मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात एक भीषण आग की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। रात करीब 2:30 बजे एक मकान में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेजी से फैली आग, आसपास के घर भी चपेट में यह घटना संकल्प हॉस्पिटल के पास प्रेमशंकर नारायण के बाड़े की है। आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी लपटें आसपास के घरों तक पहुंच गईं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मकान मालिक बल्ली कांदिल ने बताया कि घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। रात में पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। लोगों ने बच्चों के साथ घर छोड़ा आग और धुएं से घबराकर आसपास के लोगों ने अपने बच्चों के साथ घर खाली कर सड़क पर शरण ली। कई घरों की दीवारें भी आग की गर्मी से झुलस गईं। ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक इस आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जल गए। घटना में लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने खुद बुझाई आग फायर ब्रिगेड के समय पर नहीं पहुंचने के आरोप के बीच, मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने मिलकर बोरिंग पंप और पाइप से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। आसपास के घरों से भी लोगों ने मदद की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड पर लापरवाही का आरोप मकान मालिक का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल टीम समय पर नहीं पहुंची और सुबह तक इंतजार करना पड़ा। आग लगने की वजह क्या? मकान मालिक के अनुसार, जहां आग लगी वहां बिजली कनेक्शन नहीं था, इसलिए शॉर्ट सर्किट की संभावना कम है। आशंका जताई जा रही है कि वाहनों में स्पार्किंग और पेट्रोल-डीजल की वजह से आग भड़क गई। सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, टला बड़ा हादसा इसी रात ग्वालियर-झांसी हाईवे स्थित सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों की सतर्कता से 10-15 मिनट में ही आग पर काबू पा लिया गया। दमकल टीम भी मौके पर पहुंची और कोयले को ठंडा करने के लिए पानी डाला गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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