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सिवनी हवाला कांड में नया मोड़: हाईकोर्ट ने कार चालक सोहनलाल को सुरक्षित घर पहुंचाने का दिया आदेश

सिवनी हवाला कांड में अब एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। जिस कार से हवाला का पैसा बरामद हुआ था, उसके चालक सोहनलाल परमार को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रूप से घर तक छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां सोहनलाल को रखा गया, वहां के CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं। यह मामला तब सामने आया जब जालना निवासी गंगाबाई परमार, जो सोहनलाल की पत्नी हैं, ने अपने पति की रिहाई के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके पति को कई दिनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। गंगाबाई ने बताया कि उनके पति को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और 12 अक्टूबर को छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद जालना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर उन्हें सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद हवाला केस के चालक सोहनलाल को पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस को सोहनलाल की मेडिकल जांच कराने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के आदेश दिए। गंगाबाई का यह भी कहना है कि इस दौरान न तो ट्रांजिट रिमांड ली गई, न ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस पूरे प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 पुलिसकर्मी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। क्या है पूरा मामला?सिवनी पुलिस ने नागपुर निवासी सोहन परमार से करीब 2.96 करोड़ रुपए बरामद किए थे। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में जब्त रकम सिर्फ 1.45 करोड़ रुपए दिखाई और बाकी रकम छिपा ली। इतना ही नहीं, आरोपी को बिना कार्रवाई के छोड़ भी दिया गया। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने 1.45 करोड़ रुपए जमा कराए, लेकिन इसके बाद आईजी प्रमोद वर्मा ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया। यह मामला अब न्यायालय की निगरानी में है और इसके हर पहलू की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
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भोपाल में किसानों का प्रदर्शन: जीतू पटवारी पहुंचे शिवराज के घर, सड़क पर ही उड़ेल दी गेहूं की बोरियां

भोपाल में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास के बाहर किसानों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। वे अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे और जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो उन्होंने शिवराज के घर के सामने ही सड़क पर गेहूं की बोरियां उलट दीं और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया। किसानों की मांग और कांग्रेस का रुख दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ लगभग डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने भावांतर योजना, प्याज, धान और अन्य फसलों के दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद जीतू पटवारी ने कहा— “भावांतर योजना के ज़रिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था, और अब फिर वही दोहराया जा रहा है।” इसके बाद पटवारी ने एलान किया कि वे किसानों की समस्याएं सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और उनके बंगले तक पैदल जाएंगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खींचतान जैसे ही जीतू पटवारी और किसान रेड क्रॉस चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने। कई बार पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पटवारी हर बार चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। आखिरकार, वे शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए। वहां शिवराज ने पटवारी और कुछ नेताओं को अंदर बुलाया और कुछ देर चर्चा की। मुलाकात के बाद पटवारी ने मांगी माफी बंगले से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा— “अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर दीजिए।” भाजपा का पलटवार वहीं, भाजपा नेता हितेश बाजपेई ने X (ट्विटर) पर पटवारी की गेहूं की बोरी उठाए तस्वीर साझा की और लिखा— “किसानों की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति चमका रहे हैं जीतू पटवारी जी। उनके साथ पीआर टीम फोटो और वीडियो बनाने में लगी थी।” For more such political updates, visit: www.deshharpal.com
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खंडवा में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत, गांव में छाया मातम

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पंधाना तहसील में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में किसान की जान चली गई।जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय किसान मनोहर पिता शंकर अपने खेत की जुताई करने ट्रैक्टर से जा रहे थे। रास्ते में अचानक कुछ मवेशी सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। मनोहर ट्रैक्टर के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने निकाला शव यह हादसा पंधाना–आरुद रोड पर हुआ।ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ते ही वह सड़क किनारे पलट गया। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किसान को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी टीआई दिलीप देवड़ा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में पसरा मातम मनोहर की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। अधिक जानकारी और स्थानीय खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रशियन महिलाओं का डांस वीडियो वायरल, विश्वकर्मा जयंती के आयोजन पर बवाल

