NE

News Elementor

Latest Posts

Divorce के बाद भी Strong Bond! Hardik Pandya की मां संग दिखीं Natasa, Family Love ने किया Fans को Surprise

Divorce के बाद भी Strong Bond! Hardik Pandya की मां संग दिखीं Natasa, Family Love ने किया Fans को Surprise

क्रिकेटर Hardik Pandya और एक्ट्रेस Natasa Stankovic के तलाक की खबरों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने फैंस को हैरान कर दिया है। हाल ही में नताशा को हार्दिक की मां के साथ देखा गया, और दोनों के बीच की केमिस्ट्री देखकर हर कोई यही कह रहा है कि रिश्ते भले बदल गए हों, लेकिन दिलों की दूरी नहीं बढ़ी। तलाक के बाद आमतौर पर रिश्तों में खटास देखने को मिलती है, लेकिन यहां तस्वीर बिल्कुल अलग है। नताशा और हार्दिक की मां के बीच जो बॉन्डिंग नजर आई, उसने सोशल मीडिया पर पॉजिटिव चर्चा छेड़ दी है। दोनों को साथ में मुस्कुराते और सहज अंदाज में बातचीत करते देखा गया, जिससे साफ है कि परिवार के रिश्ते अब भी मजबूत हैं। फैंस इस बात से खासे प्रभावित हैं कि पर्सनल लाइफ में आए बदलाव के बावजूद दोनों परिवारों ने आपसी सम्मान और प्यार को बरकरार रखा है। कई यूजर्स ने इसे “मॅच्योर रिलेशनशिप” का बेहतरीन उदाहरण बताया। गौरतलब है कि Hardik Pandya और Natasa Stankovic ने कुछ समय पहले अलग होने का फैसला लिया था। हालांकि उन्होंने अपने बेटे की परवरिश को लेकर हमेशा जिम्मेदारी निभाने की बात कही थी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि रिश्ते सिर्फ नाम या स्टेटस से नहीं, बल्कि आपसी समझ और सम्मान से चलते हैं। नताशा और हार्दिक के परिवार की ये तस्वीर उसी की मिसाल बन गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

छत्तीसगढ़ में जल्द होगा नए DGP का फैसला: अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता रेस में

छत्तीसगढ़ में जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। इस पद के लिए फिलहाल दो बड़े नाम सामने हैं—अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता। इनमें अरुणदेव गौतम का पलड़ा फिलहाल भारी माना जा रहा है। UPSC और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी तेजी दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग ने राज्य सरकार से पूछा था कि अब तक स्थायी DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP नहीं होना चाहिए। समय-सीमा पूरी होने के बाद अब सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। दो नामों का पैनल भेजा गया 13 मई 2025 को UPSC ने राज्य सरकार को दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। आमतौर पर तीन नाम भेजे जाते हैं, लेकिन इस बार विकल्प कम होने के कारण सिर्फ दो नाम शामिल किए गए। जनवरी 2025 से प्रभारी DGP हैं गौतम पूर्व DGP अशोक जुनेजा के रिटायर होने के बाद जनवरी 2025 में अरुणदेव गौतम को प्रभारी DGP बनाया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थायी नियुक्ति जरूरी है। अरुणदेव गौतम का अनुभव मजबूत अरुणदेव गौतम 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनका लंबा व अनुभव से भरा करियर रहा है। वे कई जिलों में एसपी रह चुके हैं और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राजनांदगांव और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी पोस्टिंग रही है, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम किया। DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, DGP की नियुक्ति UPSC द्वारा भेजे गए वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। साथ ही, चयनित अधिकारी को कम से कम दो साल का कार्यकाल देना अनिवार्य होता है, चाहे उसकी रिटायरमेंट डेट कुछ भी हो। जल्द हो सकता है बड़ा फैसला इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही नए स्थायी DGP के नाम का ऐलान कर सकती है। 👉 ऐसी ही पॉलिटिकल और प्रशासनिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more

भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में चोरी: स्टोर रूम से ट्रॉफियां और मोमेंटो ले गए चोर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। स्टोर रूम का ताला तोड़कर की वारदात जानकारी के मुताबिक, 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने बंगले के स्टोर रूम का ताला तोड़ दिया और वहां रखी ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड लेकर फरार हो गए। इस घटना का पता 6 अप्रैल की सुबह तब चला, जब सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर रूम का टूटा ताला देखा और सामान गायब पाया। सम्मान में मिली थीं ट्रॉफियां पुलिस के अनुसार, चोरी हुई ट्रॉफियां और मोमेंटो मंत्री विश्वास सारंग को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान स्वरूप मिले थे। फिलहाल इनकी कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। CCTV नहीं होने से जांच में दिक्कत जांच में यह भी सामने आया है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे थे। इसी वजह से चोरों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस जुटी जांच में टीटीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब यह चोरी एक मंत्री के सरकारी बंगले में हुई हो। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more

रायपुर में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज का भवन निर्माण जारी, विधायक का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र में अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज के लिए नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। इस भवन का भूमिपूजन कुछ महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा किया गया था। इसी के चलते समाज के लोगों ने विधायक से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया और सहयोग के लिए धन्यवाद कहा। कार्यक्रम में दिखी एकता और उत्साह इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और समाज के सदस्यों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजकों ने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी की सहभागिता से ही कार्यक्रम सफल हो पाया। समाज की मजबूती के लिए एकता जरूरी संगठन मंत्री प्रभाकर राव ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए एकता बेहद जरूरी है। जब लोग मिलकर चलते हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तभी समाज मजबूत बनता है। उन्होंने सभी से अपील की कि भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर समाजहित में काम करते रहें। महिला पदाधिकारी ने दिया संदेश समाज की उपाध्यक्ष और अधिवक्ता एस. लता राव ने भी एकता, प्रेम और आपसी सम्मान को समाज की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के विकास और संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने एक बार फिर सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद जताया। 👉 और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

खंडवा में रिटायर असिस्टेंट कमिश्नर संतोष शुक्ला पर घमासान, 61 ट्रांसफर आदेश रद्द, जांच कमेटी गठित

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में जनजातीय कार्य विभाग से रिटायर हुए संतोष शुक्ला अब गंभीर विवादों में घिर गए हैं। ट्रांसफर-पोस्टिंग में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उनके द्वारा जारी आदेशों को निरस्त कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है। 61 ट्रांसफर आदेश रद्द, जांच शुरू प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के हस्तक्षेप के बाद शुक्ला द्वारा जारी सभी 61 ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है। शिकायतों में लेन-देन, अवैध वसूली और नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, शुक्ला ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए अपने फैसलों को नियमों के तहत बताया है। रिटायरमेंट से पहले बनाया “प्लान” सूत्रों के मुताबिक, संतोष शुक्ला ने रिटायरमेंट के अंतिम दिनों में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश जारी किए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बाद किसे जिम्मेदारी मिलेगी, इसका भी प्लान तैयार कर लिया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने एक चहेते शिक्षक को असिस्टेंट कमिश्नर का चार्ज दिलाने के लिए नोटशीट तक बढ़ाई थी। कलेक्टर ने बदला फैसला यह मामला जब कलेक्टर ऋषव गुप्ता के पास पहुंचा, तो उन्होंने सीनियरिटी के आधार पर नीरज पाराशर का नाम आगे बढ़ाया। लेकिन शुक्ला और पाराशर के बीच पहले से विवाद था। शुक्ला नहीं चाहते थे कि पाराशर को चार्ज मिले। इसके बाद मामला मंत्री विजय शाह तक पहुंचा। आखिरकार विवाद बढ़ने पर कलेक्टर ने तीसरे विकल्प के रूप में डिप्टी कलेक्टर बजरंग बहादुर को असिस्टेंट कमिश्नर का प्रभार सौंप दिया। एक शिक्षक पर 4-4 पदों की जिम्मेदारी जिस शिक्षक नारायणसिंह को आगे बढ़ाया गया था, वह पहले से ही तीन स्कूलों के प्राचार्य और बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक व्यक्ति एक साथ चार-चार जिम्मेदारियां कैसे निभा सकता है। जांच अधिकारी को ही मिला प्रभार! दिलचस्प बात यह भी है कि जिन्हें असिस्टेंट कमिश्नर का प्रभार दिया गया, वही पहले विभागीय शिकायतों की जांच कमेटी का नेतृत्व कर चुके हैं। उनकी पुरानी जांच रिपोर्ट अभी तक लंबित है, जिससे नए फैसले पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब क्या आगे? पूरा मामला अब जांच के दायरे में है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि आरोप कितने सही हैं और संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी। 👉 मामले से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
Read more

