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इंदौर BRTS हटाने में सुस्ती: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी सिर्फ 300 मीटर हिस्सा ही टूटा, शहरवासी परेशान

इंदौर में BRTS की एक साइड हटाने को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए नगर निगम को 15 दिन का समय दिया था, लेकिन ग्राउंड पर हालत बिल्कुल अलग है। तय समय बीतने के बाद भी अब तक सिर्फ 300 मीटर हिस्सा ही पूरी तरह हटाया जा सका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कंपनी को तोड़फोड़ का ठेका दिया गया था, उसी ने यह काम आगे कबाड़ी को सौंप दिया। शहर में कुल 19 बस स्टॉप हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही बस स्टॉप पूरी तरह हट पाया है। एक-एक बस स्टॉप तोड़ने में 4–5 दिन लग रहे हैं। शहर की सबसे बड़ी समस्या: 7 किलोमीटर हिस्सा अभी तक जस का तस शिवाजी वाटिका से लेकर देवास नाका तक लगभग 7 किलोमीटर BRTS कॉरिडोर अभी तक नहीं टूट सका। इसी हिस्से में पलासिया, गीता भवन, एलआईजी, रसोमा, विजयनगर और सत्य सांई जैसे बड़े चौराहे आते हैं, जहां रोज भारी जाम लगता है। लोगों की उम्मीद थी कि BRTS हटने से ट्रैफिक में राहत मिलेगी, लेकिन सुस्ती से काम होते देख शहरवासी निराश हैं। कितना हिस्सा टूटा? (एक नजर में) ✔ 300 मीटर हिस्सा पूरी तरह हटाया गया जीपीओ चौराहे से भाजपा कार्यालय तक का हिस्सा हटा दिया गया है और अस्थाई बैरिकेड भी लगा दिए गए हैं। ✔ 5 किमी हिस्से की एक साइड की रेलिंग हटाई गई राजीव गांधी चौराहे से भंवरकुआं, नौलखा, इंदिरा प्रतिमा और जीपीओ तक की एक साइड की रेलिंग हटा दी गई है।लेकिन बीच के बस स्टॉप अभी भी खड़े हैं। ✔ सिर्फ एक बस स्टॉप पूरा हट पाया कंपनी का दावा: “4–5 दिन में एक साइड हटा देंगे” काम कर रहे कर्मचारी रऊफ भाई का कहना है कि वे 11.5 किमी लंबे BRTS की एक साइड 4–5 दिन में हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक की वजह से काम धीमा है। बस स्टॉप बाद में तोड़े जाएंगे क्योंकि अभी सिर्फ रेलिंग हटाने का आदेश मिला है। कबाड़ी को दिया गया काम, इसलिए और सुस्त हुई रफ्तार बीआरटीएस हटाने का ठेका पहले राजगढ़ के ठेकेदार दिनेश यादव को दिया गया था, लेकिन उसने काम करने से मना कर दिया।बाद में यह ठेका एक स्थानीय सहयोगी को और फिर उससे एक कबाड़ी को दे दिया गया। तीन–तीन हाथ बदलकर पहुंचे इस काम में तेजी आ ही नहीं पा रही। सबसे मुश्किल काम: बस स्टॉप हटाना रेलिंग और बीम हटाना आसान है, लेकिनबस स्टॉप तोड़ने व नया सेंटर डिवाइडर बनाने में सबसे ज्यादा समय लगेगा। तीन एजेंसियों को काम सौंपा गया है, लेकिन 6 महीने सिर्फ टेंडर और प्रक्रियाओं में ही निकल गए।अब भी काम की रफ्तार बेहद धीमी है। For more information, visit: www.deshharpal.com
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जबलपुर: बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में पहुंचे 62 वर्षीय बुजुर्ग 13 दिन से लापता, परिजन बेहाल—प्रशासन पर सवाल

