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PM मोदी ने ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में बजाई खंजरी, गुजराती और हिंदी भजनों में हुए मग्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी गुजराती और हिंदी भजनों के बीच खंजरी बजाते और भजन सुनते नजर आए। वे भजनों में मग्न दिखाई दिए। युवाओं के बीच उभर रहा ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड ‘भजन क्लबिंग’ युवाओं, खासकर जेन Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया स्प्रिचुअल ट्रेंड बताया जा रहा है। इसमें पारंपरिक भजन और कीर्तन को आधुनिक कॉन्सर्ट या नाइट-क्लब जैसी वाइब और प्रोडक्शन के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक आध्यात्मिक संगीत को आधुनिक प्रस्तुति के जरिए युवाओं तक पहुंचाना है।
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एअर इंडिया ने शराब के नशे में मिले पायलट को किया सस्पेंड, ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से उतारा; जांच तक जारी रहेगी कार्रवाई

एअर इंडिया ने ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को शराब के नशे में पाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया है। फ्लाइट से पहले होने वाले अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट में पायलट के नशे में होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसे स्विट्जरलैंड में ही विमान से उतार दिया गया। जांच पूरी होने तक पायलट का निलंबन जारी रहेगा। यह मामला 6 सितंबर का है। टेकऑफ से पहले ग्राउंड स्टाफ को पायलट से शराब की गंध आई थी। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पायलट का अनिवार्य टेस्ट कराया गया। टेस्ट में नशे की पुष्टि होने पर उसे विमान से उतार दिया गया और बाद में उसी फ्लाइट से भारत भेजा गया। एअर इंडिया ने कहा- सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस एअर इंडिया ने कहा कि सुरक्षा, नियमों या प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन को लेकर कंपनी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाती है। स्विट्जरलैंड में भी हुई कार्रवाई फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट का ड्रग टेस्ट भी आया था पॉजिटिव एअर इंडिया में पायलटों से जुड़े नियमों के उल्लंघन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 4 अगस्त को फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कमांडर पायलट का ड्रग टेस्ट दो बार पॉजिटिव आया था। यह फ्लाइट करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। विमान में 145 लोग सवार थे, जिनमें 20 से ज्यादा यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे। पायलट ने बताया था कि उसे नींद से जुड़ी समस्या थी और वह डॉक्टर की सलाह पर दवा ले रहा था। उसके मुताबिक, उसने सोने की कोशिश की, लेकिन नींद नहीं आई। इसके बाद उसने दवा ली थी। पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर DGCA के सख्त नियम पायलटों के लिए अल्कोहल को लेकर DGCA के नियम सख्त हैं। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 24 के तहत पायलट या क्रू मेंबर को उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के मादक पदार्थ या अल्कोहल का सेवन करने से रोकने का प्रावधान है। उड़ान के दौरान भी इसका सेवन प्रतिबंधित है। पायलटों के लिए कौन-कौन से मेडिकल टेस्ट जरूरी? क्लास-2 मेडिकल: स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) के लिए जरूरी होता है और फ्लाइट ट्रेनिंग शुरू करने से पहले कराया जाता है। क्लास-1 मेडिकल: कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और एयरलाइन पायलटों के लिए जरूरी होता है। इसमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ विजन, हियरिंग और हृदय से जुड़ी जांच शामिल होती है। ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट: उड़ान से पहले और लैंडिंग के बाद पायलटों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाता है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि पायलट के शरीर में अल्कोहल मौजूद तो नहीं है। साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट: पायलटों के लिए नशीले पदार्थों और साइकोएक्टिव सब्सटेंस की जांच भी की जाती है। इसके तहत रैंडम ड्रग टेस्टिंग का प्रावधान है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पायलट प्रतिबंधित पदार्थों के प्रभाव में न हों।
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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, पटना में वाटर कैनन का इस्तेमाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।  इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अगर CEC ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की डेडलाइन दी थी।  SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की SIT जांच की मांग भी की गई है।  कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग में मनमानी हो रही कांग्रेस का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमाने तरीके से फैसले ले रहे हैं और दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पार्टी का यह आरोप इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने कुछ बदलावों को “अनधिकृत” और “अवैध” बताते हुए सवाल उठाए थे।  हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा था कि आयोग में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 
