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बिलासपुर में बिजली संकट से हाहाकार: ट्रांसफार्मर में लगी आग, लोगों ने बिजली ऑफिस का किया घेराव

भीषण गर्मी के बीच बिलासपुर में खराब बिजली व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं तो कहीं तकनीकी खामियों की वजह से लगातार बिजली कटौती हो रही है। ऊपर से बिना सूचना के मेंटेनेंस ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। घंटों बिजली गुल, पानी की भी किल्लत नेहरू नगर के मंगला क्षेत्र, भक्त कंवरराम नगर, कस्तूरबा नगर और सिंधी कॉलोनी में पिछले कई दिनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। बुधवार रात कई इलाकों में घंटों बिजली बंद रही। बिजली कटौती के कारण पानी सप्लाई भी प्रभावित हुई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में लोगों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। ट्रांसफार्मर में लगी आग गुरुवार सुबह हालात और बिगड़ गए, जब सिंधी कॉलोनी के ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर काफी समय से खराब हालत में था। समय रहते मरम्मत नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि लो वोल्टेज के चलते कई घरों के बिजली उपकरण और पानी की मोटर खराब हो चुकी हैं। बिजली ऑफिस का घेराव लगातार परेशानियों से नाराज बड़ी संख्या में लोग गुरुवार सुबह नेहरू नगर स्थित बिजली कार्यालय पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए बिजली ऑफिस का घेराव किया। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया और बिजली सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विभाग ने दिया आश्वासन बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली व्यवस्था सुधार दी जाएगी। छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में रेलवे ट्रैक किनारे युवक की संदिग्ध मौत, शरीर पर मिले चोट के निशान

राजधानी रायपुर के चूनाभट्टी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान बिट्टू के रूप में पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खमतराई निवासी बिट्टू के रूप में हुई है। मामला गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने दी सूचना गुरुवार दोपहर चूनाभट्टी इलाके के लोगों ने रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसा या हत्या? पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि युवक की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई या फिर उसके साथ मारपीट की गई थी। शरीर पर चोट के निशान मिलने के कारण पुलिस हत्या समेत अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। छत्तीसगढ़ और देश की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म: चचेरे भाई को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। आरंग थाना क्षेत्र में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसके ही 23 साल के चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया। मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) रायपुर गिरीश कुमार मंडावी की अदालत ने सुनाया। करौंदा खिलाने के बहाने ले गया था आरोपी अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की मां ने 29 जुलाई 2025 को आरंग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 27 जुलाई की दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी बच्ची को करौंदा खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। कुछ देर बाद जब बच्ची वापस घर लौटी तो पेशाब करते समय दर्द से रोने लगी। मां ने पूछताछ की तो बच्ची ने बताया कि आरोपी उसे खाना बनाने वाले कमरे में ले गया था, जहां उसके कपड़े उतारकर दुष्कर्म किया गया। मेडिकल जांच और गवाहों के आधार पर सजा शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बच्ची और उसकी मां के बयान दर्ज किए गए। बच्ची के कपड़े जब्त कर मेडिकल परीक्षण कराया गया। कोर्ट ने सभी गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई। मासूमों के खिलाफ अपराध पर सख्त संदेश इस फैसले को बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। देश और प्रदेश की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में लगेगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव, 250 से ज्यादा किस्मों के आम होंगे आकर्षण

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आम प्रेमियों के लिए खास आयोजन होने जा रहा है। 29 से 31 मई तक कृषि महाविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में देश-विदेश की 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजन संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी और ‘प्रकृति की ओर सोसायटी’ के सहयोग से किया जा रहा है। आम की अलग-अलग प्रतियोगिताएं भी होंगी महोत्सव में केवल आमों की प्रदर्शनी ही नहीं लगेगी, बल्कि कई रोचक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसमें आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता के साथ-साथ आम से बने व्यंजन और आम से सजावट प्रतियोगिता भी होगी। इन प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ समेत देशभर के आम उत्पादक हिस्सा लेंगे। स्कूल और कॉलेज के छात्र, महिलाएं और आम नागरिक भी इसमें भाग ले सकेंगे। आयोजन में प्रवेश और पंजीयन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। रात 9 बजे तक खुली रहेगी प्रदर्शनी 29 मई को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रतिभागियों की एंट्री और पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद आम लोगों के लिए प्रदर्शनी तीनों दिन रात 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में दुर्लभ और खास किस्मों के आम, आम से बने उत्पाद और आम के पौधे बिक्री के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। किसानों और युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन 30 मई को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आम उत्पादकों और युवाओं के लिए विशेष चर्चा सत्र आयोजित होगा। इसमें बेहतर गुणवत्ता वाले आम उत्पादन, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आम उत्पादन और उससे जुड़े व्यवसाय के लिए प्रेरित करना है। सफल किसानों की कहानियां भी होंगी साझा 31 मई को सफल आम उत्पादकों और उद्यमियों की सफलता की कहानियां सुनाई जाएंगी। इसी दिन विजेताओं को पुरस्कार और सम्मान भी दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को हर किस्म के 5 से 10 आम लाने होंगे। वहीं, आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कम से कम 250 ग्राम उत्पाद के साथ पंजीयन कराना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले दो वर्षों से आयोजित हो रहा यह राष्ट्रीय आम महोत्सव लोगों को काफी पसंद आ रहा है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। www.deshharpal.com पर पढ़ें देश-दुनिया और प्रदेश की ताजा खबरें।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: समर वेकेशन में होगी वर्चुअल सुनवाई, जजों से कार पूलिंग की अपील