जबलपुर के गैरीसन मैदान में 15 नवंबर को आयोजित बिरसा मुंडा जयंती और जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे 62 वर्षीय किशन लाल कोल रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। कार्यक्रम को 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक बुजुर्ग का कोई पता नहीं चला है। परिजनों की हालत बेहद खराब है और उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है। इस बड़े आयोजन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद थे। खाना खाकर बस के पास बैठे थे, फिर अचानक गायब हो गए किशन लाल कोल माढ़ोताल थाना क्षेत्र के मंगेला ग्राम के निवासी हैं। गांव के सरपंच द्वारा कार्यक्रम के लिए बस की व्यवस्था की गई थी, जिसमें वे अन्य ग्रामीणों के साथ जबलपुर आए थे। कार्यक्रम में साथ गए ग्रामीण गरीब लाल ने बताया कि खाने के बाद किशन लाल बस के पास आकर बैठ गए थे। जब बस गांव लौटने के लिए चली, तो वे अचानक गायब मिले। काफी देर तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। रात करीब 10 बजे गांव लौटकर परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। 13 दिन से लगातार तलाश, पर कोई सुराग नहीं ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने लगातार खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है। कैंट थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कांग्रेस ने उठाए सवाल—कहा, प्रशासन जिम्मेदार बुजुर्ग के सरकारी कार्यक्रम से ही लापता होने पर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी कांग्रेस संघ के जिला अध्यक्ष निलेश बरकड़े ने कहा कि जब पूरा कार्यक्रम राज्य सरकार और जिला प्रशासन की देखरेख में था, और ग्रामीणों को सरकारी व्यवस्था से लाया गया था, तो उन्हें सुरक्षित वापस पहुंचाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी थी।चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही किशन लाल का पता नहीं चलता, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुलिस की खोज जारी थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटले ने बताया कि कई टीमें तलाश में लगाई गई हैं। संभावना यह भी है कि बुजुर्ग बिना जानकारी दिए किसी रिश्तेदार के यहां चले गए हों। सभी संभावित जगहों पर खोज की जा रही है। परिजन बोले—शुरू से गंभीरता होती तो शायद मिल जाते लगातार 13 दिनों से कोई खबर न मिलने पर परिजन बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि शुरू से प्रशासन ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज किशन लाल सुरक्षित घर लौट आए होते। For more information, visit: www.deshharpal.com
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ग्वालियर: S-3 संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध पर देर रात हमला, कार का कांच टूटा—हमलावर बोले “बहुत नेतागिरी करता है”

ग्वालियर में गुरुवार देर रात एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। सम्यक समाज संघ (S-3) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध पर बाइक सवार चार बदमाशों ने हमला कर दिया। लाखन शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी उनकी कार के सामने अचानक दो बाइक आ गईं। हमलावरों ने कार रुकवाने की कोशिश की और लाखन को बाहर खींचने की कोशिश भी की। लेकिन लाखन ने तुरंत गेट लॉक कर कार आगे बढ़ा दी। तभी बदमाशों ने पीछे से पथराव कर दिया, जिससे कार का पिछला कांच टूट गया। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:40 बजे सुरेश नगर सरकारी मल्टी के पास हुई। हमले के बाद लाखन सीधे थाटीपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। महिला पदाधिकारी भी थीं कार में 42 वर्षीय लाखन सिंह मुरार के मुगलपुरा स्थित इंटरनेशनल बुद्ध विहार में रहते हैं। उनके साथ उस रात S-3 की प्रदेश सुरक्षा अधिकारी दीपिका बौद्ध भी थीं। लाखन का कहना है कि हमले के दौरान उनकी जान को खतरा था। हमलावर बोले—“बहुत नेतागिरी करता है” जैसे ही लाखन ने कार तेजी से आगे बढ़ाई, बदमाश भी बाइक से पीछे लग गए और करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करते रहे। आगे पुलिस प्वाइंट देखकर वे भाग गए। लाखन सिंह ने बताया कि हमलावर लगातार गालियां दे रहे थे और कह रहे थे—“ये बहुत नेतागिरी करता है, आज इसे सबक सिखाना है।” लाखन का कहना है कि उन्हें पिछले कुछ समय से टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शाम तक पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं करती, तो समर्थकों में नाराज़गी बढ़ सकती है। 2018 के जातिगत उपद्रव में आया था संगठन का नाम S-3 संगठन 2018 के ग्वालियर जातिगत उपद्रव के बाद सुर्खियों में आया था। उस समय लाखन सिंह पर भी उपद्रव भड़काने की FIR दर्ज हुई थी, हालांकि बाद में मामले वापस ले लिए गए। CCTV की मदद से तलाश जारी थाटीपुर पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि जांच तेज़ी से चल रही है और आरोपी जल्द पकड़ लिए जाएंगे। For more information, visit: www.deshharpal.com
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रायसेन में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी ‘सलमान’ शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, लोगों में गुस्सा

मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला आरोपी सलमान गुरुवार देर रात पुलिस की कार्रवाई में घायल हो गया। पुलिस उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी।फिलहाल आरोपी का इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। कैसे हुआ था वारदात का खुलासा 21 नवंबर की शाम आरोपी सलमान बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर फरार हो गया। बच्ची रोती हुई जंगल में मिली।घटना के बाद इलाके में उबाल था और लोगों ने आरोपी के एनकाउंटर की मांग की। लंदन के बिजनेसमैन ने बढ़ाया मदद का हाथ सुल्तानपुर निवासी और लंदन में बिजनेस करने वाले रविराज सिंह (रॉबी) ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए देने की घोषणा की थी।रॉबी ने कहा कि वे बच्ची की पूरी शिक्षा का खर्च उठाएंगे। 6 दिन बाद गिरफ्तारी गुरुवार रात पुलिस ने आरोपी को भोपाल के गांधी नगर से गिरफ्तार किया।अब्दुल, रिजवान और आसिफ नाम के युवाओं ने आरोपी की पहचान कर पुलिस को सूचना दी।इन युवाओं ने आग्रह किया कि इनाम की राशि बच्ची को दी जाए। कैसे हुई मुठभेड़? गौहरगंज ले जाते समय पुलिस गाड़ी जंगल में पंक्चर हो गई। इसी दौरान सलमान ने थाना प्रभारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसे पैर में गोली लगी।फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच कर पुलिस के संघर्ष के सबूत भी जुटाए हैं। विधायक ने की कड़ी सजा की मांग विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सलमान जैसे दरिंदों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन हिंदू संगठनों ने हमीदिया अस्पताल के बाहर पहुंचकर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बच्ची की हालत गंभीर, ICU में भर्ती बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उसके निजी अंगों पर गहरी क्षति हुई है।डॉक्टरों ने कई सर्जरी की हैं। बच्ची फिलहाल ICU में है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।डॉक्टरों के अनुसार पूरी रिकवरी में 6 महीने लग सकते हैं। मां ने बताया—“मेरी बच्ची को बहुत मारा गया… उसके गाल सूज गए थे और शरीर पर गहरे निशान थे।” CM ने रायसेन SP को हटाया गिरफ्तारी में देरी और बढ़ते प्रदर्शनों के चलते मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रायसेन SP को हटाकर नए SP की नियुक्ति की है। For more info, visit: www.deshharpal.com
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MP में बच्ची से रेप का आरोपी ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ में घायल, पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था

MP में बच्ची से रेप के गंभीर आरोप में पकड़ा गया आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को मंगलवार देर रात जांच के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की।पुलिस ने चेतावनी दी, लेकिन न मानने पर उसके पैर में गोली मारनी पड़ी। गोली लगने से आरोपी घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज में भरोसा बढ़ाती है। वहीं पीड़ित परिवार अभी भी सदमे में है और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर पहले से भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके फरार होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और कड़ी की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन ने हालात अब नियंत्रण में होने की बात कही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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VIT

VIT Sehore Campus प्रदर्शन छात्रों ने बस और वीसी की कार में लगाई आग, हालात बेकाबू

मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित VIT University में मंगलवार देर रात हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। हॉस्टल और कैंपस में पानी व भोजन की खराब क्वालिटी, बढ़ते बीमारी के मामलों और मैनेजमेंट की लापरवाही के आरोपों के बीच छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ ही देर में शांत माहौल एक भीषण विरोध और आगजनी में बदल गया। विरोध हिंसक, Students ने बस और VC की कार जलाई प्रदर्शन के दौरान नाराज़ छात्रों ने कॉलेज की एक बस में आग लगा दी, साथ ही Vice Chancellor की कार, एक एंबुलेंस, और कई वाहनों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया।छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई दिनों से शिकायतें कीं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने गंभीर मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया। 4000+ Students Protest: कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात रिपोर्ट्स के अनुसार 4000 से अधिक छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने तुरंत पुलिस बल बुलाया। पुलिस ने छात्रों से बातचीत की और बाद में हालात पर नियंत्रण किया। कुछ समय तक कैंपस को अर्ध-सैनिक क्षेत्र (Cantonment जैसी स्थिति) में बदल दिया गया। Water-Food Quality पर सवाल, Jaundice फैलने का दावा कई छात्रों ने दावा किया है कि कैंपस में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे जॉन्डिस (Jaundice) के मामले बढ़ रहे हैं।हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने इसे पुष्टि नहीं की है।छात्रों का कहना है कि हॉस्टल का खाना भी लंबे समय से खराब है लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं करता। Administrative Action: Holiday घोषित, क्लासेस स्थगित घटना के बाद VIT कॉलेज प्रशासन ने तत्काल छुट्टी घोषित कर दी।क्लासेस और सभी गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी गईं।छात्र फिलहाल हॉस्टल में ही रहेंगे, लेकिन कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात है। CCTV जांच शुरू, हिंसा में शामिल छात्रों की पहचान होगी सीहोर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।कैंपस के CCTV फ़ुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उन छात्रों की पहचान हो सके जिन्होंने आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा में सीधा हिस्सा लिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल के गौतम नगर में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों का नया वीडियो वायरल, पुलिस को खुलेआम दी चुनौती

भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार देर रात वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों ने अब सोशल मीडिया पर नया वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। साथियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इस वीडियो में आरोपी कहते दिख रहे हैं—“पहली बार जेल नहीं जा रहे… और हमें जेल जाने से कोई डर नहीं लगता। जिन लोगों ने हमारी मुखबिरी की है, उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” एक आरोपी तो हाथ में चाकू दिखाकर यह तक कहता है—“मुखबिरों को इसी चाकू से काटेंगे।” वीडियो में बदमाश यह भी दावा कर रहे हैं कि अगर पुलिस उन्हें पकड़ेगी, तो वे खुलासे करेंगे कि किसके कहने पर वारदात की गई। अड़ीबाजी के विवाद से शुरू हुआ मामला फरियादी चंदन इंदौरिया के अनुसार, घटना के कुछ घंटे पहले वह सीहोर से लौटे थे और अपनी कार घर के सामने पार्क की थी। तभी ‘लड्डू’ नाम का आरोपी और उसके साथी वहां पहुंचे और कार देखकर गालियां देने लगे।जब चंदन ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। डर के मारे चंदन घर में छिप गए। इसके बाद बदमाशों ने गली में खड़ी अन्य गाड़ियों के कांच भी तोड़ दिए और मौके से फरार हो गए। सोशल मीडिया पर धमकी भरा लाइव वीडियो घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बावजूद कुछ बदमाश सोशल मीडिया पर लाइव आए और पुलिस को चुनौती देते दिखे।वीडियो में एक युवक हाथ में चाकू लहराते हुए कह रहा है—“हमें पुलिस पकड़कर दिखाए… तब बताएंगे किसने तोड़फोड़ करवाई।” पुलिस का कहना है कि वीडियो तकनीकी जांच में लिया गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। चार आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी पुलिस ने अब तक चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी पूर्व से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी—नाम और अपराध रिकॉर्ड पुलिस फरार बदमाशों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई है। 👉 More Information ke liye visit karein: deshharpal.com
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IAS संतोष वर्मा का विवादित बयान विवादों में, माफी मांगकर कहा—मेरे शब्द तोड़-मरोड़कर पेश किए गए

अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और सीनियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर दिए गए अपने विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। बयान के वायरल होने के बाद अब उन्होंने माफी मांग ली है। दैनिक भास्कर से बातचीत में वर्मा ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटकर चलाया गया है।उन्होंने कहा—“मेरा पूरा भाषण 27 मिनट का था, लेकिन 2 सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।” क्या कहा था संतोष वर्मा ने? रविवार को हुए अजाक्स कार्यक्रम में संतोष वर्मा को प्रांताध्यक्ष चुना गया था। इसी दौरान मंच से उन्होंने कहा था—“जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद सवर्ण समाज सहित कई संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सपाक्स का कड़ा विरोध—‘इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं दे सकता’ सपाक्स के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने वर्मा के शब्दों को निकृष्ट, निंदनीय और शर्मनाक बताते हुए कहा—“जो अपनी बेटी और दूसरे की बेटी में फर्क करे, उसके लिए कोई शब्द नहीं है। चाहे अजाक्स, सपाक्स या अपाक्स—ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को भी ऐसे अधिकारी को पद से हटाना चाहिए।” त्रिवेदी ने मांग की कि पुलिस तुरंत FIR दर्ज करे और वर्मा की गिरफ्तारी हो। मंत्रालय में आज विरोध प्रदर्शन IAS संतोष वर्मा के बयान के खिलाफ आज मंत्रालय में बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है।सवर्ण कर्मचारी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने कहा कि वे वर्मा के खिलाफ IAS सर्विस रूल के उल्लंघन में कार्रवाई की मांग करेंगे। सांस्कृतिक संगठनों का भी विरोध भोपाल हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने भी इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए सख्त नाराजगी जताई है। ब्राह्मण समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने कहा—“जब केंद्र और राज्य सरकार बेटी-बचाओ, बेटी-बढ़ाओ, लाड़ली लक्ष्मी और बहना योजनाएं चला रही हों… तब एक IAS अधिकारी द्वारा बेटियों पर ऐसा बयान देना अक्षम्य है।” उन्होंने साफ कहा कि जब तक IAS संतोष वर्मा को निलंबित कर गिरफ्तार नहीं किया जाता, ब्राह्मण समाज शांत नहीं बैठेगा। 👉 More Information ke liye visit karein: deshharpal.com
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गुना में पेंशनरों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, सिर्फ 70 रुपए में पूरी होगी प्रक्रिया