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस: 17 जिलों में नए कार्यालयों का भूमिपूजन, गांव-बस्ती अभियान की घोषणा

आज भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने अपना 47वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में पार्टी कार्यालयों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ। यहां से मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम का हिस्सा बने। सीएम का बयान: मजबूत नेतृत्व से हर समस्या का समाधान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देता है। उन्होंने कहा कि मजबूत और सक्षम नेतृत्व होने पर देश की हर समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश और पार्टी दोनों मजबूत हुए हैं। सीएम ने भाजपा की तुलना फीनिक्स पक्षी से करते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा अटल और अमर है, जो हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर उभरती है। अटल जी के दौर को भी किया याद मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि गठबंधन की सरकार होने के बावजूद उन्होंने 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया और अपने वादे पूरे किए। 62 जिलों में कार्यालय बनाने का लक्ष्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल जी के विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि फिलहाल 17 जिलों में कार्यालय निर्माण शुरू हो रहा है और लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों। हर कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और पुस्तकालय भी होगा, जहां संगठन और विचारधारा से जुड़ी किताबें उपलब्ध रहेंगी। दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान सम्मेलन के दौरान पार्टी के दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मंच से उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों से मिलने पहुंचे, जिसने कार्यक्रम को भावुक बना दिया। 7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ भाजपा 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाएगी। इस अभियान में सांसद, विधायक और सभी बड़े नेता गांव-गांव पहुंचेंगे। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि नेता सिर्फ भाषण न दें, बल्कि जनता के बीच जाकर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव समझें और उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। 👉 अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

जबलपुर में डायल-112 की हालत खराब: बच्चों से धक्का लगवाकर स्टार्ट करनी पड़ी पुलिस गाड़ी

मध्य प्रदेश के जबलपुर से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां डायल-112 की इमरजेंसी वाहन को स्टार्ट करने के लिए बच्चों से धक्का लगवाना पड़ा। धक्का देकर स्टार्ट करनी पड़ी गाड़ी कटंगी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात डायल-112 (FRV) गाड़ी अचानक बंद हो गई। बैटरी खराब होने की वजह से गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, जिसके बाद उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। इस घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें कुछ बच्चे पुलिस वाहन को धक्का देते नजर आ रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 गाड़ियों की ऐसी हालत सामने आई हो। इससे पहले सितंबर 2025 में भी जबलपुर में नई गाड़ी को धक्का देने के बाद भी स्टार्ट नहीं किया जा सका था, तब उसे क्रेन से मैकेनिक के पास ले जाना पड़ा था। इमरजेंसी सेवा पर उठे सवाल डायल-112 जैसी इमरजेंसी सेवा का उद्देश्य लोगों को तुरंत मदद पहुंचाना है। लेकिन अगर गाड़ियां ही समय पर स्टार्ट न हों, तो गंभीर स्थिति में लोगों तक मदद कैसे पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। सीएम ने दिखाई थी हरी झंडी गौरतलब है कि 14 अगस्त 2025 को डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से डायल-112 सेवा की शुरुआत की थी। इसके तहत पूरे प्रदेश में करीब 1200 गाड़ियां तैनात की गईं। जबलपुर जिले को 47 वाहन दिए गए थे, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस बताया गया था। आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं गाड़ियां डायल-112 वाहनों में GPS, वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। यह सेवा पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सभी आपात सेवाओं को एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध कराती है। अधिकारियों ने कंपनी को दी चेतावनी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वाहन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से बात कर भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने की हिदायत दी है। यह घटना एक बार फिर सिस्टम की हकीकत सामने लाती है, जहां कागजों में आधुनिक सुविधाएं हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more

