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Silver ₹2.32 लाख के पार, एक ही दिन में ₹13,117 की उछाल; Gold भी ₹1.38 लाख के ऑलटाइम हाई पर

Silver ₹2.32 लाख के पार, एक ही दिन में ₹13,117 की उछाल; Gold भी ₹1.38 लाख के ऑलटाइम हाई पर

Silver की कीमत ₹2.32 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। खास बात यह है कि सिर्फ एक दिन में चांदी ₹13,117 महंगी हो गई। इस साल चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त फायदा दिया है। 2025 में अब तक चांदी करीब 150% का रिटर्न दे चुकी है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। वहीं सोना भी पीछे नहीं है। आज सोने की कीमत ₹1,287 बढ़कर ₹1.38 लाख प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की बढ़ती मांग ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो सोना और चांदी दोनों में आगे भी उतार-चढ़ाव के साथ तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rashtriya Bal Puraskar 2025 - PM मोदी बोले– जेन Z और जेन अल्फा ही बनाएंगे विकसित भारत

Rashtriya Bal Puraskar 2025 – PM मोदी बोले– जेन Z और जेन अल्फा ही बनाएंगे विकसित भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिकेटर वैभव सहित 20 प्रतिभाशाली बच्चों को Rashtriya Bal Puraskar 2025 से सम्मानित किया। इस मौके पर PM मोदी ने बच्चों की तारीफ करते हुए कहा कि जेन Z और जेन अल्फा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। बच्चों की मेहनत को मिला सम्मान पुरस्कार पाने वाले बच्चों ने खेल, शिक्षा, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण काम किया है। युवा क्रिकेटर वैभव ने अपने शानदार प्रदर्शन से न सिर्फ राज्य बल्कि देश का नाम रोशन किया, जिसके लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। PM मोदी का संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा, “आज का भारत अपने युवाओं और बच्चों की ताकत पर आगे बढ़ रहा है। जेन Z और जेन अल्फा में वो ऊर्जा है, जो 2047 तक भारत को विकसित देश बनाएगी।” उन्होंने बच्चों को नए विचारों, तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आत्मविश्वास और सपनों की उड़ान PM मोदी ने कहा कि देश को अपने बच्चों पर गर्व है और सरकार उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। उन्होंने बच्चों से कहा कि सपने बड़े देखें और उन्हें पूरा करने के लिए ईमानदारी से मेहनत करें। पूरे देश के लिए प्रेरणा बाल पुरस्कार पाने वाले ये 20 बच्चे आज देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। इनकी सफलता यह दिखाती है कि अगर हुनर और मेहनत हो, तो उम्र कभी रुकावट नहीं बनती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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3 नई airlines को केंद्र सरकार की हरी झंडी, हवाई सफर होगा और किफायती

3 नई airlines को केंद्र सरकार की हरी झंडी, हवाई सफर होगा और किफायती

देश के एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने तीन नई Airlines – शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस—को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। इससे अब देश में हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। सरकार का मानना है कि नई एयरलाइंस के आने से मौजूदा कंपनियों की मोनोपॉली टूटेगी और हवाई किराए में भी कमी आ सकती है। खासकर छोटे शहरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। शंख एयर एक भारतीय ब्रांड के तौर पर घरेलू रूट्स पर फोकस करेगी, जबकि अलहिंद एयर एनआरआई और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को ध्यान में रखकर सेवाएं शुरू कर सकती है। वहीं फ्लाई एक्सप्रेस कम बजट में यात्रा का विकल्प बन सकती है। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पायलट, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ और टेक्निकल स्टाफ की मांग बढ़ेगी। सरकार का यह कदम ‘उड़ान योजना’ और ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूती देता है, जहां हवाई सफर सिर्फ अमीरों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक पहुंचे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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17 साल बाद Bangladesh लौटे खालिदा जिया के बेटे, ढाका एयरपोर्ट पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

17 साल बाद Bangladesh लौटे खालिदा जिया के बेटे, ढाका एयरपोर्ट पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