जबलपुर की केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रशियन महिलाएं और कुछ कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं।यह वीडियो 17 सितंबर का बताया जा रहा है, जब फैक्ट्री में विश्वकर्मा जयंती का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद हुआ डांस जानकारी के मुताबिक, विश्वकर्मा जयंती के मौके पर फैक्ट्री के A-1 सेक्शन में पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के बाद कर्मचारियों ने म्यूजिक सिस्टम पर फिल्मी गाने चलाए, और वहां मौजूद रशियन महिलाएं व कुछ भारतीय कर्मचारी ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ गाने पर डांस करते दिखाई दिए। वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति हिंदू सेवा परिषद ने इस वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है।प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने कहा – “एक रक्षा संस्थान में सनातन धर्म के त्योहार के दिन इस तरह फिल्मी गानों पर ठुमके लगाना अशोभनीय है। यह सनातन परंपरा का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने बताया कि परिषद का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रक्षा अधिकारियों से भेंट कर आपत्ति दर्ज कराएगा। पूर्व कर्मचारियों ने कहा – पुरानी परंपरा है वहीं, फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी और जेसीओ सदस्य अरुण दुबे ने इस विवाद को अनावश्यक बताया।उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्री में पूजा और झांकी सजाने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। “इस दिन औजारों का उपयोग नहीं किया जाता। कर्मचारी कुछ देर के लिए आपस में खुशी मनाते हैं।उसी दौरान रूस से आई महिला ट्रेनर्स ने कर्मचारियों के साथ थोड़ी देर डांस किया, लेकिन इसे गलत अर्थ में लिया जा रहा है।” वीडियो बनाकर किया गया वायर अरुण दुबे ने बताया कि यह वीडियो फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी ने मोबाइल से बनाकर वायरल कर दिया।अब फैक्ट्री प्रबंधन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में DSP के साले की संदिग्ध मौत: पार्टी के दौरान पुलिस पिटाई का आरोप, दो आरक्षक सस्पेंड

भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ DSP के साले उदित गाइकी की मौत के बाद पुलिस पर पिटाई के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात पार्टी के दौरान पुलिस ने उदित और उसके दोस्तों से मारपीट की थी। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। बेहोशी की हालत में दोस्तों ने उदित को एम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है। पार्टी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पिपलानी निवासी उदित गाइकी, जो TIT कॉलेज का छात्र था, अपने दोस्तों के साथ इंद्रपुरी के C सेक्टर में रात करीब ढाई बजे पार्टी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वहां डांस और हंगामा हो रहा था।इसी दौरान पुलिस की चार्ली टीम मौके पर पहुंची और उदित सहित उसके दोस्तों को पकड़ लिया परिवार का आरोप – थाने में की गई पिटाई उदित के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि थाने में भी उसकी पिटाई की।मारपीट के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और पुलिस उसे एम्स अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुलिस का दावा है कि उदित को थाने नहीं लाया गया था, और उसकी मौत घबराहट या हार्ट अटैक की वजह से हुई। तनाव के बीच भारी पुलिस बल तैनात घटना के बाद एम्स अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। परिजनों और छात्रों की भीड़ को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया।पिपलानी थाने में भी अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।सीएसपी स्तर के अधिकारी जांच कर रहे हैं और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उदित के पिता भेल में कर्मचारी हैं और मां शिक्षिका हैं। परिवार इस हादसे से सदमे में है। बताया जा रहा है कि उदित की मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में पूर्व पार्षद पति से विवाद के बाद युवक की मौत, एक महीने बाद होनी थी शादी

बिलासपुर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व पार्षद पति पूर्णानंद चंद्रा और युवक सिद्धार्थ पांडेय के बीच हुए विवाद के बाद युवक की अचानक मौत हो गई। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सिद्धार्थ घर लौटा, जहां सीने में दर्द उठने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पैसों के विवाद से जुड़ा था झगड़ा जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों या जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात बंगालीपारा निवासी सिद्धार्थ और पूर्णानंद के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि पूर्व पार्षद पति ने सिद्धार्थ से धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत लेकर पहुंचा था थाने, नहीं हुई कार्रवाई घटना के बाद सिद्धार्थ सरकंडा थाने पहुंचा और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने उसे मेडिकल जांच कराने को कहा, पर उसने मना कर दिया।इसके बाद वह घर लौट आया और थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शादी से पहले मौत ने तोड़ा परिवार का दिल सिद्धार्थ पांडेय की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार खुशियों में डूबा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सबको सदमे में डाल दिया। जमीन और पैसों का पुराना विवाद शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया गया है कि एक सप्ताह पहले भी दोनों में कहासुनी हुई थी। सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस बोली – हार्ट अटैक से हुई मौत सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवक की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आई है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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गुना में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपत्ति को मारी टक्कर, महिला की मौके पर मौत