रायपुर में दो जगह आग का कहर: अपार्टमेंट की लिफ्ट और तंबाखू गोदाम में लगी आग, टला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार को दो अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। अपार्टमेंट की लिफ्ट में लगी आग खमतराई थाना क्षेत्र स्थित डॉल्फिन ज्वेलो अपार्टमेंट में अचानक लिफ्ट में आग लग गई। आग लगते ही धुआं तेजी से पूरे अपार्टमेंट में फैल गया, जिससे वहां रहने वाले लोग घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले लिफ्ट से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए कॉलोनीवासियों को अलर्ट किया। रहवासियों और गार्ड की समझदारी से बची जानें सिक्योरिटी गार्ड और कॉलोनी के लोगों ने मिलकर फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने की कोशिश की और काफी हद तक आग पर काबू पा लिया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी हद तक नियंत्रित हो चुकी थी। हालांकि, लिफ्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारण शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन असली कारणों की जांच अभी जारी है। घटना के बाद अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। तंबाखू गोदाम में भी लगी आग इसी दिन भनपुरी इलाके में एक बंद पड़े तंबाखू गोदाम में भी आग लग गई। बताया जा रहा है कि कचरा जलाने के कारण आग भड़क उठी और धीरे-धीरे पूरे गोदाम में फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। प्रशासन की अपील घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच करवाएं और किसी भी आपात स्थिति में सतर्कता बरतें। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और जरूरी खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more

सागर में घर में घुसी कोबरा नागिन: सो रही बच्ची के तकिए के पास बैठी, समय रहते टली बड़ी घटना

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बड़तूमा गांव में शनिवार सुबह एक डराने वाली घटना सामने आई, जहां एक जहरीली कोबरा नागिन घर के अंदर घुस गई और सो रही बच्ची के बिल्कुल पास पहुंच गई। तकिए के पास बैठी थी नागिन जानकारी के मुताबिक, बड़तूमा निवासी प्रशांत ठाकुर के घर में उनकी छोटी बच्ची सो रही थी। तभी करीब ढाई फीट लंबी कोबरा प्रजाति की नागिन चुपचाप आकर उसके तकिए के पास बैठ गई। जैसे ही परिवार के लोगों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने आवाज की, नागिन तुरंत भागकर फ्रिज के नीचे छिप गई। घबराए माता-पिता ने बिना देर किए बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्नेक कैचर को दी गई सूचना घटना की जानकारी तुरंत स्नेक कैचर बबलू पवार को दी गई। उन्होंने परिवार को सांप पर नजर बनाए रखने को कहा और खुद मौके पर पहुंचे। फ्रिज हटाकर किया गया रेस्क्यू स्नेक कैचर ने बताया कि नागिन फ्रिज के नीचे छिपी हुई थी। काफी सावधानी के साथ फ्रिज को हटाया गया और फिर सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि यह बेहद जहरीली कोबरा नागिन थी, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। जंगल में छोड़ा गया सुरक्षित रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते बच्ची को बाहर निकाल लिया गया, वरना कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि घरों में भी सतर्क रहना कितना जरूरी है, खासकर गांव और खुले इलाकों में। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और जागरूक करने वाली खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more

उज्जैन सड़क हादसा: मिनी बस-ट्रैक्टर टक्कर में युवक की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने बस में लगाई आग

c के उज्जैन में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गरोठ रोड पर मिनी बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से श्रद्धालुओं को लेकर आ रही मिनी बस ने तुलाहेड़ा टोल प्लाजा के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर खाई में गिरकर पलट गया। इस हादसे में 21 वर्षीय विजय सोलंकी ट्रॉली के नीचे दब गया। वह करीब एक घंटे तक फंसा रहा और समय पर मदद नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। चार लोग घायल, दो की हालत गंभीर हादसे में ट्रैक्टर सवार राजेश शर्मा, बस ड्राइवर शिवकुमार (अमृतसर), और यात्री बॉबी व धर्मेंद्र कुमार (दिल्ली) घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया। गुस्साए ग्रामीणों ने किया हंगामा युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि हादसे के बाद क्रेन समय पर नहीं पहुंची, जिससे घायल युवक को निकालने में देरी हुई। इसी लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। बस में रखा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। पुलिस ने संभाला मोर्चा मौके पर तीन थानों की पुलिस पहुंची और हालात को काबू में किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाम खुलवाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु पहले ही सुरक्षित उतर चुके थे और उन्हें दूसरे वाहनों से उज्जैन भेज दिया गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
Read more
1 6 7 8 9 10 66

Editor's Picks

बंगाल में ‘करो या मरो’ की लड़ाई! पहले चरण का चुनाव BJP और TMC दोनों के लिए क्यों है इतना अहम?

बंगाल में ‘करो या मरो’ की लड़ाई! पहले चरण का चुनाव BJP और TMC दोनों के लिए क्यों है इतना अहम?

