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Bhopal मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर फैसला टला, वक्फ बोर्ड मामले की सुनवाई 23 जून को तय

Bhopal मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर फैसला टला, वक्फ बोर्ड मामले की सुनवाई 23 जून को तय

Bhopal से दो अहम मामलों को लेकर अपडेट सामने आया है। शहर में प्रस्तावित मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर फिलहाल फैसला टाल दिया गया है, जिससे परियोजना से जुड़े अगले कदम पर अभी इंतजार बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और अन्य जरूरी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट की रफ्तार पर अस्थायी असर पड़ सकता है। वहीं, वक्फ बोर्ड से जुड़े एक मामले में भी सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी। इससे जुड़े पक्षों को नई तारीख की जानकारी दे दी गई है। इन दोनों फैसलों के टलने के बाद संबंधित विभागों और हितधारकों की नजर अब अगली सुनवाई और निर्णय पर टिकी हुई है।
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CM की Amit Shah से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज

CM की Amit Shah से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल, कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज

राजनीतिक गलियारों में इन दिनों कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री की हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से हुई मुलाकात के बाद सियासी हलचल और बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विकास कार्यों और मंत्रियों के प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट को लेकर भी समीक्षा की गई है। इसी के बाद अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही कैबिनेट में फेरबदल या विस्तार हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस पर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर कैबिनेट विस्तार होता है, तो इसमें कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की भूमिका में बदलाव भी संभव है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा फैसला हो सकता है।
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उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने दिया फ्यूल बचाने का संदेश, ई-बाइक से पहुंचे पेट्रोल पंप

मध्यप्रदेश के उज्जैन में सांसद Anil Firojiya गुरुवार को शहर के लंगर पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही करने की अपील की। इस दौरान सांसद खुद ई-बाइक से पेट्रोल पंप पहुंचे और लोगों को ईंधन बचाने तथा वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने का संदेश दिया। लोगों से ई-व्हीकल अपनाने की अपील ईरान-अमेरिका तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद सांसद अनिल फिरोजिया ने यह पहल की। देवास रोड स्थित पेट्रोल पंप पर लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद भी ई-व्हीकल का उपयोग शुरू कर दिया है। साथ ही शाम के समय साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आसपास कहीं जाना हो तो ई-व्हीकल या साइकिल का उपयोग करना चाहिए। यह केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि देशहित से भी जुड़ा विषय है। “भारत घूमिए, विदेश यात्राएं कम कीजिए” सांसद ने लोगों से विदेश घूमने की बजाय भारत के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, एक साल तक सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्राएं कम करने का आग्रह किया है। विदेशी मुद्रा बचाने पर दिया जोर अनिल फिरोजिया ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और सोने का आयात डॉलर में होता है। यदि देशवासी इनकी खपत कम करेंगे तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत बनेगा। उन्होंने लोगों से ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की अपील भी की। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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जस्टिस को फोन लगाने के मामले में हाईकोर्ट पहुंचे भाजपा विधायक संजय पाठक, अगली सुनवाई 15 जुलाई को