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CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार को फिर दी चेतावनी, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान; SIR को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने कहा है कि यदि CEC इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन को शहर-शहर तक ले जाया जाएगा।  CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की समय-सीमा दी थी। पार्टी ने SIR के जरिए 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। यह CJP का दावा है; इसे चुनाव आयोग द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया गया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी हुआ हंगामा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे। पोस्टरों पर CEC से इस्तीफा देने की मांग लिखी थी। कांग्रेस भी देशभर में चुनाव कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित कर चुकी है।  महाराष्ट्र SIR के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 2 याचिकाएं महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें SIR की संवैधानिक वैधता, प्रक्रिया और इसे लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई है।  याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद SIR से जुड़े 14 प्रशासनिक आदेश जारी किए गए। याचिकाओं में इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।  पहली याचिका में क्या मांग? महाराष्ट्र के चार मतदाताओं की ओर से वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर याचिका में SIR के तहत जारी 14 आदेशों को रद्द करने की मांग की गई है। इसके अलावा हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग की गई है। याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, बूथ संबंधी नियमों और ECI-NET की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी शामिल है। याचिका में नई वोटर लिस्ट तैयार होने तक संबंधित विधानसभा चुनावों को स्थगित करने की मांग भी की गई है।  दूसरी याचिका में ASDD वोटर्स का मुद्दा दूसरी याचिका मुंबई के दो निवासियों ने वकील हितेंद्र गांधी के माध्यम से दायर की है। इसमें ASDD वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने से जुड़े नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने SIR और ASDD से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने, अप्रैल 2026 में दिए गए प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई करने और महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देशों को रद्द करने की मांग की है। 10 महीने में 14 लिखित आपत्तियों का दावा यह विवाद 23 सितंबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद और बढ़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं।  रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को अपने संज्ञान के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह की आंतरिक चर्चाएं सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।  यूपी में CEC के दो कार्यक्रम स्थगित चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े दो युवा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इनमें पहला कार्यक्रम मेरठ में और दूसरा वाराणसी में प्रस्तावित था। EC के एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों कार्यक्रम 21 सितंबर को ही स्थगित किए गए थे और इसका मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है।  SIR को लेकर विवाद क्यों बढ़ा? SIR को लेकर मुख्य विवाद वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने के तरीके से जुड़ा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का उल्लेख किया गया है, जबकि चुनाव आयोग ने अंतिम फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।  फिलहाल CJP की आंदोलन की चेतावनी, विपक्ष की राजनीतिक मांगों और SIR से जुड़ी याचिकाओं के बीच यह मामला न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है।
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सिक्किम में लैंडस्लाइड से 20 से ज्यादा घर और सरकारी क्वार्टर बहे, 9 राज्यों पर चक्रवात का असर; MP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में लगातार बारिश के चलते गुरुवार रात लैंडस्लाइड हो गई। इसमें 20 से ज्यादा घर और सरकारी क्वार्टर बह गए। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ओडिशा में बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बंगाल की खाड़ी से उठा अर्नब चक्रवात अब कमजोर पड़ गया है। इसके बावजूद ओडिशा में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में निचले इलाकों और लैंडस्लाइड की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले करीब 10 हजार लोगों को 200 राहत केंद्रों में भेजा गया है। चक्रवात का असर 9 राज्यों में बताया जा रहा है। 4 राज्यों में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश होने का भी अनुमान है। MP के 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के कारण कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। जबलपुर समेत 13 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 16 जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। बिहार के 19 जिलों में यलो अलर्ट बिहार में आज 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हरियाणा के 6 जिलों में बारिश की संभावना हरियाणा में भी कई जिलों में बारिश का अनुमान है। यमुनानगर, करनाल और पानीपत समेत 6 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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नोएडा में अमित शाह और CM योगी ने गोल्फ कार्ट से किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दौरा, 2 लाख करोड़ के कारोबार की उम्मीद