Bangladesh की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे 17 साल बाद निर्वासन खत्म कर अपने देश बांग्लादेश लौट आए हैं। जैसे ही वे ढाका एयरपोर्ट पहुंचे, वहां करीब एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता और समर्थक उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे। ढाका एयरपोर्ट बना शक्ति प्रदर्शन का गवाह लंबे समय बाद देश वापसी पर एयरपोर्ट पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के झंडे, नारे और समर्थकों की भारी भीड़ ने साफ संकेत दे दिया कि यह सिर्फ एक वापसी नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी है। लंदन में थे निर्वासन में खालिदा जिया के बेटे पिछले 17 साल से लंदन में निर्वासन का जीवन जी रहे थे। उनके ऊपर लगे कई मामलों के चलते वे लंबे समय तक बांग्लादेश से बाहर रहे। अब देश लौटने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। PM बनने के दावेदार माने जा रहे राजनीतिक जानकारों की मानें तो खालिदा जिया के बेटे को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनकी वापसी से बांग्लादेश की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है और सत्तारूढ़ सरकार की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। आने वाले चुनावों से पहले बड़ा संकेत उनकी वापसी ऐसे समय पर हुई है, जब बांग्लादेश में आगामी चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में यह कदम विपक्ष को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। कुल मिलाकर, खालिदा जिया के बेटे की 17 साल बाद वापसी ने बांग्लादेश की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कारोबारी Vijay Mallya-Lalit Modi का वीडियो वायरल: खुद को बताया भारत के “दो सबसे बड़े भगोड़े”

कारोबारी Vijay Mallya-Lalit Modi का वीडियो वायरल: खुद को बताया भारत के “दो सबसे बड़े भगोड़े”

देश से बाहर रह रहे भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya और Lalit Modi एक बार फिर चर्चा में हैं। दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुद को भारत के “दो सबसे बड़े भगोड़े” बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों हँसी-मजाक के अंदाज़ में बात करते दिखते हैं, लेकिन यह वीडियो सामने आते ही देश में राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जिन पर हजारों करोड़ रुपये के घोटालों के आरोप हैं, वे इतने बेफिक्र कैसे दिखाई दे रहे हैं। मुंबई हाईकोर्ट का सख्त सवाल इस वीडियो के वायरल होने के बाद मुंबई हाईकोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ तौर पर सवाल उठाया है कि विजय माल्या आखिर भारत कब लौटेंगे?हाईकोर्ट ने कहा कि जब माल्या सार्वजनिक तौर पर वीडियो में नजर आ सकते हैं, तो फिर भारत लौटने से क्यों बच रहे हैं। लंबे समय से विदेश में हैं दोनों विजय माल्या पर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर देश छोड़ने का आरोप है, वहीं ललित मोदी पर आईपीएल से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। दोनों ही कई सालों से विदेश में रह रहे हैं और भारत की जांच एजेंसियां उनकी वापसी की कोशिशों में जुटी हैं। जनता में नाराज़गी वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि कानून से भागे लोग खुलेआम मज़ाक कैसे कर सकते हैं और उन्हें कब तक जवाबदेही से बचने दिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में क्या अगला कदम उठाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20 World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान : सूर्या कप्तानी करेंगे, ईशान किशन की वापसी

T20 World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान : सूर्या कप्तानी करेंगे, ईशान किशन की वापसी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी T20 World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में सौंपी गई है। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और मैदान पर शांत नेतृत्व को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है। टीम चयन में सबसे चौंकाने वाला फैसला शुभमन गिल को बाहर रखना रहा। हाल के समय में अच्छे फॉर्म में रहने के बावजूद गिल को इस टूर्नामेंट के लिए जगह नहीं मिल पाई है, जिससे उनके फैंस थोड़ा निराश नज़र आए। वहीं, लंबे समय बाद ईशान किशन की टीम में वापसी हुई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान ने घरेलू क्रिकेट और IPL में अपने प्रदर्शन से फिर से चयनकर्ताओं का भरोसा जीता है। उनकी वापसी से टीम की बल्लेबाज़ी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन देखने को मिल रहा है। चयन समिति का मानना है कि यह संयोजन टी-20 जैसे छोटे फॉर्मेट में भारत को खिताब का मजबूत दावेदार बना सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या टीम एक बार फिर देश को विश्व विजेता बनने का मौका दिला पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Airport पर यात्री से मारपीट, पायलट सस्पेंड

