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TCS Case Update: दोस्ती से शुरू हुआ मामला, फिर धर्म बदलने का बढ़ा Pressure

देश की बड़ी IT कंपनी TCS से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले ने अब नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। मामले की पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उस पर धीरे-धीरे मानसिक दबाव बनाया गया और धर्म बदलने के लिए लगातार समझाया गया। पीड़िता का दावा है कि उसे पाकिस्तान के मौलवियों के वीडियो दिखाए जाते थे और कहा जाता था कि “भजन सुनना और मंदिर जाना छोड़ दो, अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देंगे।” इस बयान के सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। दोस्ती से शुरू हुई बात, फिर बदलने लगा व्यवहार पीड़िता के मुताबिक शुरुआत में सबकुछ सामान्य था। बातचीत दोस्ती से शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद धार्मिक बातें ज्यादा होने लगीं। उसने बताया कि उसे इस्लाम से जुड़े वीडियो, भाषण और मैसेज भेजे जाते थे। धीरे-धीरे उसे हिंदू परंपराओं से दूरी बनाने की सलाह दी जाने लगी। पीड़िता का कहना है कि यह सब लगातार इस तरह किया गया कि वह मानसिक रूप से दबाव महसूस करने लगी। ‘मंदिर मत जाओ’ जैसी बातें कही गईं पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कई बार कहा गया कि मंदिर जाना और भजन सुनना गलत है। उसे समझाया गया कि अगर वह इस्लाम अपनाती है तो उसके सारे गुनाह माफ हो जाएंगे। उसके अनुसार, धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने के लिए कुछ विदेशी मौलवियों के वीडियो भी दिखाए गए। यही वजह है कि अब यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि बड़े सामाजिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस जुटी डिजिटल सबूत खंगालने में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया मैसेज और वीडियो लिंक की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले डिजिटल सबूतों और दोनों पक्षों के बयान को ध्यान से जांचा जा रहा है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इस केस को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक कट्टरता से जोड़ रहे हैं, जबकि कई यूजर्स निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है। कई नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। धर्मांतरण कानून पर फिर उठे सवाल घटना के बाद एक बार फिर देश में धर्मांतरण कानून और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति पर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो यह कानून के दायरे में अपराध माना जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Alert: यूपी-एमपी में तूफानी बारिश, राजस्थान में ओले; कई शहरों में बिजली संकट

देशभर में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कहीं सड़कें बंद हो गईं तो कहीं बिजली सप्लाई घंटों ठप रही। IMD ने आज 25 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यूपी और एमपी में तेज आंधी से हालात बिगड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के चलते करीब 500 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। कई जगहों पर बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने की भी खबर है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफानी मौसम ने डर का माहौल भी बना दिया। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। Haryana Crane Accident: तेज हवा बनी जानलेवा हरियाणा में खराब मौसम के बीच बड़ा हादसा सामने आया। तेज आंधी के दौरान निर्माण कार्य में लगी एक भारी क्रेन अचानक पलट गई। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा इतनी तेज थी कि क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और राहत टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। राजस्थान में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण टीन शेड और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई गांवों में लोग देर रात तक बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे। IMD Alert: आज 25 राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए देश के 25 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से राहत, लेकिन खतरा अभी बाकी हालांकि इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Annamalai