गुना शहर में शुक्रवार सुबह आकाशवाणी के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार महिला प्रियंका कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति दीपक कुशवाह गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी करीब 20 फीट दूर जा गिरे। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई, जिससे पेड़ जड़ से उखड़ गया। कार में सवार पांच युवक भी घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – “बहुत तेज थी कार की रफ्तार” लोगों के अनुसार, कार इतनी तेज गति में थी कि ड्राइवर ने ब्रेक लगाने के बाद भी उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। कार करीब 50 फीट तक घिसटती हुई बाइक से टकरा गई।दीपक कुशवाह, जो बूढ़े बालाजी इलाके के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी प्रियंका को आंगनवाड़ी के किसी काम से लेकर जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। व्रत पर थी महिला, हाथों में सजी थी मेहंदी इस घटना ने सभी को झकझोर दिया। जिस महिला की जान गई, वह उस दिन व्रत पर थीं और हाथों में मेहंदी लगी हुई थी। टक्कर के बाद प्रियंका सड़क पर गंभीर हालत में पड़ी रहीं, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऑटो चालकों ने नहीं की मदद हादसे के बाद लोगों ने कई ऑटो रोकने की कोशिश की, ताकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। बाद में एम्बुलेंस पहुंची और सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। कार में सवार पांच युवक घायल पुलिस के अनुसार, कार (MP 08 CA 6598) गप्पू यादव नामक व्यक्ति की है, जिसे ये युवक मांगकर लाए थे।घायलों में सचिन खटीक (ड्राइवर), शुभम धाकड़, अश्विन रघुवंशी, मोहित धाकड़ और रिहान खान शामिल हैं। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 📍 अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सीहोर: शातिर बाइक चोर गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 4 चोरी की मोटरसाइकिलें

सीहोर जिले की रेहटी पुलिस ने एक शातिर बाइक चोर को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देश पर, एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा और थाना प्रभारी रेहटी निरीक्षक राजेश कहारे की टीम ने की। ऐसे पकड़ा गया आरोपी 13 सितंबर को वार्ड क्रमांक 8, चौपड़ा कॉलोनी निवासी भंवर सिंह उइके ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मोटरसाइकिल रात में घर के बाहर से चोरी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि भभड़ नदी के पास एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल के साथ खड़ा है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी की पहचान और कबूलनामा आरोपी ने अपना नाम जितेंद्र कलमोदिया (34 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 9, मालवा कॉलोनी, रेहटी बताया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने यह मोटरसाइकिल ही नहीं, बल्कि तीन अन्य बाइकें भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की थीं। पुलिस ने की बाइक बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से सभी चारों बाइक जब्त कर लीं और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा। 👉 मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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सागर: सरकारी वेयरहाउस से 100 बोरी अनाज चोरी, कीमत करीब 4 लाख रुपए

सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के ग्राम रमगढ़ा स्थित एक सरकारी वेयरहाउस में चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया। चोरों ने चैनल गेट और मेन गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां से 80 बोरी मूंग और 20 बोरी सरसों चोरी कर ले गए। चोरी गए अनाज की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। सुबह सामने आई वारदात फरियादी विपुल जैन (निवासी वार्ड नंबर 10, सागर रोड रहली) ने पुलिस को बताया कि उनका एमके वेयरहाउस ग्राम रमगढ़ा, खैराना तिगड्डा चांदपुर रोड पर स्थित है, जहां सरकारी मूंग, सरसों, सोयाबीन और मसूर का भंडारण होता है।रात को गोदाम सामान्य रूप से बंद किया गया था, लेकिन सुबह करीब 11 बजे मैनेजर शैलेश बैरागी जब वेयरहाउस पहुंचे तो देखा कि गेट टूटे पड़े थे। गिनती के बाद खुला राज सूचना मिलने पर सरकारी वेयरहाउस मैनेजर बलराम पटेल भी मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि गोदाम के पीछे वाले गेट क्रमांक-2 के ताले भी टूटे थे और माल बिखरा पड़ा था। गिनती करने पर सामने आया कि कुल 100 बोरियां (80 मूंग, 20 सरसों, प्रत्येक 50 किलो की) चोरी हो चुकी हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार चोरी गए अनाज की कीमत करीब 4 लाख रुपए है। CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र सक्रिय पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी की जाएगी। 👉 ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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भोपाल: पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था चरमराई, 250 से ज्यादा सिटी बसें बंद – अब ई-बसों से मिलेगी राहत