गुना के सरकारी पेंशनरों के लिए एक खुशखबरी है। अब उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए न तो कोषागार जाना पड़ेगा, न बैंक और न ही किसी विभाग के चक्कर लगाने होंगे।अब यह सुविधा आपके घर पर ही उपलब्ध है—वो भी सिर्फ ₹70 में। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। तैयार होते ही यह प्रमाणपत्र सीधा संबंधित विभाग तक ऑनलाइन भेज दिया जाएगा, जिससे पेंशन में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओ.पी. चतुर्वेदी ने दी। डिजिटल इंडिया को मजबूत करने वाली पहल अधीक्षक ने बताया कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन का बड़ा हिस्सा है।सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात और संविधान दिवस संबोधन में भी बताया था कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बना रही हैं। 10 मिनट में जीवन प्रमाणपत्र जारी – गुना में अनोखी पहल इसी पहल के तहत गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर सिर्फ 10 मिनट में उनका जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर दिया। डाक विभाग की टीमें बीमार और वृद्ध पेंशनरों के घर-घर जाकर यह सेवा दे रही हैं, ताकि किसी बुजुर्ग को परेशान न होना पड़े। डाक विभाग: अब सिर्फ डाक नहीं, डिजिटल सेवाएँ भी आपके द्वार पर डाक विभाग लगातार नागरिक-केंद्रित सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा दी जा रही है। अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह पाएं सुविधा – पेंशनर बस ये दस्तावेज दें पेंशनर अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ यह जानकारी देनी होगी: प्रमाणपत्र बनते ही पेंशनर के मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा।अगले दिन वे इसे jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन करके ऑनलाइन देख भी सकते हैं और चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं। For More Info:www.deshharpal.com
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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भोपाल पहुंचे, इस्तीफे के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आज

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। वे यहां करीब साढ़े चार घंटे तक राजभवन में रुकेंगे और फिर शाम 4:15 बजे रवीन्द्र भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल होंगे। यह उनके लिए खास मौका है, क्योंकि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिए गए इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन होगा। कार्यक्रम के बाद वे रात करीब 8 बजे दिल्ली लौट जाएंगे। मनमोहन वैद्य की नई किताब का विमोचन रवीन्द्र भवन में RSS के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक “हम और यह विश्व” का विमोचन किया जाएगा।इस कार्यक्रम में: धनखड़ इस मौके पर मंच से संबोधित भी करेंगे। इस्तीफे के बाद से नहीं दिया था कोई सार्वजनिक बयान 21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।वे केवल 12 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे, लेकिन उन्होंने वहां भी कोई भाषण नहीं दिया था। ठीक चार महीने बाद मंच पर वापसी धनखड़ की यह चार महीने बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति और संबोधन होगा।21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद, 21 नवंबर को वे पहली बार किसी बड़े मंच से जनता और मीडिया के सामने आएंगे। For More Info:www.deshharpal.com
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6.7 Magnitude Earthquake in Indonesia: भूकंप के तेज झटकों से सहमे लोग