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईंधन और संसाधनों की बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद हाईकोर्ट ने समर वेकेशन के दौरान वर्चुअल सुनवाई करने का फैसला लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई नए आदेश के मुताबिक, गर्मी की छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। इससे भीषण गर्मी में वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, जो वकील किसी कारण से ऑनलाइन नहीं जुड़ पाएंगे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति रहेगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट फिजिकल सुनवाई के निर्देश भी दे सकेगा। कर्मचारियों को मिल सकती है वर्क फ्रॉम होम सुविधा हाईकोर्ट और जिला अदालतों के कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। रोटेशन व्यवस्था के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और सरकारी संचार माध्यमों पर हर समय उपलब्ध रहना होगा। जजों और अधिकारियों से कार पूलिंग की अपील ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाईकोर्ट ने जजों, न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अफसरों और मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए व्हीकल पूलिंग यानी साझा वाहन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा है। हाईकोर्ट ने जजों से भी आपस में कार पूलिंग करने का आग्रह किया है। तकनीकी तैयारियों के निर्देश इन व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से लागू करने के लिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह पहल संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता को आसानी से न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। 👉 छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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कांकेर में नकली नोट छापने वाला गिरफ्तार: घर में ही बना रहा था 500-500 के फर्जी नोट, 6.5 लाख रुपए बरामद

कांकेर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6.5 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने घर में ही प्रिंटर और स्कैनर की मदद से 500-500 रुपए के नकली नोट छाप रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से नकली नोटों के अलावा प्रिंटर, लैपटॉप और स्कैनर भी जब्त किए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलis को सूचना मिली थी कि नए बस स्टैंड इलाके में एक युवक बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 500 रुपए के कई नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और जल्दी पैसा कमाने के लालच में नकली नोट छापने लगा। 5-6 महीने से घर में छाप रहा था नोट पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले 5 से 6 महीनों से घर में ही नकली नोट तैयार कर रहा था। इसके लिए वह प्रिंटर, लैपटॉप और स्कैनर का इस्तेमाल करता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह नशे का आदी है और आर्थिक तंगी के कारण इस रास्ते पर चला गया। पुलिस कर रही गिरोह की जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। इसके अलावा एक्सपर्ट की मदद से यह भी जांच की जाएगी कि नकली नोट असली नोटों की सुरक्षा तकनीक के कितने करीब थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी इन नकली नोटों को कहां खपाने की तैयारी में था और कहीं इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कांकेर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। 👉 छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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जांजगीर-चांपा में एक ही परिवार के 4 लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या, गांव में फैली सनसनी

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बुधवार देर रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। भंवतरा गांव में अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर एक ही परिवार के चार लोगों की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतकों में 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप, उनकी पत्नी कांति बाई (65), नातिन मोगरा (25) और नाती पीतांबर (17) शामिल हैं। खाट पर खून से लथपथ मिले शव जानकारी के मुताबिक, चारों के शव निर्माणाधीन मकान में खाट पर खून से लथपथ हालत में मिले। गुरुवार सुबह जब मकान में काम करने के लिए मिस्त्री पहुंचा, तब घटना का खुलासा हुआ। शवों को देखकर उसने तुरंत गांव के सरपंच को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मौके से मिली खून से सनी कुल्हाड़ी पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए Nivedita Pal, Umesh Kashyap और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं, Sheshraj Harvansh ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। 17 साल पहले भी हुई थी परिवार के सदस्य की हत्या जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि करीब 16-17 साल पहले मृतक परिवार के एक बेटे की भी हत्या हुई थी। ऐसे में पुलिस पुरानी रंजिश, जमीन विवाद और पारिवारिक दुश्मनी समेत सभी एंगल से जांच कर रही है। निर्माणाधीन मकान में सो रहे थे चारों बताया जा रहा है कि परिवार का नया मकान बन रहा था और चारों लोग उसी निर्माणाधीन घर में सो रहे थे। देर रात हमलावरों ने सोते समय हमला कर वारदात को अंजाम दिया। पड़ोसी हिरासत में एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि शुरुआती जांच में एक से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस ने पड़ोस के एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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नया रायपुर के IIIT हॉस्टल में चोरी: स्टूडेंट बनकर घुसा युवक, 20 मिनट में 10 लैपटॉप लेकर फरार