Delhi Airport पर यात्री से मारपीट, पायलट सस्पेंड

Delhi Airport (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे) पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक यात्री के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिसमें एक पायलट का नाम सामने आया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद संबंधित पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़ित यात्री का कहना है कि विवाद के दौरान उसके साथ हाथापाई हुई, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। यात्री का आरोप है कि घटना के बाद उससे जबरन मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया। यात्री ने बताया कि जब उसकी नाबालिग बेटी ने अपने पिता को खून से सना हुआ देखा, तो वह गहरे सदमे में चली गई। परिवार के लिए यह अनुभव बेहद डरावना और मानसिक रूप से परेशान करने वाला रहा। इस घटना के सामने आने के बाद एयरलाइन प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित पायलट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी भी सतर्क हो गई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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‘Ji Ram Ji’ बिल का विरोध: संसद में TMC का रातभर धरना

‘Ji Ram Ji’ बिल का विरोध: संसद में TMC का रातभर धरना

संसद में पेश किए गए ‘Ji Ram Ji’ बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बिल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने संसद परिसर में रातभर धरना दिया। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून आम जनता और गरीबों के हित में नहीं है। धरने के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेहद भावुक अंदाज में कहा,“मैं मां की कसम खाकर कहता हूं कि यह कानून गरीबों के लिए नहीं है। यह सिर्फ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है।” TMC और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार बिना चर्चा के जल्दबाजी में बिल पास कराना चाहती है। उनका आरोप है कि इस कानून से आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी और इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा। बिल के विरोध में TMC सांसदों ने संसद परिसर में रात बिताई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी दलों की मांग है कि बिल को वापस लिया जाए या फिर इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया। नेताओं का कहना है कि संसद में चर्चा के बजाय जबरन कानून थोपना सही नहीं है। फिलहाल ‘जी-राम-जी’ बिल पर टकराव बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के अंदर और बाहर सियासत और तेज होने के आसार हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Javed Akhtar का नीतीश सरकार पर हमला, बोले– बिना शर्त माफी मांगें

Javed Akhtar का नीतीश सरकार पर हमला, बोले– बिना शर्त माफी मांगें

प्रसिद्ध गीतकार और लेखक Javed Akhtar ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि हिजाब से जुड़े फैसले को लेकर मुख्यमंत्री को बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए। जावेद अख्तर का कहना है कि इस तरह के फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं और अल्पसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार के फैसले का खुलकर समर्थन किया है। गिरिराज सिंह ने कहा कि हिजाब हटाने का फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी को नौकरी चाहिए, तो उसे चेहरा दिखाना ही होगा। गिरिराज सिंह का कहना है कि सरकारी और निजी नौकरियों में नियम सभी के लिए समान होते हैं और किसी भी धर्म के आधार पर विशेष छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि देश में संविधान सर्वोपरि है और उसी के अनुसार फैसले लिए जाते हैं। इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां जावेद अख्तर इस फैसले को गलत बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गिरिराज सिंह इसे राष्ट्रहित और संविधान के अनुरूप बता रहे हैं। हिजाब को लेकर शुरू हुई यह बहस अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जॉर्डन दौरे पर PM MODI को मिला खास सम्मान, क्राउन प्रिंस खुद कार चलाकर म्यूजियम ले गए

जॉर्डन दौरे पर PM MODI को मिला खास सम्मान, क्राउन प्रिंस खुद कार चलाकर म्यूजियम ले गए

PM MODI के जॉर्डन दौरे के दौरान एक बेहद खास और आत्मीय पल देखने को मिला। जॉर्डन के क्राउन प्रिंस हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने प्रधानमंत्री मोदी का ऐसा सम्मान किया, जिसने दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत कर दिया। दरअसल, क्राउन प्रिंस खुद गाड़ी चलाकर प्रधानमंत्री मोदी को जॉर्डन के प्रसिद्ध म्यूजियम लेकर गए। आमतौर पर ऐसी औपचारिक यात्राओं में सुरक्षा और प्रोटोकॉल का खास ध्यान रखा जाता है, लेकिन क्राउन प्रिंस का यह कदम पीएम मोदी के प्रति गहरे सम्मान और व्यक्तिगत अपनापन दिखाता है। म्यूजियम भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और विरासत को करीब से देखा। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सहज बातचीत भी हुई, जिससे भारत और जॉर्डन के रिश्तों में गर्मजोशी साफ नजर आई। जॉर्डन दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले चरण की विदेश यात्रा के लिए इथियोपिया के लिए रवाना हो गए। इस दौरे को भारत के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी के इस सम्मानजनक स्वागत ने एक बार फिर साबित किया कि वैश्विक मंच पर भारत की साख और नेतृत्व को कितनी गंभीरता से देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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