राजधानी भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले एक साल में ढाई सौ से ज्यादा सिटी बसें बंद हो चुकी हैं। फिलहाल 25 रूट में से सिर्फ 95 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। करीब 1 लाख यात्रियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसी बीच नगर निगम का दावा है कि नए साल से 100 ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। ई-बस सेवा की तैयारी जिला विकास समिति की बैठक में उठा मुद्दा मंगलवार को हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बसों की बदहाल स्थिति पर चर्चा हुई। सांसद आलोक शर्मा ने निगम कमिश्नर से सवाल किया कि आखिर 368 में से सिर्फ 95 बसें ही क्यों चल रही हैं? जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की ज़रूरत है। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस पर सहमति जताई। सांसद बोले – “पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होना चाहिए” सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मज़बूत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब वे महापौर थे तो छात्रों, महिलाओं, दिव्यांगजन, सीनियर सिटीजन और कर्मचारियों को महापौर स्मार्ट पास की सुविधा दी गई थी। अगर यह योजना फिर से शुरू की जाती है तो आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। क्यों बंद हुईं बसें? कितनी बसें चाहिए भोपाल को? एक सर्वे के मुताबिक, भोपाल में 800 बसें होनी चाहिए ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुचारू रूप से चल सके। लेकिन वास्तविकता इसके उलट है – शहर में बसों की संख्या लगातार घट रही है और आम यात्री परेशानी झेल रहे हैं। 👉 भोपाल और मध्यप्रदेश से जुड़ी हर अपडेट के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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Gold Mining: ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज से बदलेगी तस्वीर, भारत को मिल सकता है नया सप्लायर

भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि लोगों की बचत और निवेश का भी अहम हिस्सा है। शादी का सीजन हो या दिवाली-धनतेरस, सोने की खरीदारी को लेकर बाजार में हमेशा हलचल रहती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया से आई सोने की खोज और बढ़ते निवेश की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज के लिए कंपनियां बड़े स्तर पर खर्च कर रही हैं। इससे आने वाले समय में सोने की वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना है। भारत जैसे देश के लिए यह एक अहम घटनाक्रम है, क्योंकि अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए भारत को दूसरे देशों से सोना आयात करना पड़ता है। Australia में Gold Exploration पर कितना खर्च हुआ? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज से जुड़ा निवेश जून 2026 की तिमाही में बढ़कर लगभग 565.6 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 23.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह खर्च जमीन के नीचे मौजूद सोने के संभावित भंडार का पता लगाने, ड्रिलिंग और खनन की संभावनाओं का आकलन करने जैसे कामों पर किया जाता है। हालांकि, खोज पर खर्च बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह सोने का नया भंडार मिल गया है। किसी जगह सोना मिलने के बाद भी यह देखना पड़ता है कि वहां से उसे निकालना आर्थिक रूप से कितना व्यावहारिक होगा। ऑस्ट्रेलिया में कितना Gold Reserve मौजूद है? ऑस्ट्रेलिया दुनिया के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है। सरकारी संस्था Geoscience Australia के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक देश के अनुमानित Ore Reserves करीब 4,785 टन थे। वहीं, पहचाने गए कुल Gold Resources का आंकड़ा इससे काफी ज्यादा था। यहां एक बात समझना जरूरी है। Gold Resources में सोने के संभावित और पहचाने गए संसाधन शामिल होते हैं, जबकि Ore Reserves उस सोने को दर्शाते हैं जिसे मौजूदा तकनीकी और आर्थिक परिस्थितियों में निकालना व्यावहारिक माना जाता है। इसीलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने के बड़े भंडार होने और किसी नई खोज को दुनिया का सबसे बड़ा भंडार बताने में अंतर है। किसी खास नई खोज के बारे में ऐसा दावा करने से पहले उसके आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है। भारत को कैसे मिल सकता है फायदा? भारत में सोने की मांग काफी बड़ी है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर ऑस्ट्रेलिया में आने वाले वर्षों में सोने का उत्पादन बढ़ता है, तो भारतीय आयातकों के लिए सप्लाई का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार हो सकता है। इसके तीन संभावित फायदे हो सकते हैं: हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में निकाला गया सोना अपने आप भारत नहीं पहुंचेगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन कितना बढ़ता है, कंपनियां किस देश को निर्यात करती हैं और भारतीय आयातकों के साथ किस तरह के व्यापारिक समझौते होते हैं। क्या भारत में सस्ता हो जाएगा सोना? सोने की नई खोज की खबर सुनकर खरीदारों के मन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या अब Gold Price कम होगा? फिलहाल ऐसा कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं करती। निवेशकों की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी भाव को प्रभावित करती हैं। भारत में इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स और घरेलू मांग का भी असर पड़ता है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतें तुरंत कम होंगी, इसकी गारंटी नहीं है। ₹13,000 करोड़ के निवेश की खबर कितनी सही है? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर खर्च बढ़ने के आंकड़े सामने आए हैं। लेकिन ₹13,000 करोड़ के निवेश को किसी खास नई खोज या दुनिया के सबसे बड़े सोना भंडार से जोड़ने के लिए संबंधित कंपनी और परियोजना के आधिकारिक दस्तावेजों की जरूरत है। इसलिए इस रकम को किसी एक नए गोल्ड रिजर्व की खोज पर खर्च हुई राशि बताने से पहले इसकी पुष्टि करना जरूरी है। खोज पर किया गया खर्च, जमीन में मौजूद कुल सोने का मूल्य और खनन परियोजना में कुल निवेश तीन अलग-अलग बातें हैं। आगे क्या होगा? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर बढ़ता खर्च वैश्विक गोल्ड इंडस्ट्री के लिए अहम है। अगर आने वाले वर्षों में नए भंडार की पहचान होती है और उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो पाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के विकल्प बढ़ सकते हैं। भारत के लिए भी यह एक संभावित अवसर है। लेकिन नए सप्लायर की भूमिका, आयात पर असर और सोने की कीमतों में बदलाव का पता तभी चलेगा, जब वास्तविक उत्पादन और निर्यात के आंकड़े सामने आएंगे। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड इंडस्ट्री पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन नई खोज के नाम पर सोना सस्ता होने की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में 175 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अटैचमेंट खत्म, मूल पदस्थापना पर जॉइनिंग के बाद ही मिलेगा अक्टूबर का वेतन

स्वास्थ्य विभाग में मूल पदस्थापना के बजाय दूसरी जगह काम कर रहे 175 डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त कर दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी कर सभी अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। आदेश के बाद संबंधित कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस जाकर जॉइनिंग देनी होगी। ऐसा करने के बाद ही उन्हें अक्टूबर महीने का वेतन मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। तत्काल कार्यमुक्त कर मूल पदस्थापना पर भेजने के निर्देश CMHO के आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को अटैचमेंट पर काम कर रहे कर्मचारियों को उसी दिन कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजना होगा। इसकी जानकारी CMHO कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। वेतन आहरण केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों की मूल पदस्थापना पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही अक्टूबर का वेतन जारी किया जाए। इससे कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यस्थल पर लौटना अनिवार्य होगा। अटैचमेंट जारी मिला तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने आदेश के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने के बाद भी कोई कर्मचारी या अधिकारी अटैचमेंट पर काम करता पाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्रभारी की होगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं को भेजा गया आदेश यह आदेश सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, देपालपुर, मानपुर, सांवेर और हातोद के खंड चिकित्सा अधिकारियों, महू सहित विभिन्न अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के प्रभारियों को भेजा गया है। आदेश में भोपाल में हुई बैठकों और 16 अक्टूबर को मुख्यालय स्तर से मिले निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आदेश लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नवरात्रि पर रायपुर सेंट्रल जेल में सेवा की मिसाल, काली माता सेवा समिति ने 1300 बंदियों को बांटे फल