BJP से अलग हुए Annamalai, Tamil Nadu Politics में नए समीकरण बनने के संकेत

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के तेजतर्रार चेहरे के. अन्नामलाई (Annamalai) ने आखिरकार भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी नेतृत्व ने भी उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इस खबर के सामने आते ही राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अन्नामलाई पिछले कुछ सालों में तमिलनाडु बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे थे। उनकी आक्रामक शैली, सीधे मुद्दों पर बोलने का अंदाज और जनता से जुड़ने की कोशिश ने उन्हें युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बनाया। ऐसे में उनका बीजेपी छोड़ना सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है। दिल्ली मीटिंग के बाद बढ़ीं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई ने कुछ दिन पहले दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद ही उनके इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी। माना जा रहा है कि पार्टी की भविष्य की रणनीति और तमिलनाडु में गठबंधन राजनीति को लेकर उनकी राय अलग थी। खासकर AIADMK के साथ बढ़ती नजदीकियों को लेकर अन्नामलाई सहज नहीं थे। वह लंबे समय से तमिलनाडु में बीजेपी को स्वतंत्र ताकत के रूप में स्थापित करने की बात करते रहे थे। क्या बनाएंगे नई पार्टी? अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका अगला कदम क्या होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी या संगठन की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उनके समर्थकों का मानना है कि अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विकल्प बन सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में लगातार पोस्ट और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बीजेपी के लिए क्यों अहम थे अन्नामलाई? पूर्व IPS अधिकारी रहे अन्नामलाई ने राजनीति में आने के बाद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया और कई मुद्दों पर राज्य सरकार को खुलकर घेरा। “En Mann En Makkal” यात्रा के जरिए उन्होंने बीजेपी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश की थी। यही वजह है कि उनके जाने को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अन्नामलाई नई पार्टी बनाते हैं, तो इसका असर 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। खासकर युवा वोटर्स और शहरी क्षेत्रों में उनका प्रभाव चुनावी समीकरण बदल सकता है। फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में सबकी नजर अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद होटल के कमरों और गलियारों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन कुछ लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सबसे दर्दनाक तस्वीर उस समय सामने आई, जब एक कमरे में कपल के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। बताया जा रहा है कि दोनों इलाज के लिए दिल्ली आए थे और होटल में रुके हुए थे। आग लगने के बाद दोनों बाहर नहीं निकल पाए। उनकी इस हालत को देखकर राहत और बचाव दल की आंखें भी नम हो गईं। हादसे में मारी गई विदेशी महिला की पहचान लाइबेरिया की नागरिक के रूप में हुई है। महिला का पति गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े शहरों के होटलों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं। फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और कई परिवार अपने अपनों की जानकारी के लिए परेशान होकर अस्पतालों और होटल के बाहर भटकते नजर आए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पुतिन

India-Russia Relations: पुतिन बोले- PM मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत और स्वतंत्र देश

दुनिया की बदलती राजनीति के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर भारत पर दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसका कोई खास असर नहीं होगा। उन्होंने भारत को “महान देश” बताते हुए कहा कि रूस और भारत की दोस्ती मजबूत थी, मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी। रूस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत एक तरफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है। ‘भारत खुद फैसले लेने वाला देश’ पुतिन ने कहा कि भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है। यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े देश भारत को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच वर्षों पुराना भरोसा है, जिसे कोई तीसरा देश कमजोर नहीं कर सकता। US से बढ़ती नजदीकी पर रूस का बड़ा संदेश पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद रूस लगातार भारत को अपना करीबी सहयोगी बता रहा है। पुतिन ने संकेत दिए कि भारत और रूस आने वाले समय में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे सेक्टर में नए समझौते कर सकते हैं। खासतौर पर तेल और डिफेंस डील को लेकर दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी भारत की अहमियत यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखी। इसी वजह से रूस कई बार सार्वजनिक मंचों से भारत की तारीफ कर चुका है। पुतिन का ताजा बयान भी इसी भरोसे को दिखाता है। भारत की Foreign Policy क्यों हो रही मजबूत? विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत इस समय “Balanced Foreign Policy” पर काम कर रहा है। भारत किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हर बड़े देश के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है। यही कारण है कि आज भारत अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य पूर्व—सभी के लिए एक अहम साझेदार बन चुका है। दुनिया को क्या संदेश देता है यह बयान? पुतिन का यह बयान सिर्फ दोस्ती दिखाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत भी है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। भारत की यही स्वतंत्र और संतुलित नीति उसे बाकी देशों से अलग बनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI