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरम होता जा रहा है। पहले चरण के मतदान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों ही पार्टियों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इसे कई राजनीतिक जानकार “करो या मरो” की स्थिति बता रहे हैं। पहले चरण पर क्यों टिकी है सबकी नजर? पहले चरण का चुनाव सिर्फ शुरुआत नहीं है, बल्कि यही तय कर सकता है कि आगे की लड़ाई किस दिशा में जाएगी। यही वजह है कि दोनों पार्टियां पूरी ताकत झोंक रही हैं। TMC के लिए चुनौती ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए यह चरण अपनी पकड़ बनाए रखने की परीक्षा जैसा है। पार्टी चाहती है कि वह अपने मजबूत इलाकों में जीत दर्ज कर एक बार फिर भरोसा कायम रखे। BJP की रणनीति वहीं BJP इस चुनाव को बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा मौका मान रही है। पार्टी का फोकस शुरुआती चरण में अच्छा प्रदर्शन कर राजनीतिक बढ़त बनाने पर है। क्यों है यह चुनाव इतना अहम? पहले चरण के नतीजे आने वाले चरणों की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दोनों ही दल इसे सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर मैदान में हैं।
Rajasthan हादसे के पीछे टेरर एंगल? छठे देश की रिफाइनरी तक पहुंची रहस्यमयी आग, जांच तेज

Rajasthan हादसे के पीछे टेरर एंगल? छठे देश की रिफाइनरी तक पहुंची रहस्यमयी आग, जांच तेज

Rajasthan में हुए एक रहस्यमयी हादसे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच और सामने आ रही रिपोर्ट्स में अब टेरर एंगल (आतंकी साजिश की आशंका) की चर्चा भी होने लगी है। हालांकि अभी तक किसी एजेंसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्या है पूरा मामला? राजस्थान में हाल ही में हुए एक हादसे के बाद हालात और भी रहस्यमयी होते जा रहे हैं। जिस घटना की शुरुआत यहां से हुई थी, उसकी कड़ियां अब धीरे-धीरे विदेशों तक जुड़ती दिखाई दे रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी पैटर्न से जुड़ी एक आग की घटना अब छठे देश की रिफाइनरी तक पहुंच चुकी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। विदेशों तक फैला मामला रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह कोई सामान्य औद्योगिक हादसा नहीं हो सकता, क्योंकि अलग-अलग देशों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां अलर्ट भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हर एंगल से मामले को खंगाला जा रहा है—चाहे वह तकनीकी खराबी हो, लापरवाही या फिर किसी तरह की साजिश। अभी क्या है स्थिति? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसमें कोई टेरर लिंक है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी।
LSG vs RR IPL 2026 Highlights: 160 रन का टारगेट भी नहीं चेज कर पाई लखनऊ, राजस्थान ने 40 रनों से जीता मैच

LSG vs RR IPL 2026 Highlights: 160 रन का टारगेट भी नहीं चेज कर पाई लखनऊ, राजस्थान ने 40 रनों से जीता मैच

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच IPL 2026 का मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन अंत में बाजी राजस्थान के हाथ लगी। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 160 रन का आसान-सा दिखने वाला लक्ष्य खड़ा किया, लेकिन लखनऊ की टीम इसे भी हासिल नहीं कर पाई और 40 रन से मैच हार गई। राजस्थान की शानदार बल्लेबाजी राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआत से ही समझदारी भरी बल्लेबाजी की। टीम ने विकेट संभालकर खेलते हुए स्कोर को 160 तक पहुंचाया। हालांकि बड़े शॉट ज्यादा नहीं दिखे, लेकिन साझेदारियों की वजह से टीम एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंच गई। लखनऊ की पारी रही फीकी 160 रन का लक्ष्य ज्यादा मुश्किल नहीं लग रहा था, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत खराब रही। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। मिडिल ऑर्डर भी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया और पूरी टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। राजस्थान की गेंदबाजी का कमाल राजस्थान के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। उन्होंने शुरुआत में ही लखनऊ को झटके दिए और फिर मैच पूरी तरह अपनी पकड़ में रख लिया। दबाव बनाकर लगातार विकेट निकालते रहे। मैच का नतीजा राजस्थान रॉयल्स ने यह मुकाबला 40 रनों से जीत लिया, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स 160 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी।

बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
RBI

RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.