आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

Latest Posts

मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, भोपाल में 194 रुपए तक घटे दाम; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को राहत

देशभर में शनिवार से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट लागू हो गए हैं। मध्य प्रदेश में इसकी कीमत में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। राजधानी भोपाल में अब 19 किलो का कमर्शियल गैस सिलेंडर 2,743 रुपए में मिलेगा। नई दरों से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को मिलेगा फायदा होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर लगातार महंगा होने से संचालन लागत बढ़ गई थी। इसके चलते कई जगह खाने और कैटरिंग सेवाओं के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े थे। अब गैस सस्ती होने से आने वाले समय में ग्राहकों को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। तीन महीने पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे थे दाम व्यापारियों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल आया था। कई शहरों में इसकी कीमत 3,300 रुपए से अधिक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1,800 से 2,000 रुपए के बीच थी। रीवा में सबसे महंगा, शाजापुर में सबसे सस्ता सिलेंडर नई कीमतों के अनुसार प्रदेश में सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2,991.50 रुपए का मिलेगा। अन्य प्रमुख शहरों के रेट इस प्रकार हैं: कैटरिंग कारोबार पर पड़ा था असर कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण बड़े आयोजनों की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई थी। करीब 500 लोगों के भोजन आयोजन में 45 से 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च आ रहा था। इसी वजह से कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट कीमतें बढ़ा दी थीं। अब कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों को राहत मिलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में ग्राहकों को भी कुछ हद तक कम कीमतों का फायदा मिल सकता है। अधिक बिजनेस और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

कॉमनवेल्थ गेम्स: आज भारत के लिए मेडलों की बारिश का मौका, बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मुकाबले; लवलीना समेत कई स्टार्स एक्शन में

कॉमनवेल्थ गेम्स के नौवें दिन भारत के लिए मेडलों की झड़ी लग सकती है। शनिवार को भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में 44 गोल्ड मेडल मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बॉक्सिंग से है। भारतीय मुक्केबाज 10 गोल्ड मेडल फाइनल खेलेंगे। इनमें ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन भी शामिल हैं। बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनल मुकाबले भारत की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे प्रीति पवार (54 किग्रा) के फाइनल से होगी। बॉक्सिंग फाइनल का शेड्यूल: एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद भारतीय एथलीट भी कई फाइनल मुकाबलों में उतरेंगे। प्रमुख मुकाबले: जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भी चुनौती जूडो में उन्नति शर्मा, करणजीत सिंह मान, हर्ष तोकस और इनुंगानबी ताखेल्लामबम अपने शुरुआती मुकाबले खेलेंगे। ट्रैक साइक्लिंग में: लॉन बॉल्स में इंग्लैंड से मुकाबला महिला सिंगल्स में: भारत को शनिवार को बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में कई स्वर्ण पदकों की उम्मीद है। सभी की नजरें खासतौर पर ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और अन्य भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर रहेंगी। अधिक खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

भारत-बांग्लादेश क्रिकेट सीरीज पर सस्पेंस बरकरार, BCB ने सरकार से भारत को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील

भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में प्रस्तावित सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने अपनी सरकार से भारत के साथ बातचीत कर टीम इंडिया को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की अपील की है। भारत को बांग्लादेश दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हालांकि, इस सीरीज को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी तक आधिकारिक मंजूरी या कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। 3 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला 1. पहले 2024 में होना था दौरा यह सीरीज मूल रूप से वर्ष 2024 में आयोजित होनी थी। लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और सरकार विरोधी आंदोलन के बाद हालात बदल गए। इसके चलते दौरा स्थगित कर दिया गया। अब इसे सितंबर 2026 में कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन भारत की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। 2. सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा तमीम इकबाल ने बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबैद इस्लाम से मुलाकात कर आग्रह किया कि सरकार भारत के साथ बातचीत करे और टीम इंडिया की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे। 3. रिश्ते सुधरे तो सीरीज संभव हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद बढ़ा है। भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS सम्मेलन का निमंत्रण दिया गया है। साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच भी बातचीत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजनीतिक संबंध सामान्य होते हैं, तो सीरीज आयोजित होने की संभावना बढ़ जाएगी। तमीम इकबाल ने क्या कहा? तमीम इकबाल ने कहा कि, “हम इस सीरीज को लेकर काफी आशावान हैं, लेकिन कुछ फैसले हमारे हाथ में नहीं हैं। यह दोनों देशों की सरकारों के बीच का विषय है और वही अंतिम निर्णय लेंगी।” BCB भारत के जवाब का इंतजार कर रहा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड फिलहाल भारत सरकार और BCCI के फैसले का इंतजार कर रहा है। जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक ब्रॉडकास्ट अधिकार और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही मैचों का आधिकारिक शेड्यूल जारी किया जाएगा। अधिक खेल जगत की खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC पद को लेकर सियासत तेज, उमेश पटेल के समर्थन में पोस्ट पर नेता को नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष (PCC) पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर की गई एक पोस्ट के बाद हुई है। कांग्रेस संगठन ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ मानते हुए जवाब मांगा है। उमेश पटेल के समर्थन में साझा की थी पोस्ट जानकारी के मुताबिक, अरुण मालाकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमेश पटेल के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने उमेश पटेल के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की थी। पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया। संगठन ने बताया अनुशासनहीनता प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि पार्टी के महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों को लेकर सार्वजनिक रूप से किसी नेता के पक्ष में अभियान चलाना आंतरिक प्रक्रिया और अनुशासन के अनुरूप नहीं है। संगठन ने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियों से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री की ओर से अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में मांगा जवाब जारी नोटिस में अरुण मालाकार से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। कांग्रेस संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो पार्टी संविधान के अनुसार आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नए PCC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। दिल्ली दौरे से वरिष्ठ नेताओं के लौटने के बाद इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। इसी बीच कई नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग नेताओं के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। संगठन की यह कार्रवाई पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। आने वाले दिनों में PCC अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस संगठन का रुख और स्पष्ट हो सकता है। अधिक जानकारी और ताज़ा राजनीतिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

बिलासपुर की 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग जर्जर, कर्मचारियों ने कलेक्टर से लगाई सुधार की गुहार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की खराब हालत को लेकर 27 से अधिक विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। कर्मचारियों ने भवन में पानी रिसाव, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1959 में निर्मित यह सरकारी भवन लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से नई कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण की मांग भी रखी। कलेक्टर ने PWD अधिकारियों को दिए निर्देश कर्मचारियों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर भवन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने भवन की आंशिक मरम्मत, रंग-रोगन, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, पुरुष और महिला शौचालयों के जीर्णोद्धार, नया ट्रांसफार्मर लगाने और नई विद्युत लाइन की व्यवस्था करने की मांग की। बारिश के बाद बढ़ी सीपेज की समस्या हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में कई स्थानों पर सीपेज की समस्या बढ़ गई है। कई कार्यालयों में पानी भरने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति में काम करना मुश्किल हो रहा है और जल्द स्थायी समाधान की आवश्यकता है। सितंबर से शुरू हो सकते हैं रखरखाव कार्य कलेक्टर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सितंबर से पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में आवश्यक रखरखाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में सुनील यादव, आर.के. गुप्ता, सूर्यप्रकाश कश्यप, राहुल यादव, देवेंद्र ठाकुर, किशोर शर्मा, जियाली राम सुरक्षित, एच.एन. पुरैना, डी.के. पाटिल, मनीष रात्रे, श्वेता दुबे और मीनू अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

नर्मदापुरम में 28 करोड़ की सरकारी मूंग घोटाला: मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां, जिला प्रबंधक समेत 3 पर FIR

मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सरकारी मूंग की बोरियों में मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। जांच में मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखे 23 स्टैक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए, जबकि कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी हुई थीं। मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और स्टॉक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। 31 हजार क्विंटल से अधिक सरकारी मूंग प्रभावित जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल सरकारी मूंग में मिलावट की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला प्रबंधक समेत तीन लोगों पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर कनकधारा वेयरहाउस के संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया है। जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी ब्लैकलिस्ट हो चुका था वेयरहाउस जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनकधारा वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, उसे लगभग एक वर्ष पहले भी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। उस समय जांच समिति में जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी सामने आने से निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों का भी चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण और जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके। आरोपी वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती एफआईआर में नामजद वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित फिलहाल एक निजी हार्ट केयर अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से उपचाराधीन हैं। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के 12 मेजबान शहरों का किया ऐलान, 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा टूर्नामेंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। क्रिकेट का यह महाकुंभ 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 24 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी फिर से अफ्रीकी महाद्वीप को मिली है। दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले टूर्नामेंट के अधिकांश मैच दक्षिण अफ्रीका में खेले जाएंगे। यहां जोहानसबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, ग्केबेर्हा, कुगोम्पो सिटी, केपटाउन, पार्ल और ब्लोमफोंटेन को मेजबान शहर बनाया गया है। वहीं जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स, जबकि नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी कर चुका है। वहीं नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि इस वर्ष उसने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 मैचों में से 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में संभव 2027 वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच खेले जाएंगे। इनमें से कम से कम 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, 7 से 10 मैच जिम्बाब्वे और कम से कम तीन मैच नामीबिया में होने की संभावना है। इसके अलावा बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के लिए चुना गया है। यही शहर अगले वर्ष होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर की भी मेजबानी कर सकते हैं। विक्टोरिया फॉल्स पहली बार बनेगा वर्ल्ड कप वेन्यू इस बार 12 मेजबान शहरों में विक्टोरिया फॉल्स नया नाम है। यहां लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। 14 टीमों के साथ नए फॉर्मेट में खेला जाएगा वर्ल्ड कप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू किया है। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की संभावना नए फॉर्मेट के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मैच खेले जा सकते हैं। यदि दोनों टीमें एक ही ग्रुप में रहती हैं तो पहला मुकाबला ग्रुप स्टेज में होगा। दोनों के सुपर-7 में पहुंचने पर दूसरी भिड़ंत होगी और यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचते हैं तो तीसरी बार आमना-सामना संभव है। मेजबान देशों की क्वालिफिकेशन स्थिति ICC के फुल मेंबर होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं तीसरे मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। अधिक जानकारी और ताज़ा खेल खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