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस को फोन लगाने के मामले में भाजपा विधायक Sanjay Pathak गुरुवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। अदालत ने पहले ही उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी, इसलिए उन्हें कोर्ट में हाजिर होना पड़ा। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 15 जुलाई तय की है। अब इस मामले में दोपहर ढाई बजे सुनवाई होगी। कोर्ट ने खारिज की थी पेशी से छूट की मांग तीन सप्ताह पहले हुई सुनवाई में संजय पाठक ने कोर्ट में कहा था कि जस्टिस का नंबर उनसे गलती से डायल हो गया था। उन्होंने अगली सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग भी की थी, लेकिन अदालत ने यह मांग ठुकरा दी थी। गुरुवार को संजय पाठक दोपहर करीब 3 बजे कोर्ट पहुंचे और शाम 5 बजे तक मौजूद रहे। चीफ जस्टिस की बेंच में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई Sanjeev Sachdeva और Vinay Saraf की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने व्हिसलब्लोअर Ashutosh Dixit को भी मामले में अदालत की सहायता करने की अनुमति दी है। ओपन कोर्ट में हुआ था खुलासा पूरा मामला 1 सितंबर 2025 को सामने आया था, जब Vishal Mishra ने ओपन कोर्ट में कहा था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। उस समय जस्टिस मिश्रा के सामने विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने खुद को उस केस की सुनवाई से अलग कर लिया था। “गलती से लग गया था फोन” हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में संजय पाठक ने दावा किया था कि उनसे गलती से जस्टिस विशाल मिश्रा का नंबर डायल हो गया था और एक घंटी बजते ही कॉल काट दिया गया। हालांकि अदालत ने साफ कहा था कि विधायक की व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना इस हलफनामे पर विचार नहीं किया जाएगा। खनन मामले से जुड़ा है विवाद यह मामला संजय पाठक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से जुड़ा है। इसी मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच में चल रही थी। अपने आदेश में जस्टिस मिश्रा ने कहा था कि इस तरह का संपर्क न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए वे मामले की सुनवाई नहीं करेंगे। बाद में हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू की मौत पर हंगामा, परिजनों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज Giribala Singh की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को मृतका के परिजनों ने महिला थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि रसूखदार परिवार होने के कारण ट्विशा के पति समर्थ शर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने पति पर हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ACP करेंगे मामले की जांच Katara Hills Police Station के थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि नवविवाहिता की मौत का मामला होने के कारण केस डायरी एसीपी को भेज दी गई है। आगे की जांच अब एसीपी स्तर पर होगी। पुलिस के अनुसार, परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है। “थाने में हमारी बात तक नहीं सुनी गई” ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात जब वे इंसाफ की मांग लेकर थाने पहुंचे तो उनके पहुंचते ही मुख्य गेट बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि वे रात 12 बजे तक बाहर खड़े रहे, लेकिन किसी अधिकारी ने बात तक नहीं की। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रही है और आरोपी पक्ष ट्विशा को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। परिजनों का दावा है कि मृतका को “ड्रग एडिक्ट” तक बताया जा रहा है। हालांकि थाना प्रभारी ने बदसलूकी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पुलिस के साथ ही दुर्व्यवहार किया गया। बहन का आरोप- “अस्पताल से एक घंटे गायब रहे पति और सास” मृतका की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि मौत की पुष्टि के बाद पति समर्थ शर्मा और उनकी मां करीब एक घंटे तक गायब रहे। प्रियंका का आरोप है कि इस दौरान घर लौटकर सबूतों से छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि अब तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसे भागने का मौका दिया जा रहा है। छत पर फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उनकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी वकील समर्थ शर्मा से हुई थी। मंगलवार रात कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा का शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला था। परिवार के मुताबिक, रात 9:30 बजे तक सभी लोग साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। बाद में जब परिवार छत पर पहुंचा तो ट्विशा एक्सरसाइज वाले इलास्टिक बैंड के सहारे फंदे पर लटकी मिलीं। उन्हें तुरंत All India Institute of Medical Sciences Bhopal ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भाई ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप ट्विशा के भाई Harshit Sharma ने आरोप लगाया कि शादी के बाद शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार बदल गया। उन्होंने कहा कि ट्विशा को “नाकारा” कहकर अपमानित किया जाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। ट्विशा भोपाल आने के बाद दूसरी नौकरी नहीं करना चाहती थीं, जिस बात को लेकर पति से विवाद होता था। परिवार का कहना है कि मौत से पहले ट्विशा ने फोन कर बताया था कि वह मायके लौटना चाहती है और इसके लिए रिजर्वेशन भी करा लिया था। ससुराल पक्ष का अलग दावा पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कहा कि ट्विशा मनोवैज्ञानिक उपचार करा रही थीं और दवाइयां ले रही थीं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा ने डॉक्टर को गांजा सेवन और गर्भपात से जुड़ी जानकारी भी दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की बात कह रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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खंडवा में दर्दनाक सड़क हादसा: फायनेंस कंपनी मैनेजर की मौत, राहगीर को बचाने में गई जान

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक फायनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड से टकरा गई। हादसा इंदौर-खंडवा हाईवे पर छैगांव देवी के पास बुधवार रात करीब 11 बजे हुआ। राहगीर को बचाने में हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, देशगांव निवासी रविराज सिंह गौड़ (32) Sundaram Finance में ब्रांच मैनेजर थे। वे अपने स्टाफ कर्मचारी की शादी में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। उनके साथ एक सहकर्मी भी बाइक पर सवार था। रास्ते में छैगांव देवी के पास अचानक एक व्यक्ति सड़क पार करने लगा। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चली गई। साइन बोर्ड की टक्कर से मौके पर मौत बाइक सड़क किनारे लगे संकेतक बोर्ड से टकरा गई। इस दौरान बोर्ड का हिस्सा रविराज सिंह की छाती में जोर से लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि बाइक पर पीछे बैठे उनके सहकर्मी को मामूली खरोंच तक नहीं आई। हाल ही में मिला था प्रमोशन परिजनों के अनुसार, रविराज सिंह मेहनती, ईमानदार और मिलनसार स्वभाव के थे। हाल ही में उन्हें ब्रांच मैनेजर के पद पर प्रमोशन मिला था। उनकी शादी साल 2024 में हुई थी और 21 अप्रैल को उन्होंने अपनी दूसरी मैरिज एनिवर्सरी मनाई थी। परिवार में उनकी पत्नी, मां और छोटा भाई हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। अस्पताल पहुंचे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि घटना की जानकारी मिलते ही गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में देशगांव के लोग जिला अस्पताल पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष Rajpal Singh Tomar भी मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रविराज सिंह गौड़ का अंतिम संस्कार देशगांव के पास स्थित देवझिरी मुक्तिधाम में किया गया। इस हादसे के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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इंदौर में सिस्टम की संवेदनहीनता: युवक के शव को बाइक पर लेकर 9 घंटे भटकते रहे परिजन