नोएडा में गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोल्फ कार्ट में बैठकर यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के एक्सपो पहुंचे। दोनों नेताओं ने अलग-अलग स्टॉल का दौरा किया और वहां प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। मंच पर दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत भी हुई। इसके बाद अमित शाह ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। जापान समेत 6 देश पार्टनर के रूप में शामिल 29 सितंबर तक चलने वाला यह यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा एडिशन है। इस बार जापान, रूस, वियतनाम, ऑस्ट्रिया, सिंगापुर और बेलारूस पार्टनर देशों के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, ट्रेड शो में 85 देशों से 600 से ज्यादा खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। 2 लाख करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद इस बार आयोजकों को ट्रेड शो से करीब 2 लाख करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), डिफेंस, IT और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं। ट्रेड शो में 2,500 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ में दिखेगा यूपी का स्वाद ट्रेड शो में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ के तहत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय खाद्य संस्कृति को भी प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान हर दिन सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 5 दिनों में 4.5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान आयोजकों के अनुसार, पांच दिनों तक चलने वाले इस ट्रेड शो में 4.5 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने प्रदर्शित करना है।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर हंगामा, महाराष्ट्र SIR के खिलाफ बॉम्बे HC में 2 याचिकाएं

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे, जिन पर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की गई थी।  इसी बीच महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में SIR की प्रक्रिया, संवैधानिक वैधता और इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।  10 महीने में 14 बार आपत्ति का दावा मामला उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कुछ आपत्तियां वोटर रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े फैसलों पर थीं।  हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा था कि आयोग के भीतर इस तरह की चर्चाएं और मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR समेत अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। राहुल गांधी और विपक्ष ने CEC पर उठाए सवाल रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने भी ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उन्होंने वोट चोरी की है। ये आरोप राहुल गांधी के हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं पेश किया जा सकता। विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद में प्रस्ताव लाने की भी बात सामने आई है।  बॉम्बे हाईकोर्ट में SIR के खिलाफ दो याचिकाएं पहली याचिका:महाराष्ट्र के कुछ मतदाताओं की ओर से दायर याचिका में SIR के दौरान जारी 14 प्रशासनिक आदेशों को रद्द करने, हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र व्यवस्था की मांग की गई है। याचिका में SIR प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।  याचिका में महाराष्ट्र में नई और कानूनी रूप से वैध वोटर लिस्ट तैयार होने तक विधानसभा चुनाव टालने की मांग का भी उल्लेख है।  दूसरी याचिका:दूसरी याचिका में ASDD मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने से जुड़े नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने SIR और ASDD से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने तथा महाराष्ट्र से जुड़े SIR निर्देशों को रद्द करने की मांग की है। याचिकाओं में 14 आदेशों को चुनौती बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि 14 प्रशासनिक फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद लिए गए। अदालत से इन फैसलों की समीक्षा और SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की गई है।
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गणेश उत्सव का आज आखिरी दिन, देशभर में हो रहा प्रतिमा विसर्जन; मुंबई-हैदराबाद में कड़ी सुरक्षा