IIIT नया रायपुर के हॉस्टल परिसर में चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। एक युवक छात्र बनकर हॉस्टल में घुसा और महज 20 मिनट के भीतर 10 लैपटॉप चोरी कर फरार हो गया। पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। स्टूडेंट बनकर हॉस्टल में घुसा आरोपी जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल प्रबंधन की ओर से संदीप कुमार तिवारी (45) ने राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि 11 मई को एक अज्ञात युवक छात्र की तरह हॉस्टल परिसर में दाखिल हुआ। उसकी एंट्री इतनी सामान्य थी कि किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात CCTV फुटेज में आरोपी हॉस्टल के कमरों के आसपास आराम से घूमता दिखाई दे रहा है। उसने अलग-अलग कमरों से करीब 10 लैपटॉप चोरी किए। चोरी हुए लैपटॉप की कीमत लगभग 2.50 लाख रुपए बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मुख्य गेट तक पहुंचा और वहां मौजूद गार्ड को “हेलो” बोलते हुए आराम से बाहर निकल गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि एक बाहरी व्यक्ति इतनी आसानी से हॉस्टल में घुस गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने शुरू की जांच राखी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 👉 छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ भाजपा में बड़े बदलाव के संकेत: बृजमोहन बोले- मुझे कोई किनारे नहीं कर सकता, संगठन में नए चेहरों की एंट्री

छत्तीसगढ़ भाजपा में इन दिनों संगठन और सत्ता दोनों स्तर पर बड़े बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने साफ कहा है कि जब तक वे सक्रिय राजनीति में हैं, तब तक उन्हें कोई किनारे नहीं कर सकता और न ही उनके साथ सौतेला व्यवहार हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे 10 साल तक पार्टी के कोर ग्रुप में रहे हैं। अब नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जो एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति हमेशा एक ही पद पर नहीं रहता और समय के साथ बदलाव होते रहते हैं। प्रदेश कार्यसमिति बैठक में दिया बयान बृजमोहन अग्रवाल ने ये बातें कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान कही। इसी बैठक में कुछ भाजपा नेता रिक्शा से पहुंचे, जबकि उनके पीछे उनका काफिला चल रहा था। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद भाजपा नेताओं ने कारकेड कम करने का फैसला लिया है और आने वाले समय में ई-वाहनों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। भाजपा कोर कमेटी में नए चेहरों की एंट्री प्रदेश भाजपा कोर कमेटी में कई बदलाव किए गए हैं। मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में शामिल किया गया है। वहीं पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद उनके कोर कमेटी से हटाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। संगठन मजबूत करने पर हुई चर्चा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा संगठन को गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा आने वाले समय में होने वाली बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। सत्ता और संगठन में बदलाव की चर्चा क्यों? भाजपा फिलहाल दो बड़े मोर्चों पर काम कर रही है। एक तरफ सरकार ढाई साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ संगठन के कई पदाधिकारियों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। इसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि भाजपा अब 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की तैयारी कर रही है। डिप्टी सीएम को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि किसी एक डिप्टी सीएम को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसमें विजय शर्मा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है। महिला डिप्टी सीएम फॉर्मूला भी चर्चा में अगर संगठन या सरकार में बड़ा बदलाव होता है, तो भाजपा किसी महिला चेहरे को आगे कर सकती है। इसमें लता उसेंडी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि भाजपा महिला, आदिवासी और ओबीसी वोट बैंक को साधने के लिए यह रणनीति अपना सकती है। मंत्रिमंडल फेरबदल की भी चर्चा सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर पार्टी नेतृत्व पूरी तरह भरोसे में है और फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है। इनमें भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम चर्चा में है। 2028 चुनाव की तैयारी में भाजपा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि समय रहते संगठन और सत्ता में बदलाव कर आगामी चुनावों की रणनीति मजबूत करने में जुट गई है। 👉 राजनीति और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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दुर्ग में लव ट्रायंगल बना खूनी संघर्ष की वजह, युवक की चाकू मारकर हत्या

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही लड़की से बातचीत को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मृतक की पहचान जितेश ठाकुर (20) के रूप में हुई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गर्लफ्रेंड को लेकर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, राजीव नगर निवासी जितेश ठाकुर अपने दोस्तों राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर के साथ सोमवार देर रात केजू राइस मिल के पास मौजूद था। इसी दौरान एक लड़की से बातचीत को लेकर कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हमले में जितेश ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तीनों युवकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर का अस्पताल में इलाज जारी है। इनमें से एक युवक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। रातभर चली छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था। इलाके में तनाव, पुलिस गश्त बढ़ी घटना के बाद राजीव नगर और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहे www.deshharpal.com Portal के साथ
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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