मध्यप्रदेश के इंदौर में करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 21 वर्षीय युवक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए परिजन करीब 9 घंटे तक बाइक पर शव लेकर भटकते रहे। इस दौरान उन्होंने लगभग 25 किलोमीटर का सफर तय किया। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय पर जिम्मेदारी नहीं निभाई। निर्माणाधीन मकान में लगा करंट जानकारी के मुताबिक, अलवासा गांव निवासी अंकित फुलेरिया (21) को 11 मई को निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग के दौरान करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य लोग उसे बाइक से Aurobindo Hospital लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद अंकित को मृत घोषित कर दिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकते रहे परिजन इसके बाद परिजन शव लेकर सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। सांवेर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में पता चला कि मामला Banganga Police Station क्षेत्र का है। आरोप है कि बाणगंगा पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार रात करीब 9 बजे परिजन दोबारा अरबिंदो अस्पताल पहुंचे और शव को मर्चुरी में रखवाया गया। दूसरे दिन हंगामे के बाद हुआ पोस्टमॉर्टम मंगलवार को पोस्टमॉर्टम में देरी होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद बाणगंगा थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जरूरी कागजी कार्रवाई शुरू की गई। तब जाकर युवक का पोस्टमॉर्टम हो सका और अंतिम संस्कार किया गयापहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप पहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बाणगंगा पुलिस की कथित लापरवाही के कारण परिजन शव लेकर अस्पताल से लौट चुके हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त Ramsnehi Mishra ने कहा कि अगर जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ।
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Bhopal में कल बिजली कटौती का अलर्ट, 20 से ज्यादा इलाकों में असर; रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली भी शामिल

Bhopal में कल बिजली कटौती का अलर्ट, 20 से ज्यादा इलाकों में असर; रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली भी शामिल

Bhopal शहर के कई इलाकों में कल बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। मेंटेनेंस कार्य के चलते करीब 20 से ज्यादा कॉलोनियों में कुछ घंटों के लिए बिजली कटौती की जाएगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन इलाकों में रहेगा असर जानकारी के अनुसार Bhopal के रोहित नगर, डीके कॉटेज-चिचली, गुजराती कॉलोनी और तिलक नगर सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग की ओर से बताया गया है कि यह कटौती जरूरी रखरखाव और सुधार कार्य के कारण की जा रही है, ताकि भविष्य में सप्लाई बेहतर की जा सके। लोगों से सावधानी की अपील बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पानी भरकर रखें और जरूरी काम पहले ही निपटा लें, ताकि कटौती के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी और दैनिक कामकाज के बीच बिजली कटौती से थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन यह काम भविष्य की सुविधा के लिए जरूरी है। कब तक रहेगी कटौती? बिजली विभाग के अनुसार, निर्धारित समय में काम पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, मौसम या तकनीकी कारणों से समय में थोड़ा बदलाव भी हो सकता है।
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MP में बड़ा मामला: आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

MP में बड़ा मामला: आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

MP के मंदसौर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद सभी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। आइसक्रीम खाते ही शुरू हुई परेशानी घटना Mandsaur के एक इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बच्चों ने एक ही जगह से आइसक्रीम खाई थी, जिसके कुछ समय बाद ही उन्हें उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। परिजनों ने स्थिति बिगड़ते देख सभी बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। एक बच्चे की हालत गंभीर डॉक्टरों के अनुसार, भर्ती किए गए 14 बच्चों में से एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे विशेष निगरानी में रखा गया है। बाकी बच्चों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जांच में जुटा प्रशासन इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आइसक्रीम के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या है। गांव में चिंता का माहौल इस घटना के बाद इलाके में डर और चिंता का माहौल है। परिजन प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जल्द जांच रिपोर्ट की मांग कर रहे हैं।
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सीहोर में बुजुर्ग किसान से जमीन धोखाधड़ी: जीवनभर की कमाई से खरीदी जमीन किसी और को बेच दी

सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान के साथ जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ब्रिजीशनगर निवासी लक्ष्मीनारायण वर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई जमीन को जालसाजों ने फर्जी तरीके से किसी और को बेच दिया। 2007 और 2011 में खरीदे थे भूखंड लक्ष्मीनारायण वर्मा के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2007 और 2011 में जगदीश प्रसाद मेवाड़ा और उनके बेटों से दो भूखंड खरीदे थे। दोनों जमीनों की विधिवत रजिस्ट्री और नामांतरण भी कराया गया था। बुजुर्ग किसान का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर यह जमीन खरीदी थी। मकान बनाने पहुंचे तो रोका गया काम हाल ही में लक्ष्मीनारायण अपने बेटे अनिल के साथ जमीन पर मकान निर्माण कराने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उन्हें डराया-धमकाया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद जब उन्होंने मामले की जानकारी निकाली तो पता चला कि उनकी जमीन के एक हिस्से को आरोपियों ने कथित तौर पर अपने ही रिश्तेदार को बेच दिया है। पुलिस से लगाई न्याय की गुहार धोखाधड़ी सामने आने के बाद लक्ष्मीनारायण वर्मा ने पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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