RBI Monetary Policy 2026: होम लोन EMI नहीं बढ़ेगी, रेपो रेट स्थिर

देश के लाखों लोनधारकों के लिए एक बार फिर राहत की खबर आई है। RBI (Reserve Bank of India) ने अपनी ताज़ा मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर ही बनाए रखा है। इस फैसले के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। 2025 की बड़ी कटौती का असर अब भी जारी पिछले साल 2025 में RBI ने महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक विकास को सपोर्ट देने के लिए चार बार में कुल 1.25% की रेपो रेट कटौती की थी। उस समय से ही बाजार में लोन सस्ते होने का असर देखने को मिला और लोगों की EMI पहले ही कुछ हद तक कम हुई। अब स्थिति स्थिर रखने के लिए RBI ने इस बार “नो चेंज” का फैसला लिया है और फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। EMI और आम जनता पर क्या असर होगा? इस फैसले का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा: यानी साफ है कि अभी कर्ज लेना महंगा नहीं होगा और EMI का बोझ स्थिर रहेगा। बैंकिंग और अर्थव्यवस्था पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक संतुलित निर्णय है। इससे बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनी रहेगी और लोन की मांग भी बनी रह सकती है। केंद्रीय बैंक अब आगे आने वाले महीनों में महंगाई, वैश्विक बाजार और आर्थिक विकास के आंकड़ों पर नजर बनाए रखेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कर्नाटक

कर्नाटक में Congress को झटका? मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी मांग से बढ़ी टेंशन

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और पार्टी संगठन के भीतर इन दिनों राजनीतिक माहौल थोड़ा गर्म होता दिख रहा है। एक तरफ सरकार अपने कामकाज और संगठनात्मक बदलावों में जुटी है, तो दूसरी तरफ मुस्लिम संगठनों की सत्ता में हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व (representation) को लेकर उठी मांग ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। क्या है पूरा पूरा मामला? कर्नाटक में हाल ही में कई मुस्लिम संगठनों और कुछ समुदाय से जुड़े नेताओं ने यह सवाल उठाया है कि राज्य की राजनीति और सरकारी ढांचे में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। इन संगठनों का कहना है कि: इसी मांग को लेकर अब कांग्रेस पर एक तरह का पॉलिटिकल प्रेशर बनता दिख रहा है। मुस्लिम संगठनों की मुख्य मांगें रिपोर्ट्स और बैठकों के आधार पर समुदाय की तरफ से कुछ प्रमुख मांगें सामने आई हैं: कुछ संगठनों ने तो इसे आगे बढ़ाते हुए बजट और अलग कोटा जैसी मांगें भी उठाई हैं, जिससे बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस के लिए क्यों बढ़ा दबाव? कर्नाटक कांग्रेस पहले से ही कई राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रही है: ऐसे में जब अलग-अलग समुदायों से प्रतिनिधित्व की मांगें सामने आती हैं, तो पार्टी के लिए सभी पक्षों को साथ लेकर चलना और मुश्किल हो जाता है। राजनीतिक असर क्या हो सकता है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह मुद्दा और बढ़ता है तो: हालांकि अभी इसे किसी बड़े राजनीतिक संकट की बजाय आंतरिक दबाव और बातचीत का हिस्सा माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Venezuela

Hormuz Crisis के बीच India-Venezuela Oil Deal की चर्चा तेज, PM Modi से अहम मुलाकात

वैश्विक ऊर्जा बाजार इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ते तनाव से प्रभावित है। इसी बीच Venezuela की राष्ट्रपति का भारत दौरा और प्रधानमंत्री Narendra Modi से हुई मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह बैठक भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल की आपूर्ति रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। होर्मुज संकट से बढ़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक ऐसा समुद्री रास्ता है, जिससे बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया भर में सप्लाई होता है। यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन को प्रभावित करता है। ऐसे हालात में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए वैकल्पिक स्रोत तलाशना जरूरी हो गया है। भारत-वेनेजुएला बातचीत में क्या हुआ खास? Venezuela राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत को ऊर्जा सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे: वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है, भारत के लिए एक मजबूत और वैकल्पिक ऊर्जा साझेदार बन सकता है। भारत की बदलती Energy Strategy भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर रहा है, लेकिन बदलते भू-राजनीतिक हालात ने सरकार को नई रणनीति अपनाने पर मजबूर किया है। अब फोकस है कि तेल आयात के स्रोतों को ज्यादा देशों तक फैलाया जाए ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो। Venezuela के साथ संभावित समझौता इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। क्या हो सकता है आगे? इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद कई संभावनाएं चर्चा में हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Khan Sir

