौरे की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, एशियन गेम्स में भारतीय टीम के हेड कोच रहे वीवीएस लक्ष्मण के न्यूजीलैंड दौरे पर जाने को लेकर फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है। भारत-A के इस दौरे से खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में अपनी क्षमता दिखाने और टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

बिलासपुर के मल्हार स्कूल विवाद में प्राचार्य कल्याण संघ की एंट्री, निष्पक्ष जांच और CCTV फुटेज खंगालने की मांग

जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य और शिक्षकों के खिलाफ छात्रों की शिकायत का मामला तूल पकड़ने लगा है। छात्रों के प्रदर्शन के बाद अब प्राचार्य कल्याण संघ और प्राचार्य मंच भी प्राचार्य व शिक्षकों के समर्थन में उतर आए हैं। संगठनों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का आरोप है कि स्कूल में अनुशासन और व्यवस्था सुधारने की कोशिशों से नाराज कुछ शिक्षकों ने छात्रों को भड़काया, जिससे विवाद बढ़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्राचार्य के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का विरोध प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी है, लेकिन प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों का पक्ष सुने बिना एकतरफा कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच में स्कूल की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMC) का प्रस्ताव पंजी, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खाते, रसीद और CCTV फुटेज को भी शामिल किया जाए। उनके मुताबिक, सभी दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। नवंबर 2025 में प्राचार्य ने संभाला था पद प्राचार्य कल्याण संघ के अनुसार, संबंधित प्राचार्य ने नवंबर 2025 में पदभार संभालने के बाद पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, अनुशासन बनाए रखने और स्कूल की व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश की थी। संघ का दावा है कि स्कूल के कुछ व्याख्याता और कर्मचारी इन प्रयासों में सहयोग नहीं कर रहे थे। इससे स्टाफ के बीच तालमेल की कमी बढ़ी और विवाद की स्थिति बनी। संघ ने प्रशासन से इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है। शिकायत के बाद दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र इससे पहले छात्रों ने प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के खिलाफ शिकायत की थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद छात्र दोबारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्राचार्य सहित अन्य शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद प्राचार्य कल्याण संघ ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच करने और शिकायतों से जुड़े सभी पक्षों की बात सुनने की मांग की है। SMC रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच पर जोर प्राचार्य मंच के संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि स्कूल में छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद की कमी भी विवाद की वजह हो सकती है। उन्होंने नियमित पढ़ाई, सभी विषयों के लिए शिक्षकों की उपलब्धता और तय समय पर कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं और सवालों का समाधान करना भी जरूरी है। साथ ही, शिकायतों की जांच के दौरान स्कूल के सभी संबंधित रिकॉर्ड और CCTV फुटेज देखे जाने चाहिए, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। दिव्यांग प्राचार्य के मामले में नैसर्गिक न्याय की मांग संजय शर्मा के मुताबिक, संबंधित प्राचार्य दिव्यांग हैं और उनकी नौकरी का एक साल से भी कम समय बचा है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। मंच का कहना है कि प्राचार्य का पक्ष सुने बिना उनके खिलाफ कार्रवाई करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा। वहीं, छात्रों की शिकायतों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। संगठन ने दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की है। बैठक कर विवाद सुलझाने का सुझाव प्राचार्य कल्याण संघ और प्राचार्य मंच ने स्कूल में सौहार्दपूर्ण वातावरण बहाल करने के लिए प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत बताई है। संगठनों ने प्रशासन से बैठक आयोजित कर आपसी समन्वय बहाल करने और पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि विवाद का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। फिलहाल मामले में सभी पक्षों के आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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