आज गणेश उत्सव का आखिरी दिन है। देशभर में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं का नदियों, तालाबों, झीलों और बनाए गए कृत्रिम कुंडों में विसर्जन कर रहे हैं। इस दौरान बड़े शहरों में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। मुंबई में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात मुंबई में गणेश विसर्जन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 383 कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जन की सुविधा मिल सके। हैदराबाद में 25-30 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा हैदराबाद में गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 25 से 30 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जुलूसों और भीड़ पर नजर रखने के लिए 24 ड्रोन और 10 हजार CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हुसैन सागर के आसपास अतिरिक्त निगरानी हैदराबाद के हुसैन सागर के आसपास सुरक्षा और निगरानी के लिए 100 अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं। झील के किनारे क्रेन, इमरजेंसी बोट, गोताखोर और मेडिकल पोस्ट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। जुलूसों के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन गणेश विसर्जन जुलूसों को देखते हुए हैदराबाद में कई जगह ट्रैफिक डायवर्जन और पाबंदियां लागू रहेंगी। पुलिस ने लोगों से निर्धारित मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
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पीएम मोदी ने सेवा यात्रियों से किया संवाद, बोले- सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करना जरूरी

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के सामाजिक सुधार कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में लगातार सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए, केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं। गांधी जी के सामाजिक सुधार कार्यों का किया जिक्र पीएम मोदी ने कहा कि जब हम गांधी जी के जीवन को देखते हैं तो वे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई और आजादी के आंदोलन के साथ-साथ बड़े सामाजिक सुधारक भी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लगातार काम किया। इसी तरह समाज में सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। 17 सितंबर को शुरू हुईं दो सेवा यात्राएं पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को दो बाइक रैलियों को रवाना किया गया था। इनमें से एक यात्रा उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए निकली है। दोनों यात्राएं 7 अक्टूबर को पूरी होंगी। इन सेवा यात्राओं का आयोजन पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए किया जा रहा है। पीएम मोदी ने बताईं सेवा यात्राओं से जुड़ी 5 बड़ी बातें 1. गांवों और शहरों के बीच कम हुआ अंतरपीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 साल में भारत में शहरों और गांवों के बीच जो अंतर था, वह काफी कम हुआ है। गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है और महिलाओं एवं बेटियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। 2. सेवा यात्रियों की टोलियों से संवादउन्होंने कहा कि एक दिन पहले उन्हें वडनगर से निकले सेवा यात्रियों की सभी टोलियों से संवाद करने का अवसर मिला। अब वाराणसी से उनके गांव वडनगर जा रही सेवा यात्रियों की टोली से भी बात करने का मौका मिला है। 3. वडनगर और काशी का विशेष महत्वपीएम मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए, जबकि काशी ने उनके संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे। उन्होंने कहा कि युवा साथी भी इस यात्रा को सेवा के अलग-अलग रंगों से जोड़ रहे हैं। 4. यात्राओं ने बहुत कुछ सिखायापीएम मोदी ने कहा कि सेवा यात्राओं ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के शायद ही किसी जिले में जाने का उन्हें अवसर नहीं मिला होगा। उन्होंने कहा कि यात्राओं और रास्ते में मिले अनुभव आज भी गुरु की तरह उनका मार्गदर्शन करते हैं। 5. पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा लेने की बातपीएम मोदी ने कहा कि आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म-जयंती भी है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय लगातार ‘चरैवति-चरैवति’का संदेश देते रहे और स्वयं भी लगातार यात्रा करते रहे। पीएम ने कहा कि एक सेवा यात्री के रूप में लगातार चलते रहना ही लक्ष्य होना चाहिए और इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा मिलती है।
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जूनागढ़ में तेंदुए का खौफ, 6 साल की बच्ची पर हमला कर मार डाला; CCTV वीडियो आया सामने

गुजरात के जूनागढ़ जिले में बुधवार रात तेंदुए ने 6 साल की बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। मृत बच्ची की पहचान प्रिशा सोलंकी के रूप में हुई है। घटना से जुड़ा CCTV वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। खेत के पास मिला बच्ची का शव यह घटना मेंदरडा इलाके में थोभणभाई कोराट के खेत में हुई। गिर वेस्ट डिविजन के DFO प्रशांत तोमर के मुताबिक, तेंदुए के हमले के बाद बच्ची का शव खेत के पास मिला। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तेंदुए को पकड़ने के लिए 8 पिंजरे लगाए बच्ची पर हमले के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए आसपास 8 पिंजरे लगाए हैं। टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है और तेंदुए की तलाश की जा रही है। वन विभाग ने आसपास के लोगों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और अकेले बाहर न निकलने की अपील की है।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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