MP में बिल्डिंग परमिशन के नियम आसान: अब नहीं देनी होगी कई NOC, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

मध्यप्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति (Building Permission) की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बिल्डिंग परमिशन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। साथ ही पूरी भवन अनुज्ञा प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आवेदन के लिए केवल डिजिटल दस्तावेज ही मान्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा सभी नगरीय निकायों को जारी निर्देशों के अनुसार, इस व्यवस्था से नागरिकों, निवेशकों, बिल्डर्स और निर्माण एजेंसियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भवन अनुमति प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनेगी, जिससे प्रदेश में Ease of Doing Business को भी बढ़ावा मिलेगा। पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा के लिए आवेदन, भवन का नक्शा और अन्य आवश्यक दस्तावेज केवल ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यदि भूमि स्वामी स्वयं आवेदन करता है तो उसे ऑनलाइन शपथ-पत्र देना होगा। वहीं, अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन करने पर भूमि स्वामी के हस्ताक्षरित शपथ-पत्र की डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। इन मामलों में ही लगेगी NOC की जरूरत सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) और हेरिटेज क्षेत्रों से संबंधित NOC केवल उन्हीं मामलों में आवश्यक होगी, जहां ऑनलाइन GIS आधारित जांच में संबंधित भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में इन विभागों की अनापत्ति की जरूरत नहीं होगी। हाउसिंग सोसायटी, बिजली और नजूल विभाग से भी राहत नए निर्देशों के तहत सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियों, बिजली विभाग और नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में आवेदकों को स्वयं NOC लाने की जरूरत नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के सात दिनों के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा और विभाग को 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति या आपत्ति दर्ज करनी होगी। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। पर्यावरण और फायर NOC के नियम भी हुए आसान नए निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति अब केवल निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े भवनों और परियोजनाओं के लिए ही आवश्यक होगी। इसी तरह वृक्ष कटाई की अनुमति केवल उन्हीं मामलों में ली जाएगी, जहां वास्तव में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित होगी। अग्निशमन विभाग (Fire NOC) से संबंधित प्रक्रिया भी राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनेगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

पेपर लीक कानून पास होने के बाद पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- पेपर माफिया और गैंग को नहीं बख्शेंगे

संसद के दोनों सदनों से पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद गुरुवार रात करीब 10:40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “कोई भी पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग या देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने संसद में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए कठोर प्रावधानों वाला विधेयक दोनों सदनों से पारित कराया है।” 2 मिनट 26 सेकेंड के वीडियो को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर 2 मिनट 26 सेकेंड का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। वीडियो पोस्ट होने के महज 17 मिनट के भीतर उसे 8 लाख से अधिक लाइक मिल गए, जिससे सोशल मीडिया पर भी इसे व्यापक प्रतिक्रिया मिली। 8 दिनों में चौथा इंस्टाग्राम वीडियो यह पिछले आठ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम पर साझा किया गया चौथा वीडियो है। इससे पहले रविवार को उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए गठित हाईपावर टास्क फोर्स की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव देगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

पेपर लीक संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब विधेयक पर जवाब देने के लिए खड़े हुए, तभी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि NTA को “बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और निराधार आरोप लगाए। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 12 13 14 15 16 83

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.