Khan Sir Coaching Controversy: दो गार्ड हिरासत में, सस्पेंस बढ़ा

पटना में फेमस शिक्षक Khan Sir की कोचिंग से जुड़ा फायरिंग केस अब और गंभीर होता जा रहा है। ताजा अपडेट में पुलिस ने कोचिंग परिसर में तैनात दो सुरक्षा गार्ड्स को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है और जांच तेज कर दी गई है। क्या है पूरा मामला? कुछ दिनों पहले कोचिंग के आसपास फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। छात्रों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कई एंगल से मामले को समझने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने क्यों उठाए गार्ड्स? सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले, जिनके आधार पर कोचिंग में मौजूद दो गार्ड्स को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या घटना के समय उनकी कोई भूमिका थी या वे किसी जानकारी से जुड़े हो सकते हैं। कोचिंग में बढ़ी सुरक्षा, छात्रों में चिंता इस घटना के बाद कोचिंग परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। छात्रों के बीच भी हल्की बेचैनी देखने को मिल रही है, क्योंकि मामला सीधे उनके रोजमर्रा के माहौल से जुड़ा हुआ है। कई लोग इसे गंभीर सुरक्षा चूक के रूप में देख रहे हैं। पुलिस जांच में तेजी, जल्द खुल सकते हैं राज पुलिस ने साफ किया है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। फिलहाल दोनों गार्ड्स से लगातार पूछताछ चल रही है और उनके बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में बड़े खुलासे हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कॉकरोच जनता पार्टी

Education Politics: CBSE ट्रांसफर को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा हमला

CBSE (Central Board of Secondary Education) चेयरमैन के ट्रांसफर को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “सिर्फ दिखावा” करार दिया है और दावा किया है कि इस फैसले से शिक्षा व्यवस्था में कोई वास्तविक सुधार नहीं होगा। पार्टी का कहना है कि सरकार केवल पदों में बदलाव करके जनता और छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा प्रणाली की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और लगातार बहस तेज हो रही है। पहली Press Conference में तीखे सवाल दिल्ली में आयोजित अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने सरकार से कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और ठोस सुधार के कदम दिखाई देने चाहिए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि CBSE जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में सिर्फ प्रशासनिक बदलाव करके जनता को संतुष्ट करने की कोशिश हो रही है, जबकि असली समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। 6 जून को Delhi में बड़ा Protest कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की है कि वह 6 जून को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन (Delhi Protest) करेगी। इस प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और सरकारी फैसलों पर सवाल उठाना बताया गया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार गंभीर बातचीत के लिए आगे आती है तो वे चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन सिर्फ “कॉस्मेटिक बदलाव” स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya

Ayodhya Ram Mandir Case: चढ़ावे में गड़बड़ी पर SIT Action, आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गड़बड़ी का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक आज इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की जा सकती हैं। वहीं SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने मंदिर परिसर में बंद कमरे में कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई। इसी को लेकर कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। कर्मचारियों से पूछे गए अहम सवाल SIT ने पूछताछ के दौरान कर्मचारियों से यह जानने की कोशिश की कि मंदिर में ड्यूटी खत्म होने के बाद किसी प्रकार की चेकिंग होती थी या नहीं। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि चढ़ावे की रकम को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया क्या थी और किन लोगों को उस जगह तक पहुंचने की अनुमति थी। जांच एजेंसियों ने कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, CCTV निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि कई रिकॉर्ड और फुटेज को दोबारा खंगाला जा रहा है। दो FIR दर्ज होने की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली FIR चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गबन को लेकर दर्ज हो सकती है। वहीं दूसरी FIR सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर की जा सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं में नाराजगी, प्रशासन पर उठे सवाल राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होनी चाहिए थी। फिलहाल SIT पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आखिर कौन-कौन लोग सामने आते हैं और प्रशासन क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
अमेरिका