Indonesia में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप (Earthquake) ने लोगों में दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई, जिसके बाद कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समुद्र के भीतर था भूकंप का केंद्र स्थानीय एजेंसियों के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था। झटके इतने तेज थे कि कई शहरों में लोगों ने कुछ सेकेंड तक जमीन को लगातार कांपते हुए महसूस किया। कई जगहों पर लोग खुले मैदानों और सड़कों पर जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग डर के कारण इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर, सुनामी का बड़ा खतरा नहीं हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल सुनामी की कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों की नजर पूरे हालात पर बनी हुई है। क्यों बार-बार आते हैं इंडोनेशिया में भूकंप? इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह देश “Ring of Fire” क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले भी यहां कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जिनमें भारी तबाही देखने को मिली थी। लोगों से अफवाहों से बचने की अपील भूकंप के बाद लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील कर रहा है। राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़ी तबाही की खबर सामने नहीं आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ayodhya

Ayodhya Ram Mandir Case: चढ़ावे में गड़बड़ी पर SIT Action, आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गड़बड़ी का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक आज इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की जा सकती हैं। वहीं SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने मंदिर परिसर में बंद कमरे में कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी कैसे हुई। इसी को लेकर कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। कर्मचारियों से पूछे गए अहम सवाल SIT ने पूछताछ के दौरान कर्मचारियों से यह जानने की कोशिश की कि मंदिर में ड्यूटी खत्म होने के बाद किसी प्रकार की चेकिंग होती थी या नहीं। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि चढ़ावे की रकम को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया क्या थी और किन लोगों को उस जगह तक पहुंचने की अनुमति थी। जांच एजेंसियों ने कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, CCTV निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि कई रिकॉर्ड और फुटेज को दोबारा खंगाला जा रहा है। दो FIR दर्ज होने की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली FIR चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गबन को लेकर दर्ज हो सकती है। वहीं दूसरी FIR सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर की जा सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं में नाराजगी, प्रशासन पर उठे सवाल राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होनी चाहिए थी। फिलहाल SIT पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आखिर कौन-कौन लोग सामने आते हैं और प्रशासन क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
अमेरिका

अमेरिका-ईरान Peace Agreement से दुनिया में हलचल, 19 जून को हो सकता है ऐतिहासिक ऐलान

कई सालों से तनाव और टकराव के बीच उलझे अमेरिका और ईरान के रिश्तों में अब नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के बाद Peace Deal के ड्राफ्ट पर डिजिटल साइन होने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समझौते की औपचारिक घोषणा 19 जून को स्विट्जरलैंड में की जा सकती है। इस खबर के सामने आते ही दुनिया भर में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अगर यह डील पूरी तरह सफल होती है तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। डिजिटल साइन के बाद बढ़ी उम्मीदें रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शुरुआती समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सहमति जताई है। हालांकि अभी कुछ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम बातचीत बाकी है। सूत्रों की मानें तो इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी लगातार जारी थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम सामने आया है। क्या-क्या शामिल है इस Peace Deal में? इस प्रस्तावित समझौते में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई है। इनमें युद्धविराम को मजबूत करना, स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में समुद्री आवाजाही को सामान्य बनाना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई शर्तों के साथ बातचीत शुरू करना शामिल है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी रखने की भी बात कही जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह कदम भविष्य में बड़े कूटनीतिक बदलाव का रास्ता खोल सकता है। ₹28 लाख करोड़ के Economic Package की चर्चा इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका की ओर से ईरान को दिए जाने वाले संभावित आर्थिक राहत पैकेज को लेकर हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग ₹28 लाख करोड़ तक की आर्थिक मदद, निवेश या फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर सकता है। हालांकि अभी तक इस रकम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भी साफ कहा गया है कि अंतिम फैसला बातचीत पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। दुनिया की नजर 19 जून की बैठक पर अगर 19 जून को यह समझौता औपचारिक रूप लेता है तो इसे पिछले कई दशकों में अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा डिप्लोमैटिक बदलाव माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक तेल बाजार को भी राहत मिल सकती है। तेल व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं निवेशकों को भी वैश्विक व्यापार में सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही है। अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ विवाद हालांकि माहौल सकारात्मक जरूर दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ईरान जहां प्रतिबंधों में पूरी राहत चाहता है, वहीं अमेरिका सुरक्षा और न्यूक्लियर निगरानी को लेकर सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में 19 जून की बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या यह Peace Deal वास्तव में इतिहास बदल पाएगी या फिर बातचीत एक बार फिर अधूरी रह जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Telegram

Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

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