नवरात्रि के अवसर पर काली माता सेवा समिति ने रायपुर सेंट्रल जेल में करीब 1300 बंदियों को फल वितरित किए। समिति ने यह पहल उन बंदियों के लिए की, जो नवरात्रि में उपवास रखकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन के जरिए समिति ने सेवा, करुणा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावनाएं समाप्त नहीं हो जातीं। बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर दिया जोर दीपक भारद्वाज ने कहा कि समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है। समिति का मानना है कि जेल में बंद लोगों के साथ भी सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित हो सके। पहले भी जेल में कर चुके हैं फल वितरण काली माता सेवा समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का कहना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने उपवास रखने वाले बंदियों तक फल पहुंचाए। आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति ने समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वैभव सूर्यवंशी

IND vs WI T20: वैभव सूर्यवंशी का भरोसा कायम, 4 दिन में दूसरी पोस्ट; अब भी मौके का इंतजार

भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच T-20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिलने के बावजूद वैभव ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। चार दिन के भीतर उनकी दूसरी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें भरोसे का संदेश देखने को मिला। वैभव को इस सीरीज में अब तक मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के मन में एक ही सवाल है—क्या पांचवें टी-20 में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा? Vaibhav Sooryavanshi की दूसरी पोस्ट ने खींचा ध्यान वैभव सूर्यवंशी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फैंस के बीच चर्चा हो रही है। चार दिन में दूसरी पोस्ट आने के बाद उनके संदेश पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, पोस्ट को टीम में चयन या किसी खास फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि प्लेइंग-11 में किसे मौका मिलेगा, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करता है। कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव के लिए टीम के साथ रहना और मौके का इंतजार करना भी अनुभव का हिस्सा है। अब देखना होगा कि उन्हें इस सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। IND vs WI 5th T20: निर्णायक मुकाबले पर नजर भारत और वेस्टइंडीज की टी-20 सीरीज का पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। सीरीज के आखिरी मैच में जीत हासिल करने वाली टीम खिताब अपने नाम करेगी। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। फैंस यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इस मुकाबले में युवा खिलाड़ियों को मौका देगा। वैभव सूर्यवंशी का नाम भी इसी चर्चा में शामिल है। हालांकि, उनके खेलने को लेकर आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा डेब्यू का मौका? वैभव को लेकर उत्सुकता की एक बड़ी वजह उनकी कम उम्र और क्रिकेट में तेजी से बनी पहचान है। फैंस उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलना टीम की जरूरत और चयन रणनीति पर निर्भर करता है। फिलहाल वैभव के लिए इंतजार जारी है। पांचवें टी-20 में उनका नाम प्लेइंग-11 में शामिल होता है या नहीं, इसका पता टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा। क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वैभव के समर्थकों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मैदान पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
लालकृष्ण आडवाणी

LK Advani Hospitalised ICU में भर्ती लालकृष्ण आडवाणी की सेहत कैसी? जानें ताजा अपडेट

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर 17 अक्टूबर को ताजा जानकारी सामने आई है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिवार और समर्थकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली जरूर है, लेकिन फिलहाल राहत की बात यह है कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। डॉक्टर उनकी सेहत से जुड़ी जरूरी जांच कर रहे हैं और इलाज जारी है। LK Advani Health Update: अस्पताल में क्या चल रहा है इलाज? लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद पल्मोनरी विभाग में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। 17 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, उनकी सेहत में आगे कितना सुधार हुआ है और अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं लालकृष्ण आडवाणी लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। दिसंबर 2024 में भी उन्हें अपोलो अस्पताल की ICU में रखा गया था। उस समय डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच और इलाज किया था। जून और जुलाई 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बढ़ती उम्र को देखते हुए उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौजूदा समय में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। PM Modi ने हाल ही में की थी लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे आशीर्वाद लिया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की थी। आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उनकी सेहत से जुड़ी खबर पर राजनीतिक जगत और उनके समर्थकों की नजर बनी हुई है। राम रथ यात्रा से उपप्रधानमंत्री तक का सफर लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। साल 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2002 से 2004 तक वह भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। देश की राजनीति में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। LK Advani अब अगले हेल्थ अपडेट का इंतजार लालकृष्ण आडवाणी फिलहाल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। 17 अक्टूबर तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और सीने में संक्रमण के लिए इलाज चल रहा है। अब सभी की नजर अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले हेल्थ अपडेट पर है। उनकी सेहत में सुधार, इलाज की स्थिति और डिस्चार्ज को लेकर नई जानकारी मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि लालकृष्ण आडवाणी की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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