अमेरिका-ईरान Peace Agreement से दुनिया में हलचल, 19 जून को हो सकता है ऐतिहासिक ऐलान

कई सालों से तनाव और टकराव के बीच उलझे अमेरिका और ईरान के रिश्तों में अब नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के बाद Peace Deal के ड्राफ्ट पर डिजिटल साइन होने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समझौते की औपचारिक घोषणा 19 जून को स्विट्जरलैंड में की जा सकती है। इस खबर के सामने आते ही दुनिया भर में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अगर यह डील पूरी तरह सफल होती है तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। डिजिटल साइन के बाद बढ़ी उम्मीदें रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शुरुआती समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सहमति जताई है। हालांकि अभी कुछ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम बातचीत बाकी है। सूत्रों की मानें तो इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी लगातार जारी थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम सामने आया है। क्या-क्या शामिल है इस Peace Deal में? इस प्रस्तावित समझौते में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई है। इनमें युद्धविराम को मजबूत करना, स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में समुद्री आवाजाही को सामान्य बनाना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई शर्तों के साथ बातचीत शुरू करना शामिल है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी रखने की भी बात कही जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह कदम भविष्य में बड़े कूटनीतिक बदलाव का रास्ता खोल सकता है। ₹28 लाख करोड़ के Economic Package की चर्चा इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका की ओर से ईरान को दिए जाने वाले संभावित आर्थिक राहत पैकेज को लेकर हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग ₹28 लाख करोड़ तक की आर्थिक मदद, निवेश या फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर सकता है। हालांकि अभी तक इस रकम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भी साफ कहा गया है कि अंतिम फैसला बातचीत पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। दुनिया की नजर 19 जून की बैठक पर अगर 19 जून को यह समझौता औपचारिक रूप लेता है तो इसे पिछले कई दशकों में अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा डिप्लोमैटिक बदलाव माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक तेल बाजार को भी राहत मिल सकती है। तेल व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं निवेशकों को भी वैश्विक व्यापार में सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही है। अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ विवाद हालांकि माहौल सकारात्मक जरूर दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ईरान जहां प्रतिबंधों में पूरी राहत चाहता है, वहीं अमेरिका सुरक्षा और न्यूक्लियर निगरानी को लेकर सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में 19 जून की बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या यह Peace Deal वास्तव में इतिहास बदल पाएगी या फिर बातचीत एक बार फिर अधूरी रह जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’ केस में नया मोड़ सामने आया है। मामले में चर्चा में चल रहीं सोनम ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजा के परिवार के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि वह नेपाल नहीं भागीं, बल्कि अभी भी शिलॉन्ग में ही मौजूद हैं। सोनम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे कि वह अचानक कहां गायब हो गईं। ‘मैं शिलॉन्ग में हूं, कहीं नहीं भागी’ मीडिया से बातचीत में सोनम ने कहा कि उनके खिलाफ कई गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह नेपाल नहीं गई हैं और फिलहाल शिलॉन्ग में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बेवजह अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिससे उनकी छवि खराब हो रही है। खर्चों को लेकर पूछे गए सवाल जब सोनम से पूछा गया कि वह शिलॉन्ग में रहने और बाकी खर्चों का इंतजाम कैसे कर रही हैं, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में कुछ नहीं बताऊंगी।” उनके इस जवाब के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। परिवार लगातार उठा रहा सवाल राजा के परिवार की ओर से पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप है कि मामले में कई बातें अभी साफ नहीं हुई हैं और जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। वहीं, सोनम लगातार खुद को निर्दोष बता रही हैं और कह रही हैं कि उनके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है।

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